सवारी खुलकर क्यू नही आती - instathreads

सवारी खुलकर क्यू नही आती

को खुलकर क्यों नहीं आती आपने देखा होगा

कई बार माता बहनों के साथ ऐसा होता है कि

वह जागरण में जुट जाते हैं किसी चौकी पर

जाते हैं किसी सिद्ध स्थान पर जाते हैं तो

उनके ऊपर सवारियां जाती हैं माता काली की

सवारी आ जाती है वह मोहन राम की सवारी आ

जाती है महबूबा की सवारी आ जाती है या

पांच बावरियों या अन्य कोई भी देवी देवता

जो कि ग्रामीण देता है जिंदगी सवारी आती

उनके सवार हमको आ जाती है क्योंकि

उन्होंने बहुत पूजा-पाठ की है

सवारी आप जाती है पर वह मुंह नहीं खोलते

आपको भी प्रश्न करोगे वह बोलेगी नहीं आप

कुछ पूछोगे वह बोले कि नहीं साथ ही जगह

आती है अपनी मर्जी से आती हैं अपनी मर्जी

से चली जाती हैं दैनिक जागरण में आई है

उसके बाद में फैली खूब खेली है उसके बाद

में कुछ देर बाद वो शांत हो जाते हैं या

फिर वहां पर बैठे जो भी भगत होते हैं जो

मंगेशकर का आप करते हैं माता से प्रार्थना

करते हैं मतलब शांत हो जाओ तुम्हें का

शांत हो जाती है कुछ बोलती नहीं है तो ऐसा

क्यों होता है कि सवारियां तो गई है पर

बोल नहीं रही आप चाहिए वह खुलकर नहीं बोल

रही क्या कारण होते हैं कि सवारी बोलती है

कि सबसे पहले तो मैं आपको एक बात बता दूं

कि सवारी जिन लोगों के ऊपर आती है वह बहुत

भाग्यशाली होते हैं क्योंकि कोई भी देवी

देवता हैं

मैं आपको चलते हैं ना कि आप उनको चुनते

हैं अगर वह आपको चलते हैं अपनी सवारी के

लिए इसका मतलब है कि आपके द्वारा वह आपके

घर का कल्याण करना चाहते हैं समाज कल्याण

करना चाहते हैं इसलिए आपके ऊपर सवारी आती

है तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो महीनों से

सालों से पूजा पाठ कर रहे हैं जो

नवरात्रों के नो दिन व्रत करते हैं माता

के फिर भी सवारी नहीं आती जो पेट बोलियां

परिक्रमा लगाते हैं जो पेट पेट के बल

परिक्रमा लगाते हैं उनके दरबार में जाते

हैं जब भी सवारी नहीं आती पर कुछ लोग ऐसे

होते हैं जो दिल्ली की पूजा पाठ करते हैं

और उनके ऊपर सवाया जाती हैं और सवारी आने

के बाद धीरे-धीरे माता ही या फिर वह देवी

देवताओं का रास्ता भी खोलने शुरू कर देते

हैं उनको संग रास्ता दिखाना शुरू कर देते

हैं वह क्या करना है आगे कैसे करना है

गुरु धारण से लेकर गंध लगावे तक के रास्ते

वह अतिसंयोक्ति हैं तो कारण क्या होता है

कि सवारी बोलती नहीं है

कि आज मुनि कारणों के बारे में आपको मैं

बताऊंगा फिर सवारी बोलती क्यों नहीं है

कुछ भी प्रश्न करते तो उसका उत्तर क्यों

नहीं देती अगर आप पहली बार चैनल पर है तो

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पहला जो कारण है कि सवारी बोलते हैं वह

