लाखों किसानों को सड़कों पर छोड़ विदेश में मौज उड़ाने वाले मोदी पर मीम्सने पर । - instathreads

लाखों किसानों को सड़कों पर छोड़ विदेश में मौज उड़ाने वाले मोदी पर मीम्सने पर ।

नमस्कार आदाब सत श्री अकाल जय भीम जोहार
मेरा नाम है नवीन कुमार प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत
बधाई वह पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं
केवल भारत के ही नहीं पूरी दुनिया के

जिसने अपने किसानों के रास्ते में गड्ढे
खुदवा दिए जिसने अपने परकोटे को बचाने के
लिए
सड़कों पर डबल इंजन की सरकारों में कीले
ठुक वा दी जिसने अपने किसानों पर ड्रोन से
जी हां आसमान से आंसू गैस के गोले बरसाए

जिसने अपने चेहरे को बचाने के लिए किसानों
पर तरह-तरह के जुल्म ढाए लेकिन अब उससे एक
कदम आगे बात चली गई भारतीय जनता पार्टी ने
किसानों को आतंकवादी कहा है जी हां भारतीय
जनता पार्टी के एक बहुत बड़े मंत्री ने

किसानों को आतंक फैलाने वाला बताया है
हरियाणा के होम मिनिस्टर और हेल्थ
मिनिस्टर कैबिनेट मंत्री अनिल विज
उन्होंने कहा है कि दरअसल यह किसान दिल्ली
में आतंक फैलाने जा रहे हैं और इसकी

मंजूरी नहीं दी जा सकती हालांकि ये नया
नहीं है पिछली बार भी भारतीय जनता पार्टी
और उसके प्रवक्ताओं ने और भारतीय जनता
पार्टी के दलाल पत्रकार ने किसानों को
खालिस्तानी आतंकवादी देशद्रोही साबित करने

में कोई कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन इस बार
तो खुल्लम खुल्ला खेल है भाजपा किसानों को
आतंक फैलाने वाला बता रही है अन्नदाता हों
को आतंक फैलाने वाला बता रही है धरती
पुत्रों को आतंक फैलाने वाला बता रही है

अनिल विज ने यह कहा है कि किसान दरअसल
दिल्ली को दहला चाहते हैं उनके शब्द हैं
कि किसान दिल्ली में बहुत बड़ा कांड करने
वाले हैं और इसलिए हम इसकी इजाजत नहीं दे
सकते हरियाणा के रास्ते से हम उन्हें

गुजरने नहीं देंगे उन्होंने कहा
कि जब वह चंडीगढ़ आए तो किसान नेताओं ने
उनसे बात करने से इंकार कर दिया जबकि ऐसा
नहीं है उन्होंने कहा मुझे हैरानी है कि

पंजाब सरकार ने एक नोटिस डारी कर हमसे कहा
हम अपनी सीमा पर ड्रोन ना भेजे उन्होंने
इसलिए कहा है कि आप ड्रोन से आंसू गैस के
गोले किसानों पर बरसा रहे हैं इसके बाद

क्या कहा जब किसान अमृतसर से आगे बढ़ने
लगे तो उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश भी
नहीं की क्यों रोके हाई कोर्ट ने कहा कि
रास्ता तो किसानों का भी है आप किसानों को

चलने से नहीं रोक सकते इसका मतलब साफ है
अनिल विज का स्टेटमेंट है वे चाहते हैं कि
किसान दिल्ली में आतंक फैलाए आज से पहले
नरेंद्र मोदी की डबल इंजन की सरकार से

पहले किसी भी नेता की ऐसी हिम्मत नहीं थी
कि वह किसानों को को आतंकी कहे आतंक
फैलाने वाला कहे उन्हें देशद्रोही कहे
लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने खुलेआम

किसानों को आतंक फैलाने वाला कहा है जो
गोले बरसाए जा रहे हैं वोह तो जाने ही
दीजिए जो कीले ठोक दी गई उसको तो जाने ही
दीजिए जो बड़े-बड़े

बोल्ड्स रख दिए गए सीमेंट के किसानों के
रास्ते में उसको तो जाने ही दीजिए लेकिन
अब आप किसानों को जो एमएसपी की मांग करने
न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग करने दिल्ली
आ रहे थे उनको आप आतंकी कह रहे हैं और

