राहुल की किसानों को बड़ी गारंटी...पलट सकती है 2024 लोकसभा चुनावों का खेल? - instathreads

राहुल की किसानों को बड़ी गारंटी…पलट सकती है 2024 लोकसभा चुनावों का खेल?

एक तरफ मोदी सरकार एमएस स्वामीनाथन को
भारत रत्न देती है और दूसरी तरफ किसान जो
उनकी समिति की सिफारिशों को लेकर संघर्ष
कर रहे हैं उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े

जाते हैं उनके रास्ते में इस तरह से कील
बिछा दिए जाते हैं यहां तक कि जिस पुल से
वह दिल्ली तक पहुंचने की कोशिश कर रहे
होते हैं उस पुल में भी गतिरोध पैदा किए

जाते हैं दोस्तों एम एस स्वामीनाथन की
बेटी ने किसानों के साथ हो रहे अत्याचार
पर अपनी आवाज बुलंद की है उन्होंने क्या
कहा है दोस्तों कुछ देर बाद मैं आपको यह
भी बताऊंगा कि दरअसल एमएस स्वामीनाथन की

रिपोर्ट क्या थी मगर सबसे पहले राहुल
गांधी का बड़ा ऐलान अगर सरल शब्दों में
कहा जाए दोस्तों तो एमएस स्वामीनाथन की
रिपोर्ट जो थी राहुल गांधी ने वादा किया

है कि अगर हम 2024 में सत्ता में आए तो हम
एमएस स्वामीनाथन की रिपोर्ट की तमाम
सिफारिश को लागू करेंगे मैं आपको बतलाना
चाहूंगा कि राहुल गांधी ने ऐलान क्या किया
है उनके

न्याय के पद पर यह कांग्रेस की पहली
गारंटी है दोस्तों मैं आपको बता दूं कि
राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले यह ऐलान
किया था कि हम अपनी तरफ से पांच न्याय की

घोषणा करने वाले हैं तो यह जो है वह राहुल
गांधी की है कहा जाए कांग्रेस की पहली
घोषणा है राहुल गांधी ने इस बात का ऐलान
अपनी एक सभा में किया जैसे कि आप जानते
हैं इस वक्त वो भारत न्याय यात्रा कर रहे

हैं सुनिए उन्होंने क्या ऐलान किया और
क्या ऐलान किया मल्लिका अर्जुन खड़गे की
मौजूदगी में उन्होने स्वामीनाथन जी
को बीजेपी की सरकार
ने भारत रत्न

दिया मगर जिस चीज के लिए स्वामीनाथन जी ने
अपनी जिंदगी
दी हिंदुस्तान के किसानों के लिए जो उने
मेहनत
की जो स्वामीनाथन जी ने
कहा उसको करने के लिए तैयार नहीं

इसका क्या मतलब
है स्वामीनाथन जी ने अपनी रिपोर्ट में साफ
कहा
है कि किसानों
को लीगल
राइट एमएस की एमएसपी की मिलनी

चाहिए वह बीजेपी की सरकार नहीं कर
रही तो मैं आपको यहां जो खरगे जी ने कहा
उसको दोहराना चाहता
हूं कि इंडिया की सरकार आएगी
तो हम एमएसपी की गारंटी हिंदुस्तान के
किसानों को देंगे जो स्वामीनाथन रिपोर्ट

में लिखा है वह हम पूरा करके आपको दे
देंगे और यह हमारी शुरुआत
है
हमारा मेनिफेस्टो बन रहा
है उसमें हमारा डिस्कशन चल रहा
है यह हमने आपको सिर्फ पहली बात बोली है

इसके आगे भी हम अपने मेनिफेस्टो में
किसानों के लिए मजदूरों के
लिए काम करने जा रहे हैं साथ ही राहुल
गांधी ने यह भी समझाया कि इस ऐलान से क्या

होने वाला है उन्होंने स्पष्ट किया हमारी
एमएसपी पर कानूनी गारंटी किसानों के जीवन
में तीन बड़े बदलाव लाएगी फसल के सही दाम
मिलने से किसान कर्ज की मुसीबत से छुटकारा

