अग्निवीर ख़त्म करेगी कांग्रेस | Congress promises to roll back Agnipath - instathreads

अग्निवीर ख़त्म करेगी कांग्रेस | Congress promises to roll back Agnipath

अग्नि पथ जो योजना है हम नहीं समझते हैं
कि यह सकारात्मक कदम है और इसको रोल बैक
करकर हम जो पक्की भर्तियां होती थी फौज के
अंदर उसको दोबारा चालू करने की बात रखेंगे
और मैं समझता हूं इस बात को हम अपने
मेनिफेस्टो में भी पूर्ण तरह स्पष्ट तरीके
से

रखेंगे तो हम यह पक्की भर्ती दोबारा शुरू
कराएंगे देश की फौज पर जो गौरव था उसको
दोबारा बनाएंगे और और इन डेढ़ लाख
नौजवानों को भी नियुक्ति फौज में
दिलाए नमस्कार मैं रवीश कुमार अग्निवीर
योजना वापस होगी मोदी सरकार ने नहीं

कांग्रेस ने वादा किया है अगर 2024 में
केंद्र में कांग्रेस की सरकार बन गई तो
अग्निवीर योजना वापस कर दी जाएगी और
पुरानी व्यवस्था लागू होगी कांग्रेस एकएक
कर अपना मेनिफेस्टो जारी करती जा रही है
न्याय यात्रा के दौरान सबसे पहले देश भर

में जाति की गणना और आरक्षण की सीमा 50
फीसद से अधिक करने का वादा किया गया उसके
बाद दूसरा बड़ा वादा किया एमएसपी की लीगल
गारंटी देने का और तीसरा वादा अब किया गया
है अग्निवीर योजना समाप्त कर देने का कल य
परसों कहा गया कि हम डिफेंस एक्सपोर्ट से

बहुत पैसा कमा रहे हैं यह भी कहा गया कि
हम आत्मनिर्भर हो रहे हैं हम इंडिजन
मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं अगर हमारे
डिफेंस डिपार्टमेंट को इतनी आमदनी हो रही
है और हम लोग इतने सक्षम हो रहे हैं तो

सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण यह होगा कि
हमारे जो शौर्यवीर सैनिक हैं उनके जीवन के
लिए उनकी भर्ती के लिए उनकी नौकरी पेंशन
परिवार की सुख सुविधाओं के लिए हम लोग
संसाधन को जाहिर
करें
यह अग्निवीर जो बनने जा रहे

हैं इसका विरोध करने के लिए कांग्रेस
पार्टी ने जब यह योजना लॉन्च हुई उसी समय
से हम लोगों ने विरोध किया था क्योंकि
हमें लगा कि यह 4 साल की नौकरी देने के
बाद सिर्फ 25 प्र लोगों को स्थाई रूप से
फौज में भर्ती किया जाएगा और बाकी 75 प्र

लोगों को रिलीज कर दिया जाएगा अभी कहा जा
रहा था कि 10 पर की पैरामिलिट्री जो है
आर्म फोर्स सीपीएफ है उसमें उनके लिए
आरक्षण दिया गया है लेकिन जो एक्स
सर्विसेस मन के लिए जो ऑलरेडी रिजर्वेशन
है उसमें सिर्फ 2.49 पर सरकारी पद भरे गए
हैं जो पूर्व सैनिकों के लिए पद आरक्षित

हैं अब तक उसमें सिर्फ 2.49 पर पद भरे गए
हैं फिर कहा गया कि अलग-अलग स्टेट
गवर्नमेंट्स अनाउंस करेंगी कि जो 75 पर
अग्निवीर को हम छोड़ देंगे वह कहां
अब्जॉर्ब होंगे एक आद राज्य ने किया है
बाकी राज्यों ने किया नहीं बेसिकली जो लोग

