4 बार प्यार हुआ लेकिन कभी शादी क्यों नहीं की? | Ratan Tata Biography in Hindi | - instathreads

4 बार प्यार हुआ लेकिन कभी शादी क्यों नहीं की? | Ratan Tata Biography in Hindi |

नमस्कार दोस्तों सेलिब्रिटीज की अगर बात
करें तो मेनली तीन तरह के सेलिब्रिटीज
देखते हैं फिल्म स्टार खिलाड़ी और
पॉलिटिशियन लेकिन क्या आपने सेलिब्रिटी
बिजनेसमैन के बारे में सुना है सुनने में
तो बड़ा अलग लगता है लेकिन श्री रतन टाटा

एक अलग ही तरह के बिजनेसमैन अमीरों की
लिस्ट में कौन से नंबर पर आते हैं पता
नहीं और हमें पता करना भी नहीं क्योंकि
श्री रतन टाटा की लिस्ट ही अलग है मेहनत
इज्जत ईमानदारी नेशन बिल्डिंग ये शब्द
उनसे जुड़ गए हैं और यही कारण है कि दो

2009 में भारत सरकार उन्हें पदम विभूषण से
सम्मानित कर चुकी है यही कारण है कि आज
देश भर के लाखों युवा उन्हें एक रोल मॉडल
की तरह देख पा रहे हैं पूरे हिंदुस्तान
में शायद एक मात्र ऐसे व्यक्ति होंगे

जिनके जीरो टर्स कोई उनको नफरत नहीं करता
बहुत लोगों को शायद ये बात नहीं पता होगी
कि रतन टाटा एक स्किल्ड पायलट भी है 2007
में रतन टाटा बिकम द फर्स्ट इंडियन टू
पायलट एंड f16 फालक जहाज भी उड़ा सकते हैं
एविएशन विल ऑलवेज बी

एक इवेंट की पिक्चर अभी हाल में बड़ी
वायरल हुई मैंने जब पहली बार देखी तो आंख
में पानी भरया जब फोसिस के फाउंडर 77 साल
के नारायण मूर्ति ने स्टेज पर जाके उनके
पैर छू लिए इससे आप उनके कद का अंदाजा लगा
सकते हैं कमर्शियली दोनों कंपीटीटर हैं

लेकिन नारायण मूर्ति स्टेज पर जाते हैं और
श्री रतन टाटा के चरण स्पर्श करते हैं
कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान जब देश
में फाइनेंशियल क्राइसिस पैदा हो रहा था
इस दौरान उन्होंने 00 करोड़ रुपए पीएम
केयर फंड में दान कर दिए अनंद फिल्म में
राजेश खना का डायलॉग था कि बाबू मशा

जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं रतन
टाटा की जिंदगी लंबी भी है और बड़ी भी
1937 में पैदा हुए आज 86 साल के हो चुके
हैं और इन 86 सालों में उन्होंने जो
कारनामे किए उनका पूरा लेखा जोखा करने में
पूरा दिन निकल जाएगा हफ्ता महीने निकल
जाएंगे लेकिन अगले 20 मिनट में मेरी कोशिश

रहेगी कि उनकी जिंदगी से कुछ विजडम की
मूर्ति आपको दे द जब एक गैंगस्टर ने
उन्हें परेशान किया तो वे उससे कैसे निपटे
फड कंपनी वालों ने जब उन पर कंज कसा तो
उनका मिलियन डॉलर रिएक्शन क्या था प्रिंस
चार्ल्स जब उन्हें फिलें थोपी के लिए लाइफ

टाइम अचीवमेंट अवार्ड देने वाले थे तो वे
वहां क्यों नहीं गए हम उन्हें हीरो की तरह
देखते हैं उनका हीरो कौन है जिससे उन्हें
इंस्पिरेशन मिलती है उनकी नजर में हमारे
देश की समस्या क्या है जब वे टाटा ग्रुप
के चेयरमैन बने तो उन पर उंगलियां क्यों

उठी टाटा ग्रुप को इतना बड़ा बनाने में
उनकी स्ट्रेटेजी क्या थी और सबसे
इंपोर्टेंट बात जो हर भारतीय जानना चाहता
है रतन टाटा साहब ने शादी क्यों नहीं यह
सब और भी बहुत कुछ आज के इस धमाकेदार
एपिसोड में लास्ट तक जरूर बने
रहिए एंड यट वी हैव
नॉट बीन रगना ल ओवर द वर्ल्ड

