सवारी वाले व्यक्ति को किन किन नियमों का पालन करना चाहिए - instathreads

सवारी वाले व्यक्ति को किन किन नियमों का पालन करना चाहिए

कि अगर आपके ऊपर भी किसी देवी-देवता की

सवारी आती है या फिर आप किसी देवी-देवता

की सवारी प्राप्त करना चाहते हैं तो कुछ

नियमों का पता होना बहुत जरूरी है मिनट

नियमों के पालन के ना तो सवारी आती है

किसी व्यक्ति के ऊपर और सवारी आने के बाद

अगर वह व्यक्ति उन नियमों का पालन ना करें

तो वह सवारी आना बंद हो जाती है कि सवारी

ईएस जब किसी व्यक्ति के शरीर में आती है

तो उस व्यक्ति का शरीर देव तुल्य हो जाता

है और उस व्यक्ति को अपना शरीर देवताओं की

तरह पवित्र रखना होता है देवताओं की तरह

नियमों का पालन करना होता है जिसके कारण

वह सवारी सदैव उसके पास रहती है और उसकी

बात मानती है और जिस तरीके से चलाना चाहता

है उस शक्ति को उस तरीके से वह कार्य करती

है तो कौन से नियम हैं उन नियमों के बारे

में आज मैं आपको बता दूं से पहले बता दूं

अगर आप पहली बार हमारे चैनल पर तो आपके

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पहले आपको प्राप्त हो लेकिन सवारी जो है

