कोर्ट ने 700 करोड़ पकड़ा मोदी रोड़ पर आगाए | - instathreads

कोर्ट ने 700 करोड़ पकड़ा मोदी रोड़ पर आगाए |

नमस्कार  2024 के चुनाव की
यह सबसे बड़ी खबर है अफसोस कि सुप्रीम
कोर्ट से इस फैसले को आने में कई साल लगे
कई साल तो सुनवाई नहीं हुई सुनवाई पूरी

हुई तो उसके बाद भी इसके आने में तीन
महीने लग गए लेकिन अब जब यह फैसला आया है
तो ठोक बजाकर आया है उम्मीद है आप आज के
वीडियो को सांस रोक कर पूरा देखेंगे देखिए
कि कैसे आपके भारत के लोकतंत्र का गला

घोटने के लिए एक संवैधानिक तरीका अपनाया
गया और मोदी सरकार उसे पारदर्शी व्यवस्था
बताती रही आज उस पारदर्शी व्यवस्था के
पीछे का गहरा अंधेरा सामने आ गया है आप
सभी के साथ लगातार धोखा हुआ है सुप्रीम

कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक
करार दिया है इलेक्टोरल बॉन्ड को रद्द कर
दिया है इस फ्रॉड व्यवस्था को लाने के लिए
भारतीय जनप्रतिनिधित्व कानून आयकर कानून

और कंपनी एक्ट में संशोधन किए गए थे उन
सभी संशोधनों को रद्द कर दिया गया है यही
नहीं जो इलेक्टोरल बंड पिछले 15 दिनों में
आए हैं और भुना नहीं गए हैं उन्हें लौटाना
होगा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी वाई

चंद्रचूड़ जस्टिस संजीव खन्ना जस्टिस बीआर
गवई जस्टिस जेबी पारदी वाला और जस्टिस
मनोज मिश्रा की एक संवैधानिक पीठ ने पिछले
साल नवंबर में सुनवाई पूरी कर ली थी और
फैसला सुरक्षित कर लिया था सुनवाई तीन

दिनों तक चली आज फैसला आ गया हम आज के
वीडियो में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के
अलावा इलेक्टोरल बंड से जुड़े सवाल इस
सवाल को कोर्ट तक ले जा ने वाले हीरो की
भी बात करेंगे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के

पीछे कई लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी है वे
हताशा से गुजरे हैं निराशा में डूबे हैं
और आज उम्मीद से लबालब हैं 10 साल में
लोकतंत्र बचाने के कई मोर्चों पर उन्हें

हार मिली है इस जीत ने उन तमाम हारों का
हिसाब आज बराबर कर दिया क्या प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले
पर संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी लेंगे
उन्हीं के नेतृत्व में यह कानून पास हुआ

जिसे आज कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया
गोदी मीडिया के कितने पत्रकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने
की हिम्मत कर पाएंगे इलेक्टोरल फंड को

लेकर सारे सवाल आज सही साबित हो गए क्या
पता एक दिन पीएम केयर फंड को लेकर भी यही
हो जाए जो सरकार चुनावी चंदे के मामले में
इतना दु साहसी असंवैधानिक कदम उठा सकती है
उसे आज जवाब देना चाहिए था कि उसने ऐसा

क्यों किया यही नहीं प्रधान प्रधानमंत्री
मोदी की नाक के नीचे आंखों के सामने उनकी
पार्टी ने चंडीगढ़ में जो किया आपने देखा
लोकतंत्र की हत्या की सुप्रीम कोर्ट ने

पकड़ लिया तब भी कोई नैतिक जिम्मेदारी
लेने सामने नहीं आया 10 दिनों के भीतर
मोदी सरकार और उनकी पार्टी का इतना बड़ा
फ्रॉड सुप्रीम कोर्ट ने पकड़ा है
प्रधानमंत्री के पास आज मौका है इसी सवाल

