सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंची ED, सरकार से बचाने की गुहार.? #Supremecourt - instathreads

सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंची ED, सरकार से बचाने की गुहार.? #Supremecourt

ईडी ने लगाई है सुप्रीम कोर्ट में गुहार
अत्याचार कर रही है सरकार जी हां आपने
वीडियो का थंबनेल देखा होगा हेडिंग देखी
होगी विषय भी कुछ ऐसा ही है विषय कुछ अलग
नहीं है विषय भी ऐसा ही है कि ईडी सुप्रीम

कोर्ट पहुंची है गुहार लगाई है और कहा है
सरकार अत्याचार कर रही है मनमानी कर रही
है इस पर रोक लगाएं और हमें बचाएं ताजा
मामला जिसका हम डिस्कस कर रहे हैं इसको
जानने के लिए आपको वीडियो में अंत तक बने

रहना है और वीडियो को स्किप नहीं करना है
आगे पीछे करके नहीं देखना है तो आइए शुरू
करते हैं आज का वीडियो का आखिर क्या हुआ
है कि ईडी को सुप्रीम कोर्ट में गुहार
लगानी पड़ रही

है आपको याद होगा तमिलनाडु में ईडी
अधिकारी जिनका नाम तिवारी है उनको पकड़ा
गया था 20 लाख रप की रिश्वत ल रंगे हाथों
लेते इनको पकड़ा गया था और जब उ इनको

पकड़ा गया तमिलनाडु पुलिस ने इनको
गिरफ्तार किया मैं नाम बता दूं इनका पूरा
अंकित तिवारी इनका नाम है 20 लाख की
रिश्वत लेकर के रंगे हाथों पकड़े गए थे

तमिलनाडु पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया था
तब से इन पर तमिलनाडु पुलिस जांच कर रही
है और ये लगातार तरफ से जेल में बने हुए
हैं ईडी का नाम आते ही आप लोगों के जहन

में सवाल आता होगा कि 2014 से पहले कभी
ईडी सुना नहीं और 2014 के बाद ऐसा हुआ है
कि ईडी दिमाग से जा नहीं रहा जी हां चाहे
वो दिल्ली की जनता द्वारा चुनी गई आम आदमी
की सरकार हो उसके कई मंत्री इस वक्त ईडी

की जांच में गिरफ्त में है और जेल में हैं
मुख्यमंत्री को भी दिल्ली मुख्यमंत्री को
कई बार सम्मान मिल चुका है बिहार हो
झारखंड हो तमिलनाडु हो पंजाब हो तमाम
स्टेट के लोगों को मिनिस्टर्स को चीफ

मिनिस्टर्स को ईडी संबन मिल चुके हैं और
ईडी जो है जहां भी जाती है उसका एक अलग ही
एक माहौल होता है और मैं तो कहूंगा कि
सबूत मिलते हैं इसलिए व जेल भेज देते हैं

यह अलग बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने मनीष
सिसोदिया और संजय सिंह की बेल में ईडी को
कई बार यह कहा है और मनीष सिसोदिया की बेल
में तो स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी को
ज्यादा दिनों तक बिना सबूत जेल में नहीं

रख सकते अगर सबूत हैं तो लेकर के आइए तो
उस ईडी का जब एक अधिकारी 20 लाख की रिश्वत
लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ मनीष
तिवारी नाम से तमिलनाडु की जेल में लगातार
बंद है और तमिलनाडु की पुलिस जांच कर रही

है तो ईडी जो है सुप्रीम कोर्ट पहुंची है
और सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने याचिका दाखिल
की है और यह कहा है कि पुलिस की जो जांच
है पुलिस की जो कार्यप्रणाली है उस पर
भरोसा नहीं उस पर संदेह है क्योंकि सरकार

जो है प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है
और जो पुलिस है स्टेट पुलिस है सरकार के
प्रभाव में है और सरकार के दबाव में आकर
के सरकार का जो प्रतिशोध है वह पुलिस अपने

रूप में निकाल रही है और प्रतिशोध के रूप
में काम करते हुए कार्रवाई कर रही है तो
इस जांच को जिसमें अंकित तिवारी फंसे हुए
हैं इस जांच को सीबीआई को सौंप दिया जाए

सीबीआई जो कि ईडी की ही तरह एक केंद्र की
दूसरी संस्था है अब तमाम मामलों में देखने
में आ रहा है कि चाहे वह तमिलनाडु में ईडी
अधिकारियों पर हुए हमले की घटना हो वहां

पर मांग की जाती है कि पुलिस से जांच ना
कराकर सीबीआई से कराई जाए अब ये दूसरी
घटना ये आई है कि इसमें अंकित तिवारी मसले
में भी यह कहा जा रहा है कि जांच जो है

पुलिस से ना कराकर सीबीआई से कराई जाए इस
मामले में ईडी ने वरिष्ठ अधिवक्ता जो
सॉलिसिटर जनरल हैं तुषार मेहता उनके जरिए
से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की
और याचिका दाखिल करके कहा कि सरकार

अत्याचार कर रही है पुलिस मनमानी कर रही
है और पुलिस जो है प्रतिशोध की भावना से
काम कर रही है और तत्काल रूप से पुलिस की
जांच पर रोक लगाई जाए और य पूरी की पूरी