पा सकेगा कोई भी किसान आत्महत्या करने पर
मजबूर नहीं होगा खेती मुनाफे का व्यवसाय
होगा और किसान समृद्ध बनेगा और समृद्ध
किसान देश की तकदीर बदल देगा मगर आप जानते
हैं एक तरफ राहुल गांधी ने बड़ा ऐलान किया

और दूसरी तरफ गोदी मीडिया इस पर पूरी तरह
से चुप है इसकी चर्चा भी नहीं कर रहा है
मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं चुनावी
मौसम है विपक्ष जो ऐलान करेगा क्या उसका
इसी तरह से ब्लैक आउट कर दिया जाएगा राहुल

गांधी ने य कहा जाए कांग्रेस ने इतना बड़ा
ऐलान किया और गोदी मीडिया पूरी तरह से
खामोश है यानी कि मकसद साफ है ऐलान अगर
कोई विपक्ष करे तो उसका पूरा ब्लैकआउट कर
दो ताकि देश की जनता तक वो बात ना

पहुंचे और देश की जनता तक कई और बातें
नहीं पहुंचाई जा रही हैं दोस्तों क्योंकि
एमएस स्वामीनाथन को तो प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न दे दिया मगर
उनकी बेटी क्या कह रही है दोस्तों मैं

आपको बतलाना चाहूंगा कि एमएस स्वामीनाथन
के सम्मान में एक समारोह दिल्ली में
बुलाया गया उनकी बेटी मधुरा जो है वह
वीडियो के जरिए जुड़ी और उन्होंने किसानों
के साथ जो बर्बरता की जा रही है जो

ज्यादती की जा रही है उस पर अपनी चिंता
जतला है उन्होंने क्या कहा मैं आपको पढ़
के सुनाना चाहता हूं किसान हमारे अन्नदाता
हैं यह अपराधी नहीं है हमें समाधान ढूंढने
होंगे किसान दिल्ली कूछ कर रहे हैं उन्हें

जेलों में डाला जा रहा है यह गलत है अगर
हम एमएस स्वामीनाथन की इज्जत करना चाहते
हैं तो हमें किसानों को साथ लेकर चलना
होगा हमें अपने भविष्य की हर योजना और

रणनीति में किसानों को साथ लेकर चलना होगा
यह कह रही है मधुरा स्वामीनाथन जो कि एमएस
स्वामीनाथन की बेटी हैं सुनिए कल उन्होंने
क्या कहा अंग्रेजी में है इसका मैं अनुवाद
पहले ही कर चुका हूं सुनते हैं आई वुड

लाइक टू जस्ट से वन
वड मोर
टुडे डॉक्टर ए के सिंह रिफर टू एस
अन्नदाता द फार्मर्स ऑफ पंजाब टुडे आ
मार्चिंग टू
दिल्ली आई बिलीव अकॉर्डिंग टू द न्यूजपेपर

रिपोर्ट देर जेल बी प्रपे फर देम इन
हरियाना देर बैरिकेड देर आर ल का थंगी न ू
प्रिवेंट फार्मर्स दे आर नॉट क्रिमिनल्स
आई रिक्वेस्ट ऑल ऑफ यू द लीडिंग साइंटिस्ट
ऑफ
इंडिया हैव टू टॉक टू आवर अन्नदाता वी कैन

नॉट ट्रीट देम एस क्रिमिनल्स वी हैव टू
फाइंड
सलूशन प्लीज आई दिस इज माय रिक्वेस्ट आई
थिंक इफ वी हैव टू
कंटिन्यू एंड ऑनर एम एस

स्वामीनाथन वी हैव टू टेक द फार्मर्स विथ
अस इन व्ट एवर स्ट्रेटेजी दैट वी आर
प्लानिंग फॉर द फ्यूचर थैंक यू और मैं
जानता हूं दोस्तों आप लोगों के जहन में
सवाल होंगे कि दरअसल एमएस स्वामीनाथन की

