जीत की महक आने लगी है अब जश्न की तैयारी करो - instathreads

जीत की महक आने लगी है अब जश्न की तैयारी करो

मेरे प्रिय बच्चे विकराल हो चली है अब

ब्रह्मांड की चाल

भी अब नियति ने नए दरवाजे खोलने प्रारंभ

कर दिए

हैं कुछ के किस्मत में भव्यता से भरे

सुनहरे पन्ने लिखे

जाएंगे तो कुछ के किस्मत में डरावनी भयावह

स्याही काली रात लिखी

जाएगी तुम्हारा पलडा किस और झूमेगा यह

कर्म ही तय करेंगे मैं तुम्हारे कर्मों का

लेखा जोखा करने वाला परमपिता पर श्वर

तुम्हे यह बताने आया

हूं कि अब तुम्हें विभिन्न प्रकार से

विभिन्न चीजों के लिए चुना गया है नियति

ने नई चाले चलनी प्रारंभ कर दी

है अब वैसा कुछ नहीं होगा जो कल्पनाओं में

उत्पन्न होता रहा है अब परिस्थितियां बदल

रही

है अब यह सवेरा एक नई कहानी गढ़ रहा है

जीत की कहानी विकराल जीत की

कहानी ऐसी कहानी जिसको सुनने के बाद हर

कोई चक चौन से भर जाए हर कोई हैरानी

पूर्वक तुम्हारा मुख देखने

लगेगा मेरे प्रि यह जीत बड़ी भव्य होगी

इतनी शानदार कि तुम इसकी कल्पना नहीं कर

सकते और तुम्हारे हिस्से में यह जीत लिखी

जा रही

है विनाश की घड़िया अपना रुख इस प्रमाण की

ओर मोड़ रही है अब तबाही का मंजर छाने

वाला

है लेकिन तुम जीत के पायदान पर आगे चलने

वाले हो तुम्हारे कदम जीत की रा में ही

बढ़ेंगे इतने भयानक विकराल विनाश के

बावजूद तुम जीत के लिए चुने गए हो क्योंकि

तुम एक पुण्य से भरी आत्मा

हो और आज इस जीत को सुनिश्चित करने के लिए

तुम्हें इसकी पुष्टि हर हाल में करनी होगी

अपने नाम को दर्ज करना होगा इसी क्षण

तुम्हें अपना नाम दर्ज करना

है साथ ही संख्या लिखना है यह दर्शाने

के लिए कि तुम अलग हो तुम विपरीत हो तुम

उन सभी विनाश के कोख में जा रहे विभिन्न

प्रकार के जीवों से अलग

हो तुम्हारी दिव्य ज्योति अलग है तुम्हारे

भीतर उठ रही कंपन और जो भयावह विकराल

प्रचंड मायावी नकारात्मक शक्तियां हैं वह

विनाश की ओर बढ़ेंगी क्योंकि तुमने नरक

में डाला है नकारात्मक शक्तियों की ताकत

को जबकि अन्य लोग नकारात्मकता से ही घिर

चुके हैं तुम मुझसे घिरे हुए नहीं हो

तुमने नकारा ता का आवरण नहीं ओढ़ा

है बल्कि इस नकारात्मकता को बांधकर एक

पिटारे में बंद कर दिया है और तुम अब जलती

हुई ज्वाला में इस नर्क में उस

नकारात्मकता का दान

करोगे जबकि अन्य लोग जो कि नकारात्मकता के

आवरण से घिर चुके हैं उन्हें अपने आप को

इसमें झोकना होगा मेरे प्रिय तुम बच रहे

हो क्योंकि तुम्हारी यात्रा आध्यात्मिक है

तुम्हारी यात्रा तिलस्व से भरी हुई किंतु

पूरी तरह से चमत्कारी और भक्तिमय

है तुम जो कि उम्मीदों को हार चुके हो तुम

जो कि आशाओं के बादल से लगे हुए नहीं हो

बावजूद इसके जीत की राह में बढ़ रहे

हो क्योंकि तुम्हारा हृदय कोमल है क्योंकि

तुम करुणा से भरे हुए हो क्योंकि तुम दया

