अमित शाह से अजित डोभाल ने की मुलाकात, किसानों ने दी खुली चुनौती, मचा बवाल! - instathreads

अमित शाह से अजित डोभाल ने की मुलाकात, किसानों ने दी खुली चुनौती, मचा बवाल!

नौ राज्यों के 200 किसान संगठनों ने 6
महीने के राशन के साथ और 1500 ट्रैक्टर के
साथ दिल्ली पर ढाबा बोल दिया है आपको बता
दें सूत्रों के हवाले से खबर निकलकर सामने
आई है कि पीएम आवास का घेराव करने की

तैयारी है और यह तैयारी सिर्फ एक तरफ से
नहीं तैयारी दोनों तरफ तरफ से की गई है
जहां एक तरफ किसानों ने दिल्ली की तरफ कूछ
की है वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह

की तरफ से तैयारी पूरी है कि किसानों को
दिल्ली में घुसने नहीं दिया जाए क्या
खबरें निकल कर सामने आई है खबर आप देखिए
किसान तक की इसमें लिखा हुआ है कि दिल्ली
में आंदोलन के लिए किसान कर चुके हैं 40

रिहर्सल और 100 मीटिंग पीएम आवास के घेराव
का खुफिया अलर्ट तो 13 फरवरी को किसानों
का संगठन दिल्ली की तरफ कूछ करेगा दिल्ली
का घेराव करेगा पहले ही खबर निकल करर साम

सामने आ गई थी उसके बाद से लगातार दिल्ली
के जितने भी बॉर्डर्स हैं उनको सील कर
दिया गया लेकिन किसान कहां ही रुकने वाला
है खबर क्या है आगे देखिए इसमें लिखा भी

है कि किसान आंदोलन को लेकर संसद में अजीत
डोबा और दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमित शाह से
मिले हैं तो अमित शाह से मुलाकात हुई है
अजीत डोबा जो कि आतंकियों को कैसे टैकल

करना है इस पर रणनीति बनाते हैं आप देख
सकते हैं कि किसान आंदोलन को कैसे रोकना
है इस पर रणनीति बनाई जा रही है खबरें
निकलकर सामने आई है सूत्रों के हवाले से

दावा किया जा रहा है कि पीएम आवास का घिरा
हो सकता है गृहमंत्री आशा के आवास का घिरा
हो सकता है और इसी के साथ किसान नेता के
घर का भी गिराव किया जा सकता है तो किसान

पूरी तैयारी के साथ आए हैं सूत्रों के
हवाले से खबर है कि छह महीने का राशन भी
साथ में लेकर आए हैं आप जानते हैं कि 2
साल पहले किस तरीके से किसान आंदोलन हुआ

था और वहीं से किसान आंदोलन 2.0 दिल्ली की
बॉर्डर्स पर शुरू हो चुका है क्योंकि
किसान रुकने वाला नहीं है तस्वीरें क्या
निकल कर सामने आई है तस्वीरें आप अपनी फुल

स्क्रीन पर देखें आप तस्वीरों में देख
सकते हैं यह शंभू बॉर्डर का नजारा है आंसू
गैस के गोले दागे जा रहे हैं किसानों को
तितर बितर किया जा रहा है किसानों पर मोदी

सरकार ने आंसू गैस के गोले दागे हैं
तस्वीरें आप देख सकते हैं इसमें बच्चे भी
शामिल हैं महिलाएं भी शामिल हैं पुरुष भी
शामिल हैं 200 किसान संगठन दिल्ली की तरफ
कूज कर रहा है 1500 ट्रैक्टरों के साथ

किसान आंदोलन दिल्ली की तरफ कूज कर रहा है
उन सबके बीच दिल्ली पुलिस ने किसानों को
रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं
तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं हम आपको
लाइव तस्वीरें दिखा रहे हैं और इसी के साथ

क्या तैयारी की गई है किसानों को रोकने के
लिए वो भी दिखा देते हैं तस्वीरें आप
एक-एक करके देखिए कि कितनी ज्यादा दिल्ली
पुलिस की तरफ से इस आंदोलन को रोकने के

