कैसे पाकिस्तान में मिला हिंदुओं का सबसे बड़ा मंदिर ? | Why Pakistan Is Renovating Katasraj Temple - instathreads

कैसे पाकिस्तान में मिला हिंदुओं का सबसे बड़ा मंदिर ? | Why Pakistan Is Renovating Katasraj Temple

साल 2017 है जब पाकिस्तान के एक मंदिर से
भगवान शिव हनुमान और राम की मूर्तियां
गायब हो जाती हैं जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट
ने ना सिर्फ पाकिस्तानी प्रशासन को फटका

लगाई बल्कि दो अरब का फाइन भी लगाया
पाकिस्तान जैसे देश में जहां हिंदू सबसे
बड़ी माइनॉरिटी है जहां सैकड़ों मंदिरों
को या तो डिस्ट्रॉय कर दिया गया या ऐसे

हालत में पहुंचा दिया गया कि वह कभी भी ढह
सकती है जहां इस्लाम के अलावा किसी और
धर्म को मानने वाला काफिर है वहां की
अदालत हिंदू धर्म और मंदिरों की सुरक्षा

की बात करें तो यकीन करना मुश्किल हो जाता
है लेकिन यह सच है आखिर वह कौन सा मंदिर
है तो आज हम क्यों इस मंदिर की बात कर रहे
हैं और क्या है इस मंदिर की खासियत इन

सारे सवालों के जवाब आपको इस वीडियो में
मिलेंगे बने रहिए वीडियो के एंड तक हिंदू
धर्म की पौराणिक कथाओं के अनुसार जब माता
सती के पिता ने भगवान शिव का अपमान किया
और देवी सती अपनी आंखों के सामने अपने पति

का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकी और वोह
इतना क्रोधित हुई कि उन्होंने अग्नि समाधि
ले ली देवी सती की मृत्यु से भगवान शिव को
गहरा आघात पहुंचा और वह इस शोक में डूब गए

कि इस गहरे शोक और विलाप के कारण शिव की
आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली उसी
वक्त शिव की इसी अशु धारा की दो बूंदे
धरती पर आ ग और उन्हीं दो बूंदों से दो
कुंडों का निर्माण हुआ इन्हीं में से एक
कुंड है जिसे कटाक्ष कुंड कहते हैं वो

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कटास
राज मंदिर में है और दूसरा राजस्थान के
पुष्कर में यह वही मंदिर है जिसके परिसर
से गायब मूर्तियों को लेकर पाकिस्तान का
सुप्रीम कोर्ट नाराज था इस शिव मंदिर की

स्टोरी महाभारत से भी जुड़ी है दरअसल बात
5000 साल पुरानी है जब जुए के खेल में
कौरवों ने पांडवों को हरा दिया तो हारने
के बाद पांडवों को 12 वर्ष का वनवास और एक

साल का अज्ञातवास दे दिया जाता है मतलब
पांडवों को पूरे एक साल तक ऐसी जगह रहना
था जहां उन्हें कोई पहचान ना पाए शर्त यह
भी रखी गई कि अगर इस दौरान उन्हें कोई
पहचान जान लेता है तो उन्हें फिर से 12

साल के वनवास और 1 साल के अज्ञात वास पर
जाना होगा यह ऐसी शर्त थी जिसमें जरा सी
लापरवाही से पांडवों के वनवास का यह सफर
कभी खत्म ही नहीं होता इस तरह इस अज्ञात
वास में सबसे बड़ी चुनौती पांडवों के लिए

अपनी पहचान छुपानी थी पहचान छुपाने के इसी
क्रम में पांडव भटकते भटकते इस मंदिर की
तरफ आ गए उस वक्त इस मंदिर की कुंड पर
यक्ष का अधिकार था पांच पांडव में से एक
नकुल को बहुत तेज प्यास लगी जब नकुल ने

कुंड को देखा तो पानी पीने के लिए कुंड की
तरफ बढ़ा तभी कुंड का स्वामी यक्ष प्रकट
हुआ और बोला कि इस कुंड का पानी तुम्हें
तभी पीने को मिलेगा जब तुम मेरे प्रश्नों
का उत्तर दे दोगे लेकिन नकुल यक्ष के
प्रश्न का सही उत्तर दिए बिना ही पानी को

पी लिया इस बात से क्रोधित होकर यक्ष ने
नकुल को अपनी शक्तियों से मूर्छित कर दिया
एक-एक कर चारों भाई मूर्छित होते चले गए
क्योंकि इनमें से किसी ने यक्ष के
प्रश्नों का जवाब नहीं दिया आखिर में अपने
भाइयों को ना देख युधिष्ठिर भागे भागे उस
कुंड के पास गए अपने चारों भाइयों को

