सोरेन गिरफ़्तार, संकट में सरकार | Hemant Soren arrested, Govt under threat - instathreads

सोरेन गिरफ़्तार, संकट में सरकार | Hemant Soren arrested, Govt under threat

नमस्कार  झारखंड में हेमंत
सोरन की गिरफ्तारी के बाद कई घंटों से कोई
सरकार नहीं है राज्यपाल ने अपनी तरफ से
शपथ ग्रहण का कोई समय नहीं दिया यानी आज
झारखंड में कोई सरकार नहीं किसी की सरकार

नहीं राज्यपाल से मिलने गए विधायकों ने कल
सुबह 8:30 बजे का समय मांगा है लेकिन किसी
को पता नहीं शपथ ग्रहण होगा या नहीं हेमंत
सोरेन के इस्तीफा देने के बाद नए
मुख्यमंत्री के रू रूप में शपथ लेने के

लिए चंपई सोरेन राज भवन के बुलावे का
इंतजार करते रहे जब नहीं आया तो राज्यपाल
को पत्र लिखने लग गए कि 18 घंटे से कोई
सरकार नहीं है उन्हें 3 बजे का समय दिया
जाए कि वे राज भवन आकर समर्थन दिखा सकें

राज भवन से 5:30 बजे का समय मिलता है चंपई
सरेन और उन लोगों को लेकर राज भवन जाते
हैं जो हेमंत सोरेन के साथ 31 जनवरी को भी
राजभवन भवन गए थे राज्य में सरकार के बिना
18 घंटे में हर पल हर घंटा जुड़ता चला जा

रहा है अफवाहें उड़ने लगी हैं कि
राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है कभी
तोड़फोड़ की अफवाहें उड़ती हैं इस बीच
झारखंड मुक्ति मोर्चा को लगा कि राज भवन

से कुछ खेल हो जाएगा तो पार्टी ने एक
वीडियो जारी किया जिसमें विधायक अपनी
गिनती खुद ही कर रहे हैं तीन चार पाच छ
सात आठ नौ 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19
20 21 22 23 24 25 26 27 28
29
30 33 3 35 36 38
39 4 41 42
43 43 43 विधायकों का यह वीडियो राज्यपाल
को भी दिखाया गया कि उनके पास समर्थन है

और सभी एकजुट हैं अब 2 फरवरी का दिन कैसा
होगा इसका इंतजार करना होगा इसका मतलब है
31 की रात से लेकर 1 फरवरी के पूरे दिन और
अगली रात तक कोई सरकार नहीं यह एक विचित्र
किस्म का संवैधानिक संकट है हम यहां तक आ

गए हैं 2024 में लोकतंत्र को कुछ बेहतर
होना चाहिए था 70 60 80 के दशक से कहीं
ज्यादा बेहतर होना चाहिए था संवैधानिक
व्यवस्थाएं पहले से ज्यादा विश्वसनीय और

पारदर्शी होनी चाहिए थी मगर विधायकों को
भरोसा ही नहीं कि एक साथ होने पर भी उनकी
सरकार बनेगी कम से कम राजभवन को शपथ के
लिए बुला लेना चाहिए था क्योंकि विधायकों
का समर्थन पत्र तो हेमंत सुरेन 31 जनवरी

की रात को ही राजभवन दे आए थे हेमंत सुरेन
की गिरफ्तारी के के बाद दिल्ली से लेकर
रांची तक राजनीति के क्षेत्र में खासकर
विपक्ष को लेकर कई खबरें इतनी तेजी से घूम
रही हैं कि एक साथ एक समय पर उन्हें समझना
पेश करना आसान भी नहीं

जय जय
झारखंड झारखंड मुक्ति मोर्चा के
कार्यकर्ताओं और समर्थक रांची में बड़ी
संख्या में जुट गए हेमंत सुरेन ने 31
जनवरी की रात को ही राज्यपाल से मिलकर
इस्तीफा दे दिया और चंपई सुरेन को नए
मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर दिया मगर

