राज्यसभा चुनाव : महाराष्ट्र में एक अनार कई बीमार। Maharashtra Politics - instathreads

राज्यसभा चुनाव : महाराष्ट्र में एक अनार कई बीमार। Maharashtra Politics

जय हिंद दर्शकों
4 पीएम महाराष्ट्र में आपका स्वागत
है दोस्तों दो महीने बाद ही देश में
लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं तमाम

राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी
हैं बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है
गठबंधन सीट बटवा को लेकर बातचीत कर रहे
हैं लेकिन लोकसभा जो कि संसद का निचला सदन
है उससे पहले इसी महीने महाराष्ट्र में

संसद के ऊपरी सदन यानी कि राज्यसभा के लिए
भी चुनाव होने वाला है और राज्यसभा की छह
सीटें खाली हो रही हैं जिन पर चुनाव 27
फरवरी को
होगा अब अगर महाराष्ट्र की स्थिति की बात

करें तो महाराष्ट्र में जो कुल छ सीटें है
उनमें से पांच सीट सत्ताधारी महायुति जीत
सकती है महायुति का मतलब है एकनाथ शिंदे
वाली शिवसेना बीजेपी और एनसीपी अजीत पवार
वाली एनसीपी जिसको कि अब आधिकारिक एनसीपी
का नाम मिल गया तीन दिनों

पहले तो ये पांच सीटें इनके हिस्से में आ
सकती है जिस तरह से इनकी विधायकों की
संख्या है विधानसभा में उसको देखते हुए तो
वही दूसरी तरफ एक जो सीट है जो छठी सीट है
वो कांग्रेस को मिल सकती है लेकिन

कांग्रेस का मामला भी डावा डोल है क्योंकि
उसमें कुछ विधायक गड़बड़ी कर सकते
हैं एक नाम चल रहा है जीशान सिद्दीकी का
जिनके पिता बाबा सिद्दीकी ने कल ही के दिन
पार्टी से रिजाइन कर दिया और अब अजीत पवार

वाली एनसीपी में जा रहे हैं और माना यही
जा रहा है कि जीशान सिद्दीकी भी कुछ
महीनों बाद कांग्रेस छोड़ देंगे और उसी
पार्टी में शामिल हो जाएंगे तोय देखना
होगा कि जीशान सिद्दकी वोट डालने आते हैं

क्या और अगर वोट डालते हैं तो किसे वोट
डालते हैं इस बात को लेकर सस्पेंस
है तो जो छवी सीट है है उसके बारे में भी
स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस को मिल पाएगी
कि नहीं क्योंकि महायुति छठवां उम्मीदवार

भी उतारने वाली
है अब अगर महायुति के उम्मीदवारों की बात
करें तो यहां पर जो अजीत पवार वाली एनसीपी
है उसके लिए स्थिति कुछ ऐसी बन गई है एक
अनार और तीन

बीमार यानी कि विधानसभा में सीटों के
समीकरण के मुताबिक तीन सीटें आ रही है
बीजेपी के हिस्से में एक सीट आ रही है
एनसीपी के हिस्से में और एक सीट आ रही है
शिवसेना के हिस्से

में अब जो एनसीपी के हिस्से में एक सीट आ
रही है उस सीट के लिए तीन तीन दावेदार
हैं पहले दावेदार है उप मुख्यमंत्री अजीत
पवार के बेटे पार्थ

पवार पार्थ पवार का सियासी करियर लच ही
नहीं हो रहा है 2019 में अजीत पवार ने
मुंबई के करीब मावल की सीट से उन्हें टिकट
दिया लोकसभा चुनाव था लेकिन उसमें
बुरी तरह से उनकी हार हुई थी और पार्थ

पवार ने उसके बाद नाराजगी भी जताई अजीत
पवार ने नाराजगी जताई थी कि शरद पवार की
तरफ से जैसा समर्थन मिलना चाहिए था पार्थ
को वैसा समर्थन उस तर पर मिला नहीं जिसकी
वजह से पार्थ की हार

