कुलदेवी का वास अपने घर में करना है तो ये करो - instathreads

कुलदेवी का वास अपने घर में करना है तो ये करो

घर में बार-बार यह प्रश्न आया है कि

कुलदेवी को कैसे जाग्रत करें कुल देवी को

कैसे पसंद करें हमें अपने घर की कुलदेवी

के विषय में नहीं पता तो आज की वीडियो में

मैं आपको जो उपाय बताने जा रहा हूं

कुलदेवी को जागृत करने का कुल देवी को

प्रसन्न करने का एक उपाय बताने जा रहा हूं

जो कि

मात्र मात्र मिनट का उपाय है और इसे आप

करते हैं तो आपके घर की कुल देवी अगर रूठी

हुई है तो वह मान जाती हैं अगर वह क्रोधित

है तो शांत हो जाती हैं कोई गलती हो गई

मैं आपसे तो आपको समा कर देती हैं और अगर

आपके घर में उनका वास नहीं है तो आपके घर

में वास करती हैं क्या वह उपाय हैं कैसे

आपको करना है वीडियो को ध्यान से सुनना

ताकि बारीक इसे एक चीज आपको समझ में आए

पहली बार चैनल पर हैं तो वीडियो के नीचे

जो लाल कर का बताना सब्सक्राइब का उसे

दबाकर चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और बेल

आइकॉन को दबाइए घंटी के निशान को ताकि जो

जानकारी हम डालें मुंह सबसे पहले आपको

प्राप्त हो सभी घरों की कुलदेवी होती है

और कुलदेवी की पूजा साल में की जाती है एक

साल में होली दीपावली को की जाती है शादी

यह में उनकी पूजा की जाती है और जब बच्चा

होता है मैंने एक नया बच्चा जन्म लेता है

घर में तब भी सबसे पहले कुल देवी की पूजा

की जाती है यह कुल देवी अगर पूजा के

अधिकारी होती है सबसे पहले कुलदेवी की

पूजा की जाती है कोई भी काम होता है तो

कुल देवी को मना कर किया जाता है कोई अगर

आप बना रहे हैं कोई गाड़ियां आप ले रहे

हैं तो कुल देवी के स्थान पर आपको जाना

होता है और उनको पसंद अगर ना होता हो वहां

पर सात दिन होता है जिससे वह प्रसन्न होती

हैं और आप अपनी अनुकंपा करती हैं पर

अधिकतर लोग एक गलती जो बहुत बड़ी गलती

करते हैं वह यह होती है कि जब भी वह अपने

घर की कुल देवी के दरबार में जाते हैं

जिनको अपने घर की कुलदेवी के विषय में पता

है उनकी बात कर रहा हूं और अगर आपको अपने

घर की कुलदेवी के बारे में नहीं पता तो आप

माता दुर्गा को अपने कुल देवी के पूज्य

माता दुर्गा आपको संकेत देंगी स्वप्न के

माध्यम से या अन्य किसी माध्यम से आपको

आपके घर के कुल देवी के दर्शन जरूर होंगे

माता दुर्गा के ही रूप अलग-अलग रूप

कुलदेवी के रूप में पूछते हैं तो माता

दुर्गा ही आदिशक्ति हैं जिनकी उपासना करते

हैं तो वह कुल देवी की कृपा आपको प्राप्त

होने शुरू हो जाती है तो जब भी आप अपुन

देवी के स्थान पर जाते हैं तो सबसे बड़ी

गलती यह होती है कि कुलदीप के स्थान पर

अलग-अलग तरीके से पूजा होता लगा कि कलियुग

किसी की कुल देवी के मंदिर में घी का दीपक

लगाया जाता है किसी के कुल देवी के घर

दरबार में नारियल की भूख लगती है किसी के

घर की कुल देवी के दरबार में हलवा-पूड़ी

का भोग लगता है तो किसी के दरबार में जो

