इस्तीफा देंगे मोदी, काले धन के कारोबार में फंस गए, दुनिया के सबसे भ्रष्टतम नेता हैं - instathreads

इस्तीफा देंगे मोदी, काले धन के कारोबार में फंस गए, दुनिया के सबसे भ्रष्टतम नेता हैं

नमस्कार मैं  एक बार फिर आप
लोगों के
बीच आज के सबसे ज्वलंत मुद्दे को लेकर के
दोस्तों बात इलेक्टोरल बांड की है माने
बात ब्लैक मनी की
है
जो नरेंद्र मोदी

का सबसे
बड़ा विश्व का सबसे से बड़ा घोटाला साबित
हुआ है और यह भी तय हो गया है कि नरेंद्र
मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा नरेंद्र मोदी
इस्तीफा
देंगे

क्योंकि ब्लैक मनी का मुद्दा काले धन का
मुद्दा नरेंद्र मोदी के चारों तरफ
से एक घेरे बंदी कर चुका है दोस्तों आज
सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला
दिया इलेक्टोरल बांड को बंद करने का बैन
करने का

ठीक और यह भी कहा कि अब तक जितने भी
इलेक्टोरल
बंड इशू हुए हैं एसबीआई के जरिए या दूसरे
बैंको जहां से भी इशू होते
हैं उनकी सारी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को
देनी

होगी इसलिए अब नरेंद्र मोदी के साथ सामने
इस्तीफा देने के अलावा कोई रास्ता नहीं
बचा
है लेकिन ऐसा मत समझिए कि नरेंद्र मोदी
इतने जल्दी हार मान जाएंगे और यह भी मत
समझिए कि नरेंद्र मोदी इस्तीफा दे देंगे

दोनों बातें अपनी जगह सच है नरेंद्र मोदी
को इस्तीफा देना पड़ेगा नरेंद्र मोदी को
जाना पड़ेगा इस्तीफा दे या ना दें नरेंद्र
मोदी को जाना पड़ेगा यह सारी बातें तय हैं

मात्र उनका दो-तीन महीने का करियर रह गया
है राजनीति में उसके बाद का करियर कहां
खत्म होगा वो तो वक्त बताएगा
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह तो
साबित हो

गया कि नरेंद्र मोदी का पूरा अस्तित्व
नरेंद्र मोदी की पूरी राजनीति नरेंद्र
मोदी का पूरा वर्चस्व नरेंद्र
मोदी ऊपर से लेकर नीचे यानी सर से पांव तक
काले धन पर ही टिका हुआ है काले धन में ही

डूबे हुए हैं नरेंद्र मोदी अब यह साबित हो
चुका है आप कहेंगे इलेक्टोरल बंड और ब्लैक
मनी का क्या संबंध है मेरे दोस्त बहुत
बड़ा संबंध
है उस पर बात करते हैं बात क्या है इसे

आपको समझने के लिए यह समझना पड़ेगा कि
इलेक्ट्रोल
बंड नरेंद्र मोदी लाय क्यों थे अक्सर
नरेंद्र मोदी ऐसा ही करते हैं कि दिखाने
के लिए जो दात दिखाते हैं वो अलग हो होता
है और खाने का जो दांत होता है वो अलग

होता है या यूं कह सकते हैं
कि आदमी के सामने आम आदमी के सामने जो
प्रस्तुत करते हैं वो अलग होता है और जो
करते हैं वो अंदर से वो अलग होता है दोनों
का फर्क है दोनों का फर्क एक और अभी जो चल
रही है घटना उसी से जिक्र कर दूं फिर आगे

बढ़ता हूं मेरे दोस्त आज किसान सड़क पर
हैं और नरेंद्र मोदी सुनने के लिए तैयार
नहीं है वो शश कर रहे हैं ठीक है क्या
नरेंद्र मोदी ने
कहा कि असीमित भंडारण की क्षमता देंगे तो

