आज मैं तुम्हें एक राज की बात बताने आई हूं - instathreads

आज मैं तुम्हें एक राज की बात बताने आई हूं

मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें बताने आई हूं कि यदि तुम्हें यह संदेश प्राप्त हुआ है

तो निश्चित ही तुम भी इस राज को जान पाओगे और यह राज यदि तुम्हें पता चल गया अर्थात

यदि आज तुमने हमारे संदेश को पूर्ण रूप से सुन लिया तो इस राज को जानने के बाद

तुम्हारे जीवन में तुम्हें वह मुकाम हासिल होगा जो अभी तक तुमने ना तो कभी सोचा था

और ना ही तुम्हें प्राप्त हुआ था क्योंकि एक ऐसी बात जो आज मैं तुम्हें बताऊंगी वह

बात अभी तक ना तो मैंने तुम्हें कभी बताई थी और ना ही तुम जान पाए

थे क्योंकि मेरे बच्चे वह अभी तक समय नहीं आया था जिस समय का तुम इंतजार कर रहे थे

और जिस समय में मैं तुम्हें उस राज को बताए उस राज का भी समय एक निश्चित था और

वह समय अब आ गया है वह समय जब तुम उस राज को जानोगे और मैं उस राज से पर्दा उठाऊंगी

और यह भी ज्ञात करवाऊंगी कि तुम जीवन में अभी तक किस चीज से और किस बात से अनजान

रहे लेकिन मेरे बच्चे तुम्हें भी मुझसे एक वादा करना होगा कि तुम हमारी बात को अधूरा

नहीं सुनोगे क्योंकि कई बार मैंने यह महसूस किया है कि तुम तुम मेरी बातों को

पूर्ण रूप से नहीं सुनते एक बार भी तुम यह नहीं सोचते कि मैं अपना इतना कीमती समय

केवल तुम्हारे लिए लगा रही हूं जिससे कि तुम्हारे जीवन में तुम्हें वह सब प्राप्त

हो पाए जिस पर तुम्हारा अधिकार है और जिस पर तुम्हारा अधिकार अभी तक नहीं था उस पर

भी मैं तुम्हारा अधिकार देखना चाहती हूं क्योंकि मेरे बच्चे मैं तुम्हें वह

रास्ता बताऊंगी जिस रास्ते पर चलकर तुम अपना उस चीज पर अधिकार जता पाओगे और तुम्हारा

पूर्ण रूप से उस पर अधिकार होगा क्योंकि नियम के अनुसार यदि किसी भी चीज को तुम

अपनी मेहनत से प्राप्त करो तो निश्चित ही तुम्हारा उस चीज पर अधिकार हो जाता है और

कुछ ऐसी ही बातें जो तुम्हारे लिए अभी तक बहुत ज्यादा अद्भुत थी वह मैं तुम्हें

विस्तार से बताऊंगी मेरे बच्चे सबसे पहले मैं तुम्हें बताऊंगी

तुम्हें पूर्ण रूप से ज्ञात भी [संगीत]

कराऊंगा केवल वह होता है जिसके बारे में तुम्हें ज्ञात ना हो और वह जिसे तुम सोच

भी ना पाओ अर्थात तुम्हारी सोच से परे ऐसी कोई बात जो हम तुम्हें बताएं वही एक राज

की बात होती इसलिए मेरे बच्चे जीवन में हर उस बात को

जानना तुम्हारे लिए बहुत ज्यादा जरूरी है जो तुम्हें अपने जीवन में उस मुकाम पर ले

जाने की ताकत रखती है जो तुम्हारे जानने के पश्चात तुम्हारे अंदर पूर्ण रूप से

शक्ति उत्पन्न करें और जोश उत्पन्न करें तुम्हें एक ऐसी राह पर ले जाए जहां से तुम

अपने आप को कमजोर नहीं बल्कि खुद को बुद्धिमान और एक शक्तिशाली व्यक्ति की तरह

समझो क्योंकि मेरे बच्चे जो शक्ति इंसान को प्राप्त होती है वह शक्ति केवल तब अपना

असर दिखाती है जब उस व्यक्ति के हृदय के अंदर उस शक्ति के प्रति विश्वास हो और यदि

व्यक्ति को उस पर विश्वास ना हो तो वह व्यक्ति फिर उस शक्ति के निकट रहने के

पश्चात भी कुछ ना तो सोच पाता है और ना ही समझ पाता

और ना ही किसी बात को जान पाता है क्योंकि कोई भी बात उसकी बुद्धि में प्रवेश नहीं

करती और जब तक तुम्हारी बुद्धि में कोई बात प्रवेश नहीं करती तब तक तुम उस बात से

पूर्ण रूप से अनजान हो तुम कितना भी सोचो कि तुम उस बात के लिए कितना भी उत्सुक हो

जाओ लेकिन वह बात केवल तुम्हें तभी ज्ञात होगी जब तुम्हारे निकट व शक्ति होगी वह

शक्ति ही तुम्हें बताएगी कि अब तुम इस बात को जान लो क्योंकि मेरे बच्चे कई बार तुमने देखा

होगा और महसूस भी किया होगा कि कार्य सबको आता है वह एक कार्य सबको आता है लेकिन

किसी एक ही व्यक्ति को उस कार्य में महारत हासिल होती है अर्थात वह एक ऐसे मुकाम पर

उस कार्य को ले जाता है देखने वाला व्यक्ति स्वयं समझ जाता है कि यह सबसे

ज्यादा बुद्धिमान व्यक्ति है ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार यदि कोई एक व्यवसाय

चलाता है छोटा व्यवसाय बहुत छोटा जो कि एक साधारण गरीब व्यक्ति भी चला सकता है लेकिन

उस छोटे व्यवसाय से बड़े व्यवसाय तक एक बुद्धिमान व्यक्ति पहुंचता है अर्थात वह बुद्धिमान