हुई तो बैकडोर एंट्री कराकर पार्थ की
राजनीति
में शुरुआत करवाना चाहते हैं राजनीति में
लच करवाना चाहते हैं अजीत पवार तो एक नाम
यह चल रहा है जो एनसीपी कोटे की सीट है
लेकिन वही दूसरी तरफ जहां अजीत पवार अपने

बेटे के लिए लॉबिंग कर रहे हैं तोही दूसरी
तरफ छगन भुजबल जो कि शिंदे सरकार में
नागरी आपूर्ति मंत्री है और एनसीपी के
बड़े नेता हैं वह अपने भतीजे के लिए
लॉबिंग कर रहे हैं उनके भतीजे समीर भुजबल

उनको टिकट दिलाना चाहते
हैं समीर भुजबल को भी पिछला लोकसभा चुनाव
गया था लेकिन वो हार गए
थे उनको भी राजनीति में लच करना है 2016
में जब महाराष्ट्र सदन घोटाले में छगन

भुजबल की गिरफ्तारी हुई थी तो उनके साथ
साथ भतीजे समीर भुजबल को भी जेल जाना पड़ा
था वह भी जेल में
थे तो समीर भुजबल का सियासी करियर का
रीलॉन्च होना है और उसमें एक मौका यह दिख
रहा है कि राज्यसभा में उनको भेज दिया जाए

फिलहाल समीर भुजबल
मुंबई इकाई के एनसीपी की मुंबई इकाई के
प्रमुख
है ये भी है नाम जो चल रहा है वह है सुनील
तटकरे का सुनील तटकरे फिलहाल रायगढ़ से

रायगढ़ की जो सीट है लोकसभा की मुंबई के
करीब वहां से वह सांसद है लोकसभा के सांसद
और एनसीपी अजीत पवार गुटके महाराष्ट्र
इकाई के प्रमुख भी है तो अब चर्चा उनके
नाम की भी चल रही है कि उनको भी अमेट किया

जा सकता है क्योंकि जो रायगढ़ की सीट है
वहां पर हो सकता है कि वो सीट अजीत पवार
के गुट के पास चली जाए लोकसभा चुनाव में
एकनाथ सिंधे के गुट के पास चली जाए अजीत

पवार के नहीं एकनाथ शिंदे के पास में तो
ऐसी स्थिति में फिर सुनील तटकरे कोमट अगर
करना होगा तो फिर उन्हें राज्यसभा भेजा जा
सकता है तो यह स्थिति मैंने आपको बताई
एनसीपी की अजीत पवार वाली एनसीपी

की अब आइए बात करते हैं
कि बीजेपी में क्या स्थिति है अब बीजेपी
के पास में तीन सीटें है अब तीन में से एक
सीट को लेकर ही नाम थोड़ा-थोड़ा स्पष्ट हो
रहा है वो नाम है पंकजा मुंडे

का पंकजा मुंडे को बीजेपी ने 2019 के बाद
महाराष्ट्र की राजनीति से बाहर कर दिया था
उन्हें केंद्रीय राजनीति में ले आए थे
पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बना दिया था और

पंकजा मुंडे बीच-बीच में कुछ कुछ ऐसा करती
रही जिससे यह पता चला कि वह पार्टी से
नाराज है खास करके 2019 में जब परली
विधानसभा से व चुनाव हार गई तो उन्होंने
इसके लिए पार्टी के राज्य के नेतृत्व को

जिम्मेदार ठहराया उन्हीं के चचेरे भाई
धनंजय मुंडे वो यहां से चुनाव जीत गए उनको
हराकर तो अब चूंकि धनंजय मुंडे अजीत पवार
के साथ आ गए हैं और सत्ताधारी पक्ष में है
तो हो सकता है कि जो विधानसभा का चुनाव
होगा तो इस परली सीट से धनंजय मुंडे को ही

