क्या अंबानी के पास मोदी से भी ज्यादा Security है ? | Modi vs Ambani: Whose Security Is Powerful ? - instathreads

क्या अंबानी के पास मोदी से भी ज्यादा Security है ? | Modi vs Ambani: Whose Security Is Powerful ?

देखिए आजकल देश में दो गुजरातियों का नाम
जबरदस्त तरीके से चल रहा है और ये दोनों
ही नाम अपनी-अपनी जगह पर टॉप पर है टॉप पर
बोले तो एक गुजराती ने देश की राजनीतिक

बागडोर को अपने हाथ में लिया हुआ है और
दूसरे ने देश की इकॉनमी को संभाला हुआ है
और यह दोनों अपनी ही अपनी फील्ड के बादशाह
हैं जी हां हम बात कर रहे हैं देश के
प्रधानमंत्री मोदी और देश के सबसे बड़े
बिजनेसमैन और गुजराती में मोटा भाई कहे

जाने वाले मुकेश अंबानी की अब आप सोच रहे
होंगे भला इन दोनों का नाम हम क्यों ले
रहे हैं और इन दोनों में गुजरात को छोड़कर
क्या कॉमन हो सकता है तो आज हम आपके लिए
डिस्कस करने वाले हैं कि भाई इन दोनों में
से किसकी सिक्योरिटी कितनी मजबूत है और

किसकी सिक्योरिटी पर ज्यादा खर्च आता है
अब यार देखो यह बात तो आपको भी माननी
पड़ेगी वो यह कि देश में बड़े नेताओं
वीआईपी लोगों की सुरक्षा में सूट बूट में
काले वर्दी वाले जवानों को देखकर एक बात
तो जो दिल और दिमाग में आती है वो यह है

कि भाई भोकाल तो है मोदी जी के आगे पीछे
भागते सूट बूट वाले सिक्योरिटी की बात कर
लो या फिर अंबानी जी की सुरक्षा में लगे
पावरफुल कमांडोज दोनों ही अपनी-अपनी जगह
जबरदस्त तरीके से सिक्योरिटी में रहते हैं

तो चलिए पहले बात कर लेते हैं अंबानी जी
की सिक्योरिटी के बारे में इंडिया में
वैसे तो कई अलग-अलग लेवल की सिक्योरिटीज
कैटेगरी हैं जिसमें कि x वा z z प्लस और
एसपीजी सिक्योरिटी इंक्लूड है लेकिन जैसे

कि हमने आपको बताया कि मोटा भाई थोड़े खास
हैं और क्योंकि उन्हें कई बार धमकियां भी
मिल चुकी हैं जिसके चलते उन्हें आज के समय
में z प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है तो भाई
देखते हैं कि ऐसा क्या खास है अंबानी जी
की सिक्योरिटी में मोटा भाई का जलवा है

तभी तो होम मिनिस्टर अमित शाह रक्षा
मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ यह
सुरक्षा मुकेश अंबानी को मिली हुई है
मुकेश अंबानी के काफिले में वाइट
मुकेश अंबानी के पास दो बुलेट प्रूफ कार्स

हैं जिनमें से एक आर्म्ड bmw760li आ और
दूसरी mercedes-benz
s660 र्ड है मुकेश अंबानी आमतौर पर इन्हीं
कारों की सवारी करते हैं उनकी सुरक्षा में
सबसे आगे चलने वाली यल एनफील्ड की दो
बाइक्स होती हैं रॉयल एफी इलेक्ट्रा को

रोड रेज कस्टम बिल्ड्स ने खास तौर पर
मुकेश अंबानी के काफिले के लिए कस्टमाइज
कर तैयार किया है दोनों बाइक्स पर पुलिस
के जवान चलते हैं उनकी सुरक्षा में तैनात
सिक्योरिटी भी बुलेट प्रूफ भी
bmw520d भी किए जाते रहते हैं अब आप इसकी

ताकत का अंदाजा इस बात से लगाइए कि भाई
दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में इसे
पर्सनल सिक्योरिटी वेपन की तरह आज भी यूज
किया जाता है पूरी दुनिया में इस सब मशीन
के 100 से ज्यादा वेरिएंट्स और क्लोन हैं
इस गन की सबसे खास बात है कि इसकी फायरिंग

रेट जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे जी
हां यह गन 1 मिनट में 800 गोलियां दाग द
है और आपको क्या लगता है कि इतनी गोलियां
चलने के बाद कौन जिंदा बच सकता है भाई
हेलर एंड कोच एमपी 5 सब मशीन गन 2.54
किग्रा और 27 इंच लंबे बैरल वाला एक वेपन