लिए पुख्ता इंतजाम हुए लेकिन इन सबके
बावजूद भी किसान रुकने के लिए तैयार नहीं
है आप तस्वीरें देख सकते हैं कि किस तरीके
से कीले गाड़ी गई है कीले गा गाड़ी गई है

कीलों के साथ ही आप देख सकते हैं कि
परमानेंट बैरिकेडिंग लगाई जा रही है
परमानेंट सीमेंटेड बैरिकेडिंग लगाई जा रही
है कि किसान किसी भी हालत में दिल्ली में
ना घुस सके बैरिकेडिंग लगाई गई है हजारों

की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है
कीले लगाई गई हैं फेंसिंग लगाई गई है
लेकिन किसान कहां ही रुकने वाला है आप देख
सकते हैं तस्वीरों तो तस्वीरों देखकर तो
ऐसा लग रहा है जैसे कि यह चीन का बॉर्डर

है दिल्ली का बॉर्डर नहीं बल्कि चीन का
बॉर्डर तैयार किया गया है भारत से सटी हु
हुई सीमा दूसरे देश की दिखाई दे रही है यह
हालत हो चुकी है दिल्ली की दिल्ली की
तस्वीरों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि

बवाल कितना भयंकर हो रहा है जहां एक तरफ
किसानों को रोकने की कोशिश की जा रही है
वहीं दूसरी तरफ किसान रुकने के लिए तैयार
नहीं है हालत तो यह हो चुकी है कि जब कीले

गाड़ दी गई परमानेंट बैरिकेडिंग कर दी गई
तो किसानों ने पानी का रास्ता चुना है आप
देख सकते हैं कि किस तरीके से पानी के
अंदर गहरे पानी के अंदर ट्रैक्टर्स को
उतार दिया गया है और ट्रैक्टर्स किसी ना

किसी तरीके से दिल्ली में जुट रहे हैं
दिल्ली के बॉर्डर्स पर इकट्ठा हो रहे हैं
पुलिस भारी तादाद में तैनात है लेकिन
किसान आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है
तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं आप देख

सकते हैं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्री
नेत ने भी शेयर किया और वो लिखती हैं कि
पंजाब हरियाणा शंभू बॉर्डर पर किसानों के
ऊपर दागे जा रहे हैं आंसू बम तो क्या हाल

हो चुका है दिल्ली का आप देख सकते हैं एक
बार फिर से कैसे किसान आंदोलन के चलते
मोदी सरकार की हालत खराब है आप इन
तस्वीरों से अंदाजा लगा सकते हैं और यहां

पर सोचने वाली बात यह है कि कल ही रात
5:00 घंटे की मीटिंग हुई लेकिन मीटिंग में
किसी तरह का कोई भी जवाब निकलकर सामने
नहीं आया मोदी सरकार की तरफ से पियूष गोयल
को भी भेजा गया नेता भी वहां पर पहुंचे

हुए थे लेकिन किसानों के किसी भी सवाल का
जब नेता जवाब नहीं दे पाए तो 5 घंटे की
मीटिंग के बाद आप देख सकते हैं कि कैसे
किसान वहां से बाहर निकलते हुए नजर आ रहे

हैं यह तस्वीरें शरद शर्मा है एनडीटीवी के
रिपोर्टर हैं शेयर करते हैं और लिखते भी
हैं कि केंद्र सरकार और किसानों के बीच
लगभग 5 घंटे से ज्यादा चली बैठक बेनतीजा

रही किसानों का कहना है कि सरकार के मन
में खोट था इसलिए टाइम पास कर रही थी सुबह
10:00 बजे से आंदोलन यानी दिल्ली मार्च
शुरू करेंगे तो 5 घंटे की मीटिंग की गई है

किसान इंतजार कर रहे हैं लगभग 2 साल से और
उसी के साथ मीटिंग भी हुई कल रात लेकिन
फिर भी कुछ निकल कर सामने नहीं आया और
किसानों ने अपना आंदोलन 13 फरवरी जो कि
निर्धारित किया था वह दिल्ली में शुरू कर

