हेमंत सोरेन पर विवादास्पद टिप्पणी पर गोदी पत्रकार पर केस! गोदी मीडिया की सुपारी! - instathreads

हेमंत सोरेन पर विवादास्पद टिप्पणी पर गोदी पत्रकार पर केस! गोदी मीडिया की सुपारी!

आज तक के इस पत्रकार जो पहले भी तिहाड़
जेल में करीब दो हफ्ते बिता चुका है कथित
तौर पर वसूली को लेकर उसके खिलाफ शेड्यूल
का शेड्यूल ट्राइब की धाराओं के अंतर्गत
केस दर्ज किया गया है क्यों क्योंकि केस

दर्ज करने वालों का आरोप है कि इसने हेमंत
सोरेन जिनकी पृष्ठभूमि आदिवासी की है उनका
अपमान किया है दोस्तों मैं चाहूंगा इस
व्यक्ति ने कल अपने कार्यक्रम में क्या
कहा उसे आप ध्यान से सुनिए इसमें पता चलता

है कि जब किसी गैर भाजपा नेता की बात आती
है तब गोदी मीडिया के तेवर किस तरह से हो
जाते हैं इसकी हिम्मत नहीं होगी इस तरह की
शब्दावली किसी भाजपा के मुख्यमंत्री के

लिए इस्तेमाल करने को लेकर बिल्कुल हिम्मत
नहीं होगी मगर मैं चाहूंगा कि किस तरह की
पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं यह गोदी मीडिया
एंकर्स इन्हें शर्म भी नहीं आती है कि यह
लोग किस तरह से जाति सूचक शब्द कह देते

और इन्हें थोड़ी सी भी शर्म नहीं आती है
आप जानते हैं जब इस तरह की शब्दावली इस
तरह की आपत्ति जनक बात कह रहा था तब सामने
खड़ी पापा की परी ने भी इसको नहीं सुधारा
इसलिए नहीं कहा कि आपको ऐसा नहीं कहना

चाहिए क्योंकि य आपत्ति जनक सुनाई दे रहा
है मैं चाहूंगा आप खुद सुने हेमंत सोरेन
के बारे में इस तिहाड़ रिटर्न पत्रकार ने
क्या कहा था सुनते हैं चलते हैं चित्रा के

पास चित्रा अब आप हमें बताइए कि हेमंत
सुरेन बाहर आए या नहीं आए और अब आज की रात
उनकी कहां बीतेगी उन्हें तो बहुत शानदार
लाइफ स्टाइल की आदत है वह प्राइवेट प्लेंस

में चलते हैं बड़ी-बड़ी गाड़ियों में चलते
हैं आज उनके लिए एक तरीके से वैसा ही होगा
जैसे वह 20 30 40 साल पहले वापस अपने किसी
आदिवासी के तौर पर किसी जंगल में चले जाएं

आज की रात काफी मुश्किल होने वाली है
देखिए जो बड़ी जानकारी सुधीर जी मुझे मिल
रही है उसके हिसाब से ईडी दफ्तर के बाहर
हलचल काफी ज्यादा बढ़ गई है और जैसे 30 40

साल पहले वह बतौर आदिवासी रहा करते
थे यानी कि जैसा कि 30 40 साल पहले एक
व्यक्ति आदिवासी के तौर पर किसी जंगल में

रहता था वह हमेशा वैसा ही
रहे वह कभी भी किसी बंगले में ना रहे कोई
भी शेड्यूल कास्ट कोई भी शेड्यूल ट्राइब
कोई भी पिछड़ी जाति का व्यक्ति सपना ना
देखे किसी बड़े बंगले में रहने का मैं एक

बात स्पष्ट कर दूं दोस्तों हेमंत सोरेन के
खिलाफ क्या भ्रष्ट का मामला है उसको लेकर
मैं पहले भी अपने कार्यक्रम में उसका
जिक्र कर चुका हूं उसको लेकर साफ तौर पर

दौरे मापदंड है मगर यह बात जो य पत्रकार
कह रहा है ना वह बहुत ही आपत्ति जनक है
मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं क्या यह
पत्रकार कभी ऐसा कहेंगे कि जो मुख्यमंत्री