एंटरप्राइजिंग
कंट्री साथियों बिजनेस के हिसाब से 90 पर
स्टार्टअप पहले पा साल में फिर हो जाते
हैं तै बोल जाते हैं 5 पर स्टार्टअप अगले
10 साल तक चलते हैं लेकिन सिर्फ 01 पर
कंपनीज होती हैं जो 100 साल से ऊपर की

यात्रा तय करती हैं अपने टाटा ग्रुप को
150 साल से ज्यादा हो गया टाटा ग्रुप में
आज 100 से ज्यादा कंपनियां आती हैं जो 100
से ज्यादा देशों में चल रही हैं इन
कंपनियों में सोई से लेकर स्टील तक चाय से

लेकर पाइप स्टार बोटल तक और नैनो से लेकर
हवाई जहाज तक सब कुछ मिलता है भारत में तो
कोई घर ऐसा नहीं होगा जहां टाटा ग्रुप का
कोई प्रोडक्ट ना हो और टाटा का नमक तो
बहुत लोगों ने खाया ही है आज मैं यहां
टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे रतन टाटा के
जीवन की एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूं जो

सभी के लिए इंस्पिरेशन है रतन टाटा की
जिंदगी उतार चढ़ाव से भरी रही उनका जन्म
28 दिसंबर 1937 को हुआ टाटा समूह के
संस्थापक जमशेद जी टाटा के ततक पोते नवल
टाटा के बेटे हैं रतन टाटा जब मैज 10 साल
के थे तब उनकी मां-बाप का तलाक हो गया
पिता नवल टाटा मां सोनी टाटा अलग-अलग हो

गए यानी जिंदगी के शुरुआती दौर में ही
ईश्वर ने परीक्षा लेनी शुरू कर दी उन्हें
और उनके भाई जिमी को उनकी दादी नवाज भाई
टाटा ने संभाला वे मुंबई में टाटा पैलेस
में रहते थे उनके घर एक कार थी बड़ी-बड़ी
लाइट वाली महंगी तड़पती भड़कती कार अगर

ड्राइवर कभी उन्हें उस कार में स्कूल लेने
आता तो वे पैदल वापस आना पसंद करते बजाय
कि उस कार में आने से दरअसल रतन टाटा बेहद
शर्मीले थे उन्हें अच्छा नहीं लगता था कि
ऐसी कार की वजह से सबके नोटिस में आ जाए
दादी को कहते थे कि आप कु छोटी दूसरी

गाड़ी भेज दिया करो आज भी अगर आप उन्हें
देखें तो उनकी पर्सनालिटी में वैसे ही
सौम्यता दिखाई देती है बहुत ही हंबल बहुत
ही सिंपल 1955 से 1962 तक अमेरिका में रहे
कर्नल यूनिवर्सिटी से उन्होंने
आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग की

पढ़ाई की अमेरिका में नौकरी करते हुए उनका
वहीं लॉस एंजलिस में शादी करके सेटल होने
का इरादा था लेकिन ईश्वर को कुछ और मंजूर
था दादी ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते
हुए वापस भारत बुला लिया रतन टाटा ने आईन
की नौकरी ठुकरा करर टाटा ग्रुप के साथ
अपने करियर की शुरुआत एक कर्मचारी एक

साधारण कर्मचारी के तौर पर करी उन्होंने
टाटा ग्रुप जवाइन किया वो भी एक अप्रेंटिस
की तरह टेल को जिसे टाटा मोटर कहा जाता है
और टिस्को जो टाटा स्टील है यहां उन्होंने
शॉफ फ्लोर वर्कर्स के साथ काम शुरू किया
पैदल ही काम पर जाते थे सबके साथ लग के
लाइन में खाना खाते थे और सबके साथ हॉस्टल