दिया है तो फिलहाल मीटिंग के दौरान क्या
कुछ हुआ किसान लीडर का क्या कहना है बयान
सुने भाई आज 5 घंटे के अंदर सरकार के
मंत्रियों के साथ मीटिंग चली लेकिन मीटिंग

में कोई नतीजा नहीं निकला 8 तारीख नया
सरकार जहां पर खड़ी थी वहीं पर लगभग आज
खड़ी है चाहे बात एमएसपी पर कानून बनाने
की बात हो चाहे बात हो स्वामीनाथन आयोग की

रिपोर्ट लागू करने की चाहे बात हो किसान
मजदूर के कर्ज माफी की चाहे बात हो
डब्ल्यूटीओ तो बाहरान की सरकार ने कोई कोई
भी निर्णय नहीं दिया सरकार के पास कोई भी
ठोस जवाब नहीं था एकएक मुद्दे पर तथ्य के

साथ हमने बात रखी हमारे लीडर ने बात रखी
तो उसके बाद हम आपसे हाथ जोड़ के
प्रार्थना करना चाहते हैं कि भाई तमाम
साथियों ने यही कहा है कि हमारा आंदोलन एज

इट इज जारी रहेगा तो सुना आपने ये
अभिमन्यु कोहर है किसान नेता है इनका कहना
है कि हमने पाच घंटे तक मीटिंग की है
लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है
इसलिए हमारा आंदोलन जैसे कि निर्धारित था

वैसे ही किया जाएगा 13 फरवरी को किसानों
को जुटने के लिए आवाहन कर दिया गया है मेन
बात यहां पर अंडरलाइन ये की गई है कि यह
आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा लेकिन शांतिपूर्ण
आंदोलन यह कैसे रहेगा जब दिल्ली में घुसने

नहीं दिया जाएगा जब दिल्ली में किसानों को
घुसने नहीं नहीं दिया जाएगा तो शाह की
पुलिस और किसान आमने सामने आएंगे और वही
कुछ होता हुआ नजर भी आ रहा है यहां पर
किसानों का कहना है कि ना एमएसपी पर कानून

बनाया जा रहा है ना स्वामीनाथन रिपोर्ट
लागू की जा रही है ना कर्ज माफी की जा रही
है जितने भी वादे किए थे इस सरकार ने कोई
भी पूरा नहीं किया है किसान को मूर्ख
बनाया गया है और अब यह किसान बेवकूफ बनने

वाला नहीं है यह किसान अपना हक लेकर रहेगा
तो किस तरीके से मोदी सरकार गिरती हुई नजर
आ रही है आप इन खबरों से इन तस्वीरों से
अंदाजा लगा सकते हैं बातचीत तो हुई लेकिन
मोदी सरकार के पास किसी तरह का कोई जवाब

मौजूद नहीं है ऐसे में किसानों ने 6 महीने
का राशन उठाया है और 1500 ट्रैक्टर लेकर
दिल्ली की तरफ एक बार फिर से कूछ कर दी है
तो आप त तस्वीरें देख सकते हैं जहां एक
तरफ किसानों ने दिल्ली की तरफ कूछ की है

वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने विदेश की तरफ कूछ कर दी है जी हां
तस्वीरें निकलकर सामने आई है आप तस्वीरें
देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र

मोदी दो दिवसी यूएई के दौरे पर रवाना हो
गए हैं जहां एक तरफ किसान दिल्ली पहुंचे
हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी
दौरे के लिए निकल गए हैं तस्वीरें सोशल

मीडिया पर वायरल हो रही हैं और पत्रकारों
का कहना है कि किसान दिल्ली आ रहे हैं और
मोदी जी विदेश जा रहे हैं तो सवाल खड़ा
होता है कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी को किस बात का डर सता रहा है आखिर

मोदी सरकार किसानों के सवालों का जवाब
देने से इतना क्यों भागती है आखिर क्या एक
बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
किसानों से माफी मांगेंगे इन सभी सवालों
के जवाब पर और इन पूरी खबर पर आप क्या

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