तेजस्वी का ऐलान! तख्तापलट नहीं होने दूंगा! PICTURE अभी बाकी है... - instathreads

तेजस्वी का ऐलान! तख्तापलट नहीं होने दूंगा! PICTURE अभी बाकी है…

दोस्तों हिंदी में कहावत है थूक कर चाटना
सवाल यह कि बिहार की राजनीति में आखिर किस
पॉलिटिकल पार्टी पर यह कहावत फिट बैठ रही
है याद कीजिए इन तमाम चेहरों पर गौर कीजिए
सुशील मोदी गिरिराज सिंह सम्राट चौधरी ये

है भाजपा के दिग्गज नेता सबने कसम खा रखी
थी कि किसी भी कीमत पर नीतीश कुमार को
वापस नहीं लिया जाएगा क्या होगा भारतीय
जनता पार्टी के उन नेताओं का जो ये कहते
थे कि हम पगड़ी तब उतारेंगे जब नीतीश

कुमार मुख्यमंत्री के पद से हटा दिए
जाएंगे आज उन तमाम भाजपा के नेताओं को
अपमान का घूंट पीना पड़ रहा है मगर बड़ा
सवाल यह दोस्तों कि पिक्चर अभी बाकी है

इस्तीफा दे देने से शपथ ग्रहण कर लेने से
यह गाड़ी आगे नहीं चलने वाली है क्योंकि
अभी बहुत कुछ होने वाला है जिसकी चर्चा इस
कार्यक्रम में मैं आगे करूंगा मगर सबसे
पहले मैं आपका ध्यान खींचना चाहूंगा

तेजस्वी यादव की तरफ तेजस्वी यादव ने पहली
बार इस मुद्दे पर अपनी जुबान खोली है
दोस्तों और वह क्या कह रहे हैं इस पर गौर
कीजिएगा जी न्यूज के मुताबिक आसानी से
नहीं होने देंगे तख्ता पलट बिहार में चल

रही सियासी अटकलों के बीच तेजस्वी यादव ने
अपनी प्रतिक्रिया दी है नीतीश के बीजेपी
के साथ सरकार बनाने की अटकलों के बीच
तेजस्वी यादव ने कहा कि वह आसानी से तख्ता
पलट नहीं होने देंगे और इतनी आसानी से

दोबारा ताज पोषी नहीं होने देंगे दोस्तों
मैं आपको कुछ चीजें बतलाना चाहूंगा जो इस
वक्त हो रही है समानांतर तौर पर लालू
प्रसाद यादव लगातार जितेंद्र राम मांझी से

बात कर रहे हैं और उनके हम के कम से कम
चार विधायक हैं यही नहीं खबर यह भी आ रही
है कि राहुल गांधी ने जितन राम मांझी को
फोन किया है यानी कि इस बार जो तख्ता पर

पलट करने की कोशिश की जा रही है जो एक बार
पलटी मारी जाएगी इसकी पृष्ठभूमि क्या है
मैं आपको बताता हूं दोस्तों इससे पहले जब
भी नीतीश कुमार ने पलटी मारी

है दोनों मोर्चों के बीच जमीन आसमान का
फर्क था दोस्तों मगर इस बार अंतर बहुत कम
है विधायकों का अंतर बहुत कम है खबर यह भी
आ रही है कई जगहों से कि कई जनता दल

यूनाइटेड के जो विधायक हैं उनसे संपर्क
नहीं हो पा रहा है है वह गायब हैं यह भी
बताया जा रहा है कि आरजेडी की तरफ से
उन्हें वादा किया गया है कि उन्हें मंत्री
पद दिया जाएगा अभी जो डेढ़ साल रह गए हैं

सरकार को लेकर उसको लेकर यह तमाम बातें की
जा रही हैं मगर दोस्तों नितीश कुमार जो
लगातार चार से पांच बार पलटी मारते दिखाई
दे रहे हैं इसका बिहार की जनता पर कोई

बहुत अच्छा संदेश नहीं जा रहा है और उसकी
वजह है यह शख्स तेजस्वी यादव तेजस्वी यादव
ने पिछले कुछ महीनों में खासकर जब से
सरकार बनी है युवाओं में अपनी जबरदस्त पैठ