बुलावे में देरी होने लगी आज दोपहर 2:30
बजे चंपई सरेन का बयान आता है कि हम 15-1
घंटे से राज्यपाल के योते का इंतजार कर
रहे हैं जबकि अन्य राज्यों में सरकार
बनाने का दावा पेश करने के दो घंटे के

भीतर ही शपथ का निता आ जाता है क्या आपको
23 नवंबर 2019 की सुबह महाराष्ट्र में
देवेंद्र फड़न विस की ली हुई शपथ याद आ
रही है कितनी जल्दबाजी दिखा उठाकर

राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने फड़न विस
और अजीत पवार को शपथ दिलाई थी आपको यह भी
याद होगा कि नीतीश कुमार कितनी आसानी से
इस्तीफा देने गए और उसी शाम नई सरकार का

शपथ ग्रहण हो गया इस नियम से झारखंड में
भी शपथ ग्रहण हो जाना चाहिए था या न्योता
पहले आ जाना चाहिए था मगर झारखंड मुक्ति
मोर्चा और उसके सहयोगी दल राज्यपाल के

बुलावे का इंतजार करते रहे और इस चक्कर
में पूरा दोपहर गुजर गया हेमंत सुरे ने
इस्तीफा दिया ताकि राज्य में राष्ट्रपति
शासन ना लगे मगर इस्तीफा देने के बाद भी

इसकी आशंकाओं की बात होने लगी झारखंड में
झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस राष्ट्रीय
जनता दल और वाम दलों का गठबंधन है और इसी
के पास बहुमत भी आखिर राज भवन से बुलावा
आने में देरी क्यों हुई मुख्यमंत्री का
दफ्तर भी ईडी से सुरक्षित नहीं केवल

बीजेपी का दफ्तर सुरक्षित है विपक्ष आरोप
लगा रहा है कि बीजेपी का दफ्तर ईडी प्रूफ
है वहां की कितने भी भ्रष्टाचारी जमा हो
जाएं ईडी की टीम नहीं जा सकती अब तो ईडी

को लेकर तमाम मीडिया रिपोर्ट आपके सामने
है कि ईडी के मामलों में सजा की दर बहुत
खराब है 1 प्र मामलों में सजा हुई है इसके
मामलों में होता यह है कि लंबे समय तक जेल

में रखना आसान हो जाता है दिल्ली सरकार के
दो-दो मंत्री सतेंद्र जैन मनीष सिसोदिया
कितने दिनों से जेल में बंद हैं राज्यसभा
सांसद संजय सिंह के भी हफ्तों गुजर चुके

हैं साल होने को आ रहा होगा मनीष सिसोदिया
और सतेंद्र जैन का तमाम मीडिया रिपोर्ट
में आपने देखा होगा कि ईडी की ज्यादातर
कार्रवाई विपक्षी नेताओं के खिलाफ होती है

9095 प्र से ज्यादा इसके बाद भी ईडी पर
कोई असर नहीं कि देश किस तरह से उसे देख
रहा है इंडियन एक्सप्रेस के दीप्तिमान
तिवारी ने सितंबर 2022 में रिपोर्ट किया

था कि 201 14 के बाद से ईडी द्वारा
राजनेताओं पर किए गए केसों में चार गुना
की वृद्धि हुई है और इनमें से 95 फीसद
विपक्ष के नेता है सुप्रीम कोर्ट ने ईडी
के पूर्व निर्देशक को बार-बार सेवा

विस्तार दिए जाने पर फटकार लगाई थी और अंत
में कोर्ट ने उन्हें हटाने के आदेश दिए इस
तरह के ट्रैक रिकॉर्ड के बाद भी चुनाव आने
पर विपक्षी दलों पर ईडी का हमला नहीं

रुकता यह हमला ही है क्या ईडी को बीजेपी
नेताओं के यहां भ्रष्टाचार का कोई मामला
नहीं मिल रहा जो लोग बीजेपी में शामिल हो
जाते हैं उन पर ईडी की चल रही जांच भी

