माँ काली अगले 9 दिन मे मेरी कही हर बात सच होगी और तुम्हारी जीत होगी - instathreads

माँ काली अगले 9 दिन मे मेरी कही हर बात सच होगी और तुम्हारी जीत होगी

ओम जय हनुमान कालिका जय मां शमशान काली

कैसे हैं आप लोग आशा करती हूं कि आप लोग

बिल्कुल ठीक होंगे माता रानी की कृपा आप

सभी पर बनी रहे माता रानी आप सभी के धन

धान्य के भंडार भरे रखें आज हम बात करेंगे

आपकी कुछ सवालों के पहला कमेंट है वह है

आपकी बातों से मैं सहमत हूं लेकिन आपने

लिखा है माता काली की परीक्षा से कैसे बचे

आपकी जानकारी के लिए बता दूं माता काली की

परीक्षा से कोई नहीं बच सकता है वह

परीक्षा जरूर लेती हैं ब्रह्मांड की

स्वामिनी है अपनी भक्ति ऐसे ही नहीं दे

देती कलयुग में जागृत है मां काली जी

सिर्फ सच्चे मन श्रद्धा और विश्वास से

उनकी पूजा करते रहो तो इसके बारे में मैं

कहूंगी कि हां यह बात बिल्कुल सही है माता

काली जो है वह कलयुग की जागृति भी है ठीक

है माता काली परीक्षा से कोई नहीं बचा है

अब माता काली की अ भक्ति भी दो प्रकार की

होती है कुछ लोग जो भक्ति करते हैं वह

माता काली की भक्ति कैसे करते हैं कि भाई

यह मेरी मां है और मुझे इनकी सेवा करनी है

और मां जो मन में भाव होता है वह संतान

वाला भाव होता है और मां के भाव से मां को

पूछते हैं तो ऐसे व्यक्तियों की परीक्षा

नहीं होती है कभी नहीं होती है अब कुछ लोग

माता काली को

को इस तरीके से पूछते हैं कि यह मां है

मेरी पर शक्ति भी है अंगारी पर भोग देना

हो गया उनके चालीसा का गान हो गया उनके

मंत्रों का जाप हो गया तो यह आप मां की

जगह मां के साथ-साथ शक्ति को भी पूज रहे

हैं तो आपकी यहां परीक्षा जरूर होगी और

कुछ लोग केवल शक्ति मान के पूछते हैं तो

उनकी परीक्षा बहुत कठिन होती है ठीक है

बाकी क्या होता है

लाइफ में एक

चीज मैं कहूंगी कि आपकी लाइफ में जो भी हो

रहा है हां यह बात सही है माता परीक्षा

लेती है लेकिन आप देखना जिस समय आपकी

परीक्षा चल रही होगी उसी समय आप या तो

अच्छे जो हस्त रेखा जानते होंगे उनको अपना

हाथ दिखाइएगा या उसके पहले दिखाइएगा कि

मेरी लाइफ में कितने समय से लेकर कितने

समय तक परेशानी आ रही है आप देखिएगा

हस्त रेखा में भी आपको सेम टाइम पर आपको

दिखाया जाएगा कि आप इस इस टाइम पर आप इस

इस परेशानी का सामना आपको करना पड़ेगा और

आप अपनी कुंडली को भी देखेंगे तो कुंडली

में भी आपको पता चल जाएगा कि इस इस टाइम

पर आपको यह यह परेशानी आने वाली है और सेम

टाइम होगा आपकी परीक्षा

का तो क्या है जो भी लाइफ में होता है

चाहे कुछ भी हो एक्स वाई जड वह सब कुछ

पहले से लिखा होता है और यह बात सही है कि

कोई बच नहीं सकता है कर्मों से और कर्मों

के फल से कोई नहीं बच सकता है क्योंकि

आपके जीवन में क्या होना है क्या नहीं

होना है आपको क्या मिलना है क्या आपको

खोना है यह सब पहले से तय हो चुका है आप

कितना भी प्रयत्न कर ले आपको उस भाग्य से

ज्यादा कुछ नहीं

मिलेगा और जो लोग बोलते हैं कि इंसान

अपने खुद से अपना भाग्य लिखता है कर्मों

से भाग्य बनता है नहीं यह बिल्कुल गलत है

