सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही वकीलों ने 22 तारीख के लिए कर दिया बड़ा ऐलान! | - instathreads

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही वकीलों ने 22 तारीख के लिए कर दिया बड़ा ऐलान! |

अभी आप लोगों ने कल इलेक्टोरल बंड्स का
ऑर्डर देखा सुप्रीम कोर्ट यह फैसला देने
के लिए अपने आप को एंपावर्ड या ताकतवर
महसूस इसलिए कर पाई क्योंकि जनता जो देश
की सबसे बड़ी अदालत है वह सड़कों पर आ गई

कल एक बहुत बड़ी जीत हुई है और अब उससे भी
बड़ी जरूरत इस देश में यह है चाहे जितने
भी आंदोलन अभी चल रहे हैं उन सबसे यह
सरकार डरने वाली नहीं है क्यों क्योंकि
इसे लोगों के वोट नहीं चाहिए इसे ईवीएम के
माध्यम से वोट मिलते हैं तो अगर हम लोग

ईवीएम देश की जनता जो अब ईवीएम से चुनाव
नहीं चाहती थोड़ी ताकत लगा के थोड़ी मेहनत
करके अगर हम लोग आगे बढ़ के ईवीएम को हटवा
लेंगे पेपर बैलेट से चुनाव कराएंगे तो देश
भी मजबूत होगा देश का संविधान मजबूत होगा

देश की सीमाएं मजबूत होंगी हर घर खुशहाल
होगा इसलिए 22 तारीख को जो उदित राज साहब
ने इतनी मेहनत करके और सब लोगों को एक साथ
लाकर बड़ा कदम उठाया है तो इसको ऐतिहासिक
ऐतिहासिक बनाने के लिए हम सभी से अपील
करते हैं खास तौर पर कमजोर लोगों से कमजोर

से मजलूम से क्योंकि सबसे ज्यादा नुकसान
डेमोक्रेसी कमजोर होने का उन्हीं को होने
वाला है सभी कमजोर जो मजलूम हैं या इंसाफ
पसंद लोग हैं 22 तारीख को पूरी ताकत लगा
के जंतर मंतर पर सुबह 11 बजे से आए और हम

उस दिन कुछ निर्णायक फैसले लेंगे और
निर्णायक कदम उठाएंगे उसमें सभी लोग शामिल
हो धारा 144 दिल्ली पुलिस जो है वह गैर
कानूनी तरीके से लगा रही है कोई धारा 144

लगाने का कानूनी प्रावधान है
नहीं नागरिकों की आर्टिकल 19 की आवाज
उठाने की क्षमता को कम करने के लिए जो
धारा 144 लगाता है कोई तो वह अपराध होता
है कानूनी रूप से सुप्रीम कोर्ट ने इसे

साफ तौर पर मना कर रखा है तो यह अपराध
करने वालों के खिलाफ हम कानूनी कारवाई
करेंगे कोई धारा 144 कानूनी है ही नहीं तो
क्या प्रोग्राम हो पाएगा सर उसमें
प्रोग्राम 100% होगा हर प्रोग्राम होंगे
100% होंगे दिल्ली पुलिस से हम गुजारिश भी

करते हैं निवेदन भी करते हैं और उनको एक
तरीके से आगाह भी करते हैं कि यह गैर
कानूनी काम करना बंद करें कोई ऐसी धारा
144 जंतर मंतर पर जहां प्रोग्राम हो रहा
है वहां धारा 144 नहीं लगाई जा सकती अक्सर
देखने को मिला एक दिन पहले ही कैंसिल हो
जाता है प्रोग्राम दिल्ली पुलिस की तरफ से

अक्सर ऐसा ही होता है हर बार भी आपने देखा
होगा क्या हुआ बाहर दो लोग खड़े होकर बात
कर रहे थे और अक्सर
दिल्ली पुलिस के लोग अपनी गलती मान के
वहां से भाग जाते हैं जैसे कल आप रात में
रात को आपने फिर देखा और जिस दिन वह

प्रोग्राम की परमिशन जो झूठी परमिशन होती
है या गलत गैर कानूनी परमिशन देने की
कोशिश करते हैं वह कैंसिल करते हैं उसके
अगले दिन उससे बड़ा प्रोग्राम होता है
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया जिसको भारत के
संविधान
ने यह जिम्मेदारी दी है कि वह फ्री फेयर
एंड ट्रांसपेरेंट चुनाव कराए निष्पक्ष
चुनाव