में रहते कपड़े धोते आम वर्कर की तरह
जिंदगी जीने वाले रतन टाटा साल 1991
आते-आते टाटा ग्रुप के अध्यक्ष बन गए 2012
में रिटायर हो गए रतन टाटा ने अपने 21 साल
के राज में टाटा ग्रुप को शिखर पर पहुंचा
दिया कंपनी की वैल्यू 50 गुना बढ़ा दी वो
फैसले लेते गए और उन्हें सही साबित करते
गए एज अ चेयरमैन ऑफ टाटा ग्रुप उन्होंने

बड़ी-बड़ी कंपनी जैसे देवू कोरस टकले रेंज
रोवर और जगवार को टेक ओवर किया उन्होंने
टाटा ग्रुप को एक ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन बना
दिया जिसके रेवेन्यू का लगभग दो तिहाई
हिस्सा इसकी ओवरसीज मार्केट ऑपरेशन से आ
रहा था उन्हें
instagram2 पीढ़ी के फासले वाले दो लोगों

की दोस्ती की 2014 में एक जवान लड़का
शांतन टाटा ग्रुप में एंप्लॉई एक दिन उसने
एक आवारा कुत्ते को सड़क पर मरते हुए देखे
उन्हें लगा कि कुछ तो करना चाहिए इस बारे
में तो कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक
रिफ्रैक्टर वाला डॉक कॉनर बना दिया जो रात
में चमके और सड़क पर ड्राइव कर रहे लोगों

को दूर से ही कुत्तों का पता चल जाए उनको
पता लगा कि उनके इस चमकने वाले कॉलर की
वजह से कुत्ते की जान बच गई उन्हें बहुत
अच्छा लगा और उन्होंने इसी का बिजनेस
सेटअप करने की सोच ली एक वेंचर शुरू किया
और अपने वेंचर का नाम रखा मोटो पाव लेकिन
दिक्कत ये थी ज्यादा कॉर्नर बनाने के लिए

पैसा तो था नहीं फंडिंग नहीं थी अब वो
अपने पिताजी के पास गया पिताजी से पूछा
क्या करूं उनके पिताजी ने उन्हें सराह दी
कि रतन टाटा को भी कुत्तों से बहुत लगाव
है बड़ा प्यार करते हैं इसलिए आप एक काम
करो रतन टाटा को एक चिट्ठी लिख लिख दो

लेटर लिख दो शांतन ने रतन टाटा साहब को
लेटर लिख दिया और मजे की बात दो महीने के
बाद रतन टाटा साहब का जवाब उन्होंने कहा
कि उन्हें शांतन का काम बहुत पसंद आया अब
वे शांतन से मिलना चाहे कुछ दिनों के बाद
मुंबई में मुलाकात रतन टाटा ने शांतन को

उनके कुत्तों से मिलवाया और उनके वेंचर की
फंडिंग भी कर दी इस तरह दोनों के बीच
दोस्ती हो गई इसके कुछ समय के बाद शांतन
मास्टर्स के लिए अमेरिका चले गए उसी कर्नल
यूनिवर्सिटी में जहां से रतन टाटा ने
पढ़ाई की थी जब का कोर्स खत्म हुआ तो मजा
देखिए रतन टाटा उनकी कन्वोकेशन सेरेमनी

अटेंड करने के लिए गए उनके पास फिर इनको
ऑफर दिया कि आप मेरे बिजनेस असिस्टेंट बन
जाओ शांतन ने खुशी से इस ऑफर को एक्सेप्ट
कर लिया वे कहते हैं हर किसी को अच्छा
दोस्त चाहिए अच्छा मेंटर चाहिए अच्छा बॉस
उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उन्हें एक ही

इंसान में यह तीनों लोग रतन टाटा के रूप
में मिल इस वीडियो में रतन टाटा शांतन के
साथ अपना 84 वां जन्मदिन मनाते हुए दिख
रहे हैं शांतन ने ही रतन टाटा को
करते हुए इनकी ऑडियो बुक सुनना बेहद पसंद
करता हूं मेरी पर्सनल फेवरेट सेल्फ हेल्प

ऑडियो बुक आप जानते ही हैं चाणक्य नीति है
एक्साइटिंग न्यूज़ इज दैट कुक एफएम लंच
कुक एफएम रीकैप जिसमें आपकी 2023 की जर्नी
कैसी रही कुक एफएम के साथ इसको आप एक
रीकैप में देख सकते हो जिधर आप 2023 में
आपके द्वारा सुनी हुई अपनी बेस्ट ऑडियो

