दिल्ली में पोस्टर से मचा हड़कंप! | Panic in Delhi over posters! - instathreads

दिल्ली में पोस्टर से मचा हड़कंप! | Panic in Delhi over posters!

नमस्कार   भूकंप से दिल्ली
जितनी नहीं मिली उससे ज्यादा एक पोस्ट से
हिल गई है अगर ऐसा है तो मदर ऑफ
डेमोक्रेसी के लिए डांस का दिन है क्योंकि

इस मदर को अब विपक्ष पसंद नहीं है यह वही
करती है जो फादर ऑफ पावर का इशारा होता है
क्या आम आदमी पार्टी का या आप सही है की
मोदी हटाओ देश बचाओ पोस्ट लगाने के करण

फिर हुई है और लोगों की गिरफ्तारियां हुई
हैं पोस्ट हटाए गए हैं या पुलिस का कहना
सही है की पोस्ट में प्रिंटिंग प्रेस की
पुरी जानकारी नहीं थी इसलिए फिर हुई है

कम से कम उनके हर बयान से ऐसा ही लगता है
कहानी ऐसा तो नहीं की जी तरह से जांच
एजेंसी को केवल विपक्ष के नेता दिखाई देते
हैं इस तरह
को भी अब विपक्षी दालों के पोस्ट नजर आने

लगे हैं दिल्ली में इस तरह से पोस्ट देखकर
कोई घबरा गया या किसी को घबराहट में कानून
याद ए गया
2024 के चुनाव को अभी से जीत लेने का दवा

करने वाली बीजेपी इस पोस्ट से क्या घबरा
शक्ति है जी पार्टी के नेता 400 सिम आने
का दवा कर रहे हो उसे पार्टी को मोदी हटाओ
देश बचाओ वाले इस पोस्ट से फर्क नहीं

पढ़ना चाहिए एक सवाल तो है की इन पोस्ट को
इतनी गंभीरता से क्यों लिया गया क्या
ध्यान भड़काने के लिए अगर कानून का
पालनपुर इसी तरह से अक्षरशः किया जाना है
तब तो अदानी समूह पर जो आप ग रहे हैं उसकी

जांच की रिपोर्ट अब तक ए जानी चाहिए थी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का क्या हुआ
जिसमें बताया गया की रक्षा उत्पादन से
जुड़ी एक कंपनी में मॉरीशस की कंपनी का

निवेश है और उसका लाभ किसके पास जाएगा पता
नहीं है क्या आप विपक्ष के आरोपी को लिया
जाए की इन सवालों से भड़काने के लिए पोस्ट
उतारे जा रहे हैं या यह का दिया जाएगा की
देश बचाना है इसलिए मोदी हटाने के पोस्ट

को हटाना है इस पोस्ट में ऐसा क्या है की
दिल्ली पुलिस इतनी सक्रिय हो गई और 100 से
अधिक फिर वायर ने लिखा है की 2000 से अधिक
पोस्ट हटाए गए हैं अन्य 2000 किया गए हैं
दो प्रिंटिंग प्रेस को 50000 पोस्ट छापने

के ऑर्डर दिए गए थे इस मामले में कई लोगों
को गिरफ्तार किया गया है जिसमें दो
प्रिंटिंग प्रेस के मलिक भी हैं मोदी हटाओ
और देश बचाओ इस तरह के नारे तो आए दिन

लगता रहते हैं हर दाल के खिलाफ लगता हैं
केजरीवाल हटाओ दिल्ली बचाओ या कांग्रेस
हटाओ देश बचाओ हैरानी तो यह होती है की
गोदी मीडिया

इस समाचार में आपत्तिजनक शब्द जोडा है की
आपत्तिजनक पोस्ट लगाएं जान के करण इतने
लोगों की गिरफ्तारी हुई है मोदी हटाओ देश
बचाओ का पोस्ट लगाने से किसी को आपत्ती हो

शक्ति है बीजेपी को आपत्ती हो शक्ति है
मगर ऐसे पोस्ट में आपत्तिजनक क्या है
सिर्फ दो पंक्तियां लिखी हुई हैं ना तो
कोई तस्वीर है ना कोई भक्ति तस्वीर है ना
ही अश्लीलता का नजर उसमें मिलता है केवल