व्यक्ति जिसके अंदर उसे चलाने की और ऊंचे मुकाम पर पहुंचाने की शक्ति प्राप्त होती

है और वह शक्ति केवल तब प्राप्त होती है जब उसे कुछ बातों का आभास होता है उसके

पास उतना ज्ञान होता है उतनी समझ होती है वह हर बात को सही से समझकर निर्णय ले पाता

है क्योंकि मेरे बच्चे बोलने वाला व्यक्ति केवल बोलता रह जाता है लेकिन उस पर जो

पूर्ण रूप से मेहनत करता है लगन लगाकर कार्य को करता है वही जीत पाता है और यही

वह राज की बात है जो मैं तुम्हें बताना चाहती हूं कि हर व्यक्ति की तरह तुम्हारे

अंदर भी वह शक्ति विद्यमान है जो बड़े से बड़े कार्य को अंजाम देने की ताकत रखती है

अर्थात जो बुद्धिमान व्यक्ति कर सकता है वह तुम भी कर सकते हो जो छोटा सा व्यवसाय

को बड़े व्यवसाय तक ले जा सकता है वह तुम भी कर सकते हो

मेरे बच्चे किसी भी छोटे से कार्य को बड़ा बनाने के लिए बुद्धि के साथ सोच की भी

आवश्यकता होती है सोच वह जो तुम्हारे अंदर विद्यमान होती है जो तुम्हारी विचारधारा

में मिश्रित होती है तुम जैसा सोचते हो वैसा करते हो सोच को बड़ा करो क्योंकि सोच

यही है सोच जितनी बड़ी होगी उतना ही बड़ा कार्य करने का हौसला भी तुम्हें प्रा होगा

और मेरी देवीय शक्तियां भी तुम्हें वहां तक पहुंचाने में तुम्हारी सहायता करेंगी

और इस बात पर भी यकीन रखो यदि सोच बड़ी रख कर के कार्य को करोगे तो निश्चित ही वहां

तक पहुंच जाओगे जहां तक तुम पहुंचना चाहते हो सोच के अनुसार निश्चित ही पहुंच

जाओगे मेरे बच्चे उसका कारण क्या है वह सुनो जैसा सोचते हो वैसे कार्य करते हो

यदि विद्यार्थी पढ़ने के बारे में सोचता है तो पढ़ता है खेलने वाला बच्चा खेलने के

बारे में सोचता है तो खेलता है पिता को चिंता होती है कि पैसे कैसे कमाने हैं तो

वह कमाने के लिए व्यवसाय करें नौकरी करें या कुछ भी करें लेकिन कार्य को करते हैं

और पैसे भी कमा कर लाते हैं क्योंकि मेरे बच्चे इंसान जैसा सोचता

है वैसा ही कर पाता है सबसे पहले तुम्हारे मस्तिष्क के अंदर कोई बात घूमती है और वही

मस्तिष्क में घूमती हुई बात ही तुम्हारे शरीर को संकेत देती है कि तुम ऐसा करो और

शरीर उस कार्य को करने लग पड़ता है क्योंकि उसे मस्तिष्क से जो संकेत प्राप्त

होता है उसी के अनुसार शरीर को कार्य करना पड़ता है और यदि मस्तिष्क किसी बात का

संकेत देगा ही नहीं तो व किसी भी कार्य को नहीं करेगा चुपचाप एक जगह बैठ जाएगा और वह

हाथों के सही सलामत होते हुए भी इस प्रकार हो जाएगा कि वह कार्य नहीं कर पा रहा है उसके

हाथ तो है लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहा क्योंकि मेरे बच्चे हाथों का इस्तेमाल

इंसान शरीर से नहीं दिमाग से करता है दिमाग जब संकेत देता है तभी हाथों को

कार्य करना पड़ता है अब तुम्हें सोचना है कि तुम्हें कार्य करना है तो पहले अपने मन

के अंदर उस विचारधारा को लेकर आओ वह बड़ी विचारधारा जो तुम्हारे जीवन में तुम्हें

एक बड़े मुकाम पर पहुंचा देगी मेरे बच्चे यह मैं तुम्हें पूर्ण रूप

से विश्वास दिलाती हूं यदि तुम्हें धन की सहायता चाहिए होगी तो मैं तुम्हें धन की

सहायता भी करूंगी और तुम्हें हर प्रकार से सहायता करती हूं और आगे भी करूंगी लेकिन

केवल एक बार जीवन में एक बार ऐसा सोच कर देखो और करके देखो फिर स्वयं ही तुम्हें

आज मेरी बोली हुई इस बात पर यकीन भी हो जाएगा और तुम्हें आभास भी हो जाएगा कि तुम

कोई छोटे मोटे व्यक्ति नहीं हो बल्कि तुम एक बहुत बड़े और महान व्यक्ति

हो क्योंकि मेरे बच्चे जिस व्यक्ति ने इस बात को समझ लिया वह अपने जीवन में बहुत

आगे तक निकल जाता है और जो व्यक्ति इस बात को समझ नहीं पाता डरता रहता है वह ना तो

उस कार्य को कर पाता है और ना ही उसको करने का साहस जुटा पाता है वह केवल डर डर

के अपने जीवन को गुजारता रहता है और उसी कुएं में जैसे मेंढक जीता है वैसे जीवन को

जीता है उसे बाहर की दुनिया का पता ही नहीं होता इसलिए मेरे बच्चे तुम्हें जो कहा है

