सरकारी स्कैम पर मोदी की चुप्पी , 2024 में महंगा पड़ेगा ! |Modi silent on government scam - instathreads

सरकारी स्कैम पर मोदी की चुप्पी , 2024 में महंगा पड़ेगा ! |Modi silent on government scam

दोस्तों शायद ही कोई विपक्षी पार्टी के
नेता होंगे जिन पर ईडी या सीबीआई या इनकम
टैक्स की रेड या कारवाई नहीं हो रही हो
लेकिन विपक्ष में हो रहे भ्रष्टाचार को
खत्म करने के साथ-साथ मोदी जी अपनी सरकार

पर लगे आरोपों को नजरअंदाज कैसे कर सकते
हैं आज एक-एक कर सभी भ्रष्टाचार की पोल
खोलूंगी जिस पर कोई बात कोई चर्चा नहीं हो
रही है 2024 चुनाव से पहले मोदी जी को इन
भ्रष्टाचार पर जवाब देना होगा जहां-जहां

डबल इंजन की सरकार वहां वहां भ्रष्टाचार
लाखों करोड़ का भ्रष्टाचार देश ने ऐसा
करप्शन इससे पहले नहीं देखा है लेकिन इस
पर चर्चा ना होने के कारण हमारी टीवी
मीडिया इस पर चर्चा ना करने के कारण सरकार

बचती हुई नजर आ रही है सरकार बच जाती है
तो आज दोस्तों मैं आपको बताऊंगी कि मोदी
सरकार को किन मुद्दों पर किन आरोपों पर और
किन भ्रष्टाचार पर जवाब देना होगा तो

वीडियो को अंत तक देखिएगा हमारे साथ बने
रहिएगा नमस्कार स्वागत है आप सभी का देश
नीति
पर देश नीति केवल सच्ची और पक्की खबरें
दोस्तों सीएजी कैग एक सरकारी ऑडिट संस्था
है जिसने पिछले कुछ समय से मोदी सरकार की

पोल पट्टी खोलके रखती है जिसमें सबसे बड़ा
घोटाला प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योज
योजना में धुआधार घोटाला हुआ है योजना के
लगभग 75 लाख लाभार्थी का मोबाइल नंबर एक
ही था यानी एक आदमी के नंबर पर 75 लाख

लोगों ने फायदा उठाया जमकर पैसा लूटा ऐसा
तो 75 लाख लोग करेंगे नहीं मतलब इसके पीछे
तो कोई और होगा कोई सरकारी आमला होगा या
कोई पदाधिकारी होंगे अब इस घोटाले में एक
और बड़ा खुलासा कुछ समय पहले कैक ने किया

था मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत
मुर्दों का इलाज भी हुआ था कैक की रिपोर्ट
में खुलासा हुआ था कि 447 मरीज जिनकी
अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही मौत हो
गई थी इन मरीजों के लिए करीब-करीब डेढ़

करोड़ की राशि क्लेम की गई थी एक ही मरीज
का एक ही समय में एक साथ कई अस्पताल में
इलाज किया गया रिपोर्ट के अनुसार 8000 से
ऊपर मरीजों का एक ही समय में एक साथ कई
अस्पतालों में इलाज करवाया गया यानी

घोटाला काफी बड़ा है और इसमें कहीं ना
कहीं सरकारी अमला नेता मंत्री शामिल हो
सकते हैं दोस्तों ये तो सिर्फ मध्य प्रदेश
की खबर है जो बाहर आई थी जिसके बारे में
कैग ने बताया था लेकिन ऐसे तमाम हो सकते

हैं ऐसे तमाम तरह के कांड जो है अलग-अलग
राज्य में हुआ है जिसका खुलासा नहीं हुआ
है लेकिन दोस्तों इस पर कोई कार्रवाई
क्यों नहीं हुई मध्य प्रदेश का चुनाव खत्म
हो गया लेकिन इस पर कोई बात नहीं हुई क के

इस खुलासे के बाद भी मोदी सरकार इस पर ना
तो कोई सफाई दी ना ही इस पर किसी तरह की
कार्रवाई के लिए उन्होंने आदेश दिया क्या
कैक की इस रिपोर्ट पर कोई भी गोदी पत्रकार
डिबेट किए थे नहीं किए थे सिर्फ देश नीति

ने आपको इस खबर को दिखाया था और तब भी
हमने इस मुद्दे को मैं उठाई थी कोई भी डबल
इंजन की सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत तो
रखता नहीं है ऐसे में इन भ्रष्टाचार पर
बात नहीं हुई जिस भ्रष्टाचार के खिलाफ