आईना किसने दिखाया है शर्म आनी चाहिए उन
लोगों को आईना किसने दिखाया आईना दिखाया
है भारत रत्न एम एस स्वामीनाथन की बेटी ने
जी हां हरित क्रांति के जनक एमएस

स्वामीनाथन को नरेंद्र मोदी की सरकार भारत
रत्न देने का ढोंग करती है और वही डबल
इंजन की सरकार किसानों की कमर पर कहर बनकर
टूटती है तो एमएस स्वामीनाथन की बेटी से

रहा नहीं गया उनका नाम है मधुरा
स्वामीनाथन इंडियन स्टेटस्ट इंस्टिट्यूट
बेंगलुरु में प्रोफेसर है उनसे रहा नहीं
गया बर्दाश्त से बाहर हो गया और उन्होंने

बाकायदा यह बात कही कि यह किसान है अपराधी
नहीं है आप इनके साथ बर्बरता से सलूक करना
बंद कीजिए आपको किसानों से बात करनी होगी
आप किसानों के साथ टॉक टेबल पर जाइए और
मुलायम के साथ उनकी बात सुनिए यह बात

किसने कही है एमएस स्वामीनाथन की बेटी ने
हरित क्रांति के जनक भारत रत्न एमएस
स्वामीनाथन की बेटी मधुरा स्वामीनाथन ने
और मधुरा स्वामीनाथन कोई साधारण महिला

नहीं है उनका बहुत बड़ा काम है किसानों पर
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उन्होंने
इकोनॉमिक्स में पीएचडी की है डॉक्टरेट की

उपाधि ली है और वेलफेयर इकोनॉमिक्स
कल्याणकारी अर्थशास्त्र पर उनका बहुत सारा
शोध निबंध ब है उन्होंने कहा है कि
किसानों के साथ बर्बरता हो रही है और यह

बर्बरता बर्दाश्त के लायक नहीं है आप किसी
के साथ इतना गंदा इतना घटिया सलूक नहीं कर
सकते लेकिन इससे आगे का सवाल यह है कि
मीडिया को शर्म कब आएगी टेलीविजन चैनलों
को शर्म कब आएगी कब आएगी

उन लोगों को शर्म जो पूछते हैं कि मोदी जी
आप आम काट कर खाते हैं या चूस कर खाते
व उन तारिका हों को शर्म कब आएगी जो पूछते
आप थकते क्यों नहीं है थकते इसलिए नहीं है

कि आप किसानों की कमर तोड़ डालते हैं जो
लोग भी अनाज खाते हैं जो लोग भी दूध पीते
हैं जो लोग भी मछली अंडा मांस खाते हैं
जिनको भूख लगती है वह तमाम लोग अन्नदाता

हों के कर्जदार हैं और उनको देखना चाहिए
कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन
की सरकारें अन्न दाताओं के साथ क्या लक कर
रही है न सवाल फिर वही मीडिया को शर्म कब
आएगी और यह सवाल इसलिए पूछना पड़ रहा है

कि एबीपी न्यूज के कैमरा पर्सन को पुलिस
ने घसीट लिया लाइव टेलीकास्ट में रविकांत
उनके बेहद संवेदनशील रिपोर्टर है रविकांत
लाइव दे रहे थे चैनल पर लाइव चल रहा था और
दो पुलिस वाले आते हैं और कैमरा पर्सन को
घसीटते हुए पीछे की तरफ ले जाते हैं काफी
दूर

तक और
रविकांत देखते रह जाते हैं ये हिम्मत
पुलिस वालों को कैसे मिलती है इतना ही
नहीं सतेंद्र सतेंद्र चौहान आज तक के
रिपोर्टर लाइव टेलीकास्ट में नेहा बाथम

एंकर थी लाइव टेलीकास्ट में बैठी हुई थी
और सतेंद्र को एक छर्रा लगता है और वो
चीखते हुए पीछे की तरफ भागते हैं कि नेहा
लगता है मुझे गोली लग गई है नेहा मुझे

लगता है गोली लग गई है हालांकि बाद में वो
छर्रा निकला लेकिन सवाल है कि पत्रकारों
पर छर्रा चलाने वाले कौन
क्यों नहीं आज तक कहता कि भारतीय जनता
पार्टी की सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है

