कामयाबी तुम्हारा मुकद्दर बन चुकी है - instathreads

कामयाबी तुम्हारा मुकद्दर बन चुकी है

मेरे प्रिय बच्चे आज यह दिव्य संदेश

तुम्हें एक बहुत बड़ा उद्देश्य पूर्ण करने

के लिए मिला हुआ

है मेरे प्रिय आने वाले समय में तुम्हारे

भीतर बहुत बड़ा बदलाव होने वाला

है तुम एक ऐसी परिस्थिति से गुजरने वाले

हो जिसके बाद तुम्हारा जीवन पूर्णत बदल

जाएगा ना केवल तुम्हारे विचार बल्कि

तुम्हारी जीवन की रूपरेखा ही बदल

जाएगी तुम्ह कुछ ऐसी चीजें भी प्राप्त

होंगी जो अविश्वसनीय

होंगी इसलिए मेरे प्रिय इस संदेश को

पूर्णता अंत तक सुनना चाहे परिस्थिति कैसी

भी हो इसे बीच में छोड़कर जाने की भूल ना

करना एक दिव द्वार तुम्हारे लिए खुल रहा

है रोशनी के उस पार तुम्हें प्रवेश करना

है आज रात्रि में जब तुम सोओगे तो

तुम्हारे भीतर एक स्वपन जन्म

मिलेगा यह स्वपन तुम्हें भीत भी कर सकता

है किंतु तुम्हें इससे घबराना नहीं है यह

स्वपन परिवर्तनकारी युग बनाने के लिए आया

है यह स्वपन आज तुम्हारे भीतर विभिन्न

प्रकार के प्रकाश तरंगों को भरेगा इस

स्वपन के माध्यम से तुम इस ब्रह्मांड के

पार एक ऐसे ब्रह्मांड से अपने जीवन को

देखोगे जिससे अभी तुम पूर्णता अनभिज्ञ हो

लेकिन यह जीवन तुम्हारे भविष्य का जीवन

होगा लेकिन इस स्वप्न की झलकियां तुम्हें

भयावह लग सकती हैं किंतु यह तुम्हें डराने

के लिए नहीं आई हैं मैं आज तुम्हें इसलिए

यह बता रहा

हूं ताकि तुम भय से कापना मत उठो मेरे

प्रिय वास्तव में यह एक दिव स्वप्ना आज

तुम्हें अवश्य

आएगा यदि तुम मुझ में पूर्ण विश्वास करते

हो तो तत्काल इस संदेश को लाइक करो और ऐसा

करते ही तुम्हारे जीवन में विभिन्न प्रकार

की ऊर्जा तरंगे निकल पड़ेंगी

यह तरंगे तुम्हारे जीवन में बहुत सारे

परिवर्तन को लेकर आ रही है इन तरंगों से

तुम्हारा भविष्य पढ़ाता हुआ दिखेगा इन

तरंगों के माध्यम से तुम बहुत कुछ महसूस

करने वाले हो और ऐसा होने के बाद तुम्हारा

जीवन ना केवल पूरी तरह से बदल जाएगा बल्कि

तुम्हें वह

सब लेकिन यह तभी संभव है जब तुम मुझसे आज

बात करो जब तुम अपना समय निकालकर थोड़ा

भीतर झांकने का प्रयास

करोगे तुम ध्यान से देखो मैं तुमसे दूर

नहीं हूं तुम्हारे आसपास ही हूं जिस धन के

लिए तुम अपने जीवन में तरसते आए

हो जिस शक्ति के लिए तुम अपने जीवन में

तरसते आए हो जिस प्रेम के लिए तुम इस जीवन

में अब तक तड़पते आए हो वह सब तुम्हें

प्राप्त होने वाला है तुम पर मेरी कृपा

बरसने वाली है

और जिस मनुष्य पर मेरी कृपा बरसती है सब

कुछ सदैव के लिए बना ही रहता है और वह

चाहे कितनी ही निराशा से क्यों ना घिरा हो

वह चाहे कितनी ही कष्ट क्यों ना झेला हो

और चाहे कितनी ही परेशानियों में क्यों ना

उलझा

हो मैं उसे सभी प्रकार की परेशानियों से

बाहर निकाल लाता हूं और जब मैं उसे ऐसा

बाहर निकाल कर लाता हूं तब उसका मन सुकून

से भर उठता है यह सुकून यह शांति धन प्रेम

सौ हार्थ का नहीं होता यह सुकून अहंकार के