किसान भी जितना चाहे अनाज अपने पास रख
सकते हैं यह दिखाने के लिए था लेकिन खाने
के लिए क्या था मतलब अंदर की बात क्या थी
अंदर की बात यह थी कि अडानी असीमित भंडारण
करें और देश को

लूटे
दूसरा नरेंद्र मोदी यह कह रहे थे कि किसान
अपना अनाज जहां चाहे ले जाकर के बेच सकते
हैं ऑनलाइन भी ऑफलाइन भी अगर दिल्ली के
किसान है तो मुंबई में अनाज बेचेंगे और

मुंबई के हैं तो दिल्ली में बेचेंगे यानी
यह सामने से दिखाने के लिए था लेकिन अंदर
का क्या था अंदर का यह था कि अडानी जहां
से चाहे वहां से अनाज खरीदे और उस अनाज को
अब उस अनाज का भंडारण करें ठीक है अब समझ
गए

ना जिस भंडारण के कारण आज भी महंगाई का एक
मात्र कारण अगर होता है तो भंडारण है यानी
जमाखोरी उसका लाइसेंस नरेंद्र मोदी दे रहे
थे अंदर से और दिखा रहे थे कि किसान

भंडारण करेंगे ठीक है किसान कहीं भी
बेचेंगे लेकिन असल यह था कि अडानी कहीं भी
खरीदेंगे क्योंकि वो हर जगह अपना गोडाउन
बना चुके थे साइल बना चुके थे बड़े बड़े

लाखों लाख करोड़ करोड़ टन के यह था यह
होता है नरेंद्र मोदी का दूसरा सामने से
दिखा करके तीसरा जो पॉइंट उस समय कहा था
किसान बिल में की क्योंकि यह उदाहरण इसलिए
दे रहा हूं मेरे दोस्त क्योंकि यही चल रहा
है इस समय किसान सड़क पर है गोली खा रहे

हैं आंसू गैस के गोले झेल रहे हैं
किसान इस समय लाठी खा रहे हैं बेइज्जत हो
रहे बदनाम हो रहे हैं और सब कुछ नरेंद्र
मोदी कर रहे हैं लेकिन उनकी बात नहीं मान
रहे इसलिए तीसरी बात सामने से दिखाने के

लिए था कि व्यापारी आएंगे और कांट्रैक्ट
फर्मिंग करेंगे किसानों से कांट्रैक्ट ले
लेंगे कांट्रेक्ट कर लेंगे वह जो खेतों
में पैदा करेंगे उन्हें बीज भी देंगे पानी

भी देंगे बिजली भी देंगे पैसा भी देंगे
सपोर्ट भी देंगे और जब उनके खेतों में
पैदा होगा
तो वो प देने वाले यानी कांट्रेक्ट फार्मर
को दे

देंगे अनाज अपना पूरा उनको देंगे इससे
उनको फायदा
होगा लेकिन पीछे का सज क्या था कि ना तो
किसानों को अनाज दिया जाएगा बीज दिया
जाएगा ना खाद दिया जाएगा ना पानी दिया

जाएगा और ना संयंत्र दिया जाएगा अना किसान
किसी भी कीमत पर खेती कर नहीं पाएंगे और
वो अपनी जमीन अडानी को बेच देंगे और अडानी
उस फार्मिंग करेंगे जो किसान मालिक थे उन
जमीनों का वो और उनके आने आगे आने वाली

पीढ़ी उस खेत में मजदूरी करेगी यह पीछे का
सच था इतने ही खतरनाक नरेंद्र मोदी है अब
आते हैं कालेधन
पर इलेक्टोरल बांड का रिश्ता कालेधन से

क्या है अगर आप आप सोशल मीडिया में देख
रहे होंगे आज बाढ़ आई हुई है इस बात पर
करने के लिए लेकिन कोई यह नहीं बताएगा जिस
तरह जिस बात जो बात मैं बता रहा हूं मेरे
दोस्त इलेक्टोरल