मूर्छित देख यक्ष से इन्हें जीवित करने का
अनुरोध करने लगे युधिष्ठिर की मांग को
मानते हुए यक्ष ने कहा कि मैं इन्हें ठीक
कर दूंगा लेकिन तुम्हें मेरे प्रश्नों का
उत्तर देना होगा युधिष्ठिर ने पूरी निष्ठा
के साथ यक्ष के प्रश्नों का उत्तर दिया

जिससे प्रसन्न होकर यक्ष ने युधिष्ठिर के
चारों भाइयों को जीवित कर दिया इसी घटना
को यक्ष युधिष्ठिर संवाद के नाम से जाना
जाता है इस मंदिर को लेकर एक और कहानी

प्रचलित है जिसके अनुसार इस मंदिर को
भगवान श्री कृष्ण ने बनवाया था और यहां एक
शिवलिंग स्थापित कर इसकी पूजा भी की थी इस
मंदिर को सत ग्रह के नाम से जाना जाता है

सत ग्रह का मतलब सात जगहों से है इस मंदिर
के कॉरिडोर में एक नहीं दो नहीं पूरे सात
मंदिरों का एक चैन है सात में से तीन
मंदिर भगवान शिव श्री राम और हनुमान के
हैं इन सातों मंदिरों में सबसे बड़ा मंदिर

भगवान श्री रामचंद्र का है यहां के
मंदिरों के स्टाइल पर कश्मीरियत का प्रभाव
है इन मंदिरों की छत पर लगे पिलर काफी
शार्प है आकार में यह मंदिर स्क्वेयर शेप
की है इस मंदिर की दीवारों पर बने आठ

फॉर्म को देखकर आपकी आंखें खुली की खुली
रह जाएंगी आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि
इस पूरे इलाके में ना केवल हिंदू धर्म के
ढेरों चिन्ह है बल्कि यहां जैन बौद्ध सिख
धर्म के भी बहुत सारी निशानियां हैं इसमें

बौद्ध शासन और हिंदू शाही वंश के बने
बौद्ध स्तूप हवेलियां और मंदिर शामिल है
कॉरिडोर के अंदर एक प्राचीन गुरु द्वारा
भी है कहा जाता है कि जब गुरु नानक देव
दुनिया की यात्रा पर निकले थे तो उन्होंने

अपने रहने के लिए एक घर इसी जगह पर बनाया
इसी जगह पर नाथ संप्रदाय को शुरू करने
वाले गोरखनाथ भी आए थे उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी नाथ

संप्रदाय के फॉलोअर भी हैं अभी-अभी आई
एनिमल मूवी का गाना अर्जन वेली तो याद ही
होगा यह गीत वीर राजा हरि सिंह नलवा के
पुत्र अर्जन सिंह नलवा के जीवन पर बेस्ड
है उन्हीं हरि सिंह नलवा की हवेली भी इसी

कॉरिडोर में स्थित है कभी यह हवेली बेहद
शानदार होती थी लेकिन आज इस हवेली को
देखकर कोई इस बात पर यकीन नहीं कर सकता
अभी यह काफी टूटी-फूटी सिचुएशन में है एक
वक्त ऐसा भी था जब इस मंदिर की भव्यता और
सुंदरता की मिसाल ढूंढनी मुश्किल थी यह

मंदिर इकट्ठे संगीत कला और शिक्षा के
केंद्र हुआ करते थे यहां के गुरुकुल में
विश्व की सबसे बेहतरीन शिक्षा दी जाती थी
उस वक्त इस मंदिर के दर्शन के लिए पंजाब
सिंध बलूचिस्तान तक्षशिला और अफगानिस्तान

से हिंदू आते थे ये लोग इस मंदिर में
पितरों का पिंड दान भी करते थे लेकिन
सेवंथ सेंचुरी के बाद इस इलाके को जैसे
नजर लग गई अचानक से इस इलाके में मुगलों
के आक्रमणों की बाढ़ से आ गई भारत का
वेस्टर्न बॉर्डर जहां आज का कटास राज

मंदिर है लगातार मुगलों के आक्रमण का
शिकार रहा जंजों वक्त आगे बढ़ रहा था
त्यों त्यों इस इलाके में मुगलों के
आक्रमण लूटपाट और हत्या की घटनाएं भी बढ़
रही थी यह मुगल लुटेरे अचानक से उस वक्त
आक्रमण करते जब आम पब्लिक अपने रोज के
कामों में लगी होती थी उस वक्त अचानक से

मुगलों की सेना आती बिना किसी रूल के
युद्ध करती पब्लिक को लूट द और हजारों की
संख्या में लोगों की हत्या कर दी और वापस
जाते हुए यहां के मंदिरों गुरुकुल को
क्रुशली तोड़ देती इस तरह मुगलों की सेना

