भारत रत्न: सम्मान या सौदा | More Bharat Ratna Awards announced - instathreads

भारत रत्न: सम्मान या सौदा | More Bharat Ratna Awards announced

नमस्कार  भारत रत्न बट रहा
है यह सम्मान कम चुनावी समीकरण ज्यादा लग
रहा है कहीं इसके जरिए सरकार बदल रही है
तो कहीं बीजेपी को नया दल मिल रहा है ऐसा
लग रहा है कि इस बार 2024 के चुनाव में

समीकरण और गठबंधन का नया नाम भारत रत्न
समीकरण और भारत रत्न गठबंधन भी होगा गोदी
मीडिया के स्टूडियो में एक अलग ग्राफिक्स
बनेगा भारत रत्ना रिजल्ट कहा कहां पर यह
सम्मान बांटकर वोट मिला है इसका हिसाब
होगा सम्मान की राजनीति भारत की राजनीति

का अभिन्न अंग है अगर इसे ठीक से किया जाए
तो बिना काम किए आप सम्मान की राजनीति के
नाम पर पहचान की राजनीति के नाम पर 1020
साल सत्ता में आराम से निकाल सकते हैं जिस
तरह से राजनेताओं का भारत रत्न के जरिए

सम्मान हो रहा है उम्मीद कीजिए एक दिन कोई
प्रधानमंत्री ऐसा भी आएगा जो सभी 140
करोड़ भारतीयों को आधार कार्ड देखकर भारत
रत्न दे देगा अगर नेता को देकर वोटर को
साधा जा सकता है तो क्यों ना सीधे-सीधे हर
मतदाता को भारत रत्न दे दिया जाए नेता को

अपनी पार्टी या गठबंधन में बुलाकर चुनाव
जीतने की जरूरत नहीं पड़ेगी इस साल या तो
एक साथ सबके नामों की घोषणा हो जाती लेकिन
जिस तरह पहले कपूरी ठाकुर फिर उसके बाद
लाल कृष्णा वानी फिर उसके कुछ दिन बाद आज

चौधरी चरण सिंह पीवी नरसिंहा राव और एमएस
स्वामीनाथन को भारत रत्न दिए जाने की
घोषणा हुई है उससे यही लगता है कि चुनावी
समीकरण को साधने के लिए इसकी घोषणा की जा
रही है कपूरी ठाकुर को जब भारत रत्न की
घोषणा हुई तभी अपने वीडियो में हमने कहा
था कि इसका इस्तेमाल अब राजनीतिक हथियार
के रूप में हो रहा है वहां सरकार बदल गई

पश्चिम उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह
को भारत रत्न देकर एक नया दल गठबंधन में
लाया जा रहा है एनडीए के गठबंधन में चरण
सिंह के पोते जयंत चौधरी ने ट्वीट किया है
दिल जीत लिया लोगों ने लिखा दल भी जीत

लिया चर्चाएं चल रही थी कि जयंत चौधरी
बीजेपी के पाले में आ जाएंगे अब इसमें कोई
शक नहीं रहा वैसे इस अर्थ में
प्रधानमंत्री मोदी को परिवारवाद से भी कोई
दिक्कत नहीं जयंत चौधरी को दल में लाने के
लिए उनके दा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी

चरण सिंह को भारत रत्न देते हुए परिवारवाद
के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी अपने आप
घुटने टेक रहे हैं वे इस मुद्दे से लड़ने
नहीं चले थे उनके लिए कोई नेता परिवारवाद
तभी तक है जब तक विरोधी खेमे में है जैसे
ही बीजेपी में या एनडीए में आ जाता है

परिवारवाद की जगह वह भारत रत्न हो जाता है
क्या राष्ट्रीय लोकदल का अध्यक्ष जयंत
चौधरी के अलावा कोई दूसरा नेता हो सकता है
चौधरी चरण सिंह निश्चित रूप से बड़े नेता
रहे हैं मगर वे कुछ ही दिनों के लिए

प्रधानमंत्री रहे संसद में विश्वास मत का
सामना करने से पहले इस्तीफा देना पड़ा
उनकी सरकार गिर गई इसके बाद भी चौधरी साहब
का राजनीति में बड़ा योगदान है यूपी में
उन्होंने जमींदारी प्रथा खत्म करने में

सक्रिय और अग्रिम भूमिका निभाई कांग्रेस
को हर बात के लिए कोसने वाले प्रधानमंत्री
मोदी को बताने की जरूरत नहीं कि चौधरी चरण
सिंह तब कांग्रेस सरकार में ही मंत्री थे