के सागर हो और जो मनुष्य करुणा से भरा हुआ

होता है उसे हराने वाला इस संसार में कोई

भी उत्पन्न नहीं हुआ है

चाहे जीत की परिभाषा लिखी जाए या हार की

गाथा हर जगह चर्चा उस वीर की होती है जो

हारने के लिए नहीं जीतने के लिए नहीं

बल्कि जीवन को कारगर बनाने के लिए अपना

कार्य करता

है तुमने अपना जीवन सार्थक बनाने के लिए

विभिन्न प्रयत्न किए हैं तुम शांतिपूर्ण

सुख में और सुकून से भरे हुए जीवन की

कामना सदैव से करते आए

हो ना कि तुम्हारे जीवन में किसी भी

प्रकार की कूटनीति राजनीति छल कपट या

षड्यंत्र भरे पड़े हैं तुम इनसे ऊपर हो

इसलिए समय ने तुम्हें गोद में ले लिया है

इसलिए तुम्हारा समय चल पड़ा है इसलिए अब

तुम उनके साथ उस अग्नि में चल

पड़ोगे एक मनुष्य बैकुंठ की ओर बढ़ता है

अर्थात वह कर्म फल के बंधनों से मुक्त सही

गलत पाप पुण्य इन सब से मुक्त होकर

परमात्मा यानी मेरी शरण में आ बैठता है यह

धार्मिकता से ऊपर की बात है यह पूरी तरह

से पंथो से ऊपर की बात

है यह मान्यताओं कर्मकांड से ऊपर की बात

है यह अंतर की आत्मा की आवाज अंतरात्मा

अर्थात तुम्हारे भीतर की

आवाज वह आवाज जिसको सुनने के लिए हर कोई

विवश हो पड़ा है वह आवाज जिसको सुनने की

कामना हर कोई करता

है किंतु मेरे प्रिय मैं जानता हूं कई बार

तुम्हें वासना घेर लेती है कई बार तुम्हें

कामना घेर लेती है तुम्हारी चाहते तुम पर

घर कर लेती है कामुकता तुम्हें चारों तरफ

से घेर लेती है बावजूद इसके तुम्हारी

धार्मिकता पर जरा भी प्रभाव

नहीं वाक्य पैमाने से चुनी हुई उन कर्मों

के साहित्य को कहते हैं जहां तक तुम

पहुंचना चाहते हो जहां तक पहुंचने के लिए

तुमने विभिन्न प्रकार के प्रयास की

हैं प्रिय बच्चे तुम्हारे कर्म सदैव सही

दिशा की ओर बढ़ने का कार्य करते आए

हैं शास्त्रों से ऊपर यह वह साहित्य है जो

मन के द्वारा लिखा जाता है व जिसको किसी

किताब पर किसी पन्ने पर और किसी लेखनी के

द्वारा उतारा नहीं जा

सकता जो पूरी तरह से मनुष्य के अपनी चेतना

से निर्मित होता है मेरे प्रिय बच्चे इस

संसार में कुछ ऐसे संत हुए हैं कुछ ऐसे

महात्मा हुए हैं जो इस लेखनी को पकड़कर

आगे बढ़ चले

हैं जिन्होंने इसको पाने का प्रयास किया

है और इस प्रयास में वह बहुत दूर तक आ चले

हैं किंतु अभी तक कोई भी इस प्रयास में

सफल ना हो सका है उन्होंने एक नई मार्ग की

शुरुआत भले कर दी

हो वह जानने की श्रेणी में भले ही आ गए हो

किंतु कहीं ना कहीं हर कोई मान्यताओं से

घिरा रहा है मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें

इन्हीं मान्यताओं से ऊपर उठना है और जीत

को अपने अंतर में अपने भीतर में समाहित कर

लेना

है तुम्हें उस जीत को ढूंढना है जो जीत

सदैव से तुम्हारे भीतर बसी है वो जीत जो

तुम्हें इस संसार में सारी चीजों से अलग

