100 सालों में कैसे QATAR ने बदल दी अपनी तस्वीर ? Why Qatar Will Remain Rich Forever? - instathreads

100 सालों में कैसे QATAR ने बदल दी अपनी तस्वीर ? Why Qatar Will Remain Rich Forever?

शेख अहमद बिन खलीफा अल्फिन वज डी क्राउन
प्रिंस और डी मिनिस्टर ऑफ डिफेंस इन 1995
ओनली ब्लू स्क्रू अल हज फादर वास ऑन ऑन
नर्वस सी ट्रिप
दुनिया में 195 देश है लेकिन 30 लाख से कम
पापुलेशन वाले सिर्फ 60 देश और इन्हीं में

से एक ऐसा देश है जो दुनिया के मैप पर
आपके हाथ के अंगूठे की तरह दिखाई देता है
लेकिन अंगूठे की तरह दिखने वाला ये देश
पुरी दुनिया में हर फील्ड में अंगूठा दिखा
रहा है इस देश की जीडीपी है 200 मिलियन

डॉलर इसका पर कैपिटल इनकम दुनिया के टॉप
फाइव कंट्रीज की लिस्ट में आता है जो लगभग
65000 है इस देश की पापुलेशन वैसे तो 28
लाख के करीब है लेकिन इसमें से सिर्फ 12
13% लोग ओरिजनली कतर से बिलॉन्ग करते हैं

बाकी का 88% यहां दूसरे देश के लोग हैं और
सबसे ज्यादा कम करने वालों में यहां
इंडियन है
12000 स्क्वायर किमी में फैला यह देश

दिखने में जितना छोटा है उससे कहानी गुना
ज्यादा ताकत इसके आंकड़े बयान करते हैं
जिसके बदौलत आज यह उस चीन और जापान जैसे
देश को काफी पीछे छठ चुका है इस अरब

कंट्री को फाइनेंशियल एस्पेक्ट में टक्कर
देना बाकी देश के लिए मुश्किल होता जा रहा
है लेकिन ये सब हुआ कैसे एक छोटा सा देश
जो अब का सबसे गरीब देश हुआ करता था आज वो
इतना रिच है कतर मिडिल ईस्ट की छोटी सी
कंट्री है लेकिन यह छोटा सा शब्द धोखा है

एक्चुअली ये छोटा सिर्फ इसकी पापुलेशन और
इसकी एरिया से है आज कतर को दुनिया में जो
मुकाम हासिल है उसमें तेल से कहानी ज्यादा
हम रोल गैस रिजर्व का है और जब आप इस
वीडियो के आखिर तक पहुंचेंगे तो एक बात तो

पक्की है की कतर के बड़े में कहानी और से
नहीं पढ़ना पड़ेगा साड़ी दुनिया एली यानी
इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में आने के बाद
एक बात तो जानती है की आज नहीं तो कल की

रिप्लेसमेंट हो ही लेकिन यहां कतर ने जी
चीज में लीड बनाई है वो है गैस रिजर्व का
सही तरीके से इस्तेमाल रसिया यूक्रेन वार
जहां एक तरफ भारत यूरोपीय कंट्रीज को

ओएलएक्स करने में लीड कर रहा है वही दूसरी
तरफ गैस की बात की जाए तो इस फील्ड में
कतर को टक्कर डेरा किसी के बस की बात नहीं
2022 में जब फीफा कतर में हुआ तो ये
दुनिया की सबसे महंगी भारत लीग में से एक

है और कतर के लिए इससे बढ़िया मौका खुद को
दुनिया के सामने रखना का नहीं हो सकता था
और इसके ही थ्रू उसने सब का ध्यान अपनी
तरफ बिकिनी और आज के समय में बड़े-बड़े

