ताज महल का ये राज़ सबसे छुपाया गया || Secrets of Taj Mahal In Hindi - instathreads

ताज महल का ये राज़ सबसे छुपाया गया || Secrets of Taj Mahal In Hindi

ए मोहब्बत का जब भी जिक्र होता है तो
लैला-मजनू हीर-रांझा और ताज महल का नाम
सबसे पहले आता है ताजमहल मोहब्बत की पूरी
निशानी है जिसकी पूरी दुनिया दीवानी है
मुमताज की याद में जहां कि बनवाइए भारत
दुनिया के सात अजूबों में गिनी जाती है

आदि दांत और सफेद संगमरमर का मकबरा देखने
में बड़ा खूबसूरत है जिसने पत्थर का काफी
बेहतरीन काम किया गया है आपमें से बहुत से
लोगों ने इसे आगरा जाकर देखा भी होगा और
हकीकत में ही नहीं कम से कम फोटो या
वीडियो में तो ताजमहल देखा योग बना और अगर

नहीं तो अभी देख लिया होगा लेकिन क्या कभी
आपने सोचा है उस पर लगा एक पत्थर कैसे
रुका हुआ है और कैसे इस पूरी इमारत का
निर्माण हुआ होगा क्योंकि आज की बड़ी-बड़ी
इमारतें और बड़े-बड़े पुल जो कि मजबूत
सीमेंट से बनते हैं और फिर वह ढूंढ हो

जाते हैं तो फिर 1668 में बना हुआ ताजमहल
आज तक ऐसे टीका है वैसे जीने नहीं पता
उन्हें बता दे कि सीमेंट का आविष्कार 1824
में इंग्लैंड के जो सिर्फ नमक शिक्षक ने
किया था जिसका एक्सपेरिमेंट उन्होंने 1811
में शुरू किया और 1824 में वह कामयाब हुए
पहले सीमेंट उन्होंने बनाई थी जिसका नाम

पोर्टलैंड सीमेंट तो फिर 1631 में जब ताज
महल का निर्माण शुरू हुआ तब तो सीमेंट के
बारे में कोई जानता ही नहीं था तो फिर
आखिर कैसे से बनाया गया वह भी इतनी मजबूती
से कि आज तक वह तट तक खड़ा है क्या हुआ
सोच में पड़ गए कोई बात नहीं हम बताते हैं

ना लेकिन वीडियो को बिल्कुल मत करना तो
चलिए शुरू करते हैं ताजमहल की कहानी
ज्यादातर लोगों ने सुनी ही कि यह जहां
अपनी तीसरी बीवी मुमताज की मोहब्बत में
बनवाया था और ज़माने में इसे बनवाने में
करीब तीन करोड़ की लागत आई थी और ताजमहल
आज भी दुनिया को हैरान करने में कोई कसर
नहीं छोड़ता चाहे वह इसके सफेद मार्बल्स

को चाहिए नक्काशियों में लगे के अनोखे
पत्थर हो या इसकी कारीगिरी और आज हम इसकी
कार्स बात करेंगे लकड़ियों से बनी हुई
ताजमहल की नींव अब यह बात भले ही आपको
सुनने में अजीब लग रही होगी और आप सोच रहे
होंगे कि पागल हो गया क्या बला लकड़ियों

की नीति 370 साल से भी ज्यादा कैसे टिक
सकती है पर यह सच्चाई है चलिए हम समझाते
हैं इस लकड़ी की नींव में सबसे बड़ा रोल
यमुना का है जी हां जिस तरह से शाहजहां
मुमताज के बिना अधूरे हैं उसी तरह यमुना
के बिना ताजमहल बेकार है इसलिए नहीं कि
यमुना नदी इसे खूबसूरत व्यक्ति है बल्कि

इसलिए क्योंकि बिना यमुना के ताजमहल का
कोई वजूद नहीं रहेगा और जाएगा जी हां सही
सुना अपने असल ने सारा खेल उसी लकड़ी का
है दरअसल वह लकड़ियां इबोनी यानी आप
नुस्खे पेट की लकड़ियां है अब उसकी लकड़ी

एक तरह से पत्थर की तरह होती है जो आम
लकड़ियों की तरह पानी पर तैरते नहीं बल्कि
डूब जाती हैं इन लकड़ियों की खासियत यह
होती है कि मैं दीमक नहीं लगती और सबसे
जरूरी कि अगर आप यूज की लकड़ियों में
परमानेंट 30 या 30 से ज़्यादा परसेंटेज

नमी बनी रहे सामने उसकी लकड़ी कभी खराब
नहीं होगी ताजमहल के केस में भी यही है
न्यू में लगे होने के कारण इन लकड़ियों का
यमुना के पानी से पर्याप्त मात्रा में नमी
पहुंचती रहती है और यही कारण है कि
लकड़ियां पत्थर से भी मजबूती से जुड़ी हुई