आर्म प्रशांत होता मीठा प्रशांत होता है

जो उच्च नौकरी कहते हैं उस तरीका बता से

कहते हैं उनका भोग लगता है या फिर किसी की

उम्र यह जो पूरे होते हैं पूरे उनका भोग

लगता है गुलजार कहते हैं उन कामों को लगता

है या लपसी का भोग लगता है उन दो युवकों

को

है तो अधिकतर लोग क्या करते हैं वह खाली

हाथ जाते हैं अपने घर की कुल देवी के

दरबार में और जब वह खाली हाथ कुल देवी के

दरबार में जाते हैं तो जो दुकानें होती है

मंदिर पर वह दुकानों से भी लेते हैं जो

जलाने के लिए तेल लेते हैं प्रसाद भी

दुकानों से ही लेते हैं और फिर लाइन में

लग जाते हैं जो लाइन है और सीधे जब लाइन

में जाते हैं खुले दरबार में तो ऐसे ही वह

प्रसाद देते हैं और वापिस आ जाते हैं

जोड़ों के और वह सोचने की कुल देवी आपसे

प्रसन्न हो गई थी

कि जो मेन बात है जो सच्चाई यह है कि आप

की हाजरी नहीं लगी

कुलदेवी की पूजा पूर्ण नहीं हुई आ तो गए

हैं पर पूरी तरीके से अपने उनको नहीं

मनाया क्योंकि भोग हर देवी-देवता का मेन

होता है जब अपने घर के कुलदेवी का भोग

देते हैं तो वह प्रसन्न होती है पर आप

क्या करते हैं कि वही की दुकानों से वह जो

भी होता है वह देसी घी होता ही नहीं है जो

प्रसाद होता है वह भी ऐसे ही होता है और

बाहर का प्रसार होता है कुल देवी आपके घर

की होती है आपके घर की

कि आपके घर की कुलदेवी होती है आपने देखा

होगा कि अधिकतर में हमारे यहां पर हैं तो

आप बाहर से खाना खिलाता है कि वह मेहमान

होते वह बाहर के होते हैं पर जब आपके घर

में जो खाना बनता है परिवार के लिए यह

परिवार आपके घर का तो घर का खाना खिलाते

हो सकता है कि ऐसी कुलदेवी का होता है कुल

देवी को जो प्रसाद जब भोग लगता है वह आपके

घर का जिस घर में लक्ष्मी घर में होती है

जो खाना बनाती है लक्ष्मी जिसे कहते हैं

जो घर का खाना बनाते लोगों का उसके हाथ का

भोजन होता है वह हमारे घर की देवी को

अत्यंत प्रिय होता है

क्योंकि वह आपकी मेहनत और लक्ष्मी घर की

बहु होती है जो संतान की देवी के आशीर्वाद

से ही संतान आगे बढ़ती है और

घृणा है तो उन्हीं के हाथ का भोग सबसे

ज्यादा पसंद करती हैं

मैं आपको बता दूं उनके हाथ का भोग कुलदेवी

को इतना पसंद होता है कि अगर आप कुल देवी

के दरबार में जाकर भोग लेकर जाएं और कुल

देवी से आग्रह करें कि हां यह भोग व मेरे

घर का भोग है इसे प्रशांत को स्वीकार

कीजिए इसे ग्रहण कीजिए और मेरे साथ मेरे

घर चली ताकि मैं यही प्रसाद आपको खिला

सकूं तो कुल देवी आपके साथ आपके घर चले

जाते हैं आपके घर में विराजमान हो जाती

अपना वास आपके घर में करती है इतना

अत्यधिक प्रिय होता है वह उनको तो यह

चीजें आपको समझ नहीं होगी कुल देवी का

जुड़ाव कहां से होता है जो बहुत होती है

और कुलदेवी का जुड़ाव उनसे होता है

क्योंकि कुलदेवी का ही कुलदेवी का

आशीर्वाद से ही वर्ष आगे बढ़ता है

है तो यह गलती सबसे ज्यादा लोग करते हैं

इसे प्रसाद ले लेते हैं अब आपको क्या करना