ठंडी पड़ जाती है बल्कि कई लोगों ने तो
खुद को ईडी से बचाने के लिए बीजेपी में
शामिल कर लिया और उनके साथ सरकार बना ली
रांची में 1 फरवरी की दोपहर 230 बजे के
बाद हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट में पेश

किया गया हेमंत सोरेन पर क्या आरोप है
इसके बारे में मीडिया में सूत्रों के
हवाले से रिपोर्टिंग
ज्यादा नजर आती है आधिकारिक बयान ना के
बराबर मिलते हैं मीडिया रिपोर्ट में
तरह-तरह की बातें हैं सुरेन के खिलाफ तीन
मुख्य मामले नजर आए लेकिन गिरफ्तारी लैंड

स्कैम मामले में हुई है दूसरे मामले अवैध
खनन और कोयले से जुड़े हैं लैंड स्कैम
मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो

चुकी है 2011 बैच के आईएस छवि रंजन भी
गिरफ्तार हैं जो रांची के डिप्टी कमिश्नर
थे और राज्य के समाज कल्याण विभाग के
निदेशक लैंड स्कैम केस में कई सारे मामले
एक दूसरे से जुड़े हैं हेमंत सोरेन पर

आरोप है कि वे इन सभी कथित स्कैम के मुख्य
लाभार्थी हैं और उन्होंने फर्जी तरीके से
जमीन हासिल की है इसमें एक मामला रांची के
एक इलाके में आदिवासी जमीन की खरीद से

जुड़ा है एक मामला पुरानी जमीन के
मालिकाना हक में बदलाव कर उसे ऊंची कीमतों
पर बेचने का है जिसमें ईडी कहती है कि
पैसा सोरेन को मिला ईडी के अनुसार उसकी

तफ्तीश में सामने आया है कि ब्रोकर और
उद्योगपतियों के बीच एक नेटवर्क बनाया गया
जिन्होंने जमीन के के रिकॉर्ड में
छेड़छाड़ कर फर्जी डीड्स बनाई जिनके सहारे

मालिकाना हक बदला जिस जमीन के रिकॉर्ड
छेड़-छाड़ की गई है वह महंगे इलाकों में
है एक मामला 74 करोड़ के डिफेंस लैंड से
जुड़ा है फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर

जमीन को बेचा गया और फर्जीवाड़ा करने
वालों ने मुनाफा कमाया हिंदुस्तान टाइम्स
की एक रिपोर्ट में लिखा है कि ईडी की चार
सीट में अवैध लेनदेन और भूमि अधिग्रहण का
एक पैटर्न सामने आया जिसमें सुरन को स्कैम

का मुख्य किरदार बताया जा रहा है लेकिन
अभी तक उनकी भूमिका को स्पष्ट नहीं किया
गया है समय बिताने के बाद सुनियो ढंग से
मुझे गिरफ्तार करने का उन लोगों ने फैसला

सुनाया और किस विषय पर ऐसे विषय पर जो
चीजें मुझसे जुड़ी ही नहीं मुझ पर साढ़े
एकड़
जमीन का मालिक होने का इनका दावा है और
भुहारी जमीन कि जो जमीन कभी बिकती ही

नहीं और कहीं सबूत नहीं मिला दिल्ली में
भी इन लोगों ने छाब मारकर
हमारी जो छवि खराब करने की कोशिश की और आज
अंत गत्वा यह सुनि तरीके से दिन भर यह

योजना बध तरीके से आए समय काटे और उनको
पता है कि शाम के वक्त कोर्ट कचरी बंद हो
जाता है और उन लोगों ने अपने
योजना के अनुसार मुझे अरेस्ट करने

का निर्णय में
सुनाया मैं
कोर्ट के निर्णय पर बिल्कुल समान्य के साथ
उसका सम्मान करता हूं अभी मैं कोर्ट में
जा रहा हूं लेकिन मुझे नहीं लगता है कि
मुझे इतना वक्त मिलेगा क्योंकि आपको पता

