इतने बड़े घोटाले को हज़म कर गई सरकार, सच आ गया सामने - instathreads

इतने बड़े घोटाले को हज़म कर गई सरकार, सच आ गया सामने

नमस्कार दोस्तों क्या नरेंद्र मोदी की
सरकार सिर्फ घोटालों की सरकार है या
नरेंद्र मोदी की सरकार सिर्फ सपना बेचने
वालों की सरकार है या नरेंद्र मोदी की

सरकार सिर्फ झूठ बोलने की
सरकार या नरेंद्र मोदी की
सरकार सिर्फ बर्बाद करने की
सरकार आज इन्हीं बातों पर आपके साथ चर्चा
कर और चर्चा करूंगा कि किस तरीके
से जिस राहुल गांधी

को नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी भक्त मंडली
या उनकी पार्टी चरण चुंबक
मीडिया एक तरह से इस तरह से प्रस्तुत करता
है कि जैसे उनको कोई समझ ही ना लेकिन वोह
जो बात कह देते वही सच साबित होती

और नरेंद्र मोदी सरकार वहीं आकर टिक जाती
है जहां पर राहुल गांधी ने
बोला तो चलिए आज इसी पर आपसे बात करते हैं
शुरुआत करता हूं एक बड़ी अच्छी बात कि
मेरे एक मित्र है एम्स में एचओडी है एक

डिपार्टमेंट के और उन्होंने एक बड़ी अच्छी
चीज मुझे जो है भेजी कि उन्हें एक कोई
व्यक्ति मिले कहीं पर और उनसे व बात कर
रहे थे तो उन्होंने पूछा तो उन्हो की क्या
कर रहे हैं कैसे हैं तो बताया कि मेरी

छोटी बेटी न्यूयॉर्क में है मेरा छोटा
बेटा शिकागो में है मेरा बड़ा बेटा और बह
टोरंटो में है और मेरा बेटी और
दामाद सेट लूट्स में है और न जाने क्या

क्या उन्होंने बताया कि कैसे कैसे बड़े
बेहतरीन खुश हो गए अरे वाह गजब उ कहा तब
तो बड़ी मस्ती भाई आपकी तो तो उन्होंने
कहा कि अच्छा और आप कहां रह रहे
हैं तो उन्होंने कहा मैं वृद्धा आश्रम में

रह रहा हूं उनका
वृद्धाश्रम कहे हां बच्चों के पास टाइम
नहीं है और कोई मदद नहीं है कि ऐसे मैं कर
सकूं जितना कुछ था उनकी पढ़ाई लिखाई और सब
में खर्च कर

दिया आपको यह उदाहरण बता रहा
हूं भारत जब आजाद हुआ
कुछ नहीं था हमारे पास भिखारी देश थे हम
रोटी खाने के लिए अनाज नहीं था हमारे पास

अमेरिका से सड़ा गेहूं आ जाता था उसी को
हम लोग किसी तरह खाते थे बहुत बड़ी आबादी
नहीं थी 34 करोड़ की आबादी थी लेकिन उस 34
करोड़ को भी खिला पाने की हैसियत नहीं थी
हिंदुस्तान के

पास ना बजट था ना कुछ था जो संसाधन जो बचे
थे सब कुछ थे वो सब अंग्रेज ले गए
थे खाली कंगाल देश मिला था ऐसे में पंडित
नेहरू को देश भी बनाना था देश के लोगों की

भूख भी मिटाने थी लोगों को काम भी देना था
अधिक से अधिक काम करने थे इस देश को कैसे
आगे ले जाया जाए उधर पाकिस्तान बार-बार
लड़ रहा था उधर और तमाम सारे
अंतरराष्ट्रीय खतरे थे ब्रिटेन उस समय

बड़ी शक्ति था और ब्रिटेन नहीं चाहता था
कि भारत आजाद हो तो वो अपनी तरह से तमाम
बाधाएं दे रहा था मजबूरी में उसने छोड़ तो
दिया था आजाद कर दिया था लेकिन वास्तव में

वह इस बात से दुखी था क्योंकि उसके यहां
का बहुत कुछ यहां पर डिपेंड था यहां की
खनिज संपदा और वह सब वो ले जाते थे यह
हालात थे पंडित नेहरू कैसे लड़े कैसे किया

