2024 के ठीक पहले आमने-सामने आ गए मोदी और चंद्रचूड़, अब आर-पार होकर ही रहेगा! - instathreads

2024 के ठीक पहले आमने-सामने आ गए मोदी और चंद्रचूड़, अब आर-पार होकर ही रहेगा!

भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ
कि एक प्रधानमंत्री मंच से खड़े होकर
सुप्रीम कोर्ट की चुटकी ले सुप्रीम कोर्ट
का मजाक बनाएं आपको बता दें कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भरे मंच से चले

तो थे सुप्रीम कोर्ट का मजाक बनाने के लिए
लेकिन अब खुद एक मजाक बनकर रह गए हैं जैसा
कि आप जानते हैं कि सीजीआई चंद्रचूर ने एक
ही झटके में मोदी सरकार की सबसे बड़ी
स्कीम इलेक्टोरल बंड को बंद कर दिया उसके
बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी

खिसिया हट को चाहकर भी कंट्रोल नहीं कर पा
रहे हैं और ऐसे हालातों में भरे मंच से जो
कहा है वह शर्मनाक है तो फिलहाल सुप्रीम
कोर्ट को लेकर भरे मंच से प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ऐसा क्या बोल गए हैं पहले
बयान सुनिए फिर इस पर सीजीआई चंद्रचूर ने

क्या कहा मैं आपको बताती हूं कि हर किसी
के पास कुछ ना कुछ देने को होता
है मेरे पास कुछ नहीं है मैं सिर्फ भावना
व्यक्त कर सकता
हूं प्रमोद जी अच्छा हुआ कुछ दिया
नहीं वरना जमाना ऐसा बदल गया

है कि अगर आज के युग में
सुदामा श्री कृष्ण को एक पोटली में चावल
देते वीडियो निकल आती सुप्रीम कोर्ट में
पीआई हो जाती और जजमेंट आता भगवान कृष्ण
को भ्रष्टाचार में कुछ दिया गया और भगवान
कृष्ण भ्रष्टाचार कर रहे थे तो जैसा कि आप
जानते हैं कि कांग्रेस के नेता प्रमोद

कृष्णम हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में
शामिल हो गए हैं इसको लेकर प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मेरे पास आपको
देने के लिए तो कुछ नहीं है लेकिन हां
भावना जरूर व्यक्त कर सकता हूं और मोदी जी
यहीं पर नहीं रुकते आप देख सकते हैं आगे

उनका कहना है आगे एक तरीके से सुप्रीम
कोर्ट पर चुटकी लेते हुए कहना है कि अगर
पोर्टली में चावल भी आज सुदामा जाकर भगवान
श्री कृष्ण को दे देंगे और सुप्रीम कोर्ट
में कोई पीआईएल लगा देगा तो सुप्रीम कोर्ट
कह देगा कि श्री कृष्ण भी भ्रष्टाचारी हैं
तो आप देख सकते हैं कहना है मोदी जी का कि

जमाना बदल गया है सोचने वाली बात है जमाना
नहीं प्रधानमंत्री बदल गया है और इतना बदल
गया है कि भरे मन से खड़े होकर एक तरीके
से सुप्रीम कोर्ट का मजाक बनाया जा रहा है
अरे सुप्रीम कोर्ट बेवकूफ बैठा है क्या
क्या हवा में ही कह देगा कि किसी को भी कि
वह भ्रष्टाचारी है आपका कहना है कि अगर
पीआईएल लगा दी गई तो जमाना इतना बदल गया

है सुप्रीम कोर्ट यह तक कह सकता है कि
श्री कृष्ण भी भ्रष्टाचारी थे अगर श्री
कृष्ण को भ्रष्टाचारी सुप्रीम कोर्ट कह
सकता है तो क्या सुप्रीम कोर्ट में दिमाग
नहीं है बुद्धि नहीं है सुप्रीम कोर्ट