पूर्णता छेड़ हो जाने का होता है यह सुकून

केवल सुख पाने का नहीं होता यह सुकून

वास्तव में दुख के पूर्णता समाप्त हो जाने

का होता

है शोक के पूर्णता समाप्त हो जाने का होता

है इस संसार में जिस किसी ने भी मुझ पर

अपना संपूर्ण विश्वास जताया

है मेरे प्रति अपना संपूर्ण समर्पण जता है

मैंने उसे कभी भी निराश नहीं किया मैं

उसके लिए वहां भी प्रकट हो

गया जहां से मेरे आने की कभी उम्मीद न रही

हो मैं उसके लिए धरती से भी प्रकट हो गया

मैं उसके लिए आसमान से भी प्रकट हो

गया मैं उसके लिए मकानों में प्रकट हो गया

खंभों में प्रकट हो गया मैं उसके लिए बीज

में प्रकट हो गया पेड़ों में प्रकट हो गया

मैं उसके लिए समस्त संसार में ही प्रकट हो

जाया करता हूं

प्रिय बच्चे यह संसार मेरे ही द्वारा

रचाया गया है मैं ही इस संसार का सृजन

करता हूं मैं ही इस संसार को पालता भी हूं

और अंतत इसका संघार भी मैं ही करता हूं

मैं ही चीजों को निर्मित करता हूं मैं ही

उनका विनाश भी करता हूं मैं ही दान करता

हूं मैं ही प्राप्त करता हूं तुम मेरी ही

रचना हो तुम्हें कभी भी इस बात को नहीं

भूलना चाहिए

इतना ही नहीं इस संसार में जितने भी जीव

हैं वह तुमसे भिन्न नहीं है यदि तुम गहराई

में उतर कर

देखोगे तो सब में एक ही तत्व विराजमान है

फिर चाहे तुम उसे तर्क की शक्ति से देखो

या अध्यात्म की शक्ति

से मैं ही हर जगह विराजमान हूं और जब सब

कुछ मैंने ही बनाया है तो यहां कुछ भी

अप्रिय या घिरा पत मौजूद नहीं है तुम्हें

अपने मन से ईर्ष्या और घृणा का त्याग करना

होगा ऐसा करते ही मैं तुम्हारे जीवन में

उन सभी

आ अवसरों को प्रदान कर दूंगा जो तुम्हें

अपने जीवन के उच्चतम बिंदु तक पहुंचाने के

लिए मदद

करेंगे मेरे प्रिय मैं निरंतर तुम्हें

संकेत देता रहता हूं तुम उन संकेतों को

स्पष्टता से समझ नहीं पा रहे हो लेकिन मैं

तुम्हारी यह दुविधा भी दूर कर

दूंगा मैं तो तुम्हारे जीवन में ऐसे दिव्य

देवदूत को भेजूंगा जो तुम्हें सभी तरह के

संकेत समझाने में तुम्हारी सहायता करेगा

मैं साकार निराकार दोनों ही रूपों में

तुम्हारे समक्ष आता

हूं मैं वायु में भी उपस्थित होकर

तुम्हारे समक्ष आता हूं मैं मनुष्य रूप

पशु रूप कीट के रूप में भी तुम्हारे समक्ष

उपस्थित होता हूं तुम इसे भाप नहीं पाते

तुम इसे जान नहीं

पाते किंतु जो तुम जान नहीं पाते इसका यह

अर्थ नहीं कि वह उपस्थित नहीं है वह

उपस्थित होता है बस तुम्हारे नजरों से ओझल

होता

है क्योंकि तुम में तब तक वह दिव्य दृष्टि

नहीं होती कि तुम इसे महसूस कर पाओ उसे

देख पाओ लेकिन अब समय आ गया

है जब तुम अपने जीत को पूर्णता अपने जीवन

में हासिल कर लोगे मेरे प्रिय इस संसार

में बहुत से ऐसे लोग हैं जो केवल अपने

स्वार्थ के लिए दूसरों को कष्ट पहुंचाते

हैं दूसरों के साथ षड्यंत्र रचते हैं उनके

खिलाफ कुटिल चाल चलते हैं उस तक्षण में ही

वह स्वयं को ईश्वर मान बैठते हैं क्योंकि