बनाई है वो लगातार युवाओं से बात कर रहे
हैं वोह कह रहे हैं इस देश की सबसे बड़ी
समस्या बेरोजगारी है वह लगातार कह रहे हैं
कि हिंदू मुस्लिम करने से पेट भरेगा या

फिर नौकरी मिलने से आपका पेट भरेगा याद
कीजिएगा दोस्तों जब राम मंदिर की राजनीति
चरम पर थी तब भी उन्होंने कहा था कि नौकरी
बहुत जरूरी है जिसके जवाब में आपको याद है

वह लगातार कूदने लगे थे मुकेश अंबानी के
न्यूज़ चैनल का एक पत्रकार तो यह तक कह
रहा था कि भाई मंदिर हो तो अस्पताल जाने
की जरूरत नहीं है इस तरह की बातें की जा

रही थी मगर बिहार की जनता यह देख रही है
कि तेजस्वी यादव लगातार नौकरी के मोर्चे
पर और जातीय जनगणना के सहारे अपनी बात कह
रहे हैं और ऐसे मौके पर नितीश कुमार पलटी
मार रहे

और लगातार पलटी बाज साबित हो रहे हैं
बिहार की जनता की निगाह इस बात पर है मगर
बड़ा सवाल दोस्तों वह जो कहावत है मैं यह
नहीं कहता हूं कि थूक कर चाटना भाजपा पर

चरितार्थ होती है मगर वह तीन चेहरे मैंने
आपको दिखाए थे अब मैं आपको बतलाना चाहता
हूं कि पत्रकारों ने सम्राट चौधरी से कहा
था कि आपने तो कहा था कि भाई मैं पगड़ी तब
उतारूंगा जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद

से हटाए
जाएंगे क्या होगा इसको लेकर सुनिए किस तरह
से असहज दिखाई दिए सम्राट चौधरी देखिए सर
आप अपनी पगड़ी खोलेंगे
पगड़ी

ोने स्पष्ट
रहिए हमारी बैठक लोकसभा चुनाव के अंतर्गत
हो रहा है पगड़ी का जवाब में पगड़ी के समय
दोस्तों मगर भारतीय जनता पार्टी भी
समानांतर तौर पर खेला कर रही है खबर यह आ
रही है कि भाजपा ने नीतीश कुमार से कह
दिया है कि हमें गृह मंत्रालय चाहिए क्यों

क्योंकि अगर गृह मंत्रालय भाजपा के पास
होगा तो पूरा जो सरकारी अमला है कानून
व्यवस्था है पुलिस ऑफिसर्स हैं व उनके हाथ
में होंगे और हम यह ना भूलें कि हम लोकसभा
चुनावों की तरफ बढ़ रहे हैं लिहाजा भाजपा

चाहती है कि जो सबसे मजबूत मंत्रालय है वो
उसके पास बना रहे नीतीश कुमार को यह मंजूर
नहीं है और नीतीश कुमार किसी भी कीमत पर
यह मंत्रालय नहीं त्यागना चाहते यानी कि

आखिरी लमहे पर भाजपा ने यहां खेला कर दिया
है और नीतीश कुमार के लिए हालात मुश्किल
कर दिए हैं देखिए भाजपा क्या चाहती थी
भाजपा यही चाहती थी कि इंडिया गठबंधन जो
है वह अस्थिर हो जाए वहां पर एक संदेश चला

जाए कि भाई यह जो गठबंधन है वो स्थिर नहीं
है इसमें स्टेबिलिटी नहीं है देखिए पहले
ममता बैनर्जी अकेले चुनाव लड़ र रही हैं
और अब नीतीश कुमार जो हैं वो गठबंधन से
अलग हो रहे हैं वो यह संदेश देना चाहते थे

और यह संदेश देने में वह कामयाब हो भी रहे
हैं अब इसके जरिए उन्होंने बड़ा खेला यह
कर दिया है कि नीतीश कुमार के दिल के करीब
जो गृह मंत्रालय था उस पर वो दावा पेश कर

रहे हैं और यह कह रहे हैं कि उसके बगैर जो
है बात नहीं बनने वाली बहरहाल कल आपको याद
है लगातार लालू प्रसाद यादव ने नीतीश
कुमार से बात करने की कोशिश की नीतीश
कुमार ने उनका फोन नहीं उठाया उसी तरह से

मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उन्हें लगातार
फोन किया है दोस्तों दो से तीन बार मगर
उनका जो कार्यालय यानी कि मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार का जो कार्यालय है व उसका

जवाब नहीं दे रहा है यानी कि एक बात
स्पष्ट हो गई है दोस्तों कि नीतीश कुमार
किसी भी सूरत में इंडिया गठबंधन के जो

बाकी दल हैं उनसे संपर्क नहीं साधना चाहते
थे इसीलिए पहले कल लालू प्रसाद यादव के
फोन कॉल्स नहीं लिए और आज मल्लिकार्जुन

खड़के के फोन कॉल्स नहीं नहीं लिए गए तो
स्वाभाविक सी बात है दोस्तों भारतीय जनता
पार्टी को इन सवालों का जवाब देना पड़ेगा
कि सत्ता हासिल करने के लिए क्या आप अपने
स्वाभिमान के साथ भी समझौता कर सकते हैं

आप अपनी इज्जत को नीलाम कर सकते हैं ध्यान
रहे दोस्तों मुद्दा सिर्फ नीतीश कुमार का
नहीं है मुद्दा यह नहीं कि सम्राट चौधरी
ने पहले क्या कहा अब क्या कर रहे हैं

मुद्दा यह भी नहीं है कि गिरिराज सिंह ने
पहले क्या कहा अब उन्हें क्या करना पड़
रहा है या सुशील मोदी ने पहले क्या कहा और
अब क्या कर रहे हैं मुद्दा कुछ और है
मुद्दा यह है कि हर राज्य में सत्ता पाने

के लिए भाजपा किसी भी स्तर तक गिरने को
तैयार है तीन मिसाल नितीश कुमार तो मैं
आपको बतला ही रहा हूं इसके अलावा अजीत
पवार याद कीजिए दोस्तों देवेंद्र फर्नस ने

इनके बारे में क्या कहा था इनके
भ्रष्टाचार के बारे में कहा था कि एक बार
हम सत्ता में आ गए तो अजीत दादा चक्की पी
सिंग एन पी सिंग एंड पी सिंग हुआ क्या आप
भी जानते हैं दोस्तों फिर महबूबा मुफ्ती

साढ़े साल तक इनके साथ सरकार चलाई
उन्होंने दोस्तों मगर उससे पहले लगातार
महबूबा मुफ्ती को पृथक वादी पृथक वादी
सेपरेटिस्ट सेपरेटिस्ट कहते रहे और आप और
हम सब जानते हैं कि महबूबा मुफ्ती की

राजनीतिक राय और भाजपा की राजनीतिक राय
में जमीन आसमान का फर्क है मगर चूंकि
सत्ता में बने रहना है इसीलिए उनके साथ
साढ़े तीन साल सरकार चला अब तो खैर कश्मीर

में किसी के साथ सरकार चलाने की जरूरत ही
नहीं है क्योंकि आप केंद्र से वहां सरकार
चला रहे हैं मगर बड़ा सवाल यह दोस्तों कि
आखिर भारतीय जनता पार्टी अपने कट्टर

समर्थकों को यह संदेश कैसे देगी कि वह
पार्टी विद अ डिफरेंस है यह स्पष्ट होता
जा रहा है कि भाजपा किसी भी कीमत पर सत्ता
पर बने रह सकती है वह अपने ईमान के साथ
अपने विचारधारा के साथ अपने सिद्धांतों के

साथ समझौता करने को तैयार है और यही नहीं
दोस्तों वो साम दाम दंड भेद से भी सत्ता
हासिल करना जानती है वो एजेंसीज के जरिए
विधायकों पर दबाव डालती है महाराष्ट्र भूल
गए आप वो पैसे का सहारा लेती है कर्नाटक

भूल गए आप वो पैसे के जरिए विधायकों पर
निशाना साधना जानती है याद है आपको किस
तरह से महाराष्ट्र के विधायकों को मुंबई
असम गुजरात प्लेंस में ले जाया जा रहा था

याद है आपको दोस्तों किस तरह से कर्नाटक
में कई ऑडियो कॉल सामने उभर कर आए थे
जिसमें उस वक्त के मुख्यमंत्री येदुरप्पा
कथित तौर पर कई विधायकों से बात कर रहे थे
कथित तौर पर पैसा देने की बात कर रहे थे