4 साल की नौकरी के बाद एक कम उम्र में
रिटायर हो जाएंगे उनके भविष्य का कुछ पता
नहीं उनको पेंशन भी नहीं मिलेगी उनको
ग्रेच जो 11 लाख र की दी जा रही है उसका
भी जो आधा पैसा है उनकी तनखा से कट रहा है
तो कहीं ना कहीं यह कॉस्ट कटिंग के चक्कर

में हम लोग अपनी सेना की भर्ती की जो
प्रक्रिया है उससे खिलवाड़ कर रहे हैं
पहली पदयात्रा और इस बार की न्याय यात्रा
में राहुल गांधी लगातार अग्निवीर योजना का
विरोध कर रहे हैं इस योजना के विरोध के
बाद भी राहुल गांधी को कई राज्यों में

युवाओं का साथ नहीं मिला या मिला भी तो
कांग्रेस को इसके सहारे सत्ता नहीं मिली
तीन बड़े राज्यों में कांग्रेस हार गई हार
के बाद भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को नहीं
छोड़ा है च साल में किया तो आपको मालूम है
कि अब हिंदुस्तान
में दो तरीके के शहीद
होंगे एक सेना

वाला जब शहीद होगा उसे शहीद का दर्जा दिया
जाएगा और
दूसरा जो अग्निवीर
होगा जब वो शहीद होगा
उसको शहीद का दर्जा नहीं दिया जाएगा उसकी
लाश को परी कर दिया जाएगा और उसको भूल
दिया

जाएगा अग्निवीर योजना में जो शहीद
होगा उसको ना पेंशन मिलेगी परिवार को ना
पेंशन
मिलेगी ना मदद
मिलेगी कुछ
नहीं
अग्निवीर कौन

 

बनेगा मैं आपको बताता हूं जाएंगे सब
अंदर चार साल
बाद चार में से तीन को लात मार के बाहर
भगा दिया जाएगा कहा जाएगा तुम्हारी यहां
कोई जरूरत नहीं है और चार में से एक
बंदा सेना में
जाएगा
जो

पैसा अग्निवीर को मिलना
चाहिए सेना का बजट का पैसा वो कहां जा रहा
है अदानी जी
के जेब में जा रहा है इसके बाद भी
अग्निवीर को लेकर राहुल गांधी का विरोध
अपनी जगह से हिला नहीं न्याय यात्रा के
दौरान वे केवल पेपर लीक की बात नहीं कर

रहे थे बल्कि कम नौकरियों के रोजगार की भी
बातें उठाते रहे और हर तरीके से यह सवाल
करते रहे कि अग्निवीर युवाओं के लिए और
देश की सेना के लिए अच्छा नहीं राहुल
गांधी की यात्रा राजस्थान में प्रवेश कर
चुकी है जहां से बड़ी संख्या में छात्र

सेना की भर्ती की तैयारी करते हैं
राजस्थान से लगे हरियाणा में भी सेना में
भर्ती होने का ट्रेंड है इसलिए आज
कांग्रेस मुख्यालय में राजस्थान से सचिन
पायलट और हरियाणा से दीपेंद्र हुड्डा
प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए कांग्रेस शुरू

से ही इस योजना को वापस लेने और पक्की
भर्ती का समर्थन करती रही है दीपेंद्र
हुड्डा ने कहा कि अग्निवीर योजना की मांग
तो युवाओं ने नहीं की ना देश में किसी और
संस्था ने उन्होंने यह भी कहा कि जब से
अग्निवीर योजना शुरू हुई है हरियाणा में

भर्तियां कम हो गई हैं और बहुत से ऐसे
प्रदेश जैसे हरियाणा
प्रदेश हमारे प्रदेश में नौजवानों के
दिलों में जज्बा देशभक्ति का जजबा देश के
लिए सर्वोच्च निछावर करने का
जजबा