उन्हें अक्सर जाट नेता कहा जाता है मगर
1977 में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था
मुझे बताओ मैं कब जाट समर्थक रहा हूं मैं
केवल जाटों का नेता नहीं हूं चौधरी चरण
सिंह यूपी के मुख्यमंत्री भी बने उन्होंने

मुस्लिम महिर गुज्जर राजपूत का एक गठजोड़
बनाया जिसे मजगोआन
थे इंदौर से पहले झाबुआ रतलाम में भीड़
शोर करने लगी उन्होंने जनसंघ और आरएसएस को
दोषी ठहराया और कहा कि पूरे देश में जनसंघ

को एक भी चुनावी सभा नहीं करने देंगे 10
साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को
चौधरी चरण सिंह याद आए हैं 2014 में
राष्ट्रीय लोकदल के नेता दिल्ली में चौधरी
चरण सिंह के आवास 12 तुगलक रोड को

राष्ट्रीय स्मारक में बदले जाने की मांग
करने लगे उस समय की खबरें देखेंगे तो इस
बंगले को बचाने के लिए कितने धरने
प्रदर्शन हुआ करते थे तब अजीत सिंह भी इस
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे कई बार धरना

प्रदर्शन दिल्ली में हुआ कई बार मेरठ में
भी और अन्य विपक्षी दलों के साथ-साथ
कांग्रेस के नेता भी इसमें शामिल होते रहे
नीतीश कुमार से लेकर हरियाणा के तबके
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने

चौधरी चरण सिंह के आवास को राष्ट्रीय
स्मारक में बदलने की मांग का समर्थन किया
था 2014 से लेकर 2000 2021 तक इस तरह की
मांग उठती रही हुड्डा जब हरियाणा के
मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने केंद्र सरकार

को एक पत्र भी लिखा था राष्ट्रीय लोकदल और
अन्य समाजवादी दलों ने पिछले 10 साल में
कई बार चौधरी चरण सिंह के लिए भारत रत्न
की मांग की सोनिया गांधी ने चौधरी चरण
सिंह और नरसिमा राव को भारत रत्न दिए जाने

का स्वागत किया है रालोद नेता जयंत चौधरी
ने भारत सरकार का आभार जताया और कहा कि
उनके लिए भावुक पल हैं प्रधान मंत्री मोदी
ने अजीत सिंह का अधूरा सपना पूरा कर दिया
बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर जयंत चौधरी

ने कहा कि आज मैं किस मुंह से इंकार करूं
यानी यह साफ हो गया कि जयंत चौधरी एनडीए
के साथ जा रहे हैं जिस सम्मान के लिए कई
साल से रालो मांग करता रहा उसे इसकी पूर्व
संध्या पर दे दिया गया है लेकिन एक सवाल
है दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री योगी

आदित्यनाथ ने चौधरी चरण सिंह की 51 फुट की
ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था पिछले साल
तब जयंत चौधरी बीजेपी के साथ क्यों नहीं
गए उस समय रालोद केंद्र से भारत रत्न की

मांग कर रहा था जयंत चौधरी किसान आंदोलन
के दौरान सरकार की बर्बरता पर भाषण दिया
करते थे बहुत लोगों ने उनके पुराने वीडियो
भी चलाए कि उन्हें किस तरह से यूपी की
पुलिस पीट रही है योगी की पुलिस पीट रही

है शायद इस उम्मीद में कि वे एनडीए में ना
जाएं और लोग याद दिला ते रहे कि वे
न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग किया करते
थे आज उसके बदले एक भारत रत्न से
प्रधानमंत्री ने उनका दिल जीत लिया है और

दल भी जीत लिया है जिस बीजेपी को किसान
विरोधी कहा अब वे बीजेपी को गले लगाएंगे
2022 के चुनावी आंकड़ों को देखिए तो
पश्चिमी यूपी में रालोद और समाजवादी
पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा रालोद का वोट

प्रतिशत
16.7 रहा समाजवादी पार्टी का
19.3 प्रतिशत रहा पश्चिम उत्तर प्रदेश में
इन दोनों से कहीं ज्यादा पश्चिम उत्तर
प्रदेश में अकेले बीजेपी को
47.8 2 प्र वोट मिले बीजेपी यहां पूरी तरह