है कि व्यवस्थाएं देश के अंदर किस तरीके
से चलती है आज एक लोकप्रिय सरकार एक आद
आदिवासी अपने ताकत के बल पर जीतकर सरकार
बनाकर राज की जनता का सेवा कर रहा था आज

लगता है यह वक्त अब मेरे लिए खत्म हो रहा
है अब एक नई लड़ाई हमें लड़नी
पड़ेगी ऐसे सामंती विचारों के साथ और
ऐसे तंत्रों के साथ
जो निर्दोष लोगों को

गरीब
निरी आदिवासी दलित पिछड़ के ऊपर जो
अत्याचार करते
हैं उनको मजबूत भी करेंगे और उनके लिए
संघर्ष भी करेंगे
आज मुझे संभवत यह

लोग अपने कब्जे में ले लेंगे मुझे उसका
चिंता नहीं सि सरेन का मैं बेटा
हूं संघर्ष हमारे खून में है और संघर्ष
करेंगे
लड़ेंगे
जीतेंगे यह कहां लिखा कि आप लूट करिए

भ्रष्टाचार करिए और जब कारवाई हो तो कहे
कि एक आदिवासी को तंग किया जा रहा
है यह क्या मतलब है
इसका अच्छा है आप संघर्ष करिए आगे आइए

अपने समाज की चिंता करिए लेकिन समाज की
चिंता कम लूट अधिक तीन मामलों में अभी एक
में इनकी पेशी हुई
है बाकी दो में कई मामले हैं तो

एजेंसी वो बताएंगे
और बाकी तो 6 लाख रुपए उनके घर से निकले
दिल्ली का मकान भी बहुत सुंदर है शांति
निकेतन तो बहुत पॉश कॉलोनी है ना
जी आप है माइनिंग

मिनिस्टर आप अपनी पत्नी के नाम जमीन दे
देते हैं मुख्यमंत्री अपने नाम पर एक माइन
लट करा देते हैं आप माइन लट करके आप
माइनिंग लाइसेंस भी ले लेते
हैं फर्जी डॉक्यूमेंट बनते हैं हर जगह एक

न एक किंग पिन है कहीं कोई आई ऑफिसर है
कहीं कोई माइनिंग सेक्रेटरी है कहीं कोई
आपका रिप्रेजेंटेटिव है और स्कैम पर स्कैम
हुए चले जा रहे हैं मनी लरिंग पैसे आ रहे

हैं तो जांच नहीं होनी चाहिए क्या हेमंत
सोर को जिन प्रावधानों के तहत गिरफ्तार
किया गया है उन्हें एक साल तक जेल में रखा
जा सकता है इसी के तहत मनीष सिसोदिया और

सत्येंद्र जैन जेल में है अनिल देशमुख इसी
में एक साल से अधिक समय से में रहे इस साल
दिसंबर में झारखंड में चुनाव है तो क्या

सुरेन को तब तक जेल में रखा जाएगा जब 204
का चुनाव गुजर जाएगा और झारखंड का चुनाव
गुजर जाएगा सरयू राय बीजेपी के पुराने
नेता रहे हैं पार्टी में रहते हुए

उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखा
बताया कि बीजेपी के मुख्यमंत्री रघुवर दास
भ्रष्टाचार कर रहे हैं हताश होकर उन्होंने
पार्टी छोड़ दी सरयू राय ने रघुवर दास पर

एक नहीं कई आरोप लगाए उस समय की तमाम
खबरें आपको मिल जाएंगी ईडी कभी रघुवर दास
के घर छापे मारने नहीं गई अब तो रघुवर दास
उड़ीसा के राज्यपाल बना दिए गए हैं

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट आई है
भ्रष्टाचार के मामले में भारत की रैंकिंग
में कोई सुधार नहीं जाहिर है विपक्ष के
10-20 नेताओं की वजह से नहीं है अगर भारत

की राजनीति में भ्रष्टाचार है तो क्या
बीजेपी में बिल्कुल नहीं बीजेपी के
मुख्यमंत्रियों के सचिवालय में ईडी की टीम
चली जाती पूछताछ कर लेती विपक्ष के मुख

