किसानों पर आंसू गैस के गोले? पुलिस कर रही ट्राफिक जाम?डर गई बीजेपी सरकार? - instathreads

किसानों पर आंसू गैस के गोले? पुलिस कर रही ट्राफिक जाम?डर गई बीजेपी सरकार?

मैं मोदी सरकार की पुलिस को बताना चाहूंगा
कि वह हमारे किसान हैं आतंकवादी नहीं हैं
बंद कीजिए यह पुरानी सोच जो आपने किसानों
के पहले आंदोलन के दौरान दिखाई थी शंभू
बॉर्डर पर जिस तरह से आंसू गैस के गोले

छोड़े गए किसानों पर वह शर्मनाक है जिस
तरह से उन पर ज्यादती और जुल्म किया गया
है वह शर्मनाक है और सबसे शॉकिंग दोस्तों
मंदीप पुनिया के गांव सवेरा ने यह वीडियो
पोस्ट किया है है और इस वीडियो को कई और

पत्रकार भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं मसलन
पत्रकार अजीत अंजुम ने भी अपने प्लेटफार्म
पर इस बात की पुष्टि की है कि ड्रोन के
जरिए देखिए ये वीडियो दोस्तों ड्रोन के
जरिए आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं

अरे भाई यह एलएसी नहीं है भारत चीन सीमा
नहीं है जहां आप इस तरह का अग्रेशन दिखाएं
इस तरह की आक्रामकता दिखाएं कि आप ड्रोन
के जरिए लोगों पर आसू गैस के गोले छोड़
रहे हैं सबसे शॉकिंग दोस्तों गोदी मीडिया

आपको लगातार दिखा रहा है कि किस तरह से
दिल्ली और मेरठ हाईवे पर बुरी तरह से जैम
है यह जाम लगातार दिखाया जा रहा है कि
देखिए किसानों की वजह से किसानों की
आंदोलन की वजह से यह जैम लगा

है यहां पर मेरी दो राय है दोस्तों सबसे
पहले मैं आपके सामने पत्रकार विजेता सिंह
के ये वीडियोस पेश करना चाहता
जो उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पेश
किया है विजेता सिंह यहां बता रही हैं कि

ट्रैफिक को धीमा कर देने के बाद नोएडा
पुलिस और दिल्ली पुलिस कारों के अंदर
किसानों की तलाश कर रहे हैं विजेता सिंह
आगे यह भी करती हैं यह जो जैम लगा है यह
जो ट्रैफिक जैम लगा है जो आप दिल्ली मेरठ

एक्सप्रेसवे पर देख रहे हैं यह पुलिस के
कारण है मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं
यह कारों के अंदर आप किसानों की तलाश कैसे
कर रहे हैं क्या आप कार के शीशे खोलते हैं
लोगों के जो कपड़े हैं उसे संगते हैं कई
उनमें से मिट्टी की स्मेल तो नहीं आ रही

है हम या आपको लगता है कि जिसके हाथ में
गाजर मूली होगी वो किसान
होगा और आपको समझना पड़ेगा इसके पीछे की
सोच क्या है इसके पीछे की सोच साफ है कि
किसान को बदनाम करो वो जो ट्रैफिक जैम में
फंसा हुआ है उसे बतलाओ कि देखो इस आंदोलन

की वजह से तुम लोगों को कितनी प्रॉब्लम हो
रही है
और दूसरी बड़ी
बात यह इस देश के अंतर्गत आपको अधिकार
मिला हुआ है कि आप शांतिपूर्वक तरीके से
विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं आज सुप्रीम

कोर्ट में भी किसानों के नुमाइंदे ने यही
बात कही उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन
करना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना
हमारा अधिकार है हमारा लोकतांत्रिक अधिकार
है जो हमें संविधान में हासिल
है यहां पर पहली बात तो आप आंसू गैस के

गोले के जरिए उसे प्रदर्शन नहीं करने देते
आप ड्रोन से गिराते हैं आंसू गैस के गोले
फिर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर इस तरह से
जैम लग जाता है दोष किस पर माड़ जाता है
गोदी मीडिया द्वारा कि साहब किसानों की

वजह से ऐसा हो रहा है जबकि हकीकत क्या है
हकीकत यह है कि दिल्ली पुलिस और उत्तर
प्रदेश पुलिस ने जगह-जगह पर बैरिकेडिंग
लगा दी है वो गाड़ियों में देख रही है कि
कहीं किसान जो है वो दिल्ली में प्रवेश तो

नहीं कर रहे हैं अब आप मुझे बताइए ऐसे में
जिम्मेदारी किसकी है
कांग्रेस ने इसे बहुत बड़ा मुद्दा बनाया
दोस्तों क्या कह रहे हैं रणदीप सिंह
सुरजेवाला आइए सुनते हैं सरकार यह भी समझ
ले कि यह तो किसानों की लड़ाई का आगाज है

अभी तो बस पंजाब और हरियाणा के किसान
न्याय मांगने दरवाजा खटखटाने आए हैं जब
पूरे देश के किसान की कुमक दिल्ली आएगी तो
फिर अंजाम क्या
होगा किसान खेत मजदूर की परवरिश का सबसे

