बसंत पंचमी पर किसान ने सरकारी ड्रोन को पतंग से काटा! श्री श्री रविशंकर क्यों हुए शर्मिंदा! - instathreads

बसंत पंचमी पर किसान ने सरकारी ड्रोन को पतंग से काटा! श्री श्री रविशंकर क्यों हुए शर्मिंदा!

वो किसान तो गोलियां नहीं चला रहा है ना
वो रबर पलेट्स नहीं छोड़ रहा है वह आसमान
से आंसू गैस के गोले भी नहीं छोड़ रहा है
वो सड़कों की खुदाई भी नहीं कर रहा है यह

तमाम काम सरकार की पुलिस कर रही है वो
शांतिपूर्ण तरीके से सिर्फ अपनी मांगे
रखना चाहता है और तुम क्या कर रहे हो तुम

उसे बदनाम कर रहे हो अपने प्रचार तंत्र के
जरिए चलिए मैं तुमसे एक और सवाल पूछता हूं
अगर वो अराजक है अगर वो एंटी नेशनल है अगर
वो देशद्रोही है तो फिर सरकार ने अब तक

उनसे दो दौर की बातचीत क्यों कर डाली है
और एक और दौर की बातचीत होने वाली है मैं
समझना चाहता हूं क्यों भाई अगर वह अराजक
है अगर वह देश के खिलाफ है तो बातचीत
क्यों यह दोहरे मापदंड क्यों यह दोहरी धार

की तलवार क्यों चित भी मेरी पट भी मेरी
यानी कि किसान को बदनाम भी करो उसे रोको
भी जगह-जगह पर ट्रैफिक जैम अगर हो रहे हैं
तो पुलिस की वजह से हो रहे हैं किसान की
वजह से नहीं क्योंकि बैरिकेडिंग पुलिस ने

की है किसान ने नहीं की है वह सिर्फ अपनी
मंजिल तक जाना चाहता है प्रदर्शन करने के
लिए विरोध प्रदर्शन करने के लिए विरोध
प्रदर्शन करने की विधा को क्रिमिनलाइज मत
कीजिए विरोध प्रदर्शन करना उसका

लोकतांत्रिक अधिकार
है इसका अपराधिकरण मत
कीजिए
बसंत पंचमी थी दोस्तों कायदे से य खबर कल
तक मुझे आपको दिखानी चाहिए थी और आप कई
प्लेटफॉर्म्स पर यह तस्वीर देख चुके होंगे
मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि बसंत पंचमी

के मौके पर सरकारी ड्रोन का जवाब किसानों
ने किस तरह से दिया पतंगों से
दिया तुम इस किसान से लड़ रहे हो जिसके
पास अपना विरोध जताने के कई शांतिपूर्ण
तरीके हैं तुम इस किसान को बदनाम कर रहे

हो आपकी स्क्रीन पर पर देखिए दोस्तों पूरे
स्क्रीन पर देखिए आप देख सकते हैं हवा में
ड्रोन है और किसान जो है वह पतंग उड़ा रहा
है और किसान की इसी पतंग के सामने ड्रोन
को झुकना पड़ता है यह वीडियो देखिए

दोस्तों और फिर मैं उसकी चर्चा करता

करतो देखा आपने तुम ड्रोन चलाओगे तो वह हवा
में पतंग उड़ाए मैं फिर आपसे सवाल पूछना
चाहता हूं यह आपको अराजक दिखाई देते हैं

यह आपको देशद्रोही दिखाई देते हैं और फिर
मैं आपसे पूछना चाहता हूं जगह-जगह पर जो
जैम किए जा रहे हैं सड़क जाम किया जा रहा
है ट्रैफिक जैम किया जा रहा है क्यों किया
जा रहा है पुलिस गाड़ियों में किसानों को
तलाश रही है क्यों कर रही है मैं समझना