है इससे निकलने वाली गोलियां 400 मीटर
प्रति सेकंड की गति से दुश्मन की ओर जाती
हैं यानी ढाई सेकंड में ही 1 किलोमीटर दूर
बैठे आदमी की भी मौत तय है अब इन बातों से
आपको अंदाजा तो लग ही गया होगा कि आखिर
कैसे मोटा भाई सिर्फ पैसे के मुकाबले में

ही नहीं बल्कि सिक्योरिटी के मामले में भी
जबरदस्त पावरफुल है और आपको जानकर हैरानी
होगी कि भाई अंबानी की सिक्योरिटी पर हर
दिन 40 से 45 लाख का खर्च होता था जिसमें
पहले कुछ हिस्सा सरकार भी उठाती थी लेकिन

2023 के बाद से पूरी तरह अंबानी परिवार ही
इस इस खर्चे को उठाता आ रहा है खैर अब आते
हैं अपने देश के प्रधानमंत्री मोदी जी पर
और बताते हैं आपको कि वो कौन से गार्ड्स
हैं जिनकी आंखें सिर्फ दुश्मनों पर नजर

रखती हैं और जिनकी बंदूक का निशाना दुश्मन
का सिर होता है लेकिन लेकिन लेकिन देखिए
वीडियो में आगे बढ़ने से पहले आपको बता
दें कि आर्टेरिया खास आपके लिए लेकर आया
है श्रीराम का बाल रूप जो हूबहू अयोध्या
के रामलला जैसा ही है सौम्य मुस्कान आंखों

में चमक और चेहरे पर अलग ही तेज है जिसे
देख तो हर कोई देखता रह जाए रामलला के इस
बाल रूप को आपके घर तक पहुंचाने की
जिम्मेदारी आर्टेरिया ने ली है इन्हें
अपने घर लाने के लिए आप हमारे कूपन कोड

यानी मिस्टिका 10 का यूज कर सकते हैं जिस
पर आपको 10 पर का डिस्काउंट भी मिल जाएगा
लिंक डिस्क्रिप्शन में है चलिए अब कहानी
पर वापस से आते हैं देखिए प्राइम मिनिस्टर
नरेंद्र मोदी का काफिला इतना पावरफुल है
कि इसे भेद पाना सिर्फ सपने जैसा है लेकिन

सबसे पहले आपको बता दें कि पीएम मोदी की
एसपीजी सुरक्षा में हर दिन तकरीबन 1.17
करोड़ रुपए खर्च होते हैं क्यों हैरान हो
गए चलिए अब जानते हैं कि जरा इतने खर्चे
के पीछे रीजन क्या है मोदी जी की
सिक्योरिटी में सबसे आगे स्टेट पुलिस की

बाइक्स और गाड़ियां होती हैं इन पुलिस
ऑफिसर्स के साथ एक जैमर कार भी चलती है
जिसका काम हम सब जानते हैं और फिर इन सब
के पीछे होती है सिमिलर कार की कई
गाड़ियां जिनमें से किसी एक में होते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतना ही नहीं

इस काफिले में एसपीजी यानी स्पेशल
प्रोटेक्शन ग्रुप के कम से कम 100 जवान
शामिल होते हैं जिनको मोदी जी की सुरक्षा
के लिए तैनात किया जाता है इसके अलावा
मोदी जी के पास दो लेटेस्ट

एएए 2000 असल्ट राइफल और ऑटोमेटिक गन के
अलावा कुछ डेंजरस पिस्टल जैसे 17 एम से
लेस होते हैं ए ए 2000 असल्ट राइफल
बेल्जियम में डेवलप हुआ एक मॉडर्न वेपन है
जिसकी रेंज 400 मीटर और फायरिंग रेट 850

राउंड प्रति मिनट है यह कमांडोज हमेशा
लाइट वेट बुलेट प्रूफ जैकेट पहने रहते हैं
जो ak47 की गोली तक को इजली झेल सकती है
आपने इनके कानों में एक मशीन लगी हुई देखी
होगी जो यह आपस में बात करने के लिए यूज
करते हैं ये कमांडोज वर्ल्ड क्लास

ट्रेनिंग से होकर गुजरते हैं और तैयार
होते हैं और सबसे खास इनके पास एक
बैलिस्टिक बुलेट प्रूफ शील्ड होती है
जिसका इस्तेमाल ये मोदी जी पर होने वाले
अटैक से उनको बचाने के लिए भी करते हैं और
आपको लग रहा होगा कि बस मोदी जी की