मगर जाहिर सी बात है दोस्तों मीडिया इसे
मास्टर स्ट्रोक बताएगा मीडिया आपके सामने
यह सवाल नहीं उठाएगा और मीडिया से मेरा
मतलब गोदी मीडिया जो असली मीडिया है जो

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आपके सामने हकीकत
पेश कर रहा है वोह लगातार सवाल उठा रहा है
मगर गोदी मीडिया इस तरह की जो बेशर्मी चल
रही है राजनीतिक बेशर्मी गर्मी चल रही है

उस पर सवाल उठा रहा है कहां है राजनीतिक
सुचिता कहां है ईमानदारी और सबसे बड़ी बात
मुझे दया आती है उन समर्थकों पर भाजपा के
उन अंध भक्त समर्थकों पर जिन्हें इस

मुद्दे पर भी भाजपा का समर्थन करना पड़ेगा
दोस्तों आज दिन भर जिस तरह का घटनाक्रम
चला उससे स्पष्ट हो गया कि नीतीश कुमार
क्या करने वाले हैं मसल एडी टीवी कीय खबर

और इसमें तस्वीरों के जरिए भी मैं आपको
दिखा रहा हूं यहां पर आप देख सकते हैं
नितीश कुमार भाजपा के नेता अश्विनी चौबे
के साथ नजर आए खबर क्या है दोस्तों आप देख

सकते हैं यहां पर बाकायदा आप नितीश कुमार
को देख रहे हैं अश्विनी चौबे के साथ यह
तस्वीर अपने आप में स्पष्ट कर रही थी दिन
भर कि नीतीश कुमार क्या करने वाले हैं और

जैसे मैंने कहा कि अश्विनी चौबे भी लगातार
नीतीश कुमार के खिलाफ बयान देते रहे थे
मगर अब यह तस्वीर खिंचवाने में कोई शर्म
नहीं है क्योंकि कि मकसद है सत्ता हासिल
करना और इसके लिए कोई भी कीमत चुकाने को

तैयार है भाजपा मगर जैसे मैंने कहा ना
दोस्तों पिक्चर अभी बाकी है इतना आसान
नहीं होगा इस बार विश्वास मत हासिल करना
जी हां अब असली खेला जो है दोस्तों वो सदन
के पटल पर होगा वोट ऑफ कॉन्फिडेंस के

दौरान होगा आखिर जनता दल यूनाइटेड के
कितने विधायक उनके साथ होंगे ये हमें
देखना पड़ेगा दोस्तों हालांकि दो-तीन
चीजें स्पष्ट हो जाएं
राज्यपाल चूंकि भाजपा का है इसलिए आसानी
से वह पद और गोपनीयता की शपथ ले लेंगे मगर

सदन के पटल पर क्या होगा दोस्तों उस पर
हमारी निगाह होगी और असली खेला वहीं पर
होने वाला है और यहां पर लालू प्रसाद यादव
की सोच काम करने वाली है एक ऐसा दिग्गज जो

राजनीति में कई सालों से कई दशकों से है
और वह आसानी से इस बाजी को हाथ से नहीं
जाने देने वाले और अगर साम दाम दंड भेद से
भाजपा सत्ता हासिल कर भी लेती है तो यह ना
भूलें कि जनता में इसका क्या संदेश गया है

मैं आपको बतला चुका हूं जनता में इस वक्त
तेजस्वी यादव की लोकप्रियता लगातार बढ़
रही है ऐसी सूरत में जनता यह भी देख रही
है कि एक ऐसा व्यक्ति जिसका फोकस
बेरोजगारी पर था नौकरी देने को लेकर था

सही मुद्दे पर था उसे सत्ता से बाहर कर
दिया गया है ये तमाम फैक्टर्स हैं जिनके
चलते आने वाले दिनों में भाजपा की राह
आसान नहीं होने वाली है और यह कहा जा सकता

है दोस्तों कि नीतीश कुमार का जो राजनीतिक
करियर है उसके खात्मे की भी उल्टी गिनती
शुरू हो गई है
नमस्कार स्वतंत्र और आजाद पत्रकारिता का
समर्थन कीजिए सच में मेरा साथी बनिए बहुत आसान है

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