उस पर एक बार विचार करो और अपने मन की शक्ति को इकट्ठा करो इसके साथ ही तुम एक

बात का और जरूर ध्यान रखना कि एक पल के लिए भी तुम्हें यह नहीं सोचना है कि तुम

नहीं कर सकते बल्कि तुम्हें यह विश्वास रखना है कि तुम दुनिया के किसी भी कार्य

को कर सकते हो अगर कोई दूसरा व्यक्ति कर सकता है तो तुम भी कर सकते हो वह भी तो

व्यक्ति है उसने भी तो इस धरती पर अपने माता-पिता के द्वारा जन्म लिया है मेरे

बच्चे कभी भी इस बात को मत भूलना कि किसी भी व्यक्ति में ज्यादा बुद्धि या कम

बुद्धि होती है अर्थात इसका अर्थ बस इतना ही होता है कि कोई बच्चा शीघ्र ही उस

कार्य पर कार्य कर लेता है और किसी बच्चे को कुछ समय लगता है उसे समझने में और उस

कार्य को करने में नाकाम कोई भी व्यक्ति तब होता है जब वह हार जाता है उस कार्य को

करना नहीं चाहता लेकिन यदि साहस जुटाकर कोई भी व्यक्ति उस कार्य को करना चाहे

जिसके बारे में वह सोच रहा है तो निश्चित ही उसे उस मंजिल पर जाने से कोई नहीं रोक

सकता और ना ही संसार में ऐसा कोई व्यक्ति बना है जो

उस कार्य को ना कर पाए जिसे वह सोच रहा है मेरे बच्चे आज मैं तुम्हें एक गहरा राज

बताने आई हूं जिसे जानते ही तुम निश्चित ही चौक जाओगे क्योंकि वह राज तुम्हारे

जीवन की खुशी से जुड़ा हुआ है वह खुशी जो तुम्हें प्राप्त होने वाली है और तुम्हें

किस प्रकार से वह खुशी प्राप्त होगी वह मैं तुम्हें

बताऊंगी क्योंकि मेरे बच्चे जीवन में कभी-कभी कुछ ऐसी खुशियां जो तुम्हारे

हिस्से में आती हैं लेकिन तुम उन्हें ना तो प्राप्त कर पाते हो अर्थात तुम उसका

लाभ नहीं उठा पाते क्योंकि खुशी का लाभ उठाने का अर्थ है तुम उसका पूर्ण रूप से

आनंद ले पाओ और यदि तुम उस खुशी का आनंद नहीं ले पाते तो निश्चित ही वह खुशी

प्राप्त होते हुए भी तुम्हें प्राप्त नहीं हो रही क्योंकि उस खुशी से तुम खुश नहीं

हो उस खुशी से जो तुम्हें आनंद होना चाहिए वह आनंद नहीं हो रहा तो वह खुशी नहीं

हुई मेरे बच्चे अब वह समय आ गया है जब तुम उस राज को पूर्ण रूप से जान लो और अपने

जीवन में उतार लो इस बात को जानना तुम्हारे लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है कि

जीवन में किसी भी चीज को प्राप्त करने के लिए जो रास्ता तुम चुनो ग वह स्वयं मैंने

बनाया है अर्थात तुम्हारे मन के मंदिर में वह बात तभी उत्पन्न होगी जब मैं चाहूंगी

और तुम उस पर कार्य भी तभी करोगे जब मैं उस बात के लिए सोचूंगी कि हां तुम उस

मार्ग पर चलो जिस पर तुम्हें वह मुकाम हासिल हो लेकिन मेरे बच्चे उस पर कार्य को करना

या ना करना यह तुम्हारे हाथ में है और यह तुम्हें ही करना होगा सही से यदि तुम किसी

पर मन लगाकर कार्य को करोगे तो उसका फल इस प्रकार से प्राप्त होगा कि तुम हर कार्य

में खरे उतर पाओगे और यदि तुम लापरवाही करोगे और किसी काम पर ध्यान नहीं रखोगे तो

निश्चित ही तुम किसी भी कार्य पर खरे नहीं उतर पाओगे और वह कार्य भी तुम्हारे हाथों

से रह जाएगा मेरे बच्चे एक राज की बात और भी है

इंसान कोई भी हो सोच कई बार बड़ी सोच लेता है लेकिन उस पर कार्य नहीं कर पाता उसका

दिमाग इतनी तेजी से चलता है जितनी तेजी से उसके हाथ नहीं चल पाते वह केवल सोचने में

ही रह जाता है ज्यादा सोचना भी इंसान के लिए सही नहीं होता क्योंकि ज्यादा दिमाग

जिसका चलता है उसके हाथ ना चले तो इंसान वैसे ही बेकार हो जाता है लेकिन मेरे

बच्चे सोचने के साथ-साथ तुम्हारे हाथों को उतना कार्य भी करना चाहिए जितनी की

तुम्हारी सोच है यदि तुम अपने हाथों को रोक लोगे और कार्यों को करोगे ही नहीं तो

निश्चित ही इस बात को समझ लो कि तुम्हारा जीवन और बेकार होता चला जाएगा क्योंकि तुम

चिंताओं में डूब जाओगे चिंताएं वह जिस कार्य को तुम करना चाहते हो उस पर

तुम्हारे हाथ कार्य नहीं कर रहे और तुम चाहते हो बहुत ऊंची उड़ान भरना तुम उसी

चील की तरह फिर की जो ऊंची उड़ान भरना तो चाहता है लेकिन पंखों के अभाव में वह भर

नहीं सकता जमीन पर ही रह जाता है लेकिन

ऊंची उड़ान भरना उसकी बस की बात नहीं मेरे बच्चे जीवन में किसी भी कार्य

को सोचना बहुत अच्छी बात है लेकिन उस पर नियमित कार्य को करना बहुत कठिन और यही

कठिन कार्य तुम्हें अपने जीवन में खरा उतारना है और तुम्हें सोचना है कि तुम

अपने जीवन में किस कार्य को करना चाहते हो और इस बात को भी सोचो कि जीवन में क्या

चाहते हो यदि तुम सही से किसी लक्ष्य के बारे में सोचते हो तो मेहनत तुम्हें और भी

दुगनी करनी चाहिए यदि तुम हाथ पर हाथ रखकर बैठना चाहते हो तो सोचो ही मत क्योंकि

तुम्हारी विवशता तुम्हें और भी ज्यादा परेशान कर देगी तुम

जीवन में किसी भी कार्य को करने के लिए उतने उत्सुक तो होगे लेकिन यदि कार्य को

करोगे ही नहीं तो यह उत्सुकता तुम्हारी बढ़ती चली जाएगी मेरे बच्चे हर व्यक्ति की निगाह उस