कैसे सबने मिलकर त्याग किया और इस देश को
बनाया कि आज हमारे देश में बड़ी बड़ी
चीजें हैं बड़ी बड़ी मशीनरी और सब कुछ
इसके बाद बेटा कहता है जो उन्हीं के समय

में पैदा हुआ पंडित नेहरू के कार्यकाल में
पैदा हुआ वह बेटा कहता है अरे किया क्या
है 70 साल में हुआ
क्या जो कर रहा हूं मैं कर रहा हूं देखो
बच्चा कहता

है किया क्या है 70 साल में हुआ क्या है
और उदाहरण देख लीजिए कहता है हमने देखिए
क्या बना
दिया कितने एम्स बना दिए हमने कोई पूछता

है कि कौन सा कहा देखिए बीएचयू एम्स मैंने
क बीएचयू में तो पहले वही मेडिकल कॉलेज था
नाम बदल गया
हैरे बनाया कि नहीं भाई बना दिया इसी बाद
में रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज हुआ करते

थे और उसे एमएनआर कहते थे
या और कोई चीज कहते थे अपने तो उसी तरीके
से रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज को जो एनआईटी
नाम दिया गया और एनआईटी देने के बाद में

उनका एनआईटी बना दिए इतने एनआईटी बना दिए
मैं अच्छा भाई उसके बाद में क आईआईटी बना
दिए बीएचयू में ही आईटी था उसे आईआईटी कह
दिया बस हो गया इसी तरह रोड़की में था उसे

आईआईटी कह दिया वो हो गया ऐसे ही तमाम
सारे मेडिकल कालेज तमाम सारी चीज तो आप
समझ सकते हैं क्या
बनाया तो कहां कहा बना दिया इतने स्मार्ट

सिटी बना दिए अब पूछो कौन सा स्मार्ट सिटी
बनाया है उसका नाम नहीं पता है लेकिन सारे
इतने बना दिए क्योंकि जो पुराने बने हुए
थे उन्हीं को स्मार्ट कह
दिया साहब समझ लीजिए आप छोड़िए

इसको फिर किया क्या हमारे
बुजुर्ग कुछ ज्यादा जानते थे बोल लेते
थे तो कहा कि इनको तो क्या करना इनको कोई
सुविधा की जरूरत नहीं तो उनको जो रेल में
और दूसरी जगह कंसेशन मिलते थे वह सब खत्म
कर दिए जरूरत नहीं है इसी तरीके से तमाम

सारे लोग जो सच बोलने के कारण या विभिन्न
कारणों से उन्हें तमाम जगह रियायत मिलती
थी वह खत्म कर
दी यानी अच्छा काम करने की जो रियायत
मिलती थी वह नहीं मिले अब आप सरकार का

सिर्फ गुणगान कीजिए तो आपको कुछ फायदे मिल
जाएंगे शायद वो भी कितना मिलेंगे पता नहीं
तो यह नरेंद्र मोदी सरकार है तो फिर
नरेंद्र मोदी सरकार ने

किया आपको याद होगा राहुल गांधी हर बात पर
बोलते रहे चाहे देश की अर्थव्यवस्था हो
चाहे देश के किसानों की बात हो या
चाहे कोई और चीज बात कुछ मैं गिना देता

हूं कि जिस तरीके से राहुल गांधी लगातार
कहते रहे हैं उन्हीं में से कुछ चीजें हैं
कि जो उन्होंने बारबार कहीं और लोग उसको
नहीं समझते हैं राहुल गांधी ने कहा कि
कार्पोरेट को जिस तरीके से आनी अंबानी

जैसे मित्र जो है नरेंद्र मोदी का मित्र
काल उसमें लूट हो रही
है साहब चुप पीस आ दे उन्होंने
कहा एग्रीकल्चर सेक्टर में बेहद काम की
जरूरत है लेकिन नरेंद्र मोदी किसानों को

बर्बाद कर देना चाहते उस पर चुपी साथ
उन्होंने कोरोना के लिए कहा कि कोरोना
दुनिया में बढ़ है हिंदुस्तान में भी संकट
पैदा करेगा इसलिए सरकार को तुरंत सजग हो