बांड का रिश्ता काले धन से क्या है अब
दिखाने के लिए तो यह है कि कोई भी
इलेक्टोरल बॉन्ड बैंक से खरीदेगा और किसी
भी पार्टी को दे सकता है ये उसकी अपनी
स्वक्षा पर निर्भर है ठीक है वो इलेक्टोरल
बांड खरीदेगा और किसी भी पार्टी को देगा

अब सवाल ये है कि
जो उद्योगपति पूंजीपति जीएसटी वसूले
का वह जीएसटी सरकार को ना दे करके
एडजस्टमेंट करके उस जीएसटी के जीएसटी के
पैसे को बंड के रूप में देगा चलिए एक

व्यापारी इलेक्टोरल बंड देना चाहता है ठीक
है तो कौन सा पैसा देगा जो उनका नेट
प्रॉफिट ऑफ इनकम है व उसम से देगा जो
टैक्स पे करके उसके पास बचा है या जीएसटी
जो वसू लेगा उसमें से देगा या जो पैसा

देगा उसे अपने खर्चे में तो दिखाएगा ही
दिखाएगा अब एक व्यापारी कहां से पैसा लाकर
के इलेक्टोरल बांड बनवाए अपने बिजनेस से
तो बिजनेस में वो पैसा होगा जो टैक्स के

द्वारा वसूला गया होगा या जो आय कमाई गई
होगी वो तो डायरेक्टली सरकार को मिलनी थी
नरेंद्र मोदी का यह फंडा था कि इलेक्टोरल
बंड लेगा एक व्यापारी और वह पार्टियों को

किसी भी पार्टी को दे सकता है यह दिखाने
के लिए था सामने से य यह विजुअल है आपके
सामने जो रखा और यह बताया कि अब इससे
पारदर्शिता आ जाएगी जो व्यापारी जो चाहेगा

जिसको देना चाहेगा तो व इलेक्टोरल बंड
खरीदेगा बैंक से ऑफिशियल और ले जाकर के
देगा हा उसकी बात किसी को बताई नहीं जाएगी
कि वो कहां से पैसा लाया

और खरीदते समय भी उसे देने की जरूरत नहीं
व कहां से पैसा लाकर दे रहा है और जिसको
देगा वह भी बताने की जरूरत नहीं है यह
गोपनीय रहेगा यह देश के हित में होगा यह

नरेंद्र मोदी का वर्जन था सामने से बैक
डोर से क्या वर्जन था वही डेंजरस काम और
यही मतलब इलेक्टोरल बंड जो जितने भी बंड
बने हैं
99.9
पर टोटल ब्लैक मनी के द्वारा बनाए गए
हैं

जितने इलेक्टोरल
बंड एसबीआई से लेकर के या दूसरे बैंकों से
लेकर के पार्टियों को दिए गए हैं 80 पर से
ज्यादा तो बीजेपी को दिए गए हैं थोड़ा
बहुत कुछ दूसरी पार्टियों को दिए गए हैं

जो भी इलेक्टोरल बंड दिए गए हैं उसमें 80
पर 99.9 पर ब्लैक मनी का प्रयोग किया गया
है आम पैसा जो रोटेशन में है उसमें से
बहुत कम पैसा इलेक्टोरल बंड के रूप में

लेकर के दिया गया है अब ब्लैक मनी का
प्रयोग किया गया
है पार्टियों को देने के लिए अब उसको
बताने की जरूरत नहीं

है ब्लैक मनी का प्रयोग
करके जो व्यापारी जो भी आदमी है जो देना
चाहता है वह बंड लेकर के दे दिया बैंक
उससे कुछ पूछा नहीं तुमने यह पैसा कहां से

लाए इधर जिसको मिला वो नहीं पूछा कि भाई
तुम ये पैसा मुझे क्यों दे रहे हो या इस
पैसे को हम हमको कहां से आया कितना आया यह
भी हमें बताने की जरूरत नहीं है ठीक है ये
था एक्चुअली जो सामने से दिख रहा है लेकिन