मोदी सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती हुई नजर
आती है वहीं भ्रष्टाचार आपकी आंखों के
सामने होता हुआ देख भी आप चुप है खामोश है
मानो साहब को पता ही नहीं है और सब कुछ
पता साहब को सिर्फ विपक्ष के बारे में है

सबसे बड़ी बात इस पर अभी तक दोस्तों जांच
शुरू ना होना दिखाता है कि इसमें सरकार की
मिली भगत जरूर है लेकिन ये तो बस एक नाम
है एक अ खबर मैंने आपको बताई कि एक
भ्रष्टाचार के बारे में एक स्कैम के बारे

में मैंने आपको बताया ये कई तरह के
स्कैम्स है जिसके बारे में सरकार बात ना
करती है ना सफाई देती है और ना ही इस पर
किसी तरह की कार वाई अभी तक शुरू हुई है
कैग ने डबल इंडियन सरकार की भ्रष्टाचार की

एक और पोल खोल दी थी कैग ने अपने रिपोर्ट
में कहा था कि करीब करीब 30 किलोमीटर लंबे
द्वारका एक्सप्रेसवे की लागत यानी कॉस्ट
जो है उसे लेकर के कैग ने एक बड़ा खुलासा
किया था कैग ने भारत माला परियोजना के

पहले चरण के जो काम हुए थे उस पर अपनी
ऑडिट रिपोर्ट में कहा था कि भारतीय
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार बोर्ड जो कि
नितिन गडकरी का जो क्षेत्र है जो उनकी
मिनिस्ट्री है परिवहन मिनिस्ट्री उसके

अंडर आता है उसमें द्वारका एक्सप्रेसवे को
प्रति किलोमीटर 50 करोड़ रुपए की सिविल
कॉस्ट के साथ इसकी मंजूरी दी गई थी जबकि
संसद की आर्थिक मामलों की जो कैबिनेट
समिति है उन्होंने प्रति किलोमीटर लागत जो

है वो सिर्फ 188 करोड़ रुपए के हिसाब से
इसे बनाने की स्वीकृति दी थी फिर 250
करोड़ प्रति किलोमीटर कैसे संभव है यानी
इस प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य राशि
14 गुना ज्यादा जदा कीमत जो है इसमें लगाई

गई और सरकार यह जो कीमत है यह जो लागत है
यह जो कॉस्ट है सरकार अपने जेब से नहीं
देती सरकार का अपना खजाना मतलब टैक्स पेयर
का पैसा बीजेपी अपनी पार्टी फंड से इस
पैसे को जो है अ सरकारी कामकाज में नहीं

लगाती यह पैसा जो है जिसे 18 करोड़ प्रति
किलोमीटर के हिसाब से बनाना था उसे 250
करोड़ प्रति किलोमीटर के हिसाब से अगर
बनाया गया तो उसमें खर्चा जो किया गया वह
टैक्स पेयर के पैसे से हुआ है यानी एक

बड़ा घोटाला जो रास्ता 8 18 करोड़ प्रति
किलोमीटर के हिसाब से बन सकता था उसे 250
करोड़ प्रति किलोमीटर के हिसाब से क्यों
बनाया गया मतलब एक्सप्रेसवे लगभग
525 करोड़ में बनके तैयार हो जाता उसे

बनाने में सरकार ने 7500 करोड़ खर्च किए
रफेल घोटाला याद आ रहा होगा कि आंख कान
खोल के सुन लीजिए और समझ लीजिए आज आपके
पास टमाटर खरीदने का पैसा नहीं है क्योंकि
इतनी महंगाई है लेकिन आपके टैक्स के पैसे

से देश का भला नहीं हो रहा आपका भी भला
नहीं हो रहा सिर्फ आपके आपके आंखों में
धूल झोंका जा रहा है भला ऐसे
कांट्रैक्टर्स से पैसा कमाने वाले नेताओं
और बिचौलियों को हो रहा है नफरत हिंसा की

आग में देश को झोक कर किस तरह से आपके साथ
धोखा हो रहा है इसे समझिए मध्य प्रदेश में
किस तरह से कमीशन लेकर के सरकारी नेता
अपना काम कांट्रैक्ट कांट्रैक्ट जो है व
पास करवा रहे हैं इस पर प्रियंका गांधी ने

अ मध्य प्रदेश चुनाव से पहले उन्होंने
सवाल उठाया था लेकिन उस पर कोई बातचीत
नहीं कोई बातें नहीं कोई जानकारी आपको
नहीं दी जाती है आप सवाल उठाते हैं हमारे
जैसे पत्रकार सवाल उठाते हैं कैग की

