राहुल की भूल या...राहुल के इस दांव में बीजेपी फंस गई? - instathreads

राहुल की भूल या…राहुल के इस दांव में बीजेपी फंस गई?

क्या राहुल गांधी के बिछाए गए जाल में
भारतीय जनता पार्टी फस गई है या राहुल
गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
जाति का जिक्र करके जली लकड़ी पकड़ ली है
अब मैं नहीं जानता हूं कहावत क्या है

दोस्तों मगर जब से राहुल गांधी ने यह कहा
है कि प्रधानमंत्री जन्म जात ओबीसी नहीं
है गोदी मीडिया ने उनके खिलाफ जबरदस्त
प्रोपेगेंडा चला दिया है और कुछ न्यूज़
चैनल्स तो यह तक कह रहे हैं कि राहुल

गांधी के इस बयान की वजह से भारतीय जनता
पार्टी को 400 सीटें मिल जाएंगी
मगर राहुल गांधी क्या कह रहे हैं राहुल
गांधी ये कह रहे हैं कि जो बात मैं कहना
चाहता था वही बात बीजेपी ने कही है आपको

यह बात समझनी पड़ेगी कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के बारे में जो राहुल गांधी
ने बयान दिया उसके दो हिस्से थे पहला
हिस्सा राहुल गांधी यह कह रहे हैं कि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्म जात ओबीसी
नहीं और दूसरा हिस्सा कि बीजेपी सरकार ने
उन्हें ओबीसी बनाया यह दो हिस्से हैं अब
जो पहला हिस्सा है जिस इसमें राहुल गांधी

यह दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी जन्मजात ओबीसी नहीं है इस
मुद्दे पर राहुल गांधी ने बीजेपी को फंसा
दिया है और कैसे फंसा दिया मैं आपको बताता
हूं सबसे पहले मैं आपका ध्यान खींचना

चाहूंगा राहुल गांधी के इस बयान की तरफ
जिसमें वो दावा कर रहे हैं कि उनके बयान
में भाजपा फंस गई है वो क्या कह रहे हैं
मैं पढ़ के सुनाना चाहता हूं मोदी जी जन्म

से नहीं बल्कि कागजी ओबीसी हैं व अपने
जन्म के पांच दशक बाद तक ओबीसी नहीं थे
मेरे इस सच पर मोहर लगाने के लिए भाजपा
सरकार का धन्यवाद वो किस खबर का हवाला दे
रहे हैं आपके स्क्रीन्स पर भारतीय जनता

पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
जाति का सच देश के सामने साझा किया और
राहुल गांधी के दावे को झूठा करार दिया यह
खबर है मिंट की जिसका जिक्र राहुल गांधी
कर रहे हैं अब इस दावे में भारतीय जनता

पार्टी यह दावा कर रही है कि जब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के
मुख्यमंत्री बने थे उसके बाद उनकी जाति जो
है वह ओबीसी में नहीं आई थी बल्कि उससे
पहले ही जिस जाति से वह आते हैं वह ओबीसी

समुदाय में शामिल हो गई थी मगर वो तारीख
उनके जन्म के बाद बहुत बाद की तारीख है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म होता
है 1950 को यानी कि जो दावा कर रहे थे जो

बड़ा दावा राहुल गांधी कर रहे थे वो सही
साबित हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी जन्म जात ओबीसी नहीं है हां जो उनका
दूसरा दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी को भाजपा ने ओबीसी बनाया यह सही नहीं

है मगर जो पहला दावा है वह सही साबित हुआ
है मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा दोस्तों
दरअसल राहुल गांधी ने कहा क्या था सुनते
हैं दोस्तों मोदी जी कहते भाषण में
पार्लिमेंट

में एक सेकंड भैया मोदी जी पार्लिमेंट में
कहते
हैं ओबीसी वर्ग को भागीदारी की क्या
जरूरत मैं ओबीसी
हूं सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता
हूं नरेंद्र मोदी ओबीसी पैदा नहीं हुए

थे फर से सुनो नरेंद्र मोदी
जी सुनो भैया मैं बहुत गहरी बात बोल रहा
आपका लोगों का सब
भयंकर बेवकूफ बनाया जा रहा है सुनो आप
लोगों का भयंकर बेवकूफ बनाया जा रहा है

नरेंद्र मोदी
जी ओबीसी नहीं पैदा हुए थे नरेंद्र मोदी
जी टेलीकास्ट के गुजरात में व्यक्ति पैदा
हुए
थे उनकी कमटी को बीजेपी