सच इसके भी पीछे एक बहुत खतरनाक सच छुपा
है जो नरेंद्र मोदी का सच है और जो
नरेंद्र मोदी ने किया है नरेंद्र मोदी ने
क्या किया और इसीलिए लाए थे इलेक्टोरल बंड
क्यों लाए थे अब वो मैं बताने जा रहा हूं
मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री

बने पहले तो 15 20 लाख यही सबको मिल जाएगा
एक एक पाई मैं लेकर आऊंगा और सारे डायलॉग
सारे जुमलेबाजी नरेंद्र मोदी ने की थी जब
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए उनके पास

जब फाइल आई तो उसमें नरेंद्र मोदी ने देखा
कि इसमें तो 80 पर हमारे ही भाइयों का है
यानी गुजराती भाइयों का है कुछ गुजराती

चोर भाइयों का पैसा ब्लैक मनी के रूप में
विदेशों में जमा है नरेंद्र मोदी ने क्या
किया ठीक है कोई बात नहीं अब इनका नाम अगर

जाएगा सारे के सारे जेल चले जाएंगे यही
वादा था नरेंद्र मोदी का अगर ये ब्लैक मनी
हम इनसे वसूलते हैं लेकर आते हैं तो देश
विकास कर जाएगा देश उन्नत करेगा सरकार के
पास पैसा आएगा लेकिन मुझे क्या फायदा होगा
नरेंद्र मोदी ने सोचा तो जब एक बड़ा

अमाउंट 300 400 लाख करोड़ जो पहले बताते
थे लोगों को मैं वही बोल रहा हूं हो सकता
है कम हो या ज्यादा लेकिन नरेंद्र मोदी ही
लोगों को बताते थे इतने पैसे हैं 15 20
लाख तो यूंही हर आदमी को मिल जाएगा तो वो

सारे अनुमान अगर लगाओगे गुणा गणित करोगे
तो वही आएगा तो जो पैसा जब देखा 300 400
लाख करोड़ ब्लैक मनी है तो नरेंद्र मोदी
ने जैसे ही प्रधानमंत्री बने उनके पास आया
दूसरे दिन ही

उन्होंने एसआईटी गठित कर दी अंडरग्राउंड
कर दिया एसआईटी गठित कर दी सुप्रीम कोर्ट
को बंद लिफाफा दे दिया कि हम बताएंगे नहीं
तीन नाम बताए थे तीनों गुजराती थे और बहुत
बवाल हुआ पूरे देश में उन नामों को दबाने

में नरेंद्र मोदी के पसीने छूट गए थे उसके
बाद अगर किसी का नाम बताते तो क्या होता
आप अंदाजा लगा लीजिए इसीलिए बंद लिफाफा दे
दिया सुप्रीम कोर्ट को बोला भाई आप किसी

को नहीं बताएंगे नरेंद्र मोदी लग गए वसूली
करने में ब्लैक मनी की वसूली करने में
अंडरग्राउंड तरीके से उन्होंने तय कर लिया
कि देश को अगर सामने से लेंगे तो देश को

पैसा आएगा देश का विकास होगा अगर अंदर तरी
अंदरूनी तरीके से लेंगे तो हमारे गुजराती
चोरों का विकास होगा हमारा विकास होगा और
हम देश को खरीद करके देश पर राज करते
रहेंगे सदियों तक

यह नरेंद्र मोदी की योजना बनी उन्होंने
फिर और भी बहुत से काम बहुत से निर्णय लिए
ब्लैक मनी को कैसे मैनेज किया जाए लेकिन
एक बहुत बड़ा सिस्टम यह भी लागू किया यह
भी लाया इलेक्टोरल बांड जिसके जरिए पूरी