व्यक्ति पर जरूर होती है जो कार्य को करना तो चाहता है लेकिन कर नहीं पाता और फिर

ऐसे में दूसरे व्यक्ति तुम्हारी मजाक बनाते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं कभी ना

कभी तुम्हारे मुख से कुछ ऐसी बातें दूसरे व्यक्ति के सामने निकल जाती हैं कि मैं

ऐसा करूंगा मैंने यह योजना बनाई है मुझे वैसा करना है मुझे बहुत सारे कार्य हैं

लेकिन जब तुम कर नहीं पाते हो तो वही व्यक्ति आकर तुम्हारी जो परेशानी है उसको

और कई गुना कर देते हैं और तुम्हें बार-बार उन बातों का एहसास

दिलाते हैं कि तुम किसी भी का को कर नहीं पा रहे और ऐसे में तुम और भी ज्यादा हताश

हो जाते हो कार्यों को करने से रुक जाते हो इसलिए मेरे बच्चे इस बात का ध्यान रखो

कि जिस कार्य को करने पर तुम्हारा पूरा लगन होना चाहिए उसे करो अपने हाथों को

पीछे मत हटाओ सब तुम्हारी सोच निर्भर करता है और तुम्हारे कर्मों पर निर्भर करता है

यह सच है कि जीवन में जैसा व्यक्ति चा ता है वैसा होता जरूर है लेकिन यह भी सच है

कि हाथ पर हाथ रखकर बैठने से कुछ नहीं होता उसके लिए कुछ कार्यों को करना भी

पड़ता है और समझना भी पड़ता है मेरे बच्चे तुम्हें अपने मन को समझना

अति आवश्यक है क्योंकि यही तो बहुत ज्यादा मुश्किल कार्य है कि तुम अपने मन को समझ

जाओ कि वह चाहता क्या है मेहनत करना चाहता भी है या नहीं

मेरे बच्चे कई बार व्यक्ति इतना आलस भरा रहता है कि वह मेहनत करना ही नहीं चाहता

वह चाहता है कि बैठे बिठाए सब कुछ प्राप्त हो जाए लेकिन उसके लिए भी तुमने यदि कुछ

ऐसे पुण्य के कार्य किए हैं तभी तुम्हें बैठे बिठाए प्राप्त होगा अन्यथा तुम्हें

कुछ भी प्राप्त नहीं होने वाला मेरे बच्चे इस बात का ध्यान अवश्य

रखना कि जीवन में किसी भी इंसान को जब कुछ प्राप्त होता है तो वह तब प्राप्त होता है

