दिल्ली कूच की तैयारी में किसान, सरकार के फूले हाथ पांव । Farmer Protest । Kisan Andolan । Noida - instathreads

दिल्ली कूच की तैयारी में किसान, सरकार के फूले हाथ पांव । Farmer Protest । Kisan Andolan । Noida

आज सबसे पहले है महंगाई साथ में किसानों
की शिकायत भी महंगाई लहसुन की है शिकायत
किसानों के अधूरे वादों की हमने इस कहानी
को नाम दिया है किसान मार्च के लिए तैयार

शहरों में महंगे लहसुन का अत्याचार और अब
क्या करेगी सरकार पटियाल की जुबान है इस
वक्त देश का कोई और न्यूज़ चैनल महंगे
लहसुन का मुद्दा नहीं बनाएगा इससे पहले आप

सबसे ज्यादा परेशान हैं इस वक्त लहसुन की
महंगाई पर बात होगी लेकिन उससे पहले लहसुन
उगाने वाले किसानों के मोर्चे की बात कर
लेते हैं आज यूपी के किसानों ने दिल्ली को

घेर लिया सड़कों पर जाम लग गया जनजीवन
बेहाल होने लगा लेकिन किसान क्यों आए थे
अपना हक लेकर ही लौटे वो इसलिए आए थे
किसानों की मांग थी एनटीपीसी ने अपने

प्रोजेक्ट के लिए जो उनकी जमीन ली थी उसका
सही मुआवजा उनको मिले नोएडा विकास के लिए
बनी अथॉरिटी ने किसानों की जमीन के बदले
जो प्लॉट दिए थे वह उन्हें लौटा दे सरकार

ने दोनों मांगे मान ली और किसान लौट गए
अपने अन्नदाता के लिए इतना कष्ट शहर के
लोगों को बर्दाश्त करना ही चाहिए शहर के
प्रशासन को किसानों के लिए सही व्यवस्था

भी करनी चाहिए ताकि किसी को भी कष्ट ना हो
किसान आए हैं और शहर की व्यवस्था भी बनी
रहे इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत
बड़ी पहल की है पब्लिक इंटरेस्ट में आज वह
भी आपको बताएंगे खैर एक और मुद्दा बड़ा यह

भी है कि 13 फरवरी को किसान संगठनों ने
दिल्ली कूज का ऐलान किया था मुद्दा एमएसपी
का है किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन
मूल्य की गारंटी सरकार से चाहते हैं
आंदोलन की तैयारी इस बार और भी तगड़ी है

ट्रैक्टर फिर तैयार हो रहे हैं पंजाब के
हर गांव में किसान एकजुट होकर दिल्ली
निकलने की तैयारी कर चुके हैं 2020 में
किसान आंदोलन की तपिश दिल्ली और देश ने

महसूस की थी अच्छी तरह से तब 378 दिन चला
था किसान आंदोलन आप अब गवाह है दिल्ली
हरियाणा से सटे बॉर्डर पर किसान कैसे बैठ
गए थे तब टोल भी फ्री हो गए थे क्योंकि

किसानों ने टोल प्लाजा पर भी कब्जा कर
लिया था अब किसान फिर आ रहे हैं इसीलिए
उन्हें रोकने की तैयारी भी हो रही है
हरियाणा सरकार ने उनकी एंट्री रोकने का

इंतजाम शुरू कर दिया है सड़कों पर
बैरिकेडिंग और निगरानी के लिए मोर्चे तय
किए जा रहे हैं यह तस्वीरें कोई आपको और
नहीं दिखाएगा यह सिर्फ आप पटियाल के
पब्लिक इंटरेस्ट में ही देख पाएंगे लेकिन
यहां पब्लिक इंटरेस्ट में सवाल यह भी है

कि किसान आंदोलन फिर हुआ तो नतीजे क्या
होंगे यह सरकार को अच्छे से मालूम है
इसीलिए सरकार ने क्या किया इसकी
एक्सक्लूसिव जानकारी भी पब्लिक प्लिक