सुबह उठकर कड़ी परिश्रम मेहनत प्रैक्टिस
दंड बैठक रेस अपने गांव में अपने शहर
कस्बे में जो नौजवान लगाता था कि देश के
तिरंगे में लिपट के अगर मेरी मेरा शरीर
कभी शहीद हो के अगर वापस आए तो वह मेरे
लिए गौरव का विषय होगा उस देश में उस
प्रदे हरियाणा जैसे प्रदेश में जहां हर

साल आजादी के बाद से 19 2019 तक 5500 की
हमारी पक्की भर्ती होती थी आज वो पिछले
वर्ष केवल 900 64 अग्निवीर लिए गए जिसमें
से
722 वापस आ जाएंगे केवल 210 के करीब पक्के
किए जाएंगे कहां 5500 की पक्की भर्ती ज
हरियाना जैसे प्रदेश में और कहां केवल 210

की पक्की भर्ती
प्रतिवर्ष यह कितना मैं समझता हूं कि जहां
हमारा नौजवान देश की देश की सीमाओं पर
जाकर अपनी जान हथेली पर रख के देश का
सुरक्षा करता था आज वह डंकी के
रास्ते दूसरे देशों की सीमाओं पर गैर

कानूनी लीगल इमीग्रेशन के माध्यम से उन
सीमाओं के अंदर जाकर वहां पर मजदूरी करने
के लिए मजबूर हो रहा
है देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी हो गई
हरियाणा में कहीं अपराध की बात आ रही है
तो स्थिति है तो आज

नौजवान की रुचि कम हुई कोचिंग सेंटर बंद
हो गए हरियाणा राजस्थान
उत्तराखंड हिमाचल जैसे प्रदेशों में
कोचिंग सेंटर जो फौज के होते थे बड़े-बड़े
कोचिंग सेंटर बंद हो गए तो रुचि कम हुई

नौजवान की उसके लिए कौन जिम्मेदार है तो
इस तरह अग्निवीर योजना की वापसी के ऐलान
के लिए कांग्रेस ने अपने दो बड़े नेताओं
को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेजा मगर सचिन
पायलट और दीपेंद्र हुड्डा को यह भी पता

करना चाहिए कि उनकी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस
को कितने चैनलों पर लाइव दिखाया गया अगर
दोनों नेताओं ने कांग्रेस छोड़ने को लेकर
आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की होती तो सारे
चैनलों पर उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइव चल
रही होती इन दोनों पर घंटों बहस होती और

सभी बहस में दोनों कांग्रेस के बहुत बड़े
नेता बताए जाते दोनों अपने-अपने क्षेत्र
में प्रभावशाली नेता तो हैं मगर जब वे एक
जरूरी मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते
हैं तो क्या यही गोदी मीडिया उनकी प्रेस

कॉन्फ्रेंस दिखाने के लिए उन्हें नेता भी
समझता है दिसंबर के मध्य में खबर आती है
कि पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की की
किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी में
अग्निवीर को लेकर कई राज खोल दिए गए हैं

उसमें उन्होंने लिखा था कि सेना नहीं
चाहती थी कि 4 साल के बाद अग्निवीर हटा
दिए जाएं बल्कि नरवणे लिखते हैं कि सेना
का तो सुझाव था कि 4 साल के बाद 75 फीदी
अग्निवीर सेना में रख लिए जाएं मगर इसे

बदल दिया गया 4 साल के बाद केवल 25 प्र
अग्निवीर ही सेना में रखे जाएं यह फैसला
हो गया जैसे ही यह राज बाहर आया कि यह
योजना कहीं और से थोपी गई थी सेना को पता

नहीं था इस किताब के प्रकाशन पर रोक लग गई
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में खबर आती है कि
पूर्व सेनाध्यक्ष को अपनी किताब छापने से
पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी उस समय इस

किताब की प्री बुकिंग चालू हो गई थी तारीख
का ऐलान हो गया था कि 15 जनवरी को इसका
लोकार्पण होगा मगर अब तो पुस्तक मेला भी
आकर जा चुका है इस किताब का कहीं अता पता
नहीं पूर्व सेनाध्यक्ष भी इसे लेकर नहीं

