BHU के अपराधी भाजपा आईटी सेल के | BHU accused are BJP IT cell members - instathreads

BHU के अपराधी भाजपा आईटी सेल के | BHU accused are BJP IT cell members

नमस्कार  आईआईटी बीएचयू की
एक छात्रा के साथ बंदूक की नोक पर उसके
कपड़े उतरवाने छेड़खानी कर वीडियो बनाने
और गैंग रेप करने के मामले में तीन लड़के

पकड़े गए हैं यह घटना 1 नवंबर की है घटना
के आठ दिनों के बाद इन पर गैंग रेप का
मामला दर्ज हुआ था इन तीनों के नाम हैं
कुणाल पांडे अभिषेक चौहान उर्फ आनंद और

सक्षम पटेल यह घटना इतनी बड़ी तो थी ही कि
दिल्ली के निर्भया कांड की तरह देश भर में
गूंज जाती लेकिन ना तो 1 नवंबर को गूंजी
और ना अब 2014 के पहले का समय होता तो

टीवी पर बहस शुरू होने के साथ ही सबसे
पहले बीएचयू के वाइस चांसलर और आईआईटी के
निदेशक को पद से बर्खास्त कर दिया जाता इस
केस में यह भी नहीं हुआ घटना के 60 दिनों
के बाद इस केस में तीन लड़के पकड़े गए

जबकि यह लड़के अपराध के बाद मध्य प्रदेश
में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने चले
गए कुणाल पांडे तो भारतीय जनता पार्टी के
बनारस इकाई के आईटी सेल का संयोजक है यानी
प्रमुख है सक्षम पटेल भी आईटी सेल का सह

संयोजक है यानी वह भी प्रमुख है तीसरा
आनंद चौहान आईटी सेल की कार्य समिति का
सदस्य है तीनों बनारस आईटी सेल में काम
करते हैं और बनारस प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी का संसदीय क्षेत्र है भारत के

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इनकी
तस्वीरें हैं इसलिए आप से आग्रह है कि इस
वीडियो को आखिर तक ध्यान से देखिए आईटी
सेल के नाते उसकी इतनी हैसियत तो है ही कि
वह प्रधानमंत्री से इस तरह मिलता है

प्रधानमंत्री तक वह यूं ही नहीं पहुंचा
होगा बीजेपी में खास रहा होगा तभी उसका
नाम उनसे मुलाकात करने वालों की सूची में
शामिल किया गया होगा सक्षम पटेल की क्या

ही उम्र है मगर वह इस तस्वीर में
प्रधानमंत्री से मिल रहा है प्रधानमंत्री
से हर कोई नहीं मिल सकता पार्टी के खास
लोगों को ही मिल मिलने का मौका मिलता है
जो भी मिलता है उसकी बकायदा जांच तो होती

होगी अब यह भी देखिए यह तस्वीर है गुजरात
की साल के पहले ही दिन खबर आई और यह
तस्वीर भी इस तस्वीर में दवा कंपनी कैडिला
के सीएमडी राजीव मोदी हैं जो प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी से मिल रहे हैं इन पर

बलात्कार का मामला दर्ज हुआ है कैडिला में
काम करने वाले बुल्गेरियन मूल की एक महिला
ने राजीव मोदी पर बलात्कार और यौन शोषण के
आरोप लगाए

गुजरात हाई कोर्ट के दखल के बाद इस मामले
में एफआईआर हुई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने महिला
की शिकायत खारिज कर दी थी नरेंद्र मोदी के
गुजरात में राजीव मोदी पर बलात्कार के
मामले में केस तब होता है जब हाई कोर्ट का

आदेश आता है पुलिस खुद से नहीं करती यह
फोटो तो याद होगा ऑस्ट्रेलिया का बालेस
धनखड़ इसे कोरिया की पांच महिलाओं के साथ
बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया
गया था यह व्यक्ति महिलाओं को नशीली दवाई

देता था और उन्हें निर्वस्त्र कर वीडियो
बनाता था यह व्यक्ति ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ
बीजेपी का अध्यक्ष था 2014 में नरेंद्र
मोदी जब ऑस्ट्रेलिया गए तब उनके स्वागत
कार्यक्रम का अध्यक्ष था उनके स्वागत का

काम संभाल रहा था हिंदू काउंसिल ऑफ
ऑस्ट्रेलिया में शामिल था यह सब मीडिया
रिपोर्ट में आपको मिल जाएगा बाले धनखड़
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुआ इतना

महत्त्वपूर्ण व्यक्ति था वह इसका केस
सिडनी की एक बड़ी और महंगी वकील ने लड़ा
इस पर बलात्कार समेत यौन शोषण के 39 मामले
दर्ज थे और सभी 39 मामलों में ऑस्ट्रेलिया
की अदालत ने इसे दोषी पाया और सजा सुनाई

तो बलात्कार के मामले में सजा पाए
गिरफ्तार लोग रैंडम लोग नहीं हैं बल्कि
बीजेपी के कार्यकर्ता हैं शीर्ष पदों पर
हैं ऐसे लोगों की पीएम के साथ तस्वीर को
आप केवल फोटो बताकर कर किनारे नहीं कर

सकते बलात्कार के मामले में सजा पाने वाले
आरोप में गिरफ्तार हुए लोगों की तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलती
है तो यह मामला केवल फोटो का नहीं रह जाता

हम नहीं कह रहे कि अपराध में प्रधानमंत्री
का संरक्षण प्राप्त था इतनी समझ हमें भी
है हम यह कह रहे हैं कि उनके नेतृत्व में
उनके तमाम संगठनों में किस तरह के लोग भर

गए राष्ट्रवाद और धर्म की आड़ में यह लोग
खुद को राम भक्त का दावा कर किसी पर भी
जानलेवा से लेकर मनोवैज्ञानिक धावा बोल
देते हैं इसलिए उनसे सवाल बनता है इसके
पहले क्या कभी भी आपने बलात्कार के मामले

में सजा पाए या आरोप में पकड़े गए लोगों
की इतनी तस्वीरें आपने भारत के किसी भी
प्रधानमंत्री के साथ देखी है क्या इस
मामले में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
देश के पहले प्रधानमंत्री हैं उन तक नजदीक