बुक्स की लिस्ट हाउ मेनी मिनट्स यू सेव
विदाउट यर स्क्रीन टाइम एंड अपनी रैंक
अमंग 2.5 मिलियन यूजर्स एक्सप्लोर भी कर
सकते हैं सो यूज माय कूपन कोड सोनू 50 फॉर
50 पर ऑफ ऑन कुक एफएम फर्स्ट मंथ
सब्सक्रिप्शन गेट अ ₹ 99 सब्सक्रिप्शन
जस्ट फॉर र 49 ओनली दोस्तों यह कहानी एक

ऐसी आस्तिक की है जिसने अपने अपमान का
बदला ताव में आकर नहीं बल्कि सफलता के
झंडे गाड़ कर लिया कहते हैं अक्सर लोग
अपने अपमान का बदला तत्काल लेने की कोशिश
करते हैं लेकिन महान लोग अपने अपमान को भी
अपनी सफलता की सीढ़ी बना लेते हैं टा
कंपनियों को नई ऊंचाइयों पर पर पहुंचाने

वाले रतन टाटा पर ये कहावत बिल्कुल सटीक
बैठती है बात है 1998 की जब टा मोटर ने
अपनी पहली पैसेंजर कार इंडिका बाजार में
उदार दी दरअसल यह रतन डाटा का डीम
प्रोजेक्ट था और इसके लिए उन्होंने जीत

तोड़ मेहनत करी लेकिन इस कार को बाजार से
उतना अच्छा रिस्पांस नहीं मिल पाया जितना
उन्होंने सोचा था इस वजह से टा मोटर्स
घाटे में जाने लगी कंपनी से जुड़े लोगों
ने घाटे को देखते हुए रतन टाटा को उसे
बेचने का सजेशन दिया और ना चाहते हुए भी

रतन टाटा को इस फैसले को एक्सेप्ट करना
पड़ा इसके बाद वो अपनी कंपनी को बेचने के
लिए अमेरिका की कंपनी फड के पास गए
दिलचस्प किस्सा है रतन टाटा की जिंदगी का
रतन टाटा और फर्ड कंपनी के मालिक बिल
फोर्ड की बैठक कई घंटे तक चली इस दौरान

बिल फड ने रतन टाटा के साथ अच्छा व्यवहार
नहीं किया और कहा कि जिस व्यापार के बारे
में आपको समझ और जानकारी नहीं उसमें इतना
पैसा ही क्यों लगा दि ये कंपनी खरीद कर हम
आप पर एहसान कर रहे हैं ये शब्द बिल फोर्ड
के थे लेकिन रतन टाटा के दिल और दिमाग पर

छप गए विवाह से अपमान का घूंट पीकर इस डील
को कैंसिल करकर वापस भारत आ गए बिल फोट का
वह अपमानित करने वाला वाक के उन्हें
लगातार बेचैन कर रहा था उनकी रातों की
नींद उड़ गई बस इसके बाद रतन टाटा ने
निश्चय कर लिया कि अब वो इस कंपनी को किसी
को भी नहीं बेचेंगे और लग गए कंपनी को नई

ऊंचाइयों पर पहुंचाने के काम इसके लिए
उन्होंने एक रिसर्च टीम तैयार की और बाजार
को मन टटोला कि हम फेल क्यों हुए इसके बाद
की कहानी सभी को पता है साथ साथियों
भारतीय बाजार के साथ-साथ विदेशों में भी

टाटा इंडिका ने सफलता के झंडे गाड़ दिए तो
वही इस घटना के कुछ समय के बाद फोर्ड
कंपनी का पतन शुरू हो गया साल 2008 तक
आते-आते फोर्ड कंपनियां दिवालिया यानी
इंसॉल्वेंट होने के कागार पर पहुंच गई
मौके की नजाकत को समझते हुए रतन टाटा ने
फड की लग्जरी कार लैंड रोवर और जगर बनाने
वाली कंपनी जेएलआर को खरीदने का प्रस्ताव

रख दिया जिसको फड ने स्वीकार भी कर लिया
एक्सेप्ट कर लिया कि ठीक है भाई हम इसको
बेच देंगे इसके बाद मीटिंग के लिए फोर्ड
के अधिकारी भारत आए और बॉम्बे हाउस में वो
ऐतिहासिक मीटिंग फिक्स हुई इसके बाद यह