चाहता हूं वो इसलिए कर रही है ताकि आम
लोगों में किसानों को लेकर आक्रोश पैदा हो
आजाद भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ
ऐसा नैरेटिव ऐसा संवाद कभी नहीं हुआ जहां
देश का जो अन्नदाता है उसके खिलाफ

ही लोगों में गुस्सा पैदा किया
जाए मैं आपसे समझना चाहता हूं क्यों
आपने एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया
उनकी बेटी मधुरा की बात सुनी कि नहीं सुनी
आपने कल ही मैंने अपने मंच पर उनकी आवाज
को सुनाया था मधुरा यहां कह रही हैं कि

किसानों का अपमान मत कीजिए वह दिल्ली तक
कूछ कर रहे हैं उनका अपमान मत कीजिए उन पर
आंसू गैस के गोले मत छोड़िए यह कौन बोल
रहा है यह वो औरत बोल रही है जो भारत एम
एस स्वामीनाथन की बेटी है क्या

प्रधानमंत्री इनकी आवाज सुनेंगे
और दिलचस्प बात यह है दोस्तों कि तमाम
किस्म के प्रोपेगेंडा
के लिए श्री श्री रवि शंकर क्या बोल रहे
हैं मैं आपको बताता हूं दोस्तों आपकी
स्क्रीन पर अ स्मल फ्रैक्शन ऑफ फार्मर्स

कैन नॉट डिक्टेट फॉर ऑल अक्रॉस द कंट्री
डू नॉट बी अड बाय फाल्स प्रॉमिस नो वन शुड
डिसर
ग्रोइंग इकॉनमी ऑफ भारत अब श्री श्री
रविशंकर क्या कह रहे हैं मैं उसका हिंदी

में अनुवाद करता हूं वो कह रहे हैं कि
किसानों का एक छोटा सा गुट सबको यह नहीं
बतला सकता कि क्या करना चाहिए वह आगे य भी
कहते हैं कि झूठे वायदों से भ्रमित ना हो
किसी को भी अधिकार नहीं है कि वह देश की
अर्थव्यवस्था में बाधा पैदा

करें मैं श्री श्री रवि शंकर से सवाल
पूछना चाहता हूं कि सड़कों में गड्ढे कौन
खोद रहा
और जब आप सड़कों में गड्ढे खोदते हैं जो

कि पुलिस कर रही है उससे नुकसान किसको
होता है
बताइए आप जानते हैं श्री श्री रविशंकर इस
देश की खूबसूरती क्या है क्यों विदेशों से
तमाम कंपनियां हमारे देश में आकर निवेश

करती हैं क्योंकि वह भारत के लोकतंत्र से
आकर्षित हैं भारत का लोकतंत्र उन्हें बहुत
ही मोहक लगता है इसीलिए वह भारत में
इन्वेस्ट करते हैं मगर जब आप देश के

लोकतंत्र को ही तबाह कर देंगे तो फिर
विदेशी कंपनी आकर भारत में क्यों इन्वेस्ट
करेंगी आप जो भारतीय इकॉनमी में गतिरोध
पैदा करने की बात कर रहे हैं मैं आपसे

सवाल पूछना चाहता हूं अगर किसानों का यह
जत्था एक छोटा सा जत्था है तो माननीय श्री
श्री रविशंकर मेरे सवाल का जवाब दे भारत
सरकार उनसे क्यों बातचीत कर रही है कृषि
मंत्री अर्जुन मुंडा आनंद राय और पियूष

गोयल क्यों किसानों से बात कर रहे हैं अगर
यह छोटा सा जत्था है इग्नोर कर दीजिए ना
उनको क्योंकि आप तो वैसे भी उन्हें घुसने
नहीं दे रहे हैं अपना जुल्म और

बढ़ाइए बातचीत क्यों कर रहे हैं फिर आप
इत्तेफाकन यही वो रविशंकर हुआ करते थे
2014 से पहले किसानों के बारे में इनकी