से सुरक्षित नजर आती है तब फिर बीजेपी
रालोद को लेकर इतनी बेचैन क्यों है
विधानसभा चुनाव में रालोद 33 सीटों पर
लड़ी थी और आठ विधायक ही जीते तो क्या यह

सब केवल इंडिया गठबंधन को तोड़ने के लिए
किया जा रहा है इंडिया गठबंधन के मतदाताओं
को कंफ्यूज करने के लिए यह सब कुछ किया जा
रहा है बहरहाल एक साल से कहा जा रहा था कि
24 के चुनाव में प्रधानमंत्री को बहुत वोट

मिलने वाले हैं 400 सीटें आ जाएंगी उन्हें
कोई नहीं रोक सकता उनके सामने कोई चुनौती
नहीं राम मंदिर बन जाने के बाद इसे और ठोक
बजाकर कहा जाने लगा मगर चार दिन भी नहीं
बीते कि कपूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का

ऐलान होता है बिहार में सरकार बदलती ह जिस
नीतीश कुमार को भाजपा ने पानी पी पीकर
कोसा कहा कि कभी एनडीए में इन्हें वापस
नहीं लेंगे उस भाजपा ने दौड़कर उन्हें गले

लगा लिया राजनीति को नहीं समझने वाला भी
यही कहेगा यह सब बिहार की 40 लोकसभा सीटों
को पक्का करने के लिए किया गया है
राज्यसभा और लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी
जब कांग्रेस को ललकार हैं तो लगता है उनके

सामने कोई चुनौती नहीं है लेकिन सदन के
बाहर की राजनीति में उनके लिए जयंत चौधरी
भी बहुत बड़ी चुनौती बन जाते हैं और
उन्हें साधने के लिए वे परिवारवाद के

मुद्दे को छोड़ देते हैं भारत रत्न की
घोषणा कर देते हैं चौधरी चरण सिंह को
प्रेम करने वाली जनता क्या कभी यह समझ
पाएगी कि भारत रत्न उन्हें उनके काम के

बदले मिला है या पांच सात सीटों के गठबंधन
के बदले यह सम्मान है या सौदा है सौदे के
बदले मिला सम्मान सम्मान नहीं होता भले
उसका नाम भारत रत्न ही क्यों ना हो चौधरी

चरण सिंह के लिए भारत रत्न की मांग अखिलेश
यादव ने भी की थी जैसे कपूरी ठाकुर के लिए
नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों ने की थी
पीवी नरसिंहा राव को भी भारत रत्न दिया जा
रहा है यही प्रधानमंत्री थे जब बाबरी

मस्जिद ध्वंस की गई जिसके बाद नरसिंहा राव
ने पांच संगठनों पर अनलॉफुल एक्टिविटीज
प्रिवेंशन एक्ट 1967 के तहत प्रतिबंध लगा
दिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व हिंदू
परिषद बजरंग दल जमात इस्लामी हिंद और

इस्लामिक सेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने वाले
राव को भी भारत रत्न दिया जा रहा है करण
थापर ने जनवरी 1993 में आई विटनेस पत्रिका
के लिए एक इंटरव्यू किया और नरसिंहा राव
से पूछा था क्या बाबरी कांड अचानक हुआ या

आरएसएस भाजपा बजरंग दल और विहिप द्वारा
सुनियोजित ढंग से किया गया था तो ऑन
रिकॉर्ड नरसिम्हा राव कहते हैं मेरे पास
यह मानने के के कारण है कि यह सुनियोजित
ढंग से पहले से प्लान करके किया गया राम

मंदिर के उद्घाटन के 17 दिन बाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरसिंहा राव को
भारत रत्न दिए जाने का ऐलान कर रहे हैं
अयोध्या में 22 जनवरी को प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने कहा कि कालचक्र घूम गया

है कोई कालचक्र नहीं घूमा है आप खुद ही
देख लीजिए भारत की राजनीति जिन चतुराई हों
छल प्रपंच से भरी हुई है उसी में से अपने
लिए चुनावी बूटी निकाले जा रहे हैं बीजेपी
ने पीवी नरसिंहा राव पर भ्रष्टाचार के
कितने ही आरोप लगाए आज वही बीजेपी और उसके

नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरसिंहा
राव को भारत रत्न दे रहे हैं यह मास्टर
स्ट्रोक नहीं है इसे मेमोरी लॉस कहते हैं
हिंदी में स्मृति लोप नरसिंहा राव के निधन