ने
साल 2000
में ओबीसी बनाया आपके प्रधान मंत्री ओबीसी
नहीं पैदा हुए आपके प्रधानमंत्री जनर
कास्ट पैदा
हुए मुझे ब सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं
है पता मैं कैसे जानता हूं कि आपके
प्रधानमंत्री ओबीसी पैदा नहीं

हुए वो किसी ओबीसी से गले नहीं
मिलते वो किसी किसान का ऐसे हाथ नहीं
पकड़ते वो किसी मजदूर का हाथ नहीं पकड़ते
वो सिर्फ अधानी जी का हाथ पकड़ते

हैं और ये पूरी जिंदगी
में जाति जनना नहीं करेगा क्योंकि ये आपके
प्रधानमंत्री पूरे देश से झूठ बोल रहे हैं
ये ओबीसी नहीं पैदा हुए ये जनरल कास्ट के
आदमी है यह ओबीसी जाति जनगणना कभी नहीं
करने

देगा लिख के ले लो जाति जनगणना का काम
कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी करके
दिखाएगा अब सवाल ये उठ रहा है कि राहुल
गांधी तो ये दावा कर रहे हैं उनकी जीत हुई
है मगर दूसरी तरफ गोदी मीडिया ने राहुल

गांधी के खिलाफ एक जबरदस्त प्रचार चला
लिया है कई लोग यह भी कह रहे हैं कि राहुल
गांधी ने जली लकड़ी को पकड़ लिया है और
कांग्रेस के लिए मुश्किल पैदा कर दिए वहीं
दूसरी तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस कह रहे

हैं कि हम इस विवाद के जरिए जातीय मुद्दे
के आसपास राजनीति को लाने में कामयाब हो
गए हैं इस मुद्दे पर भी कामयाब हो गए हैं
कि किस तरह से जातीय जनगणना से भारतीय

जनता पार्टी बच रही है और बात वहां तक
सीमित नहीं है वह यह भी बता रहे हैं कि जो
दावा राहुल गांधी कर रहे हैं कि
प्रधानमंत्री जन्म जात ओबीसी नहीं है वह

भी साबित हो गई
है मगर जैसा कि आप जानते हैं दोस्तों इस
देश में प्रचार पर बहुत कुछ कुछ निर्भर
करता है और मैं आपको बतलाना चाहूंगा कि

गोदी मीडिया इस वक्त राहुल गांधी के खिलाफ
किस तरह का प्रचार चला रहा है एक-एक करके
आपके स्क्रीन्स पर सबसे पहले मुकेश अंबानी
का न्यूज़ चैनल पीएम की जाति पर फंस गई
कांग्रेस यानी कि चैनल ने पहले से ही

फैसला कर लिया है कि राहुल गांधी फंस गए
हैं दूसरा देखिए आचार्य प्रमोद ने जब खोली
राहुल की पोल कहां बिजी राहुल वो आचार्य
प्रमोद जो कांग्रेस के एक अवसरवादी नेता

हैं और इन्हें महत्व ना मिलने की वजह से
आज की तारीख में कांग्रेस को गरिया रहे
हैं अब यह जो है महान नेता हो गए गोदी
मीडिया के लिए आगे देखिए प्रधानमंत्री

मोदी पर राहुल का सबसे बड़ा झूठ का
पर्दाफाश सब न्यूज़ चैनल्स में देखिए हर
चैनल पर राहुल गांधी पर हमला किया जा रहा
है फिर देखिए राहुल गांधी चुनाव के समय
मंदिर जाते हैं प्रधानमंत्री मोदी की जाति

पर राहुल का दावा कितना सच मोदी की जाति
पर वार राहुल ने तय कर दिया अबकी बार मोदी
400 पार फिर देखिए राहुल गांधी पर आचार्य
प्रमोद कृष्णम का हमला आगे राहुल गांधी ने

जाति पर उठाया सवाल प्रधानमंत्री मोदी ने
दिया ऐसा जवाब तो आप देख सकते हैं कि हर
न्यूज चैनल इस वक्त राहुल गांधी पर हमलावर
है टाइम्स नाउ नव भारत की पापा की य परी

जनू धारी राहुल का मोदी पर जाति अटैक
क्यों तंस कसा जा रहा है राहुल गांधी पर
मोदी की जाति पर राहुल का इतना बड़ा झूठ
तो आप देख सकते हैं हर न्यूज चैनल एक तरह

से वही कर रहा है हर न्यूज चैन कहीं ना
कहीं राहुल गांधी पर हमला बोल रहा है कोई
इस बात की तरफ आपका ध्यान नहीं खींच रहा
है कि राहुल ने जो मुद्दा उठाया था कि