इंटरेस्ट में पटल आपके सामने लेकर आया है
केंद्र सरकार ने अन्नदाता के आक्रोश को
शांत करने के लिए तीन अपने मंत्रियों को
इसका जिम्मा सौंप दिया है और वह मंत्री

क्या कर रहे हैं कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा
पियूष गोयल गृह राज्य मंत्री नित्यानंद
राय किसान नेताओं से बात करने के लिए

चंडीगढ़ पहुंच गए हैं बातचीत चल रही है
लेकिन सवाल क्या है सवाल है क्या किसान
बिना मांगे पूरी हुए अपनी आसानी से यह बात
मान जाएंगे कि मांगे मनवा ही रहेंगे सरकार

के मंत्री कोई बड़ा बड़ा भरोसा दे देंगे
अगर किसान नहीं माने तो क्या फिर वैसा ही
किसान आंदोलन एक बार फिर होगा किसान उसकी
फसल के दाम का किस्सा यह दोनों चीजें बहुत

पुराना है किसान को दाम नहीं मिलता है
लेकिन शहरों में उनकी फसल बहुत महंगे भाव
पर बिकती है हमारी कहानी का अगला कैरेक्टर
लहसुन भी कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रहा
है

00 का देख के कौन खरीदेगा इसको जो चीज हम
₹ पर केजी लेते
थे तो वहां जहां मंडी लगता है वहां डीलर
सब रहता है सब स्टॉक करता है तो बढ़ता
है अभी भी हम लहसुन लेने आए मगर रेट पूछ
के खाली घूम रहे

हैं किचन का तो बजट ही बिगड़ा हुआ है
पूरा लहसुन क्या है दाल सब्जी में
इस्तेमाल होने वाला एक मसाला है करीब-करीब
हर घर में इसका इस्तेमाल होता है लेकिन

लहसुन के अत्याचार ने रसोई का जायका
बिगाड़ दिया है यूपी जैसे राज्य में तो
लहसुन आपको मालूम है 00 प्रति किलो बिक
रहा है जबकि यूपी लहसुन उत्पादन में तीसरे

नंबर पर है इसीलिए जनहित में महंगे लहसुन
की केमिस्ट्री को आज आपको समझाना बहुत
जरूरी है हैरानी होगी यह जानकर आपको कि
किसानों से लहसुन बहुत सस्ता खरीदा जाता

है लेकिन आपकी रसोई तक महंगा पहुंच रहा है
मुद्दा पब्लिक इंटरेस्ट का है और सवाल
आपकी जेब का है इसीलिए हमने महंगे लहसुन
की ऑल इंडिया पड़ताल की यह रिपोर्ट देखिए

आप लहसुन क्यों महंगा हुआ किसकी वजह से
हुआ पिक्चर आपके मन में क्लियर हो
जाएगी हजूर जायके की उम्मीद मत कीजिए
लहसुन का मिजाज आजकल बड़ा गर्म है दाम
6620 के पार है बड़ा महंगा है लहसुन लेकिन

क्यों ऐसा क्या हो गया क्या खपत बढ़ गई या
फिर मुनाफा खरों की भूख जनहित में आज
महंगे लहसुन की असली जड़े खंगा लेंगे देश
को बताएंगे लहसुन क्यों सितमगर हुआ मंडी

और फुटकर की बात बाद में पहले डायरेक्ट
खेत की बात जहां यह लहसुन पैदा होता
है राजस्थान का जोधपुर लहसुन उत्पादन का
बड़ा गढ़ है यहां एक लाख हेक्टेयर में
लहसुन की खेती होती है किसानों से कितने

रुपए में लहसुन खरीदा जा रहा है अगर आप
सुनेंगे तो माथा पकड़
लेंगे लहसुन की लागत किसानों की प्रति
किलो 0 से अधिक आती है और पिछले ती साल
में किसानों को दो से ₹ किलो या तो लहसुन