सिक्योरिटी इतनी ही तो है तो भाई आप
सच्चाई से कोसो दूर हैं मोदी जी सिर्फ
जमीन पर ही नहीं बल्कि हवा में भी पूरी
तरह सिक्योर हैं और इसका रीजन है इनकी
जबरदस्त सिक्योरिटी वो एयर इंडिया एक

प्लेन का यूज करते हैं इस विमान को को
बोइंग 777 300 र को अपग्रेड करके बनाया
गया है इस पर किसी भी मिसाइल या फिर रॉकेट
का कोई असर नहीं होता है अगर इस विमान पर
कोई मिसाइल फायर की जाती है तो यह

फ्लेयर्स छोड़कर मिसाइल की डायरेक्शन को
डाइवर्ट करता है इनके बीच होने वाली सभी
बातों को सिक्योर रखने के लिए एनक्रिप्टेड
सेटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का यूज किया
जाता है इसमें एडवांस्ड वरफेन जैमर लगे

हुए होते हैं जो जीपीएस सिग्नल और ड्रोन
सिग्नल को ब्लॉक कर देते हैं मतलब अगर यह
विमान पाकिस्तान की सीमा से गुजरेगा तो
उन्हें भी पता नहीं चलेगा और मोदी जी
पाकिस्तान के ऊपर से निकल के भी आ जाएंगे

तो अगर मोटा मोटी बात करें तो भाई दोनों
की ही सिक्योरिटी अपने-अपने लेवल पर टॉप
क्लास है लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं
कि मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं जिसकी
वजह से उनके प्रोटोकॉल्स के चलते उन्हें

सिक्योरिटी और भी ज्यादा पावरफुल मिली है
तो भाई इसमें मोदी जी अंबानी मोटा भाई से
दो कदम आगे ही हैं लेकिन अब आइए थोड़ा
आपको इंडियन सिक्योरिटी लेवल को भी डिकोड
करते हैं और बताते हैं कि और किस देश में
किस-किस लेवल की सिक्योरिटी मौजूद है इस

कैटेगरी में सबसे पहले आती है एक्स
कैटेगरी सेफ्टी इस कैटेगरी में दो सेफ्टी
गार्ड असाइन होते हैं और एक तरह से यह
सिक्योरिटी का एंट्री लेवल माना जाता है

इसके बाद इसमें आती है वाई कैटेगरी की
सिक्योरिटी इस कैटेगरी में टोटल 11
सिक्योरिटी गार्ड्स शामिल होते हैं जिसमें
दो पीएसओ यानी निजी सुरक्षा गार्ड भी होते
हैं इस कैटेगरी तक कोई भी कमांडो असाइन

नहीं होता है यह सिक्योरिटी देश में कम
खतरे वाले लोगों को दी जाती है जड कैटेगरी
सिक्योरिटी यह वो सिक्योरिटी लेवल है
जिसमें कमांडोज की एंट्री होती है यानी
चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 2

सिक्योरिटी गार्ड्स इस सिक्योरिटी लेवल पर
अपॉइंटमेंट बीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व
स्थानीय पुलिस कर्मी भी शामिल होते हैं इस
सिक्योरिटी में भी एस्कॉर्ट्स और पायलट
वाहन दिए जाते हैं चलिए अब आपको बताते हैं

कि यह सुरक्षा किन लोगों को मिलती है और
किस आधार पर मिलती है उपराष्ट्रपति पूर्व
प्रधानमंत्री सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट
जज राज्यपाल मुख्यमंत्री महत्त्वपूर्ण

केंद्रीय मंत्री प्रमुख नेता फेमस
आर्टिस्ट प्लेयर देश का कोई फेमस और
इंपॉर्टेंट सिटीजन देश के सम्मानित लोगों
और पॉलिटिशियन को अगर जान का खतरा है तो
इसमें से कोई एक सुरक्षा दी जाती है यह
सुरक्षा मिनिस्टर्स को मिलने वाली

सिक्योरिटी से अलग होती है इसमें पहले
सरकार को इसके लिए एप्लीकेशन देनी होती है
जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसियों के जरिए
होने वाले खतरे का अंदाजा लगाती हैं और
खतरे की बात कंफर्म होने पर सुरक्षा दी
जाती है होम सेक्रेटरी डायरेक्टर जनरल और

चीफ सेक्रेटरी की कमेटी यह तय करती है कि
भाई किन लोगों को किस कैटेगरी में
सिक्योरिटी दी जाए अब इसके अलावा बात करें
इस तरह की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है