प्रधानमंत्री कागजी ओबीसी हैं यानी जन्म
जात ओबीसी नहीं है वो बात तो सही हो गई ना
वह बात किसी और ने नहीं खुद बीजेपी ने
साबित कर दी तो इस बात की ओर ध्यान क्यों

नहीं खींचा जा रहा है इस मुद्दे पर मेरी
क्या राय है दोस्तों कुछ देर बाद बताऊंगा
दरअसल हो क्या रहा है
दोस्तों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
राज्यसभा में और लोकसभा में राष्ट्रपति के

अभिभाषण पर वक्तव्य दिया और इस भाषण में
उन्होंने कई बातें कही सबसे शॉकिंग बात इस
भाषण में उन्होंने राहुल गांधी पर जबरदस्त
तंस कसा उन्होंने यह कहा कि राहुल गांधी

एक ऐसा स्टार्टअप है जो स्टार्ट ही नहीं
हो रहे उन्होंने यह तक कहा कि राहुल गांधी
पर लगातार तजुर्बे किए गए मगर वो जो है
आगे बढ़ने काना नाम नहीं ले रहे हैं तो एक
तरफ तो राहुल गांधी का मजाक और दूसरी तरफ

क्या हो रहा है कि राज्यसभा में भी राहुल
का नाम लोकसभा में भी राहुल का नाम और बात
वहां नहीं रुकती पंडित नेहरू पर पंडित
नेहरू पर प्रधानमंत्री गलत बयानी कर रहे
हैं और व कौन से दो गलत बयानी है दोस्तों

पहली बात उन्होंने यह कहा कि पंडित नेहरू
ने देश की जनता को आलसी बताया था और कम
अक्ल बताया था मैंने कल ही अपने शो में
आपको बताया था कि दरअसल नेहरू जी ने दरअसल
कहा क्या था सुनिए एक बार फिर कि नेहरू जी

ने कहा क्या था यहां पर नेहरू सिर्फ
भारतीयों को यह प्रेरणा दे रहे थे कि हम
यूरोप अमेरिका जापान की तरह मेहनत करें
उन्होंने क्या कहा एक एक शब्द पर गौर
कीजिएगा जब तक हिंदुस्तान के लाखों गांव
नहीं जागते आगे नहीं बढ़ते तो सिर्फ बड़े

शहर हिंदुस्तान को नहीं आगे ले जाएंगे वे
बढ़ेंगे अपनी कोशिश से अपनी हिम्मत से
अपने ऊपर भरोसा करके हमारे लोग अपने ऊपर
भरोसा करना भूलकर समझते हैं कि और लोग मदद
करेंगे मैं चाहता हूं कि लोग बागडोर अपने

हाथों में ले तरक्की नापने का एक ही गज है
कि कैसे हिंदुस्तान के 40 करोड़ आगे बढ़ते
हैं कौम अपनी मेहनत से बढ़ती है जो मुल्क
खुशहाल है वे अपनी मेहनत और अकल से आगे
बढ़े हैं हमारे हिंदुस्तान में काफी मेहनत

करने की आदत आमतौर से नहीं हुई है हम भी
मेहनत और अकल से बढ़ सकते हैं इंसान की
मेहनत से सारी दुनिया की दौलत पैदा होती
है जमीन पर किसान काम करता है या कारखाने
में कारीगर उनसे काम चलता है कुछ बड़े

अफसर दफ्तर में बैठकर दौलत पैदा नहीं करते
दौलत मेहनतकश लोगों की मेहनत से पैदा होती
है तो हमें अपनी मेहनत को बढ़ाना है यहां
पर कहीं पर भी नेहरू जी ने कम या आलसी
शब्द का इस्तेमाल नहीं किया मगर

प्रधानमंत्री ने कहा और बात वहां नहीं
रुकती प्रधानमंत्री ने यह तक कहा कि नेहरू
जी आरक्षण के खिलाफ थे जबकि आप जानते हैं
कि 1946 में जब संविधान सभा का गठन हुआ तो
उस वक्त बी आर अंबेडकर साहब उसमें नहीं थे
और उसमें नेहरू जी ने साफ तौर पर कहा था

कि वंचितों को हम पूरा संरक्षण देंगे और
यही नहीं हम यह ना भूले कि जो जाति के
आधार पर आरक्षण था वह 1950 में मिला 1956
में अंबेडकर साहब का निधन हो गया 1961 में
जब यह आरक्षण खत्म हुआ तो उसे रिन्यू किया

गया उसे दोहराया गया उस वक्त देश के
प्रधानमंत्री कौन थे नेहरू थे जिससे साबित
हो जाता है कि नेहरू उसके खिलाफ नहीं थे
मगर प्रधानमंत्री आधा अधूरा सच आधा अधूरे