बेचना पड़ा या किसानों को अपने पशुओं को
खिलाना पड़ा था अब बहुत ज्यादा तेजी लहसुन
में आई है बताया जा रहा है कि 300 से ऊपर
मंडियों में बिक रहा है लेकिन इसका फायदा

किसानों को कुछ भी नहीं मिल रहा है मिलता
क्या है कभी-कभी हतर के फेंकना पड़ता है
आपको ये आल आलत हो जाती बजार के पिछले तीन
सालों तक हमने लहसुन को पा से 0 में बेचा
या बाहर फेंका पता नहीं ये कौन लोग अभी

सुनने में आ रहा है 400 से 00 हो गया ये
किन लोगों को मिलता है और किनके पास रहता
है
कमाई तो छोड़िए पुखराज और चैल सिंह जैसे
किसानों की लागत भी नहीं निकली एक किलो

लहसुन के लिए सिर्फ पा से रप मिल रहे हैं
फसल की कमी भी नहीं और नई फसल मार्च में
आने वाली है फिर दिक्कत कहां है यानी खेल
जमाखोरी का है इसीलिए लहसुन उगाने वाला

जोधपुर भी महंगाई की चक्की में पिस रहा
है जोधपुर के बाजार में 15 दिन पहले एक
किलो लहसुन 00 किलो रहा था अब 500 से 50
पहुंच गया

है राजस्थान से लहसुन बाय रोड दिल्ली आता
है लहसुन की पुरानी फसल कई किसानों ने 50
से र किलो बेची थी माल भाड़ा लगाकर मान
लीजिए 80 में दिल्ली की मंडी में पहुंच

गया फुटकर में 00 बिकना चाहिए लेकिन
दिल्ली में लहसुन को 15 दिन में महंगाई के
पंख लग गए 15 दिन पहले दिल्ली में एक किलो
लहसुन की कीमत थी 100 से 50 किलो अब 350
से 420 किलो तक बिक रहा

है दिल्ली में आजादपुर और ओखला दो बड़ी
मंडियां हैं जहां राजस्थान महाराष्ट्र और
यूपी से लहसन की सप्लाई होती है हम ओखला
मंडी के हर बड़े होलसेलर के पास गए यह

समझने के लिए कि किसान से जब पा से 0 किलो
लहसुन खरीदा जा रहा है तो फिर महंगा क्यों
है अबब से 00 किलो हो गया ये दो महीने से
चल रहा है कि कोई ना आ रहा है कोई नहीं
यार थोड़ी बहुत भी नहीं ले जा रहे लोग ले

जा रहे ऐसी बात ना जिसके घर में ना हो तो
ले
जाएगा कितना ले जाते हैं आप लोग किलो 250
ग्राम बस देसी वाला 300 है चाइना 400 है

माल ही नहीं आ रहा सर होलसेलर खुद परेशान
है क्योंकि बचौली मुनाफे में भांजी मार
जाते हैं ऐसे में क्या दिल्ली वाले महंगा
लस खा रहे हैं 00 का देख के कौन खरीदेगा

इसको जो चीज हम ₹ पर केजी लेते और आज 00
मिलेगा तो इट इज नॉट पॉसिबल टू टेक इट भाई
होश तोड़ेंगे क्योंकि लहसुन पकड़ में नहीं
है दिल्ली में भी धाम एक जैसा नहीं अपनी

अपनी डफली और सबका अपना अपना राग है हर
मंडी का अलग रेट
मिला महंगा है कैसे खाएगा आदमी इसमें 00
कोलो लसुन 00 कोलो लसन बेच रहे हैं
हिंदुस्तान में कोई पूछने वाला नहीं है

जिस चीज का रेट बढ़ा देते हैं कोई पता
नहीं क्या होता है खरीदार तो है म महंगा
बहुत ज्यादा चल रहा है इस टाइम प 400 420
430 मंडी का रेट है इस टाइम में लहसुन का
और आगे से ही महंगा है तो लोग भाग क्या