रिपोर्ट सामने आती है आरटीआई में खुलासा
होता है नीति आयोग आयोग कुछ कहती है उसके
बाद भी सरकार ना सफाई देती है ना तथ्य को
सामने रखती है ना फैक्ट्स बताती है सिर्फ
कह देती है कि यह रिपोर्ट झूठी है यह

रिपोर्ट फेक है और बात वहीं पर खत्म हो
जाती क्योंकि इस मुद्दे को आगे कोई ना
बढ़ाता है ना इस पर चर्चा होती है जिस
भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए मोदी जी
सत्ता पर आए थे आज वो खुद ही उस

भ्रष्टाचार से देश को बर्बाद करने पर क्या
नहीं तुले हुए हैं यह सवाल मैं इसलिए पूछ
रही हूं क्योंकि आगे मैं आपको और घोटालों
के बारे में मैं आपको बताऊंगी जिसका
खुलासा मैंने नहीं किया है खुद भाजपा के

विधायक ने किया है और कैग की रिपोर्ट में
यह खुलासा हुआ है कि सिर्फ ये दो
एक्सप्रेसवे और आयुष्मान घोटाला नहीं ऐसे
तमाम घोटाले किए गए पिछले 5 सालों में
जिनका कोई हिसाब किताब देने को मोदी सरकार
तैयार नहीं है जिन सरकारी योजनाओं को

प्रधानमंत्री जनता की सेवा के लिए लेकर के
आए उसमें इतना बड़ा घोटाला क्या
प्रधानमंत्री में हिम्मत है कि जांच का वह
आदेश दे भारत माला प्रोजेक्ट की बीडिंग
प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा हुई उसको तो आप

छोड़ दीजिए उस पर तो बात नहीं की जा रही
है द्वारका एक्सप्रेसवे को जिस तरह से 18
करोड़ प्रति किलोमीटर के हिसाब से बनाना
था जिसे 250 करोड़ प्रति किलोमीटर के
हिसाब से बनाया गया उसमें कितनी ज्यादा

कॉस्टिंग पड़ी होगी यह आप समझ रहे होंगे
आयुष्मान भारत योजना के तहत किस तरह से
फर्जीवाड़ा हुआ वह भी आप अच्छे से जानते
होंगे इसके अलावा टोल नियमों का उल्लंघन

एनएचएआई ने गलत तरीके से यात्रियों से 132
करोड़ रए वसूले क रिपोर्ट में इसका भी
पिछले साल यानी 2023 में खुलासा किया गया
लेकिन 2024 चुनाव कुछ ही महीनों में होने
वाला है और उससे पहले सरकार इस पर सफाई

नहीं दे रही है गृह मंत्रालय में
भ्रष्टाचार हुआ दोस्तों जी हां अमित शाह
का मंत्रालय सीवीसी की जो वार्षिक रिपोर्ट
है जो एनुअल रिपोर्ट है उसमें बताया गया
कि गृह मंत्रालय को उसके अधिकारियों के
खिलाफ

46000
466 43 शिकायतें मिली है 46000 शिकायतें
मिली है दोस्तों जहां पे कहा गया कि
अधिकारियों ने लाखों करोड़ रुपए की वसूली
की है जिसमें कमीशन खोरी भी शामिल हैं

इसमें सरकारी मंत्रियों पर भी आरोप लगा कि
सब अपना-अपना कट्स जो है रखते हैं यह
खुलासा सीवीसी करने के बाद भी सरकार इस पर
खामोश रही ना गृह मंत्रालय ना ही होम
मिनिस्ट्री ना ही अमित शाह ना ही नरेंद्र

मोदी सामने आकर के इस बारे में एक भी शब्द
कहे आज भी वह सिर्फ नेहरू पर बात करते हुए
नजर आते हैं दोस्तों इसके बाद क्या होता
है कैग के जिन ऑफिसर्स ने जिन अधिकारियों
ने इस रिपोर्ट को ऐसे तमाम रिपोर्ट्स को

सार्वजनिक किया जहां यह कहा गया कि
नरेंद्र मोदी की सरकार में भ्रष्टाचार हुआ
है लेकिन उस पर कार्रवाई करने के बजाय
सरकार ने क्या किया कि जिन्होंने इसका
खुलासा किया उन कैग ऑफिसर्स की उन तमाम

सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर करा दी
जाती है इस तरह कारवाई होती है क्या अब
मैं आपको ध्यान कर्नाटक पर आकर्षित करना
चाहती हूं आपका ध्यान जरा कर्नाटक पर
दीजिए दोस्तों क्योंकि वहां डबल इंजन की

