22:22 माँ काली 🕉 जिन्होंने तुम्हे रक्त के आंसू रुलाया है।🕉️ अब वह प्रेम की भीख मागेंगे।🕉️#shivshakti - instathreads

22:22 माँ काली 🕉 जिन्होंने तुम्हे रक्त के आंसू रुलाया है।🕉️ अब वह प्रेम की भीख मागेंगे।🕉️#shivshakti

[संगीत]

मेरे

बच्चे तुमने सदैव अपनों की खुशी

चाही उनके भले के लिए तुमसे जो बल पड़ा

तुमने

किया परंतु बदले में तुम्हें क्या

मिला लोग तुम्हारी मासूमियत का फायदा

उठाते

गए तुम्हें मूर्ख बनाते

गए और तुम बनते

गए यह जानते हुए

भी कि लोग तुम्हारे साथ छल कर रहे

हैं तुम अनजान बने

रहे परंतु अब हद हो रही

है अब और बर्दाश्त मत

करो किसी से प्रेम और दया की उम्मीद मत

[संगीत]

रखो किसी का साथ मत मांगो

मेरे बच्चे सत्य तुम्हारे सामने

है फिर तुम्हें किस बात की प्रतीक्षा

है मैं जानती

हूं कुछ लोगों ने तुम्हारा दिल दुखाया

[संगीत]

है किंतु फिर भी तुम उन्हें अथाह प्रेम

करते

हो उनकी हर उद्दंडता को सहन करते

हो इस आस में कि शायद

उन्हें अपनी भूल का एहसास हो

जाए और वह तुम्हारे प्रेम

का तुम्हारे त्याग का मूल्य समझ

[संगीत]

पाए मेरे बच्चे वह दिन भी अवश्य

आएगा जब उन्हें तुम्हारे प्रेम

की तुम्हारे साथ की कीमत समझ आएगी

किंतु इसके लिए तुम्हें बदलना

होगा अपना हृदय कठोर करना

होगा मेरे बच्चे तुम जरूरत से ज्यादा

अच्छे

हो तुम्हारी यही भूल तुम्हारे आंसुओं का

कारण

है तुम जिससे भी प्रेम करते

हो जिसे भी अप मानते

हो उसे अपना सर्वस्व समझ लेते

हो उसकी हर आज्ञा का पालन करते

हो वह अच्छा करे या

बुरा तुम्हें उसकी प्रसन्नता के लिए सब

स्वीकार होता

है किंतु यह उचित नहीं

है किसी को प्रेम करना भली बात

[संगीत]

है किंतु अपने आत्म सम्मान को कुचल

देना बहुत बड़ी मूर्खता

है मैं जानती

[संगीत]

हूं तुम्हारा हृदय पुष्प के समान कोमल

है तुम मन के बहुत सच्चे

हो किंतु कुछ लोग सच्चे लोगों की कीमत

नहीं समझते

हैं मैं यह नहीं कहती कि झूठ

बोलो किसी के साथ विश्वास घात

करो किंतु जो छल तुम खुद के साथ कर रहे

हो उसे रोक

दो पुष्प के समान कोमल मत

बनो क्योंकि कोमल पुष्प ही पैरों तले

कुचले जाते हैं

मैं जानती

हूं तुम्हारे लिए तुम्हारे संबंध सबसे

अनमोल

है परंतु मेरे लिए तुम अनमोल

हो तुम्हें दुखी और परेशान

देखकर मुझे अत्यंत दुख होता

है बड़े लाट से मैंने तुम्हें बनाया है

कोमल हृदय स्वस्थ शरीर तेज बुद्धि का

उपहार मैंने तुम्हें दिया

है किंतु मेरे बच्चे मेरे उपहारों का

दुरुपयोग

देखकर मेरी आत्मा रो रही

है मेरे बच्चे मैंने हमेशा तुम्हारा

मार्गदर्शन करना

चाहा तुम्हें अपने संदेशों के माध्यम से

बहुत कुछ

समझाया किंतु तुमने हमेशा मेरी बातों को

अनदेखा किया

है तुम्हारे आंसू तुम्हारे

दुख तुम्हारी असफलता का

कारण तुम्हारा भाग्य प्रकृति नहीं

है प्रकृति ने तो तुम्हें बहुत कुछ देना

चाहा किंतु उसे पाने

तुमने चेष्टा ही नहीं

की हमेशा बेकार की चीजों में उलझे

रहे मैं देख रही

हूं इस समय तुम्हारी मानसिक अवस्था ठीक

नहीं

है तुम्हारी आत्मा बहुत तड़प रही

[संगीत]

है तुम्हें ऐसा महसूस हो रहा

है जैसे सब बिखर

गया समय भी हाथ से निकल

गया मेरे बच्चे यह तो सत्य है कि समय की

गति बहुत तेज

है परंतु खुशी की बात यह है कि समय अब भी

शेष

है इसलिए पछतावा मत

करो यदि तुम्हें जीवन समझ में आने लगा है

तो आज और अभी

से अपने समय का सदुपयोग

करो अब भी कुछ नहीं

बिगड़ा तुम्हारी माता तुम्हारे साथ

है अपने मन की शंका त्याग

दो कुछ समय के लिए दुनिया समाज प्रेम

परिवार सबका परित्याग कर

दो केवल एकांत में बैठकर खुद को

रासो मेरा आशा यह नहीं

[संगीत]

है कि तुम अपने संबंधों को तोड़

दो या उन्हें दुखी

करो बस कुछ समय के लिए वार्तालाप कम

करो दूसरों की खुशी से पहले अपनी खुशियों

का ख्याल

करो मेरे बच्चे हर बार लोग गलत नहीं

होते कभी-कभी अपने भीतर झांक कर देखना

होता

है तुम्हारे घाव मुझसे छुपा नहीं

है तुमने एक नहीं अनेक बार धोखा खाया

है परंतु ऐसा इसलिए

[संगीत]

हुआ क्योंकि तुमने ही उन्हें अवसर

दिया तुम्हें दुखी करने का तुम्हें रुलाने

का परंतु अब सावधान हो

जाओ किसी इंसान के पीछे मत

भागो अन्यथा सब कुछ खो

दोगे भागना ही है तो किसी ऐसी चीज के पीछे

भागो जो हर चीज को तुम्हारे पीछे भागने पर

मजबूर कर

दे खुश

रहो मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ

है तुम्हारा कल्याण

हो सच्चे मन से

[संगीत]

कहो जय मां काली

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