अगर आपको कोई अच्छा एस्ट्रोलॉजर मिल जाएगा

तो आपके जन्म से लेकर आपके मरण तक की हर

एक चीज बता

देगा और जो बोलते हैं हाथ की लकीरें बदलती

रहती है आपकी हाथ की लकीरें भी नहीं बदलती

हैं क्या होता है कि आज आपने हाथ दिखया

कुछ लकीरें जो परेशानी वाली होती हैं वो

उसी टाइम पर आती है जैसे कि कुछ जब भी

इंसान की लाइफ में परेशानी आनी होती है तो

जो राहु रेखा होती है वह हमारे जब भी

हमारी जीवन रेखा को काटती है उस टाइम पर

परेशानी आती ही आती है अब या तो हमारी

मंगल

रेखा बीच में आ जाए तो जो राहु के प्रभाव

होंगे वह बच जाएंगे ठीक है बाकी परीक्षाएं

आपकी चल रही है वह आपकी किस्मत में पहले

से लिखी जा चुकी है वह होनी ही है तो आप

की लाइफ में जो लिखा है वह कोई नहीं डाल

सकता है हां उन चीजों को अपने कर्मों से

थोड़ा सा उसका असर कम किया जा सकता है आप

पूजा पाठ करेंगे तो जो तकलीफें आपको मिल

रही है आप नहीं कर रहे होते तो उससे

ज्यादा समस्या आती आपको लेकिन क्या हो गया

लोग पूजा करते हैं तो उनको लगता है नहीं

काली माता की भक्ति हो रही है इसलिए

परीक्षा हो रही है बिल्कुल गलत है आपकी

लाइफ में वह टाइम गलत था ही होना ही था उस

टाइम पर वह सब इसलिए हुआ है तो माता को आप

गलत म क रही है कि माता परीक्षा लेती है

इसलिए यह होता

है आप जो पिछले जन्म में करके आए हो उसके

जो फल हैं वह आपको मिलेंगी ही मिलेंगे अगर

आप अच्छा करके आए हैं तो इस जन्म में आप

बहुत अच्छा भोग अगर आप कुछ बुरा करके आए

हैं तो इस जन्म में आप कितना भी अच्छा कर

लीजिए आपको उस पाप का प्रश्चित करना होगा

लेकिन जैसे ही आपके पिछले जन्म के कर्म कट

जाएंगे और इस जन्म के आएंगे तो आप जो भी

इस जन्म में धर्म पुण्य जो भी कर रहे हैं

वह आपको जब आपके कर्म पूरे हो जाएंगे तो

फिर उसका फल आपको जरूर मिलेगा और आने वाली

आने वाला जो जन्म है उसमें भी इसका फल

आपको जरूर

मिलेगा

अब किसी ने मुझसे सवाल किया था ग्रस्त लोग

नॉनवेज और वाइफ से संबंध बना सकते हैं तो

देखिए

नॉनवेज के मैं हमेशा से खिलाफ हूं तो

नॉनवेज तो हमें नॉर्मल भी कभी नहीं खाना

चाहिए किसी भी जीभ की हत्या नहीं करनी

चाहिए और जैसा आप खाएंगे वैसा आपका मन

होगा तो अच्छा खाइए और अपने मन को अच्छा

रखिए जितना हो सके नॉनवेज से दूर रहिए और

वेज

खाइए और दूसरी बात आप अगर साधना करते हैं

भक्ति मार्ग में आए हैं तो फिर आपको

नॉनवेज नहीं खाना चाहिए कुछ लोग तो भक्ति

मार्ग में आने के बाद प्याज लहसुन भी छोड़

देते हैं पर प्याज लहसुन जरूरी नहीं है कि

आपको छोड़ना चाहिए लेकिन नॉनवेज आपको जरूर

छोड़ना

चाहिए वाइफ के साथ

देखिए आप गृहस्थ हैं आपकी पहली पूजा आपका

परिवार है तो पहला जो आपका कर्तव्य है वह

परिवार के प्रति है पति-पत्नी को सबसे

प्रथम अपने पति-पत्नी को ही रखना चाहिए तो

आप अगर वाइफ के साथ हैं आप अपने हस्बैंड

के साथ हैं तो यह एक तरीके का ब्रह्मचर्य

ही है और यह गलत नहीं है हां लेकिन जैसे

आप माहाकाली की सेवा करते हैं तो उनका जो

दिन जैसे शनिवार को दिन शनिवार के दिन