पहुंचने की पूरी प्रक्रिया होती है जांच
होती होगी तभी कोई पहुंच पाता होगा
बलात्कार के दोषियों आरोपियों की तस्वीर
तो आपने प्रधानमंत्री मोदी के साथ देखी ही

यह भी देखिए इस फोटो में जो बंदा पीएम के
साथ एयरपोर्ट पर दिख रहा है वह संजय
शेरपुर है यह ठग है एक ठग रनवे तक पीएम का
स्वागत करने कैसे पहुंचा शेरपुर ईडी के

केस रफा दफा करने के वादे करता था 15000
युवकों को नौकरी का झूठा वादा कर चुका था
गुजरात में भी इसका व्यापार बताया जाता है
इसे नोएडा पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार

किया मुझे एक बात बताइए निर्भया आंदोलन के
समय अगर बलात्कारियों की या शेरपुर या
जैसे ठक की प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के
साथ तस्वीर मिल जाती तो मीडिया क्या करता
पहले पन्ने पर किस तरह की हेडलाइन लिखी

जाती फोटो का होना प्रधानमंत्री पर
टिप्पणी नहीं है उनकी राजनीति पर टिप्पणी
जरूर है प्रधानमंत्री के सिस्टम पर
टिप्पणी जरूर है जिसका काम होता है कि जो
व्यक्ति पीएम से मिलने आ रहा है उसकी

अच्छी तरह से जांच परख हो उस सिस्टम पर
गंभीर सवाल है क्या प्रधानमंत्री को पता
है कि धर्म का नाम लेकर कितने गुंडे कितने
अपराधी उनकी पार्टी में घुस आए हैं और घुस

आने के बाद किस-किस तरह की वसूली कर रहे
हैं उनके नजदीक भी आ जाते हैं उनके फ्रेम
में आ जाते हैं यह सवाल तो हम उनसे पूछ ही
सकते हैं खुद को धर्म का नेता पेश करने

में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कितना सचेत
रहते हैं सक्रिय रहते हैं वे जानते हैं कि
धर्म में खासा आकर्षण है लेकिन धार्मिक
दिखने लगातार सेवा और आध्यात्म की बात
करने का असर उनके अपने ही कार्यकर्ताओं

नेताओं को क्या सात्विक और सच्चा सेवक बना
रहा है यह सवाल है क्या हम प्रधानमंत्री
पर दोष मढ रहे हैं बिल्कुल नहीं इन लोगों
के अपराध के लिए तो बिल्कुल नहीं लेकिन

उनसे यह सवाल जरूर कर रहे हैं कि उनकी
राजनीत नीति के आकर्षण में कैसे-कैसे लोग
बीजेपी में आए और उनके करीब पहुंचे यह
सवाल तो पूछ ही सकते हैं कि उनकी पार्टी

के लोगों का धर्म और राष्ट्रवाद का नाम
जपने पर चरित्र निर्माण या परिवर्तन क्यों
नहीं हो सका हम नहीं जानते कि राष्ट्रवाद
और धर्म का नाम लेकर ऐसे कितने अपराधी
आईटी सेल और बीजेपी में काम करते हैं तो

हम पीएम से पूछ रहे हैं कि क्या आपको इसका
जवाब मालूम है यह सवाल तो पूछ ही सकते हैं
कि उनसे मिलने की क्या व्यवस्था है
इस तरह के लोग मिल लिए हम यह सवाल पूछ रहे
हैं कांग्रेस भी यही सवाल पूछ रही है सबसे
पहले प्रधानमंत्री जी से

है यह वही प्रधानमंत्री जी है हमारे देश
के जो कहते हैं कि जब व कोई बलात्कार के
बारे में सुनता है कोई मां बेटी बहन का
बलात्कार होता है तो उसका दिल बैठ जाता है

अरे कहां गया प्रधानमंत्री जी आपका दिल जब
आप ही के कंसीट में बनारस में र हिंदू
यूनिवर्सिटी के छात्र के साथ आप ही
के भाजपा के आईटी सेल के पदाधिकारी गैंग
रेप में शामिल है

और बड़ी बात तो यह है कि वह ऐसे ऐसे आपके
साथ उनके फोटोग्राफ है आप देखिए कोई
प्रधानमंत्री जी से अकेले अकेले ऐसे मिल
सकते हैं क्या सोचने वाली बात है इतनी
घनिष्ठता इतना पर्सनल टॉक्स इतना वन टू वन

रेपिस्ट के साथ वो भी आप ही के कंसीट के
के अंदर आप इन्ह पनाह दे रहे हो 60 दिन
लगा 6 डेज 60 दिन लगा
है देश
के यूपी के पुलिस को इनको गिरफ्तार करने
में और मजे की बात यह भी है कि गिरफ्तारी

व 60 दिन व कहां पर बिताए मध्य प्रदेश में
मध्य प्रदेश में चुनाव का प्रचार भी कर
रहे थे यही गैंग
रेपिस्ट

देखिए कुनाल चौधरी जी कुनाल पांडे
प्रधानमंत्री जी के साथ उनके वन टू वन
शेयर कर रहे हैं और इस तरीके से वन टू वन
कि कोई भी उन परे उंगली उठाने से भी डरे
और मैं आपको यह बात दावे के साथ कह सकती

हूं अगर बनारस सिंधू यूनिवर्सिटी में वो
मोर्चा नहीं हुआ हुआ होता ना लोग वहां के
जनता ने और वहां के स्टूडेंट्स ने इस बात
को उठाया नहीं होता ना तो बहुत सारे बाकी

केसेस के जैसे ये भी केस सना लिया होता
आईआईटी बीएचयू की बीटेक की छात्रा के साथ
यह घटना हुई है आईआईटी बीएचयू के कैंपस
में यह कांड कर्मण वर बाबा मंदिर के नजदीक

हुआ मंदिर के पास कांड हुआ एक और ऐसा ही
कांड हुआ था जम्मू के कठुआ में जनवरी 2018
में मंदिर के भीतर 8 साल की एक बच्ची के
साथ बलात्कार हुआ उस समय शहर में बीजेपी
के मंत्री चेक कीजिए पुरानी रिपोर्ट