आदित्यनाथ एक जमाने में गोरखनाथ मंदिर के
मठ में थे आज वो उत्तर प्रदेश शासन की चमक
में एक बंगले में रह रहे हैं ऐसा क्या यह
कहने की हिम्मत कभी

करेंगे यह अपने आप में निहायत ही
आपत्तिजनक बात है दोस्तों मगर यह मत सोचिए
कि ऐसे पत्रकारों के खिलाफ अगर इनका गुनाह
साबित भी हो जाता है तो कोई कार्रवाई भी
होने वाली है नहीं मैं आपको बतलाता हूं

क्यों आपको याद होगा न्यूज 18 का वह
पत्रकार जिसके खिलाफ दंगा भड़काने को लेकर
राजस्थान में केस किया गया था क्या किया
था पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ

नहीं इनके साथ भी कुछ नहीं होने वाला है
और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कांग्रेस
के नेता बाकायदा अपने लंचेज अपने डिनर्स

में ऐसे पत्रकारों को बुलाएंगे जो आए दिन
प्राइम टाइम में कांग्रेस को एक खलनायक के
तौर पर एक विलन के तौर पर देश विरोधी के
तौर पर लगातार बताते रहते हैं मगर फिर भी
कांग्रेस के नेता मरे जाते हैं ऐसे

पत्रकारों के साथ लंच और डिनर करने को
लेकर मैं फिर आपसे सवाल पूछना चाहता हूं
क्या गोदी मीडिया इस तरह की शब्दावली किसी
भारतीय जनता पार्टी के नेता के लिए

इस्तेमाल करेगी सबसे शॉकिंग दोस्तों हेमंत
सोरेन 24 घंटे के लिए गायब थे तो तमाम
न्यूज़ चैनल्स ने खबरें चलाई थी कि कहां
है हे मं सोरेन कहां है हेमंत

सोरेन चंपई सोरेन करीब 47 विधायकों के साथ
राज्यपाल के पास जा पहुंचे थे मगर क्या
राज्यपाल साहब ने तुरंत उन्हें निमंत्रण
दिया सरकार बनाने को

लेकर काफी देर बाद उन्हें यह निमंत्रण
दिया गया है और अब उनके पास 10 दिन हैं
अपना बहुमत साबित करने के लिए यह फर्क
क्यों मैं समझना चाहता हूं और जब मैं यह

कह रहा हूं कि ये फर्क क्यों याद कीजिए
नीतीश कुमार को किस तरह से त्वरित
निमंत्रण दे दिया गया था मगर चंपई सोरेन
को निमंत्रण देने में वक्त लग गया यही

मुद्दा प्रियंका गांधी वाडरा और मल्लिका म
अर्जुन खड़गे उठा रहे हैं मल्लिकार्जुन
खड़गे का बयान आपके स्क्रीन पर वो बाकायदा
उस वीडियो के साथ यह बयान पेश कर रहे हैं

वो कहते हैं 81 विधायकों के सदन में 41 ही
बहुमत होता है 48 विधायकों का समर्थन होने
के बावजूद चंपई सोर जी को सरकार बनाने का
न्यता ना देना साफ तौर पर संविधान की

अवमानना वह जनमत को नकारना है महामहिम
द्वारा भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में
एक-एक करके कीलें ठोकी जा रही हैं
प्रियंका गांधी वाडरा ने इस पर क्या कहा

बिहार में गठबंधन सरकार के इस्तीफे के
तुरंत बाद राजपाल ने नई सरकार बनाने का
न्योता भेज दिया था लेकिन झारखंड में दावा
पेश करने के एक दिन बाद भी सरकार बनाने का
न्योता नहीं भेजा गया पहले ईडी लगाकर

मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर
किया उन्हें गिरफ्तार किया गया अब खबरें
हैं कि नई सरकार का गठन रोककर विधायकों को
खरीदने की कोशिश की जा रही है पहले बिहार

फिर चंडीगढ़ अब झारखंड भाजपा हर राज में
धनादेश के दम पर जनादेश को कुचल रही है जब
प्रियंका गांधी राहुल गांधी मल्लिकार्जुन
खड़गे और विपक्ष ने बवाल मचाया तब जाकर कल