सौदा लगभग 2.3 अरब डॉलर में हुआ तब बिल
फोर्ड ने रतन टाटा से वही बात दोहराई जो
उन्होंने रतन टाटा से तब कही थी जब टाटा
साहब अमेरिका गए थे लेकिन इस बार थोड़ा
बदलाव था मुंबई की मीटिंग में बिल फड के
शब्द थे आप आज हमारी कंपनी खरीदकर हम पर

बहुत बड़ा एहसान कर रहे हैं दोस्तों यहां
सीखने वाली बात यह है कि रतन टाटा अगर
चाहते तो अमेरिका में उसी समय बिनफोर्ड के
साथ हुई मीटिंग में उनकी बात का जवाब दे
देते लेकिन कहा ना कि महान लोग बातों से
नहीं सफलता से लोगों को जवाब दिया करते

हैं आज जेएलआर टाटा ग्रुप का हिस्सा है और
बाजार में बेहतर प्रॉफिट के साथ आगे बढ़
रहा है और फिर एक दिन ना भूलने वाला हादसा
हुआ 26 नवंबर 2008 का मुंबई टेरर अटैक
जिसको लश्कर ताइवान ने प्लान किया
2611 सर्वाइविंग मुंबई 166 निर्दोष लोगों

की जान चली गई नौ आतंकवादी मारे गए और
अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया जिसको
बाद में 2008 में फांसी दे दी गई इस घटना
ने देश के साथ-साथ श्री रतन टाटा को भी
पूरी तरह से हिला दिया क्योंकि टेररिस्ट
के निशाने पर था टाटा ग्रुप का प्रीमियम
होटल मुंबई का ताज रतन टाटा एक इंटरव्यू

में बता रहे थे कि उस दिन मुझे एक कॉल आया
मुझे बताया गया देयर इज सम शूटिंग एट था
कि ताज में गोलियों की आवाजें आ रही हैं
तो मैंने ताज में कॉल किया लेकिन किसी ने
रिप्लाई नहीं किया उस दिन मैं आधा घर पे

और आधा ताज में था और टीवी पर अपनी आंखों
के सामने वो सब देख रहा था दोस्तों यहां
रतन टाटा का वो रोप देखने को मिला जिसने
उनका कद भारतीय दिमाग में और बड़ा कर दिया
बाद में रतन टाटा उस टेंस सिचुएशन में खुद

होटल के बाहर खड़े हुए दिखे लोगों को
आश्वासन देने के लिए अस्पताल में खुद उन
लोगों से मिलने गए जो इंजर्ड थे जिन ताज
एंप्लॉयज की जान इस टेरर अटैक में चली गई
उनकी बची हुई जिंदगी की पूरी सैलरी एक साथ
उनके परिवार को एक बुश दे दी और उनके

बच्चों के लिए पूरी दुनिया में कहीं भी
एजुकेशन और मेडिकल सपोर्ट बिल्कुल फ्री कर
दी जिंदगी भर के लिए उन लोगों को काउंसलर
प्रोवाइड करवाया गया और सिर्फ केवल
एंप्लॉई के लिए नहीं बल्कि जो लोग होटल के

बाहर टेरा लगाते थे जिनसे टाटा ग्रुप का
कोई लेना देना नहीं था या पैदल जा रहे लोग
थे जिनको श शायद रतन टाटा जानते भी नहीं
थे या शायद वह शहीद पुलिसकर्मी उन सबके
लिए रतन टाटा ने अपने खजाने खोल दिए ताकि
किसी को भी पैसों को लेकर कभी दिक्कत ना

आए साथियों सरकारों के मुआवजे आने में
सालों लग जाते हैं लेकिन रतन टाटा ने एक
महीने के अंदर ही सबको उम्मीद से भी
ज्यादा दिया कहते हैं नियत साफ हो तो काम
करने में समय कभी नहीं लगता रतन टाटा ने

अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी ताज को
दोबारा ब्यूटीफाई किया गया और पहले से भी
बहुत सुंदर बनाया गया कि मानो रतन टाटा
टेररिस्ट को एक मैसेज भी दे रहे हैं कि
तुम जान ले सकते हो इमारत गिरा सकते हो