और सुरक्षा का खर्च कौन देता है तो
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के
मुताबिक देखिए सीआरपीएफ कुल मिलाकर 129
लोगों को अलग-अलग कैटेगरी की सुरक्षा
मुहैया करवाती है फिलहाल सीआरपीएफ 21
लोगों को z प्लस सिक्योरिटी की और 26

लोगों को जड कैटेगरी की सुरक्षा देती है
सीआरपीएफ की फिलहाल छह बटालियन वीआईपी
सुरक्षा से जुड़ी हुई हैं यानी करीब 6000
जवान और इनका हर तरह का खर्च वीआईपी
सुरक्षा की कैटेगरी में ही आता है वित्त
मंत्रालय ने इस बजट में सीआरपीएफ के लिए

33772 करोड़ का बजट पारित किया है अगर
अधिकारियों की माने तो इसमें से 774 करोड़
से ज्यादा वीआईपी सुरक्षा के लिए दिया गया
है सीआरपीएफ के बाद सीआईएसएफ सबसे ज्यादा
जेड श्रेणी की सुरक्षा देती है मंत्रालय

के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल सीआईएसएफ
144 लोगों को सुरक्षा देती है जिसमें नौ
लोग z प्स श्रेणी के हैं और 11 लोग जड
श्रेणी के हैं इसके बाद आईटीबीपी एसएसबी
और एनएसजी करीब 70 लोगों को z प्लस और z
श्रेणी की सुरक्षा देती है विशेषज्ञों के

अनुसार औसतन z प् 50 लाख और z पर 40 लाख
महीने का खर्च आता है इस बार के बजट में
प्रधानमंत्री से जुड़ी एसपीजी के बजट 400
11 करोड़ से बढ़कर 44333 करोड़ किया गया
है यानी प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर सरकार

को ₹ करोड़ महीना खर्च करने पड़ते हैं जो
प्रतिदिन 1.18 करोड़ उनकी सुरक्षा से
जुड़े मुद्दे के लिए खर्च होता है 2021 के
एक आंकड़े के अनुसार देश में 230 लोगों को
z प्लस z और y कैटेगरी की सुरक्षा मिलती
है 40 ऐसे लोग हैं जिन्हें z प्स कैटेगरी
के सुरक्षा मिलती है कांग्रेस नेता राहुल

गांधी समेत 40 लोगों को z प्लस कैटेगरी की
सुरक्षा मिली है सरकार इनकी सुरक्षा पर
महीने के ₹ लाख खर्च करती है जी हां देश
में वीआईपी लोगों को महफूज रखना महंगा
पड़ता है एक अनुमान के मुताबिक देश में

सभी तरह की सिक्योरिटी कैटेगरी को मिलाकर
करीब-करीब 20000 से अधिक वीआईपी और
वीवीआईपी लोगों को सुरक्षा प्राप्त है
प्रधानमंत्री के एसपीजी सुरक्षा कवर से
लेकर z+ z y+ y और x श्रेणी की सुरक्षा के
अलावा केंद्र व राज्य में एक या दो

सुरक्षाकर्मी साथ लेकर चलने वाले वीआईपी
लोगों का आंकड़ा काफी बड़ा है लगभग 20000
वीआईपी को सुरक्षा प्रदान करने में सालाना
000 करोड़ खर्च होते हैं इनकी सुरक्षा में
60000 से अधिक जवान तैनात हैं 30000 से

ज्यादा गाड़ियां वीआईपी सिक्योरिटी में
इस्तेमाल हो रही हैं इस खर्च में तो केवल
सुरक्षा कर्मियों का वेतन और वाहनों का
पेट्रोल डीजल ही शामिल है मसलन खाना पना
रहना ट्रैवलिंग अलायंस जोखिम भत्ता एवं

दूसरा कई तरह का वल अलग रहता है केंद्र
एवं राज्य सरकारें इस खर्च को वहन करती
हैं भारत में जनता के टैक्स के पैसे से
हजारों करोड़ रुपए नेताओं की सुरक्षा पर
खर्च किए जाते हैं लेकिन इसके बाद भी कई
बार नेताओं की सुरक्षा में चूक हो ही जाती

है साल 2022 का ही मामला है जब पंजाब के
फिरोजपुर में प्रधानमंत्री मोदी की एक
रैली थी और सुरक्षा में भारी चूक की वजह
से प्रधानमंत्री इस रैली में नहीं जा सके
थे समय-समय पर देश के अन्य नेताओं की
सुरक्षा चूक का मामला सामने आता ही रहता
है भारत की सुरक्षा एजेंसियां बड़े-बड़े

