इस सुरंग पर 6800 करोड़ खर्च क्यों कर रही सरकार ? | Why India is Building World's Highest Tunnel ? - instathreads

इस सुरंग पर 6800 करोड़ खर्च क्यों कर रही सरकार ? | Why India is Building World’s Highest Tunnel ?

दोस्तों दुनिया की सबसे खतरनाक सड़क छोटी
सी चक और मौत सीधे आपके सामने बगल में
पाकिस्तान और दूसरी और हिंदुस्तान भी एक
ऐसा पहाड़ जहां सांस लेना भी मुश्किल हो
लेकिन इमली की इस पहाड़ी पर इंडियन

गवर्नमेंट पूरे 6800 करोड़ खर्च करने को
तैयार है आखिर इस पहाड़ में है क्या जो
इंडियन गवर्नमेंट इतना सर पैसा एक वीरान
बर्फ के पहाड़ पर बहाने को तैयार है और
इंडियन आर्मी को इससे क्या फायदा होने

वाला है फिर से चीन और पाकिस्तान थी जल
रहे हैं हम सब जानते हैं दोस्तों देखिए
इंडिया और पाकिस्तान के बीच तीन युद्ध हुए
और तीनों में पाकिस्तान को मुंह की खानी

पड़ी लेकिन इसमें सबसे खतरनाक युद्ध
कारगिल का था जो 1999 में लाडा गया कारगिल
वार में तो हमारे सैकड़ो सैनिकों की जान
चली गई थी क्योंकि हमारे सामने
इस युद्ध में दुश्मनों की पोजीशन हमसे कई
ऊंचाई पर थी ऊपर से ठंडा मौसम बर्फबारी और

पहाड़ों का तो रखना इंडियन आर्मी के लिए
मुश्किल है खड़ी कर रहा था और सबसे बड़ी
बात ये थी की जी पॉइंट पर दुश्मन ने कब्जा
कर रखा था वहां पहुंच इतना आसन नहीं था
कश्मीर घाटी से इलाके तक सिर्फ जोशीला पास

से ही पहुंच जा सकता था ये रास्ता ऐसा था
की कलेजा मुंह से निकालकर हाथों में ए रहा
है लेकिन उसे लड़ाई से सबक लेकर भारत में
युद्ध को मजबूत करना शुरू कर दिया था

इसलिए अब एक बड़े प्रोजेक्ट पर कम चल रहा
है जिसका मकसद मिलैंड भारत से कटे इस
इलाके को आसानी से जोड़ने का है ये जो है
श्रीनगर को ले से जोड़ने वाला सबसे खतरनाक
रास्ता जो जिला पास दरअसल सुरंग के

कंस्ट्रक्शन के लिए जब अफसर ने 11000
करोड़ की भारी भरकम बजट की फाइल यूनियन
मिनिस्टर नितिन गडकरी के सामने पेस की थी
तब नितिन गडकरी ने फाइल पे चेक करते हुए
अफसर को दो तू का दिया था की इतनी भारी
लागत में टनल नहीं बनेगी उन्होंने

टेक्निकल एक्सपर्ट से राय लेकर नए सरे से
फाइल तैयार करने का इंस्ट्रक्शन दिया था
नदी जो ये रहा की जोजिला टनल के सिर्फ एक
प्रोजेक्ट ने करीब 5000 करोड़ की सरकार को
बचत हुई लेकिन यही पर एक सवाल ये आता है

की चलो 5000 करोड़ तो बच्चा लिए गए लेकिन
आखिर इस चैनल की इतनी इंर्पोटेंस क्या है
जो सरकार अभी भी पानी की तरह पैसा खाने को
तैयार है दोस्तों इसे स मोड टनल का नाम
दिया जिसमें दो लेने की सड़क है इसमें एक

इमरजेंसी टनल पर रिजाइन की गई है या उसके
साथ ही स्टर्नल की ऊंचाई करीब 11 मी की
राखी गई है जो सड़क बचाने के बाद 7 मी की
हो जाएगी टनल में डेड मी के दो पैदल वॉकवे
होने के साथ साथ 3:30 मी के दो ड्राइव पे

भी होंगे जो यहां जिसके जारी सी के भारी
वहां टैंक आर्टिलरी के साथ साथ भाई
कंस्ट्रक्शन का समाज भी आसानी से ले जय जा
सकेगा और सबसे बड़ी बात ये है की खुला
रहने से हर साल सी को गरीब 500 से 600