दो पंक्तियां हैं इस तरह के पोस्ट से
आपत्ती हो शक्ति है मगर इस तरह के पोस्ट
में आपत्तिजनक क्या है क्या मीडिया कभी इस
बात को जनता के सामने रखेगा आम आदमी
पार्टी और उसके समर्थक ट्विटर पर इस पोस्ट

को फैलाने में ग गए हर दूसरे की टाइमलाइन
लाल रंग का पोस्ट दिखे रहा है जी पर मोदी
हटाओ देश बचाओ लिखा है बीजेपी को आज
कांग्रेस मुक्त भारत कांग्रेस हटा देश

बचाओ का नारा याद दिलाया जा रहा है आम
आदमी पार्टी ने ट्विटर पर पार्टी के हैंडल
से एक वीडियो ट्वीट किया इसमें पोस्ट को
देखा जा सकता है लिखा है खुद को 56 इंच

बताने वाला 56 इंच के पोस्ट से डर गया
# मोदी हटाओ देश बचाओ आपने ट्वीट भी किया
है मोदी सरकार की तानाशाही चर्म पर है इस
पोस्ट में ऐसा क्या आपत्तिजनक है जो इसे
लगाने पर मोदी जी ने 100 फिर कर दी पीएम

मोदी आपको शायद पता नहीं पर भारत एक
लोकतांत्रिक देश है एक पोस्ट से इतना डर
क्यों आरजेडी के ट्विटर हैंडल ने ट्वीट
किया है देश बचाओ मोदी हटाओ मोदी और अदानी
को मिलकर मोदी लिखा जा रहा है दिल्ली

पुलिस के स्पेशल क ने मीडिया से कहा है की
इन पोस्ट में प्रिंटिंग डीटेल्स नहीं है
नवभारत टाइम्स ने लिखा है की प्रिंटिंग
प्रेस एक्ट और प्रॉपर्टी एक्ट के तहत फिर

दर्ज हुई है आम आदमी पार्टी के दफ्तर से
निकली गाड़ी से कई ऐसे पोस्ट बरामद किया
गए हैं है लेकिन यही पोस्ट अब आप नेता
ट्विटर पर भी दाल रहे हैं संजय सिंह ने
इससे ट्वीट किया है क्या सांसद को भी
गिरफ्तार किया जाएगा या हमें यह जानना

बाकी है की प्रिंटिंग प्रेस एक्ट ट्विटर
पर कब लागू होगा ट्विटर पर ये पोस्ट भर
दिया गया है और गोदी मीडिया से सवाल हो
रहा है की इस पोस्ट में ऐसा क्या है बताया

जाए इस पोस्ट में दिल्ली में हंगामा खड़ा
कर दिया है यहां तक की आम आदमी पार्टी से
निकाल दिए गए मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने
भी पोस्ट हटाए जान और फिर के खिलाफ एक

ट्वीट किया है व्यालोचना कर रहे हैं
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट
को ट्वीट करते हुए लिखा है की दिल्ली
पुलिस ने कर लोगों को गिरफ्तार किया और 44

फिर की है कुछ पोस्ट में मोदी हटाओ देश
बचाओ लिखा गया है दिल्ली के कई इलाकों में
ये पोस्ट लगाया गया है हैशटैग मदर ऑफ
डेमोक्रेसी हैशटैग फास्टेस्ट
अब तो 100 से अधिक फिर हो गई है 21 तारीख

की रात दिल्ली में भयंकर भूकंप के झटका आए
कायदे से आज भूकंप की स्थिति में बचाव की
तैयारी पर बात हनी चाहिए थी इसका विश्लेषण
किया जाना चाहिए था की दिल्ली और आसपास के

इलाके में कितनी ऐसी बहुमंजिला इमारतें
हैं जिन्हें भूकंप विरोधी नहीं बनाया जा
सका है लेकिन इसकी जगह इस तरह से
कार्यवाही होती है की साड़ी बहस कभी एड की
जांच तो कभी पोस्ट उखड़े जान और गिरफ्तार

