दांव पर भारत की साख, घुसपैठिया बनने की मची होड़ - instathreads

दांव पर भारत की साख, घुसपैठिया बनने की मची होड़

नमस्कार

भारत के लोगों को
भारत से किसी दूसरे देश में घुसपैठिया
बनने की यह क्या सनक चढ़ गई है कि लोग
किसी भी तरह से जान जोखिम में डालकर
अमेरिका कनाडा और यूरोप के देशों में घुसी
जाना चाहते हैं फ्रांस में 276 भारतीयों
को लेकर दुबई से निकारागुआ जा रहा एक

चार्टेड प्लेन रोक लिया गया यह खबर छपी तो
जरूर मगर इस पर व्यापक चर्चा नहीं हुई कि
अच्छे भले मुल्क को छोड़कर किसी और मुल्क
में घुसपैठिया बनकर जाने का यह क्या तुख
है क्या भारत में इस जहाज के पकड़े जाने

की घटना पर इसलिए चर्चा नहीं हो रही है
क्योंकि इसमें सवार 90 से अधिक लोग गुजरात
के बताए जा रहे हैं आखिर इस जहाज में सवार
लोगों के डिटेल सार्वजनिक क्यों नहीं किए

गए फ्रांस ने जब इसे मुंबई भेज दिया तब
इसके यात्रियों को मीडिया के सामने क्यों
नहीं पेश किया गया और मीडिया ने उनसे बात
क्यों नहीं की यह एक तरह का ऐसा भारत

छोड़ो आंदोलन चल रहा है जिस पर शायद ही
कोई भारतीय गर्व कर पाए इसी साल के सितंबर
महीने में अमेरिका में अवैध रूप से घुसते
हुए 8000 से अधिक भारतीय एक महीने में

गिरफ्तार हुए थे 8000 लोग कम नहीं होते
हैं इनमें से 3000 से अधिक ऐसे थे जो
कनाडा अमेरिका सीमा से घुसते हुए पकड़े गए
यह आंकड़ा अमेरिका के कस्टम एंड बॉर्डर
प्रोटेक्शन विभाग का है इस आंकड़े को

देखकर लग रहा है कि अमेरिका की सीमा में
मेक्सिको और कनाडा से घुसने की होड़ मची
है असली कुंभ वहीं लगा है जहां भारतीय
भारत से गुम होकर अमेरिका में खो जाना

चाहते हैं आप जानते हैं कि भारत में कोई
अवैध रूप से घुसता है तो घुसपैठिया बताने
की राजनीति कितनी खतरनाक हो जाती है यहां
तक कि जो वैध तरीके से रह रहा है उसे भी
घुसपैठिया बताया जाने लगता है लेकिन जब
भारतीय किसी दूसरे देश में घुसपैठिया बनकर
जा रहे हैं तो उस खबर पर व्यापक चर्चा

क्यों नहीं उसे केवल वीजा एजेंट के फ्रॉड
का मामला क्यों बनाया जाता है क्या यह
विचार करने का समय नहीं कि जिस समय में
भारत के विश्व गुरु बन जाने का दावा किया
जा रहा है उसी समय में भारतीय नाव से हवाई

जहाज से और पैदल पार कर अमेरिका में घुसने
की कोशिश कर रहे हैं वो भी अवैध रूप से इन
सभी लोगों को भारत लाकर राष्ट्रवाद का
बृहद लेक्चर देना चाहिए अतीत के गौरव के

से कम एक साल तक गोदी मीडिया का कोई चैनल
दिखाना चाहिए इन्हें इतना गर्व हो जाएगा
कि कभी भारत छोड़कर जाने का ख्याल ही नहीं
आएगा हम आज के वीडियो में बात करना चाहते
हैं कि फ्रांस में जो जहाज पकड़ा गया और

जिसे वापस किया गया उसकी चर्चा कम क्या
इसलिए हुई क्योंकि उसमें बड़ी संख्या में
गुजरात के लोग थे यह इसी रविवार का गुजरात
समा चार का पहला पन्ना है लिखा है कि

फ्रांस के एयरपोर्ट पर कबूतरबाजी की
शॉकिंग न्यूज़ अमेरिका में घूस खोरी का
प्रयास 300 यात्रियों में से 96 गुजराती
पकड़े गए ज्यादातर उत्तरी गुजरात के हैं