जब तुमने वैसे कार्य किए हो यदि तुमने वैसे कार्य ही नहीं किए तो तुम्हें उसके

फल स्वरूप कुछ प्राप्त नहीं होने वाला भले ही तुम कितना भी परेशान हो जाओ तुम्हारी

परेशानियां केवल बढ़ती चली जाएगी लेकिन हल कुछ नहीं

निकलेगा इसलिए मेरे बच्चे चिंता मुक्त होकर जीवन में जो होने वाला है उस पर वश

किसी का नहीं चलता और ना ही तुम्हें यह बात ज्ञात है कि तुम्हारे जीवन में आगे

क्या होगा इसलिए सिर्फ कर्म पर भरोसा रखो और यही वह छड़ी है जिससे कि तुम अपने जीवन

में हर सही को सही कर सकते हो और अपने जीवन में आगे से आगे हर मार्ग को खोल सकते

हो यदि तुम कर्म सही कर रहे हो अपने जीवन में मेहनत कर रहे हो हर चीज पर ध्यान रख

रहे हो तो भले ही अभी स्थिति जो भी हो लेकिन आगे चलकर तुम्हारी स्थिति बेहतर

होती चली जाएगी तुम उचा नियों को छूते चले

जाओगे मेरे बच्चे कभी भी अपने मन के अंदर उन व्यक्तियों के बारे में सोच मत लेकर आओ

तुमसे बहुत ज्यादा इस बात को सोचो कि यदि तुम्हारी माता ने तुम्हें सब कुछ दिया है

खाने के लिए पहनने के लिए रहने के लिए संतान माता-पिता भाई बहन रिश्तेदार सभी

जगह तुम्हारा संबंध सही है और सभी चीजें तुम्हें प्राप्त है अर्थात सभी रिश्ते

तुम्हारे समान है और किसी के लिए तुम्हारे बारे में कोई खटास नहीं है तुम्हारे साथ

कोई द्वेष की भावना नहीं है तो तुम इतना समझ लो कि तुम सबसे ज्यादा सौभाग्यशाली

व्यक्ति हो क्योंकि मेरे बच्चे भाग्यशाली व्यक्ति वही

होता है जिसके रिश्ते भी सही होते हैं और उसे सब प्राप्त होता चला जाता है जो उसे

होना चाहिए यदि तुम्हारे जीवन में यह सभी रिश्ते हैं तो तुम धनवान इंसान हो क्योंकि

पैसे से ही कोई व्यक्ति धनवान नहीं होता बल्कि रिश्ते से भी धनवान होने से

तुम्हारा जीवन सुखमय बीतता है क्योंकि जब मुश्किल की घड़िया आती है तो कई बार पैसे

होने के बावजूद भी इंसान को अपनों की जरूरत होती है उस साथी की जरूरत होती है

जो उसे प्यार से समझाए उन मित्रों की जरूरत होती है जो

कदम से कदम मिलाकर तुम्हारे साथ चलते हैं

मेरे बच्चे तुम्हें सही सलाह देते हैं और तुम्हें सहारा देते हैं तुमसे यह बात कह

देना कि हम तुम्हारे साथ है यह तुम्हारे हौसले को और ज्यादा बढ़ाता है तुम्हें

बलवान बनाता है और तुम्हें शक्ति प्रदान करता है कि तुम जीवन में आगे बढ़ो और ऐसे

में तुम बढ़ते भी हो क्योंकि यही तो सत्य है और यही राज की बात है क्योंकि रिश्ते

जिसके पास है वह इस संसार का सबसे धनी व्यक्ति है और इस संसार में जो व्यक्ति

अपने रिश्तों को सही करके चलता है उससे महान व्यक्ति कोई नहीं

होता क्योंकि मेरे बच्चे सबका दिल जितने वाला व्यक्ति सबसे बड़ा धनवान व्यक्ति ही

तो होता है पैसों का क्या आज है कल नहीं धन है लक्ष्मी है कभी किसी के पास आती है

और कभी किसी से चली जाती है लेकिन रिश्ते ही ऐसे हैं जो जीवन भर काम आता है इंसान

वह जो हमेशा उसके पास रहते हैं दुख सुख में उसका साथ देते हैं हर वक्त हर घड़ी

उसके साथ खड़े रहते हैं चाहे वक्त खराब हो या अच्छा लेकिन उसका साथ नहीं छोड़ते और

जब भी उसे कभी किसी के साथ की जरूरत होती है तो वह कभी भी अपने आप को अकेला महसूस

नहीं करता मेरे बच्चे जीवन में एक बात को हमेशा

याद रखना कि चाहे कुछ भी हो जाए अपनों का दिल कभी मत दुखाना क्योंकि यदि यह रिश्ते

टूटेंगे तो फिर यह पुनः नहीं बनेंगे और ना ही इन रिश्तों से तुम किसी भी चीज को सजो

पाओगे और इस बात को भी याद रखना कि यदि पैसों के पीछे भागते भागते तुमने रिश्तों

को पीछे छोड़ दिया तो सबसे बड़े कंगाल इंसान तुम ही बन जाओगे क्योंकि जीवन का यह

सत्य भी है और एक ऐसा राज भी है जो हर किसी को पता नहीं होता और जिसे पता होता

है वह इस संसार का सबसे धनी व्यक्ति होता है और वह कभी

भी अपने रिश्तों को नहीं बिगाड़ जीवन में वह पैसों का मूल नहीं समझता बल्कि उन

रिश्तों का मूल समझता है जो उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं वह कभी भी अपनों

के बारे में ना तो गलत बात कहता है ना ही अपनों के बारे में गलत बात सुनता है बल्कि

वह इस तरह का व्यवहार रखता है कि जीवन में सब उसका साथ देते हैं और वह सबका साथ देता

है मेरे बच्चे मैंने बातें तुम्हें समझा तो दी हैं लेकिन उनको हमेशा याद रखना और

आगे लेकर चलना तुम्हारा कार्य है यदि तुम जीवन में उन बातों को संजोकर रखोगे तो

तुम्हारी बहुत काम आएंगी और यदि तुम यूं ही लापरवाही करते रहे तो तुम जीवन में

बहुत कुछ गवा दोगे मेरा कार्य केवल तुम्हें समझाना है तुम्हें डराना नहीं

क्योंकि मैं तुमसे बहुत प्रेम करती हूं और तुम्हारा कभी भी बुरा नहीं देख सकती और ना

ही तुम्हारा कभी बुरा चाहती हूं मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं मेरा आशीर्वाद सदैव

तुम्हारे साथ रहेगा तुमहारा कल्याण हो जय हो माता रानी हर हर महादेव

मेरे बच्चे एक शक्ति शीघ्र ही तुम्हारे घर में प्रवेश करने वाली है और उस शक्ति के

द्वारा ही तुम्हारे जीवन में एक बहुत बड़ी खुशी तुम्हें प्राप्त होगी और वह कौन सी

शक्ति है जो तुम्हारे घर में प्रवेश करने वाली है और वह कौन सी खुशी है जो तुम्हें

उस शक्ति के द्वारा प्राप्त होगी मेरा यह प्रमाण तुम्हें इस बात से पूर्ण रूप से

अवगत कराएगा और तुम्हें विस्तार से बताएगा जिसे जानकर निश्चित ही तुम प्रसन्नता से

झूम उठोगे इसलिए मेरे बच्चे आज मेरे इस संदेश

को पूर्ण रूप से सुनना बीच में छोड़कर जाने की भूल मत करना क्योंकि यदि तुमने इस

संदेश को पूर्ण रूप से सुन लिया और समझ लिया तो तुम्हें यह ज्ञात हो जाएगा कि वह

शक्ति किस समय तुम्हारे घर में प्रवेश करेगी और किस रूप में आएगी

तभी तो तुम उसका अच्छे से स्वागत सत्कार कर पाओगे और उस शक्ति को प्रसन्न करने के

सभी उन कार्यों को तुम भली भाति जानोगे तभी तो उसे प्रसन्न करने के लिए उन

कार्यों को कर पाओगे क्योंकि मेरे बच्चे जब तक किसी किसी

भी बात के बारे में तुम्हें ज्ञात नहीं होगा तब तक तुम उस कार्य को कर भी सकते हो

और नहीं भी कर सकते लेकिन जैसे ही उस बात का पता चलता है कि तुम्हें उस कार्य को

करने से देवीय शक्ति प्रसन्न होती है तो तुम निश्चित ही उस कार्य को करोगे और उस

देवीय शक्ति को जो तुम्हारे घर में प्रवेश कर रही है उसे प्रसन्न कर

लो क्योंकि मेरे बच्चे संसार का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो देवीय शक्ति से