माहाकाली को कुछ लोग पूछते हैं कुछ

शुक्रवार को पूछते हैं कुछ मंगलवार को

पूछते हैं तो जैसे अगर आप शनिवार का दिन

मां काली के लिए रखते हैं तो आप उस दिन के

लिए थोड़ा दूर रहिए और बाकी नॉर्मल डे में

आप डेली पूजा कीजिए कुछ भी नहीं है व्रत

के टाइम आप थोड़ा ध्यान रखिए और जो खास

दिन उस देवी देवता का है जिसको आप मानते

हैं और जिनकी साधना कर रहे हैं तो उस दिन

आप दूर

रहिए और और एक कमेंट था काली माता को वही

पूछते हैं जो भूत प्रेत से परेशान हो या

जिसको ब्लैक मैजिक में इंटरेस्ट हो तो

देखिए जो भूत प्रेत से परेशान होते हैं वह

काली माता को पूजना नहीं शुरू करते हैं जो

भूत प्रेत से परेशान होते हैं वह किसी को

भी नहीं पूछते हैं वह वैसे भी दूसरी

चौकियों पर जाते हैं किसी ओजा के पास

जाएंगे किसी तांत्रिक के पास जाएंगे है ना

और

काली माता को नहीं पूछते हैं अब दूसरा कि

ब्लैक मैजिक वाले काली माता को पूछते हैं

तो यह भी बिल्कुल गलत है कि ब्लैक मैजिक

वाले काली माता को पूछते हैं जिस तरीके से

हमारे समाज में जो इंसान है हर इंसान के

दो चेहरे होते हैं ब्लैक एंड वाइट हर

इंसान के उसी तरीके से हर देवी देवता के

भी दो चेहरे होते हैं एक सात्विक और एक

तामसिक

और मंत्र भी उनके हो

ठीक है तो क्या होता

है कुछ लोग हैं जो काली माता को पूछकर

उनकी जो भक्ति करते हैं भक्ति भाव से करते

हैं वह कुछ नहीं चाहते मां से वह सिर्फ

इसलिए पूछते हैं कि वह मेरी मां है मैं

संतान हूं बस कुछ नहीं चाहते उनके मन में

अनंत प्रेम होता है मां के लिए कुछ लोग

मां को बहुत मानते हैं अनंत प्रेम होता है

लेकिन उसके साथ-साथ कु कुछ इच्छाएं होती

हैं चौकी लगाना चाहते हैं माता की सवा

चाहते हैं है ना जन कल्याण करना चाहते

हैं तो इसी तरीके से लोग होते हैं जिनका

जो अच्छे लोग होते हैं वह यह सोचेंगे कि

मां काली की सेवा करके मुझे लोगों का भला

करना है ठीक है उसी तरीके से कुछ लोग ऐसे

होते हैं कि नहीं माहाकाली को सिद्ध करना

है और फिर वह शमशान में जाकर सिद्धि

प्राप्त करते हैं तो वह माहाकाली के

साथ-साथ वह मा काली की सिद्धि नहीं करते

भूत प्रेत मशान

पिशाच जितनी भी शमशान में शक्तियां होती

हैं डाकनी चाकनी उन लोगों को भी सिद्ध

करते हैं और मा काली को प्रथम मानते हैं

क्योंकि बचाएगा कौन इन चीजों से माहाकाली

ही बचाएगी तो सर्वप्रथम उन्हें माहाकाली

को पूजना ही पड़ता है क्योंकि वह जगत जननी

है वह हमें अच्छे से भी बचाती हैं और बुरे

से भी बचाती हैं आपके पास जो नेगेटिविटी

आएगी उससे कौन आपकी रक्षा करेगा मां ही

करेगी ना तो इसलिए मां को पूछते हैं और

भूत प्रेत जिंद पिशाच मसान इनको जागृत

करके कुछ लोग और जो लोग इनको जागृत करते

हैं वह गलत ही करते हैं किसी का अच्छा

करने के लिए भूत प्रेत का सहारा नहीं

लेंगे अच्छा करने के लिए वह माहाकाली की

सेवा करेंगे बाबा भैरव की सेवा करेंगे

बजरंगबली की सेवा करेंगे माता मशानी की

सेवा करेंगे माता मैडली की सेवा करेंगे

इनसे अच्छा करते हैं बट जो प्रेत और जिन

मसान को जगाते हैं वह बुरा करने के लिए ही

