किसने किया लक्षद्वीप को भारत में शामिल? | How Lakshadweep Become part of India? - instathreads

किसने किया लक्षद्वीप को भारत में शामिल? | How Lakshadweep Become part of India?

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज है
जाने से और दादर और नगर हवेली और दमन और
दीप के मिल जाने से अब भारत में केंद्रीय
शासित प्रदेशों की कुल संख्या आठ हो गई है
इसलिए आज हम आपको इन्हीं आठ में से एक

केंद्रीय शासित प्रदेश के बारे में बताने
जा रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है
वहां भारतीय अधिकारी और पुलिस के पहुंचने
में अगर थोड़ी सी भी बेरी हो जाती हो उसे

पर पाकिस्तान का कब्जा हो जाता और शायद वो
कभी भारत का अभिन्न अंग नहीं बन पता अब
इतना सुनने के बाद आप सोच रहे होंगे की
जरूर मैं जम्मू और कश्मीर राज्य के बारे

में बात करने वाला हूं तो दोस्तों आप गलत
सोच रहे हो दरअसल आज हम इस इंपॉर्टेंट
वीडियो में किसी और यूनियन टेरिटरी के
बारे में बात करने वाले हैं जिसके बारे
में जानना आपको भी जरूरी है तो चलिए बिना

देरी किए वीडियो को यहीं से शुरू करते हैं
दोस्तों हम भारत के जिन आर्ट में से की
केंद्र शासित प्रदेश के बारे में बात करने
वाले उसका नाम है लक्ष्यदीप जो दक्षिण

पश्चिम तट से 200 से 240 किलोमीटर या यूं
कहें 120 से 270 मिल दूर लक्ष्य द्वीप
सागर में स्थित है इन द्वीपों को लक्कड़
मिनी के अमीनी देवी द्वीप के नाम से भी

जाना जाता था यह दीप समूह भारत का
केंद्रीय शासित प्रदेश होने के साथ-साथ एक
जिला भी है हालांकि भौगोलिक रूप में यह
केवल द्वीप समूह के केंद्रीय अप समूह का

नाम है और आपकी जानकारी के लिए बता दें की
ये दीप समूह भारत का सबसे छोटा केंद्र
शासित प्रदेश भी है इसका कुल सरफेस लैंड
क्षेत्रफल सिर्फ 32 वर्ग किलोमीटर यानी की
12 वर्ग मिल है वहीं इसका समुद्री जल

क्षेत्र 20 हजार वर्ग किलोमीटर या 7700
वर्ग मिल है और सबसे इंपॉर्टेंट बात इस का
विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी की जल और स्थल
को मिलाकर देखें तो यह लगभग 4 वर्ग

किलोमीटर यानी की डेढ़ लाख वर्ग मिल में
फैला हुआ है की यह सभी क्षेत्र कुल 10
upkhandon के साथ मिलकर एक भारतीय जनपद की
रचना करते हैं वहीं इस आइलैंड पर
लक्ष्यदीप मालदीव और जागो समूह सभी ऊपरी

पाठ के अंतर्गत आते हैं जहां एक विशाल
समुद्र मग्न पर्वत श्रृंखला जागो
लक्ष्यदीप प्रवाल भित्ति के नाम भी रचना
करते हैं लेकिन इसके अगर इतिहास के पाने
पलते तो मालूम पड़ेगा द्वीपों पर कोई

आदिवासी आबादी नहीं है इसलिए विशेषज्ञ इन
द्वीपों पर मानव के बचने का अलग-अलग
इतिहास sujhate हैं रिसचर्स और
पुरातात्विक साक्ष के अनुसार देखें तो

1500 पूर्व के आसपास इस क्षेत्र में यह
मानव बस्ती
हिंदुओं को जानते द और उसका संकेत छठी इस
पूर्व शताब्दी की बौद्ध जातक कथाओं में भी
किया गया है वही सातवीं शताब्दी के आसपास
इस मुसलमानों के आगमन के साथ यहां इस्लाम

के आगमन के साक्षी मिले हैं वहीं मिडिल
पीरियड के दौरान इस क्षेत्र में चोल
राजवंश और काना नूर के साम्राज्य के शासन
देखने को मिल जाएगा यही नहीं लक्ष्यदीप का

 