बयानों का जिक्र करके इस मुद्दे को उठा
रहे थे
यह बात अलग है कि प्रधानमंत्री किस तरह की
गलत बयानिहान
चैनल नहीं कर रहा है
मसलन प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में क्या

कहा था कि इंडिया गठबंधन जो है वह उत्तर
और दक्षिण को बांटने की कोशिश कर रहा है
यानी कि देश को उत्तर और दक्षिण के बीच
बांटने की कोशिश कर रहा है और क्यों

क्योंकि कांग्रेस के मुख्यमंत्री या फिर
केरल के मुख्यमंत्री डेरा डाल रहे हैं
दिल्ली में ये शिकायत करते हुए कि हम
जितना पैसा टैक्स में देते हैं हमें उसके

हिसाब से पैसा नहीं मिल रहा अब सिद्धा
रामया या डी के शिवकुमार या पिनर विजयन
अगर यह बात कह रहे हैं तो वित्त मंत्री ने
पलटवार करते हुए क्या कहा कि कांग्रेस जो

है वह पृथक वादियों के साथ खड़ी है
सेपरेटिस्ट के साथ खड़ी है देश को बांटने
की कोशिश कर रही है मैं आपसे एक सवाल
पूछना चाहता हूं अगर कोई राज्य यह कह रहा
है कि हम जितना टैक्स देते हैं हमें उतना
पैसा नहीं मिल रहा है तो इसमें देशद्रोह

कहां से आ गया इसमें सेपरेटिज्म
मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब उन्होंने यही
बात कही थी तो मैं प्रधानमंत्री से सवाल
पूछना चाहता हूं जब आप इंडिया गठबंधन पर

यह आरोप लगा रहे हैं कि आप देश को नॉर्थ
वर्सेस साउथ में बांटने की को कोशिश कर
रहे हैं तो कृपया मुझे बताने की कोशिश
करें कि जब आप मुख्यमंत्री हुआ करते थे तब

आप भी तो वही बात करते थे ना कि गुजरात ने
इतना पैसा दिया है केंद्र को मगर हमें कुछ
नहीं मिल रहा है क्यों नहीं मिल रहा है यह
आपके शब्द थे मैं आपको सुनवा चाहता हूं कि
जब वो मुख्यमंत्री थे यानी कि नरेंद्र
मोदी जब मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने क्या

कहा था सुनिए भाइयों बहन ग वर्ष से गुजरात
की जनता 6 हज करोड़ रुपया दिल्ली तिजोरी
जमा करावे 6 हज करोड़
रुप अने साम गुजरात में
आवे 8000 10000
12000 अ

आप भाइयो बहन गुजरात भिखारी

से गुजरात
दिल्ली गुजरात दिली म जी
सके कांग्रेस मित्र री भाषा बंद
करो गुजरात में भिखारी च बंद करो गुजरात
अपमानित कर बंद करो तो उसका अनुवाद

दोस्तों मैं लगातार आपको नीचे दिखा रहा था
मगर मैं आपको फिर बतलाना चाहता हूं कि
प्रधानमंत्री ने क्या कहा था आपके स्क्रीन
पर भाइयों बहनों हर साल गुजरात की जनता 6

हज करोड़ रुपए दिल्ली की तिजोरी में जमा
करवाती है 6 हज करोड़ रुपए और सामने
गुजरात में आता क्या है 8000 10000 12000
और आप दो दो और दो क्या भाइयों और बहनों
गुजरात भिकारी है क्या गुजरात दिल्ली के

सामने भीख का कटोरा लेकर खड़ा है क्या
गुजरात दिल्ली की भीख ना मिले तो जी नहीं
सकता अब मुझे बताइए यहां तो प्रधानमंत्री
जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने गुजरात को
भिकारी बता दिया था या कम से कम यह कह रहे

थे कि क्या गुजरात भिखारी है
भिखारी शब्द का इस्तेमाल किया अब इसी बात
को लेकर अगर सिद्धा रमैया या पिनर विजयन
दिल्ली पहुंचते हैं तो आप उन पर

सेपरेटिज्म
दक्षिण में बांटने की कोशिश की जा रही है
तो यह दोहरे मापदंड
क्यों इन मुद्दों को मीडिया दरअसल क्यों

नहीं उठाता यह सवाल तो उठेगा ना अभिसार को
दीजिए इजाजत नमस्कार स्वतंत्र और आजाद
पत्रकारिता का समर्थन कीजिए सच में मेरा
साथी बनिए बहुत आसान है दोस्तों इस जॉइन
बटन को दबाइए और आपके सामने आएंगे ये तीन
विकल्प इनमें से एक चुनिए और सच के इस सफर
में मेरा साथी बनिए

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