जगाते हैं बहुत से लोग इस समाज में है जो

अच्छा करवाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं

कि जो दूसरों का बुरा करवाने के लिए भी

तांत्रिक के पास जाते हैं ठीक है तो ऐसा

नहीं है तो प्लीज

महाकालिका

एक कोई मैं यह कहूंगी जो मां कालिका है व

वो जैसे शिवलिंग का ना तो कोई अंत है ना

कोई प्रारंभ है वैसे ही मां कालिका का ना

तो कोई अंत है ना प्रारंभ है वह कलयुग वह

हर युग के अंत में भी है और हर युग के

प्रारंभ में ही है महाकाली से यह सृष्टि

उत्पन्न हुई है

और मां

काली का जो रूप ब्लैक है वो इसलिए नहीं है

कि लोग ब्लैक मैजिक वाले इनको पूछते हैं

वो इसलिए है कि ब्लैक रंग हर एक चीज को

सोखने की क्षमता रखता

है तो मां काली सबकी बुराइयों को खींच

लेती है सबके बुराइयों को सबके कष्ट को

हरने की उनमें ताकत होती है और सबके

सबके काली चीजों को हर के एक रोशनी प्रदान

करती है

तो प्लीज मा कालिका के बारे में कोई भी

ऐसा भ्रम पैदा मत करें ना किसी की सुनी

बातों पर आए मा मा कालिका बहुत दयालु है

और उसी दयालु स्वभाव का फायदा उठाकर कुछ

तांत्रिक ब्लैक मैजिक करते हैं इस दुनिया

में ब्लैक है तो वाइट है और अच्छाई है तो

बुराई है वही लोग अच्छा भी करते हैं और

बुरा भी करते हैं पर जो बुरा करते हैं

उनका अंत भी पूरा होता है लेकिन जो अच्छा

करते हैं

उनके साथ कभी बुरा नहीं होता है तो अच्छे

भाव से मां कालिका को पूजिए आपके साथ कभी

बुरा नहीं होगा जो मां कालिका को गलत करने

के लिए पूछते हैं और गलत करने के लिए

सिद्ध करते हैं छोटी सी गलती पर मां

कालिका ही उनका विनाश कर देती है तो प्लीज

अपने सनातन धर्म का मजाक मत बनाइए देवी

देवताओं के लिए फालतू की बातें मत

बोलिए और एक सवाल था कि

एक बहन ने पूछा है कि वह राधा रानी को

बहुत मानती हैं और वह किसी गुरु से दीक्षा

भी ले चुकी है पर मां

कालिका के लिए मन में बहुत श्रद्धा है तो

देखिए आपके गुरु वह हैं आप उनको गुरु मान

के मां कालिका की सेवा कीजिए मां कालिका

की सेवा कोई भी कर सकता है जिसके भी आपके

ठीक है इष्ट राधा रानी हो सकती है ठीक है

बट आपके आराध्य आपकी कालिका मां हो सक

जैसे मेरी इष्ट हनुमान जी हैं लेकिन मेरे

आराध्य देव मां कालिका और काल भैरव है

लेकिन आज उनसे भी पहले मेरे आराध्य देव को

मैं ज्यादा मानने लगी हूं तो ऐसा होता है

और रही बात दीक्षा जरूरी नहीं कि आपके एक

ही गुरु होना चाहिए आप अलग-अलग

अलग-अलग लाइन से जो है अगर आप अलग-अलग

देवी देवताओं के मंत्र आपको अगर अलग-अलग

गुरु हैं मिलते हैं तो आप ले सकते हैं आप

एक से अधिक भी गुरु बना सकते हैं अगर आप

चाहे तो मां काली के भक्त को भी अपना गुरु

बना सकते हैं उनसे कोई मंत्र ले सकते हैं

जरूरी नहीं है बाकी एक गुरु भी आप एक गुरु

को मान के भी आप सब कुछ पा सकते हैं और

अगर आपको लगता है कि अगर मैं दूसरे मार्ग

में जाना चाहती हूं और उस मार्ग में मुझे

यह गुरु रास्ता नहीं दिखा सकते हैं उनकी

क्योंकि लाइन ही अलग है तो आप जिस लाइन

में जाना चाहते हैं उस लाइन के हिसाब से

आप गुरु अपना चुन सकते हैं आप एक से अधिक