देश कतर में इन्वेस्ट करके कतर को और
मजबूत बना रहे हैं लेकिन कतर कोई राम
राज्य वाला देश नहीं जहां सब अच्छा ही है
अल में काली सच्चाई कुछ और है जो आपको आगे
पता लगे अब यहां से आगे चलें उससे पहले

थोड़ा कतर की उसे हिस्ट्री के बड़े में
जान लेते हैं जो आपको इस देश को समझना में
हेल्प कर शक्ति है आखिर किसने और कैसे
कादर को आज इस मुकाम पर पहुंच अच्छा है और
क्यों आज इसे यूएई और सऊदी अब बिल्कुल भी

पसंद नहीं करते आपको बिना पकाए हुए अगर
शॉट में बताएं तो 1900 की शुरुआत से ही
लिटानी फैमिली का सिक्का कतर में चला था
और यहां हैरानी की बात ये भी है एक कतर भी

कभी ब्रिटिश रूल के अंदर हुआ करता था उसे
वक्त कतर का प्राइमरी बिजनेस मोती बनाना
और मछली पकड़ना था लेकिन 1920 की पीरियड
में पाल का बिजनेस जो ऑफ सदन डिक्लाइंड
हुआ जिसकी वजह से कतर को बड़े बड़े झटका

लगे ये वही वक्त था जब कतर पुरी तरह बिखर
गया लेकिन कतर भी कहा हर माने वाला था
उसने भी बॉलीवुड मूवी के हीरो की तरह
वापसी की और अपनी कहानी को नया मोड दिया
1939 में दुकान में तेल मिला लेकिन सबको

लगा अब कतर नहीं रुकने वाला पर सेकंड
वर्ल्ड वार की वजह से 1949 तक इस तरफ
थोड़ा कम ध्यान दे पाया ओएलएक्स पर
रिवेन्यू में बाढ़ ए गए और कतर में शुरू
होता है

बात धीरे-धीरे इसमें जबरदस्त ग्रोथ आई है
और सेल तेल कंपनी कतर में गैस का सबसे
बड़ा रिजर्व ढूंढ लेती है जी जगह इसे
ढूंढा गया था उसे नॉर्थ फील्ड के नाम से

जाना जाता है अब जरा कहानी को यहां थोड़ी
डर रोकने हैं और 1971 में हुए एक बड़े
इंस्टेंट के बड़े में बताते हैं कतर को
1971 में ग्रेट ब्रिटेन से जब पुरी तरह

आजादी मिलती है तो सबको एक पाल के लिए ये
लगा की अब कतर को दुनिया की ताकत बने से
कोई नहीं रॉक सकता लेकिन एक बार फिर कतर
धीम पद गया और नॉर्थ फील्ड के गैस रिजर्व
को पुरी तरह इग्नोर किया गया 1955 तक कतर

दूसरे देश की तरह बड़ी साधारण स्पीड से
आगे बाढ़ रहा था ग ही नहीं रहा था की इस
देश में कुछ बात है जबकि इसके पास नेचुरल
तेल और गैस की दुनिया में सबसे बड़े

रिजर्व थे लेकिन 1995 में कतर के इतिहास
में एक नया पीस जुड़ता है और देश में ऐसा
तक्ता पलट होता है जिससे कतर का पास और

फ्यूचर दोनों बादल कर रख दिया शेख अहमद
बिन खलीफा लखानी ने तक्ता पलट करके कतर के
बागडोर अपने हाथों में ली ये बात तो उसे
समय तक पुरी दुनिया जानती थी की कतर
नेचुरल तेल का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है

लेकिन जो चीज खुद कतर लंबे वक्त से इग्नोर
करता हुआ ए रहा था वो थी नेचुरल गैस शेक
हमद जैसे ही पावर में आते हैं तभी कतर की
बागडोर उनके हाथों में आजादी है पावर आते

ही उन्होंने नॉर्थ फील्ड को डेवलप करना
शुरू किया इसके साथ ही उनका ध्यान गैस के
अवेलबल सोर्स को पावरफुल बनाने का था
लेकिन क्यों इसका लॉजिक हम आपको आगे