करोड़ की बरसात होगी ऐसा इसलिए क्योंकि
साओ को सर्दियों के मौसम में हवाई जहाज के
जारी समाज लेने और ले जान के लिए ज्यादा
पैसा खर्च करना पड़ता है अब इसके बेंजीन

से ये चीज और आसन हो जाएगी तो आपको ये तो
पता ही होगा दोस्तों की चीन इंडिया को कभी
भी आगे बढ़ाने नहीं देना चाहता है
पाकिस्तान की मदद करके और अपने बेल्ट रोड
इनिशिएटिव की मदद से वो इंडिया के एरिया

पर डोमिनेंस एस्टेब्लिश करना चाहता है ऐसे
में हमारे देश की सुरक्षा के लिए ये टनल
प्रोजेक्ट काफी इंपॉर्टेंट है जी हां इसे
ना सिर्फ लद्दाख का कांटेक्ट साल के 12
महीने मैनलैंड से बना रहेगा बल्कि इसके
साथ किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन या फिर

कंडीशन में सी की तैनाती भी काफी तेजी से
हो सकेगी इतना ही नहीं इंटरनल से चीन और
पाकिस्तान की सीमा पर टैंक और दूसरे भर या
प्यार भी आसानी से तैनात हो सकेंगे ये तो
नहीं नहीं दोस्तों एक बार इसके पूरा अनजान

एक बार इसमें इमरजेंसी लाइटिंग से लेकर
फोन मैसेज सिगनलिंग सब कुछ ऑटोमेटिक हो
जाएगा यानी की इंडिया इस टनल के थ्रू
कारगिल जैसे सिचुएशन अब कभी नहीं आने देगा
टनल की मैन्युफैक्चरिंग दोस्तों इस चैनल

को बनाने का कम तेजी से चल रहा है 14
किलोमीटर लंबी स्टनर को बनाने में दिन-रात
खुदाई हो रही है ताकि टाइम पर इस
प्रोजेक्ट की डिलीवरी हो सके टनल के
वेस्टर्न और पूर्वी दोनों छोड़ से खुदाई
चल रही है और करीब 6 किलोमीटर खुदाई और

एस्टेब्लिश का कम पूरा हो चुका है और
अक्टूबर तक बोरिंग बोरिंग करके टनल में
कंक्रीट डालने लोड लेने सीसीटीवी वाईफाई
पावर वेंटीलेशन और ब्रेन आगे का कम भी

पूरा हो जाएगा इस टनल में कट और कर तकनीक
का भी इस्तेमाल किया जा रहा है कर्टन कर
ठीक से बने वाला टनल 200350 मी लंबा होगा
इसमें वेंटीलेशन डक कन्वेंशनल सॉफ्ट और
ट्रांसफर वेंटीलेशन सिस्टम शाफ्ट भी होगा

एशिया की सबसे बड़ी स्टनल को स्टेट ऑफ
आर्ट तकनीक से बनाया जा रहा है इसमें खास
तरह की वर्टिकल टनल बनाई जाएगी दोस्तों
इसके अंदर क्रॉस वेंटीलेशन होगा यानी
पहाड़ में ऊपर से नीचे की तरफ खुदाई कर के

इस टनल को बनाया जा रहा है जिससे हवा के
लिए रास्ता बनेगा और अंदर किसी का दम भी
नहीं घूटेगी उसके बाद जान के बाद ये एशिया
की सबसे लंबी टनल बन जाएगी लोगों को मिला
रोज का इस्नल की बनवाने से इस सड़क पर

एवलांच का अब कोई खतरा नहीं होगा जो यहां
इसके बैंजो आने के बाद अब लद्दाख भी देश
का दूरदास वाला इलाका नहीं रहेगा साल भर
रोड कनेक्टिविटी होने से ना सिर्फ यहां पर

टूरिस्ट का आना जाना लगा रहेगा बल्कि
कश्मीर घाटी की इकोनामी को भी काफी मदद
मिलने वाली है अभी टनल का सिर्फ
कंस्ट्रक्शन हो रहा है और इसके चलते यहां