कर सकती है अलग करने का अर्थ यह

है कि तुम्हारे भीतर का भय कुछ खो देने का

भय कुछ पा लेने की चाहत इन सबसे ऊपर उठ कर

के तुम वह देख पाओगे जो देखने के लिए

मनुष्य जीवन भर तड़पता रहता है तुम पर अब

प्रेम का सागर बरसेगा तुम करुणा के सौम्य

हो तो फिर तुम पर प्रेम का सागर क्यों

नहीं बरसेगा निश्चित तौर पर यह तुम पर

बरसने वाला

है लेकिन इससे पहले कि यह तुम पर बरसे

तुम्हें यह सुनिश्चित करना ही होगा कि तुम

इसके लिए पूरी तरह से योगी हो तुम्हारा

दिल पूरी तरह से खुला हुआ

है तुम नए सवेरे में नए रोशनी में अपने आप

को नया बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो

इसलिए मेरे प्रिय बच्चे जब तुम ऐसा करोगे

तो तुम्हारे भीतर का भय समाप्त

होगा और जिस मनुष्य के भीतर का भय समाप्त

हो जाता है वास्तव में वह बढ़ चलता है

परमात्मा को पाने की और फिर उसके जीवन में

वह सुकून आती है वह शांति आती

है जो वह कभी सिंहासन पर पहुंच कर भी

प्राप्त नहीं कर सकता जो वह कभी सत्ता में

आकर भी प्राप्त नहीं कर सकता जो वह ताकत

को प्राप्त करके भी नहीं प्राप्त कर सकता

है तुम अब उस शांति की ओर उस सुकून की ओर

बढ़ चले हो यह सुकून बड़ी कीमती है वो

वास्तव में अमूल्य

है इसलिए इसे किसी भी हाल में तुम्हें

होना नहीं है मेरे प्रिय मेरी बातों पर

गौर फरमाओ जो मैं तुम्हें बता रहा

हूं यह गर्द ज्ञान हैय गुप्त रहस्य है

तुम्हें इसके बीच छुपी उन पंक्तियों को

ढूंढना है जिन पंक्तियों में तुम्हारे लिए

संकेत

है और जो पंक्तियां तुम्हें प्रगति की

ज्वाला में बहुत तेजी से आगे ले जाएंगी

तुम अब उन सीढ़ियों पर चढ़ होगे जिस पर

चढ़ने के बाद जहां तुम जीवन को सही अर्थों

में देख

सको इसके प्रारंभ से लेकर इसके अंत तक की

गाथा समझ सको और तब तुम यह जान पाओगे कि

किसी भी चीज का तुम्हारे लिए क्या महत्व

है और क्या महत्व नहीं है तुम यह जान

पाओगे कि कैसे सब कुछ एकदम से बदल जाएगा

ना नफरत की भावना ना प्रेम की भावना सब

कुछ जुड़े हुए

हैं एक ही सिक्के के दो पहलो के रूप में

सुख के बाद दुख क्यों आता है तुम इसे समझ

पाओगे और दुख क्यों नहीं आना चाहिए तुम इस

भावना को भी समझ

पाओगे जीवन किस लिए मिला है तुम इस भावना

को समझ पाओगे जीवन में तुम्हें क्या करना

है तुम इस भावना को समझ पाओगे उद्देश्य को

समझ पाओगे अभिलाषा को समझ पाओगे अपने

कामनाओं को दृष्टा के रूप में साक्षी गत

होकर देख

पाओगे और तब तुम साक्षी की भाति यह संसार

का युद्ध देख पाओगे यह युद्ध जो विनाश की

ओर लेकर जा रहा है यह युद्ध जो इस संसार

में सब कुछ तबाह कर

देगा यह युद्ध जो फिर से पुनर्निर्माण भी

करेगा तुम वास्तविक रूप में इसकी महत्वता

को समझ पाओगे और आज जबकि तुम अपने जीवन

में इतना आगे बढ़ चले हो तो मैं यह

सुनिश्चित कर देना चाहता