महसाना पाटन गांधीनगर और बनास काठा के
अखबार ने लिखा है कि इन सबके पीछे किसी
इमीग्रेशन माफिया शशि रेड्डी का हाथ हो
सकता है उसने अभी तक 1200 लोगों को अवैध

रूप से विदेशों में भेज है इमीग्रेशन
माफिया शशि रेड्डी 30 करोड़ के चार्टेड
प्लेन करके निकारागुआ से मेक्सिको और फिर
वहां से अमेरिका भेजता है यह भी लिखा है
कि इस जहाज में 21 महीने का एक बच्चा भी
है और 17 साल का किशोर भी बहुत से ऐसे हैं

जिनके साथ उनके माता-पिता नहीं हैं गुजरात
समाचार ने घूसखोरी शब्द का इस्तेमाल किया
है हिंदी के अखबार अवैध रूप से प्रवेश
करने वाले लिखते हैं घुस पैठियाकरा हों के
बारे में पंजाब से कबूतरबाजी शब्द निकला

तो गुजरात से
घूसखोरी गुजरात के दो बड़े नेता नरेंद्र
मोदी और अमित शाह भारत में अवैध रूप से
आने वालों के लिए घुसपैठिया शब्द का
इस्तेमाल करते हैं कभी-कभी घुसपैठियों के

लिए आतंकवादी शब्द का भी इस्तेमाल होता है
मगर इन्हीं के राज्य के लोग जब अवैध रूप
से अमेरिका में घुसपैठिया बनते हैं तब
उनके लिए घूस खोरी का इस्तेमाल होता है
घुसपैठिया का इस्तेमाल नहीं हुआ 2014 के

बाद कई राज्यों के चुनावों में इन नेताओं
ने पलायन रोकने पर बहुत भाषण दिए लेकिन
गुजरात से ही इस लेवल का पलायन हो रहा है

इस पर इनका भाषण मिले तो मुझे भी सुनाइए
क्यों इनके दौर में वह भी 20 साल से अधिक
समय तक राज्य में और केंद्र में राज करने
के बाद भी एक ही पार्टी की सत्ता है

गुजरात में गुजरात के लोग घुसपैठिया क्यों
बनना चाहते निश्चित रूप से इसमें दूसरे
राज्य के लोग भी शामिल हैं मगर आज हमारा
फोकस गुजरात पर है टाइम्स ऑफ इंडिया ने

सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में
लिखा है कि 96 गुजराती यात्री हैं जिनमें
से कई भारत लौटना ही नहीं चाहते कलोल और
महसाना के यात्री तो लौटना नहीं चाहते

मेहसाना तो प्रधानमंत्री मोदी का गृह जिला
है और गांधीनगर से अमित शाह सांसद हैं आप
सभी ने यह खबर तो देखी होगी कि हाल ही में
दुबई से एक चार्टर्ड प्लेन उड़ा उसमें 276

भारतीय सवार थे जब यह विमान उत्तरी फ्रांस
के एक एयरपोर्ट पर रुका तब खबरें आने लगी
कि इस विमान को रोक दिया गया है क्योंकि
मानव तस्करी का शक है यह लोग निकारागुआ ले
जाए जा रहे थे और वहां से अमेरिका में

घुसने की योजना थी चार दिनों तक यह जहाज
फ्रांस में ही खड़ा रहा एयरपोर्ट को पुलिस
ने सील कर दिया फ्रांस के अखबार लामों के
अनुसार फ्रांस की राष्ट्रीय संगठित अपराध
यूनिट जनेल को को जांच का काम सौंप दिया

गया अंततः फ्रांस ने जहाज को निकारागुआ के
लिए रवाना नहीं होने दिया वहां से इसे
मुंबई वापस किया गया खबरें तो यह भी छपी
हैं कि इस विमान में सवार 276 भारतीयों
में से 25 ने वापस आने से इंकार कर दिया

वह अब भी फ्रांस में हैं मीडिया में यह भी
छपा है कि जहाज के साथ भारत नहीं लौटे और
इनमें दो नाबालिक हैं वे फ्रांस में ही
शरण मांग रहे हैं कईयों के पास दुबई और
निकारागुआ तक जाने का वैध वीजा है

