माँ काली स्तुति | Maa Kali Stuti | बुरे वक्त को मिटाने वाली महाकाली स्तुति .... VARSHA SHRIVASTAVA - instathreads

माँ काली स्तुति | Maa Kali Stuti | बुरे वक्त को मिटाने वाली महाकाली स्तुति …. VARSHA SHRIVASTAVA

नमामि देवि कालिका, नमामि हे अंबालिका

नमामि खड्ग धारिणी, नमामि चक्र धारिणी

नमामि महिष मर्दनी, नमामि शस्त्र के धनी

नमामि विश्वमोहनी, नमामि सिद्ध रूपनी

नमामि असुर भक्षणी, नमामि धर्म रक्षणी

नमामि रोग नाशनी, नमामि पतित पावनी

नमामि शूलधारिणी, अनेक शस्त्र धारिणी

नमामि ब्रम्हचारिणी, नमामि विंध्यवासिनी

नमामि सती साध्वी, नमामि मां जलोदरी।

नमामि मातु वैष्णवी, नमामि हे महोदरी।।

नमामि हे महातपा, नमामि हे महाबला।

नमामि हे नित्या क्रिया, नमामि पुरुषाकृति।।

नमामि भवमोचनी, प्रत्यक्षा ब्रम्हवादिनी।

मतंगमुनीपूजिता, नमामि कात्यायनी।।

नमो कराली शिवदुती, नमामि हे तपस्विनी।

नमामि हे विष्णुप्रिया, नमो नमो नारायणी।।

नमामि हे दुर्गा जया, नमामि हे सदागती।

नमामि अभव्या चिती, नमामि मातु शाम्भवी।।

नमामि कालरात्रि, नमामि हे रौद्रमुखी।

नमामि हे ज्वालामुखी, नमामि युवती यति।।

नमो सर्वास्त्र धारिणी, नमामि सुरसुंदरी।

नमामि हे रत्नप्रिया, नमामि हे परमेश्वरी।।

नमामि पाटलावती, नमो अनंता भाविनी।

नमामि हे बहुलप्रिया, हे सर्वशास्त्र धारिणी।।

नमो भवानी आर्या, त्रिनेत्रा चित्रा आद्या।

नमामि भवप्रीता, नमो अनंता भव्या।।

अभेयविक्रमा क्रुरा, वनदुर्गा पाटला।

नमो पिनाकधारिणी, सर्वदानवघातिनी।।

नमामि अहंकारा, नमो हे चित्तरूपा।

नमामि चंद्रघंटा, नमामि हे चिंता चिता।।

नमामि सर्वविद्या, नमो हे दक्षकन्या ।

नमामि बुद्धि बुद्धिदा, नमो कुमारी सत्या।।

नमामि स्वमंत्रमयी, सत्यानंदस्वरूपनी ।

पट्टाम्बरपरिधाना मातु, दक्षयज्ञविनाशिनी।।

नमामि सत्ता सुंदरी, कौमारी हे माहेश्वरी।

नमो वाराही लक्ष्मी, मातंगी जयति ऐंद्री।।

देवमाता अपर्णा, नमो अनेकवर्णा ।

ब्राम्ही ज्ञाना बहुला, सर्ववाहनवाहना।।

हे कलमंजरीरंजनी, निशुंभ शुंभ हननी।

हे मधुकैटभहंत्री, चंडमुंड विनाशनी ।।

नमामि देवि चामुंडा, नमो किशोरी विमला।

नमामि वृद्धमाता, नमामि घोररूपा।।

नमामि भद्रकाली, नमामि हे उत्कर्षिनी ।

नमो-नमो हे मुक्तकेशी, सर्वसुरविनाशिनी ।।

नमामि देवि एककन्या, नमामि मातु अप्रौढ़ा ।

नमो-नमो हे बलप्रदा, नमो हे सावित्री प्रौढ़ा।।

नमामि मातु शारदा, तुही है राग रागिनी।

नमामि सर्वरूपनी, परमानंद प्रदायिनी ।।

Leave a Comment