करने की राजनीति में उलझा जाति है मदर ऑफ
डेमोक्रेसी के नाम पर फादर ऑफ पावर ने कुछ
ज्यादा तो नहीं कर दिया है लेकिन फादर ऑफ
पावर है कौन नाम मत लीजिएगा वरना पता चला

की आप जय भेज दिए गए हैं अगर देश के
प्रधानमंत्री को लगता है की अगर कोई आवाज
एन उठे इसलिए विपक्ष की आवाज कोई खत्म कर
दो

पूरे देश के अंदर चौतरफा हर तरह से
लोकतांत्रिक आवाज के दमन की भीम चल रही है
ऐसे में
100 बार नहीं हजार फिर आप करवा लीजिए
कल से जंतर मंत्र पर मोदी हटाओ देश बचाओ
का नारा गूंजेगा और ये पूरे देश में जाएगा

आपको जितने फिर करनी है जितने आपके मुकदमे
करने हैं जितने गिरफ्तारी करना है अब करवा
लीजिए
लेकिन अब देश आपकी तानाशाही को बर्दाश्त
करने को तैयार नहीं है अब साड़ी हदें पर
हो चुकी हैं अब

कोई उम्मीद नहीं बच्ची है की आप सुधार
करें
कांग्रेस भी इस पोस्ट युद्ध में कूद गई है
पार्टी ने ट्वीट किया है की माननीय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के
खिलाफ ये आपत्तिजनक पोस्ट लगाएं गए पोस्ट
लगाने की वजह से कई लोग गिरफ्तार हैं
कृपया ऐसे पोस्ट ना लगे जनहित में जारी
कभी पोस्ट को लेकर तो कभी ट्वीट को लेकर

राजनीतिक दाल एक दूसरे से भीड़ जा रहे हैं
पहले बार नहीं हुआ है जब पोस्ट लगाने पर
गिरफ्तार या हुई हैं या तो दिल्ली वालों
को ते करना है की इन सब का असर क्या हो

रहा है क्या इसका असर यह हो रहा है की
दिल्ली में सारे पोस्ट नियम कानून के तहत
ही लगाएं जा रहे हैं
जैसे 5 मार्च की खबर देखिए मनीष सिसोदिया

के समर्थन में पोस्ट लगाने पर दिल्ली
सरकार के स्कूल मैनेजमेंट कमेटी एमसी की
कन्वीनर के खिलाफ मामला दर्ज हो गया
दिल्ली सरकार के एक स्कूल के मुख्य द्वारा
पर पोस्ट लगा था एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

ने कहा की शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन
में दिल्ली सार्वजनिक संपत्ति विरूपण
अधिनियम की धारा तीन के तहत फिर दर्ज की
गई है फिर में कहा गया है की प्रिंसिपल जो

स्कूल भवन की प्रभारी हैं उन्होंने स्कूल
से डक्ट प्रधान किया जिनका इस्तेमाल
सिसोदिया के प्रति समर्थन दिखाने वाले
पोस्ट लगाने के लिए किया गया भाजपा ने
गुरुवार को दवा किया की दिल्ली सरकार ने

गिरफ्तार नेता के समर्थन में रैली करने के
लिए सरकारी स्कूलों में आई लव मनीष
सिसोदिया दस की स्थापना की है जिसे आप
सरकार ने खारिज कर दिया मैंने ये हिस्सा
मीडिया की रिपोर्ट से पढ़ा है

2021 की एक बात बताता हूं जब दिल्ली में
पोस्ट लगा दिए गए मोदी जी हमारे बच्चों की
वैक्सीन विदेश क्यों भेज दिए गए तब कई
लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया मीडिया
रिपोर्ट के अनुसार उनमें ऑटो चालक थे

बिहार मजदूर थे ऐसे लोग गिरफ्तार किया गए
इस समय गोवा से अखबारों में खबर छाप रही
थी की गोवा मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से
ऑक्सीजन की कमी के करण 80 से अधिक लोग मा