पहला कारण होता है कि सवारी से अपने वचन

नहीं है जब भी कोई सवारी आए तो उससे वचन

जरूर लें कोई व्यक्ति कोई भगत ऐसा हो जो

में बैठा हो तो उससे बच्चन जरूर ले

क्योंकि ऊर्जा जो शरीर में आती है तो

सामने कोई व्यक्ति है जिसके अंदर पर्याप्त

मात्रा में ऊर्जा है तो वह जवान रहती उस

ऊर्जा से पूछ सकता है

है तो वह सवारी वचन जो आप लेते तो सवारी

में बोलना शुरू कर दूसरा कारण होता है

गुरु का ना होना कई बार आपने देखा होगा

गुरु जब तक नहीं होंगे सवारी आती हैं

बोलती नहीं आती है बोल नहीं पर जैसे ही

उद्धार हो जाता है वैसे यह सवारी खोल कर

आना शुरू हो जाती हैं और खुलकर आती हैं

आपके प्रश्नों का उत्तर देती है आपको पूछा

कि देती हैं कई बार पूछा नहीं देती सवारी

आ रही है माता की प्रो पूछा नहीं देती

इसका कारण क्या होता गुरु ना होना क्योंकि

जब तक गुरु नहीं है तब तक वह शक्ति बोलती

है ना पूछा देती है कई बार ऐसा भी होता है

कि गुरु नहीं है पर वह पूछा देती है वह

बता देती है तेरा यह हो जाएगा कई बार कई

लोगों को फल दे दिया जो मतलब बेटे बेटे का

फल दे दिया कि फिर भर जाएगी पर होता क्या

उस समय पर जो भी शक्ति आ रही है पहले तो

पूर्ण रूप से नहीं आते पूजा से नहीं आती

हैं हैं जो कि आना चाहिए दूसरी बात जब तक

वचन में नहीं होती है जब तक गुरु का डोरा

उसके साथ नहीं होता उसके गले में नहीं

होता तब तक वह सही पूछा नहीं देखी कुछ

बातें गलत हमें कुछ सही होंगी फिर इससे

क्या होगा अगर आप गंदी लगाना शुरू करेंगे

कि इन लोगों के साथ ऐसा कई बच्चे ऐसे करते

हैं कि वह माता की सवारी आई और वह यदि

लगाना शुरू कर दिया फिर वह पूछा जो ले रहे

हैं तो कुछ गलत बता रहे कुछ सही बात बताइए

सामने वाला व्यक्ति जो है वह सोच रहा है

कि यार यह क्या है फिर आप की बदनामी होती

तो इसलिए सबसे पहले और गुरु धारण जरूरी है

वह चलना जरूरी है शक्ति देते दूसरी अगली

बार जो है वह देवता के स्थान पर ना जाना

नहीं जिसकी भी सवाल ये आपके ऊपर आती है यह

सभी देवी-देवता की सारी आपके ऊपर आती है

अगर आप उनके स्थान पर नहीं जाते तो भी

सवारी मुक्त नहीं खुलती मुंह नहीं खोलती

वचन नहीं करती ना ही खुलकर आती है तो

दूसरा कारण यह होता है चौथा कारण होता है

पूजा के नियमों का पालन न करना जो भी

पूजा-पाठ इस बीच में पूजा छोड़ देते हैं

या फिर आप नॉन वेज खा लेते हैं शराब पी

लेते हैं सवारी की कृपा आपके ऊपर है और

सवारी चाहती है कि वह आपके माध्यम से

संसार का भला करें पर आप उसमें विलंब में

डाल देते हैं लेकिन आप उसमें डाल देते हैं

सवारी आपको अपनी पर्याप्त मात्रा में

ऊर्जा प्रदान करना चाहती हैं तो आप क्या

करते हैं कभी आप नुस्खा देते हैं कि आप

शराब पी लेते हैं तब आपको यह छोड़ देते

हैं कब तक उस तरीके से पूजा नहीं करते

कबीरा पवित्र रहे हो जाते हैं तो ऐसी

स्थिति में यह सवाल है वह भी पिछड़ जाती

है और वह जो सवारी है जो पिछड़ते फिर वह

भी सोचने लगे कि इस व्यक्ति इसको छोड़कर

कहीं और जाना चाहिए अगर किसी और के माध्यम

से इस संसार का भला करना चाहिए तो बहुत

महत्व माता कि जो नियम आपने बनाई है उन

नियमों का पालन जरूर करें निराहार होकर

पूजा करें तामसिक चीजों का पूर्ण रूप से

परहेज करें माता के स्वरूप की पूजा करें

बाबा का अगर कोई स्वरूप है कोई देवता है

तो उनके स्वरूप को फैंस उनके चरणों में

खुद को समर्पित करें और और उसे प्रार्थना

करें कि जो भी गलती आपसे उस गलती क्षमा

करें और आप पर अपनी अनुकंपा बनाए रखें तो

आप की सवारी है वह खुलकर आएगी और वह बच्चन

भी करेंगे और बोले कि तो यह जानकारी के

सवारी खोलकर क्यों नहीं आती क्यों वचन

नहीं करती क्यों अच्छा नहीं देती तो मुझे

यह जानकारी आपको पसंद आई होगी अगर आप पहली

बार हमारे चैनल पर है तो वीडियो के नीचे

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और अहमद भाई तक यह जानकारी और लोगों तक है

और लोगों को इसका फायदा उठा मैं बाहर जा

से विनती करता हूं कि बाबा कृपा करें आपके

घर पर कृपा करें आप की झोली से भरते

रहेंगे तमाम मनोकामनाएं आपके पूर्ण करें

हम मिलते हैं एक नई जानकारी के साथ तब तक

के लिए ओम नमः शिवाय ओम नम शिवाय ओम नम

शिवाय

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