शुक्रवार की सबसे शक्तिशाली महाकाली की अमृतधारा ~ सुनने से आपके शत्रु और विरोधियों का नाश होता है - instathreads

शुक्रवार की सबसे शक्तिशाली महाकाली की अमृतधारा ~ सुनने से आपके शत्रु और विरोधियों का नाश होता है

[संगीत]

पिया होती उनके वश में किसी भी पथ भी होना

भटके किसी की नैनों में ना खटके उन्हें

चिंता कभी सताती मंजिल उनके पास है आती

मंजिल उनके पास है आती

[संगीत]

श्रद्धा की पुष्पांजलि देते उनके करते हैं

रखवाली दक्षिण काली खोपरा वाली दक्षिणी

काली खबर वाली चरण कमल से जुड़ी

अंदर भाव हो सब की जानी खुदा खराब सब

पहचाने कोटा खराब सब पहचानी

[संगीत]

झूमा तुम्हारी मैन की अंडा वही है कण-कण

के अंदर अंदर मैन की आंखें खोलो रोम रोम

में उसे tatolu रोम रोम में उसे tatolu

[संगीत]

तारों से जब तार है मिलती जागती खवन हर

मिलती निष्ठा से तुम उसे पुकारो इधर उधर

नाटककार मोलू भर नॉट टक्कर मारो भ्रूण करो

संकल्प शक्ति उसे पर

रातों तुम सकती काली हरे की हस्त तुम्हारे

पाप भी होंगे नष्ट तुम्हारे पाप भी होंगे

नष्ट तुम्हारे

[संगीत]

मेहमानों उसकी मुझको तुम पहचानो उसकी मैन

मुझको तुम पहचानो

[संगीत]

भक्ति आरती खींचते रही क्या जीवन संग्राम

से डरना सांची लगन से अड़चन करना सांचे

लगन से अर्चन करना

[संगीत]

[संगीत]

रूप ये जब दिखला दी खुश भावों को दूर भगति

dushbhaabon को दूर भगति जिसकी

है सस्ती भक्तों पर

jivanday

है बेटी जागृति है

[संगीत]

ढोली भी है चंदन वहां की डोली भी है चंदन

गागर में सागर भारती झाड़ी में विस्को

अमृत करती

भावना से खुश होती उधर भड़ने को पूजन देती

उधर भरण को भोजन देते

[संगीत]

रोगी दुखी दर्द भारी सारी जब भी झुकते

इसके द्वार कुंदन होती उनकी आया लीला रचती

है महामाया लीला रचती है महामाया चामुंडा

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

[संगीत]

भूत हो जाता चिंतन ताकत के अपराध भी सारे

बेटी सुख के साधन सारे देश सुख के साधन

सारे

[संगीत]

कर्म से शिक्षित करती

हो पति है ये ज्ञान का दीपक जलती है

जान कभी जलती है ये

याद की शक्ति जागृत करती चमत्कारी अद्भुत

करती काली दास बजाओ वाली हमें बनाती शक्ति

शाली हमें बनाती शक्ति शाली सुख समृद्धि

की बेटी

harkaar में उन्नति देती तेरे करना किसी

का करती मंगलम

आरती मंगला मंगल हरि

[संगीत]

ताली सुधा काफी जो प्याला अंतर घाट में

हुई जालम उन्हें तिमिर ना दुख का खीर मस्त

वो रहती सांझ सवेरे मस्त वो रहते सज सवेरे

दुर्जन चोर निशाचर मारी दुर्बल की वहां

पकड़ के तारे शक्तिहीन को शक्ति देती

भाग्यवान को भक्ति देती

भाग्यवान को भक्ति देती

[संगीत]

[संगीत]

ज्ञान दिवाकर ही चमकते जान दिवाकर ये

चमकते

[संगीत]

पीछा शक्ति बबली करती

harkarj को सिद्ध है kartihin भावना कोई

मिटती निर्धन को धन्यवाद बनाती निर्धन को

धनवान बनाते

चाहिदशा कर हो कोई रास्ता मचा ही तो क्या

नहीं होता दमन की शीतल करती ज्वाला

अंधियारे में लेती उजाला

अंधियारे में देती उजाला

[संगीत]

यह महाकाली

महाशक्ति निर्बल को बाल सदा ही देती इसके

माला

जो मेरे

बनाए कभी एन

grenta है

[संगीत]

madhumat करना की विमल है

[संगीत]

तारे नैनों से रस गया

[संगीत]

परस्मानिया चरण कमल है जिन्हें जुबा के

जाती संभल है इस पार चलो आनंद गंगा जिसे

पैन करता रे कुसंग जिसे पैन करता रे कुसंग

मानव जो विश्वासम है वो ही तो

प्रकाशमे है उसे अंधेरा कभी एन घेरे उससे

उछाला munafere उससे उजाला होना फिर

[संगीत]