इन्होंने एजेंट को पैसे भी दिए ऐसी आशंका
है कि यह लोग निकारागुआ से अमेरिका घुसना
चाह ते हैं बाकी यात्रियों को लेकर विमान
मुंबई आ गया सवाल है कि इनके पास

निकारागुआ जाने के लिए पर्यटन वीजा नहीं
था अगर था तो इन्हें निकारागुआ क्यों नहीं
जाने दिया गया फ्रांस की जांच के कारण
भारत की किरकिरी होने लगी क्या इस वजह से

भारत ने मुंबई भेजने की मांग की या फ्रांस
ने तय कर लिया तो भारत को स्वीकार करना
पड़ा भारत ने ऐसी पहल क्यों की क्या इसलिए
भी कि अगर निकारागुआ पहुंचकर अमेरिका में
में घुसने की ये लोग कोशिश करते तो भारी

बदनामी होती क्या भारत ने अपनी
अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बचाने के लिए ऐसा
किया इस पूरी घटना से अंतरराष्ट्रीय स्तर
पर हमारी छवि बेहतर हुई है या इसे धक्का
पहुंचा है आप तय करें फ्रांस से जहाज तो

वापस आ गया भारतीय दूतावास ने फ्रांस का
शुक्रिया अदा किया है बताइए इसी फ्रांस के
राष्ट्रपति 26 जनवरी को भारत के राजकीय
अतिथि बनकर आ रहे हैं उनके सामने भारत की

तरक्की का प्रदर्शन किया जाएगा का जबकि
उन्हें भी पता है कि भारत छोड़कर अमेरिका
में घुसपैठ करने के लिए इतने भारतीय बेचैन
हैं कि चार्टर्ड विमान लेकर निकारागुआ

पहुंच जा रहे हैं यह भी एक त्रास दी है कि
इन लोगों ने लाखों रुपए करोड़ों रुपए
एजेंट को दे दिए होंगे इनका पैसा भी डूबा
और भारत छोड़ने का सपना भी टूटा गुजरात
समाचार ने तो लिखा है कि कम से कम जो

पैकेज होता है वह 80 लाख से लेकर एक करोड़
रुपए तक का होता है अगर तीन लोगों का एक
परिवार गया होगा तो समझिए कि कम से कम इन
लोगों ने 2 करोड़ रुपए एजेंट को तो दिए ही
होंगे गुजरात पर कभी बात नहीं होती दो दो

करोड़ रुपए देकर लोग अवैध रूप से किसी देश
में घुसपैठिया बनना चाहते हैं इस पर बात
क्यों नहीं हो सकती इसके पीछे के कारणों
को ठीक से क्यों नहीं समझा जाना चाहिए यह
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर है अगस्त 2022 की
रिपोर्ट में लिखा है कि विदेश जाने की सनक

में 950 त्रों ने आईईएलटीएस के फर्जी
सर्टिफिकेट लिए आईईएलटीएस अंग्रेजी भाषा
की एक सर्टिफिकेट परीक्षा है जिसे पास
करने के बाद अमेरिका और अन्य देशों में आप
प्रवेश पाते हैं एक सर्टिफिकेट हासिल करने

के लिए एक छात्र ने 14 लाख रुपए दिए
गुजरात के तमाम शहरों में 5 साल से यह
घोटाला चल रहा था यह घोटाला तब पकड़ा गया
जब उत्तरी गुजरात से गए कुछ अवैध प्रवासी

घुसपैठिया नहीं अवैध प्रवा वासी भारतीयों
को अमेरिका के कोर्ट में हिंदी से
अंग्रेजी अनुवादक की जरूरत पड़ गई जबकि
आईईएलटीएस स्कोर इनका ठीक-ठाक था इस तरह
से इनकी पोल अमेरिका के कोर्ट में खुल गई
कि इन्हें अंग्रेजी नहीं आती और सारे

सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए अगर आप इन खबरों
को जोड़ते चलेंगे तो आपको वह गुजरात
दिखेगा जिसके बारे में प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह कभी
बात नहीं करना चाहेंगे आप ही बताइए क्या