जाना चाहिए पूरे देश भर के भाजपाई उन्हीं
को कोरोना कहने लग नतीजा क्या हुआ य देश
मरने प चला गया 60 लाख लोग मरे थोड़े बहुत
लोग नहीं हिंदुस्तान के अंदर 60 लाख लोग

मरे और यह मैं नहीं कहता यह पूरी रिपोर्ट
कह और उसके बाद में आता है कि सरकार डाटा
छिपाने पर जोर देती रही उन्हें बचाने पर
नहीं कहीं कोई ऑक्सीजन की कमी से मरा कहीं
किसी उससे मरा कहीं अस्पताल नहीं मिला

कहीं कुछ नहीं मिला और सरकार ने क्या किया
सरकार ने घोटाला
किया सरकार ने
7 हजार सवा हजार करोड़ रुपया कर्ज ले लिया
विदेशी बैंकों से यह कह के कि हमें मुफ्त

में वैक्सीन बाटनी है
सब अब आप समझिए
और फिर उसने क्या किया लागत से बहुत महंगी
दर में वैक्सीन
खरीदी और उसके बाद हम सबको कर दिया और

हमें आपको कह रहे हैं कि मुफ्त में बांट
दिया अरे साहब वो जो आपने 7 हज करोड़
रुपया कर्ज लिया इस नाम पर उसका ब्याज कौन
भर रहा
है उसका जो किस्ते कौन भर रहा है वह

हिंदुस्तान में हम सब भर रहे हैं यानी 140
करोड़ लोग जिन्होंने चाहे वैक्सीन लगवाई
हो या ना लगवाई हो वो
इसका ब्याज
भर तो यह स्थिति कर दी इसके

बाद चीन के बारे में राहुल गांधी ने कहा
था कि चीन किस तरह से भारत में घुसता आ
रहा है जिस तरह की स्थितियां और सब कुछ है
यह खतरनाक है इसको बचाने के लिए काम करना
चाहिए इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

होनी चाहिए और अपने उसको बचाने की
जरूरत लेकिन सरकार हमारी तो सुनने को नहीं
तैयार है हजारों किलोमीटर जमीन उसने कब्जा
करवा दी चीन और इसी नाम पर उसने कहा कि

साहब हम राफेल खरीद रहे हैं चीन डर गया और
ना जाने क्याक आपको चरण चुंबक मीडिया में
सुनने को मिला होगा जो राफेल कांग्रेस
पार्टी

526 करोड़ का खरीद रही थी उसे 1670 करोड़
रुपए का नरेंद्र मोदी सरकार ने खरीदा
कांग्रेस सरकार उस समय जो 126 राफेल का
सौदा कर रही थी उसमें 108 भारत के एचएल

में ही बनने थे उसको मिलना था यानी भारत
को ही रोजगार भी मिलना था मुनाफा भी मिलना
था तो और उसमें जो शर्त थी कि टेक्नोलॉजी
वो हमें दे देगा भारत ने जो नरेंद्र मोदी

सरकार में खरीदे गए 36 उनमें साब कोई भी
टेक्नोलॉजी हमें ट्रांसफर नहीं करेंगे तो
यह आप समझ
लीजिए इसके बाद में राहुल गांधी ने कहा था
कि इस देश में नोटबंदी सबसे बड़ा करप्शन

है कोई नहीं मानने को तैयार अरे काले धन
पर हमला इस पर हमला उस पर हमला और साहब
बताता
है सरकार बताती है नरेंद्र मोदी सरकार
कि 2014 में जो ब्लैक मनी की बात कही जाती

थी कि विदेशी बैंकों में जमा ब्लैक मनी सब
नहीं होती तो उसके मुकाबले इस समय चार
गुना
अधिक जो है वह पैसा स्विस बैंक में जमा है

चार गुना अधिक आप इससे समझ सकते हैं इसके
बाद में हुआ यह जो नोटबंदी की गई आरबीआई
ने कहा वह 99 प समथिंग परसेंट रुपया वापस
आ गया यानी कोई काला धन था ही नहीं तो
इतने लोग जो ला में खड़े सवा स से अधिक

