शत्रु वैरी सर्व बाधा विनाशक महाकाली मंत्र || Shatru Nashak | Mahakali Mantra - instathreads

शत्रु वैरी सर्व बाधा विनाशक महाकाली मंत्र || Shatru Nashak | Mahakali Mantra

आपके जीवन से शत्रुओं का नामो निशान मिटा देगी महाकाली जी हां भक्तों अगर आप भी

किसी ंड मुंड या रक्तबीज जैसे दैत्य रूपी शत्रुओं से परेशान हैं तो मां काल रात्रि

के इस महामंत्र के प्रभाव से उन शत्रुओं को अपने जीवन से दूर करने में जरूर कामयाब

होंगे भक्तों मां काल रात्रि के इस मंत्र के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में चल रही

सभी बाधाएं और संकट क्षण भर में दूर होती है और सभी का में सफलता मिलने के साथ-साथ

सभी प्रकार के वैरी शत्रु से महाकाली मुक्ति प्रदान करती है इस महामंत्र

उच्चारण को सुनते समय शत्रु से मुक्ति पाने और अपनी सभी मनोकामनाएं की पूर्ति

हेतु मां कालरात्रि से विनती करते हुए मंत्र संख्या के अनुसार मंत्र उच्चारण को

पूरा बार सुने महाकाली आपके जीवन से सभी ंड मुंड और रक्त बीज जैसे शत्रुओं को

बहुत जल्द दूर करके आपके जीवन में खुशियां भर देंगे भक्तो ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व वाधा शमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अम वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल यति उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम लो खिलेश्वरी एव मेव

तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्र नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम लम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विनाश

ओम देवी काल रात्र नमः ज्वाला करालय उग्रम सेसा सुरसदन लम

पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा

प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी एव मेव तया

कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्रे नमः जवाला रालय उग्रम शषस रस दनम त्रिसुलम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

सखिले एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओ ओ देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम श सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना सनम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र कालीन तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एव मेया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रा

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्र

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसू दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे नमः

ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम त्रिसुलम पातु नो भते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सोनम शुलम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुल पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा

त्रैलोक्य अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सूर सनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम अम वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पान भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलो स खिलेश्वरी एव

मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विनाश

ओम देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कर ति उग्रम श सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पानो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

सखिले एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओ

देवी काल रात्र नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम श सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेसा सुरस दनम

त्रिसुलम पानो भीते भद्रकाली नमो तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य अखिलेश्वरी

एव वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओ

देवी काल नम ज्वाला करालय उग्रम शेष सर सोनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी

एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्र नमः ज्वाला कराल उग्रम सेसर सनम त्रिसुलम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते स वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्य ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विनाश ओम देवी काल रात्रे नमः

ज्वाला करालय उग्रम सेसर सोनम त्रिसुलम

पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा

प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी एव मेव तया

कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्रे नमः ज्वाला कराल उग्रम सेसर सोनम लपा नो

भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एव मेव

त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रसम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी एव

मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य अखिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम अम विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पानो ते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व

बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम

ओम देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्र

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम लम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओ

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम लम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी एवम

मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्र नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तु सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम श सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य अखिलेश्वरी

एव या कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या खिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओ देवी कालरा

नम ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सोनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्र

नमः ज्वाला कराल उग्रम शेष सुरस नम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसुलम पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व धा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे नमः

ज्वाला करालय उग्रम सेसर सनम त्रिसुलम

पातु नोते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा

प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी एवम मेया

कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्रे नमः ज्वाला कराल उग्रम शेष सुर

सोनम लंपा तु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम ममद वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम

त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विनाश ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल ग्रम शषस रस दनम त्रिसुलम

पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा

प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सरसो दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम दे काल रात्र

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम लम

पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा

प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्र नमः ज्वाला कराल उग्रम सुरस दनम त्रिसुलम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी

एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरसदन

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अस्मत वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम त् या कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र काली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्र

नम ज्वाला करालय उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स खिलेश्वरी

एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्र नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस

लम पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व

वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम लम

पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व

शमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम ममद वैरी विनाशनाम ओम देवी काल

रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम श सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी

एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम

देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम ममद वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे नमः

ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरस दनम त्रिसूलम

पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स अखिलेश्वरी एव

मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी

काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शेष सुरसदन

त्रिशूल पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्र

नमः ज्वाला करालय उग्रम शषस रसो दनम

त्रिसूलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसू दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम ममद वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव तया कार्यम ममद वैरी विना सनम ओम देवी काल रात्रे

नमः काला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुर सो दनम

त्रिसुलम पातु नो भी भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम

त्रैलोक्य स्या खिलेश्वरी एव मेव तया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल

रात्रे नमः ज्वाला करालय उग्रम सेसर सो दनम

त्रिसुलम पानो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व बाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अस्मत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शषस रसो दनम

त्रिशूल पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

खिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम ममद वैरी

विनाश ओम देवी काल रात्रे नमः ज्वाला कराल अति उग्रम शेष सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या

अखिलेश्वरी एवम मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला करालय य ग्रम शषस रस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्रकाली नमोस्तुते

सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य स्या अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी

विना शम ओम देवी काल रात्रे

नमः ज्वाला कराल अद उग्रम शशा सुरस दनम

त्रिसुलम पातु नो भीते भद्र का नमोस्तुते सर्व वाधा प्रशमनम त्रैलोक्य

स्या अखिलेश्वरी एव मेव त्वया कार्यम अमत वैरी विना शम ओम देवी काल रात्रे

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