कराए लेकिन जिस तरीके से ईवीएम के द्वारा
ईवीएम के भरोसे पर मोदी जी बड़े मजबूती के
साथ कह रहे हैं कि 370 सीटें बीजेपी को
मिलेंगी और पूरे एनडीए को 400 सीटें
मिलेंगी तो इतनी मजबूती से बात रखने का यह

विश्वास मोदी जी में या बीजेपी के नेताओं
में आता कहां से है मैं समझता हूं यह
विश्वास उनके अंदर ईवीएम से आता है और
ईवीएम को से चुनाव कराने की जिद्द इलेक्शन
कमीशन ऑफ इंडिया कर रहा है और वह इसलिए कर
रहा है क्योंकि इलेक्शन कमीशन ऑ इंडिया के
गठन के लिए जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय

ने व्यवस्था दी थी कि तीन सदस्य समिति जो
इलेक्शन कमीशन का गठन करेगी उसमें देश के
प्रधानमंत्री विपक्ष के नेता और तीसरे
इंडिपेंडेंट जो होंगे वह मुख्य न्यायाधीश
होंगे भारत के लेकिन मोदी जी ने संसद के
माध्यम से जिस तरह उस स्थिति को बदल दिया

एक बिल लाकर और आज दो सदस्य केंद्र सरकार
के एक देश के प्रधानमंत्री जी एक कानून
मंत्री जी और तीसरे सदस्य विपक्ष के नेता
यानी बहुमत में बीजेपी के दो प्रधानमंत्री
जी और कानून मंत्री मिलक इलेक्शन कमीशन का
गठन करेंगे जिसमें एक चीफ इलेक्शन कमिशनर
और दो इलेक्शन कमिश्नर्स तो जिनको वह बना

रहे हैं वो उनके अपने मन पसंद वाले
पसंदीदा लोग हैं तो वह तो उन्हीं के सारे
पर काम करेंगे इसीलिए इलेक्शन कमीशन ऑफ
इंडिया वह जिद पे अड़ा है कि वह ईवीएम से
चुनाव कराएगा बैलेट पेपर से नहीं कराएगा
जबकि यह इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की
जिम्मेदारी बनती है कि वो देश के वोटर का

भरोसा कायम करें देश के वोटर को ईवीएम पर
भरोसा नहीं है और आज हम कह देना चाहते हैं
पूरे देश के लोगों से 22 तारीख को जो यह
ईवीएम के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन की तैयारी
जंतर मंतर पर है उसके बाद 25 को भी है

पीछे 31 तारीख को भी थी उससे पहले भी थी
हम लगातार और कल नागपुर के अंदर भी है
महाराष्ट्र के अंदर तो पूरे देश के अंदर
इस मूवमेंट को बहुत तेजी से लेकर जा रहे
हैं तो 22 तारीख को जो उतराज जी के प्रयास

से और बाकी सब साथियों के प्रयास से जो 22
तारीख को हो रहा हम आहवान करते हैं सभी
साथियों से कि 22 तारीख को अपने वोट की
कीमत को बचाने के लिए ईवीएम को हटाने के
लिए और बैलेट पेपर वापस आने के लाने के

लिए आप सब लोग जंतर मंतर जरूर पहुंचे हम
आपसे निवेदन करते हैं क्योंकि जो न्याय
पसंद लोग हैं जो सामाजिक न्याय में भरोसा
करते हैं उन लोगों को अपनी वोट की वैल्यू
का पता है और वोट की वैल्यू मुझे लगता है
कि मोदी जी को इसलिए आपकी वोट की कोई कदर
नहीं है क्योंकि वो तो उन्हें आपकी वोट

चाहिए नहीं वो तो ईवीएम से चुनाव जीतने के
भरोसे बैठे हैं लेकिन इस बार हम किसी भी
हालत में ईवीएम से चुनाव होने नहीं देंगे
लेकिन इसके लिए जरूरी है कि यह पूरे देश

का एक जन आंदोलन जो बन गया है ये और
मजबूती से आगे बढ़े इसके लिए आप लोग 22
तारीख को आइए ताकि हम ईएम को हटवाने में
कामयाब होए और बैलेट पेपर वापस लाने में
कामयाब हो सकें पूरा नागरिक समाज एनजीओ

कांग्रेस एनसीपी सीपीआई सीपीएम आरजेडी
समाजवादी पार्टी एक खुला मंच यानी य सब का
मंच ईवीएम हटाओ मंच
किसी एक का निजी नहीं है सबका के तरफ से
22 फरवरी को जनत मंतर पर
ईवीएम से चुनाव ना होने के लिए एक बहुत

