'लट्ठ नहीं खोद मारनी है…'Farmer Protest के बीच DCP Ravinder Singh Tomar की निर्देश वाला Video Viral। - instathreads

‘लट्ठ नहीं खोद मारनी है…’Farmer Protest के बीच DCP Ravinder Singh Tomar की निर्देश वाला Video Viral।

खोद मारनी है लट नहीं मारने समझ गए हा
उससे आपसे दूरी बनी रहेगी और उसको चोट कम
से कम लगेगी और आईटीबीपी को हम
प्रैक्टिकली करके बता देंगे कि य खोद क्या

है जैसे जुगाड़ है ना भारत का एक य
हरियाणा की एक इन्वेंशन है खोज है खोद तोय
हमें बता देंगे हम आपको बाद में तो सुना
आपने हाथ में माइक थामे आईटीबीपी जवानों
और पुलिस को किस तरह से खोद मारने का

ज्ञान दिया जा रहा है अफसर साहब ये ज्ञान
इसलिए दे रहे हैं ताकि दिल्ली कुछ करने
वाले किसानों पर इनके जूनियर अफसर और
आईटीबीपी जवान प्रैक्टिकल प्रैक्टिस कर
सके किसानों को खोद मारने का ऑर्डर दे रहे

ये डीसीपी रविंद्र तोमर हैं डीसीपी साहब
जिस खोद मारने का इतना बखान कर रहे हैं
उसका मतलब हमारी और आपकी भाषा में क्या
होता है इसे हम बताएंगे लेकिन पहले एक बार
डीसीपी रविंद्र तोमर का ये पूरा बयान सुन

लीजिए खोद मारनी है लट नहीं मारने समझ गए
सर हां उससे
आपसे दूरी बनी रहेगी और उसको चोट कम से कम
लगेगी और आईटीबीपी को हम प्रैक्टिकली करके
बता देंगे कि ये खोद क्या है जैसे जुगाड़
है ना भारत का एक ये हरियाणा की एक

इन्वेंशन है खोज है खोद तो ये हमें बता
देंगे हम आपको बाद में डीसीपी साहब
बार-बार अपने आदेश में जिस खोद शब्द का
इस्तेमाल कर रहे हैं उनके मुताबिक वो खोद

एक हरियाणवी जुगाड़ है जिसमें लाठी से इस
तरह से मारा जाता है कि जिस व्यक्ति को
लाठी मारी जा रही हो उसे मारने वाला इंसान
ठीक ठाक दूरी पर खड़ा होता है और चोट भी
कम आती है और तो और खोद वाली मार में मार

पड़ने के बाद भी चोट के निशान नहीं आते अब
आपको इस वायरल बयान का पूरा कॉन्टेक्स्ट
भी बताते हैं दरअसल 13 फरवरी को किसानों
के दिल्ली कूछ के ऐलान को लेकर हरियाणा के
कैथल में करनाल रेंज के आईजी सतेंद्र

गुप्ता के साथ डीसीपी रविंद्र तोमर
तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे इसी
दौरान डीसीपी रविंद्र सिंह तोमर ने जूनियर
अफसरों और आईटीबीपी जवानों को खोद मारने
का ऑर्डर दे डाला जिसका वीडियो अब सोशल

मीडिया पर वायरल हो रहा है हालांकि यह कोई
पहली बार नहीं है जब इस तरह किसी अफसर के
बयान का वीडियो वायरल हुआ हो इससे पहले
2021 में इसी तरह करनाल के तत्कालीन
एसडीएम आयुष सिन्हा के बयान का एक वीडियो

वायरल हुआ था जिसमें वो पुलिस से कह रहे
थे कि अगर कोई भी सुरक्षा को तोड़ता है तो
उसका सिर फोड़ देना जो भी हो यहां से इससे
कोई भी नहीं जाएगा वहां इसी तरह का स्पष्ट
कर देता हूं सर छोड़ देना हां कहां सर

ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लिखित में बता रहा हूं
ल कोई डाउट सर मारोगे यस सर कोई जाएगा
इसको बीज करके सर सीध उठा उठा के मारना
पीछे कोई डाउट नहीं है कोई डायरेक्शन की
जरूरत नहीं है क्लियर है आप साल बदल गए

लेकिन कुछ अफसरों के तेवर और नजरिया नहीं
बदला बदली तो जगह भी नहीं 3 साल पहले
हरियाणा में ही किसान आंदोलन के दौरान
एसडीएम सिर फोड़ने की बात कह रहे थे और अब
3 साल बाद हरियाणा के ही कैथल में डीसीपी

रविंद्र तोमर खुद मारने का ऑर्डर दे रहे
हैं दिल्ली की ओर पूछ करते किसानों को
लेकर हरियाणा से लेकर दिल्ली की पुलिस
पूरी मुस्तैद नजर आ रही है 13 फरवरी को

हरियाणा के अंबाला का श बॉर्डर जंग का
मैदान बन गया यहां जमीन से लेकर आसमान तक
से आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे थे एक
के बाद एक हवाई फायरिंग हो रही थी एक तरफ
किसानों का जत्था था तो दूसरी तरफ पुलिस

का दलबल ऐसे संवेदनशील समय में जब एक
सीनियर आईपीएस अफसर पर कानून व्यवस्था को
दुरुस्त बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है
तो वो इस तरह की बयानबाजी करते हैं आप इस
वायरल वीडियो पर क्या राय रखते हैं हमें
कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए बाकी किसान

आंदोलन से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए
देखते रहिए द ललन टॉप ये तमाम जानकारी
आपके लिए लेकर आई थी हमारी साथी सुप्रिया
मैं हूं दिव्यांशी सुमरा बहुत बहुत
शुक्रिया

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