ने गांधार जो कि प्रेजेंट में अफगानिस्तान
में है वहां की तक्षशिला यूनिवर्सिटी को
तोड़ डाला यहां पर हजारों लोगों का मर्डर
कर दिया यहां की औरतों का अपहरण कर उन्हें
अरब देशों में सेल कर दिया यह आक्रमण अभी

खत्म होने वाला नहीं था अभी तो आक्रमण का
एक ऐसा दौर आने वाला था कि जिसको सुनकर
इंसानी रूह कांप जाए 11वीं शताब्दी में
महमूद गजनी ने इतिहास का सबसे बड़ा

कत्लेआम मचाया यहां कम से कम 10000 से भी
ज्यादा टैलेंटेड आर्टिस्ट होते थे जो पूरी
दुनिया में अपनी हुनर और कला के लिए जाने
जाते थे महमूद गजनी के इस खौफनाक आक्रमण
के कारण यह शांति पीय लोग जिसमें
इंटेलेक्चुअल आर्टिस्ट्स और म्यूजिशियंस
थे यहां से माइग्रेट कर गए यहां से निकलकर

यह लोग इंडस रिवर के इस पार भारत आ गए और
बहुत सारे तो यूरोप भी चले गए एक रिसर्च
के अनुसार यहां से यूरोप गए भारतीय लोगों

ने ही रोमन म्यूजिक और आर्ट में कई इंडियन
आर्टफॉर्म को ऐड किया इनमें से एक है
जिप्सी डांस जिसे इन्हीं माइग्रेटेड
भारतीयों ने शुरू किया पार्टीशन के पहले
तक इस क्षेत्र में ठीक-ठाक संख्या में
हिंदू थे लेकिन पार्टीशन के बाद तो और भी

स्थिति खराब हो गई पार्टीशन के कारण हुए
दंगों और खून खराबे के कारण भी यहां से
बचे कुचे हिंदू अपनी जान बचाने के लिए
कहीं और चले गए आज इस इलाके में ना के

बराबर हिंदू रह गए यही नहीं 1992 तक यहां
मंदिरों की संख्या 300 थी लेकिन 1992 में
बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद वहां के
कितने ही मंदिरों को तोड़ा गया अनगिनत

हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कर दिया
गया इसके कारण अब इस इलाके में गिने चुने
मंदिर और बहुत कम हिंदू रह गए पाकिस्तान
में सबसे बड़ा माइनॉरिटी क्लास हिंदू है
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट
के मुताबिक पाकिस्तान की कुल आबादी में

लगभग 2.1 प्र हिंदू और लगभग 1.6 % ईसाई
हैं जबकि मुसलमानों की संख्या लगभग 96 प्र
है ऐसे में मन में एक सवाल आता है कि जहां
मुसलमानों की संख्या 96 प्र है वहां एक

हिंदू मंदिर की इतनी चिंता क्यों की जा
रही है दरअसल दुनिया भर में अपनी इमेज
इंप्रूव करने का प्रेशर पाकिस्तान के ऊपर
है दूसरा पाकिस्तान में भी एक तबका ऐसा है
जो लिबरल सोच में भरोसा रखता है जिस कारण

से कई बार वहां के मानवाधिकार संगठनों ने
अल्पसंख्यकों के मुद्दों को गंभीरता से
उठाया है कई बार ऐसा होता है कि
अल्पसंख्यक की प्रॉब्लम्स को लेकर
पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट खुद से
संज्ञान लेता है जैसा कि कटास राज मंदिर

के मामले में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने
लिया इस मामले में तो कोर्ट ने सरकार को
बहुत डांटा कोर्ट की गंभीरता उसके इस
स्टेटमेंट से पता चलती है जिसमें उन्होंने

कहा कि इस मंदिर में पाकिस्तान और भारत के
अलावा दुनिया भर से हिंदू समुदाय के लोग
धार्मिक रस्में अदा करने आते हैं अगर
मंदिर में मूर्तियां नहीं होंगी तो वह
पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं
के बारे में क्या धारणा बनाएंगे इ प्रेशर

ग्रुप के दबाव में और अपनी अंतरराष्ट्रीय
छवि इंप्रूव करने के लिए ना जाने कितनी
बार ही पाकिस्तान की सरकार ने इस मंदिर
तीर्थ के काबिल बनाने का जिम्मा उठाया
नवाज शरीफ के सरकार ने भी इस मंदिर के सूख
गए कुंडों में जल भराव और इमारतों को
मरम्मत कराने का जिम्मा उठाया आजादी के

बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कई
प्रकार के समझौते हुए हैं उन समझौतों में
से कुछ ऐसे हैं जो तीर्थ स्थलों की
सुरक्षा को लेकर भी किए गए हैं पाकिस्तान
में खत्म हो रहे हिंदू मंदिर और तीर्थ