देर रात राज्यपाल महोदय ने निमंत्रण दिया
और अब 10 दिन का वक्त दिया गया है उन्हें
अपना बहुमत साबित करने के लिए मैं आपसे
सवाल पूछना चाहता हूं दोस्तों जब इस तरह

से व्यवस्था विपक्ष के खिलाफ काम करेगी तो
लोकतंत्र कैसे चलेगा मीडिया का चेहरा मैं
आपको दिखला चुका हूं कल जानते हैं सुप्रीम
कोर्ट में क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट में

कपिल सिब्बल हेमंत सोरेन के वकील के तौर
पर खड़े हुए थे कपिल सिब्बल ने सुप्रीम
कोर्ट के सामने एक अहम मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि माय लॉर्ड एक-एक करके

विपक्ष के नेताओं को जेल में डाला जा रहा
है आपको तुरंत इस बात में हस्तक्षेप करना
चाहिए याद कीजिएगा दोस्तों आज से कई
महीनों पहले अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम

कोर्ट के सामने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी
वाई चंद्रचूड़ के सामने गए और उन्होंने
यही अपील की थी कि जिस तरह से विपक्ष को
गिरफ्तार किया जा रहा है इस पर अंकुश

लगाया जाए उस वक्त आपको याद है चंद्रचूर
साहब ने क्या कहा था चंद्रचूर साहब ने कहा
था कि हम एक ब्लंकेट ऑर्डर जारी नहीं कर
सकते आप एक एक करके केस हमारे सामने लेकर
आई है हम उस पर कारवाई करेंगे मगर फिर

मनीष सिसोदिया का मामला आया था आपको याद
होगा जेरह के दौरान सुप्रीम कोर्ट में जज
साहब ने कहा था कि मनीष सिसोदिया को लेकर
जो सबूत है वह एक मिनट अदालत में नहीं टिक
पाएगा बावजूद उसके मनीष सुसो दिया की बेल

को जज साहब ने रद्द कर दिया
था अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने है
तो मैं आपसे बता रहा था कि जब यह बात कपिल
सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कही कि

आपको त्वरित इस पर दखल देना चाहिए तो
सरकार की तरफ से जो नुमाइंदे हैं सॉलिसिटर
जनरल उन्होंने कहा कोई जल्दबाजी की जरूरत
नहीं है पहले हाई कोर्ट में जाना चाहिए और
वैसे भी सैकड़ों लोग जेल में

हैं सरकार के नुमाइंदे सॉलिसिटर जनरल ने
कहा सैकड़ों लोग जेल में हैं मैं आज सवाल
पूछना चाहता हूं कुछ चेहरों से मैं आपका
परिचय कराना चाहता हूं अजीत पंवार शगन

भुजबल नारायण राणे हेमंत विश्व शर्मा सब
पर आरोप भ्रष्टाचार को
लेकर मगर ये जैसे ही भाजपा में शामिल होते
हैं तमाम आरोप गायब हो जाते हैं

नरेंद्र तोमर का बेटा धीरेंद्र तोमर वह एक
स्टिंग ऑपरेशन में पकड़ा जाता है जिसमें व
कथित तौर पर बात कर रहा है करोड़ों की और
यह बातचीत हो रही है जिसमें सुनाई पड़ता
है नरेंद्र तोमर के घर का एड्रेस

भी सवाल मैं आपसे पूछना चाहता हूं
बताइए कोई कारवाई हुई तो जब सॉलिसिटर जनरल
यह बात कह रहे हैं कि भाई सैकड़ों लोग जेल
में है तो भ्रष्टाचार के जो आरोपी हैं वोह

कहां जेल में होते हैं जेल में वो तभी
होते हैं जब वह भाजपा के साथ समझौता नहीं
करते हेमंत सुरेन के पास दो मौके थे और
उन्होंने दोनों मौके नहीं पकड़े वह चाहते
तो भाजपा की गोद में बैठ जाते फिर वही