इतिहास इतना पुराना है की 1498 के आसपास
कैथोलिक पुर्तगाली भी यहां पहुंचे द और
कुछ वर्ष रहने के बाद 1545 में उन्हें
यहां से भगाना पड़ा क्योंकि तब तक मुगलों

का यहां आगमन हो गया था इसलिए इस क्षेत्र
पर तब मुगल शासको का आधिपत्य हो गया जैसे
की टीपू सुल्तान का ई पर एक लंबा शासन रहा
दिखता है तब के समय में मुगल भी इस द्वीप

के कितने करीब द इसके बाद 1799 में टीपू
सुल्तान की मृत्यु के बाद अधिकांश क्षेत्र
britishon के पास चले गए और फिर उनके जाने
के बाद आजादी के कुछ साल बीट जाने पर
सालों 1956 में इस द्वीप का एक केंद्र

शासित प्रदेश के रूप में गठन गया
लक्ष्यदीप के बारे में क्या जानते हैं आप
सबसे पहले इसे जान लीजिए दोस्तों
लक्ष्यदीप 26 द्वीपों का एक समूह है इसके
अलावा ये अपने विदेशी पर्यटकों को लुभाने

और समुद्र तटों पर हरे-भरे लैंडस्केप के
लिए जाना जाता है इस आइलैंड पर एक लाख
द्वीप नाम का अनोखा द्वीप भी है जिसे
टूरिस्ट हजारों की संख्या में हर साल

देखने आते हैं बता दे आइलैंड भारत का सबसे
छोटा संघ राज्य क्षेत्र है यानी यूनियन
टेरिटरी है इसमें 12 अत ओल्ड तीन रीफ पंच
जलमग्न बैंक और 10 बेस हुए द्वीप भी है
जहां लोग रहते हैं अब देखा जाए तो दीपों

में टोटल 32 वर्ग किलोमीटर शामिल है जिनकी
राजधानी kabrati है पहले लक्ष्य द्वीप को
लंका दीप के नाम से भी जाना जाता था 1956
में भारत सरकार ने यहां मौजूद सभी द्वीपों

को मिलाकर केंद्रीय शासित प्रदेश बना दिया
इसके बाद 1973 में लक्कड़
समूह का राम लक्ष्य द्वीप कर दिया गया तब
से लेकर आज तक इस द्वीप समूह का यही नाम
है यहां के आबादी जनगणना 2011 के अनुसार

64473 है जबकि यहां की साक्षरता दर
91.8.2% है अब दोस्तों इतनी खूबसूरत
यूनियन टेरिटरी होने के नाते इसकी सुरक्षा
और जवाब देही सिर्फ और सिर्फ भारत की थी
क्योंकि भारत का यह अभिन्न अंग था लेकिन
ऐसा क्या हो गया था आजादी के बाद जब

दुश्मन मुल्क पाकिस्तान ने इसे हथियाना की
कोशिश की थी लिए जानते हैं बात 1947 की है
जब आजादी के बाद भारत और पाकिस्तान का
बंटवारा हुआ था उसे समय लक्ष्य द्वीप पर
दोनों देशों में से किसी का भी अधिकार

नहीं था कहते हैं अगस्त 1947 के आखिर में
पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री
लियाकत अली खान ने सोचा की लक्ष्यदीप
मुस्लिम
अधिकार मिली लिया

कहा जाता है ठीक उसी समय भारत के तत्कालीन
गृह मंत्री और अप प्रधानमंत्री सरदार
वल्लभभाई पटेल भी वही सोच रहे द जैसे
लियाकत अली खान सोच रहे द हालांकि उसे समय
तक दोनों ही देश असमंजस की स्थिति में द

क्योंकि दोनों में से किसी को यह नहीं पता
था की किसी ने उसे पर कब्जा कर लिया है या
नहीं उसे असमंजस की स्थिति में पाकिस्तान
में अपना एक युद्ध बहुत लक्ष्य द्वीप के

लिए भेज दिया ऐसे में भारत में भी उन
दिनों खलबली सी मच गई और सबको ये बात पता
चल गई की पाक आर्मी ने अपना एक लड़ाकू
युद्ध पॉट भेज दिया इसलिए तत्कालीन गृह
मंत्री पटेल भी फौरन हरकत नाते हुए उसे
निष्कर्ष पर पहुंच गए की लक्षद्वीप को