तिरंगा झंडा लेकर बलात्कार के आरोपियों के
समर्थन में निकले थे यह भी अपने आप में
पहला मामला होगा 2022 में 15 अगस्त के दिन
और गुजरात चुनाव से ठीक पहले बिलकिस बानों
के साथ बलात्कार के मामले में सजा पाए

अपराधियों को जब समय से पहले रिहा किया
गया तब उनका स्वागत फूल मालाओं से किया
गया प्रधानमंत्री ने कोई विरोध नहीं किया
कुछ कहा भी गुजरात के समाज से अपील तक
नहीं की कि ऐसा नहीं करना चाहिए हम नारी

की पूजा वगैरह करते हैं इन्हें तो धर्म और
देवताओं का भी भय नहीं हुआ आईटी सेल के
यही वह लोग हैं जो किसी को भी देशद्रोही
सनातन विरोधी साबित करने पर उतर आए तो
धर्म का नाम लेकर अपने आप में सुप्रीम

कोर्ट बन जाते हैं इनकी इस ताकत के आगे
संस्थाएं भी झुक जाती हैं सब चुप हो जाते
हैं आईटी सेल जब आपको देशद्रोही धर्म
द्रोही साबित करने पर आ जाए तो जीना
मुश्किल हो जाता है इतना डरा देता है मेरा

सवाल है कि आईटी सेल अब किस तरह का इन सब
प्रवृत्तियों के खिलाफ अभियान चला रहा है
आप कह सकते हैं कि जिस समय की यह तस्वीरें
हैं उस समय इन्होंने अपराध नहीं किया था
तो यह बात बिल्कुल सही भी है लेकिन इसका

जवाब तभी मिलेगा जब यह पता चले कि कुणाल
पांडे आनंद चौहान और सक्षम पटेल पहले
क्या-क्या करते रहे हैं क्या उनका यह पहला
अपराध है बीजेपी के आईटी सेल तक पहुंचकर
इन्होंने राजनीति और सत्ता के दम पर अपने
लिए और पैरवी के नाम पर अपनों के लिए

क्या-क्या हासिल की अगर फोटो में कुछ भी
खास नहीं तब इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके
twittervideodownloader.com को डिलीट करवा
रहा था वह कौन है उस हैंडल में ऐसा क्या
था जो डिलीट किया गया कुणाल पांडे और
सक्षम पटेल ने अपने

बत जरूरी है तभी आप दावे के साथ कह सकते
हैं कि सक्षम पटेल और कुणाल पांडे ने जब
प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर खिंचाई है तब
वे किसी भी प्रकार के अपराध में शामिल थे
या नहीं थे क्या दोनों संत का जीवन जी रहे

थे दिनरात मां भारती की सेवा में नारी
वंदना कर रहे थे बनारस के घाट पर गंगा के
सम्मुख निर्जला तपस्या कर रहे थे अब गोदी
मीडिया भी दिन रात लगकर इन सवालों का पता
नहीं करेगा कवरेज तो हुआ है लेकिन उस तरह

घनघोर नहीं जैसे दूसरे मामलों में होता है
तो मुमकिन है कि हम और आप इस बारे में
बहुत कुछ ना जान पाएं मगर यह सवाल तो है
कि आईटी सेल में पहुंचकर बीजेपी में खासकर
इन लोगों ने राजनीति और सत्ता से

क्या-क्या हासिल किया इनके पास वह बंदूक
कहां से आई क्या सभी तीनों के पास बंदूक
थी लाइसेंसी बंदूक थी या अवैध बंदूक थी
बुलेट किसकी थी यह सब तब पूछा जाता जब
पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करती दैनिक भास्कर

के रिपोर्टर सचिन गुप्ता का यह ट्वीट
देखिए 1 जनवरी की रात ट्वीट करते हैं कि
तीनों आरोपी बीजेपी आईटी सेल के पदाधिकारी
कुणाल पांडे सक्षम पटेल और अभिषेक चौहान

को कोर्ट ने 14 दिनों की जुडिशियस कस्टडी
में जेल भेज दिया है नोट वाराणसी पुलिस ने
अभी तक कोई प्रेस नोट ऑफिशियल बयान जारी
नहीं किया है प्रेस कॉन्फ्रेंस दूर की बात
है पुलिस को बताना चाहिए कि प्रेस नोट

जारी नहीं करने की बात सही है या नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं हुई 31
दिसंबर की सुबह दैनिक भास्कर के सचिन
गुप्ता ने ट्वीट किया है सूत्रों के हवाले

से लिखा है कि आईआईटी बीएचयू की छात्रा से
गैंग रेप के तीनों आरोपी कौन है इसके बारे
में पुलिस और शिक्षण संस्थान को शिक्षण
संस्थान को सात दिन बाद ही पता चल गया था

इसीलिए कह रहा हूं कि आईआईटी के डायरेक्टर
को बर्खास्त करना चाहिए आरोपियों का सचिन
गुप्ता लिख हैं प्रोफाइल मजबूत होने से इन
पर हाथ डालने से बचा जाता रहा संभवत पुलिस
को ऊपर से क्लीयरेंस मिला तब जाकर आज

तीनों आरोपी अरेस्ट दिखाए गए क्या अब भी
आप फोटो फोटो ही करेंगे बल्कि फोटो में
नहीं देखेंगे कि कौन किसके साथ खड़ा है और
साथ दिखने का लाभ किसे मिल रहा है एक बार
फिर से समझ लीजिए नेताओं के साथ कोई भी
फोटो खिंचा लेता है उन्हें भी तनाव रहता

है कि पता नहीं फ्रेम में कौन आ गया कई
बार फ्रॉड लोग जानबूझकर बहुत तरह से लग
भीड़ कर फोटो खिंचा लेते हैं खुद मैं भी
तनाव में आ जाता हूं जब कोई फोटो खिंचा के