टिकट मिलेगा ऐसे में पंकजा मुंडे को तो
मिलने से रहा एक बार हार भी चकी चुकी है
वहां से
चुनाव तो फिर उनको अमरेट कर दिया जाएगा
राज्यसभा में और ऐसे संके दिए चंद्रशेखर
बावन को लेने जो कि महाराष्ट्र बीजेपी के

प्रमुख है कि पंकजा मुंडे वहां
से जा सकती है राज्यसभा भेजी जा सकती
है और पंकजा
मुंडे को राज्यसभा भेजना इसलिए भी जरूरी
है क्योंकि पंकजा मुंडे एक ओबीसी की नेता

है और मराठा आरक्षण को लेकर जिस तरह से
तलवार तनी हुई है ओबीसी और मराठा संगठनों
के बीच में तो ऐसे में अगर दोनों को शांत
रखना है तो एक तरफ जहां मराठा को य कहा जा
रहा है कुन भी डॉक्यूमेंट मिलने के बाद

ओबीसी कोटे के तहत उनको आरक्षण दिया जाएगा
तो वहीं पर यह जो ओबीसी के नेता है पंकजा
मुंडे उनको भी भेजकर ओबीसी समुदाय में एक
संदेश देने की कोशिश है कि आपकी आवाज संसद
में उठाएंगे

दूसरा नाम पूनम महाजन का भी चल रहा है
हालांकि आधिकारिक पुष्टि इनके नाम की नहीं
हुई है नॉर्थ सेंट्रल मुंबई से यह लोकसभा
की सांसद
है अब यह माना जा रहा है कि इस सीट से और
को टिकट दिया जा सकता है उनका पत्ता कट

सकता है और शायद उनको राज्यसभा में अमरेट
कर दिया जाए यह भी है एकना शिंदे वाली
शिवसेना के हिस्से में भी एक सीट आ रही
है तो इस सीट से उनका उम्मीदवार कौन होगा

य नाम अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन एक बात
कही जा रही है कि मिलिन देवड़ा जो कि
कांग्रेस छोड़कर एकनाथ शिंदे के गुट में
आए हैं इस उम्मीद में की दक्षिण मुंबई की

सीट से उन्हें टिकट
मिलेगा तो मान लीजिए कि अगर उस सीट से
नहीं मिलता है क्योंकि दक्षिण मुंबई से
बीजेपी भी अपना उम्मीदवार उतारना चाहती है
और बीजेपी की तरफ से राहुल नार्वेकर का

नाम चल रहा है मंगल प्रभात लोढ़ा जो
मंत्री है शिंदे सरकार में उनका नाम चल
रहा है राहुल नार्वेकर तो स्पीकर है
महाराष्ट्र विधानसभा के तो इन दोनों में

से किसी एक को टिकट दे सकती है तो अगर
दक्षिण मुंबई की सीट शिंदे सेना को नहीं
मिलती है बीजेपी के पास जाती है तो ऐसी
स्थिति में मिलिन देवड़ा को फिर राज्यसभा

में अमेट किया जा सकता है और एकनाथ शिंदे
चाहते भी है कि कोई ऐसा नेता उनका दिल्ली
में रहे जिसकी की दिल्ली के सर्कल्स में
पैट हो जिसका दिल्ली में उठना बैठना रहा
हो जैसे प्रफुल पटेल है एनसीपी के लिए कुछ
उसी प्रकार

से प्रियंका चतुर्वेदी जिस तरह से ठाकरे
सेना के लिए हैं वही काम मिलिन देवड़ा कर
सकते हैं तो उनका नाम चल रहा है तो खैर
मुझे लगता है कि 15 तारीख आखिरी दिन है जब
तमाम पार्टियों को अपने नाम घोषित करने
हैं तो देखते हैं कि किन-किन के नाम सामने

आते हैं हमारी उस पर नजर बनी रहेगी आप भी
अपनी नजर बनाए रखें फर पीएम महाराष्ट्र पर
और अगर आपने अब तक इस चैनल को सब्सक्राइब
नहीं किया है तो सब्सक्राइब कर ले जय हिंद

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