बड़ा हि हिस्सा शांति और सदाचार होता है
किसान कभी हिंसक नहीं होता क्योंकि जमीन
कभी हमें हिंसक होना सिखाती ही नहीं उसे
मालूम है कि दूसरे का हक लेना नहीं और
अपना हक हर हाल में हासिल करना है इसलिए

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं
कहूंगा और एक किसान के तौर पर भी कि हम
किसानों के न्याय की मांग का समर्थन करते
हैं राहुल जी न्याय की इसी लड़ाई को लड़
रहे हैं
खड़गे जी न्याय की इसी लड़ाई को लड़ रहे

हैं और हमारी मांग बड़ी सीधी
है देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी
को किसानों को फौरन बुलाकर उनसे बात कर
उन्हें न्याय देना चाहिए एक लाइन की मांग
है देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी को

किसानों को फौरन बुलाकर उनके आमने सामने
बैठकर बात कर उन्हें न्याय देना चाहिए
वरना सत्ताधारी सरकार यह भी जान
ले यूं ही हमेशा जुल्म से उलझती रही है
खलक यूं ही हमेशा जुल्म से उलझती रही है

खलक ने उनकी रस्म नहीं है ना अपनी रीत
नहीं यूं ही हमने हमेशा खिलाए हैं आग में
फूल ना उनकी हार नहीं है ना अपनी जीत नहीं
जय जवान जय किसान और भाजपा का प्रचार
तंत्र एक बात और कह रहा है

कि देखिए राजनीति का प्रवेश हो गया है
तमाम मीडिया न्यूज चैनल्स यही कह रहे हैं
कि कांग्रेस समर्थन दे रही है फलाना ढिमरा
समर्थन कर रही है सबसे पहले कुछ देर बाद
मैं आपको बतलाऊ कि इस बार जो किसान संगठन
शामिल हुए हैं वह राजनीति से प्रेरित हैं

या नहीं उसकी चर्चा बाद में मगर मैं आपसे
कुछ और पूछना चाहता हूं कुछ देर के लिए
अगर मान भी लू कि कांग्रेस इसे प्रायोजित
कर रही है तो अन्ना आंदोलन का क्या क्या
हम नहीं जानते कि अजीत डोभाल की विवेकानंद

फाउंडेशन उस आंदोलन के पीछे थी और सबसे
बड़ी बात विपक्ष और आंदोलनकारियों के बीच
में एक रिश्ता एक अरसे से रहा है क्योंकि
सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा करना
यह विपक्ष का काम है ऐसे में अगर कांग्रेस

इस आंदोलन के पीछे है भी तो क्या गलत है
भाई सबसे बड़ी बात फिर आप इन किसानों से
बात क्यों कर रहे हैं एक तरफ आप उन
किसानों से बात भी कर रहे हैं दूसरी तरफ
आप आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं आप

उन्हें बदनाम कर रहे हैं पिछली बार तो
बाकायदा आपने एफिडेविट में यह लिखकर कह
दिया था कि इस आंदोलन में खालिस्तानी है
और अब एक तरफ आप बात करने की बात कर रहे
हैं और दूसरी तरफ

पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हो तो
ऐसे में सरकार की नियत पर भरोसा नहीं किया
जा सकता यही तो खेल है सरकार का दोस्तों
यह सरकार दोनों तरफ से खेलती है एक तरफ वो
जानबूझ के ऐसे हालात पैदा करती है जिसके

जरिए जनता में संदेश जाए कि देखो इन
किसानों की वजह से आम इंसान को कितनी
तकलीफ हो रही है किसानों को बदनाम किया
जाता है और दूसरी तरफ आप खुद ही ऐसे हालात
को पैदा कर रहे हैं मैं फिर आपसे पूछता

हूं दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर अगर जम
लगा है तो इसका जिम्मेदार कौन है आखिर
क्यों हर गाड़ी को चेक कर रही है दिल्ली
पुलिस और नोएडा
पुलिस यह सवाल तो किया जाएगा

ना अब मैं उस सवाल का जवाब देना चाहता हूं
कि यह आंदोलन कितना राजनीतिक है दोस्तों
याद कीजिएगा जब किसानों का पहला आंदोलन
हुआ था तो इसमें कई नाम जुड़े हुए थे जो

अब नहीं है कौन-कौन से नाम राकेश टिकैत
गुरुनाम सिंह चड़ी योगेंद्र यादव राकेश
टिकैत के भाई नरेश टिकैत इनमें से अब कोई
भी अब इस आंदोलन में नहीं दिखाई दे रहा है
चड़ी साहब ने तो यह तक कह दिया कि इस

यात्रा को इस आंदोलन को शुरू करने की क्या
जरूरत थी आपको सबसे बातचीत करनी चाहिए थी
यह व तमाम नेता है राकेश टिकैत को अगर हम
छोड़ दे वह तमाम नेता हैं जो किसी ना किसी
तरीके से पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े हुए