इससे विदेशों में भारत का नाम हुआ आखिर
कैसे गुजरात में फर्जी सर्टिफिकेट का धंधा

चल रहा है और एक छात्र को फर्जी
सर्टिफिकेट के लिए ₹ लाख रप देने पड़ रहे
हैं इनके पास पैसा कहां से आ रहा है जो
लोग यह धंधा चला रहे हैं कहीं उन्हें
राजनीतिक संरक्षण तो प्राप्त नहीं यह भी

प्रश्न है जमीन बेच रहे हैं यह छात्र ₹
लाख र देने के लिए या फिर क्या बेच रहे
हैं लोन ले रहे हैं तो इन्हें लोन कौन दे
रहा है पेरिस से वापस कर दिया गया विमान

26 दिसंबर की सुबह मुंबई पहुंच गया मगर
मीडिया से इन यात्रियों को बात करने नहीं
दिया गया क्यों अगर बात होती तो उनसे पूछा
जाता कि क्या उन्हें नरेंद्र मोदी के
विकास पर भरोसा नहीं गुजरात मॉडल पर भरोसा
नहीं कि वे फर्जी तरीके से अमेरिका में

घुसने जा रहे थे यह सवाल भी पूछा जा सकता
था कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिल
रहा है फिर भी यह लोग निकारागुआ के रास्ते
अमेरिका में घुसपैठिया क्यों बन रहे हैं

अभी तक भारत में लोग बांग्लादेश की सीमा
से घुसपैठिया बन करर आते थे अब तो गुजरात
से लोग घुसपैठिया बनकर अमेरिका जा रहे हैं
गुजरात मॉडल में ऐसी क्या कमी रह गई है कि
उन्हें घुसपैठिया बनना पड़ रहा है 19

जनवरी 2022 को एक खबर आई गांधीनगर के
जगदीश पटेल उनकी पत्नी वैशाली बेटी बहांगी
और बेटा धार्मिक कनाडा से अमेरिका में
घुसते हुए ठंड से मर गए इसी ट्रेंड पर
अप्रैल महीने में हिंदू के महेश लांगाह की

एक कवर स्टोरी की और लिखा कि कनाडा से
अमेरिका पार करते समय जगदीश पटेल उनकी
पत्नी वैशाली और दो छोटे बच्चे तूफान में
फंस गए बर्फ गिरने लगी और तापमान – 35
डिग्री सेल्सियस हो गया जगदीश पटेल ने

किसी को नहीं बताया था कि अवैध रूप से
अमेरिका जाने की जुगाड़ कर रहे हैं बल्कि
गांव में यही बताकर गए कि अमेरिका घूमने
जा रहे हैं डिंग उचा के महेंद्र पटेल इस

मामले में मुख्य संदिग्ध हैं महेंद्र पर
यह भी आरोप है कि उसने 50 लोगों को पानी
के रास्ते अमेरिका में एंट्री दिलाई है
इसी तरह विदेश जाने की खबरें डिंगू गांव
से कई बार आ चुकी हैं इसी साल अप्रैल में
महसाना जिले के एक परिवार के चार लोगों की

अमेरिका कनाडा बॉर्डर पार करते हुए मौत हो
गई वे नाव से अमेरिका में घुसना चाह रहे
थे इनके नाम थे प्रवीण भाई चौधरी दक्ष बेन
चौधरी मीत चौधरी और विधि चौधरी इसी साल
जनवरी में गुजरात के ही नौ लोग वेस्ट

इंडीज मार्टिन पवे तो रिको और मायामी के
रास्ते अमेरिका में प्रवेश करना चाहते थे
और प्लान बनाकर निकले इनमें से महसाना से
चार गांधीनगर से तीन और खेड़ा और सब कंठा
से एक-एक व्यक्ति शामिल थे लेकिन यात्रा

शुरू होने के एक महीने बाद इनसे संपर्क
टूट गया जुलाई में गुजरात पुलिस ने कहा कि
ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी नाव अंध
महासागर में उलट गई आज तक इनका पता नहीं
चला पत्रकार महेश लंगा ने द हिंदू में

लिखा है कि डिंगू गांव को एनआरआई गांव कहा
जाता है इसके 70 परिवार अमेरिका में बस
चुके हैं कुछ अन्य कनाडा और ऑस्ट्रेलिया
जा चुके हैं गांव वालों का शक है कि पटेल