वह दो तरीके से आपको प्राप्त होती है एक

होता है गुरु के माध्यम से गुरु के माध्यम

से आपको तो ट्रांसफर कहते हैं गुरु अपनी

ऊर्जा को आपके अंदर ट्रांसफर करता है और

दूसरा होता है आप की सेवा से आप की पूजा

से प्रसन्न होकर सवारी आपके शरीर में

ऐसा होता है कि आपको कोई गुरु नहीं

अब गुरु नहीं की गई तो वह लोग अधिकतर धोखा

खाते हैं सकती है नहीं और

गुरु नहीं तो वह सब को सही तरीके से नहीं

चला पाते और शक्ति को खो बैठते हैं

क्योंकि कोई में में मार्गदर्शन करने वाला

उनको बताने वाला कोई नहीं होता कि कैसे को

लांघ

कर अंजाने में ग्रुप के नियमों का पालन

नहीं करते और नियमों का पालन नहीं कोट

सवारी को खो बैठते और फिर साधना मंत्र जाप

जगह भटकते हैं ताकि वह सवारी उनके ऊपर आ

जाए तो कौन से नियम हैं उन नियमों के बारे

में आपको बता दूं सबसे पहले अगर आपके ऊपर

है जिसका पालन करना वहां पवित्र

आपको अंदर और बाहर दोनों तरीके से

पवित्रता का ध्यान रखें जैसे यह धोकर ही

पूजा करनी है कपड़े साफ सुथरा होने चाहिए

साथ-साथ आ

पवित्र होना चाहिए होना चाहिए कि आप किसी

अन्य व्यक्ति के लिए की भावना रखें आप

अपने दिमाग में किसी अन्य व्यक्ति के लिए

लड़ाई झगड़े की फिर उसके गर्भ में रखिए

उसके

अंदर से और बाहर से दोनों तरफ से इतर आपको

रहना होगा दूसरा जो नियम है उसका पालन

करना होगा वह भोग देना है की सवारी वाले

व्यक्तियों को देवता को भोग जरूर देना

होता जिन पर माता काली की सवारी आती है

विशेषकर उनको समय पर भोग एवं बहुत आवश्यक

है जो समय अपने निर्धारित कर रखा है उस

समय पर अपने देवता को सवारी को भोग जरूर

दें

है तीसरा नियम है गुरु का सम्मान गुरु का

सम्मान बहुत महत्व है कभी भी गुरु

पुर्णिमा जो आए तो गुरु का सम्मान जरूर

करें मैं आपसे जो भी बने ऐसे गुरु

पूर्णिमा पर जो गुरु का सम्मान किया जाता

है तो उसमें वस्त्र होते हैं फल होते हैं

मिठाई होती है कुछ दक्षिणा होती है तो आप

अपने सामर्थ्य के अनुसार गुरु का सम्मान

करें गुरु का कभी भी अपमान बिल्कुल न करें

सवारी अगर आपको गुरु से प्राप्त हुई तो इस

चीज का ध्यान रखें कि वह सवारी पहले गुरु

आज्ञा का पालन करेगी पहले वह गुरु आज्ञा

का पालन करेगी उसके बाद जो आपकी बात मान

जाएगी क्योंकि गुरु के द्वारा वह आपको

प्राप्त हुई है तो इसीलिए कभी भी गुरु का

अनादर ना करें आपके गुरु अगर आपके सामने

हो या ना हो अपने गुरु का सम्मान ही करें

अपमान का भी ना करें चौथा जो नियम है वह

माता-पिता

लोगों की सेवा करना माता-पिता के अगर आप

सेवा करते हैं तो आप तितरम प्रसन्न हो

जाते हैं और माता पिता के चरणों में ही

जन्नत होती है कोई भी देवी देवता जब तक

पसंद नहीं हो सकता जब तक आपके माता-पिता

से पसंद नहीं है घर में मां बेटी है वह कि

बाहर भंडारा लगा रखा तो कभी भी देवता

प्रसन्न नहीं होते कभी वन पर्सन नहीं होते

तो माता-पिता की सेवा सबसे आगे होती है

माता-पिता की सेवा आपको करनी होगी तभी वह

देव प्रसन्न होंगे चौथा जो नियम है वह है

कि किसी भी लड़की को माता और बहन के नीचे

से देखना है हैं जो आपके ऊपर आपके शरीर पर

ऊपर सवारियन शुरू हो जाते तो देव तुल्य

आपका शरीर हो जाता है तो आपको एक साधु

योगी की तरह अपना जीवन व्यतीत करना होता

है इस संसार की मोह-माया को त्यागना होता

है मतलब होता है जो आज के समय में आपके

मस्तिष्क में बहुत सारे लोग अपने दिमाग

में लेकर चलते हैं माता बहने की

भावना को त्यागना होगा

सभी को और बहन की नजर से देखना है

जो यह

घ्रणा है का सूतक यह बच्चा पैदा हो पाता

जो किसी की मृत्यु मृत्यु भोज जिसे कहते

हैं आपको दोनों का ही भोजन आपको नहीं करना

होगा आप जान सकते हैं उसके बाद गुंजन

सिन्हा सकते हैं पर भोजन आपको नहीं करना

होगा अगला नियम है झूठ ना बोलें कभी भी आप

झूठ ना बोले कि जो आपके ऊपर सवारी आती तो

आपकी वाणी सिद्ध हो जाती है और आप अगर झूठ

बोलने की कोशिश भी करते हैं तो कवर आपके

साथी गलत हो जाता है और आप पछताते हैं

आपके साथ ऐसा हो जाता है कि आपको रोना आता

है आपका समय में ऐसा क्यों बोला तो आपको

सच ही बोलना है

हैं अगले नेम है वह किसी से भी आप गलत

शब्दों का उपयोग ना करें गूगल शब्द का

मतलब होता है यह आपके ऊपर सवारी आती है और

सवारी आने पर आपकी जो चक्र है वह जागृत

होने शुरू हो जाते हैं आपके वाणी सिद्ध

होने शुरू हो जाती है तो आपके मुख से

निकला एक हबीबी एक वरदान होता है आशीर्वाद

के रूप में आपके मुख से निकला एक शब्द वह

बद्दुआ होती है अगर आप किसी से गलत बोलते

हैं तो और दोनों ही चीजे सत्य होती हैं

ध्यान रखना एक जो सवारी वाला व्यक्ति होता

है जिसके ऊपर देवी या देवता की सवारी आती

एक साधन जरूरत है उसकी बातें बहुत जल्दी

सकते हैं तो ऐसा ना हो कि आप किसी से कुछ

गलत बोल प्रिंट बैठें और फिर वह चीजें

वापिस आए वह अब आप को वापस न ले पाएं हेलो

कैसे उड़ जाते एक्सीडेंट हो यह वह तो वह

चीज सकते हो जाती है यह शक्ति

आपके शरीर के उन अंगों को सत्य करने लगती

है

कि यह शक्ति चलेगी आप के अनुसार चलती है

और जब आप उसको चलाना चाहते हैं तो आप उसे

जो आज्ञा देते हैं करो उसका रख कर देते इन

चीजों का ध्यान रखें अगला जो नियम है वह

तमाम चीजों का परहेज की चाहिए कई लोग

कमेंट में पूछते हैं यह हम उनकी सेवा करते

हैं क्या मंगलवार छोड़कर तमाम चीजों का

सेवन कर सकते थे कि मैं तो अपनी तरफ से

बिल्कुल भी आप कोई नहीं करूंगा कि आप

तानसिक चीजों का सेवन करें चाहे आप एक

भूली छोड़कर गए हैं पूरे हफ्ते में एक दिन

करें जैसे भी क्योंकि जीव हत्या जीव हत्या

हैं

बाकी ऐसे भी वक्त मेरे देखे हैं जो माता

काली के भगत है ऐसे भी मदद देखिए जो कि

लगाते हैं पर वह मंगल और शनि परहेज करते

हैं इनके ऊपर तेज माता की सवारी आती है और

वह मतलब नो में जो है वह खाते हैं तो किसी

के बारे में किसी के लिए बोलूंगा मैं इसे

भी बोलूंगा कि हां जो सत्य है कि तामसिक

चीजों का परहेज होना ही चाहिए और लास्ट

में जो नियम है वह पितरों की सेवा आपको

पितरों के सेवक अभिनय छोड़ने अगर आपके ऊपर

सब में कार्यरत कि पितृ ही होते हैं जो

सवारी के आगे चलते हैं अगर मित्र नाराज हो

गए तो सवारी कमी नहीं आ पाएगी और पितर

हमारे घर के ही देवता होते हैं जैसे कि

पितृपक्ष चल रहा तो सवारी वाले व्यक्तियों

के लिए महत्वपूर्ण है कि वह पितृपक्ष के

दिन पितरों का समुचित सम्मान करें पितरों

का भोग निकाले पितरों को स्नान कराएं

जितना हो पाए पितृपक्ष में पितरों की सेवा

करें क्योंकि पितृपक्ष में पितृलोक से

आक्रमण करते हैं हमारे घरों में और उनके

अगर व्यवस्था है बैठने की व्यवस्था है

वहीं व्यवस्था तो प्रसन्न होते हैं ना वह

जाते हैं तो इन नियमों का पालन करते तो

कभी भी आपके ऊपर सवारी आ सकती है और अगर

आप है तो आपके ऊपर से सवारी नहीं जाएगी और

से वह सवारी सदैव प्रसन्न रहेंगे तो मैं

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बाबा भोलेनाथ आपका कृपा करें आपके घर पर

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लिए ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय ओम नमः

शिवाय ओम

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