बोल रहे हैं कि उनकी किताब नहीं छप रही है
और क्या स्टेटस है जनवरी में खबर आई कि
का था ना किसी राजनीतिक दल ने मांग करी
मैं सवाल पूछना चाहता हूं ना घोषणा पत्र
में था किसी राजनीतिक दल के ना इतने

वर्षों में मांग आई कि देश की फौज की चयन
प्रक्रिया बदली जाए जिस फौज पर हमें गर्व
था जिस फौज ने बार-बार दुश्मन को काशीर
झुकाने का काम किया था हमेशा हमारे जंग
तिरंगे को ऊंचा रखने का काम किया था उसकी
भर्ती प्रक्रिया बदली जाए हम सरकार से

पूछना चाहते हैं यह ऐसा फैसला आपने क्यों
लिया और इस फैसले के अब दुष्परिणाम देश के
सामने आने
लगे पहला दुष्परिणाम जैसा की हमने आपत्ति
इस पर करी कि चार साल के बाद बिना पेंशन
घर वापस आ जाएगा तो कहां जाएगा जिस पर

कैलाश विजय वर्गी जी का बयान आया कि ऐसे
नौजवानों को भाजपा कार्यालय के द्वार पर
चौकीदार की हम नौकरी देंगे मैं बता देना
चाहता हूं भारतीय जनता पार्टी वालों
को यह देशभक्ति का भाव

आप देश की फौज पर राजनीति करना जाते लेकिन
देश की फौज में जो नौजवान जाता है जिस देश
भक्ति के भाव से वह आपके कार्यालय के
बाहर चार साल के बाद आकर चौकीदार के भाव
बनने के भाव से नहीं वो जाता व देश के लिए
सर्वोच्च निछावर करने की बात का अपने मन

में सोच के जाता है अब सवाल उठता है कि
क्या सेना की भर्ती के लिए तैयारी करने
वाले देश भर के लाखों छात्र सिर्फ एक
घोषणा से मोदी के प्रति अपनी निष्ठा बदल
लेंगे अगर इसका जरा भी डर होगा तो बीजेपी

भी तुरंत वादा कर देगी कि वह अग्निवीर
वापस ले लेगी लेकिन हिमाचल चुनाव में हार
के बाद भी बीजेपी ने ऐसा नहीं किया जून
2022 में इस योजना की मंजूरी के बाद से
जितने भी चुनाव गुजरे हैं बीजेपी इसे लेकर
जरा भी परेशान नजर नहीं आई चुनावी नतीजे

भी उसी के पक्ष में ज्यादातर राज्यों में
गए हैं यह सारी बातें ठीक हैं कि युवा
सेना की भर्ती के लिए दिन रात तैयारी करते
हैं चाहते हैं कि सुरक्षित और पक्की नौकरी
मिले पेंशन हो और शहीद होने पर सम्मान
मिले लेकिन इसके बाद भी यह समझ लेना कि वे

इसी आधार पर वोट देने जाएंगे कांग्रेस को
थोड़ी जल्दबाजी होगी एक ऐसे समय में जब
प्रधानमंत्री मोदी विरासत के नाम पर केवल
मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं उनके आसपास
विकास को विरासत के विकास का नाम दे रहे

हैं हर समय एक अवतार की मुद्रा में दिखाए
जा रहे हैं अगर युवाओं के इन मुद्दों का
असर उन पर होता तो वे युवाओं के बीच जाते
मंदिरों में कम जाते उनकी गतिविधियों को
देखकर लगता है कि वे मंदिरों के जरिए
युवाओं से लेकर जनता के दिलों तक पहुंच
रहे हैं क्या राहुल गांधी नौकरी और भर्ती