कुछ और राय हुआ करती थी क्यों क्योंकि
2014 से पहले सही मायने में देश एक
लोकतंत्र हुआ करता था 2014 से पहले आप
सरकार की आलोचना कर सकते थे आप वंचितों की

आवाज में अपनी आवाज बुलंद कर सकते थे और
सरकार आपको टारगेट नहीं करती याद कीजिए
महोदय ने 2014 से पहले ये देखिए 2012 15
मार्च 2012 को इन्होंने क्या कहा था बिफोर

यू हैव फूड प्रे दैट ऑल दोज हु प्रोवाइड
फूड टू अस शुड बी हैप्पी व्हेन ऑल
फार्मर्स आर हैप्पी देन वी विल बी हेल्दी
हिंदी में इसका अनुवाद ये है कि खाना खाने
से पहले हमेशा ये याद रखें

कि जो हमें खाना देता है यानी कि देश का
किसान वह खुश है जब तमाम किसान खुश होंगे
तब हम सब स्वस्थ होंगे यह कहा था श्री
श्री रवि

शंकर और मैं दावे के साथ कह सकता हूं
दोस्तों ज्यादा देर नहीं है कुछ देर बाद
अक्षय कुमार भी मैदान में उतरेंगे सचिन
तेंदुलकर भी मैदान में उतरेंगे अनुभव खेर
भी मैदान में उतरेंगे सरकारी चाटुकार की
लाइन लगने वाली है मैं दावे के साथ कह
सकता हूं लिख के ले लीजिए मगर बात वहां

नहीं रुकने वाली है दोस्तों मैं आपसे एक
सवाल पूछना चाहता हूं किसान आंदोलन कर रहा
है यह एक खबर है ना और जब खबर होती है तो
मीडिया को अधिकार होता है आप तक हकीकत
पहुंचाने के लिए तो मैं समझना चाहता हूं

कि गोदी मीडिया के जरिए तो आप अपना
प्रोपेगेंडा कर रहे हैं उसके जरिए आप
किसान को अराजक एंटी नेशनल ये तमाम चीजें
बता रहे हैं मगर जो पत्रकार आप तक हकीकत
पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं आपने उनके

प्लेटफॉर्म्स को ही बंद कर
दिया दोस्तों मंदीप पुनिया और गांव सवेरा
मंदीप पुनिया पत्रकार हैं उनका प्लेटफार्म
है गांव सेवेरा दोनों को

इसीलिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने में
यह व्यक्ति इलन मस्क एक अहम भूमिका निभा
रहे है मैं फिर आपसे सवाल पूछना चाहता हूं
क्या अमेरिका में विरोध प्रदर्शन नहीं
होते क्या इस तरह से ट्विटर में या सोशल

मीडिया हैंडल्स उनके रद्द कर दिए जाते
हैं सुनिए इस मुद्दे पर मंदीप पुनिया खुद
क्या कह रहे हैं नमस्कार दोस्तों हमारा
ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया गया है गांव
सवेरा का भी कर दिया गया है और मेरा खुद

का मंदीप पुनिया नाम से वो भी कर दिया गया
है और अभी हम शंभू बॉर्डर पर ही हैं और
शंभू बॉर्डर से हम लगातार किसान आंदोलन की
रपट आप तक पहुंचा रहे थे गांव सवेरा
पोर्टल आपको पता है कि ग्रामीण संकट के

ऊपर रिपोर्टिंग करता है और आप तक जो
ग्रामीण संकट से बाहर निकलने के लिए
ग्रामीण लोग या फिर भारत के जो देहाती लोग
हैं वो कैसे जोर मार रहे हैं वो भी आप तक

पहुंचाता रहता है तो एक हिसाब से किसान
आंदोलन मजदूर आंदोलन हम अच्छे से कवर करते
हैं और आप तक सही रिपोर्ट पहुंचाते हैं
लेकिन अब हमारा
मैं फिर आपसे सवाल पूछना चाहता हूं मंदीप
पुनिया अगर आप तक तथ्य पहुंचा रहे हैं