गए इसके लिए कोई गिरफ्तार नहीं हुआ मगर
दिल्ली में पोस्ट लगाने के जुर्म में उसे
वक्त 25 लोगों को जय भेज दिया गया तब

दिल्ली पुलिस ने 25 फिर की थी उसे साल
इंडियन एक्सप्रेस में गिरफ्तार हुए लोगों
का पूरा ब्यूरो छाप था जिन्हें साल भर से
कम नहीं मिला वही लोग थे जिन्होंने कुछ
पैसे के करण पोस्ट लगाने का कम स्वीकार
किया था और जय भेज दिए गए
माना जा रहा था की यह पोस्ट आम आदमी

पार्टी की तरफ से लगाएं गए हैं लेकिन जब
तक आम आदमी पार्टी सक्रिय होती कांग्रेस
के तमाम नेताओं ने से ट्वीट करना शुरू कर

दिया और चुनौती देने लगे की हमें भी
गिरफ्तार करो राहुल गांधी प्रियंका गांधी

जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने भी ट्वीट किया
और बयान दिया कई नेताओं ने इस पोस्ट को
अपनी प्रोफाइल पिक्चर बना ली बहुत सारे आम
नागरिकों और अन्य परियों ने भी से ट्वीट
किया की हमें भी गिरफ्तार कर लो उसे समय

आम आदमी पार्टी ने विदेश में टीका भेजना
को लेकर सवाल उठा थे और प्रधानमंत्री को
पत्र तक लिख दिया था दूसरे दाल भी यही
सवाल करने लगे थे तो आपको एक पूरा पैटर्न
नजर ए रहा है हमने पुरानी खबरे को कंगाल

के क्या वाकई पुलिस ने कानून के तहत इन
पोस्ट को उखाड़ है पोस्ट लगाने वालों के
खिलाफ करवाई की है 10 मार्च 2023 की डी
हिंदू में एक रिपोर्ट छुपी है
दिल्ली में कानून लागू है दिल्ली
प्रीवेंशन ऑफ डिफेंस मिनट ऑफ प्रॉपर्टी

एक्ट 2007 हिंदू के लिए समृद्धि तिवारी ने
अपनी रिपोर्ट में लिखा है की इसके तहत
2020 से राजधानी दिल्ली में
1400 मामले दर्ज किया गए हैं 940 लोगों को

पोस्ट लगाकर सार्वजनिक संपत्तियों को गंदा
करने के कथित आप में गिरफ्तार किया गया
2020 में 583 ऐसे कैसे दर्ज हुए 477 लोग

गिरफ्तार हुए जबकि 2021 में 87 मामले दर्ज
हुए और 60 लोग गिरफ्तार हुए 2022 में 798
मामले दर्ज हुए 392 लोग गिरफ्तार हुए और

इस साल फरवरी तक 10 ऐसे मामले दर्ज हो
चुके हैं और 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा
चुका है इस मामले में 50000 का जुर्माना
और एक साल तक की जय की सजा का प्रावधान है

जब आप आज की खबरे को पीछे की खबरे से
मिलकर देखेंगे तब पर्यटन आपको समझ में ए
जाएगा की जब आप नहीं देख रहे थे तो क्या
कुछ हो गया और जब आप अब भी नहीं देख रहे
हैं तो क्या कुछ होता जा रहा है तो दिल्ली
पुलिस पोस्ट लगाने के मामले में कैसे दर्ज

करती रहती है और गिरफ्तार भी करती रहती है
अब ये देखना होगा की ये पोस्ट क्या थे
जिसकी रिपोर्ट हिंदू अखबार में छुपी है
उसकी बात कर रहा हूं किसने बनाए थे उन

पोस्ट में किसकी आलोचना की गई थी क्या
विरोधी दाल के लोग ज्यादातर गिरफ्तार हुए
या बीजेपी के नेताओं के खिलाफ भी पोस्ट
लगाने को लेकर करवाई हुई थी दिल्ली पुलिस
को इस मामले में विस्तार से जानकारी देनी