के सवाल उठाकर जनता के दिलों तक पहुंच
पाएंगे खासकर युवाओं के हम यह बात इसलिए
भी कर रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी ने इस
मुद्दे को लगातार उठाया है उनके
पर भी इससे संबंधित युवाओं से बातचीत के

कई वीडियो हैं एक वीडियो है जिसे 30
दिसंबर 2023 को पोस्ट किया गया है चंपारण
से पदयात्रा कर नौजवान उनके घर आए उनसे
मुलाकात की इन नौजवानों ने राहुल गांधी को
बताया कि वे सेना की भर्ती की परीक्षा पास

कर चुके थे नियुक्ति पत्र का इंतजार कर
रहे थे लेकिन तभी अग्निवीर योजना थोप दी
गई पुरानी भर्तियां बंद कर दी गई सर हमें
डिले का जो नोटिस मिला था लास्ट टाइम तो
वो मिला था 31 मई 2022 और 14 जून को सर ये
लेके आ ग थे 15 दिन बाद सर अग्निपथ आ गया

था उसमें सर कैंसिल कर दिया मतलब उनको
पहले से मालूम था जी
सर सर नोटिस में यह बोला जाता था कि अभ ये
डिले है कुछ एडमिनिस्ट्रेटिव रीजन की वजह
से जल्दी होगी भर्ती पूरी कभी हमें ये
नहीं बोला कि आपकी भर्ती कै कर चिठियां है

चिठिया चिया है दिखाओ
जरा सर ये नोटिस है सर वन ईयर तक सर यही
अपडेट आता रहा ये वेबसाइट प अपडेट था सर
में और भी है और भी सर ये राजनाथ सिंह जी
का लेटर है जो उन्होंने हमको दिया था और
ये सर बच्चों का डेलिगेशन कि था राजनाथ

सिंह जी से मिलने उसका फोटो
है 10 जुलाई को सर हमारी जॉनिंग लेटर आ
जानी थी 2021 में ये सिलेक्टेड लड़के हैं
यस सर सर ये मेडिकल के बाद जो फिट और
अनफिट सर ये बहुत लंबी लिस्ट है 4800 के
आसपास इसमें बच्चे हैं वही लड़के जा रहे

हैं जो मजबूर मजबूर
हैब इसको ये है कि थोड़ा बहुत पैसा जो
मिलेगा उससे हमारे घर की थोड़ी हालत सुधर
जाएगी मैंने 12थ पास किया और उसके बाद से
ही ये प्रोसीजर चालू किया और अब आके लास्ट

में यही था ऑप्शन यही बजा था अब यह भी टूट
गया अब बस कोई इच्छा ही नहीं होती जीने की
है कि शायद हमारा यह प्रोसेस पूरा हो जाए
और हमें ये मौका मिल जाए बाकी कुछ नहीं
बचा है आर्मी के अलावा दूसरा कुछ सोचा ही

नहीं था सर हम लोगों ने सर दिन रात ये
करके मेहनत किया था आठ साल मेहनत किया हूं
तब जाकर सर दौर मेडिकल क्लियर हुआ सर हमें
जिंदा लास बना दिया गया है सर इससे बड़ी त
कहीं खड़ा करके गोली सर 63 सुसाइड क्या आप
जानते हैं कि इस वीडियो को कितने व्यूज

मिले हैं इस एक वीडियो को 10 लाख से कम
व्यूज मिले हैं जबकि सेना की भर्ती की
परीक्षा 50 लाख से अधिक नौजवान देते हैं
तब भी इसका व्यूज 10 लाख नहीं है इसके बाद
भी राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सुनना और
बोलना कभी बंद नहीं किया असम में भी

उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा के
दौरान अग्निवीर को लेकर युवाओं से बात की
युवाओं ने उनसे मुलाकात की इस वीडियो को
राहुल गांधी ने अपने चैनल पर 24 जनवरी के
दिन पोस्ट किया है इसका थंबनेल है