लिए बोलता है पता नहीं होता कि यह व्यक्ति
कौन है आगे जाकर क्या करेगा और किस तरह का
जीवन जीता है मगर यह मामला वैसा नहीं है
कुणाल पांडे आनंद चौहान और सक्षम पटेल

बीजेपी के आईटी सेल में काम करते हैं इस
फोटो में सक्षम पटेल आईटी सेल के
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालविया के साथ
हैं आईटी सेल बीजेपी की ताकतवर इकाई है

इसी का काम होता है प्रचार करना और
प्रोपेगेंडा फैलाना इसकी कई तस्वीरें
स्वतंत्र देव सिंह के साथ भी हैं जो
बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं यूपी के संगठन
महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ तस्वीरें

हैं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील
बंसल के साथ फोटो है केंद्रीय मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान के साथ है बीजेपी के
राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ फोटो

है सक्षम की तस्वीर तो गोवा के
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ है तो आप
इसमें फोटो मत देखिए बल्कि इन फोटो में
बीजेपी को देखिए और इस कार्यकर्ता के

नेटवर्क को कुणाल पांडे उसी आईटी सेल की
बनारस इकाई का प्रमुख है यानी वह बनारस
बीजेपी का एक प्रमुख व्यक्ति है बनारस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय
क्षेत्र है इसलिए आप इन तस्वीरों को यह

कहकर खारिज नहीं कर सकते कि नेताओं के साथ
अपराधी फोटो खिंचा लेते हैं इन की कोई एक
तस्वीर नहीं है कई तस्वीरें हैं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी हैं
यानी बनारस साईटी सेल के प्रमुख होने के
कारण तीनों के लिए पार्टी के नेताओं के
दरवाजे कितनी आसानी से खुल गए यह तीनों
बीजेपी के सामान्य कार्यकर्ता नहीं हैं

गिरफ्तारी से 3 दिन पहले का यह पत्र है 29
दिसंबर को भाजपा आईटी सेल के कैंट
विधानसभा संयोजक अनुज नाग ने
के आईटी विभाग के संयोजक के रूप में कुणाल
पांडे को चुना गया सक्षम पटेल को सह

संयोजक बनाने की घोषणा हुई अपराध करने के
बाद भी इनकी घोषणा हो रही थी तब तो महानगर
बीजेपी के अध्यक्ष विद्यासागर राव से भी
जवाब तलब होना चाहिए इस पोस्ट में आप देख

सकते हैं कि सितंबर 2021 से ही सक्षम
पांडे अपने आप को मंडल का आईटी संयोजक बता
रहा है जो कुणाल पांडे नामक सज्जन है वह
यहां पर मोदी जी का स्वागत करते हुए पाए
जा रहे हैं प्रधानमंत्री के आसपास पहुंच

जाना बड़ी बात है लेकिन क्योंकि यह
वाराणसी के संयोजक है तो अपने सांसद के
साथ यहां पर उनका स्वागत करते हुए पाए जा
रहे हैं इनकी तस्वीरें जेपी नड्डा जी के
घर में भी उनके साथ हैं बड़े पदाधिकारी है

इनकी बड़ी पहुंच है उसके बाद बात करते हैं
सक्षम पटेल की सक्षम पटेल जी स्मृति रानी
जी से बहुत प्रभावित है उनका कहना है कि
दीदी के बताए हुए मार्ग पर वो चल रहे हैं
यह दीदी के साथ उन्होंने एक सम्मेलन के

बाद फोटो भी साझा करी थी जो इनकी दीदी
स्मृति रानी यहां पर खड़ी है वह इस देश की
महिला बाल विकास मंत्री है स्मृति जी आप
रेपिस्ट को तो संरक्षण आपकी पार्टी देती
है आपकी चुप्पी नहीं टूटती यह तो गैंग रेप

का आरोपी आपके साथ खड़ा है अब तो अपनी
चुप्पी तोड़िएगा असलियत यह है कि भाजपा की
आईटी सेल वाराणसी और ये उनके प्रमुख है
किसके साथ खड़े हैं ये आप खुद ही देख रहे

हैं भाजपा की वाराणसी की आईटी सेल ऐसे
गैंग रेपिस्ट से भरी हुई है और असलियत यह
है कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
का संसदीय क्षेत्र है इसलिए चुप्पी रखी

नहीं जा सकती और चुप्पी तोड़नी पड़ेगी
प्रधानमंत्री को भी जेपी नड्डा को भी और
स्मृति रानी को भी इसलिए तोड़नी पड़ेगी
क्योंकि पूरे बीएचयू के छात्र दिनोंदिन
धरने पर बैठे रहे और यह गैंग रेपिस्ट

गिरफ्तार नहीं हुए इससे एक बात साबित होती
है भारतीय जनता पार्टी ना सिर्फ बृजभूषण
शरण सिंह जैसे लोगों को संरक्षण देती है
बल्कि पूरी की पूरी पार्टी ऐसे गैंग

रेपिस्ट से भरी पड़ी है प्रधानमंत्री के
पास कोई पहुंच रहा है कोई स्मृति रानी जी
के साथ तस्वीर खिंचा रहा है मैं जानना
चाहती हूं प्रधानमंत्री मोदी जेपी नड्डा
और स्मृति रानी अपनी चुप्पी कब तोड़ेंगे
यह चुप्पी टूटनी जरूरी है क्योंकि 2023 के

अंतिम दिन जो भयावह सच सामने आया है वही
भाजपा का असली चाल चरित्र और चेहरा है यह
मामला फोटो खिंचा में का नहीं बल्कि
बीजेपी का है उस पार्टी में काम करते हुए
बंदूक की नोक पर आईआईटी की छात्रा के साथ

छेड़खानी का मामला है इन पर गैंग रेप का
मुकदमा दर्ज है पुलिस ने इन आरोपियों से
पूछताछ करने के लिए पुलिस रिमांड नहीं
मांगी इन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत
में भेजा गया है पुलिस ने इस मामले में

कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की इसलिए आप
फोटो नहीं बल्कि उस बीजेपी को देखिए जिसके
सामने अब संस्थाएं कितनी कमजोर नजर आती
हैं या आईटी सेल में इसी तरह के लोगों को
लाया जाता है जो अपराधी प्रवृत्ति के हो