रिपोर्ट कहती क्या थी क्या थी उसकी
सिफारिशें क्योंकि इसको लेकर संघर्ष
लगातार चल रहा है किसान दिल्ली का कछ कर
रहा है उसे रोका गया मगर क्या है एम एस
स्वामीनाथन की रिपोर्ट ध्यान से सुनिए एक

एक शब्द पर गौर कीजिएगा मैं क्या कहने जा
रहा हूं क्या है एम एस स्वामीनाथन की
रिपोर्ट समिति ने न्यूनतम समर्थन मूल्य
यानी एमएसपी औसत लागत से 50 फीदी ज्यादा
रखने की सिफारिश की थी ताकि छोटे किसानों

को फसल का उचित मुआवजा मिल सके समिति का
कहना था कि किसानों की फसल के न्यूनतम
समर्थन मूल्य कुछ ही फसलों तक सीमित ना
रहे गुणवत्ता वाले बीज किसानों को कम
दामों पर मिले साथ ही आयोग ने जमीन का सही

बंटवारा करने की भी सिफारिश की थी इसके
तहत सरप्लस जमी जमीन को भूमिहीन किसान
परिवारों में बांटा जाना चाहिए आयोग ने
राज स्तर पर किसान कमीशन बनाने सेहत
सुविधाएं बढ़ाने और वित्त बीमा की स्थिति

मजबूत करने की बात कही आयोग की एक बड़ी
सिफारिश महिला किसानों के लिए किसान
क्रेडिट कार्ड बनवाना था साथ ही आयोग का
कहना था कि किसानों के लिए कृषि जोखिम फंड

बनाया जाए ताकि प्राकृतिक आपदाओं के आने
पर उन्हें मदद मिल सके असल में सूखा और
बाढ़ में फसल बुरी तरह बर्बाद होने के बाद
किसानों के पास कोई खास आर्थिक मदद नहीं
पहुंचती है बीज आदि में पैसा लगा चुका

किसान कर्ज में डूब जाता है और आत्महत्या
जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाता है यह
तमाम बातें एमएस स्वामीनाथन ने अपनी
रिपोर्ट में कही थी आप एमएस स्वामीनाथन को

भारत रत्न दे रहे हैं मगर क्या मोदी सरकार
उनकी बेटी मथुरा को सुनेगी क्योंकि
दोस्तों जो किसान के साथ हो रहा है वो
बहुत ज्यादती है और आप जानते हैं इस बार
जो किसान कूछ कर रहा है दिल्ली का वोह

पूरी तरह से गैर राजनीतिक है वो कह रहा है
ना हमारा भाजपा से कोई लेना देना है ना
कांग्रेस से कोई लेना देना है
इनफैक्ट पहले किसान आंदोलन के बाद जो
बड़े-बड़े

नेता उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा एं बढ़
गई थी आज की तारीख में वह आंदोलन का
हिस्सा नहीं है मसलन राकेश टिकैत योगेंद्र
यादव गुरनाम सिंह चढ इनमें से कोई भी

किसानों के साथ दिल्ली कुछ नहीं कर रहा
क्यों क्योंकि किसी ना किसी की कोई ना कोई
राजनीतिक महत्वाकांक्षा हैं यह सब आगे बढ़
गए हैं मगर यह किसान यह भी आगे बढ़ने की
कोशिश कर रहे हैं मगर उन्हें रोका जा रहा

है कल यानी मंगलवार को पुलिस कामयाब रही
किसानों को रोकने में किसान अब कह रहा है
कि हम फिर कोशिश करेंगे हम हार नहीं मानने
वाले हैं बहरहाल राहुल गांधी ने या ये कहा
जाए कांग्रेस ने जो घोषणा की है एमएस

स्वामीनाथन की रिपोर्ट की सिफारिशों को
लागू करने के संदर्भ में क्या यह चुनाव का
खेला पलट सकती है मैं चाहूंगा कि कमेंट
सेक्शन में आप लोग अपनी राय दें अभिसार

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