स्थल को लेकर कई बार इंडियन गवर्नमेंट ने
भी पाकिस्तान पर प्रेशर बनाया है जिसके
कारण मंदिरों की हालत को सही करने का कदम
उठाया जाता है जिस तरह भारत और पाकिस्तान
के बीच हुए एक डील के कारण भारत से हिंदू

और सिख अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन और
पूजा के लिए जाते रहे हैं उसी तरह
पाकिस्तान के तीर्थ यात्री भी इसी डील के
कारण हर साल भारत अपने धार्मिक स्थलों के

दर्शन के लिए आते हैं पाकिस्तान से आने
वाले पंजाब प्रांत के सिख समुदाय के लोग
स्वर्ण मंदिर के दर्शन करते हैं वहीं
पाकिस्तान के मुसलमान तीर्थ यात्री अजमेर
में ख्वाजा जी की दरगाह के दर्शन करने आते

हैं क्या आपको पता है कि हर साल के कुछ
दिन ऐसे होते हैं जब भारत से कुछ लोग एक
ग्रुप में पाकिस्तान स्थित कटासराज मंदिर
के दर्शन के लिए जाते हैं इस साल भी भारत

स्थित लाहौर की सात दिन की यात्रा पर गया
इन सारे लोगों ने पूरे सात दिन तक कटास
राज मंदिर में चलने वाली पूजा अर्चना में
पार्टिसिपेट किया इस ग्रुप के मेंबर इस
यात्रा के दौरान कटास राज टेंपल के अलावा

17 अन्य टेंपल्स के भी दर्शन गो गए
पंडितों की माने तो कटास राज मंदिर के
साथ-साथ इन 17 मंदिरों के दर्शन करने के
बाद ही इस यात्रा के सही फल प्राप्त होते
हैं इन मंदिरों में अमृत कुंड स्नान लव

कुश के प्राण निवारण स्थान श्री राधा
कृष्ण मंदिर वाल्मीकि मंदिर के साथ-साथ
महाभारत के समय के और भी अलग-अलग मंदिरों
के नाम शामिल हैं इस मंदिर का माहौल किसी
फेस्टिवल की तरह होता है स्पेशली
शिवरात्रि वाले दिन इस दिन तो मंदिर में

श्रद्धालु की इतनी भीड़ होती है कि
पाकिस्तान की गवर्नमेंट को इन्हें मैनेज
करना डिफिकल्ट हो जाता है इस दौरान इस
मंदिर को बेहद अलग और भव्य तरीके से सजाया

जाता है इसके चप्पे-चप्पे को सैकड़ों
दियों के माध्यम से रोशन किया जाता है ऐसा
माना जाता है कि भगवान शिव की आंसुओं से
बने इस कुंड में स्नान करने से व्यक्ति के
सारे पाप धुल जाते हैं और उसे उसकी मनचाही

मुराद पूरी हो जाती है आपको यह जानकर
हैरानी होगी कि इस साल इस तीर्थ यात्रा पर
जाने के लिए भारत से मात्र 145 लोगों ने
वीजा लिए अप्लाई किया उसमें भी सिर्फ 62
लोगों के ही वीजा अप्रूव हुए जबकि वीजा

अप्लाई करने वालों की संख्या भी ज्यादा
होनी चाहिए थी और अप्रूव होने वाली वीजा
की संख्या भी ज्यादा साल 2006 की बात है
जब इसी मंदिर के दर्शन के लिए पाकिस्तान

जाने वाले श्रद्धालु बहुत ही परेशान हो गए
इस परेशानी का कारण यह श्रद्धालु इस
यात्रा के खत्म होने के दो दिन पहले ही
वापस आ गए यह श्रद्धालु इस बात को लेकर
नाराज थे कि इस यात्रा के दौरान ना तो

उनके खाने पीने की व्यवस्था थी और ठहरने
के नाम पर उन्हें एक गुरुद्वारे में कैद
कर दिया गया इस बात को लेकर इंडियन
गवर्नमेंट ने पाकिस्तान सरकार से शिकायत
की पाकिस्तान की सरकार ने भी इस मैटर को
गंभीरता से लिया और अपनी गलतियों को

सुधारा बहरहाल सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि
दुनिया भर के हिंदुओं के लिए यह मंदिर
आस्था का केंद्र है इस शिव मंदिर के दर्शन
के लिए भारत से गए हिंदुओं का स्वागत काफी

जोर-शोर से किया जाता है पाकिस्तान से आए
ये यात्री पाकिस्तान से मिले सम्मान और
प्यार का जिक्र बड़ी खुशी से करते हैं तो

आज की वीडियो में बस इतना ही आपको कटास
राज मंदिर की ये स्टोरी कैसी लगी कमेंट
सेक्शन में जरूर धन्यवाद

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