पर वे पहली बार 10 साल में पहली बार प्रेस
कॉन्फ्रेंस कर दें ईडी और इलेक्टोरल बंड
इन दो के के दम पर नरेंद्र मोदी और उनकी
पार्टी ने चुनावी मशीनरी का साम्राज्य
खड़ा कर दिया था ईडी के सहारे विपक्ष के

नेताओं को जेल में डाला गया पार्टी में
तोड़फोड़ की गई तो इलेक्टोरल बॉन्ड के
सहारे विपक्ष की आर्थिक क्षमता को कमजोर
कर दिया गया देखते-देखते भारत की राजनीति

से विपक्ष तेजी से गायब होने लगा उसकी
मौजूदगी लाचार बेबस हताश राजनीतिक इकाई के
रूप में रह गई नरेंद्र मोदी की सरकार
2017-18 में इलेक्टोरल बंड लेकर आई थी आज
सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार

दिया है यह मामूली फैसला नहीं है एक
असंवैधानिक व्यवस्था के सहारे इलेक्टोरल
बॉन्ड का जन्म हुआ धर्म की राजनीति का

तूफान पैदा कर दिया जाता है जब भी इस तरह
के सवाल आते हैं इलेक्टोरल बंड से जुड़े
सवालों को भी जनता तक पहुंचने नहीं दिया
गया गोदी मीडिया जो अपने पेशे के धर्म की

रक्षा नहीं कर सका जो संवैधानिक धर्म की
रक्षा नहीं कर सका जब भी इस तरह के सवाल
आते हैं मंदिर के सामने खड़ा हो जाता है
उसका फोटो लेकर धर्म रक्षक बन जाता है और
जनता ने भी इन सवालों की परवाह नहीं की

मगर आज सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड
को असंवैधानिक कहते हुए रद्द कर दिया है
भारत के लोकतंत्र के साथ इतना बड़ा फ्रॉड
कभी नहीं हुआ आज वो फ्रॉड धर लिया गया

राहुल गांधी ने लगातार इलेक्टोरल बंड को
लेकर सवाल उठाए आज वे भी सही साबित हो गए
एक नेता जो चुनावों में लगातार हारता है
मगर उसके उठाए सवाल लगातार सही साबित होते
जा रहे हैं 18 नवंबर 2019 का राहुल गांधी

का यह ट्वीट है राहुल ने अंग्रेजी में
लिखा है न्यू इंडिया ब्राइब्स एंड इल्लीगल
कमीशंस आर कॉल्ड इलेक्टोरल बंड्स मतलब यही
नया भारत है जहां रिश्वत और अवैध कमीशन को
इलेक्टोरल बंड कहा जाता है राहुल ने तब
हाफ पोस्ट की एक रिपोर्ट ट्वीट की थी

जिसमें तब के वित्तमंत्री अरुण जेटली
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल देखे
जा सकते हैं आज यह तस्वीर इतिहास का
शिलालेख बन गई है हफ पोस्ट अब बंद हो चुका
है आज भी राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि

नरेंद्र मोदी की एक और भ्रष्ट नीतियों का
सबूत आपके सामने है भाजपा ने इलेक्टोरल
बंड को रिश्वत और कमीशन लेने का माध्यम
बना दिया था आज इस बात पर मुहर लग गई

कांग्रेस पार्टी ने 2019 के घोषणा पत्र
में लिखा है कि सरकार बन गई तो इलेक्टोरल
बॉन्ड को समाप्त कर देंगे कांग्रेस चुनाव
हार गई मगर आज वही काम सुप्रीम कोर्ट के

फैसले से हो गया गोदी मीडिया इस सवाल को
लेकर तब भी चुप रहा अब भी चुप रहे
मगर कुछ पत्रकार थे इक्का दुक्का ही जो
अपना पेट काटकर लोगों से चंदा जमाकर
इलेक्टोरल बॉन्ड जैसी घटनाओं पर उसके
फ्रॉड पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे आज

