फेंकू की उड़ गई नींद ! लाखों किसान आ रहे हैं ! हिल गई बीजेपी सरकार - instathreads

फेंकू की उड़ गई नींद ! लाखों किसान आ रहे हैं ! हिल गई बीजेपी सरकार

नमस्कार मैं रवीश कुमार किसानों का आंदोलन
कम किसानों को रोकने का आंदोलन ज्यादा लग
रहा है जिस तरह से कीले काटे रास्तों में
बिछाए जा रहे हैं सड़कों और उसके किनारों

पर गड्ढे और खाया खोदी जा रही हैं जिस तरह
से सीमेंट की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं
उसे देखकर यही लग रहा है कि भारत में
सरकार का किसान रोको आंदोलन चल रहा है अब

किसानों के पास यही रास्ता बचा है कि वे
कहीं से पंख मंगा ले पंख लगा ले और उड़कर
दिल्ली आ जाएं भारत के किसानों को अब
उड़ना सीख लेना चाहिए वरना अपनी मांगों को
लेकर चुप रह जाना चाहिए किसान आंदोलन को

देखते हुए पूरी दिल्ली में 12 मार्च तक के
लिए धारा 144 लगा दी गई है दिल्ली पुलिस
के कमिश्नर ने अपने आदेश में यह सब लिखा
है कि जिस तरह से किसान दिल्ली आने पर
अड़े हुए हैं दिल्ली में सामाजिक उपद्रव

हिंसा तनाव पैदा होने की आशंका है बड़ी
संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी से
लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है तो
किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने जिस

तरह से अवरोधों को लेकर प्रयोग किए हैं
धारा 144 का इस्तेमाल किया है अगर इतनी
मेहनत इतना दिमाग किसानों की समस्याओं में
लगाया गया होता तो कोई ना कोई समाधान निकल
आता दो दिन पहले तक यही भारत सरकार चौधरी

चरण सिंह और एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न
देकर गांव और किसानों के सम्मान की बात कर
रही थी क्या चौधरी चरण सिंह और एमएस
स्वामीनाथन के हिसाब से किसानों का इस तरह

से सम्मान किया जा रहा है किसानों के नेता
को भारतर त्न और किसानों के रास्ते में
ऐसी ले किसानों के रास्ते में कांटे बोकर
भारत सरकार किसान नेता को भारत रत्न दे
रही है दरअसल किसानों का सम्मान भारत रत्न

से नहीं इन कीलों से किया जा रहा है नवंबर
2020 में जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तब भी
दिल्ली की सीमाओं पर ऐसी कीलें और कटीली
तारें बिछाई गई अखबार इन किलों को टायर

किलर लिख रहे हैं किसानों के ट्रैक्टर के
चक्के को फाड़ देने के लिए यह किले लगाई
जा रही हैं ट्रैक्टर के एक टायर की कीमत
13 से ₹ ज तक होती है जो सरकार किसानों को
2 साल में एमएसपी की गारंटी नहीं दे सकी

वह सरकार टायर किलर लगाकर उनके ट्रैक्टर
की टायर फाड़ देना चाहती है पिछली बार भी
यह किले लगाई गई थी कटीली तारे लगाई गई थी
इस बार इनकी वापसी बता रही है कि किसान

आंदोलन को लेकर सरकार का रवैया और नजरिया
बिल्कुल नहीं बदला टिकरी बॉर्डर पर जिस
तरह से कटीली तारें लगाई जा रही हैं ऐसा
लग रहा है कि युद्ध का कोई मोर्चा हो

रास्तों को इस तरह से बंद कर दिया गया है
कि किसानों के पास पैदल चलकर आने का
रास्ता ही बच गया है इन तारों को देखकर
लोकतंत्र में जनता महान नजर आती है या

प्रशासन सर्वशक्तिमान किसान इस बार भी
अपना मीडिया साथ लेकर चल रहे हैं उन्हें
पता है कि गोदी मीडिया आएगा नहीं अगर सोशल
मीडिया पर वीडियो वायरल नहीं होते तो बहुत

कुछ आपको पता भी नहीं चलता और कब इंटरनेट
बंद हो जाए और किसानों की तरफ से इस तरह
के वीडियो आने बंद हो जाए पता नहीं आपसे
बनती है कि ये सब चीज आपको खद ही वीडिया

नहीं दिखाएगा आपको वीडिया खुद बना होगा
आने वाले समय के अंदर किसान यूनन के पेज
बंद हो चकते हैं हो चके हैं तो किसान और
मजदूर की आप आवाज बने और देश बचाने की जो

लड़ाई हम लड़ रहे हैं उसम हमारा साथ है
किसान बचाने की हमारी लड़ाई लड़ उस साथ दे
और देखें लगातार लि है वो लाइन में चल रही
है
और आपको हर पलपल की खबर हम देने की कोशिश

करेंगे अगर इंटरनेट मादत नहीं
हुआ जय जवान जय
किसान कहा गया कि चौधरी साहब को भारत रत्न
देकर किसानों का सम्मान किया गया पिछली
बार जयंत चौधरी इन्हीं सब बातों का तो
विरोध कर रहे थे इस बार भी वही सारी चीजें