हूं कि तुम जीतने के लिए ही बने हो कर्म स

नकारात्मक होंगे शुद्ध होंगे परिष्कृत

होंगे मेरे प्रिय बच्चे और नकारात्मक

प्रक्रिया में तुम्हारे कर्म पूरी तरह से

अशुद्धि से भरे हुए नकारात्मकता से घिरे

हुए और निराशा को प्राप्त करने वाले

होंगे ऐसे क्षण में तुम जीवन में किस दिशा

में आगे जाओगे यह मूल्यांकन के द्वारा तय

किया जाएगा मैं चाहता हूं कि तुम अपने

जीवन में सही दिशा की तरफ आगे

बढ़ो ताकि तु तुम सही चुनाव कर सको तुम जो

कि संसार को जीतने के लिए बने हो तुम जो

कि प्रेम को पाने के पूरी तरह से हकदार हो

तुमसे तुम्हारा यह मूल्य कोई छीन नहीं

सकता

है मेरे प्रिय बच्चे अपने भीतर झांकना

प्रारंभ करो जो दिव्य ज्योति तुम्हारे

भीतर चल रही है जो चक्र जो तूफान तुम्हारे

भीतर उठ रहा है वह सामान्य नहीं है है

उसके पीछे भी कारण

है तुम इस ब्रह्मांड में यूं ही विचरण कर

वाले तुम्हें अपने दोनों पहलुओं को सही

तरीके से देखना है वास्तविक तरीके से

समझना है तुम्हारी जीत तुम्हें बहुत जल्द

हासिल

होगी लेकिन अपने जीवन को दृष्टा की भाति

देखते जाओ और जो मैं कह रहा हूं इसका अर्थ

समझो मैं ऐसा कर सकता हूं इन भावनाओं से

ऊपर उठकर

देखो जीवन को सामान्य दिशा में बहने दो

सामान्य गति से चलने दो तुम तो केवल यह

अनुमान लगाओ कि इस समय इस क्षण में तुम

अपने आप को कैसे मुक्त रख सकते

हो कैसे आजादी का अनुभव कर सकते हो यह

आजादी ही तुम्हारे लिए सबसे मूल्यवान है

इसलिए तुम्हें इसके अर्थ को इसके मूल्य को

किसी भी हाल में कम नहीं होने देना

है जो तुम प्राप्त करना चाह रहे हो वह

तुम्हें किस कीमत पर प्राप्त हो रहा है यह

जानकारी को मैं पहले ही सुनिश्चित कर दे

रहा

हूं लेकिन तुम्हें चलना कैसे है तुम्हें

कदम कितनी तेजी से बढ़ाना है यह तुम्हारा

अपना चुनाव होगा और तुम्हारे चुनाव में

कोई भी अर्चन नहीं डालेगा यही नियति की

मंसा

है मेरे प्रिय बच्चे तुम्हें वह कई गुना

होकर मिलेगा इसलिए चुनाव तुम्हें करना है

फैसला तुम्हें लेना है कि तुम क्या बांटना

चाहते

हो मेरे प्रिय एक बात सदा याद रखो चाहे

संसार का प्रत्येक मनुष्य प्रत्येक जीव

अजीव सज जी निर्जीव हर कोई पहुंचाने वाले

ही क्यों ना

हो मैं उन क्षणों में भी तुम्हारा हाथ

नहीं छोडूंगा मैं ऐसी परिस्थिति में भी

तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगा क्योंकि मुझे

तुमसे प्रेम है क्योंकि मैं तुम्हें ऊपर

उठाना चाहता

हूं लेकिन फैसला तुम्हें करना है जीत के

साथ आगे बढ़ने को पूरी तरह से तैयार हो

मेरे प्रिय मेरा आशीर्वाद हर हाल में

तुम्हारे साथ

है मैं विभिन्न रूपों में विन्न शक्तियों

के माध्यम से सदैव तुम्हारे साथ हूं सदा

सुखी रहो तुम्हारा कल्याण हो

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