पर आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन ने पांज
में उन्हें श्रद्धांजलि दी और लिखा कि कार
सेवकों पर उन्होंने कोई कार्यवाई नहीं की
वह अकारण नहीं रहा होगा मतलब इशारे में कह
गए कि ध्वंस के पीछे उनका मौन समर्थन रहा

होगा सुदर्शन ने यह भी लिखा है कि
उन्होंने दबाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक
संघ को बैन किया और उनके साथ हमारा रिश्ता
हमेशा अच्छा रहा उनका सबसे बड़ा योगदान था
कि उन्होंने सीआरपीएफ की टुकड़ी अयोध्या

नहीं भेजी जब तक रामलला की मूर्ति को गर्भ
गृह में स्थापित नहीं किया गया बाबरी
मस्जिद के ध्वंस से जुड़े दो लोगों को

भारत रत्न दिया जा रहा
लाल कृष्ण आडवाणी और नरसिंहा राव इन्हें
भारत रत्न देने वाले लाल कृष्ण आडवानी के
साथ रथयात्रा पर निकलने वाले नरेंद्र मोदी
हैं आज के भारत के प्रधानमंत्री बाबरी

मस्जिद ध्वंस को अपने जीवन का दुखद क्षण
बताने वाले लाल कृष्ण आडवाणी को भी भारत
रत्न मिल रहा है जबकि ध्वंस के समय की
तस्वीरों में आडवाणी मुस्कुरा रहे थे काश

व दिन भी आता जब सभी कार सेवकों को भारत
रत्न दे दिया जाता भारत की जनता जब इतनी
सारी विडंबना हों को समेट सकती है तो इस
विडंबना को भी लपेटकर अपने तकिए के नीचे

रख लेगी चैन की नींद सो जाएगी भारत रत्न
को लेकर भावुक होने की जरूरत नहीं है यह
राजनीतिक ही होता है तो इसके पीछे की
राजनीति देखने में कोई गलती नहीं बीजेपी
अक्सर आरोप लगाया करती थी कि कांग्रेस सभी

योजनाओं के नाम नेहरू इंदिरा और राजीव
गांधी के नाम पर रखती है लेकिन
प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस से भी आगे
निकल गए उनके कार्यकाल में अटल बिहारी

वाजपेई और लाल कृष्ण आडवाणी दोनों को भारत
रत्न मिला जो भारतीय जनता पार्टी के
संस्थापक नेता हैं अभी तक कुल 53 लोगों को
भारत में भारत रत्न से सम्मानित किया जा
चुका है नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 10

लोगों को भारत रत्न दिया गया है जिसमें से
पांच इस बार दिए जाएंगे भारत रत्न
सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार है यह मांग के आधार
पर पहले भी दिया जाता रहा है कांग्रेस के

समय तो सचिन तेंदुलकर को दे दिया गया बाद
में वे तमाम चीजों का विज्ञापन करते नजर
आए लेकिन क्या मांग के आधार पर भारत रत्न
दिया जाना चाहिए राजनीतिक समीकरण जोड़ने
और दलबदल कराने के लिए भारत रत्न दिया

जाना चाहिए फिर इस सम्मान की क्या अहमियत
रह जाएगी ऐसा लगता है कि हम एक देश के रूप
में एक सर्वश्रेष्ठ सम्मान देने की
प्रक्रिया भी सर्वश्रेष्ठ और पारदर्शी

नहीं बना सके और ना सक्षम हैं लगता है
प्रधानमंत्री भी इस तरह की मांगों से तंग
आ चुके हैं वे इसकी घोषणा तो कर रहे हैं
मगर साथ ही भारत रत्न का मान भी घटा रहे

हैं कि जो मांगे उसे दे दो जिसे चाहिए उसे
दे दो कहानी किस्सा खत्म करो बस कह दो कि
साथ में वोट लेता आए साथ में सरकार लेता
आए साथ में कोई दल लेता आए भारत रत्न दिए

जाने का कुछ तो पैमाना होना चाहिए कि
मिलने पर लगे कि किसी को मिला है अभी तो
केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ही चुन
लेते हैं कि किसे दिया जाना है मांग और मन
के आधार पर दिए जाने से एक दिन यह सम्मान

भारत रत्न की जगह मांग रत्न या मन रत्न
कहा जाने लगेगा जो भी है इस बार बीजेपी का
बेड़ा पार कराने में भारत रत्न काफी काम
आता लग रहा है

नमस्कार

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