परिवार ने अमेरिका में प्रवेश के लिए
एजेंट को डेढ़ करोड़ रुपए दिए होंगे पटेल
परिवार के अलावा सात अन्य अनडॉक्युमेंटेड
भारतीयों को अमेरिकी अधिकारियों ने
गिरफ्तार किया था नवंबर 20222 से सितंबर

2023 के बीच अमेरिका में अवैध रूप से घुस
रहे ध्यान से सुनिए
96 917 भारतीयों को अमेरिकी अधिकारियों ने
गिरफ्तार किया यह आंकड़ा अपने आप में एक
रिकॉर्ड है 2019 से लेकर मार्च 2023 के

बीच अमेरिका में 1 लाख 90 हज भारतीय
गिरफ्तार हुए हैं करीब-करीब 2 लाख की
संख्या है यह कोई मामूली बात
नहीं अमेरिका का आकर्षण सबको बुलाता है

यहां जाकर अपने जीवन को बेहतर करने वाले
भारतीयों को देखकर जिसे नहीं जाना होता है
वह भी जाने की योजना बनाने लगता है यहां
बस गए भारतीय अमेरिका की व्यवस्था से काफी
संतुष्ट नजर आते हैं बहुत से भारतीय इसलिए
भी अमेरिका जाते हैं क्योंकि यहां के

शहरों में रहने का सुख भारत के शहरों में
रहने के सुख से काफी अलग है और बहुत बेहतर
है यहां के जीवन में झंझट कम है इसलिए लोग
सामान समेटकर कनाडा और अमेरिका रवाना हो

रहे हैं उन्हें भारत याद तो आता है मगर
रहने के लिए अमेरिका ही पसंद आता है वैध
रूप से अमेरिका में बसने वालों की संख्या
भी बढ़ती जा रही है हमेशा से लोग जाते रहे
हैं लेकिन अवैध रूप से जाने का यह ट्रेंड

अचानक इतना क्यों बढ़ा है अमेरिका ही नहीं
कनाडा से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक किसी तरह
पहुंच जाने की होड़ मची लगती है प्यू
रिसर्च के हवाले से कई जगह खबर छपी है कि

अमेरिका में 7वा लाख भारतीय अवैध रूप से
रह रहे हैं 7वा लाख अमेरिका में तीन देशों
से सबसे अधिक नागरिक अवैध रूप से रह रहे
हैं मेक्सिको और अल सल्वाडोर के बाद भारत

का ही नंबर है भारत जैसे महान देश को
छोड़कर किसी भी देश में अवैध रूप से बस
जाने की इस होड़ को कैसे समझा जाए क्या
भारत में अवसर इतने सीमित हैं और खराब हैं
कि जीवन को बेहतर करना है तो अमेरिका जाना

होगा अमेरिका के सीमा शुल्क और सीमा
सुरक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि
पैदल पारकर अमेरिका में घुसने वाले
भारतीयों की संख्या में पांच गुना उछाल
आया है क्या अब इस पर भी गर्व करना होगा

कि पिछले साल में 1 लाख भारतीयों ने अवैध
रूप से अमेरिका में घुसने का प्रयास किया
गया इनके लिए वैद अप्रवासी का इस्तेमाल
होता है घुसपैठिए का नहीं इन लोगों में
मतलब भारत छोड़ने की इतनी बेचैनी है कि

अवैध रूप से भी अमेरिका कनाडा जाना चाहते
हैं क्या इन भारतीयों को भारत आकर्षित
नहीं कर रहा है द हिंदू अखबार ने एक डटा
प्रकाशित किया है 2018 से भारत छोड़ने की
होड़ तेज होती है अवैध रूप से बाहर जाने

वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है
20000 से 40000 होती है 40000 से 600 60
से 80000 और 80000 से 1 लाख हो जाती है
आखिर लोग ताबड़तोड़ भारत क्यों छोड़ रहे
हैं इसका यह भी मतलब है कि भारत में

अवसरों की कमी तो है कमाई भी बहुत कम है
यह 16 दिसंबर 2023 की रिपोर्ट है जो कई
जगह छपी है अहमदाबाद में कई वीजा एजेंटों
के दफ्तरों पर छापे पड़े मामला यह था कि

अमेरिका कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के
बाद वहां के एयरपोर्ट से कई सारे भारतीयों
को वापस किया गया है इसके बाद वीजा