लोग मर गए तमाम सारे लोग वैसे मर गए कोई
इलाज के अभाव में कोई और अभाव में मर गया
और जो स्थिति हुई देश में दोबारा नोट
छापने और सब व्यवस्थाएं करने का जो खर्चा

हुआ सब बर्बादी हुई किसके जाएगा और ये
पैसा किसका ब्लैक से वाइट हो गया इसका
मतलब है देश के अंदर कोई ब्लैक मनी थी ही
नहीं बड़ा गजब हो गया तो यह स्थिति है तो

इससे बड़ा कोई घोटाला नहीं है क्योंकि 155
लाख करोड़ करो रुपए का चेंज हुआ था उस आप
समझिए इसके बाद में गलत जीएसटी के मामले
में राहुल गांधी ने कहा थाय जीएसटी जो
लाया जा रहा है वह देश के लिए बहुत खतरनाक

होगा और किस तरीके से इस देश के तमाम
उद्योग धंधों को प्रभावित कर देगा आज किसी
भी धंधे वाले से पूछ लीजिए उसका कारोबार
वो बताएगा रोना रोएगा भले ही वो भाजपा को

वोट देता इस चीज को लेकर के वो रोना रोएगा
तो आप ये समझिए और हालत ये हो गई सरकार
अपना बैलेंस बनाने के लिए जिन चीजों प कभी
भी अनाज पे किसान पर कभी भी जीएसटी नहीं
लगता था उन पर जीएसटी लगाया जाने लगा कहीं

12 पर कहीं 16 18 पर कहीं कितना परसेंट तो
ये स्थिति है किसानों के तमाम प्रोडक्ट पे
और किसानी के लिए यूज होने वाले
प्रोडक्ट्स पर हिंदुस्तान के इतिहास में
पहली बार टैक्स लगा दिया गया तो किसानों

के के साथ ये किया गया क्यों किसानों के
साथ किया गया क्योंकि अडानी अंबानी को लाभ
देना इस देश में एग्रीकल्चर सेक्टर का जो
निर्यात है वह करीब 4 लाख करोड़ रुपए का

और 4 लाख करोड़ रुपए पर निगाह है सीधे सधे
कि उनके गोदामों में अनाज जाएगा और वह यह
पैसा
कमाए आप याद करिए हिंदुस्तान के इतिहास
में जब भारत की जीडीपी माइनस 24 पर पहुंच

गई थी तब भी किसानों के कारण हम सिर्फ एक
सेक्टर में 35 पर प्लस में थे वह था
एग्रीकल्चर सेक् तो समझ में आ उस
समय जब कोविड में सरकार तक की जीडीपी
नेगेटिव चली गई तब सिर्फ इस देश के चंद

पूंजीपतियों जो मोदी के मित्र है उनकी
संपत्ति डबल से चार गुना हो अब आप समझिए
जब आप बर्बाद हो रहे थे वह 10 द 15 प हजार
करोड़ रुपए कमा रहे थे तो यह स्थिति एकज
करोड़ रुपए से अधिक अमबानी कमा रहे थे और

डेज करोड़ रुपए पर डे से अधिक अदानी कमा
रहे थे चलिए छोड़िए इसके बाद
आइए कि नमामी गंगे एक प्रोजेक्ट लेकर आए
थे और उसमें भी कहा गया था कि गंगा की
सफाई के नाम पर किस तरह घोटाला टोटल उसम 5
हज करोड़ रुपए का पूरा हेरफेर हो गया गंगा

में कहां बह गया गंगा कहां साफ हो गई
आज जिस ऋषि केश में गंगा साफ भी होती थी
आज उस ऋषि केस में भी गंगा गंदी हो गई
छोड़िए आप बनारस की बात छोड़िए और जगह की
बनारस का सच जानना है तो वही घाट पर रहते

हैं संकट मोचन के महंत जी उनसे जाकर पूछ
लीजिए आईआईटी के प्रोफेसर है साइंस के
व्यक्ति है सब कुछ दिखा देंगे बता
देंगे तो यह स्थिति जाके देख
ली तो इस तरह की स्थिति है 5 हजार करोड़
रुपया किस गंगा में चला गया आपको पता नहीं