वह चाल चल रहे होते हैं क्योंकि वह योजना

बना रहे होते हैं और बुरे कर्म करते हैं

उन्हें यह मिथ्या भ्रम हो जाता है कि वह

दूसरों को नुकसान पहुंचा सकती है और ऐसा

करकर वह सी मुझे चुनौती दे रहे होते हैं

मैं भी दृष्टा की भाति उनके सभी हरकतों को

देख रहा होता

हूं और उसी क्षण में निर्णायक की भाति

उनके कर्मों का मूल्यांकन भी कर रहा होता

हूं ऐसे ही कुछ लोग तुम्हारे जीवन में

उपस्थित हैं जो तुम्हारे खिलाफ कुटिल चाले

चल रहे हैं जो तुम्हारे विरुद्ध षड्यंत्र

रच रहे हैं उन्हें लग रहा है कि वह जल्द

ही तुम्हें मात दे देंगे उन्हें लग रहा है

कि वह तुमसे जीत

जाएंगे और तुम्हारी प्रगति उन्हें इस तरह

से ईर्ष्या से भर देने वाली है कि वह सोच

भी नहीं सकते मेरे प्रिय तुम इस कलयुगी

संसार में भी दिव्य रूप में प्रकट हुए हो

तुम इस कली काल में भी संसार बंधनों से

मुक्त होना चाहते हो तुम इस समय में भी

अपने भीतर के करुणा और दया को समाप्त नहीं

कर रहे हो तुम दूसरों के खिलाफ षड्यंत्र

नहीं रच हो तुम दूसरों के खिलाफ कुटिल

चाले नहीं चलते हो तुम्हारा हृदय पवित्र

है तुम्हारा दिल पूरी तरह से साफ

है और जब मनुष्य का दिल साफ होता है तो

मनुष्य ईश्वर को साक्षात्कार करने में सफल

हो जाता है तुम भी जल्द ही इस साक्षात्कार

से रूबरू

होगे और तब तुम्हारी ऐसी प्रगति होगी जिसे

देखकर ना केवल तुम्हारे शत्रु ईर्ष्या से

भर उठेंगे बल्कि हर कोई तुम्हारी प्रसन्न

करते नहीं

थकेगा मेरे प्रिय तुम्हें दूसरों से संबंध

रखने हैं तुम्हें दूसरों में प्रेम ढूंढना

है लेकिन साथ ही साथ तक्षण में तुम्हें

उनसे लगाव को भी मिटाना होगा तुम्हें

आसक्ति से अना शक्ति की ओर जाना

होगा मेरे प्रिय तुम्हारे लिए सतयुग इसी

जन्म में चल रहा है यह तुम्हारे लिए कलयुग

नहीं बन सकता है तुम्हें अपने जीवन की

जिम्मेदारी अपने हाथों में लेनी

होगी तुम्हें स्वयं के प्रति निर्णायक रूप

अपनाना होगा तुम्हारे जीवन में अब तक जो

भी कमी रही है वह कमी समाप्त होने वाली

है फिर चाहे वह प्रेम की कमी हो फिर चाहे

वह धन की कमी हो फिर चाहे वह सामाजिक

सौहार्द या फिर कुशलता की कमी हो यह सब

कुछ पूर्ण होने वाला

है लेकिन तुम्हें जीवन के मूल्य को समझना

है तुम्हें वास्तव में समझना है कि यह

जीवन तुम्हें क्यों प्रदान किया गया है

तुम्हें समझना है कि वास्तव में जीवन

गतिशील कैसे होता

है तुम्हें दुनिया के झांझ से मुक्त होना

है तुम्हें दुनिया भर की चिंताओं से मुक्त

होना है तुमसे कोई कुछ भी छिन नहीं सकता

है तुम्हें इस संसार में अल्प वादी जीवन

को अपनाना

है कम से कम चीजों में अपने जीवन को जीने

की कला वक्ष है तुम्हें वैराग्य धारण कर

लेना है मेरे प्रिय तुम्हें ना ही सन्यास

लेना है ना ही वैराग्य धारण करना

है ना ही तुम्हें अपनी इच्छाओं को मारना

है बलक तुम्हें यह समझना है कि तुम्हारे

लिए क्या आवश्यक है तुम्हारे लिए क्या

जरूरी है और तुम्हें आभार व्यक्त करना है