ब्लैक मनी को नहीं तो कम से कम 50 6 पर
ब्लैक मनी को तो मैनेज किया ही जा सकता है
ऐसा सोचकर इलेक्टोरल बंड लाए क्या खेल
शुरू हुआ

समझो जिनके जिनके इनके ही भाइयों के पास
जिनके जिनके पास और जितने लोगों के पास
ब्लैक मनी थी उसमें से 50 पर नरेंद्र मोदी
ने बटवा लिया बोला भाई % मुझे दे दो और 50
पर तुम रख लो मैं तुम्ह छोड़ देता हूं

तुम्हारा नाम भी नहीं बताऊंगा और तुम ऐस
करो और 50 पर मुझे दे दो उनको भी लगा कि
भाई कौन सा बाप हाड़ तोड़ करके कमाए है
बाप का माल है दे दो तो % नरेंद्र मोदी को
दे दिया अब नरेंद्र मोदी अपने नाम से तो

लेते नहीं विनोद अडानी जैसे विजय मालि
जैसे नीरव मोदी जैसे मेहु च न जाने कितने
लोगों को विदेशों में भेजकर बसा
करके यह खेल नरेंद्र मोदी ने शुरू किया जब

लोगों से 50 पर लिया जो इनके ही लोगों थे
व % विनोद अनाडी जैसे लोगों के नाम से
ट्रांसफर करवाया वही का वही अब अल्टीमेट
ब्लैक मनी होल्डर बन गए 50 पर इनके लोग जो
इनके करीबी

थे ठीक है पहले तो सभी कुछ थे बाहर भी थे
कुछ ज्यादातर गुजराती थे लेकिन जो बाद में
अल्टीमेट ओनर बने वोही इनके करीबी लोग बने
विनोद अडानी जैसे

लोग अब शुरू हुआ उस पैसे को फिर भारत में
लाए कैसे तो इलेक्टोरल बंड इसी खेल का
पहला मतलब एक स्टेप है और भी बहुत से
स्टेप है एक स्टेप
है जो यहां से नरेंद्र मोदी ब्लैक मनी में

मोबिलाइज करते हैं
मनी 2000 का नोट लांच करके जो फंड्स
इकट्ठा किया ब्लैक मनी जो दूसरे और जैसे
मान लीजिए
कि प्रधानमंत्री फंड में लिया

था कोरोना के पीरियड में या उसके पहले या
जो विदेशों में जमा था वो % तो वहां उस
पैसे को अब इन्होंने क्या किया कि उसको
भारत में सेल्स कंपनियां बना कर के एक

ऑफिस वहां एक ऑफिस यहां छोटी-छोटी सेल्स
कंपनियां बना करके वो बड़े बड़े अमाउंट
अंडरग्राउंड तरीके से भारत लाया गया और
उसे इलेक्टोरल बंड में कन्वर्ट किया गया

और वो भारतीय जनता पार्टी को दिया गया अब
समझ गए यानी वो ब्लैक मनी अब इसके लिए और
भी लोगों का प्रयोग किया गया जैसे मान
लीजिए कोई एक्स है भाई तू जा विदेश में बस
जा और वहां मोरिसस में एक ऑफिस खोल ले और
मैं तेरे

को एक 500 करोड़ रुप दे रहा हूं या हज
करोड़ रुप दे रहा हूं ठीक है एक दो करोड़
पा करोड़ तू भी रख ले वहां जा सेटल हो जा
और वहां से मुझे यह पैसा भेज दे भारत में
भी एक ऑफिस खोल ले भारत में ट्रांसफर कर

और यहां से एसबीआई से इलेक्टोरल बांड खरीद
करके हमारी पार्टी को दे दे यानी वही
ब्लैक
मनी इलेक्टोरल बंड के रूप में नरेंद्र
मोदी ने वो ब्लैक मनी भारत में मंगवाया