मगर हमारे हॉस्टलों को नहीं गिरा सकते अब
बात करते हैं रतन टाटा सर की शादी को लेकर
जिसका रहस्य हमेशा से बना हुआ है दुनिया
में प्यार बांटने वाला इंसान असल जीवन में
अकेला क्यों रह गया दोस्तों रतन टाटा ने

कभी शादी नहीं की बताता हूं क्यों जब वो
अमेरिका में थे तब उन्हें वहां की एक
लड़की से मोहब्बत हो गई प्यार हो गया उम्र
ही कुछ ऐसी थी और वे उससे शादी भी करना
चाहते लेकिन तभी उन्हें अपनी बीमार दादी

से मिलने के लिए भारत आना पड़ा वो दादी
जिन्होंने बचपन में रतन टाटा को बाल पोस
करर बड़ा किया था वो दादी जो उनके दिल के
बहुत नजदीक थी वो भारत लौट र थे उन्होंने
उस लड़की से कहा कि चलो चलते हैं भारत वही

शादी भी कर लेंगे लेकिन उस लड़की के
मां-बाप ने उसे इंडिया नहीं आने क्यों
क्योंकि उस समय इंडिया चाइना वॉर चल रहा
है और बाद में रतन टाटा को पता चला कि उस
लड़की ने वहीं पर किसी दूसरे से शादी करली
रतन डाटा बताते हैं कि उन्हें चार बार

प्यार हुआ हर बार ऐसा हुआ क्योंकि शादी बस
होने ही वाली थी लेकिन किसी ना किसी कारण
से वह खुद पीछे हट जाते थे कभी काम में
व्यस्त होने की वजह से कभी शादी को लेकर

एंजाइटी की वजह से वे कहते हैं कि अगर
पीछे मुड़कर देखता हूं तो जिनसे शादी हो र
थी तो लगता है अच्छा हुआ कि शादी नहीं हुई
अगर शादी हो गई होती तो मामला बहुत
कॉम्प्लेक्शन टाटा की जिंदगी का एक बहुत
बड़ा कमाल का किस्सा है जब वे टाटा ग्रुप

में हंगामा हो गया कोलंबिया बिजनेस स्कूल
में एक टॉक के दौरान रतन टाटा ने इस
किस्से के बारे में बात करी एक गैंगस्टर
था जिसने देखा कि ट्रेड यूनियन के पास
बहुत सारा पैसा है और वह उस पर कब्जा करना
चाहता था उसके करीब 200 फॉलोअर्स थे गुंडे

बदमाश किस्म के लोग होंगे प्लांट में बाकी
4000 लोगों को उससे कोई इंटरेस्ट नहीं था
रतन टाटा अपनी कंपनी की गलती यह बताते हैं
कि उन्होंने यूनियन को फॉर ग्रांटेड ले
लिया यूनियन को मैनेजमेंट का माउथ पीस
माना जाता है इसी के चलते वर्कर्स इस गैनर

के इन्फ्लुएंस में आ रहे थे उसने कंपनी के
400 500 एंपॉइज के साथ मारपीट शुरू कर दी
लोकल पुलिस के साथ सांड गाट थी इसलिए
चांसेस थे कि पुलिस के पास जाओ तो भी
पुलिस कारवाई नहीं करने वाली फिर व कंपनी

के कुछ अवसरों के घर जाने लगा रात के 2:00
बजे मुंह को ठक्कर डोर बेल बजाता दरवाजा
खुलते ही चाकू मार देता हमेशा जांग पर
चापू मारता ताकि मरते नहीं सर्जरी करवानी
पड़ती और मैनेजमेंट में एक डर का माहौल
पैदा हो गया उससे स्ट्राइक करवा द और

कंपनी में सब खुश रुक गया कई सलाहकारों का
मानना था कि कंपनी को इस गैंगस्टर को खुश
करना चाहिए रुपया वगैरह देक सेटल करना
चाहिए लेकिन रतन टाटा ने कहा नहीं यह सही
बिल्कुल नहीं होगा कोई गैंगस्टर हमें
ब्लैकमेल नहीं कर सकता हम ऐसा नहीं होने