किसानों की आवाज पहुंचा रहे हैं तो क्या
उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं है आप
उनकी आवाज को बंद कर
देंगे मैंने जो आपको तमाम चीजें दिखाई
चाहे बसंत पंचमी पर ड्रोन का मुकाबला पतंग

के जरिए हो चाहे श्री श्री रवि शंकर का
दोहरे मापदंड से भरा बयान हो चाहे किसानों
पर अराजकता हो चाहे मंदी पुनिया और गांव
सवेरा को बंद करने का मामला हो इन तमाम
मुद्दों के बारे में आप क्या कहेंगे कैसे

लोकतंत्र ताकतवर हो रहा है पहलवान बजरंग
पुनिया मंदीप पुनिया और गांव सवेरा के
पक्ष में सामने आए हैं दोस्तों तमाम
राजनेताओं में राहुल गांधी भी लगातार
किसानों के पक्ष में आवाज बुलंद कर रहे

हैं उनका यह बयान सामने उभर कर आया है जो
मैं आपको पढ़ के सुनाना चाहता हूं राहुल
गांधी कहते हैं कि मोदी उनका प्रचार तंत्र
और मित्र मीडिया गरीबों और किसानों के
दुश्मन हैं और ऐसा राहुल गांधी क्यों कह

रहे हैं मैं आपको अभी-अभी बतला चुका हूं
दोस्तों वो आगे कहते हैं जब भारत बनाने
वालों की हित की आती है तो सरकारी
एक्सपर्ट्स को बजट की चिंता सताने लगती है
पर बात बजट की नहीं नियत की है उद्योगपति
मित्रों के लाखों करोड़ों के ऋण और टैक्स

माफी कर चुप उन्हें जल जंगल और जमीन भेंट
किए जाने पर चुप पीएसयू पर ओने पौने दाम
पर बेचे जाने पर चुप पर किसानों को एमएसपी
की गारंटी गृहलक्ष्मी

को सम्मान और अग्निवीर को पेंशन देने की
बात पर सवाल ही सवाल इतिहास गवाह है कि
कांग्रेस बड़े और क्रांतिकारी कदम लेने से
कभी डरी नहीं है हरित क्रांति हो बैंक
राष्ट्रीयकरण हो पब्लिक सेक्टर्स का

निर्माण हो या फिर आर्थिक उदारीकरण हमारे
फैसलों ने हमेशा देश के भविष्य की नीव रखी
है आगे राहुल गांधी कहते हैं आज हर किसान
को एमएसपी दिलाना वक्त की मांग है और

कांग्रेस का यह फैसला भी मील का पत्थर
साबित होगा यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था समेत
देश के करोड़ों किसान परिवारों का जीवन
बदल कर रख देगा हम फैसले राजनीति के लिए

नहीं देश के लिए करते हैं जैसे कि आप
जानते हैं दोस्तों राहुल गांधी ने यह कहा
जाए कांग्रेस ने इस बात की घोषणा कर दी है

कि अगर वह सत्ता में आ गए तो वह एमएसपी पर
कानूनी जामा पहनाए यानी कि एमएसपी न्यूनतम
समर्थन मूल्य को लीगल गारंटी
बनाएंगे जाते जाते एक बार फिर यह देश की
जनता को फैसला करना है कि अराजक कौन है यह

देश की जनता को समझना है कि विरोध
प्रदर्शन करने का अधिकार हर नागरिक के पास
है शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का यह
देश की जनता को समझना है कि प्रचार कौन कर
रहा है झूठा प्रचार कौन कर रहा है अभिसार
शर्मा को दीजिए इजाजत नमस्कार स्वतंत्र और

आजाद पत्रकारिता का समर्थन कीजिए सच में
मेरा साथी बनिए बहुत आसान है दोस्तों इस
जॉइन बटन को दबाइए और आपके सामने आएंगे यह
तीन विकल्प इनमें से एक चुनिए और सच के इस
सफर में मेरा साथी बनिए

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