बताएंगे फिलहाल कतर ये तो जान चुका था की
उसे अब तेल में टक्कर देना बिल्कुल भी आसन
नहीं होने वाला और अपने नेटवर्क्स को उसने
इतना मजबूत बना भी लिया लेकिन कहानी ना

कहानी यह बात हम दिन जानता था की तेल तो
जैसे तैसे दूसरे देश में एक्सपोर्ट किया
जा रहा है लेकिन वह यह चाहता था की अब तेल
की तरह गैस को भी कतर को ताकत देने के लिए
उसे किया जाए क्योंकि इस रिसोर्स को ढूंढे

हुए लगभग 40 साल हो चुके थे लेकिन उसका आज
तक कतर उसे ही नहीं कर पाया और ये हम्द
बिन के लिए एक वैल्यू की तरह था लेकिन हमद
बिन अब एक नई आइडिया के साथ रेडी था और वो
गैस के रिजर्व को एक नई कहानी देने को

तैयार था वो ऐसा इसलिए चाहते थे क्योंकि
वो जानते थे की गैस को दूसरे देश तक
पहचाने के लिए जिन पाइपलाइन का उसे करना
था वो लगभग नामुमकिन सा था क्योंकि ये

बिल्कुल भी इजी नहीं था इसीलिए कतर के हमद
बिन का दिमाग चलने लगा और एक नए अवतार के
साथ कतर ने नई दुनिया में कम रखा दरअसल
टेक्नोलॉजी के सहारे उसने डेवलप कर लिया
था की गैस को कैसे लिक्विड फ्री करके तेल

की तरह एक देश से दूसरे देश में एक्सपोर्ट
किया जा सकता है बस फिर क्या था उसने तेल
के लिक्विड फक्शन पर कम करना शुरू कर दिया
दरअसल तेल लिक्विड फक्शन एक प्रोसेस है

जिसके थ्रू गैस को लिक्विड में बादल दिया
जाता है और इस पूरे प्रोसेस में गैस को
माइंस अभी तक ले जाकर ठंडा किया जाता है
बस फिर क्या था देखते ही देखते कतर तेल के

साथ-साथ गैस एक्सपोर्ट मार्केट का किंग बन
गया और आज वर्ल्ड में इसका एक्सपोर्ट
दुनिया में टॉप की तीन कंट्रीज में आता है
लगातार बढ़नी हुई गैस के डिमांड के लिए
सप्लाई चैन को बनाए रखना के लिए कतर ने नए

लिक्विड गैस सेंटर और प्लांट्स का
कंस्ट्रक्शन भी शुरू कर दिया इसलिए पिछले
15 सालों में इंटरनेशनल तेल कंपनी के साथ
पार्टनरशिप में 14 नेशनल लिक्विड गैस

प्लांट्स बना डेल हैं लेकिन अगर आप ऐसा
सोचते हैं की इस देश की नव और बुनियाद
सिर्फ तेल और गैस के दम पर खड़ी है तो
कहानी ना कहानी आप गलत है हां इस बात में

कोई डोरा नहीं की यह इस देश की इकोनामी को
ये दोनों जबरदस्त तरीके से सपोर्ट करते
हैं और आज तक इसकी बैकबोन की तरह कम भी कर
रहे हैं

क्या दुनिया में सिर्फ कादरिया अरब कंट्री
किसी तेल या गैस का प्रोडक्शन करती है ऐसा
नहीं है वेनेजुएला और अंगोला भी ऐसे देश
है जिनके पास वैसे तो तेल और गैस के
रिजर्व है लेकिन फिर भी ये देश अपने इन

ताकतवर रिसोर्सेस का उसे सही से नहीं कर
सके लेकिन यहां कतर में इन देश को जी चीज
में पीछे छोड़ है वो ये है की कैसे उसने
इन रिसोर्सेस से आने वाले पैसे को अलग अलग