उन्हें किसी चीज का भय ना हो झूठ बोलते हो
किसी के खिलाफ गाली तक दे सकते हो आप
जानते हैं कि आईटी सेल जब हमला करता है
उसकी भाषा कैसी हो जाती है ऋषिकेश में
भाजपा नेता के बेटे पुलक तारिया के

रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी काम करती थी उन
पर दबाव बनाया जा रहा था कि वीआईपी गेस्ट
को स्पेशल सर्विस दें 18 सितंबर 2022 को
पुलक तारिया समेत तीन लोगों ने अंकिता की

नदी में फेंक कर हत्या कर दी धक्का देकर
रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाने वाले ड्राइवर ने
कोर्ट में कहा है कि 23 सितंबर 2022 को

उसे दो बार फोन कर बुलाया गया पहली बार सब
डिवीजनल मजिस्ट्रेट के कहने पर बुलडोजर
चलाया गया और दूसरी बार यमकेश्वर की
विधायक रेणु विश् के कहने पर अंकिता की

हत्या के सबूत मिटाने के लिए बीजेपी की
विधायक रेणु बिस्ट फोन करती हैं यह आरोप
तो लगा है यही आरोप आजम खान पर लगा होता
तो उनके घर पर अब तक बुलडोजर चल गया होता
ती दिन पहले 30 दिसंबर की खबर है उसी
उत्तराखंड में पुलिस ने एक स्थानीय भाजपा

नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया भाजपा
नेता कमल रावत पर आरोप है कि उन्होंने एक
नाबालिक का अपहरण कर उसका बला बलात्कार
किया है गिरफ्तारी हो चुकी है और पार्टी
से निकाल दिया गया है हम अच्छी तरह समझते

हैं कि गुंडे से लेकर इस तरह की प्रवृत्ति
के लोग किसी भी दल में निकल आते हैं लेकिन
आप सोचिए कि कुणाल पांडे अभिषेक चौहान और
सक्षम पटेल ने जो किया है अगर इनकी
तस्वीरें राहुल गांधी के साथ होती तब क्या

होता मीडिया का कवरेज कैसा होता तब क्या
गोदी मीडिया के एंकर यही बात राहुल के लिए
बोलते कि तस्वीर से कुछ नहीं होता तस्वीर
तो कोई भी कि किसी भी नेता के साथ खिंचा

लेता है क्या ऐसा कहा जाता क्या बीजेपी यह
कहती कि हम इसे मुद्दा नहीं बनाएंगे फोटो
तो कोई भी किसी के साथ खिंचा लेता है
बिल्कुल ऐसा नहीं कहती आप जानते हैं कि
ऐसा बिल्कुल होता भी नहीं बीजेपी सड़कों

पर आंदोलन करती गोदी मीडिया दिन रात इसे
कवर करता सैकड़ों घंटे की कवरेज होती
प्रधानमंत्री तक बयान देते और स्मृति रानी
तो जरूर बोलती आक्रमक अंदाज में अब आप यह
तस्वीर देखिए महिला व बाल विकास मंत्री

स्मृति ईरानी के साथ सक्षम पटेल की तस्वीर
है खुद उसने अपनी इंस्टा पोस्ट पर लिखा है
कि स्मृति ईरानी के साथ आईटी सेल की कोर
टीम की अहम बैठक हुई एक केंद्रीय मंत्री
आईटी सेल की बैठक ले रही हैं पता चलता है

कि आईटी सेल बीजेपी के लिए कितना अहम है
जब भी महिलाओं को लेकर मुद्दा बनाना होता
है स्मृति रानी को आगे किया जाता है अपनी
भावुकता के साथ आक्रामकता के अंदाज में

संसद से लेकर टीवी पर कितनी नी गरजती है
मगर इस केस में उनका गर्जन तर्जन नजर नहीं
आया आपको याद होगा कि स्मृति रानी ने
हंगामा खड़ा कर दिया राहुल गांधी ने
फ्लाइंग किस किया है कितना बबाल मचा

शिकायत पत्र लेकर स्पीकर के पास गई क्या
हुआ उस मामले में लेकिन हंगामा हुआ मीडिया
ने खूब बढ़ा चढ़ा कर दिखाया इसलिए उनसे
पूछा जा रहा है कि वे क्यों चुप थी क्यों

चुप है उतनी आक्रमक क्यों नहीं है जितनी
अन्य मामलों में नजर आती हैं खबर आने पर
जिस तरह की चुप्पी पसरी उसका एक राजनीतिक
मतलब है यही वह चुप्पी है उसे संरक्षण की

तरह देखा जाना चाहिए मंत्री को
प्रधानमंत्री को कैबिनेट मंत्री को सभी
अपराध को गलत कहना चाहिए क्या इन लोगों ने
तब गलत कहा जब गुजरात में बलात्कार के
मामले में सजा पाए लोगों को माला पहनाया
जा रहा था इनके हिसाब से गलती केवल विपक्ष

की होती है अपराध केवल दूसरे धर्म के
हिसाब से होता है यहां धर्म का जिक्र
जरूरी है हालत यह हो गई है कि अब ऐसी
घटनाओं के वक्त कई लोग राहत की सांस लेने

लग जाते हैं कि अपराधी मुसलमान नहीं निकला
वरना गोदी मीडिया से लेकर बीजेपी किस तरह
का बवाल मचाती अदालत की सजा से पहले
अपराधी के घरों पर बुलडोजर चलवा दिया जाता

तो क्या कुणाल पांडे सक्षम पटेल आनंद उर्फ
अभिषेक चौहान के घर पर बुलडोजर लेकर कोई
जा रहा है लेकिन पिछले 13 दिसंबर को
लोकसभा के भीतर जब हमला हुआ तब भी लोगों
ने लिखा कि गनीमत है कोई मुसलमान नहीं था

मीडिया ने भी अपनी रिपोर्टिंग में संसद के
भीतर घुसने वालों को आतंकवादी नहीं लिखा
यही वह राजनीति है जिसे 2014 के बाद से आप
देख रहे हैं और राजनीति को खोखला और नंगा