कंसल्टेंट फर्म पर नजर रखी जाने लगी वीजा
एजेंट के दफ्तरों पर छापे पड़े आरोप है कि
वीजा फर्म ने काफी पैसा लेकर वीजा दिलाने
में इन्हें मदद की है गोदी मीडिया इस पर
बात नहीं करेगा क्योंकि तब गुजरात की

सच्चाई की भी बात करनी होगी प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी तो इस पर बिल्कुल नहीं कर
पाएंगे हाल ही में उन्होंने अपील की कि जो
लोग विदेशों में जाकर डेस्टिनेशन वेडिंग
करते हैं शादियां करते हैं वह भारत में

करें उनके इस बयान को अखबारों ने इस तरह
से छापा कि कितना महान वाक्य और विचार है
प्रधानमंत्री को ऐसा ही महान वाक्य कहना
चाहिए कि 20 साल तक सत्ता में रहने के बाद
गुजरात को इतना चमका दिया है कि अब वहां

के लोगों को अवैध रूप से किसी देश में
घुसपैठिया बनने की जरूरत नहीं वे अवैध रूप
से कहीं भी ना जाएं पकड़े जाने पर भारत की
बदनामी होती है अमेरिका जाने की ऐसी भी
क्या जिद कि गुजरात के मोटेरा में केमिकल

बिजनेस करने वाले एक व्यक्ति की पत्नी
मेक्सिको अमेरिका की सीमा पर बने ट्रंप
वॉल को पार करते समय चोटिल हो गई उनके साथ
5 साल और डेढ़ साल की दो बेटियां भी थी

इसी दिसंबर की यह खबर है कि 1 सा 50 लोग
ट्रंप के समय बनी दीवार को फांद की कोशिश
कर रहे थे इनमें से छह परिवार गुजरात के
थे इसी साल अक्टूबर में 36 साल के ब्रिज
यादव ट्रंप वॉल पार करते हुए मारे गए 30

फीट की दीवार फ देते समय वे मेटल बैरियर
से गिर गए उनकी गोद में उनका 3 साल का
बेटा भी था जो बच गया पत्नी भी चोटी हुई
मगर बच गई 2022 में मेक्सिको के रास्ते
अमेरिका में घुसने वाले भारतीयों की

संख्या करीब 3000 थी जबकि मेक्सिकन
इमीग्रेशन एजेंसी के मुताबिक इस साल जनवरी
से नवंबर के बीच ही 11000 से ज्यादा
भारतीय इस रास्ते से अमेरिका जा चुके हैं
इस साल 30 नवंबर तक मेक्सिको से अमेरिका

में अवैध रूप से घुसते हुए
41 770 भारतीय गिरफ्तार किए गए हैं जबकि
पिछले साल यह संख्या
18308 थी ऐसा लग रहा है कि उल्टा ही
गुजरात छोड़ो या भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा

है यह अच्छा नहीं है कि एक महीने में 9000
भारतीय अमेरिका में घुसते हुए पकड़े जाएं
इससे पता चल रहा है कि लोग हर हाल में
भारत छोड़ देना चाहते हैं उन्हें अब यकीन

नहीं हो रहा कि इस देश में रहकर वे अपने
सपनों को पूरा कर सकते हैं दूसरे देशों
में जाना बिल्कुल गलत नहीं बसना भी गलत
नहीं है सभी को जाना चाहिए मौका मिले
तुरंत बस जाना चाहिए जमाने से लोग जाते

रहे हैं बसते रहे हैं भारत की नागरिकता
छोड़ते रहे हैं मगर तरीका वैध होना चाहिए
अवैध रास्ते से अपना सब कुछ दांव पर लगाकर
जमीन गिरवी रखकर घुसपैठिया बनने की होड़
भारत के लिए अच्छा नहीं है वहां के अवसरों

का पता करते रहिए अमेरिका से लेकर
ऑस्ट्रेलिया तक के मौका लगे तो आज ही जाइए
अमेरिका और यूरोप जाने का जिन्हें मौका
मिलता है वह इसी तरह का फैसला एक मिनट में
करते हैं बिल्कुल देरी नहीं करते सामान
बांधते हैं और चले जाते हैं मगर तरीका वैध
होता है अवैध नहीं ……

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