बड़ा प्रतिरोध रैली हो रही
है सभी कांग्रेस
के श्री दिग विजय सिंह समाजवादी पार्टी से
संभवत अखिलेश यादव जी और
सीपीआई से डी राजा जी और सीपीएम से
सीताराम अचूरी जी शरद पवार जी माले से

माले से दीपांकर भट्टाचार्य जी और केरल
के के के एम
किसान केपी सॉरी उनको केपी कहते हैं सांसद
एक पार्टी के ये सब लोग इकट्ठा हो रहे
इससे बेहतर मौका आम नागरिक को बहुजन समाज

के लोगों को धर्म निरपेक्ष लोगों को नहीं
है
कि आखिरी करें इस लड़ाई को इतनी संख्या
में यहां
आए चंद्रमा और मार्स पर मशीन को जमीन से
नियंत्रण किया जाता है तो ईवी को हैक करना
कोई मुश्किल की बात नहीं दुनिया के सभी

देश जो एडवांस जितने एडवांस है उन्होंने
सबने ईवीएम को हटा दिया है बैलेट पेपर से
चुनाव होता है तो 22
फरवरी की जो आगाज है ईवीएम हटाओ मोर्चा की
तरफ से मैं फिर से कह रहा हूं यह सबके लिए
ओपन है किसी एक का निजी नहीं है चकि कॉमन
कज है देश का काज है पूरे देश से लोग आ

रहे
हैं भारी संख्या में आए
किसानों से के समर्थ की मांगों का हम
समर्थन करते हैं हम किसान से भी समर्थन
मांग रहे हैं उन्होंने भी ईवीएम के खिलाफ

बयान दिया
है हम उनका भी आवाहन कर कर रहे हैं कि वह
भी आएंगे
अगर नहीं ईवीएम हटी तो 400 के पार जो
बीजेपी कह रही है उसके बाद ना संविधान
बचेगा ना डेमोक्रेसी बचेगी ना अ संख्यक

 

बनेंगे और लोगों को मारा जाएगा काटा जाएगा
अभी मस्जिदें तोड़ी जा
रही
लोग मदरसे तोड़े जा
रहे बुलडोज किए जा रहे हैं घर बुलडोज कि
नौकरियां छिन जा रही है और नौजवानों से
खासतौर से जब व ईवीएम से

जीतेंगे तो फिर नौक नहीं देंगे इसलिए
नौजवान अगर नौकरी चाहता तो ईवीएम के ईवीएम
हटाओ आंदोलन का हिस्सा भी बने वरना उसको
नौकरी नहीं मिलेंगे सरकार ईवीएम की होगी
डिक्टेटरशिप इस देश में लागू हो गई है

करीब
करीब य सारे नागरिक समाज की जिम्मेदारी
बनती है तो मैं यही आवाहन कहूंगा करूंगा
अन्य संगठनों से भी कि बा फरवरी को जंतर
मंतर पर भारी से भारी संख्या में पहुंचे
कोई किसी को दावत दे या ना दे यह सब अपना
मान कर के आए वहां पर यह सबके हित की बात

है देश की हित की बात है मैं फिर से
धन्यवाद करूंगा मोहम्मद महमूद पचार जी का
और राजेंद्र पाल गौतम जी का
कि अब जितने
बहुजन जनाधार के लोग हैं सब इकट्ठा हो रहे

हैं संभवत पहली बार ऐसा प्रयास हो रहा है
बावन मेश्रम जी जब य तारीख तय करी गई थी
तो इसके बुनियाद में वो थे तो हम देखते
हैं कि पूरा देश का मोमिन का फिर से
ध्रुवीकरण हो रहा है और इसका परिणाम जरूर
निकलेगा धन्यवाद भारत के संविधान में

मौलिक अधिकार देश के लोगों को मिले हैं और
संविधान से अलग जितने भी बाकी एक्ट हैं यह
दिल्ली पुलिस एक्ट में धारा 144 लगाते हैं
दिल्ली पुलिस एक्ट भारत के संविधान के ऊपर
नहीं है कोई भी दूसरे राज्य का बनाया

कानून या कोई भी दूसरा कानून देश के
संविधान के ऊपर नहीं है संविधान हमें यह
इजाजत देता है कि हम अपनी बात को
स्वतंत्रता पूर्वक रखें और जंतर मंतर पूरे
देश का वह मंच है जहां से अपनी बात को अ
फंडामेंटल राइट का इस्तेमाल करते हुए
संवैधानिक तरीके से

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