अग्निवीर का अन्याय पेंडिंग भर्ती पेंडिंग
न्याय क्या आप जानते हैं कि इस वीडियो को
कितने व्यूज मिले हैं 75000 से भी कम
व्यूज मिले हैं जबकि किसी भी भर्ती में
युवाओं के शामिल होने की संख्या 10 लाख से
ही शुरू होती है लेकिन तब भी उनके ही

मुद्दे पर राहुल गांधी के वीडियो को कितने
कम व्यूज मिले हैं हम अग्निवीर और उस पर
राहुल गांधी के वीडियोस पर मिले व्यूज की
बात क्यों कर रहे हैं अगर यह मुद्दा
युवाओं का सबसे बड़ा मुद्दा होता तो क्या
इस वीडियो को ज्यादा नहीं देखा जाना चाहिए

था मीडिया में तो राहुल गांधी की ऐसी
बातचीत टीवी चैनलों पर यूं ही नहीं दिखाई
जाती ना अखबारों में छपती है लेकिन जो
युवा पीड़ित हैं क्या वे भी नहीं देखते जो
इंटरनेट पर लंबा समय बिता रहे हैं जिनके

बारे में राहुल गांधी अपने सभाओं में में
कह रहे हैं कि आप 7 घंटा 8 घंटा मोबाइल
फोन पर बिताते हैं इसका मतलब है आप देश की
जरूरी मुद्दों से सवालों से दूर हो रहे
हैं इसके बाद भी क्या युवाओं को उनके अपने
ही मुद्दों में दिलचस्पी नहीं है या तीसरा
वीडियो भी हमें राहुल गांधी के चैनल पर

मिला है इसे 31 जनवरी को पोस्ट किया गया
इस वीडियो को ा लाख व्यूज मिले हैं इसमें
भी राहुल गांधी युवाओं के साथ अग्निवीर को
लेकर बात कर रहे हैं सवाल यह है कि जो
नेता जनता के इस सबसे बड़े मुद्दे पर

लगातार बात कर रहा है क्या जनता उसे सुन
भी रही है खासकर वह जनता जो इससे सीधे तौर
पर प्रभावित है हमारे कहने का कहीं से यह
मतलब नहीं कि राहुल गांधी को यह मुद्दा
नहीं उठाना चाहिए बल्कि यह बताना है कि इस
मुद्दे के बाद भी उन्हें हार मिल रही है

युवाओं ने उन्हें हाथों हाथ नहीं लिया
लेकिन इसके बाद भी राहुल गांधी ने यह
मुद्दा नहीं छोड़ा राजनीति में लगातार
हारते रहने के बाद भी अपनी सोच अपने
मुद्दों में यकीन बनाए रखना बहुत बड़ी बात
होती है जोखिम की बात होती

है राहुल गांधी ने यह बात बार-बार साबित
की है कि वे केवल जीतने के लिए मुद्दे
नहीं उठाते और हार जाने के बाद मुद्दों का
त्याग नहीं कर देते बल्कि उन्होंने दिखाया
है कि हार जाने के बाद भी वे मुद्दों को
नहीं छोड़ते अब तो कांग्रेस ने अग्नि व

योजना को वापस लेने का ऐलान कर दिया है
youtube4 साल की नौकरी के बाद एक कम उम्र
में रिटायर हो जाएंगे उनके भविष्य का कुछ
पता नहीं उनको पेंशन भी नहीं मिलेगी उनको
ग्रेजुएटी जो ₹ लाख की दी जा रही है उसका
भी जो आधा पैसा है उनके तनखा से कट रहा है

तो कहीं ना कहीं यह कॉस्ट कटिंग के चक्कर
में हम लोग अपनी सेना की भर्ती की जो
प्रक्रिया है उसे खिलवाड़ कर रहे हैं सबसे
महत्त्वपूर्ण बात यह है जिसके बारे में
आपको तपेंद्र जी बताएंगे
जो राज्य ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा

भर्तियां होती हैं जहां लोग बहुत चाव से
शौक से और
एक मातृभूमि की रक्षा करने की भावना से
सालों तक प्रशिक्षण करते हैं तैयारियां
करते हैं और एक गांव में माहौल होता है कि
हम फौज की भर्ती की तैयारी कर रहे हैं ऐसे

लगभग पौने लाख लोग हैं जिनको आपने भर्ती
दी लेकिन जॉइन नहीं कराया उन्होंने बहुत
लंबे समय से व धरना देने अपनी मांग को रख
रहे हैं हम लोग कहना चाहते हैं अगर य भारत
सरकार जी 20
पर 4100 करोड़ खर्च कर सकती

है प्रधानमंत्री के हवाई जहाज के लिए 8400
करोड़ खर्च कर सकती है
सेंट्रल विस्तार प्रोजेक्ट के लिए 200 हज
करोड़ खर्च कर सकती है और इस वर्ष सरकारे
इश्तिहार के लिए सरकारी इश्तिहार के लिए
6500 करोड़ खर्च कर सकते हैं तो मैं मानता
हूं कि हम लोग सिर्फ पैसा बचाने के लिए

अपनी भर्ती की पूरी प्रक्रिया से खिलवाड़
करें यह भविष्य के लिए हमारी आंतरिक
सुरक्षा के लिए हमारे भारत की इंटीग्रिटी
सिक्योरिटी के लिए कहीं ना कहीं चैलेंज बन
सकता है अच्छा है कि कांग्रेस जनता के

मुद्दों के साथ खड़ी है वह मंदिर मंदिर
जाकर जनता तक पहुंचने का प्रयास नहीं कर
रही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
ने आज राष्ट्रपति को पत्र लिखा है कि भारत
सरकार के एक फैसले के कारण 2 लाख लड़के और
लड़कियों का भविष्य अधर में लटक गया है इन

सभी का 2019 से 2022 के दौरान भारतीय सेना
के लिए चयन हुआ था इन्हें सूचित भी किया
गया कि सेना में लिए जाएंगे 31 मई 2022 तक
वे इस भरोसे में रहे कि उनकी भर्ती होगी
नियुक्ति पत्र मिलेगा भर्ती के लिए बुलावा
आएगा मगर उस दिन भारत सरकार ने पुरानी

भर्ती की प्रक्रिया समाप्त कर दी और
अग्निवीर योजना शुरू कर दी खड़गे ने लिखा
है कि इस नौकरी के लिए युवाओं ने वर्षों
मेहनत की है 50 लाख नौजवानों ने आवेदन भरे
थे और इन सभी ने 50 दिए थे उनसे 125 करोड़

वसूले गए जो वापस नहीं किए गए इस कारण इन
युवाओं की खुशी छिन गई है कई युवाओं ने
अपनी जिंदगी भी खत्म कर ली मैं आपसे अपील
करता हूं कि इनके साथ न्याय करें 2 लाख
नौजवानों के सेना में भर्ती होने की
संभावना हमेशा के लिए समाप्त हो गई क्या
बीजेपी के सांसदों को इन नौजवानों की आवाज

नहीं उठानी चाहिए थी क्या गोदी मीडिया को
इनकी बात लगातार नहीं करनी चाहिए थी कोई
इस मुद्दे पर नहीं बोल रहा है फिर भी
कांग्रेस बोल रही है कांग्रेस के अध्यक्ष
राष्ट्रपति को पत्र लिख रहे हैं या जानते
हुए भी कि उन्हें वोट नहीं मिलने वाला है

अग्निवीर योजना की आलोचना बीजेपी के
समर्थक सैनिक अधिकारियों ने भी की थी मगर
अब विरोध की आवाज सुनाई नहीं देती क्या इन
सभी बड़े वादों के सहारे कांग्रेस 2024 की
चुनावी सभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी और उनकी बीजेपी को टक्कर दे पाएगी