जो मिल जाए उसमें खुश रहने की कला सीखनी

है और जो भी हासिल नहीं हुआ उसके लिए

तुम्हें चिंतित नहीं होना है तुम्हें

प्रयास करते रहना है तुम्हें चाह करते

रहनी है तुम्हें प्रार्थना करते रहना है

लेकिन उसके लिए तुम्हें घबराना नहीं है है

तुम्हें आवेगी नहीं होना है तुम्हें

विचलित नहीं होना

है यदि तुम विचलित होगे तो यह तुम्हारे

लिए श्रेष्ठ कर नहीं होगा यह बेहतर नहीं

होगा मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें मेरी बातों

के गंभीरता में उतरना है इसके रहस्य को

समझना है भीतर झांक और मेरी बातों को

ध्यानपूर्वक अपने जीवन में उतारो मैं जो

तुम्हे बता रहा हूं यह तुम्हारे लिए

अत्यंत आवश्यक

है इसलिए इसे समझो तुम्हें किसी मनुष्य के

पीछे भागना है ना तुम्हें किसी वस्तु के

पीछे भागना है ना ही किसी पद के ना ही

किसी से सम्मान पाने की चाह के पीछे भागना

है हर सिक्के के दो पहलू होते हैं तुम

जितना सुख की चाह करोगे दुख को भी उतना

ज्यादा ही आकर्षित कर

लोगे तुम जितना सम्मान की चाह करोगे अपमान

का भय भी उतना ही तेज तुम्हारे जीवन में

छा जाएगा इसलिए तुम्हें सम्मान अपमान इन

सभी क्रियाओं से मुक्त होना है तुम्हें

अपने जीवन में केवल और केवल अपने जीवन को

सकम रूप से चलायमान रखने पर जोर देना है

जो प्राप्त हो रहा है उसका आभार व्यक्त

करना

है आभार व्यक्त करना वास्तव में तुम्हारे

लिए जीत की कुंजी है तुम्हें जितना हो सके

उतना ज्यादा आभार व्यक्त करते रहना है फिर

तुम्हारे जीवन में ऐसे ऐसे चमत्कार घटित

होंगे जिनको तुम सोच भी नहीं सकते तुम

दूसरे जनों के कल्याण की चाह रखते हो तुम

केवल अपने स्वार्थ को सिद्ध करना नहीं

चाहते हो यह बात मैं जानता हूं लेकिन अब

तक तुम्हें ना तो वह अवसर मिला है ना ही

इतना प्रेम ना ही इतना

सम्मान और ना ही ऐसा कोई साथ मिला है

जिससे तुम अपने ऊपर गर्व महसूस करो

तुम्हारा समय आ गया है मेरे प्रिय इसलिए

तुम सभी चिंताओं का त्याग कर दो तुम सभी

भय का त्याग कर दो मैं आ गया हूं तुम्हारे

लिए तुम्हारे गमों को तुमसे दूर कर उन्हें

समाप्त कर देने के लिए मैं तुम्हारे जीवन

में प्रवेश कर रहा

हूं मुझे अपने जीवन में स्वीकार कर लो

मेरे प्रिय मैं तुम्हारे लिए आ चुका हूं

मेरे आगमन की तैयारी कर कर लो मेरे आगमन

की पुष्टि करो और अपनी जीत को इसी क्षण

आकर सिद्ध

करो संख्या लिखकर प्रदर्शित करने को

तैयार हूं मेरे जीवन को खुशियों से

समृद्धि से प्रसन्नता से भर दिया जाए मेरे

प्रिय मैं भाग्यशाली हूं ऐसा सोचना

तुम्हारे लिए आवश्यक

है इस बात को जितना हो सके उतना दोहरा तुम

निडर हो तुम निर्भर हो इस बात को अपने

जीवन में उतार लो और सदा याद रखो कि चाहे

परिस्थिति कैसी भी

हो मेरा आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ रहेगा

मेरे आने वाले संदेशों की प्रतीक्षा करना

मैं पुनः आऊंगा तुम्हारे जीवन को सही दिशा

में ले जाने

Leave a Comment