कर रहे हैं जो हमेशा ही एक तरफा होती जा
रही है अपराध उसके लिए केवल अपराध नहीं
रहा इसलिए आप कुणाल पांडे सक्षम पटेल आनंद
चौहान के मामले से फोटो को अलग मत कीजिए
फोटो को बहाना मत बनाइए यह वो फोटो है

इसलिए हैं कि वे बीजेपी में हैं और बीजेपी
में भी बहुत से लोग दशकों से काम कर रहे
हैं उन्हें इतनी आसानी से प्रधानमंत्री या
मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचा का मौका
नहीं मिलता है उन तक कोई भी इतनी आसानी से

नहीं पहुंच जाता हर किसी को समय भी नहीं
मिलता जैसे इस खबर को देखिए गाजियाबाद की
खबर है अमर उजाला में पहले पन्ने पर छपी
थी बीजेपी के नेताओं से कहा गया कि आप

लाइन में लग जाइए मुख्यमंत्री जब गुजरेंगे
तो नमस्कार कर लीजिएगा उनके दर्शन हो
जाएंगे मगर दर्शन नहीं हुआ किसी कारण से
मुख्यमंत्री आगे निकल गए इसमें बीजेपी के
कई बड़े नेता हैं जो मुख्यमंत्री से नहीं

मिल सके हमने यह उदाहरण यह बताने के लिए
दिया कि बीजेपी में भी कोई भी चाहेगा तो
प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के पास सीधे
या इतनी आसानी से नहीं पहुंच सकता बनारस
हिंदू यूनिवर्सिटी के आईटी कैंपस में यह

घटना हुई थी इस घटना में केस दर्ज कराने
के लिए छात्रों को आंदोलन करना पड़ा अगर
आंदोलन नहीं होता तो क्या इतने जघन्य
अपराध पर पुलिस अपने आप पहल करती इतनी

बड़ी कार्यवाई करती जब आप यह कहते हैं कि
बीजेपी का कोई कसूर नहीं फोटो किसी के साथ
हो सकता है तब आपको इन तीनों आरोपियों की
राजनीतिक प्रोफाइल देखनी चाहिए और सवाल
करना चाहिए कि क्या इसी वजह से इन पर 60

दिनों तक कारवाई नहीं हुई 31 दिसंबर को
दैनिक भास्कर ने यह खबर छाप दी उसी की खबर
थी के सभी तक यह बात पहुंची इस अखबार ने
लिखा है कि घटना के चार दिन के बाद ही
इनका सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया था

सातवें दिन इन्हें लड़की ने सीसीटीवी की
फुटेज से पहचान लिया था मगर यह पकड़े गए
60 दिनों के बाद अब सवाल है कि क्या तब
पुलिस को यह नहीं पता चला होगा कि यह कौन
है क्या तब भी आईटी बीएचयू के वाइस चांसलर

या निदेशक को पता चल गया था कि यह कौन लोग
हैं यह बात तब क्यों नहीं मीडिया के सा
सामने लाई गई कि बीजेपी के आईटी सेल के यह
प्रमुख कार्यकर्ता हैं हम आपको बताना
चाहते हैं कि इस मामले में एफआईआर तब हुई

जब बीएचयू के हजारों छात्रों ने आंदोलन
किया अमर उजाला ने लिखा है कि 2 नवंबर को
जैसे ही छात्रों को इस घटना के बारे में
पता चला हजारों की संख्या में बाहर आ गए

और कारवाई की मांग करने
लगे यह वीडियो उसी समय का है अगर इन पर
तुरंत कारवाई होती तो छात्रों को धरना
नहीं दे पड़ता हजारों छात्रों ने धरना

प्रदर्शन में हिस्सा लिया तो कैंपस में
इंटरनेट बंद किया गया 23 घंटे तक धरना चला
आईआईटी प्रशासन के खिलाफ भी नारे लगे सुबह
10 बजे से धरना शुरू होता है और रात 11
बजे तक पुलिस के आश्वासन के बाद खत्म होता

है के गिरफ्तारी होगी आईआईटी के निदेशक ने
छात्रों को भरोसा दिया कि सात दिन में सभी
आरोपी सलाखों के पीछे होंगे ऐसी सजा
मिलेगी कि उनकी सातों पुश्ते याद रख
रखेंगी इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म

किया प्रशासन ने आईआईटी बीएचयू और बीएचयू
के बीच दीवार बनाने का फैसला किया हालांकि
बाद में दीवार बनाने के फैसले को वापस ले
लिया गया केस दर्ज होने से लेकर गिरफ्तारी

में देरी होती है तो यह मामला केवल फोटो
का नहीं है बल्कि हो सकता है कि इन्हीं
फोटो के कारण लाभ उठाने का है गिरफ्तारी
के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ लेकिन जब
कुछ नहीं हुआ तो छात्रों ने फिर से 6

नवंबर को आईआईटी के निदेशक के कार्यालय के
बाहर धरना दिया क्या इस वजह से देरी हो
रही थी कि किसी को पता था या सभी को पता
था कि यह लोग कौन हैं क्या हैं दैनिक
भास्कर ने तब लिखा था कि प्रोटेस्ट कर रहे

छात्र डायरेक्टर ऑफिस के सामने धरने पर
बैठ गए उनका कहना है कि जब तक आरोपियों को
अरेस्ट नहीं किया जाता तब तक हम नहीं
हटेंगे इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ
तीखी बहस हुई छात्र डायरेक्टर को बुलाने
की मांग पर अड़े रहे थोड़ी देर के बाद

छात्रों ने ने डायरेक्टर का मिसिंग पोस्टर
जारी किया स्टूडेंट ने डायरेक्टर के फोटो
को लेकर प्रदर्शन
[प्रशंसा]
किया 2 नवंबर को प्रियंका गांधी ने इन

छात्रों के समर्थन में ट्वीट किया था और
प्रधानमंत्री से सवाल किया मगर कांग्रेस
के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने तो साफ-साफ
कह दिया था तभी कि इसमें एबीवीपी के
कार्यकर्ता शामिल हैं तो अजय राय के खिलाफ