हो रही हैं तो तय उन्हें करना है कि एक
भारत रत्न की खातिर क्या वे उन किसानों का
साथ इस तरह से छोड़ देंगे जिन्होंने कई
दशकों तक चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को

जिंदा रखा जब किसान ही नहीं बचेंगे तब
चौधरी साहब का सम्मान भी किस तरह से बचेगा
जयंत चौधरी ने कहा था कि दिल जीत लिया और
इधर क्या उन्हें नहीं दिख रहा कि किसानों

के रास्ते में खाई खोदी जा रही है कीले
गाड़ी जा रही ह राजनीति और इतिहास का यह
अजीब मोड़ है प्रशासन की जुबान पर इस तरह
आंदोलन को लेकर जैसी चेतावनी यां हैं और

मीडिया में जिस तरह के शब्दों के साथ
रिपोर्टिंग हो रही है उन सभी को तटस्थ भाव
से पढ़ा और देखा जाना चाहिए यह हेडलाइन
दैनिक जागरण की है 15 जिलों में धारा 144

हाईवे खोदने की तैयारी मतलब आप किसानों को
रोकने के लिए हाईवे तक खोद डालना चाहते
हैं जागरण लिखता है कि दिल्ली कूच को
रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में

किलेबंदी है बैरिकेट्स किले मिट्टी कं ट
की लेयर पत्थर की दीवार कटीले तार रखने के
साथ हाईवे खोदने की भी तैयारी की जा रही
है वहीं प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए

शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले
छोड़कर अभ्यास किया दैनिक भास्कर की
हेडलाइन है कि पुलिस ने दिल्ली कूच रोकने
को सिरसा रतिया में सड़क हांसी व कैथल में

किनारों पर खोदी खाई सिरसा और पंजाब को
जोड़ने वाली बरनाला रोड को मुसाहिब वाला
गांव के पास खोट डाली है पुलिस ने रतिया
बुढलाडा रोड को उखाड़कर 10 फुट गहरी और 15

फुट चौड़ी बड़ी खाई बना दी है रोड रोलर
सड़क के बीच में खड़ा कर दिया गया है
घग्गर नदी पुल पर किसानों को रोकने का
प्रयास युद्ध स्तर पर जारी है जहां पर

लोहे की कीलें बैरिकेड सीमेंट के पिलर
पुराने वाहनों की चेसिया और कटीली तारबंदी
की जा रही है ये दोनों अखबारों के शब्द है
जो मैंने पढ़े हमारी तरफ से किसानों से और

बाकी सभी लोगों से रिक्वेस्ट की जा रही है
एडवाइजरी हमारी तरफ से जारी की जा रही है
कि जो भी अ इस तरीके की जो प्रोटेस्ट है
उसमें लोग ना पार्टिसिपेट करें और जो

हमारी तरफ से इसके लिए पुख्ता तैयारी की
गई है तो कोई भी किसी को भी कानून है अपने
हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा हमारे पास
10 कंपनियां हमने 10 कंपनियां इस टाइम प

हमारे पास कैथल में अवेलेबल है और उनकी
प्रॉपर हमारी तरफ से प्रैक्टिस कराई जा
रही है उसके अलावा हमारी तरफ से जो
बॉर्डर्स है उनको प्रॉपर सील किया जाएगा

तो सभी से हमारी रिक्वेस्ट भी रहेगी कि
कानून को अपने हाथ में ना ले वरना हमारी
तरफ से प्रॉपर वीडियोग्राफी कराई जाएगी
जहां पे भी उपद्र होता है तो उनको पहचाना

जाएगा उसके बाद उनके अगेंस्ट जो भी कारवाई
बनती है वो की जाएगी जो फार्मर्स
प्रोटेस्ट में हिस्सा लेके हिंसा करते हैं
उनके अगेंस्ट कोई एफआर रजिस्टर होती है तो

उसके अगेंस्ट एक्शन होगा उसी में उनका
पासपोर्ट या जो जो भी उनका लाइसेंस है वो
कैंसिल कराया जाएगा इनके कोई हिंसा होती
है कुछ उपद्रव होता है तो देखिए कानून
व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने पूरे

व्यापक चाक चौबंद बंदोबस्त यहां पे किए
हुए हैं और किसी भी हाल में प्रोटेस्टर्स
को जो है हरियाणा की या कहिए कैथल जिले की
सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा जो है ठीक
है उन्हों रोकने के लिए सभी व्यापक

बंदोबस्त है वो हमारे यहां पे अवेलेबल है
और अत्यंत शक्ति यहां के ऊपर की जाएगी
किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के
लिए कानून ने अपने हाथ में जो लिया है उस
पर भी बहस हो सकती है ऐसे वीडियो आए हैं

कि पुलिस की गाड़ी रात अंधेरे गांव में
घूम रही है किसान परिवारों को चेतावनी दे
रही है कि गांव का कोई किसान आंदोलन में
ना जाए अगर शामिल पाया गया तो उस पर सख्त