देंगे जानते हैं रतन टाटा ने किया क्या
रतन टाटा ने वर्कर्स को वापस आने के लिए
कहा वर्कर डरे हुए थे कि जो वर्कर काम पर
गया तो कहीं वह गैंगस्टर उसके परिवार को
चोट ना पहुंचा दे इसलिए रतन टाटा खुद
प्लांट में गए और वहां तीन दिन उन्हीं

वर्कर के साथ खुद काम करते रहे और वर्कर
धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे अब काम पर लौटने
लगे उन्होंने देखा कंपनी का मालिक खुद
हमारे साथ काम कर रहा है गैंगसर कहता रहा
कि प्लांट बंद है कोई ना जाए पर रतन ने

इश्तिहार लगवा दिए कि सारे वर्कर काम पर
वापस आ चुके हैं प्लांट बढ़िया चल रहा है
लौट आइए और सारे वर्कर्स वापस आ गए
आखिरकार पुलिस आई उसे और उसके साथियों को
अरेस्ट किया हड़ताल खत्म हो गई और
गैंगस्टर ने जेल से बाहर आकर कहा कि रतन
टाटा को जान से मार देगा फिर से सारा गों

ने टाटा साहब को कहा कि इसके साथ पैचअप कर
लिया जाए लेकिन रतन टाटा कहां मानने वाले
थे उन्होंने मना कर दिया कि ऐसे बदमाश
लोगों से बात ही नहीं करेंगे ऐसे हैं अपने

रतन टाटा दोस्त रतन टाटा जमीन से आसमान तक
कुछ भी सोच सकते हैं कुछ भी कर सकते हैं
एक तरफ तो लग्जरी कार्स रेंज रोवर और जगर
को एक्वायर किया और दूसरी तरफ उसी साल
2008 में दुनिया की सबसे सस्ती कार टाटा
नो को लॉन्च कर दिया यह भी एक बेहद कमाल

का किस्सा है दोस्तों कि उन्होंने एक
इंडियन फैमिली को स्कूटर पर जाते हुए देखा
कि एक बच्चा मां और बाप के बीच में फंसा
हुआ था स्लिपरी रोड थी यह देखकर उन्हें
अच्छा नहीं लगा उन्हें लगा इनके लिए कुछ
तो करना चाहिए पहले तो वो यह सोच रहे थे

सकता हूं मैं उन्होंने आर्किटेक्चर की
पड़ाई की हुई थी तो जब भी फ्री होते चित्र
बनाने लगते फिर धीरे धीरे-धीरे उन चित्रों
में टू व्हीलर की जगह चार पहिया आ गए और
आखिरकार उन्होंने फैसला किया कि नहीं एक
कार ही बनाऊंगा ऐसी कार जो हमारे देश के
सब लोग खरीद सके और इस तरह शुरू हुई टाटा

की ले टकिया कार नो हालांकि सस्ती कार के
रूप में इसकी ब्रैंड करना एक स्ट्रेटेजिक
भूल थी और ये कार 2018 में बंद हो गई रतन
टाटा एक बिजनेस जीनियस तो है ही दोस्तों
साथ ही उनकी सिंपलीसिटी सेंसिटिविटी और
ह्यूमिडिटी के बहुत से किस्से हैं
रिसेंटली जनवरी 4221 को रतन काटा ट्रैवल्ड

टू पुणे टू मीट एन इनिंग फॉर्मर एंप्लॉई
अपने एक पुराने एंप्लॉई से मिलने हुए पुणे
उनके घर चले जाते हैं सून आफ्टर हिज विजिट
द 86 ईयर ओल्ड ट्रेंडेड ऑल ओवर द इंटरनेट
सब इंटरनेट में सिर्फ रतन टाटा की वो
तस्वीरें जिसम वो अपने एंप्लॉई के साथ

बातचीत कर रहे हैं पुना के उनके घर
साथियों कुत्तों से उन्हें बहुत लगाव है
और वे लोगों को प्रेरित करते हैं कि स्पीन
डॉब को अडॉप्ट करें इनफैक्ट उनकी फेवरेट
किताब भी कुत्तों से रिलेटेड है गास स्पन
की लिखी हुई किताब है द आर्ट ऑफ रेसिंग इन
द रेन इसमें कुत्ते के पॉइंट ऑफ व्यू से