प्रेम ना करता हो रूप भले ही भिन्न हो लेकिन वह भिन्न भिन्न रूप में शक्तियां एक

ही है अगर कुछ अंतर है तो केवल तुम्हारे मानने का और विश्वास का कि तुम्हारा

विश्वास किस प्रतिमा में विद्यमान है लेकिन मेरे बच्चे यह ब्रह्मांड आज जिस

देवीय शक्ति के बारे में बता रहा है उस देवीय शक्ति के तुम्हारे घर में प्रवेश

करने का केवल एक कारण है क्योंकि वह देवीय शक्ति तुम्हारे जीवन में तुम्हारे जो भी

कार्य अधूरे हैं उनको पूर्ण करने के लिए तुम्हारे घर में उसका प्रवेश होगा और वह

होगा कल का दिन प्रातः काल आएंगे तुम्हारे घर में उनका आगमन होगा एक साधु के भेष में

जिसके बदन पर पीले कपड़े होंगे हाथ में एक छड़ी होगी और उसके मुख पर बहुत ज्यादा तेज

होगा तुम ध्यान रखना कि उसके माथे का टिका चंदन से लगा हुआ और पीले रंग का होगा यदि

वह व्यक्ति तुम्हें देखकर मुस्कुराए और तुमसे कुछ इच्छा जाहिर करें तो तुम उसे

देने से पीछे मत हटना लेकिन मेरे बच्चे एक बात का ध्यान

रखना कि वह तुम्हारी चौखट पर आए तो तुम अपने आप को सौभाग्यशाली समझना क्योंकि

उनके तुम्हारी चौखट पर आते ही तुम्हारे उसके स्वागत करते ही उसके साथ मां लक्ष्मी

तुम्हारे घर में प्रवेश कर जाएगी उसी समय जिस समय तुम उसे दान स्वरूप कुछ

दोगे लेकिन मेरे बच्चे एक बात का विशेष ध्यान रखना कि जब तुम उसी दान में कुछ दो

तो तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान होनी चाहिए तुम अपने हृदय के अंदर बिल्कुल यह आभास

करके देना कि वह साक्षात ईश्वर का रूप है वह तुम्हें वह लक्ष्मी प्रदान करने आए हैं

जिस लक्ष्मी के बिना तुम्हारा हर कार्य अधूरा है और किसी भी कार्य को करने के लिए

तुम्हें लक्ष्मी चाहिए ही चाहिए मेरे बच्चे इसके साथ ही तुम यह

ध्यान रखना कि अगले कुछ दिनों तक एक छोटी सी कन्या तुम्हारे घर में अवश्य आएगी तुम

ध्यान रखना कि उसके पैरों में बजने वाली पायल होगी और उसके चेहरे पर बहुत ज्यादा

मुस्कान होगी तुम्हें देखकर वह बहुत मुस्कुराए गी और तुम्हारे घर में खेलेगी

और तब तुम समझ लेना कि उस कन्या के तुम्हारे घर में प्रवेश करने पर साक्षात

लक्ष्मी ने तुम्हारे घर में प्रवेश भी किया है और तुम्हारी परेशानियां उसी दिन

से दूर हो जाएंगी और यह कार्य केवल कुछ दिनों में ही होगा लेकिन मेरे बच्चे बस तुम एक बात को