जांच एजेंसियां उनकी सेवा कर रही होती वह
चाहते तो अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना
सकते थे उन्होंने ऐसा नहीं किया उन्होंने
चंपा सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया यह दोनों

चीजें उन्होंने नहीं की मैं आपको बतलाता
हूं दोस्तों कि हेमंत सोरेन को दरअसल
प्रधानमंत्री क्यों माफ नहीं कर पाए उनका
एक बयान मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं
दोस्तों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जब

उनकी बातचीत हुई थी तब उन्होंने क्या कहा
था मैं पढ़ के सुनाना चाहता हूं आज आदरणीय
प्रधानमंत्री जी ने फोन किया उन्होंने
सिर्फ अपने मन की बात की बेहतर होता यदि
वह काम की बात करते और काम की बात

सुनते जाहिर सी बात है यहां पर हेमंत
सोरेन प्र प्रधानमंत्री पर हमला बोल रहे
थे और उस वक्त कांग्रेस ने भी आरोप लगाया

था कि प्रधानमंत्री इतने आत्म मुग्ध हैं
खुद से इतनी ज्यादा मोहब्बत करते हैं कि
वो किसी को सुनने को तैयार नहीं और उस
वक्त हेमंत सोरेन ने उन पर इस तरह से हमला

बोला था यही वजह है कि प्रधानमंत्री
उन्हें कभी माफ नहीं कर पाए और उसी के बाद
यह पूरी प्रक्रिया जो है वह तेज हो जाती
है भ्रष्टाचार को

लेकर मैं एक बात स्पष्ट कर दूं भ्रष्टाचार
के आरोप साबित होते हैं तो जाहिर सी बात
है कारवाई होनी चाहिए कौन मना कर रहा है
मगर यह दौरे मापदंड नहीं हो सकते

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर
मजाक मत बनाइए यह फर्क नहीं हो सकता एक
तरफ हेमंत सुरेन तेजस्वी यादव अरविंद
केजरीवाल तो दूसरी तरफ अजीत पंवार छगन

भुजबल नारायण राणे हेमंत मिस शर्मा यह
फर्क नहीं हो सकता ऐसा नहीं हो सकता कि
जांच एजेंसी जो है वो सिर्फ विपक्ष पर छाप
मारे मगर बाकायदा

ऊपर से फरमान हो जांच एजेंसीज को इनकम
टैक्स को ईडी को सीबीआई को कि साहब मजाल
है कि हमारे किसी पालतू पर रेड मारी
जाए और यह बात सही है जांच एजेंसी जब भी

कोई कार्रवाई करती हैं तो पहले टटोल लेती
हैं कि जिस व्यक्ति पर हम कार्रवाई कर रहे
हैं वह कहीं भाजपा से लिंक तो नहीं है यह
हकीकत है और जांच एजेंसी भी य जानती हैं
और कार्यालय भी य जानते हैं और इसीलिए जो

पूरी प्रक्रिया है भ्रष्टाचार को लेकर यह
बेईमानी है ढकोसला है और खुलकर इसमें दौरे
मापदंड है अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो जाहिर
सी बात है सजा मिलनी चाहिए मगर तोरे
मापदंड नहीं हो सकते हैं बीजेपी को तो भूल

जाए मगर विपक्ष के बारे में पहले से ही
प्रोपेगेंडा चलाया जाए पहले ही उन्हें
बदनाम किया जाए जबकि उनका गुनाह साबित भी
ना हुआ हो गुनाह साबित कीजिए और जेल
भेजिए प्रक्रिया ही ऐसी है दोस्तों कि आप

पहले ही व्यक्ति को जेल में डाल देते हैं
उसको सड़ते रहते हैं और आप भी जानते हैं
कि पिछले 10 सालों
में जांच एजेंसीज का कन्वे रेट कितना खराब

है यानी कि कितने लोग गिरफ्तार किए जाते
हैं और कितने लोग दोषी साबित होते हैं
उसमें जमीन आसमान का फर्क है इसीलिए यह
पूरी प्रक्रिया बेमानी है अजार शर्मा को
दीजिए इजाजत नमस्कार स्वतंत्र और आजाद

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