मुखमंत्री विपक्ष के उप मुख्यमंत्री को
गिरफ्तार किया जा चुका है दिल्ली के
मुख्यमंत्री केजरीवाल बिहार के पूर्व उप
मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर गिरफ्तारी की
तलवार लटक रही

है आज पूरे देश में दो हेमंत की बात हो
रही है एक हेमंत सुरेंद और एक हेमंत विश्व
शर्मा दोनों पर ही भारतीय जनता पार्टी के
नेताओं ने भ्रष्टाचार के बड़े इल्जाम लगाए

एक हेमंत विश्व शर्मा तब कांग्रेस में हुआ
करते थे और आज भारतीय जनता पार्टी के असम
के मुख्यमंत्री हैं अब भारतीय जनता पार्टी
उनके ऊपर कोई इल्जाम नहीं लगाती दूसरे
हेमंत सुरेन वो हैं जिन्होंने भारतीय जनता

पार्टी के आगे हार नहीं
मानी डरे नहीं झुके नहीं लड़ते रहे और आज
भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने
उनको जेल में भेज दिया है ऐसे दर्जनों
नेता है जिन के बारे में भारतीय जनता

पार्टी के नेताओं ने कहा कि अय जेल में
जाएंगे और जेल में चक्की पीसिंग पीसिंग
पीसिंग चाहे वो अजीत पवार हो चाहे व
प्रफुल पटेल हो चाहे वह हेमंत विश्व शर्मा

हो चाहे वह सुभेंदु अधिकारी हो चाहे व
मुकुल मुकुल रॉय हो चाहे वह पेमा खांडू हो
चाहे वह नारायण राणे हो चाहे वह छगन भुजबल
हो यह सब लोग वह थे जिनको भारतीय जनता
पार्टी भ्रष्टाचारी कहती थी और जब यह

भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े हो गए तो
यह भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में और
उनकी समर्थन की सरकारों में मुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री मंत्री आदि बन गए हैं क्या
यह भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई है यह

भ्रष्टाचार की लड़ाई नहीं है यह एक
राजनीतिक लड़ाई है जो जो लोग आज भारतीय
जनता पार्टी से सवाल कर रहे हैं उनको जेल
में भेजा जा रहा है और आने वाले दिनों में
कई बड़े नेताओं को भारतीय जनता पार्टी की

केंद्र सरकार जेल में भेजेगी हेमंत सोरे
ने ईडी के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत
एफआईआर कराई है ईडी के चार नामजद अफसरों
के अलावा अन्य गुमनाम अफसरों के खिलाफ यह

एफआईआर हुई है इस खबर के कुछ घंटों के बाद
31 जनवरी की रात 8 बजे भाजपा के प्रवक्ता
प्रतुल सहदेव का बयान आता है कि ईडी के
अफसरों को जिस तरह से टारगेट किया जा रहा

है यह हैरान करने वाली बात है प्रवक्ता जी
को यह बात हैरान नहीं कर रही कि ईडी के
अफसर उनकी पार्टी के नेताओं के यहां छापे
नहीं मारते भ्रष्टाचार नहीं पकड़ते केवल
विपक्ष को टारगेट करते हैं हेमंत सोरेन की

गिरफ्तारी के साथ-साथ सबसे बड़ा सवाल यही
है कि क्या रांची में भी वही होगा वैसा ही
होगा सरकार बनने के बाद भी जो चंडीगढ़ में
हुआ हेमंत सोरेन की गैर हाजरी में वहां की
सरकार पल-पल असुरक्षित अस्थिर नजर आएगी
क्या सुरेन की पार्टी और गठबंधन को भीतर

से कभी तोड़ दिया जाएगा वहां की सरकार
हड़प ली जाएगी रात 11 बजे हेमंत सुरेन के
हैंडल से उनकी तस्वीर जारी होती है जिसमें
वह थम्स अप कर रहे हैं और
हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्याग नहीं हार