किसी भी हालत में पाकिस्तान के कब्जे में
नहीं जाने देंगे इसलिए उन्होंने रावण कोर
में रह रहे राजस्व कलेक्टर को निर्देश
दिया की वो तुरंत पुलिस टीम के साथ जाएं
और लक्ष्य द्वीप पर भारतीय तिरंगा लहराते

ताकि पाकिस्तानियों को पता चले की इलाका
भारत का है और वैसे लेना तो दूर की बात है
जा भी नहीं सकते इधर आदेश सुनते राजस्व
कलेक्टर में तुरंत आनंद पणन में लक्ष्य

द्वीप पहुंचे वहां उन्होंने आओ देखा ना
ताऊ तुरंत भारतीय झंडा ज़मीन में गार्ड कर
लहरा दिया ऐसे में इतिहासकार कहते हैं की
इसके कुछ ही देर बाद पाकिस्तानी युद्ध को
वहां पहुंचा लेकिन भारतीय झंडा देखकर वो
दबे पांव फिर वापस लौट गए इस तरीके से तब

से लेकर आज तक ये द्वीप भारत का ही
अभिनंदन है अब यह ध्यान से इसमें समझने
वाले बात है की अगर सरदार पटेल ना होते तो
क्या होता शायद इसीलिए लोग इन्हें आज भी
लो पुरुष के नाम से जानते हैं और उन्हें

की याद में हम सब यूनिटी देवी मानते हैं
और उन्होंने समूचे देश को एक सूत्र में
बांधने की कोशिश की थी इसलिए 31 अक्टूबर
को यूनिटी दे मानते हैं और सरदार पटेल को

याद करते हैं कितनी है जनसंख्या अगर
जनसंख्या की बात करें तो 2011 के विवरण के
अनुसार लक्ष्य द्वीप की जनसंख्या 64000 है
जो 2001 की जनगणना में 60000 की आबादी से

बड़ी है 2011 की जनगणना के अनुसार लक्ष्य
द्वीप की कुल आबादी
64473 है जिसमें से पुरुष और महिला क्रमशः
33123 और
31350 है वहीं कहा जाता है की यहां की

आबादी मुस्लिम बहुल वाला इलाका है apraad
भी कम लक्ष्य द्वीप देश में सबसे छोटा है
इसलिए पुलिस बाल भी बहुत छोटा है साथ ही
यहां अपराध दर भी बहुत कम है पुलिस स्टेशन
पर चोरी अतिक्रमण दंगों ट्रस्ट आदि के

अपराधिक उल्लंघन के मामलों की सूचना दी
जाती है यहां जगना अपराध दुर्लभ है
लक्ष्यदीप के आधिकारिक सरकारी वेबसाइट के
अनुसार अभी तक हत्या के तीन मामले दर्ज
किए गए हैं वहीं अपने खूबसूरती को समेटे
हुए राजधानी के अलावा दोस्तों यहां एक और

शहर बहुत ही फेमस है जिसका नाम अप है
वास्तव में अगर आप प्राकृतिक सौंदर्य के
देखने के शौकीन है तो यार अकेले समुद्री
तट वनस्पतियां और जीवन की बहुतायत संख्या
और हरे घास के मैदान यहां की पर बाकी की
दुनिया से अलग करती है ऐसे में देखा जाए

तो यही बात लक्ष्यदीप की खूबसूरती को और
आगे बढ़ती है पिछले कुछ वर्षों में
प्रेरकों की संख्या में वृद्धि होने के
कारण लक्ष्यदीप के दीपों की पाक संस्कृति
प्रभावित हुई है आज guntakon की इच्छाओं

को ध्यान में रखते हुए इस तरह और अन्य
भोजनालय कोरिया और महाद्वीपीय विशेषताओं
की एक विस्तृत श्रृंखला भी प्रस्तुत करता

है उत्तम स्वाद ताजगी और भारतीय फसलों में
पकाए गए लक्ष्यदीप के व्यंजन अदिति है
वास्तविक द्वीप समूह समुद्री भोजन
प्रेमियों के लिए स्वर्ग है तो दोस्तों ये
थी भारत के सबसे अद्भुत और बेहतरीन यूनियन
टेरिटरी के बारे में जानकारी और उसके

इतिहास पर एक रोचक वीडियो आपको कैसी लगी
हमें कमेंट सेक्शन में बताना जरूर

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