ही मान हानी की एफआईआर हुई राहुल गांधी और
राय के पुतले जलाए गए कल हम प्रधानमंत्री
बनारस में डंके की चौट पर प्रधानमंत्री का
करने गरवाने जा रहे हैं चाहे वो गोली

चलाएंगे लाठी चलाएंगे हमारे कार्यकर्ता
मेरे अनुपस्थिति में मैं नहीं रहूंगा मैं
तो आ रहूंगा पर हमारे कार्यकर्ता कल
प्रधानमंत्री के कार्यालय को रेंगे और
जवाब मांगेंगे और बनारस की जनता उत्तर

प्रदेश और देश की जनता ये मजबूर करेगी कि
वहा के सांसद नरेंद्र मोदी उन बच्चियों से
वहां के लोगों से माफी मांगे सर्वाधिक रूप
से कि उनके संसदीय क्षेत्र में बच्चियों
के साथ भारतीय जनता पार्टी के लोग

बलात्कार करके और भारतीय जनता पार्टी का
दामन उड़कर उनका चोला उड़कर आज राजनीति कई
जगहों पर यह बात आ रही है कि वीडियो फुटेज
से घटना के सात दिनों के भीतर ही आरोपियों
की पहचान हो गई थी गिरफ्तारी में फिर 60

दिन क्यों लगे कौन लोग थे जो इस पर पर्दा
डाल रहे थे क्या आईटी बीएचयू के निदेशक को
पता था जैसा कि मीडिया में छपा है तब
उन्होंने क्या एक्शन लिया इसलिए हमारा
सवाल है कि अभी तक आईआईटी बीएचयू के
निदेशक को क्यों नहीं बर्खास्त किया गया

तभी कर देना चाहिए था तब नहीं तो अब कर
देना चाहिए अगर प्रधानमंत्री को लगता है
कि यह सब बर्दाश्त नहीं करते हैं तो सबसे
पहले इसी बात पर आईआईटी के निदेशक प्रमोद
कुमार जैन को पद और सेवा से हमेशा के लिए
बर्खास्त कर देना चाहिए कि छ त्र की

शिकायत जब पहुंची तब उन्होंने क्या एक्शन
लिया और जैसा कि अखबारों में छपा है कि
उन्हें पता चल गया था कि आरोपी कौन है तब
उन्होंने क्या किया छात्र छात्राओं को
धरना प्रदर्शन के लिए क्यों उतरना पड़ा

शिक्षकों को क्यों उतरना
पड़ा य आपकी संस्थाएं
हैं चाहे सुप्रीम कोर्ट
हो इलेक्शन कमीशन
हो
यह आपकी

संस्थाए सारे के सारे इंस्टिट्यूशन पर यह
कब्जा कर रहे हैं आप हिंदुस्तान की सारी
यूनिवर्सिटी देख
लीजिए सारे के सारे वाइस चांसलर
आज एक संगठन के

हैं उनको आता होता कुछ है
नहीं कुछ नहीं आता
उनको हिंदुस्तान के वाइस चांसलर आज मेरिट
पर नहीं बनते
हैं हिंदुस्तान के वाइस
चांसलर आज अगर एक संगठन में

है तब बन सकते
हैं आईआईटी के निदेशक के साथ-साथ बीजेपी
की पूरी जिला इकाई बर्खास्त हो जानी चाहिए
थी आईटी सेल से जुड़े लोगों की आईए से
जांच होनी चाहिए कि कैसे-कैसे लोग बीजेपी
में घुस आए हैं इनकी संपत्ति की जांच हो

मगर क्या यह सब होगा समस्या फोटो नहीं है
समस्या है कार्रवाई का नहीं होना 60 दिनों
के बाद होना पुलिस ने गिरफ्तार तो किया है
मगर 60 दिनों के बाद गिरफ्तारी हुई भास्कर
ने आरोपियों का बयान छापा है कि कैंपस में

प्रदर्शन देखकर वह डर गए और तीसरे दिन
मध्य प्रदेश के लिए निकल गए वहां चुनाव
प्रचार किया यानी इनके भीतर किसी भी भी
तरह का अपराध बोध नहीं था महिला के साथ
अपराध हुआ है अब इस देश की महिलाएं भी चुप
रहने लगी हैं क्योंकि अपराध बीजेपी के

कार्यकर्ता ने किया है कभी महिलाएं सड़कों
पर उतरा करती थी महिलाओं के लिए मनमोहन
सिंह से इस्तीफा मांगा करती थी अब नरेंद्र
मोदी का नाम आते ही फोटो में अपराधी की
तस्वीर देखते ही चुप हो जाती हैं इस बीच

इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया है कि
मध्य प्रदेश की एक भाजपा इकाई ने कहा है
कि तीनों आरोप चुनाव के दौरान सोशल मीडिया
टीम का हिस्सा थे उन्हें कोई पद नहीं दिया
गया किसी भी चुनाव प्रचार के दौरान कई

युवकों को बुलाया जाता है लेकिन वे मध्य
प्रदेश भाजपा इकाई के सदस्य नहीं
है नवंबर महीने में हुए छात्रों के इस
विराट प्रदर्शन को देखकर राहत होती है कि

अब भी जनता बची हुई है छात्रों का ईमान
जिंदा है इनमें से ज्यादातर बीजेपी के ही
वोटर होंगे और आगे भी वोटर बने रहेंगे
लेकिन इन छात्रों ने एक गलत का विरोध तो
किया यह बड़ी बात है इसे नोट करना चाहिए

जब बीजेपी का वोटर गलत का विरोध कर सकता
है तो बीजेपी को भी इसी मामले में उसी
वक्त विरोध करना चाहिए था गिरफ्तारी तभी
होनी चाहिए थी और गोदी मीडिया को दिन रात

एक कर देना चाहिए था हम आपको याद दिलाना
चाहते हैं कि सितंबर 2017 में कई हजार
छात्र-छात्राओं ने बीएचयू में प्रदर्शन
किया इनमें अधिक लड़कियां थी मामला था कि
प्रथम वर्ष की एक छात्रा के साथ तीन
लड़कों ने कैंपस में छेड़खानी की जब लड़की