मानूंगा नहीं जय झारखंड ईडी ने हेमंत
सोरेन को 10 बार समन भेजे लेकिन हेमंत आठ
बार समन को ना मानते हुए पूछताछ के लिए
नहीं गए उन्होंने इन समन को सुप्रीम कोर्ट

और झारखंड के हाई कोर्ट में चुनौती दी पर
कोर्ट से राहत नहीं मिली 31 जनवरी से पहले
सिर्फ एक बार 20 जनवरी को रांची में
पूछताछ के लिए ईडी की टीम से अपने घर पर
मिले नव सवन के जवाब में हेमंत सोरेल ने

कहा बजट के कारण वे 31 मार्च तक पूछताछ के
लिए समय नहीं दे पाएंगे लेकिन 10वें समन
के बाद हुई पूछताछ के कुछ देर बाद ही उनकी
गिरफ्तारी हो गई सोमवार 29 जनवरी सुबह

7:00 बजे ईडी की टीम लैंड स्कैम केस के
सिलसिले में हेमंत सोरेन के घर पहुंच गई
मगर सोरेन घर पर नहीं मिले सूत्रों के
हवाले से रिपोर्ट होती है कि हेमंत आधि
रात को घर से निकल गए स्टाफ को जानकारी

नहीं थी कहां गए ईडी जब हेमंत सोरेन की
लोकेशन नहीं जान पाई तो उन्हें मिसिंग
घोषित कर देती है इस बीच उनके दिल्ली घर
से दो लग्जरी कार और ₹ लाख बरामद करने की

खबर आती है सुरेन को कहा गया था कि 29 या
31 को ईडी के सामने पेश हो मगर उनकी गैर
मौजूदगी में उनके स्टाफ का बयान लिया जाता
है पूछताछ के दौरान सोरेन के बयानों की
लाइव रिपोर्टिंग भी होती है सोरेन कहते

हैं कि वे उस नीली बीएड के मालिक नहीं
जिसे ईडी ने बरामद किया है ना ही उनके पास
कोई अवैध कैश है 31 की दोपहर जेएमएम के
कार्यकर्ताओं ने रांची के मोराबादी
ग्राउंड में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ

प्रदर्शन किया उससे पहले ही जीएमएम गठबंधन
के विधायक सुरेन के घर के बाहर इकट्ठा
होने लगे राज्य में कानून व्यवस्था बनी
रहे इसके लिए सरकार ने वित्त सचिव की
अध्यक्षता में तीन सदस्यों की टीम बनाने

के आदेश दिए दोपहर 1 बजे के बाद से ईडी की
नौ गाड़ियां सुर के घर पहुंची इनमें से छह
सीआरपीएफ की थी ईडी की पूछताछ से पहले
हेमंत स्वरण अपने पिता शिबू सोरेन से
मिलने गए उसके बाद अपने घर पहुंचे और
गाड़ी से मुस्कुराते हुए हाथ हिलाते हुए

नजर आए 3:00 बजे पूछता शुरू होती है सुर
के घर के बाहर काफी तादाद में सुरक्षा
बलों की तैनाती थी रात 74 बजे झारखंड
कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर का बयान

आता है कि हेमंत सोरेन ने इस्तीफा देने का
फैसला किया है चंपा सोरेन को विधायक दल का
नया नेता चुना गया है और सभी विधायक
गठबंधन के साथ हैं झारखंड सरकार में

मंत्री जेएमएम नेता मिथिलेश ठाकुर भी इस
बयान पर मोहर लगाते हैं और चंपई सोरेन को
मुख्यमंत्री बताते हैं इस बयान के थोड़ी
देर बाद ईडी की टीम सोरेन के घर से चली
जाती है 9 बजे से कुछ देर पहले झारखंड

कांग्रेस और जीएमएम के नेता बहुमत का दावा
पेश करने गए नई सरकार के गठन के लिए राज
भवन जाते हैं मलिकार्जुन खरगे राहुल गांधी
अखिलेश यादव तेजस्वी यादव प्रियंका गांधी
कई नेताओं ने सोरेन की गिरफ्तारी की निंदा