अभी तक कांग्रेस के दोनों गारंटी आरक्षण
के सीमा बढ़ाने जाति की गणना करने और
एमएसपी की गारंटी देने के वादे पर बीजेपी
ने कोई संज्ञान नहीं लिया है शायद वह इन
वादों से बिल्कुल परेशान नहीं लगती है कुछ
फर्क नहीं पड़ता कुछ नहीं पड़ता आप में
कुछ दम नहीं है आप में कुछ दम नहीं है

बोलो जितना बोलना है कुछ नहीं होगा अरे
भाई सुन लो समझ लो समझ लो समझ लो आपके
दिमाग में बात बैठ नहीं रही है आप जितना
चिल्लाना चाहते हो चिल्ला लो जितना आप
कहना चाहते हो अग्निवीर नहीं होगा चिल्ला
लो कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला आप में दम
नहीं है आप में दम नहीं

है अग्निवीर होगा अग्निवीर होगा क्यों
क्योंकि आदा नहीं चाहता है इसलिए अग्निवीर
होगा मोदी चाहता है इसलिए अग्निवीर
होगा कैसे क्या दम नहीं है आप में कैसे
नहीं होने देगा हो रहा है आप चिल्लाते
हो और कुछ नहीं करते दम नहीं है आप में 73

पर में दम नहीं है सुरक मैं बताऊंगा आपको
रास्ता मैं रास्ता
बताऊंगा मगर दम नहीं है तुम लोगों में तुम
लोग लोग सोए हुए लोग हो मैं खुल के
तुम्हारे सामने बोल रहा
हूं तुम लोग सो गए हो 73 पर हिंदुस्तान का
जो बब्बर शेर है जो इस देश को चलाता है जो
इस देश को आगे ले जाता है वह सो गया है डर

गया है यह देश की सच्चाई
है आप कहो जितना कहना है अग्निवीर नहीं
होगा अग्निवीर नहीं होगा नहीं होगा 73 पर
में दम नहीं है होगा कैसे नहीं होगा अदानी
ने डिसाइड किया होगा होगा नरेंद्र मोदी ने
डिसाइड किया होगा होगा 90 ब्यूरोक्रेट्स

ने डिसाइड किया है होगा होगा दम नहीं है
तुम में अच्छी बात है कि राहुल गांधी
युवाओं को जगाने का भरसक प्रयास कर रहे
हैं कोशिश करने में कोई बुराई नहीं है
प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2013 की सभा
में वन रैंक वन पेंशन का वादा किया था

लेकिन आज सेना में दो तरह के सैनिक हो गए
हैं एक पूर्ण सैनिक और एक अग्निवीर पुराने
सिस्टम से भर्ती सैनिकों को पेंशन मिलेगी
नए सिस्टम से भर्ती अग्निवीर को पेंशन
नहीं मिलेगी उन्हें इसी से संतोष करना
पड़ेगा कि उनके प्रधानमंत्री नियमित रूप

से मंदिरों में जाते हैं मंदिर को विरासत
समझते हैं मंदिरों के कैंपस में एलईडी
स्क्रीन लगवा देते हैं सेल्फी पॉइंट बनवा
देते हैं वहां सुविधाओं का विस्तार कर
देते हैं इससे युवाओं को और उनके परिवारों
को जो हिंदू सुख मिल रहा है वह सुख उन्हें

नौकरी और प से कभी नहीं मिल सकता फिर
राहुल गांधी को क्या युवाओं के मुद्दे
छोड़ देने चाहिए बिल्कुल ही नहीं विपक्ष
को हमेशा जनता के दुख की बात करनी चाहिए
युवाओं को हिंदू सुख में डूबा देखकर उनकी
बेरोजगारी और रोजगार के सवाल पर चुप हो
जाने वाला विपक्ष का नेता हो ही नहीं सकता
है नमस्कार …

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