है जब आप जाएंगे कुल देवी स्थान पर तो

कुलदेवी के स्थान पर जाने से पहले आप कुछ

भी बरसात जो बना रहे लड्डू बना रहे हैं

हलवा पुड़िया बना रहे हैं कृपया बना रहे

हैं जो भी यानी कि जो ग्रहण होगी घर की वह

बनाएगी उनके लिए पूरी श्रद्धा से पवित्रता

के साथ

यौन जो माताओं बहनों को मासिक धर्म न तो

उस चीज का विशेष रूप से ध्यान रखें उस

टाइम ना तो भोग बनाएं कुलदेवी का नाम के

दरबार में जाए तो इस चीज का विशेष रूप से

ध्यान रखिए पवित्रता का ध्यान रखना है

बर्तन वगैरह का झूठा नहीं होना चाहिए

उसमें बढ़िया तरीके से पंच मेवा आपको

डालने देसी घी का प्रयोग करना है यानि कि

जैसे आप अपनी माता को अपने पिता को लाड

करते हैं प्यार करते हैं माता-पिता अपने

बच्चों को प्यार करते हैं कि अधिक से अधिक

अच्छी चीज दी जाए उसमें दूध बिना पानी का

दूध देते हैं देसी घी देते हैं पंच में

उसी प्रकार से उनको देना उनको प्रसन्न

करना है तो हलवा पूरी बना यह खीर पूडी

बनाइए बिल्कुल भी आपको लालच नहीं करना

जितनी शुद्धता और जितना ध्यान आपको रखना

है लगभग-लगभग ₹ में तैयार हो जाता है

कुलदेवी का भोग तो आपको उनका बहुत प्यार

से बनाना है प्यार से बनाने के बाद आपको

एक बर्तन में वह भोग रखना है और उस थारी

मैंने एक थाली सजाने है उसमें थाली में

भोग रखना है और अपने घर में जो अपना घर है

उसके अंदर खड़े होकर जो मेन चौखट होती है

बाहर के प्रमुख दैनिक आपको खड़ा होना घर

के अंदर घर के अंदर खड़ा होना है आपको और

बाहर की तरह करना है और थाली लेकर आंख बंद

करके बोलना है मैं मेरे घर के कुलदेवी अगर

पता है तो नाम लेना नहीं पता तो माता

दुर्गा का नाम लेना है कि यह भोग आपके लिए

बनाया है और इस भाव को लेकर मैं आपके

दरबार में आ रहा हूं यह आ रही हूं कृपया

करके इस भोग को मंजूर करना स्वीकार करना

है और हमें सही सलामत अपने दरबार में

पहुंचा ना तो पहली बात तो यह कि आपको

परेशानी कोई नहीं होगी थाने में दूसरी बात

के कुल देवी आपको होने नहीं देगी परेशानी

क्योंकि उनको पता है कि उनका व्यवहार है

तो वह सही सलामत और टाइम से आपको

पहुंचाएंगे कोई दिक्कत नहीं होने देगी और

जब आप उनके परिवार में जाओगे तो ऐसे ही

भोग नहीं देना आपको उस भोग को ऐसे ही

अरदास करके देना है कि हे मां जैसे कई बार

क्या होता पंडित जी वंदे में चढ़ाने नहीं

देते तो वह पैसे देने पर सामने से कालकाजी

में ऐसी प्रसाद देते वहां सिर्फ देते हैं

आपको वह प्रसाद देने से पहले अरदास करने

के दरबार में उनके सामने कि हे मां यह

आपका भोग में लेकर आया हूं या यूं इसे

मंजूर कर माई और यह भोग आपके लिए बनाया है

इसे ग्रहण करवाई और प्रसन्न हो और माता

हमारे साथ हमारे घर चलो ताकि ऐसा ही

प्रसाद आप हमारे घर में खा सको

का पोर्शन हिम आईएफ पर्सन तो इस प्रकार से

भोग देखिए उसके बाद आप घर चले करना जैसी

आप घर चलेंगे तो आपको अनुभव और का एहसास

होगा कि कोई चीज कोई शक्तियां आपके साथ है