अच्छे से समझ लो और ध्यान में रखना कि जब भी वह कन्या तुम्हारे घर में प्रवेश करे

तो तुम उसे प्रसन्न करने के लिए जो वह मांगे वो दे देना अर्थात उसे कुछ खिला

पिलाकर उसका स्वागत सत्कार जरूर करना क्योंकि जैसे ही वह कन्या प्रसन्न होगी

वैसे ही मां लक्ष्मी तुमसे प्रसन्न हो जाएंगी और ब्रह्मांड की यह शक्ति तुम्हें

स्वयं वह शक्ति प्रदान करना प्रारंभ कर देगी जिसकी सहायता के द्वारा तुम्हारे

जीवन में केवल खुशी और खुशी ही होगी जो भी कार्य अभी तक नहीं बने थे

अधूरे पड़े हुए थे वह बनना प्रारंभ हो जाएंगे और ऐसे कार्य जो कई वर्षों से नहीं

हुए थे वह होना प्रारंभ हो जाएंगे क्योंकि मेरे बच्चे जब कन्या या

कोई भी साधु के रूप में तुम्हारे दरवाजे पर आए तो वह साक्षात ईश्वर का रूप होता है

क्योंकि घर के द्वार पर आने वाला व्यक्ति भगवान के के समान होता भी है और दिन यदि

ऐसा व्यक्ति तुम्हारे घर के सामने आता है तो तुम ध्यान रखो उसे कुछ देकर उसे उसका

सत्कार करो ना कि तुम उसको खाली हाथ भेजकर उसका निरादर करो जहां तक हो सके उसे भोजन

कराओ क्योंकि जैसे ही भोजन करके उसकी आत्मा तृप्त होगी वैसे ही भगवान तुमसे

अर्थात शक्ति तुमसे प्रसन्न हो जाएंगी और तुम खुद यह समझ लो कि जब

आप मां किसी की प्रसन्न हो जाती है तो वह परमात्मा में विलीन होना प्रारंभ कर देती

है अर्थात उसके अंदर पहले से ही ईश्वर का वास होता है और जैसे ही किसी की आत्मा को

प्रसन्न करने वाला तुम कार्य करते हो तो वह परमात्मा ही प्रसन्न हो जाते हैं

क्योंकि मेरे बच्चे यदि तुम्हारे दिए हुए अन्न को उसने ग्रहण किया और फिर वह

प्रसन्न हुआ और ईश्वर की शक्ति के साथ-साथ ब्रह्मांड की शक्ति भी इस कार्य को देख

निश्चित ही प्रसन्न होती है जैसे ही तुम किसी की सहायता करते हो या किसी के लिए

कुछ अच्छा कार्य करते हो तो ब्रह्मांड की शक्ति भी प्रसन्न होकर तुम्हारी ओर

आकर्षित होती है और ब्रह्मांड की शक्ति तुम्हें और भी ज्यादा ऊंचाइयों पर

पहुंचाने के लिए तुम्हें शक्तियां प्रदान करने लगती है क्योंकि मेरे बच्चे यदि तुम

किसी का स्वागत करते हो या किसी को कुछ खाने के लिए देते हो या किसी के लिए कोई

भी कार्य करते हो तो एक बात को हमेशा याद रखना कि किसी भी इंसान के साथ एक शक्ति

जरूर होती है कोई भी इंसान हो या जानवर हो वह अकेला नहीं होता उसके साथ कोई ना कोई

शक्ति अवश्य होती है जिस प्रकार से तुम्हारे अंदर शक्ति है ब्रह्मांड की हर

चीज में वह शक्ति विद्यमान है उसी प्रकार से किसी इंसान में किसी बच्चे में उसी के

अनुकूल शक्तियां पैदा होती हैं और साथ में होती हैं मेरे बच्चे जैसे कि एक छोटी कन्या के

अंदर ज्यादातर लक्ष्मी जी का वास होता है क्योंकि लक्ष्मी जी को कन्याएं बहुत

ज्यादा प्रिय है और वह ज्यादातर उनके साथ रहती है तो यदि छोटी सी कन्या तुम्हा घर

में आती है तो उसके साथ-साथ लक्ष्मी जी का भी आगमन होता है और ऐसे में यदि कन्या

तुमसे प्रसन्न होती है तो निश्चित ही लक्ष्मी जी भी तुमसे प्रसन्न हो जाती है

उस कन्या के साथ-साथ तुमसे अगर लक्ष्मी जी प्रसन्न होंगी तो निश्चित है कि वह

लक्ष्मी जी जब तुम्हारे घर में तुमसे प्रसन्न होकर तुम्हें एक

खुशी अवश्य प्रदान करेंगी क्योंकि वह प्रसन्न होकर खाली यूं ही नहीं जाएंगी

बल्कि तुम्हें एक खुशी प्रदान करेंगी और वह कौन सी खुशी है वह तुम्हें ब्रह्मांड

बताएगा मेरे बच्चे अचानक से तुम्हारे पुरखों से तुम्हें धन प्राप्त होगा या

तुम्हें कहीं ना कहीं से ऐसा जमा पैसा तुम्हारे हाथ में प्राप्त होगा जिससे कि

तुम अपने जीवन में जो भी अधूरी इच्छाएं हैं उनको पूर्ण कर सकते

हो क्योंकि मेरे बच्चे यह एक उपहार स्वरूप तुम्हें प्राप्त होगा यह तुम्हें अचानक से

प्राप्त होगा ब्रह्मांड की यह शक्ति तुम्हें प्राप्त कराएगी वह तुम्हें ऐसे ही

प्राप्त नहीं होगा बल्कि तुम्हारे कर्मों के अनुकूल ब्रह्मांड की वह शक्ति प्रसन्न

होकर तुम्हें उसका कुछ ना कुछ फल दे रही है जो तुम कर्म कर रहे हो जो आगे करोगे और

जो तुम्हारे घर में लक्ष्मी जी का अचानक से वास होगा उसके द्वारा तुम्हें एक

आशीर्वाद प्राप्त होगा और उस आशीर्वाद के फलीभूत तुम्हें यह धन प्राप्त

होगा लेकिन मेरे बच्चे इसके साथ-साथ तुम्हें एक कार्य करना है और वह कार्य यह

है कि जब तुम्हें वह धन प्राप्त हो जाएगा उसके पश्चात तुम उसमें से कुछ पूंजी उठा

कर के दान में लगा देना क्योंकि दान में दी हुई थोड़ी सी पूंजी भी तुम्हारे गुणों

को और तुम्हारी किस्मत के सितारों को चमकाने की ताकत रखती है क्योंकि मेरे

बच्चे जैसे जैसे तुम थोड़ा-थोड़ा दान करते चले जाओगे तुम्हें और ज्यादा धन अर्जित

होता जाएगा उसका असली कारण यह है कि जैसे ही ब्रह्मांड की शक्ति के समक्ष कोई भी

दान पुण्य किया जाता है उसका कई गुना होकर के वापस तुमको प्राप्त होता है ब्रह्मांड

की शक्ति तुम्हें वापस उससे ज्यादा देती है जितना तुम किसी को देते हो अर्थात किसी

के लिए कोई ऐसा कार्य करते हो तो ब्रह्मांड की शक्ति प्रसन्न होकर उसका फल

अवश्य प्राप्त कराती है लेकिन मेरे बच्चे इसके साथ-साथ हर व्यक्ति को एक बात का

विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि प्रकृति के नियम के विरुद्ध कोई भी व्यक्ति दूसरे

व्यक्ति की सहायता करने से कतरा आता है या उस व्यक्ति की तरफ हाथ नहीं बढ़ाता जिसे

सहायता की आवश्यकता होती है या दान पुण्य की तरफ हाथ नहीं बढ़ाता तो ब्रह्मांड की

शक्ति भी उससे हाथ खींचती चली जाती है फिर उसे जो प्राप्त होता है वह पूर्ण मेहनत का

प्राप्त होता है जो उसे कठिन परिश्रम करना पड़ता है लेकिन मेरे बच्चे भाग्य और

किस्मत तभी सितारों की तरह जगमगाते हैं जब व्यक्ति दान पुण्य करता है और घर आए हुए

व्यक्ति का अच्छे से स्वागत करता है उसको प्रसन्न करने वाला वह सभी कार्य करता है

जिससे कि घर पर आया हुआ व्यक्ति प्रसन्न रहता है तो तुमसे कोई भी व्यक्ति नाराज

होकर ना जाए तुम्हें इस बात विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है क्योंकि ब्रह्मांड की