नेताओं के की सुरक्षा हों को लेकर हमेशा
सतर्क रहती हैं क्योंकि भारत ने अपने दो
पूर्व प्रधानमंत्रियों को सुरक्षा में चूक
के चलते खो दिया था देश के तत्कालीन
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या 31
अक्टूबर 1984 को उनके अंग रक्षकों ने ही

गोली मार करर कर दी थी 1991 के चुनाव
प्रचार के दौरान ही एक धमाके में राजीव
गांधी की हत्या सुरक्षा में बड़ी चूक की
विडंबना बनकर सामने आई थी अमेरिका के
राष्ट्रपति को लेकर हम आपको पहले ही एक
वीडियो दे चुके हैं आप उसे देख सकते इसलिए

अब हम आपका टाइम बिना खराब किए दूसरे बचे
देशों की सिक्योरिटी के बारे में आपसे बात
करते हैं देखिए रूस के राष्ट्रपति सुरक्षा
में लगे जवानों की एक पूरी टीम होती है
इसे फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस कहते हैं
इसमें हजारों की संख्या में कमांडोज होते

हैं इन हजारों जवानों में से भी खास
जवानों को पुतिन की क्रीम लेयर में तैनात
किया जाता है यह जवान लगभग हर तरह का
हथियार चलाने में माहिर होते हैं पुतिन के
निवास यानी क्रेमलिन की सेफ्टी भी कम नहीं

होती यहां सीसीटीवी और सैनिकों केला अलावा
बाज और उल्लू जैसे पक्षी सुरक्षा करते हैं
यह पक्षी फेडरल गार्ड सर्विस का ही हिस्सा
है इसमें ऐसे शिकारी पक्षी रखे जाते हैं
जिनकी अलग-अलग खासियत होती है सऊदी अरब के

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की पहचान
अरब के सबसे ताकतवर नेताओं में होती है
सलमान की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया
जा सकता है कि भाई इनकी सुरक्षा कई लेयर्स
में होती है और समय-समय पर इसमें बदलाव

होता रहता है इसमें टाइगर स्क्वाड से भी
कई गार्ड्स प्रिंस की सुरक्षा में तैनात
रहते हैं यह वही स्क्वाड है जो हवा पानी
और जमीन तीनों ही जगह पर खुफिया हमला करके
तबाही मचाने की ताकत रखता है इन्हें हर
तरह के हथियार चलाने में महारत हासिल होती

है अब अगर बात चीन के राष्ट्रपति शी
जिनपिंग की करें तो उनका सुरक्षा घेरा भी
बेहद मजबूत माना जाता है जिनपिंग की
सुरक्षा सेंट्रल गार्ड्स ब्यूरो के कमांडो
करते हैं यह कमांडो हर समय अपने नेता को

घेरे में रखते हैं इसमें कुछ पैदल कुछ
मोटर बाइक तो कुछ कार में होते हैं एरियल
प्रोटेक्शन के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोसते
हैं हालांकि श्री जिन पि के सुरक्षा घेरे
में कितने जवान तैनात होते हैं और किस खास

रणनीति के जरिए उन्हें सुरक्षा प्रदान की
जाती है इस बारे में ज्यादा जानकारी सामने
नहीं आ सकी है उत्तर कोरिया के तानाशाह
किम जंग उनकी कार के पीछे दौड़ते
सिक्योरिटी गार्ड्स की तस्वीरें आपने कई
बार देखी होंगी लंबे चौड़े और सूट में

रहते हैं यह गार्ड्स मामूली नहीं हैं
बल्कि बेहद ताकतवर होते हैं कोरियन पीपल्स
आर्मी के यह लोग उन परिवार से होते हैं
जिनकी पुरानी पीढ़ियां भी जंग परिवार के
लिए अपनी वफादारी साबित कर चुकी हैं
इन्हें हर तरह के हथियार चलाने की

ट्रेनिंग मिलती है किम के चारों ओर
सुरक्षा की तीन लेयर्स होती हैं जिसे
तोड़कर भीतर जाना लगभग नामुमकिन है किम की
सुरक्षा में तैनात गार्ड्स को सुप्रीम
गार्ड कमांडो कहते हैं तो यह थी सेफ्टी और
सुरक्षा से जुड़ी ऐसी वीडियो जिसके बारे
में आपको जानना बेहद अहम था.

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