चलेगा और उसका भी ठेका अपने चहते पूंजीपति
मित्रों को दे दिया कि उसके ट्रीटमेंट
प्लांट के नाम प यह स्थिति है और
साहब इसके बाद में राहुल गांधी ने कहा था
जो इलेक्शन बंड है यह असलियत में कानूनी

तरीके का भ्रष्टाचार है कमीशन खोली है
रिश्वत
खोली और यह बात उन्होंने तब कही
थी तब लोगों ने उन्हें घेरा आज सुप्रीम
कोर्ट ने कह दिया कि वह अवैध है और

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरीके से
उसका इस्तेमाल हुआ है जो कुछ हुआ है आप
सोचिए तमाम पार्टियों को जितना मिलता है
उससे 10 गुना ज्यादा सिर्फ नरेंद्र मोदी

की सरकार यानी 100 में 0 रप नरेंद्र मोदी
को भाजपा को मिलता है और 20 पर में सारे
दल हो
जाते आप समझ लीजिए तो यह स्थिति है
इलेक्शन बंड की जिसे पूरी तरह अवैध घोषित

किया कहा इसकी सूचना आपको देनी पड़ेगी
इसको यह बताना पड़ेगा कि पारदर्शिता तो आज
सुप्रीम कोर्ट का य जजमेंट कांग्रेस लाई
गई उसी आरटीआई एक्ट की धारा के कारण सही

हो सका सामने आ सका नहीं तो शायद वो भी
नहीं आता चलिए इसके अलावा आप देखते हैं
पीएमओ की तमाम कार्रवाइयों आपको छिपाई
जाती है आरटीआई एक्ट से बाहर कर दिया गया

है इसी तरीके से जो पीएम केयर फंड बनाया
गया नरेंद्र मोदी ने बनाया कोविड के दौरान
उसको भी आरटीआई के दायरे से बाहर क्योंकि
कह दिया वो तो प्राइवेट है जबकि वो सरकारी
दफ्तर में सरकारी बिल्डिंग में सरकारी लोग

चला रहे हैं
और सरकारी कह के लिया गया उसका डोमेन भी
सरकारी है गवर्नमेंट
वा और उसके बाद यह स्थिति कैसे मिल सकता
है गवर्नमेंट िन साहब अंधेर गर्दी चौपट
राजा तो यह हो रहा इसके बाद आप देखिए

आयुष्मान घोटाला एक एक फोन नंबर पर न 10
हजार लोगों के वो रजिस्टर है उन परे उनको
पेमेंट हो रहे है और सब कुछ हो रहा है समस
क्या खेल इसके बाद में जो भारत माला

प्रोजेक्ट उसके तहत जो बन रही सड़क एन आई
का घोटाला उसको आप देखिए किस तरह जैसे
सोने की सड़क बना रहे हो ऐसे उसमें घोटाला
हुआ द्वारका एक्सप्रेसवे का और सब य कैक

नहीं खोला मैं नहीं बता रहा हूं य सब
सरकारी जहां पर आया इसके बाद आप देखिए जिस
तरीके से म एक नहीं है इतने घोटाले कि मैं
कितने घोटाले गिन नरेंद्र मोदी की सरकार
पूरी तरह घोटालों में रही और आज सुप्रीम
कोर्ट के इस जजमेंट के बाद में और यह चीज

साफ हो क्योंकि राहुल गांधी जो कहते थे
उन्होंने कहा था बेरोजगारी को लेकर और
बेरोजगारी को लेकर उन्होंने जब कहा तो
उनको घेरा जाता था और स्थिति यह है कि
उसको लेकर के मुझे आज भी याद है मैं आपको

दिखाता हूं मैंने राहुल गांधी का एक
इंटरव्यू किया
था 23 सितंबर 2008 को 23 सितंबर 2008 को
वह अमृतसर आए थे और यह आप देखेंगे यह

राहुल
गांधी और उस समय मैंने उनका इंटरव्यू किया
था यह अमर उदाला अखबार में मैं
था और उस दौरान जब इंटरव्यू किया था
उन्होंने तब भी किसानों की बात उठाई थी