भी गुरु रखिए पर होना क्या चाहिए लेकिन

आपके गुरु के प्रति किसी भी गुरु के प्रति

आपके भाव या फिर यह नहीं होना चाहिए यह

गुरु मेरा ज्यादा मानते हैं आप इन गुरु को

इनको कम मानते हैं नहीं दोनों गुरु आपके

लिए बराबर होने चाहिए दोनों का सम्मान

आपके मन में बराबर होना चाहिए अगर एक से

अधिक गुरु का सम्मान बराबर कर सकते हैं

उनको बराबर दर्जा दे सकते हैं तो आप एक से

गुरु रख सकते हैं इसमें कोई दोष नहीं है

और तो एक भक्त ने पूछा था मा कालिका का

दक्षिण कालिका का

भोग मतलब दक्षिण कालिका को क्या भोग लगाए

तो देखिए मां कालिका को आप मां कालिका के

किसी भी रूप को किसी भी रूप को आप सेम भोग

दे सकते हैं अगर आपकी श्रद्धा है तो आप

फलों का भोग दीजिए पान बसा आता माता को

सबसे ज्यादा प्रिय है पान बसा आता लौंग का

भोग दीजिए माता को है ना सुपड़ी जायफल का

भोग आप घर में मत दीजिए कुछ लोग जायफल का

भोग देते हैं जायफल का भोग मत दीजिए

क्योंकि यह फिर तंत्र में आ जाता है और आप

माता के किसी भी रूप को पान बसा माता को

बहुत प्रिय होता है आप भोग दीजिए माता को

और आपके घर में जो भी फ्रूट है जो भी

ड्राई फूड है उनका भोग दे सकते हैं आप

अपनी श्रद्धा से माता को भोग लगाइए माता

भोग नहीं देखती हैं माता आपके भाव देखती

हैं कुछ लोग समर्थ हैं तो उनके लिए अच्छा

अच्छा भोग लाकर रख दीजिए है

ना या फिर आप जो खाना आपके घर में बनता है

तो पहली रोटी जो भी है घी में लगा के

लहसुन प्याज का इस्तेमाल ना करें अगर

सब्जी में होता है तो आप सब्जी को छोड़कर

आप गुड़ में घी लगाकर रोटी भी मां काली को

भोग में लगा सकते हैं तो इस तरीके से आप

घर का खाना भी माता काली को भोग में लगा

सकते हैं

और अगर आप इतना भी नहीं कर सकते जब आप खा

खाने को बैठे तो माता काली को ध्यान में

रखकर और उनसे बोले कि आप भोग को ग्रहण

कीजिए स्वीकार कीजिए तो जब आप खाने बैठे

तभी माता को याद करके वह भी माता भोग

स्वीकार करती हैं तो आप माता को इस तरीके

से भोग लगा सकते हैं जो भी आपके सामर्थ्य

में है अपनी श्रद्धा से आप भोग लगाइए माता

काली भाव से देख भाव आपके अच्छे होने

चाहिए माता हर भोग से प्रसन्न

होंगी लोगों को लगता है कि माता काली को

यह पसंद है वह पसंद है माता काली को कुछ

भी पसंद नहीं है माता काली सिर्फ आपके भाव

देखती हैं अगर आपके भाव अच्छे हैं और भाव

सच्चे हैं तो माता कुछ भी नहीं देखेंगी आप

कुछ भी मत चढ़ाए आप सूखी रोटी बिना घी के

भी रख देंगी ना तो माता उसको स्वीकार कर

लेंगी बस आपका भाव अच्छा होना चाहिए तो जो

आपके पास है जो श्रद्धा से आप कर सकते हैं

उसका भोग

लगाइए वीडियो पसंद आया हो तो वीडियो को

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आपको इस तरीके की वीडियो देखने को मिलते

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कोई भी सवाल हो तो आप कमेंट में हमसे पूछ

सकते हैं और कमेंट में जय माता दी लिखना

ना भूलिए मिलते हैं अगली वीडियो में अपना

ख्याल रखिए

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