बेवकूफ है आप ये कहना चाहते हैं क्या
सीजीआई चंद्रचूर इंटेलेक्चुअल आदमी है
पढ़े लिखे आदमी है सीजीआई है चीफ जस्टिस
है वो फैसला ले रहे हैं और वो फैसला कोई
हवा में तो ले नहीं रहे हैं और हवा में तो
कह नहीं देंगे कि कोई भ्रष्टाचारी है और

कौन भ्रष्टाचारी नहीं है तो इस बयान से आप
अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी कितना खिसिया रहे होंगे कि
उन्होंने मंच से खड़े होकर यह बयान दिया
है आप जानते हैं अभी-अभी इलेक्टोरल बॉन्ड
सीजीआई चंद्रचूर ने बंद किए हैं कहना है

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सख्त टिप्पणी
करते हुए कहा गया कि इलेक्टोरल बंड बंद
होने चाहिए क्योंकि इस स्कीम के तहत
असंवैधानिक काम किया जा रहा है और जब कभी
भी संवैधानिक तरीके से पैसा इकट्ठा किया
जाता है तो वो भ्रष्टाचार होता है आप

अच्छे से जानते हैं सुप्रीम कोर्ट ने जहां
इलेक्टोरल बंड को असंवैधानिक बताया है इसे
एक तरीके से भ्रष्टाचार करार दिया है वहीं
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
कहना है सुप्रीम कोर्ट तो कुछ भी फैसला ले
सकता है सुप्रीम कोर्ट तो कुछ भी कह सकता

है तो यह अब तक की सबसे बड़ी की गई
टिप्पणी है यह टिप्पणी कहीं और से नहीं आप
देख सकते हैं भरे मंच से की गई टिप्पणी है
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम
कोर्ट का कैसे मजाक बनाकर रख दिया है देश
की सर्वोच्च अदालत को लेकर क्या कुछ कहना
है आप देख सकते हैं फिलहाल क्रोनोलॉजी

क्या है वो भी मैं आपको बता देती हूं आप
जानते हैं कि इलेक्टोरल बॉन्ड को
असंवैधानिक करार दिया गया है असंवैधानिक
करार देने के साथ ही इलेक्टोरल बॉन्ड को
रद्द कर दिया गया है यानी कि इस स्कीम के
तहत अगर कोई भी चाहे तो किसी भी पार्टी को

किसी भी राजनीतिक दल को कोई चंदा नहीं दे
सकता है और इसी को लेकर सिर्फ इसको कैंसिल
नहीं किया गया है सीजीआई चंद्रचूर ने एक
कदम आगे का फैसला लिया है उनका कहना है कि
31 मार्च तक आप यह भी बताइए कि कितना पैसा
मिला है और कहां से पैसा मिला है किसने

कितना किना पैसा दिया है यह बताना होगा
चुनाव आयोग को मोदी सरकार को 31 मार्च तक
तो इसीलिए बौखलाहट है और यह बौखलाहट ऐसा
लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भरे
मंच पर भी कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं
क्योंकि मोदी सरकार यह बताना नहीं चाहती

है हर कोई अच्छे से जा जानता है कि मोदी
सरकार यह कतई नहीं बताना चाहती है कि उसको
कितना चंदा मिला है और कहां से कितना चंदा
मिला है और इसका जीता जागता सबूत तब निकल
कर सामने आया जब अक्टूबर 2023 में मोदी
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पब्लिक
को यह जानने का हक नहीं है कि हमें कितना

चंदा मिलता है नहीं याद है तो खबर भी दिखा
देती हूं खबर आप देखिए ए बीपी केस में
लिखा है कि राजनीतिक दलों को मिले चंदे की
जानकारी पाना नागरिकों का मौलिक अधिकार
नहीं सुप्रीम कोर्ट से बोली सरकार तो यह

मोदी सरकार ये वही मोदी सरकार है जिसको अब
सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर ये बताना
होगा कि पैसा कहां से और कितना मिला है
पहले कह रहे थे कि पब्लिक को जानने का ही
हक नहीं है अब यहां पर सीजीआई चंद्रचूर ने
अलग ही पेज फंसा दिया सीजीआई चंद्रचूर ने
जब इलेक्टोरल बॉन्ड पर फैसला सुनाया तो