सरकार रही और किस तरह का भ्रष्टाचार
भाजपाई सीएम ने करी है उसका एक बड़ा
खुलासा कुछ समय पहले हुआ कोरोना महामारी
के दौरान पूर्व सीएम बीएस युद्र पपा की
सरकार ने 0000 करोड़ रपए खर्च किए विजयपुर

विधायक बसंत गौड़ा पाटिल यतना जो कि भाजपा
के ही विधायक है और सीटिंग एमएलए हैं
उन्होंने यह खुलासा कुछ समय पहले किया कि
युद्र पपा ने
₹5000000
का भुगतान करवाया वह भी किराए पर लिया गया

था ऐसे में भाजपाई सीएम पर भाजपाई विधायक
ने खुद 0000 करोड़ रुपए घोटाला करने का
आरोप लगाया यतना ने यह भी कहा था चोर तो
चोर होते हैं मुझे परवाह नहीं कि वह मेरी
पार्टी सेता तालुकात रखते हैं वो सीएम रहे
उन्हें नोटिस जारी करके और मुझे पार्टी से

निकाल के मेरे खिलाफ कार्रवाई करना अगर
किसी को है तो करने दीजिए मैं उनकी असली
तस्वीर दिखा दूंगा और मेरे पास और भी
एविडेंस है लेकिन ना इसके बाद भी ना तो
बीजेपी सरकार ना डबल इंजन की सरकार जबकि

अभी कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है
केंद्र को इसमें दखल अंदाजी देने की जरूरत
थी ईडी को इस पर कारवाई करनी थी देश में
जब देश जब महामारी के प्रकोप से जूझ रहा
था उस समय एक सिटिंग अ चीफ मिनिस्टर किस
तरह से घोटाला कर सकता है यह आगे चलके

कितना आप इसे उदाहरण के तौर पर हमेशा
दिखाओगे कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार
में इस तरह का भ्रष्टाचार हुआ है वो भी
कोविड के टाइम
में अब इस पर सरकार नरेंद्र मोदी और
स्वास्थ्य मंत्रालय किसी तरह की सफाई देने

से इंकार करती हुई नजर आई जरा सोचिए
दोस्तों सरकार ने इस पर सफाई नहीं दी ना
ही युदरा पपा के खिलाफ कोई जांच कमेटी
बनाई गई ना ही ईडी ने कोई कार्रवाई शुरू

करी अब बीजेपी सरकार मोदी सरकार पर लगे
आरोपों पर सफाई कौन देगा सरकारी संस्था जब
सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल देती है
तब उस पर जा जांच अब तक शुरू क्यों नहीं
हुई इस पर कोई सवाल जवाब नहीं क्या सरकार

सो रही है क्या ईडी को सिर्फ विपक्ष पर
कारवाई का आदेश दिया गया क्या नेशनल
मीडिया खड़े-खड़े तमाशा देख रही है और
मुजरा करती हुई नजर आ रही है यह सवाल देश
नीति बेझिझक होकर बेबाक होकर बेखौफ होकर
पूछता रहेगा और 2024 चुनाव से पहले इन

घोटालों के बारे में इन आरोपों को आरोपों
के बारे में सरकार को जवाब देने की जरूरत
है सफाई देने की जरूरत है क्योंकि कैग एक
ऐसी संस्था है कैग ने जब-जब अपना मुंह
खोला है जब-जब सरकार की पोल पट्टी खोली है

चाहे वो ूजी स्पेक्ट्रम घोटाला हो या कोई
सा भी घोटाला हो जो कांग्रेस के कार्यकाल
में हुआ है कैग ने जबजब मुंह खोला है तब
तक तब तब सरकार गिरी है लेकिन इस बार कैग

के ऑफिसर्स की तबादला हो जाती है उनका
ट्रांसफर करा दिया जाता है यह दिखाता है
कि सरकार कुछ ना कुछ जरूर छिपा रही है सच
को दबाने की कोशिश कर रही है और दाल में
कुछ तो काला जरूर है दोस्तों इस वीडियो को

मैं चाहूंगी कि आप आगे फॉरवर्ड करें ताकि
यह वीडियो सरकार तक पहुंचे अमला तक पहुंचे
नेताओं तक पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी
की सरकार 24 चुनाव से पहले उन पर लगे
आरोपों का जो है एक हां से सफाई दे इसके

लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करें आप अपनी राय
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ताकि ऐसी तमाम खबरों को ऐसे तमाम खुलासों
के लिए देश नीति इसी तरह से सरकार से सवाल

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जर्नलिज्म को बहुत बहुत शुक्रिया जय हिंद
जय भारत

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