जगह सही जगह इन्वेस्ट करके पैसे से पैसा
बनाया और ये सब कतर ने एक कमेटी के थ्रू
किया जिसको उन्होंने 2005 में ऑर्गेनाइजर
किया और यही वो कमेटी थी जिसके वजह से

समझदारी के साथ कतर में ना सिर्फ अपने देश
के अंदर बल्कि दुनिया के कई देश में
अलग-अलग तरीके से इन्वेस्ट करना शुरू किया
आज के समय में कतर देश के अंदर ही
स्टेडियम से लेकर बड़ी-बड़ी रिसर्च

इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल से लेकर
स्काईस्क्रैपर तक में बिलियन ऑफ डॉलर्स
इन्वेस्ट कर चुका है ये तो कतर का
इकोनामिक डेवलपमेंट था लेकिन अब हम आपको

कतर के उसे कम के बड़े में बताते हैं
जिसके बाद इस देश ने दुनिया का सबसे बड़ा
पॉलीटिकल इन्फ्लुएंस हासिल करने के लिए

अपने यहां दुनिया का सबसे बड़ा अरब मीडिया
नेटवर्क स्टार्ट किया जिसे साड़ी दुनिया
अल जजीरा के नाम से जानती है दरअसल इसके
पीछे एक रिज्यूम था वो ही कतर काफी समय तक

सऊदी अब के अंदर में था जिसके चलते कतर
खुलकर दुनिया सामने नहीं ए का रहा था
लेकिन जैसे ही उसे मौका मिलता है और
राजकुमार शेख हमद बिन खलीफा टकड़ा पलट
करते हैं उसके बाद वो ये डिसाइड कर लेते

हैं की अगर खुद को दुनिया के सामने रखना
है तो अपना ताकतवर चेहरा दुनिया के सामने
रखना बेहद जरूरी है जिसके बाद शेक हमद बिन
लखानी ने अल जजीरा को 1996 में शुरू किया
इसे शुरू किया जान के बाद से कतर ने इस

नेटवर्क में अर्बन की रकम डालें तब से
लेकर आज तक अल जजीरा अपना बेवकी चेहरा
दुनिया के सामने खुलकर रखना है इतना ही
नहीं अल जजीरा की बेबाकी के चलते उसे काफी
देश से काफी कुछ सुनने को मिलता राहत है

जिसमें सबसे ज्यादा उसका पड़ोसी देश शामिल
और पावरफुल पॉलीटिकल इन्फ्लुएंस दिखता है
लेकिन वीडियो की शुरुआत में हमने आपसे कहा
था की कतर में सब कुछ अच्छा भी नहीं है तो
कतर में जैसा की हमने आपको बताया की दूसरे

देश से आकर कम करने वाले लेबर बहुत सारे
हैं जो खुद उसकी ओरिजिनल कटारी पापुलेशन
से कहानी ज्यादा है लेकिन इन सबके बावजूद
भी कतर लेबर क्लास की कंडीशंस को इग्नोर
करता हुआ आया है आए दिन कतर में लेबर अपनी

कंडीशंस को लेकर शिकायत करते नजर आते हैं
लेकिन जो हालात आज से 20 से 30 साल पहले
थे आज भी भी है कतर की अमीरी और वहां की
इन्फ्लुएंस पर किसी को कोई शक नहीं है और

ये बात भी सच है की कतर की अमीरी कभी खत्म
नहीं होगी लेकिन उसे वहां कम करने वाले
लोगों पर ध्यान भी देना चाहिए क्योंकि कतर
के पास तेल और गैस तो है लेकिन अगर इन जगह
का कम करने वाले लोग ही कम करने वाली जगह

पर सेफ और सीकर फूल नहीं करेंगे तो ऐसी
अमेरिका क्या फायदा
धन्यवाद

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