कार्रवाई होगी पासपोर्ट रद्द कर दिए
जाएंगे अगर किसी की गाड़ी जेसीबी या
ट्रैक्टर आंदोलन में देखे गए तो वाहन को
सीज कर लिया जाएगा तो बेहतर होगा कि वे
आंदोलन में ना जाएं पुलिस इस तरह के

अनाउंसमेंट करा रही है वायरल वीडियो में
सुना जा सकता है किसान तो यह भी आरोप लगा
रहे हैं कि उनके पीछे उनके घरों में
महिलाओं को डराया धमकाया जा रहा है

किसानों को रोकने के लिए रास्तों पर
सीमेंट की पूरी की पूरी दीवार बना दी जा
रही है किनारों पर इस तरह की कीले लगी हैं

ताकि ट्रैक्टर मुख्य सड़क छोड़कर किसी भी
तरह से किनारे से ना निकल पाए पंजाब और
हरियाणा को जोड़ने वाले तमाम रास्तों को
ब्लॉक कर दिया गया है दिल्ली पुलिस टियर

गैस से किसानों को रोकने का ड्रिल कर चुकी
है कंक्रीट के ब्लॉक कीले कटली तारें और
हजारों की तादाद में पुलिस बल ड्यूटी पर
तैनात किए गए हैं हरियाणा के मुख्यमंत्री
का कहना है कि दिल्ली में अपनी बात कहनी

है तो बस ट्रेन से जाएं ट्रैक्टर लेकर
घुसने की कोशिश ना करें रास्ते में उपद्रव
करेंगे तो हम इसकी इजाजत किसी को कैसे दे
सकते हैं यदि लोग लोकतंत्र में तय मानक के
अनुसार प्रदर्शन करें तो हम इसका समर्थन

करेंगे और सहयोग भी प्रदान करेंगे विपक्ष
के कई नेताओं ने सड़कों पर बिछाई गई कीलों
के वीडियो ट्वीट किए हैं और सवाल किया है
कि किसानों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया
जा रहा है राहुल गांधी ने ट्वीट किया है

कि दिन रात झूठ की खेती करने वाले मोदी ने
10 वर्षों में किसानों को सिर्फ ठगा है
दोगुनी आमदनी का वादा कर मोदी ने अन्य
दाताओं को एमएसपी के लिए भी तरसा डाला

महंगाई तले दबे किसानों को फसलों का सही
दाम ना मिलने के कारण उनके कर्जे 60 प्र
बढ़ गए नतीजा लगभग 30 किसानों ने रोज अपनी
जान गवाई धोखा जिसकी यूएसपी हो वह एमएसपी

के नाम पर किसानों के साथ सिर्फ राजनीति
कर सकता है न्याय नहीं किसानों की राह में
कीले बिछाने वाले भरोसे के लायक नहीं हैं
इनको दिल्ली से उखाड़ फेंको किसानों को

न्याय और मुनाफा कांग्रेस देगी पंजाब के
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि
जितनी तारें भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर हैं

उतनी ही पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर लगा दी
गई हैं मैं केंद्र सरकार से मांग करता हूं
कि किसानों से बात करें और उनकी सही मांग
को मान ले प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर
सवाल किया है कि अमृत काल है या अन्याय

काल किसानों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
हैं कि उन्हें प्रदर्शन में भाग लेने से
रोकने के लिए डराया धमकाया जा रहा है मोदी
सरकार पिछले 10 सालों
में इस दोनों संस्थाओं को किसान को जवानों

को बर्बाद कर
दिया मैं यह बोल रहा हूं आपको मालूम है
किसान दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे उनसे बात
नहीं किए
किसान तीन काले कानून के खिलाफ लड़े लेकिन

उन्होंने कानून को सस्पेंड किया लेकिन
कानून अभी नोटिफिकेशन में वापस लेने का
आया नहीं तो जब तक यह उस वक्त आंदोलन को
समाप्त करने के लिए
उन्होंने कानून को तीन काले कानून को

सस्पेंड किया लेकिन उसका नोटिफिकेशन कहां
है कि हमने यह रदद कर दिया यह तीन कानून
हमने कैंसल कर दिया यह अभी तक बाहर नहीं
आया यह मोदी की चाल है यह
हमेशा दिखाते हैं जैसे हाथी के दात दिखाने

के एक होते हैं और खाने के एक होते हैं
वैसा ही इनका है किसी भी आंदोलन के समय
प्रशासन की अपनी जिम्मेदारियां और
चुनौतियां होती हैं मगर गांव-गांव में

रातों को घूमकर अनाउंस करना कि कोई भी
आंदोलन में ना जाए यह बता रहा है कि लोग
लोकतंत्र में सबसे बुनियादी काम अब संगीन
अपराध के रूप में देखा जा रहा है कायदे से

किसानों को आंदोलन करने और धरना देने की
जगह प्रशासन की तरफ से दी जा सकती थी मगर
सीमेंट की ऊंची दीवारें खड़ी कर दी गई
किले बिछा दी गई इतनी मुस्तैदी से सरकार

अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर पहल
करती तो 2 साल में समाधान निकल जाता और
इसकी जरूरत नहीं पड़ती कई जिलों में धारा
144 है इंटरनेट बंद है

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