पर बड़ी तादाद में लोगों का रोजगार भी मिल
गया है टनल बनाने में चैलेंज दोस्तों हमने
अभी तक इस चैनल की खासियत के में समझा
लेकिन अब हम इस प्रोजेक्ट में चैलेंज को

भी समझ लेते हैं देखिए इसी साल जनवरी के
महीने में सोनमार्ग में हुए भारी आवे
लॉन्च की वर्षा से इस टनल की प्रोजेक्ट
साइट को काफी नुकसान हुआ है इसमें दो
मंजूरों की मौत भी हो गई थी और करीब 2
महीने का कम रोकना पद गया था इतना ही नहीं

सर्दियों के द्वारा भारी परफ़ारी की बचत
से यहां की हाईवे भी बैंड हो जाते हैं
जिससे लद्दाख एरिया कश्मीर से कट जाता है
इसलिए कंस्ट्रक्शन एरिया पर समाज पहुंच ना

काफी मुश्किल हो जाता है ऐसे में चैलेंज
को वो झेलना वहां के लोगों के लिए बड़ी
प्रॉब्लम क्रिएट करता है इस कंपनी को मिली
है जिम्मेदारी दोस्तों अगर आप इस चैनल को

देखो तो यह टनल इंजीनियरिंग का नायाब
नमूना है इसलिए टनल की कंस्ट्रक्शन की
जिम्मेदारी बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड वाली रेखा
इंजीनियरिंग को मिली है मेघना इंजीनियरिंग
का भारत के अलावा बाकी दूसरे देश में

सिक्का चला है इसलिए इस चैनल के प्रोजेक्ट
के लिए इस कंपनी को चुनाव गया है एसएमएस
प्रोजेक्ट क के जल्द पूरा होने की उम्मीद
है और सबसे हैरानी की बात तो यही है की

यहां कम करने वाले वर्क और इंजीनियर बताते
हैं की यहां जो माइंस 40 डिग्री का तापमान
राहत है तब भी कम नहीं रुकता खास बात ये
है की इस टनल का कंस्ट्रक्शन न्यू
ऑस्ट्रिया टनलिंग मेथड यानी के ना टी एम

से हो रहा है श्रीनगर को ले लद्दाख से
जोड़ने वाले जोजी इलेक्ट्रोनिक की साल
2026 तक बनकर तैयार हो जाएगी लेकिन
दोस्तों केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग
मंत्री नितिन गडकरी ने इसका कंस्ट्रक्शन

करने वाली एन हा आईडीसीएल और मेक एन
इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
को यह कम दिसंबर 2023 तक पूरा करने को कहा
है ताकि 26 जनवरी 2024 को पीएम मोदी इसका
उद्घाटन कर सकें 3.5 घंटे का सफर 15 मिनट

में दोस्तों इस वक्त तो श्रीनगर से लेकर
जान में 10 घंटे लगता हैं सर जोजिला डर
रहे वो पर करने में ही 3 से 3:30 घंटे
लगता हैं ये रास्ता वाकई काफी खतरनाक है
अब जैसे की हमने वीडियो की शुरुआत में

आपको बताया की इस रास्ते पर तीखे मोड और
खतरनाक ढलान है इसी वजह से यहां एक्सीडेंट
भी होते रहते हैं जो जिला सोलन बने से जो
जिला डर रहे वो पर करने में बस 15 मिनट ही
लगेंगे साथ ही एक्सीडेंट होने का खतरा भी

नहीं रहेगा अभी बालटाल से मिनामर थी दूरी
40 किमी है सुरंग बने से यह केवल 13 किमी
की रेड जाएगी अब एक और जरूरी बात वह यह है
की इस टनल से सर्दियों में उनकी
लॉजेस्टिक्स और बाकी जरूर का समाज भी

आसानी से पहुंच जाएगा फिर चाहे कितनी भी
बर्फ हो वहीं इसके बने से यहां के लोगों
का कनेक्शन रोड कनेक्टिविटी से नहीं
टूटेगा और ना ही खाने पीने की जुबान की
कोई कमी हो गई यहां तक की बर्फबारी की वजह

से लोगों को अपना घर भी नहीं छोड़ना
पड़ेगा इसके अलावा यह जगह टूरिज्म के
हिसाब से भी काफी सही साबित होगी तो
दोस्तों उम्मीद है आपको यह हमारी वीडिय पसंद आई होगी

Leave a Comment