हिम्मत नहीं होती आज तक जैसे चैनलों की
एबीपी जैसे चैनलों की या किसी भी चैनल
की लगातार किसानों का मान मर्दन किया जा
रहा है उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं भारतीय
जनता पार्टी की कठपुतलियों में तब्दील हो

चुके चैनल अब खुद ही खतरे के दायरे में है
उनके रिपोर्टरों को धकिया जा रहा है छर्रा
लग रहा है लेकिन ले आज तक नहीं कहता कि
किसानों पर गोलियां बरसाई जा रही है छर्रे

बरसाए जा रहे हैं रबर के बुलेट बरसाए जा
रहे हैं उन्हें घसीटा जा रहा है और अब यह
आंच मीडिया पर आ गई
है कब तक यह चुप्पी कब तक रहेगी यह सोचने
की बात है यह समझने की बात है क्योंकि जिस
तरीके

से चीजें आ गई है किसानों को दिल्ली
पहुंचने से रोका जा रहा है उसमें बहुत
सारी चीजें साफ हो रही है और मीडिया की
दलाली तो एक तरफ छोड़ दीजिए मीडिया जितना
दलाल हो चुका है भारतीय जनता पार्टी की

हुकूम तों का उतनी दलाली तो कोई कर ही
नहीं सकता यहां तक कि भाजपा के अपने लोग
भी नहीं कार्ल मार्क्स ने एक बार कहा था
थैंक गॉड आई एम नॉट
मार्क्सिस्ट तो आज भारतीय जनता पार्टी के

लोग कह रहे हैं कि शुक्र है भगवान मैं
भाजपाई नहीं हूं नरेंद्र तोमर उन्होंने
कहा कृषि मंत्री है भारत के दलाल मीडिया
को सुनना चाहिए कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर

ने कहा कि रास्ता बंद करने से कोई हल नहीं
निकलेगा जी हां केंद्रीय मंत्री है उन्हें
अंदाजा है कि इसका नतीजा क्या हो सकता है
यह
गुस्सा क्या करेगा चुनाव में इसलिए वह

कहते हैं नरेंद्र तोमर की रास्ता बंद करने
से कोई हल नहीं
निकलेगा बात होनी
चाहिए लेकिन बात कौन करेगा और किससे करेगा
सरकार के पास 2 साल तक वक्त था यही तो

किसान कह रहे हैं कि आप बात करने को राजी
नहीं है हम दिल्ली से चले जाते हैं और आप
चादर तानकर सो जाते हैं नरेंद्र मोदी
दबाकर खाते हैं और चाप कर सोते
हैं अभी वह कहां है नरेंद्र मोदी राहुल

गांधी के बारे में कहा जाता है ना कि जब
देश में बड़ी घटना होती है तो विदेश में
होते हैं यह तो नरेंद्र मोदी के साथ सच है
कि जब देश में बड़ी घटना होती है जब लाखों

लाख किसान सड़कों पर है जब हाहाकार मचा
हुआ है जब डबल इंजन की सरकारें किसानों पर
कहर बनकर टूट रही है तो प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी विदेश में मौज उड़ा रहे हैं
जी हां मौज मंदिर का उद्घाटन करने गए हैं

भारत को आधुनिक बनाने वाले धरती
पुत्र मंदिर क्या है मेहनत कश लोगों की
आत्मा जहां बसती है वहां मंदिर होता है
मंदिर है खेत खलियान मंदिर है तालाब और

बांध
मंदिर है वह जगह जहां मजदूर काम करते हैं
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए
मंदिर वह जगह है जहां वह घंटा हिला सकते
हैं इसलिए कि टेलीविजन चैनलों के लिए यह
बड़ा मुफीद होता

है मौज कर रहे विदेश में लाखों लाख
किसानों पर जुल्म को देख रहे हैं विदेश की
धरती पर बैठकर लेकिन क्या एमएस स्वामीनाथन
की बेटी ने जो कहा है उसको दरकिनार किया
जा सकता है और क्या अनिल विज के बयान को

दरकिनार किया जा सकता है कि किसान दरअसल
आतंक फैलाने दिल्ली की तरफ कूछ कर रहे हैं
उन लोगों को चुल्लू भर पानी में डूब मरना
चाहिए जो लोग किसानों को आतंक फैलाने वाला

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