उनके इरादों की भी जीत हुई है मदर ऑफ
डेमोक्रेसी कहने वाले नरेंद्र मोदी सरकार
का एक फैसला असंवैधानिक घोषित हो गया है
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह केवल फायदे
का लेनदेन है विद प्रो क्यों है इसका मतलब

यही हुआ कि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाओ
हजारों करोड़ों का ंदा लो उन्हें लाखों
करोड़ का मुनाफे का अवसर दो इलेक्टोरल
बॉन्ड स्कीम और जनप्रतिनिधित्व कानून व
कंपनी कानून में किए गए संशोधन अनुच्छेद

191 ए का उल्लंघन करते हैं सूचना के
अधिकार के विरुद्ध हैं और असंवैधानिक है
कंपनी एक्ट में किए गए संशोधन से
कॉर्पोरेट द्वारा असीमित चंदा दिया जाना

अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है सुप्रीम कोर्ट
ने बॉन्ड जारी करने वाले स्टेट बैंक से
कहा है कि सबसे पहले बॉन्ड की बिक्री
तुरंत बंद की जाए तीन हफ्ते के भीतर जिन

व्यक्ति और कंपनियों ने बॉन्ड खरीदे हैं
उनकी जानकारी तैयार की जाए हर बॉन्ड जो
जारी किया गया है उसकी जानकारी सार्वजनिक
करनी होगी बंड को किसने खरीदा किस पार्टी

को मिला कितने का था और किस दिन भुनाया
गया इसकी जानकारी भी देनी होगी कोर्ट ने
यह भी कहा है कि जिन बॉन्ड को भुनाया नहीं
गया है और जिनके समाप्त होने में अभी 15
दिन शेष हैं राजनीतिक दलों को वह बंड लौटा

देना पड़ेगा जो राज था उसका पर्दाफाश होने
जा रहा है जब सारे डिटेल सामने आएंगे और
साफ-साफ हो जाएगा कि बीजेपी को कौन-कौन सी
कंपनी चंदा दे रही थी कौन-कौन से
उद्योगपति चंदा दे रहे थे और सरकार उस

कंपनी और उद्योगपति के फायदे के लिए
क्या-क्या कर रही थी गोदी मीडिया उसके
पीछे-पीछे क्या कर रहा
[संगीत]
था 2014 के बाद से बीजेपी का कोई भी
चुनावी अभियान देखिए रैलियों की सजावट से
लेकर अखबारों और चैनलों में विज्ञापन तक

देखिए राजनीति में पैसे के घोषित अघोषित
ज्ञात अज्ञात खर्चे के सारे सवाल ही गायब
हो गए सबको दिख रहा था मगर कोई पूछ नहीं
रहा था धर्म के नाम पर लोग तमाम तरह के
अधर्म को बर्दाश्त कर रहे थे लगातार खबरें

छप रही थी इलेक्टोरल बंड से आने वाला चंदा
सबसे अधिक बीजेपी के पास जा रहा है 6500
करोड़ का चंदा बीजेपी को मिला है बंड के
अलावा चंदे के रूप में भी कॉर्पोरेट का
सबसे बड़ा हिस्सा बीजेपी को मिलता है

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म का
आंकड़ा है कि 201 222 में जितने भी
कॉरपोरेट बॉन्ड बिके हैं उसका 90 फीदी
बीजेपी को गया है 20222 के बीच कॉर्पोरेट
ने 850 करोड़ का चंदा दिया इसमें से 719

करोड़ का चंदा केवल बीजेपी को गया
कांग्रेस को मात्र 79 करोड़ तो इस तरह कई
हजार करोड़ रुपए के चंदे से बीजेपी पैसे
के मामले में सबसे ताकतवर पार्टी हो गई और

आर्थिक क्षमता के हिसाब से भारत के
राजनीतिक दलों के बीच भारी असंतुलन पैदा
हो गया कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने
कहा है कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम

भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें सीधे-सीधे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं आज
प्रधानमंत्री बेनकाब हो गए
हैं नमस्कार

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