की है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके
स्टालिन ने भी हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी
की नि जिंदा की है मल्लिकार्जुन खरगे ने
लिखा है कि जो मोदी जी के साथ नहीं गया वह

जेल जाएगा झारखंड के मुख्यमंत्री श्री
हेमंत सोरेन पर ईडी लगाकर उनका त्यागपत्र
देने को मजबूर करना फेडरलिस्ट की धज्जियां
उड़ाना है पीएमएलए के इस्तेमाल से विपक्ष
के नेताओं को डराया धमकाया जा रहा है
राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि ईडी सीबीआई

आईटी आदि अब सरकारी एजेंसियां नहीं रही अब
यह भाजपा की विपक्ष मिटाओ सेल बन चुकी है
खुद भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सत्ता की
सनक में लोकतंत्र को तबाह कर करने का

अभियान चला रही है यह सर्व विधित है कि
लगभग मैं अप्रॉक्सिमेट्स
मान ले विपक्ष की तरफ में झारखंड में तो
32 है 31 है 33 है कुछ भी मानले फिगर को
फर्क नहीं पड़ता

व अब जब
कल कल वाले जो मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने
बाद में इस्तीफा दिया और जाकर राज्यपाल के
भवन में औपचारिक रूप से कहा और उसके बाद
सूची दी गई और सूची के अलावा सर विधित है

सबको पता है कि यह बहुमत है 48 या 47 का
तो मेरा पहला मूल प्रश्न है कि गणतंत्र
लोकतंत्र में आज हम 12 बजे 11:30 बजे यहां
खड़े हैं माननीय जी ने अभी तक क्यों नहीं
नियुक्त किया

मुख्यमंत्री बिहार में जब अभी हुआ माननीय
नीतीश बाबू के
साथ माननीय पलटू कुमार जी के साथ तो कितनी
जल्दी आपने राज्यपाल जी ने वापस एक
मुख्यमंत्री नियुक्त

किया कितना समय लगा
था चंद
मिनट चंद
क्षण यह आपके सामने एक प्रमाण प्रत्यक्ष
प्रमाण

एक हफ्ते भी नहीं हुआ उस बात
को आप इंतजार क्यों कर रहे
हैं माननीय प्रधानमंत्री के ऑफिस और गृह
मंत्रालय से इंस्ट्रक्शन के इंतजार कर रहे

हैं आप यह इंतजार कर रहे हैं और यह चौथा
एक प्रश्न है बहुत महत्त्वपूर्ण कि किस
प्रकार से येन
प्रकारेण कुछ भी करके अंग्रेजी में कहावत
है हुक और बाय क्रुक मोर बाय क्रुक लेस

बाय हुक
आप दल बदली करवाएंगे
आप 47 और 33 के आंकड़े को बदल के कुछ और
करेंगे या फिर आप राष्ट्रपति शासन की बात
कर रहे

हैं कुछ भी हो जाए इस देश में कोई विपक्ष
की सरकार कोई राजनीतिक रंग जो भगवा के
अलावा हो रहना नहीं चाहिए अगर रहेगा तो हम
केंद्र से और हम बीजेपी के स्टेट यूनिट्स
यह आश्वस्त करते हैं जनता जनार्दन देश को

कि कम से कम इस बार चुनाव के पहले ही हम
99 प्र राजनीतिक पार्टियों के लोगों को या
तो अरेस्ट कर लेंगे या हटा देंगे या दल
बदल द्वारा सरकारें गिरा देंगे बिहार में

भी यही हुआ नीतीश कुमार बीजेपी के साथ
क्या चले गए ईडी 79 साल के लालू यादव को
पूछताछ के लिए बुला लेती है कितने नेता इस
दौर में टूट गए लालू यादव की सेहत खराब हो
गई जेल में रहे मगर उन्होंने पाला नहीं

बदला जिस दौर की राजनीति में हर नेता पैसा
देख रहा है पावर देख रहा है ईडी के डर से
बीजेपी का रास्ता देख रहा है लालू यादव ने
विचारधारा और सिद्धांत में ऐसा क्या देख