जो काली की मौज में रहती प्रेम तरंगों में

वह बेहतरीन किसी डागर पे वो नहीं डोल सुधा

सदा ही सच्चाई

सच की गोल जिसने मैन को saunpti नहीं उसको

किस बात का मैया जिसकी केवट मैन बन जाती

नव किनारा का हो जाती आपकी नाराजगी

[संगीत]

काजू तुम्हारी आस्था डोर पक्का रखना सौ

बारी फिर उसे पर रखना सवारी फिर उसे परखना

चिंतन से हर चिंता मिटती मैन में दुविधा

कोई ना रहती मैन के धुन में खोकर देखो कभी

तो उसके हो कर देखो कभी तो उसके होकर देखो

[संगीत]

श्रद्धा सुमन dwarpan कर डन फिर रतन से

चोली भर लूं महामाया की कहे ये माया बिन

सज था ना किसी ने पाया बिन श्रद्धा ना

किसी ने पाया भक्ति सागर में जो बहता उसे

संभव कुछ नहीं रहता

पाल में होती कंकर भी बन जाते मोती कंकर

भी बन जाते मोती

[संगीत]

क्रिस्टा खेल तमाशा पुरी करें हर मैन की

आशा पुरी करें हरमन की आशा काली मैन भवानी

पेशावरी के चरणों में जा

मैन से तू कभी श्रद्धा ज्योत जगाओ तुम पद

के पीछे ना भागो अंतर्मन के प्राणी जागो

मैन जो करती करने देना उसकी की का नंदलाला

उसके की नंद लेना

[संगीत]

परम मूलत का अनुभव होगा कुछ नहीं फिर तू

दुर्लभ होगा उसके रंग में रंग जाऊंगी कहीं

एन धोखा फिर खाओगे कहीं ना धोखा फिर

खाऊंगी

तो

हानिकारक होता

शिखर से तुम ना गिरना झूठ के काटो में ना

गिरना झूठ के काटो में ना गिरना

[संगीत]

दर्पण में pratibimbind हो जैसे मैन को

स्वयं देखो वैसी शराबी तुमसे दूर नहीं

मलिक है मजबूर नहीं

मलिक है मजबूर नहीं मैन मंदिर में रहती है

मखनो कभी क्या कहती है मुस्कान के होते

ठहरे हो तुम लोग की सागर गहरे हो तुम लोग

के सागर गहरे हो तुम

[संगीत]

माया लाठी से बाहर आओ प्रेम भाव की ज्योत

जलाओ एवं भाव की ज्योत जलाओ काली धुन में

खो जाऊंगी काली रूप ही हो जाओगे मैं और

तूफान भी मिटेगा आंखों से एक पर्दा हटेगा

आंखों से एक पर्दा हटेगा

[संगीत]

दुर्लभ नर टांडिया है जिसने ये उपकार किया

है जिसने

याचना उसकी गर्दिश की रचना उसकी कर दृष्टि

की जब वो जरा सह ते हिलती सार्थक को

सर्वस्व बनाती दुख के सब पर देती

दया का नहीं ढिंढोरा पीते दया को नहीं

ढिंढोरा पीते

[संगीत]

कष्ट क्लेश कभी के हर दिन कभी है इतना

किसी का करती ममता

का घर है मोह धर्म का दीप उजागर है मैन

धर्म का दीप पूजा घर है मानसर bhakshini

कलावती काया करें दिन रात

की करना की बरसात

कामधेनु सी कुछ भी मैंगो मर्यादा की रेखा

एन लाओ भारी हुए भंडार है मैन की अटक

रामपाल है मैन की कोटक रामपाल है मैन के

महा महाकाली बिगड़े काज सवारने वाली

बिगड़े

सवारने वाली

[संगीत]

पूजन रूपी सुधा में रहती भक्ति की संपदा

में रहती निष्ठा परम निवास है इसका फलदायक

विश्वास है इसका

आई मातंगी मंगला माता इसकी आज्ञा में

विधाता मनोज

था तब संतो की जाने श्रद्धा सब संतो की

जाने

[संगीत]

कामनाओं को पूर्ण करती चमत्कार संपूर्ण

करती शुक्र तनु के ढेर लगती भूली जग की

तंग पद जाती झोली जग्गी तंग पद जाती कल

भैरव की पूछता माता चामुंडा

अपराजिता माता पंकज पर झुकते तारे महाकाली

की खेलने वाली महाकाली के खेलने निराले

[संगीत]

जहां भी पवन चरण टीका की सोना हो जाती वो

माटी इसका जादू से चाड बोले इसका साथ कभी

ना डोले इसका साधक कभी एन डोल जब ही मैन

फैला दिखाई अंबर धरती पर ए जाए सूरज चंदा

हो जाए खाली

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