इंसानों की लव स्टोरी दिखाई गई है फरवरी
2018 में यूके के प्रिंस चार्ल्स रतन टाटा
को फिलें थोपी के लिए लाइफ टाइम अचीव
अवार्ड देना चाहते वे बकिंघम पहले जाने के
लिए बिल्कुल तैयार थे लेकिन तभी उनके
कुत्ते टीटो की तबीयत खराब हो गई देखिए

अपने कुत्ते से कितना प्रेम था व उसको
छोड़कर नहीं जा सके उन्होंने अवार्ड
फंक्शन को ही छोड़ दिया साथियों प्रिंस
चार्ल जैसे इंसान का इन्विटेशन सिर्फ रतन
टाटा ही ठुकरा सकते हैं प्रिंस चार्ल को

जब ये पता चला तो उन्होंने तारीख में कहा
कि इतने शानदार इंसान है रतन टाटा और
इसलिए ही टाटा ग्रुप आज इस बढ़िया पोजीशन
में है एक बार एक ऑनलाइन कैंपेन चला के
उनको भारत रत्न जाना चाहिए इस पर उन्होंने
कहा कि मैं आपके सेंटीमेंट की कदर करता

हूं लेकिन मेरी रिक्वेस्ट है कि ऐसे
कैंपेन बिल्कुल ना चलाए डिस कंटिन्यू कर
दिए जाए वे कहते हैं कि मैं एक इंडियन हूं
मेरे लिए यही बहुत बड़ी बात है रतन टाटा
कभी इकॉनमी क्लास में सफर करते हुए दिख
जाते हैं कभी कभार अपनी कार के ड्राइवर के

साथ बैठे हुए आगे वाली सीट पर दिख जाते
हैं कहीं फोटो खिंचवाते हैं बाकी लोगों के
साथ और आगे की लाइन में घुटनों के बल बैठ
जाते हैं कमाल का काम करते हैं टाटा साहब
एक बेहद मजेदार किस्सा
उन्होंने अपने
instagram2 और एक हर्ट इमोजी बना दी रतन

टाटा को लिख रही है लड़की कांग्रेचुलेशन
छोटू बहुत से यूजर ने लड़की की आलोचना कर
दी कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हो गई हमारे
टाटा साहब के बारे में ऐसा लिखने की लोग
ट्रोल करने लग गए हां तो होना ही था रतन

टाटा ने उस कमेंट के नीचे जवाब दिया हम
सभी के अंदर एक बच्चा है कृपया करके इस
यंग लेडी को रिस्पेक्ट के साथ ट कर ये है
हमारे टाटा साहब ट्रोलिंग के चलते लड़की
ने अपना कमेंट डिलीट कर दिया तो रतन टाटा

ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिख दिया एक
बहुत ही मासूम जवान लड़की ने कल अपने हर्ट
फेल्ड सेंटीमेंट शेयर किए और अपने कमेंट
में मुझे बच्चा कहा इसके लिए उसे बुरी
किया गया डिस रिस्पेक्ट किया गया और
आखिरकार उसने अपने सेंटीमेंट्स को डिलीट
कर मैं उस लड़की के हर्ट फेड नोट को

अप्रिशिएट और रिस्पेक्ट करता हूं और
उम्मीद करता हूं कि वह दोबारा पोस्ट करने
से ना रुके दोबारा ऐसा पोस्ट करें क्या
कमाल के इंसान हैं रतन टाटा साथियों अगर
आपको आज का ये वीडियो अच्छा लगा हो अगर आप
रतन टाटा के फैन हो और मानते हो कि वाकई

में रतन टाटा हमारे देश के सही हीरो हैं
तो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर
करें हर भारतीय के पास और आज के इस वीडियो
से कुछ सीखें अपनी जिंदगी में इंप्लीमेंट

करें ऐसे ही किसी और वीडियो के साथ फिर
आपसे मुलाकात करूंगा जिस व्यक्ति के बारे
में जिस कंपनी जिस ऑर्गेनाइजेशन के बारे
में आप चाहते हैं कि मैं वीडियो बनाऊं
कमेंट बॉक्स में लिखें अगले जल्दी से किसी
और वीडियो के साथ फिर आपसे मुलाकात करूंगा

तब तक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए थैंक
यू सो मच जय हिंद…

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