उन्होंने कहा कि पब्लिक को बताना होगा
बेरा देना होगा यह भी बताना होगा कितना
मिला है कहां से मिला है और अगर सरकार इसे
नहीं बताती है तो ये सूचना के अधिकार का
उल्लंघन होगा यानी कि जानना चाहिए पब्लिक

को कि कितना पैसा मिल रहा है कहां से पैसा
मिल रहा है और नहीं मिलता है तो यह पब्लिक
का हक मारा जाएगा अब एक तरीके से चौतरफा
मोदी सरकार फस चुकी है 2024 लोकसभा चुनाव
की जल्द ही तारीखों का ऐलान होने वाला है
और ऐलान के ठीक पहले इनको बताना है कि

कितना पैसा मिला है और अगर यह पैसा
असंवैधानिक हुआ तो एक तरीके से यह
भ्रष्टाचार होगा यह पैसा भी असंवैधानिक हो
जाएगा और यह पैसा वापस करना पड़ सकता है
और यह इसी स्थिति को लेकर मोदी सरकार
हैरान है और परेशान है और विकल्प तलाशे जा
रहे हैं विकल्प तलाशे जा रहे हैं कि कौन

सा ऐसा विकल्प निकाल लिया जाए कि हमें
सुप्रीम कोर्ट को ये ना बताना पड़े कि
हमें कितना पैसा मिला है खबर भी मौजूद है
खबर आप देखिए आज तक कि इसमें लिखा भी है
कि इलेक्टोरल बंड हुआ रद सुप्रीम कोर्ट के
आदेश के बाद सरकार तलाश रही नए विकल्प तो

विकल्प तलाशे जा रहे हैं अब कोई विकल्प
मिल नहीं रहा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी मंच से खड़े होकर खिसिया हुए नजर आ
रहे हैं क्योंकि जो चंदा है वह सबसे
ज्यादा मात्रा में अगर किसी पार्टी को
मिला है तो वह भारतीय जनता पार्टी को मिला
है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है ग्राफ भी

दिखा देती हूं आप ग्राफ देख सकते हैं कि
भारतीय जनता पार्टी का जो ग्राफ है वो
आसमान को छू रहा है आप देखिए
92082 3 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे गए
और उसमें से भारतीय जनता पार्टी को सिर्फ
भारतीय जनता पार्टी को

5227 द 197 करोड़ रपए मिले हैं बीजेपी को
सबसे ज्यादा पैसे मिले हैं कितने मिले हैं
आप जो यह बार है जो सबसे ऊंचा है उससे
अंदाजा लगा सकते हैं कांग्रेस देखिए उसके
नीचे है और कितना नीचे है बहुत नीचे है

952 करोड़ के आसपास कांग्रेस को चंदा मिला
है और भारतीय जनता पार्टी को इतना चंदा
इतना चावल दिया जा रहा है कहना है कि चावल
कोई पोटली में भर कर दे देगा तो कह देंगे
सुदामा अगर दे देंगे तो श्री कृष्ण भी
भ्रष्टाचारी कह दिए जाएंगे इतना चावल इतना

प्यार कौन दे रहा है बताए ताए भैया इस
बताने में कितना डर क्यों सता रहा है
फिलहाल जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी का बयान निकलकर सामने आया है कि
जमाना बदल गया है वहीं दूसरी तरफ पब्लिक

ने मोदी जी को ही बदल दिया है आप तस्वीरें
देख सकते हैं कि तस्वीरें निकलकर सामने आई
है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्री
कृष्ण बना दिया गया है ये मोदी जी हैं जो
कि फंस गए तो श्री कृष्ण तक को फसाने से
बास नहीं आए तो फिलहाल मोदी जी के इस बयान

पर और उसी के साथ सुप्रीम कोर्ट की
टिप्पणी पर आपको क्या लगता कि क्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना आप खो
बैठे हैं कि मंच पर खड़े होकर इस तरह के
बयान दे रहे हैं इस सवाल के जवाब में आपकी
क्या राय है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें

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