लिया कि अपनी जान और सेहत दांव पर लगा दी
ईडी के बीच नौ घंटे तक जवाब देते रहे उनके
बाद अगले दिन तेजस्वी यादव को पूछ ताज के
लिए बुलाया गया तेजस्वी जब बाहर निकले तो

ईडी के खौफ से आजाद नजर आए उन्हें पता ही
होगा कि साहस दिखाने के बाद भी ईडी का
इस्तेमाल करने वालों पर फर्क नहीं पड़ेगा
ईडी ने भारत की राजनीति का भूगोल बदल दिया
है हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी पर तेजस्वी

यादव ने ट्वीट किया है कि बिहार चंडीगढ़
और अब झारखंड भाजपा ने एक ही हफ्ते में
लोकतंत्र और संघवाद को तार-तार कर दिया है

चुनावी हार के डर से जांच एजेंसियों की
निष्पक्षता खत्म कर एजेंसियों को बीजेपी
का प्रकोष्ट बनाकर केंद्र सरकार क्या-क्या
कर रही है अब यह बात किसी से छुपी नहीं

अहंकार से चूर भाजपा की हेकड़ी अब जनता
तोड़ेगी राजद हेमंत सुरेंद जी के साथ खड़ी
है सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि
विपक्ष के नेताओं की गिरफ्तारी के लिए कोई

दिशा निर्देश जारी करें अप्रैल 2023 में
सुप्रीम कोर्ट ने इससे इंकार कर दिया
विपक्ष नजर नहीं आएगा इसलिए नहीं कि
विपक्ष जनता के बीच नहीं है बल्कि जनता के

बीच विपक्ष ही है मगर पहले मीडिया ने उसे
गायब किया अब ईडी ने गायब करने का बीड़ा
उठा लिया है आप दिल्ली से आई इस खबर पर भी
ध्यान दीजिए बहुत कम ध्यान गया है कि
लोकसभा में धुआं छोड़ने के मामले में

गिरफ्तार नौजवानों को बिजली के झटके दिए
गए हैं आरोपियों ने दिल्ली के एडिशनल सेशन
जज के सामने अपील दायर की है कि उन पर
दबाव डाला जा रहा है कि वे विपक्ष के
नेताओं के नाम ले लें उनसे 70 खाली पन्नों

पर दस्तखत कराए गए हैं बारन बेंच और लाइव
लॉ ने इसे रिपोर्ट किया है मनोरंजन डी
सागर शर्मा ललित झा अमोल शिंदे महेश
कुमावत ने याचिका दायर की है उन्होंने कहा
है कि फोन ईमेल सोशल मीडिया के अकाउंट के

पासवर्ड भी दबाव डालकर ले लिए गए हैं तो
विपक्ष के नेताओं का नाम लेने के लिए कथित
रूप से बिजली के झटके दिए जा रहे हैं तब
समझिए कि ईडी का झटका कितना बड़ा होगा

बड़ा सवाल है कि 24 के चुनाव तक हेमंत को
जेल में रखकर क्या बीजेपी ने झारखंड में
अपने लिए मैदान साफ कर लिया विधानसभा
चुनाव में हेमंत सोरेन ने अपने दम पर वहां

बीजेपी को हराया था एक मजबूत आदिवासी नेता
की पहचान बनाई थी सरकार में आने के बाद भी
हेमंत सोरेन नहीं झुके आदिवासी पहचान को
लेकर सजग बने रहे वह नीतीश कुमार नहीं हो
सके नतीजा आज हेमंत सुरेन जेल में है
भ्रष्टाचार मिटाने की दलील के सहारे

विपक्ष को मिटाया जा रहा है जनता का बड़ा
हिस्सा धर्म के नशे में है वह धर्म के नाम
पर लोकतंत्र के मैदान में हो रहे इस खेल
को देखना ही नहीं चाहती अदालतों से
उम्मीदें कमजोर होती जा रही हैं जनता की
अदालत से जनता ही गायब नजर आती है

नमस्कार

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