उन्होंने लिखा था
कहा शादी नहीं देश की प्राथमिकताओं पर खरा
उतरना और किसानों को लेकर और सारी बातों
को लेकर के उन्होंने साफसाफ कहा था खेती
किसानी के लिए उन्होंने पूरी बात की थी आज

भी वह चीज कायम है और आज हमारे देश का
किसान लड़ रहा है किसान लड़ रहा है क्यों
क्योंकि किसान की उपज से तमाम लोग कमा रहे
हैं मैंने एक
आर्टिकल 2018 में लिखा था राहुल गांधी ने
तमाम सारे तथ्य बताए थे मिलने के बाद में

उससे पता चला था और आज वो चीज देख रहा हूं
उन्होंने कहा था किसानों के आधार को मजबूत
करे सरकार मैंने लिखा था एक और चीज लिखी
थी कि शेयर बाजार की समृद्ध अर्थव्यवस्था
का संकेत नहीं यह आर्टिकल भी मैंने 2018

जुलाई में लिखा था इसके बाद में कहीं
राष्ट्रीय शर्म ना बन जाए बेरोजगारी यह
बात भी राहुल गांधी ने कही थी और मैंने इस
पर आर्टिकल लिखा था और यह आप देखिए आज यह
चीज साबित हो रही है इसके बाद में घने

अंधेरे में जाता जो देश के बच्चों का
भविष्य और य इसको लेकर मैंने लिखा था आप
यह देखिए इसके बाद में जिस तरीके से मैंने
संवैधानिक संस्थाओं के जो वो हो रहा था
उसको लेकर के लिखा था इसके बाद में आपको
दिखाए कि भ्रष्ट आचरण को न्यायोचित मत

ठहराए इसको लेकर के मैंने लिखा था और इसके
बाद में आदिवासियों की जमीन हड़पी जा रही
थी तो मैं मैंने सुप्रीम कोर्ट पर कमेंट
किया था और तब मैंने लिखा था कि भगवान मत
बनिए मिस्टर सुप्रीम कोर्ट न्याय कीजिए आप

सोचिए और सब में मैं बहुत ईमानदारी से
कहता हूं यह सारे मुद्दे मुझे राहुल गांधी
से मिले वो तब भी इस चीज प इसलिए मैं
राहुल गांधी की बात करता हूं कि उस आदमी

की सोच अप्रोच और जो समझ है वो इस लेवल की
है कि हमारे देश के अंदर मैंने किसी आज तक
लीडर को नहीं देखा मैं बहुत तो नहीं अटल
बिहारी वाजपेई के समय से मैं पत्रकारिता

कर रहा हूं और अटल जी से भी मैं सोचता था
प्रभावित था लेकिन आज कह सकता हूं
नरेंद्र मोदी मेरे मित्र रहे हैं और जब वो
चंडीगढ़ में संगठन मंत्री होते थे उन
दिनों से कोई नहीं पूछता था उन्हें तब

मेरे पास बैठते थे और इसी तरीके से तमाम
सारे लोगों से मैं मि एक मनमोहन सिंह को
मैंने देखा और एक राहुल गांधी को देखा
दूसरा मुझे उतना काबिल कोई व्यक्ति मिला

नहीं आज तक तो यह स्थिति इसीलिए जो राहुल
गांधी कहते हैं वह सही साबित होता है और
आज फिर साबित हुआ है
और अब वो बार-बार कह रहे हैं कि किसानों
को बचा लो यदि किसान बचेगा तब देश बचेगा
वो देश की लड़ाई लड़ रहा है असल में किसान

किसान और जवान बचना बेहद जरूरी है इसीलिए
शायद जय जवान जय किसान का नारा दिया
गया क्योंकि देश तभी है और शांति तभी आएगी
व्यवस्थाएं तभी बनेगी इसलिए सोचिए आप भी
एक स्वच्छ राजनीति के लिए एक अच्छा मजबूत
और ऐसा लीडर होना चाहिए जो निरंकुश ना हो

लोकतंत्र प यकीन रखता हो और जनता के दर्द
को समस्याओं को समझता हो तो यह बात हमें
आपको समझनी होगी
जय

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