अगर उत्सव उस टाइम आपको अनुभव न हो तो घर

जाएंगे इस स्वप्न के माध्यम से उस रात

आपको अनुभव होगा और आपकी जो यात्रा होगी

वह बिल्कुल बढ़िया होगी कोई दिक्कत नहीं

आई किसी प्रकार की पता नहीं चलेगा कि आप

कैसे गए कब गए कब आए कोई परेशानी नहीं

होगी आपको और जब आप घर आएंगे तो आपको घर

में जब से आप पैर रखने से पहले घर में पैर

रखने से फैला आपको बोलना है कि ही मेरे घर

के कुलदीप नाम बताएं तो नाम बोलना वरना

मां दुर्गा का नाम से मेघा की कुलदेवी यह

आपका घर है पहले आप इसमें प्रवेश के लिए

तो माता प्रवेश पहले करेंगे इसके बाद आपको

प्रवेश करना है और माता अपना फिर जो आपने

उनका स्थान बनाया मंदिर बनाया वहां पर

आपको पहले सबसे पहले वहां जाना है आप

हाथों कर्म मुद्दों के वह ना ही माता यहां

पर विराजमान हो यह और विराजमान होने के

बाद जैसे माता और आसमान होगी तो उस समय

सिस्टम यह बोलोगे कि माता विराजमान है उस

समय आपको वह अपने हाथों से बनाना है और

अपने घर पर लगाना है और जो दिल्ली

पूजा-पाठ वो करने दीपक जलाकर तो आप

देखेंगे उस समय कुलदेवी का दीपक जलाना कुल

देवी को भोग लगाना है और इस प्रकार आप

देखेंगे कि कुलदेवी इतनी प्रसन्न होगी

आपसे और उस टाइम से लेकर आप देखना एक दो

महीने का टाइम आप देखना आपके घर का नक्शा

बदल जाएगा पूरा आपको वें भाव देने की

जरूरत नहीं आप ऐसे बोल सकते हैं माता अपना

भोग स्वीकार कीजिए तो आप अपने घर की जो

कांप्लेक्शन देख सकते हैं कि घर में क्या

बदलाव आ रहा है आपका यह छोटा सा उपाय आपके

पूरे जीवन को अलग रख सकता है क्योंकि कुल

देवी वह महा शक्ति होती है जो सभी

देवी-देवताओं को रोक सकते हैं आपके घर में

घुसने से आप चाहे वो कितनी अदनान कितनी

साधना कर लो है इसलिए कुलदेवी को मनाना

आवश्यक है और इस उपाय को करने वाले से

महीने में फर्क आपको खुद दिखेगा पैसे की

कमी नहीं होगी घर में खुशहाली होगी दिक्कत

है बीमारियां सब बाहर जाएंगी और आपके घर

में कुल देवी एक इस तरीके से विराजमान

होंगे जैसे घर का मुखिया होता है और सभी

जिम्मेदारियों के पास होती है आपके बच्चों

की व्याख्या सभी मेंबर में की रक्षक हम

माता कुलदेवी जगह करेंगे तो इसको खुद

आजमाएं यह और एक दो महीने बाद मुझे कमेंट

करके जरूर बताना इस वीडियो पर किसी अन्य

वीडियो पर के गुरु जी आप यह वीडियो मैंने

देखी थी जो भी अनुभव आपको या फिर जो आपको

बदलाव मुझे आशा है जानकारी आपको पसंद आई

होगी वीडियो के नीचे लाइक का बटन को दबाकर

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कीजिए वीडियो को ताकि और लोगों तक जानकारी

पहुंचे और लोग इसका फायदा उठा पाए बावरिया

से विनती करता हूं कि बाबा की कृपा से आप

की कुलदेवी कटवा आपके घर में हो आप सदा

सुखी रहें हम मिलते हैं नई जानकारी के साथ

तब तक के लिए ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय

ओम नमः

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