चाहिए आंकड़ों से इस तरह के बारिक डिटेल
का पता नहीं चला है दिल्ली में होली
दिवाली से लेकर तमाम पर्वों पर पोस्ट दिखे
जाते हैं हर दाल के ही होते हैं लेकिन
क्या बीजेपी के नेताओं के पोस्ट नियमों के

अनुसार लगाएं जाते हैं पुलिस को बताना
चाहिए की इन सब कोष्ठों के लगाने में किसी
नियम का उलझन तो नहीं हुआ ताकि किसी को
कोई संदेह ना रहे क्या ये सभी पोस्ट ते
स्थान पर ही लगाएं गए हैं इन सवालों के

जवाब बहुत जरूरी है ताकि यह धरना मजबूत ना
हो की बीजेपी को कहानी भी पोस्ट लगाने की
छठ है मगर विपक्ष को नहीं है पोस्ट हटाना
विपक्ष को निशाना बनाने का बहन नहीं होना

चाहिए दिल्ली पुलिस का कहना है की
प्रिंटिंग प्रेस कानून के उलझन के करण
मामले दर्ज किया गए हैं तब ऐसे में उसकी
जवाब दही और बाढ़ जाति है की वह बताएं की
बीजेपी भी इस कानून से ऊपर नहीं है 28

सितंबर 2012 को फरीदाबाद में कांग्रेस
हटाओ देश बचाओ रैली हुई इस रैली में तब
नरेंद्र मोदी लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ
सिंह भी शामिल हुए तब तो होल्डिंग पोस्ट

सब लगे आज सोशल मीडिया पर बीजेपी का
पुराना ट्वीट सजा किया जा रहा है जब
पार्टी ट्वीट किया करती थी कांग्रेस हटाओ

देश बचाओ उम्मीद है बीजेपी को इससे एतराज
नहीं होगा की पोस्ट में मोदी हटाओ देश
बचाओ लिखा है केवल इसी से एतराज होगा की
प्रिंटर का नाम नहीं लिखा है

बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना का कहना
है की बिना नाम के पोस्ट लगाते हैं और जब
पकड़े जाते हैं तब चिल्लाते हैं लोकतंत्र
खतरे में हैं अगर ऐसा है तब आम आदमी

पार्टी को बताना चाहिए की उसने बिना नाम
वाले पोस्ट क्यों लगे आम आदमी पार्टी को
अब नाम के साथ प्रिंटर की डिटेल के साथ नए
पोस्ट लगाने चाहिए ताकि पुलिस कार्यवाही
ना करें और बीजेपी के लोगों को भी

उदार होने का मौका मिले मोदी हटाओ देश
बचाओ टाइप के पोस्ट को स्वीकार करने का
मौका मिले और नजरअंदाज करने का मौका मिले
भाजपा दिल्ली प्रवक्ता हरीश खुराना ने भी

ऐसा करने की चुनौती दी है
बताओ जनता को आम आदमी पार्टी पोस्ट लगा
रही है और नरेंद्र मोदी को गली दे रही है

देंगे तो आप जनता इसको बर्दाश्त नहीं
करेगी इसलिए आपने नाम भी नहीं डाला हिम्मत
है नाम डालिए और कानून अपना कम कर रहा है
उसको करने दीजिए बेचारा पॉलिटिक्स करने की
कोशिश मत कीजिए दिल्ली पुलिस की इस

तत्परता को लेकर कुछ सवाल पूछे जा सकते
हैं जनवरी 2020 में जेएनयू के साबरमती
हॉस्टल में गुंडे घुस आए मारपीट करने लगे
लड़कियों को मारा इस मामले में जिनके नाम

आए जिनकी तस्वीर छुपी क्या उन्हें सजा
मिली है क्या इनके पकड़े जान से उसे समय
की छात्राओं को न्याय नहीं मिलता हॉस्टल
में गुंडागर्दी करने वालों को सजा आज तक
क्यों नहीं मिली है इंडियन एक्सप्रेस में