है और इसलिए ही ताजमहल अभी तक टिका हुआ है
क्योंकि उसके किनारे यमुना नदी है लेकिन
यमुना जिस तरह से सूख रही है तो उसने आर
के लिए की चिंता बढ़ा दी है उनका मानना है
कि जिस दिन यमुना का पानी ज्यादा कम हो
जाएगा उस दिन लकड़ियों में नमी का स्तर

तीस प्रतिशत से कम हो जाएगा और ताजमहल गिर
जाएगा तो अब आप समझ ही गए होंगे कि नींबू
में जो पत्थर नहीं है तो फिर सीमेंट की
जरूरत ही नहीं है लेकिन अब सोचने वाली बात
यह है कि लिंग के ऊपर तो सारा पत्थर ही है
तो फिर उसका क्या चलिए जब नींद के बारे

में हमने आपको बताया है तो उसके बारे में
भी हम बताएंगे जब बात हो रही है सीमेंट के
बिना इतना मजबूत ताजमहल कैसे बना तो पहले
थोड़ा सीमेंट का इतिहास जान लेते कि
सीमेंट को सबसे पहले बनाने का श्रेय
इंग्लैंड के जोसफ खेस पिंटू दिया जाता है
जिन्होंने सबसे पहले 1824 में पोर्टलैंड

सीमेंट के लिए एक पेटेंट लिया था उस 1811
में सीमेंट बनाने के लिए experiment में
लग गए और 13 साल की कड़ी मेहनत के बाद
1824 में उन्होंने दुनिया का सबसे पहला
सीमेंट बना डाला जिसका नाम था पोर्टलैंड
सीमेंट अब सीमेंट तो 1834 में था और
ताजमहल का निर्माण 1631 में शुरू हुआ था

यानी करीब 193 साल पहले तो फिर कैसे
चिपकाए गए थे संगमरमर के पत्थर आजकल तो
मार्बल चिपकाने के लिए कई तरीके मौजूद है
जिनके जरिए संगमरमर के पत्थरों को चिपका
दिया जाता है अलग उस वक्त तो पत्थरों को
चिपकाने के लिए या आधारशिला बनाने के लिए

खास तरह का मटीरियल तैयार किया गया था और
ऐसा नहीं था कि ताजमहल में सिर्फ संगमरमर
ही इस्तेमाल किया गया था उसके कंस्ट्रक्शन
में बहुत सारे सेमी प्रेशियस टो जैसे रख
यह mylife विरुद्ध फाल्ट उबाड़ मुंबा
सूर्यमणि इस दुनिया का इस्तेमाल हुआ था

इसके अलावा कुछ अल्ट्रॉन स्टोंस भी ताजमहल
में इस्तेमाल हुए थे जैसे
त्यौहार अजूबा टू मेक इट इज द कंस्ट्रक्टर
डॉट ओआरजी के मुताबिक ताजमहल की नियुक्ति
संघ बनाया गया बताया जाता है यह नीति
बनाने के लिए इसमें डालें चीनी मिल गए थे

गांव का निर्माण हुआ और इसकी मदद से इतनी
पकड़ हो गई कई सालों ताजमहल भूकंप तूफान
बारिश धूप गर्मी सर्दी का मुकाबला कर रहा
है इतना मजबूत है कि भूकंप ताजमहल को
सबस्क्राइब इंट्रेस्टिंग
भूकंप ताजमहल

ताजमहल प्यार का प्रतीक और सफेद संगमरमर
की खूबसूरत इमारत ने इंजीनियरिंग
का एक बेहतरीन नमूना अगर आपने ताज अपने को
गौर से देखा होगा तो एक बात आप ने नोटिस
की होगी कि मेन बिल्डिंग के चारों तरफ बने
हुए चारों मिलकर आपस में परफेक्टली

परपेंडिकुलर नहीं है जिसका मतलब यह है कि
वह स्ट्रैट नहीं खड़ी है और ऐसा जान-बूझकर
किया गया था और बीमारों को थोड़ा सा झटका
दिया गया ताकि अगर कोई भूकंप आता है तो वह
चारों मीनार मेन बिल्डिंग से दूर गिर जाएं
और इस तरह भूकंप के सारे झटके मेन

बिल्डिंग तक पहुंचने से पहले ही इन
मीनारों में अब और हो जाएंगे और इस तरह से
मेन इमारत पर भूकंप का कोई असर नहीं होगा
और वह सुरक्षित बच जाएगी और आखिर में एक
बात यह भी जान लो कि शाहजहां ने किसी पर
मजबूर के हाथ नहीं कटवाए थे यह महज एक
अफवाह है और कुछ नहीं आपको ताजमहल के बारे

में कुछ और इंटरेस्टिंग बात पता है तो
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या झूठ हम देख लेंगे अगर आज की वीडियो
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