जांच जो है वो सीबीआई से कराई जाए तो जब
सीबीआई से जांच कराने की बात आई इसमें तो
जो स्टेट के वकील हैं तमिलनाडु के वरिष्ठ
वकील हैं कपिल सिब्बल आप लोग सब जानते हैं

नाम सुना होगा देखे भी होंगे आपने हालांकि
मैं तो लॉस प्रोफेशन से आता हूं तो मैंने
कई बार उनको देखा है बहुत अच्छे वकील हैं
बहुत अच्छी पैरवी करते हैं तो सिपल साहब

इस मामले को तमिलनाडु सरकार की तरफ से
सुप्रीम कोर्ट में पेश कर रहे हैं
उन्होंने भी कई सारी बातें कहीं कि आपको
लगता है कि पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर
रही है पुलिस प्रतिशोध की भावना से काम कर

रही है तो आजकल ईडी क्या कर रही है इस पर
भी आप लोग बताएं क्यों दूसरी जो आपने जो
एक एफआईआर दर्ज की है इस मामले में स्टेट
के खिलाफ ईडी ने क्यों उस एफआईआर में देरी
हो रही है तमाम सवाल उन्होंने ईडी के

एफआईआर को और स्टेट की एफआईआर को लेकर
कपिल सिब्बल जो हैं सीनियर एडवोकेट
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में उठाई जिसका जो
एसजी हैं तुषार मेहता उनके पास कोई जवाब

नहीं था तो कुल मिलाकर देखें तो सुप्रीम
कोर्ट में ईडी जो है न्याय मांगती नजर आ
रही है सुप्रीम कोर्ट में ईडी जो है गुहार
करती नजर आ रही है और ईडी कह रही है कि
पुलिस से जांच ना कराकर इसकी निष्पक्ष

जांच जो है वो सीबीआई से कराई जाए तो
मामला जो है अभी जो है सुप्रीम कोर्ट के
पास है हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसमें
एक टिप्पणी की है और सुप्रीम कोर्ट की

टिप्पणी को अगर देखेंगे तो उन्होंने भी जो
टिप्पणी की है वो बड़े मायने रखती है
टिप्पणी मैं आपको पढ़कर सुना दूं सुप्रीम
कोर्ट ने कहा है कि राजनीतिक प्रतिशोध की

आशंका को खत्म करने के लिए पारदर्शी तंत्र
स्थापित करने की जरूरत है पारदर्शी तंत्र
बनाने की बात सुप्रीम कोर्ट ने यहां पर
कही है इसके साथ उन्होंने कहा कि ईडी के

साथ जानकारी साझा करने के लिए गाइडलाइन
तैयार करेंगे सुप्रीम कोर्ट इसके लिए
गाइडलाइन बनाएंगे उन्होंने यह भी कहा कि
यह भी देखेंगे कि राजनीतिक प्रतिशोध की
कार्यवाही ना हो राजनीतिक प्रतिशोध लेने

की कोई कार्यवाही ना हो जो भी हो जस्ट हो
फेयर हो अपराधियों पर कार्यवाही हो
अपराधियों को जेल भेजा जाए राजनीतिक

प्रतिशोध पूरा करने के लिए ईडी का या
पुलिस का इस्तेमाल ना हो सुप्रीम कोर्ट ने
इसके साथ ही इस मामले की अगली सुनवाई की
तारीख लगा दी है और अब तक जो स्टेट पुलिस
ने तमिलनाडु पुलिस ने जो जांच की है उस

जांच का पूरा ब्यौरा जो है सुप्रीम कोर्ट
ने तलब कर लिया है कि अब तक आपने क्या
जांच की है उस पूरी जांच को आप सुप्रीम
कोर्ट में पेश करें तो कुल मिलाकर जो है
ईडी जो है आजकल बहुत परेशान है अपनी ईडी

के खिलाफ जो जांच हैं ईडी उनको लेकर के
सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाती है और सीबीआई से
जांच कराने की मांग करती है सब जानते हैं
कि ईडी हो या सीबीआई हो दोनों ही केंद्र

के अंतर्गत आने वाली संस्थाएं हैं दोनों
ही केंद्र से नियंत्रित होती हैं दोनों ही
केंद्र का आदेश मानती हैं स्टेट पुलिस पर
भरोसा ना करना सीबीआई से जांच कराने की
मांग करना कहीं ना कहीं यह बस बात को

दर्शाता है कि राजनीति का स्तर जो है इन
एजेंसियों पर भारी पड़ रहा है और पुलिस
में विश्वास ना दिखाना जो है एक अलग दिशा
में इस देश को लेकर के जा रहा है ऐसा नहीं
होना चाहिए आप एक सरकारी संस्था है और

पुलिस भी एक सरकारी संस्था है दोनों पर
दोनों को एक दूसरे पर विश्वास होना चाहिए
भरोसा होना चाहिए आपकी कार्रवाइयों हैं
तमाम अधिकारी जेल चले गए तमाम नेता जेल
चले गए और जब पुलिस आपके ऊपर कारवाही कर
रही है तो आपको सीबीआई की याद क्यों

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