माँ महाकाली का रौद्र रूप आल्हा स्वर -संजो बघेल - instathreads

माँ महाकाली का रौद्र रूप आल्हा स्वर -संजो बघेल

[संगीत]

जब असुरों के अत्याचारों से तीनों लोक

थर्रा उठे

तब सभी देवताओं ने त्राहिमाम करते हुए

भगवान शिव और माता गौरी की शरण में पहुंचे

तब स्नब और रक्तबीज जैसे व्यक्तियों से

तीनों लोगों और देवताओं की रक्षा के लिए

माता काली ने अवतार लिया वह मैन अद्भुत

रूप धरने थी जब समर भूमि में माता काली ने

का संघार किया तो तीनों लोग माता की जय जय

कर से गूंज उठे

[प्रशंसा]

जा

[संगीत]

श्री गणेश का समर्थन करके मैं शारदा ध्यान

लगे जय जय हो काली मैया की

कल कहा जिनके नाम से बड़े-बड़े दौना

[संगीत]

सुनने का जब धरती पर

देवों से

देखो बनी नहीं कोई बात इंद्र का सिंहासन

जब छीना

दिया है हान कर मचा दे वे सभी हैरान हो गई

ब्रह्मा जी के सन्मुख जांदे दो की नाश के

लिए

दीजिए कोई उपाय बता इन

[संगीत]

[संगीत]

मिलकर उनकी करो प्रार्थना

दिल की बात मैन करें

मैन गौरी अब तारे राजा को दिखाना में

कन्या थी

गोरी माने गई प्रज्ञा बैठी हिमालय पर्वत

जाकर

मुंड दो देते वहां पर

देखो तब पहुंचे हैं आज चंद मुंड दो देते

वहां पर

[संगीत]

[संगीत]

मुंडी से

हम हर कर ले हुसैन की हम अर्धांगिनी

देखो जबरन देंगे बना तबीयत

की वहां पर

कौन हमें बार कर ले जाओ उसके साथ विवाह

करूंगी

मुझे जो युद्ध

के साथ विवाह करूंगी

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

शक्ति का रूप कन्या

[संगीत]

रूप धारा बतलाए बैठी थी जिस सिला भवानी

आसान तेरे बनाए जाने फोटो पड़ी है माता

चंद मुंड दे तो मार जा देखो टूट पड़ी है

माता

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

देखो जहां जहां गिर जा जहां-जहां रेट की

बूंद पद गई

वहां रथ बी बन जाते वे सभी हैरत में पद गई

लेकिन मिलना कोई उपाय पर

मात्मा बोली

माता ली से वचन

सत्य की बूंद पड़ी वहां

रास्ते बीच बनता ही जा देवी सन लो बात

हमारी

अपने जब हाल हिला देवी सन लो बात हमारी

देवी सन लो बात हमारी अपनी जुबान फैला है

जब रहमान सुनी काली मैन

रूप हरि केरल बना लेना दूध लाली हो गई

सत रही कुछ कही ना जा देखो अब तो युद्ध

क्षेत्र में

मची भयंकर हान हान कर छम छम काली नाचे

चलती

घूमने दही फैला चांदी माता असुर

पैन कर जा देवी चांदी और मैन काली

देख-देख सब असुर दारा जान बचाकर

कोई भी टिक ना पाए

जा भेज

[संगीत]

निकट कोई

देखो जमकर होती जाए क्रोध बहुत भारी मैया

की

मेला में दिख रहा बताया अपनी जुबान मैन

काली ले

ख बूंद धरती पर

देखो कहीं गिरी है ना रूप रकम साली मैली

डोली उठा ब्रह्मांड बता दे बी sangharo

लेकिन मैन नहीं लगता

ये भवानी

[संगीत]

चिपकाए भवानी

[संगीत]

[संगीत]

कल भवानी

[संगीत]

समस्या बन गई प्रभु जी

क्रोध से देखो

हमारी

बिगड़े दी के काज बनाया हमारी

अपनी कृपा दे हमारे सई महादेव सन बिन

हमारी

[संगीत]

अब देव बरसात यहां भवानी हाथ में खापा रे

लेकर चली सिंधु के पार को देख ज्वाला बहुत

अधिक थी

जिसका कोई पार लगा देवताओं का सुनने दे

जाने

पहुंच गए शिव वहां पर जाए जहां पर देखो

काली माता

रही क्रोध जला बरसा लेट गई तब उनके मार्ग

पर

भोले बाबा धरनी जाट पैर पड़ा भूली बाबा पर

जीवन कल रह जाए क्रोध की ज्वाला शांति हो

गई

बात रही कुछ कही एन जाए जगदंबा

मैन

की भवानी

मैन थी

[संगीत]

शक्ति रुक गई वहां भवानी मैन जय हो जय हो

मैया काली

देवरा ही सब अस्तुति

कर रही

वेद पुराण भी नहीं मंगा

चंडीगढ़

माने करने को संघार ना शक्ति ने देखो अपना

इधर आए जब जब देखो संकट आया

तब तब माता भैसा तुम्हारी लीला तुम ही

जानो

और कोई कुछ समझ ना पाए काली माता सब

भक्तों पर

अपनी रियो कृपा बना bikunhe लिखाई आल्हा

संजू मैन की महिमा दास संजू baghellela

काया

[संगीत]

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