महेंद्र सिंह मनराल जिज्ञासा सिंह की एक
रिपोर्ट छुपी है दिल्ली दंगों के दौरान एक
वीडियो वायरल हुआ 25 फरवरी 2020 को सामने
आए इस वीडियो में पांच लड़कों का एक समूह
सड़क पर जख्मी हालात में पड़ा था इनके
इर्द-गिर्द पुलिस की वर्दी पहने कुछ जवान

देखें जा सकते थे जो बीच-बीच में इन्हें
लाठियां से मार रहे थे और राष्ट्रीय गण और
वंदे मातरम गाने को का रहे थे
अगले दिन पुलिस स्टेशन से रिहाई के बाद
इनमें से एक फैजान की मृत्यु हो गई पुलिस

पर कथित रूप से हिंसा के आप लगे 3 साल हो
गए हैं अभी तक किसी को सजा नहीं हुई है
ताजा रिपोर्ट ये है की इस वीडियो की जब
फॉरेंसिक जांच हुई तो जी पुलिस वाले पर

आरोपी होने का शक जाहिर किया गया है उसकी
आवाज वीडियो में दिखे रहे हैं पुलिस वाले
से नहीं मिलती है सूत्रों के आधार पर लिखी
इस खबर में कहा गया है की अब इसकी एक और
लैब से फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी घटना के

3 साल बाद जांच का ये हाल है उसे वक्त 500
पुलिस वालों से पूछताछ की गई थी जिसके बाद
दिल्ली आम पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को
संदिग्ध पाया गया था इन सब प्रश्नों का

बहुत महत्व है और संदर्भ है राहुल गांधी
ने जम्मू कश्मीर में 30 जनवरी को बलात्कार
को लेकर एक बयान दिया यात्रा की समाप्ति
के 40 से 45 दोनों के बाद दिल्ली पुलिस
उनके घर पहुंच गई की डिटेल दीजिए बताइए की

आधार पर बयान दिया है हम पीढ़ा को न्याय
दिलाना चाहते हैं मैंने पीपल माटी
स्कॉयर्ड ऑफ डी बीजेपी
ऑफ नरेंद्र मोदी ऑफ डी आरएसएस ऑफ डी पुलिस
आई नोट गेट और आईटी दस नोट मटर तू मी

हो मैच आई एम अटैक
हो में टाइम्स डी पुलिस और तू मी हाउस
हो में केसेस आई हैव ओनली दस नोट मटर आई
स्टैंड पर डी ट्रुथ डेट इस डी वे आई एम इन
ही सब बटन से संदेह होता है की जांच

एजेंसियां और पुलिस एक तरफ करवाई करने लगी
अक्सर ऐसे मामलों में नियमों का सहारा ही
लिया जाता है लेकिन क्या इन्हीं नियमों से
सत्ताधारी दाल को छठ दी जा रही है यह

देखना आपका और बताना पुलिस और जांच एजेंसी
का कम है जांच एजेंसी ऊपर तमाम आप लगे मगर
अभी तक कोई ठोस सफाई नहीं दी गई है केवल
यही बताया जाता है की जांच में जो जानकारी

आई है इस के आधार पर हम करवाई करते हैं तो
क्या बीजेपी के नेताओं के खिलाफ कभी कोई
जानकारी ही नहीं मिलती की आप कार्यवाही कर
सकें अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता
ने बयान दिया है की उन्हें जय भेजो जा
सकता है

अब हालात यह हो गई है की जल्दी ही विपक्ष
के नेता यह खाने लगेंगे की उन्हें जय जान
से बचाने के लिए बीजेपी में जानबूझकर नहीं
भेजो जा रहा है

मेरी राय में अखिलेश यादव को किरण भाई
पटेल से संपर्क करना चाहिए की जय जान से
पहले कैसे पीएमओ का अधिकारी बनकर कश्मीर
में मौज किया जाता है और 23 1/2 हजार
करोड़ का बैंक फ्रॉड करके देश से कैसे भाग

जय जाता है
यह बात उन्हें मेहुल भाई चौकसी से पूछनी
चाहिए इस बयान का कोई मतलब नहीं र गया की
उन्हें जय भेजो जा सकता है
नमस्कार

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