इलेक्टोरल बंड के रूप में कन्वर्ट करके
अपनी पार्टी में डाला सिर्फ यही नहीं और
भी जो इनके दलाल थे रामदेव जैसे आरएसएस का
पूरा और
इनका जो विश्व हिंदू परिषद और दुनिया भर

के जो ग्रुप्स है इनके सबको फायदा
पहुंचाने के लिए हर तरह से उनको फंडिंग
करने के लिए यह तरीका अपनाया गया सिर्फ
इलेक्टोरल बंड के जरिए ही नहीं और भी जरिए
से और भी तरीके से जो भारत में पैसे लाए

गए अंडरग्राउंड सेल्स कंपनियां बना कर के
उसको इसी तरह से मोबिलाइज करना शुरू
किया मेरे दोस्त भारतीय जनता पार्टी में
जितना भी पैसा आज भारतीय जनता पार्टी के
पास आज जितना भी पैसा इलेक्ट ल बंड के रूप
में आया है

उसमें जिसने भी दिया
है वह थोड़ा बहुत तो आया होगा लेकिन लगभग
80 पर से ज्यादा पैसा भारतीय जनता पार्टी
में जो आया है वो एक्चुअली नरेंद्र मोदी
की ही ब्लैक मनी है जो विदेशों से

अंडरग्राउंड तरीके से भारत लाई गई है और
भारतीय जनता पार्टी के खाते में जमा किया
गया है भारतीय जनता पार्टी को दिया गया है
यह है ब्लैक मनी का खेल और भारतीय जनता
पार्टी के अरबपति होने का होने की

सच्चाई नरेंद्र मोदी ने यही किया है दूसरी
पार्टियों को दूसरे छोटे-छोटे जो पूंजीपति
है उद्योगपति है वो भी जो सपोर्टर्स हैं
दूसरे अपने पार्टियों को दिए हैं थोड़ा
बहुत पैसा वो भी दूसरी पार्टियों को दिए

हैं आपको पता है कि 70 टू 80 पर सिर्फ
भारतीय जनता पार्टी को मिला है बाकी में
सबको थोड़ा-थोड़ा मिला है अब जो ब्लैक मनी
के रूप में कन्वर्ट करके भारत लाया गया अब
जो आदमी या जो

कंपनी फेक कंपनी बनामी कंपनी सेल्स कंपनी
फ्रॉड कंपनी यह काम किया है वो थोड़ा बहुत
पैसा जो बंड लिया होगा मान लीजिए अगर 1000
करोड़ का लिया तो 900 करोड़ दे
दिया नरेंद्र मोदी को दो पा पाच करोड़ और

सबको मिलाकर के छोटी छोटी पार्टियों को और
कांग्रेस को भी और दूसरों को भी दे दिया
इसलिए क्योंकि जांच जब होगी तो इनके नाम
भी सामने
यह खेल नरेंद्र मोदी ने खेला है एक्चुअली

सारा मतलब नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री
बन गए तो
उन्होंने अपना सारा कंसंट्रेशन सारा दिमाग
सारा सोच सारा काम सारा समय उस ब्लैक मनी
को जो भारत का

था वो मैनेज करने के लिए लगाना शुरू कर
दिया और वही मैनेज करते रहे अब तक नरेंद्र
मोदी काले धन को मैनेज करने का ही काम
शुरू से लेकर अब तक नरेंद्र मोदी ने किया
है यही नरेंद्र मोदी के काम की सच्चाई है

यही नरेंद्र मोदी की ईमानदारी है यही
नरेंद्र मोदी का सच है अब उनकी पार्टी के
लोग बड़ी बेशर्मी से जो यह कहते हैं कि
इलेक्टोरल बांड
तो क्या कहते हैं पारदर्शिता लाने के लिए

है अब उन्हे शर्म भी नहीं है और चुल्लू भर
पानी भी नहीं है डूबने के लिए ऐसे लोग हैं
नरेंद्र मोदी के साथ नरेंद्र मोदी तो है
ही फिर उनके लिए क्या कहा जा सकता है

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