करते हैं 0 खरीदना सोचना चालू कर देते
हैं दिल्ली से करीब 1000 किलोमीटर दूर
बिहार की राजधानी पटना में लहसन की क्या
कहानी है यहां सस्ता है या महंगा लहसुन की
डिमांड यहां बहुत रहती है क्योंकि सप्लाई

महाराष्ट्र यूपी और राजस्थान से होती है
दो महीने पहले लहसुन ₹1 किलो था अब 300 के
पार है
अगर आप बहुत मोल भाव और बारगेन कर लेंगे
तो 80 किलो तक मिल
जाएगा सप्लाई कम है तभी तो महंगा है

सप्लाई बहुत कम है अभी लगभग अगला महीना से
घट जाएगा रेट बहुत महंगाई है
सर तो हम भी लसन लेने के लिए आए हैं मगर
रेट बहुत ज्यादा है इसके कारण नहीं ले पा
रहे हैं उसी में परेशानी है लोग जनता

परेशान है अभी भी हम लहसुन लेने आए मगर
रेट पूछ के खाली घूम रहे
पटियाल जब पब्लिक इंटरेस्ट में पड़ताल
करता है तो कुछ बचता नहीं है सब कुछ सामने
आ जाता है अब मैं आपको लहसुन की कुछ

बुनियादी बातें बताता हूं जिससे आपको
महंगाई की नब्ज मिल जाएगी इसके बाद जब भी
लहसुन महंगा होगा आपको उसका कारण और
निवारण सब कुछ समझ आएगा लहसुन के दाम देश
में अलग-अलग जगह पर 300 से लेकर 00 प्रति

किलोग्राम यह चल रहे हैं जब कि किसान को
दाम मिलते हैं कम और ग्राहक को देने पड़ते
हैं ज्यादा यह एक और हो रहा है तब हो रहा
है जब लहसुन की महंगाई दर पहले से कम है

मतलब अभी यह 19 प्र है नवंबर में 22 और
अक्टूबर में 21 प्र थी महंगाई दर घटी
लेकिन दाम बढ़ गए यह कैसे हो रहा है तो
इसकी बड़ी वजह है उत्पादन और निर्यात में

आया अंतर 2021 में उत्पादन था 31 लाख टन
2000 में कितना हो गया 22 और 35 लाख टन तो
22 में 35 लाख टन हो गया और यह आगे बढ़कर
23 में कितना हो गया 32 लाख टन जबकि

इन्हीं तीन सालों में निर्यात 177000 टन
से बढ़कर कितना हो गया 57000 टन बढ़ गया
ना निर्यात मतलब क्या निकला इसका मतलब
घरेलू उत्पादन घटा और विदेशी निर्यात बढ़ा
तो दाम बढ़ने की वजह तैयार हो गई अब मैं

आपको दर्शकों की दाम वाली जो है एक तस्वीर
दिखाता हूं एक और कारण कारण इसका आपको
समझाता हूं लहसुन की फसल एक साल में दो
बार आती है समझ गए आप पहली खरीफ की जून और

जुलाई में फसल लगाई जाती है और सितंबर में
तैयार हो जाती है दूसरी फसल होती है रब की
जिसमें सितंबर से नवंबर में बुआई की जाती
है और मार्च में फसल खेत से मंडी पहुंचती

है मतलब यह वो वक्त है जब पुरानी फसल खत्म
हो चुकी होती है और नई फसल मंडी में
पहुंचती नहीं है मतलब सप्लाई कम हो गई
डिमांड ज्यादा तो दाम बढ़ गए समझ आया आपको
अब महंगाई का एक और एंगल आपको समझना

पड़ेगा लहसुन के उत्पादन और निर्यात में
चीन दुनिया का नंबर वन देश है भारत नंबर
दो पे है चीन में इस बार उत्पादन घट गया
तो दुनिया के बाजार में भारत का निर्यात

बढ़ गया यानी सप्लाई भार को हमने बढ़ा दी
भारत चीन के अलावा नेपाल अमेरिका थाईलैंड
और यूएई ताइवान को भी लहसुन निर्यात करता
है यह सब देश यहीं से लहसुन लेते हैं