हैं सबसे पहले राकेश टिकैत की बात करते
हैं राकेश टिकैत लगातार यह मुद्दा उठा रहे
हैं कि किस तरह से मध्य प्रदेश में
किसानों की गिरफ्तारी हो रही है जो किसान

दिल्ली आना चाहते थे मगर अगर आप एक बात पर
गौर करें उनके भाई जो है नरेश
टिकैत भाजपा के साथ अक्सर दिखाई देते हैं
भाजपा का कोई रोड शो निकलता है तो व संजीव

बालियान के साथ बैठे होते हैं यानी कि
टिकैत परिवार में यह डाईकोट य दोहराव साफ
तौर पर आप देखेंगे राकेश टिकैत कुछ और कह
रहे होते हैं उनके भाई तो कट्टर भाजपाई
हैं अब हम बात करते हैं योगेंद्र यादव की

योगेंद्र यादव अब राहुल गांधी के साथ
शामिल हो गए हैं उनकी भारत जोड़ो यात्रा
के साथ इसके अलावा कई नेता हैं जो पंजाब
में चुनाव लड़े हार गए मुश्किल से हजार
दोज वोट मिले यह

सब पहले किसान आंदोलन में किसान संगठनों
का हिस्सा थे अब जो लोग यात्रा कर रहे हैं
अपनी 10 मांगों के साथ उनमें से कोई
राजनीतिक व्यक्ति नहीं है उल्टा मैं आपको

बयान सुनाना चाहूंगा फतेहगढ़ साहब में
बयानात दिया किसान नेताओं ने वो यह कह रहे
हैं कि भाई हम तो कांग्रेस के खिलाफ भी है
और भाजपा के खिलाफ भी क्योंकि आज जो हम
नीतिया देख रहे हैं उसमें जिम्मेदारी कुछ

हद तक कांग्रेस की भी है सुनिए फतेहगढ़
साहिब में यह बात क्या कही जा रही है हम
देश के किसान मजदूर है किसी जो बोला जा
रहा है मीडिया में कोई कांग्रेस को नहीं

कोई कांग्रेस हमें सपोर्ट नहीं करती हम
कांग्रेस को भी उतना दोषी मानते जितना
भाजपा दोषी है ये नीतियां तो कांग्रेस
लेकर आई है हम कोई लेफ्ट नहीं है हम जो

सीपीआई सीपीएम ने जो बंगाल में राज किया
उन्होंने 200 गलतियां की वहां से पश्चिमी
बंगाल में कौन सा इंकलाब आ गया हम किसी के
पक्ष वाले नहीं है हम किसान मजदूर की आवाज

उठाने वाले हैं उनके आदमी हैं
तो बाकी हम फिर अपने लोगों से अपील करेंगे
चाहे पंजाब और देश के गायक हैं बुद्धिजीवी
हैं ए नाराई भाई हैं चाहे और सिविल

सोसाइटी है सभी सिविल सोसाइटी उसमें
पत्रकार भा चारा भी आता है वह जरूर इस
बड़े आंदोलन में यह हमारा सवाल नहीं हम
नहीं कहते 140 करोड़ देशवासियों की मांग
है

अब मैं आपको एक और चीज याद दिलाना चाहता
हूं
दोस्तों 2014 से पहले राजनाथ सिंह का बयान
है उन्होंने कहा था कि जब भी मैं किसानों
को आंदोलन करते हुए देखता हूं तो मैं यह
नहीं देखता हूं कि वो किस संगठन से मैं

सीधे उनका साथ देता हूं तब तो भाजपा के
नेता ता ये नहीं कहते थे कि यह किसान जो
है उस पॉलिटिकल पार्टी से जुड़ा है उस
पॉलिटिकल पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है तब
तो राजनाथ सिंह ऐसा नहीं कहते थे ना तब तो

कोई भी भाजपा का नेता यह नहीं कहता था जब
किसान कभी कोई आंदोलन करता था कि भाई आप
इस पॉलिटिकल पार्टी के साथ जुड़े हैं तब
तो राजनीति से प्रेरित वाला एंगल कभी नहीं

आता था अब ये तमाम बातें क्यों की जा रही
है तो वाकई दोस्तों मैं कह सकता हूं कि
जिस तरह से आसू ग्यास के गोले छोड़े गए
जिस तरह से वहां माहौल बन रहा है जिस तरह

से जानबूझकर नोएडा और दिल्ली पुलिस
ट्रैफिक जैम के हालात क्रिएट कर रही है
जैसा कि पत्रकार विजेता सिंह ने बताया
हमें यह बात स्पष्ट हो जाती है कि किसानों
पर बेवजह दोष मढ़ा जा रहा है उन्हें

लोकतांत्रिक तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से
अपनी बात रखने का अधिकार
है सरकार को अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए
अजार शर्मा को दीजिए इजाजत नमस्कार
स्वतंत्र और आजाद पत्रकारिता का समर्थन

कीजिए सच में मेरा साथी बनिए बहुत आसान है
दोस्तों इस जॉइन बटन को दबाइए और आपके
सामने आएंगे ये तीन विकल्प इनमें से एक
चुनिए और सच के इस सफर में मेरा साथी बनिए

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