शक्ति के अनुकूल यदि तुम रहोगे तो ब्रह्मांड की शक्ति भी तुम्हारे हर कार्य

में साथ देंगी और तुम्हारे विपरीत ना चलकर तुम्हारे अनुकूल रहेंगी तुम हरी हर तरह से

सहायता करेंगी क्योंकि मेरे बच्चे ब्रह्मांड की शक्तियां कब कैसे किस चीज को तुम्हारे

सामने ले आती हैं और कब किस तरह से परिवर्तन हो जाता है संसार में वह तुम्हें

पता भी नहीं चलता क्योंकि जब ब्रह्मांड परिवर्तन करता है तब अच्छे से अच्छे

व्यक्ति उसे झेल नहीं पाते क्योंकि सब कुछ विद्यमान है तो ब्रह्मांड में ही है और

तुम जीवन जीते हो तो वह ब्रह्मांड में ही जीवन को जीते हो इसलिए उसकी शक्ति के

विरुद्ध जाकर किसी कार्य को मत करना और ऐसा कोई कार्य मत करना जिससे कि ब्रह्मांड

की शक्ति तुमसे रूश हो जाए बल कि जितना ज्यादा ब्रह्मांड की शक्तियां

तुमसे प्रसन्न रहेंगी उतनी तुम्हारी सहायक रहेंगी मेरे बच्चे भले ही उनकी शक्तियां

तुम्हें दिखाई ना दे लेकिन वह तुम्हारी सहायता इस तरह से करेंगी कि तुम आंखों से

ना देखकर भी उसे अपने हृदय से महसूस कर सकते हो तुम ज्ञात कर सकते हो कि

ब्रह्मांड की शक्ति तुम्हारा साथ दे रही है तुम्हारे साथ-साथ चल रही है तुम अकेले

नहीं हो ब्रह्मांड की शक्ति तुम्हारे साथ है और जब भी ब्रह्मांड तुम्हारी परीक्षा

लेता है तो किसी ना किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे सहायता की आवश्यकता होती है उसे

तुम्हारे करीब अवश्य भेजता है मेरे बच्चे इस बात को तुम परखना और

देखना कि कभी-कभी अचानक से तुम्हारे करीब कोई व्यक्ति आता है और तुमसे सहायता

मांगता है तुमसे चाहता है कि तुम उसके सहायक बनो सहायता खाने पीने की हो सकती है

सहायता पैसों की हो सकती है और भी बहुत सारी चीजें ऐसी होती हैं जिनकी तुम्हें

सहायता करनी होती है और इसी बात से ब्रह्मांड तुम्हारी परीक्षा लेता

है लेकिन मेरे बच्चे यदि तुम उसके सहायक बनते हो तो ब्रह्मांड की वह शक्ति

तुम्हारी सहायक बनती है और तुमसे हमेशा प्रसन्न रहती है यदि तुम तुम ऐसे व्यक्ति

के सहायक बनने से इंकार कर देते हो और तुम अपने हाथों को पीछे खींच लेते हो अर्थात

उस व्यक्ति को सहायता करने से मना कर देते हो तो ब्रह्मांड की वह शक्ति तुम पर से भी

अपने हाथों को पीछे खींच लेती है और तुम्हारी सहायता करने से कहीं तक कतराती

है क्योंकि मेरे बच्चे जैसा जैसा तुम करते जाओगे वैसा वैसा तुम्हें प्राप्त होगा ब्र

का और प्रकृति का यही नियम है तुम जैसा बीज बोगे वैसा ही फल प्राप्त करोगे अर्थात

तुम दूसरों की सहायता करोगे तो ब्रह्मांड की शक्ति तुम्हारे लिए भी सहायता करने

हेतु किसी ना किसी को स्वयं तुम्हारे करीब भेजें और यदि तुम किसी की सहायता करने से

इंकार कर दोगे तो ब्रह्मांड की शक्ति भी तुम्हारी सहायता करने से इंकार कर

देंगी क्योंकि मेरे बच्चे ब्रह्मांड का यह चक्र जिस व्यक्ति को समझ में आ जाता है वह

व्यक्ति हमेशा दूसरों की सहायता करता है क्योंकि उसे यह ज्ञात है कि उसे भी सहायता

की आवश्यकता पड़ेगी ही पड़ेगी क्योंकि इस संसार में इस पूरे ब्रह्मांड में कोई भी

व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे सहायता की आवश्यकता ना पड़ती हो क्योंकि हर व्यक्ति

का कमजोर समय जरूर आता है और उस समय उसे सहायता की आवश्यकता होती

है क्योंकि मेरे बच्चे जब ब्रह्मांड हर इंसान की परीक्षा लेता है और ब्रह्मांड ही

ऐसे व्यक्ति के सामने उस समय को ले आता है जब उसे खुद भी दूसरों की सहायता प्राप्त

भी कराता है या उसे यह एहसास दिलाती है कि जिस तरह से तुम्हें सहायता की आवश्यकता है

यदि तुमने किसी की सहायता की होती तो तुम्हारी भी सहायता कोई ना कोई करता

क्योंकि ब्रह्मांड का और प्रकृति का यह चक्र भी उसी तरह है जिस तरह से रात्रि के

बाद सुबह सुबह के बाद मध्यम दिन और उसके बाद फिर रात्रि हो जाती है यह चक्र ऐसे ही

चलता रहता है इसी प्रकार से जीवन का भी वह चक्र है जिस चक्र को जो व्यक्ति समझ लेता

है वह जीवन में हमेशा आनंद का लाभ लेता है

मेरे बच्चे मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है मेरा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए

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रानी हर हर महादेव [संगीत]

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