निर्यात की सप्लाई भारत से म मध्य प्रदेश
से राजस्थान से और उत्तर प्रदेश से हम लोग
करते हैं और यही सारा निर्यात बाद में
पहुंचता है जो कि टॉप थ्री लहसुन उत्पादक

हमारे राज्य हैं वहीं से हम निर्यात करते
हैं कम उत्पादन और ज्यादा निर्यात के
अलावा महंगाई के कारण और भी हैं जिनमें
प्रमुख है बेज मौसमी बारिश और मिगोम तूफान
कर्नाटक महाराष्ट्र में सिंचाई की कमी

पुराना स्टॉक खत्म नई फसल आई नहीं यह सब
कारण है तो सवाल यह है कि महंगाई कम कैसे
होगी तो वह भी समझ लीजिए हमें करना क्या
चाहिए या सरकार को क्या करना चाहिए
निर्यात घटाना चाहिए मुनाफा खरों पर

छापेमारी करनी चाहिए सरकार बाजार में
लहसुन की सप्लाई को बढ़ा दे लहसुन की बुआई
का क्षेत्र जहां पर यह बीजा जाता है उसका
दायरा बढ़ाना चाहिए हर साल नहीं तो लहसुन

आपका और इस सारे समाज का दर्द बढ़ाएगा
लहसुन क्यों महंगा हुआ आप समझ गए होंगे
लेकिन सियासत दन इसे किस चश्मे से देखते
हैं महंगे लहसुन पर आपको सांसदों की बात
भी सुनानी

चाहिए य बहुत बड़ा काला बाजारी है यह
सरकार उसके ऊपर अक नहीं लगा रही जसे बजट
का तो कह सकता हूं सरकार लोग काला बजारी
करते उसको पकड़ने की बजाय सरकार कानून तो
ले आती है लेकिन उनके ऊपर कोई कारवाई नहीं

हो महंगाई इतना बड़ा है बेरोजगारी इतना
बड़ा है इस देश में सबसे भयंकर चीज होने
के नाते भी सरकार इसके ऊपर साधारण जो
लोगों के बारे में चर्चा नहीं हो रहा है

किसान की बिल्कुल महंगाई नहीं बिकती फसल
किसान की फसल भी ठीक बिकनी चाहिए और आगे
कुछ बिचौलिए कुछ दलाल कुछ जमा खोर वो बीच
में जब देखते हैं कि ये पेरिशेबल आइटम

नहीं है ये खराब नहीं होगा है ना उनको
खरीद खरीद के इकट्ठा करते रहते हैं और
उनके खिलाफ सरकार को सख्त एक्शन इमीडिएट
लेना चाहिए भाजपा के राज में इंसान की जान

छोड़कर हर चीज में जि दोरा लसुन की कीमत
आसमान जबक लहसुन की
मेडिकल औषध होते हैं सरकार ने आर्टिफिशियल
शज क्रिएट करके स महंगाई कभी आई नहीं ज
सरकार म बेहद दुखद बात है और दावा किया

जाता कि सब अर्थव्यवस्था अच्छी अवस्था
बिल्कुल ठीक नहीं महंगाई चरम सीमा पर और
आम जनता तरा तरा कर रही
है देश में लहसुन का भरपूर उत्पादन होता

है हर साल फसल भी अच्छी होती है किसान से
सस्ते में फसल खरीदी जाती है इसलिए दाम तो
नहीं बढ़ने चाहिए कमी कहां है जाहिर है
सिस्टम में इसीलिए शासन प्रशासन को

जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि जमाखोरी पर
शिकंजा कसा जाए और आपको सस्ते दाम में
चीजें मिले जैसे ही घड़ी का गाटा दोपहर
ढाई पे आए बबीता जी का दिल सास बहू साजिश
के लिए मचल जाए सास ब

और यह है इनकी बहू पूरे दिन ऑफिस की टेंशन
हो जाए गॉन जब यह करें अपना फेवरेट शो
फ्री टाइम पे ऑन इनकी तरह आप भी देखें
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