प्रॉक्टर और वर्डन के पास गई उसे लौटा
दिया गया उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया
गया उल्टे छात्रा को जिम्मेदार ठहरा दिया
गया इसके जवाब में आक्रोश फैला पुलिस ने
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज

किया जिसमें कई छात्र घायल हुए वाइस
चांसलर जीसी त्रिपाठी अनिश्चितकालीन अवकाश
पर चले गए अप्रैल 2018 में इस मामले में
हाई कोर्ट के पूर्व जज वी के दीक्षित की
अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ जिसने
त्रिपाठी को क्लिन चीट दे दी और छात्रों

के आंदोलन को राजनीतिक और प्रायोगिक बता
दिया गया 11 छात्रों के खिलाफ एफआईआर हो
गई जिसमें हत्या की कोशिश की धारा भी
शामिल है बाद में साक्ष की कमी के चलते
हत्या के आरोप हटा दिए गए मौजूदा मामले

में खबरें देख रहा था जो छपी हैं नवंबर के
महीने में प्रधानमंत्री के कार्यालय ने इस
मामले में रिपोर्ट मांगी थी हमारा सवाल है
तब क्या उस रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी
कि जो आरोपी हैं जिन्होंने किया है जो

वीडियो में पहचाने गए हैं उनका संबंध
बीजेपी से है उनकी बहुत सारी तस्वीरें
प्रधानमंत्री के साथ हैं तब दूसरा सवाल
बनता है कि उन्हें जब रिपोर्ट दी गई थी तब
भी इस मामले में 60 दिनों की देरी क्यों
हुई क्यों नहीं यह सारी बातें मीडिया तक

पहुंचने दी गई और किसी को नहीं छोड़ा
जाएगा बीजेपी इस तरह की हुंकार भर सकती थी
क्या ऐसा हुआ सोशल स मीडिया पर इस तरह की
तस्वीरों को लगाकर पूछा जा रहा है कि यह
एंकर कब बोलेंगे बोल तो रहे हैं मगर कब
दिन रात दहाड़े जैसे विपक्ष और दूसरे धर्म

के मामले में करते हैं यह हालत हो गई है
गोदी मीडिया की यह पोस्टर एक तरह की
बेचैनी का पोस्टर है जो पूछ रहा है कि जब
दूसरे धर्म का कोई अपराधी होता है विपक्ष
का कोई नेता होता है यही मीडिया कितना

ललकार होता है मगर जब प्रधानमंत्री का
फोटो आता है उसकी भाषा कितनी शालीन हो
जाती है मगर यहां तो एक छात्रा के साथ
आईआईटी की छात्रा के साथ सबसे बड़ी बात है
वह केवल छात्रा नहीं है बल्कि उस भारत की
नारी है जिसकी पूजा होती है दुनिया भर में

भारत अकेला कंट्री है यानी देश है जहां
नारी की पूजा होती है बाकी सभी देशों में
नारियां पैदा होती हैं उनकी पूजा भी नहीं
होती और वे मर जाती हैं विनेश फोगाट के
आंखों में आंसू देख लीजिए खिलाड़ी भी हैं

नारी हैं विजय ता है मगर आज बेबस है अपना
अर्जुन अवार्ड लौटाने जा रही हैं अगर यही
आंसू 2014 के पहले किसी खिलाड़ी की आंखों
में होते तो स्मृति ईरानी और तब का मीडिया
और बीजेपी आंदोलन खड़ा कर देते इस मामले
में भी आरोपी बीजेपी के सांसद ही हैं ब्रज

भूषण सिंह जिन पर छेड़खानी और यौन शोषण के
आरोप लगे हैं जब कुछ नहीं हुआ तो साक्षी
मलिक ने कुश्ती से सन्यास ले लिया बजरंग
पुनिया ने पद्मश्री वापस कर दी दिया और
विनेश फोगाट ने अपने अर्जुन अवार्ड को इस

तरह से जमीन पर धर दिया खबर आई थी कि नए
चुने गए कुश्ती संघ को बर्खास्त कर दिया
गया है लेकिन अब खबर आई है कि नए अध्यक्ष
संजय सिंह ने कहा है कि हम बर्खास्त करने
के निर्णय को मान्यता नहीं देते हैं कभी
पूरी चुप्पी तो कभी थोड़ा बहुत कवरेज तो

हो ही जाता है लेकिन सवाल दहाड़ नहीं और
हल्ला बोलने टाइप का है पूरा मीडिया का है
खबरें अब नहीं बोलती हैं लोग अब नहीं
बोलते गोदी मीडिया की चुप्पी के कारण ऐसे

पोस्टर तुरंत ही बन जाते हैं और जिस
मीडिया को सवाल पूछना चाहिए उस मीडिया से
पूछा जाने लगता है सतीश आचार्या ने मीडिया
पर यह कार्टून बनाया है राम मंदिर के
उद्घाटन के समय आप इसी गोदी मीडिया का
कवरेज देखिएगा जिनसे पत्रकारिता के धर्म

की रक्षा ना हो सकी वह धर्म के नाम पर उस
दिन कितना गर्ज रहे होंगे भारत की
संस्कृति में राम राज्य आने का ऐलान कर
रहे होंगे लेकिन सबको पता है कि रामराज
इनके बस की बात नहीं वरना इनके सच से ही

जो आज साहिबे मसनद हैं वह साहिब नहीं
रहेंगे यही लोग 22 जनवरी के दिन कितना
बोलेंगे आपको लगेगा कि इनसे बड़ा राम भक्त
कोई नहीं हुआ यह धर्म की आड़ में सभी को

ललकार रहे होंगे लेकिन जब बात पत्रकारिता
के धर्म की आती है तब इन्हें बोलना याद
नहीं रहता उम्मीद है आपने इस रिपोर्ट के
जरिए देख लिया होगा कि धर्म की राजनीति ने

राजनीति को अधर्मी बना दिया पत्रकारिता को
भी अधर्मी बना दिया धर्म की राजनीति और
बात-बात में धर्म का नाम लेकर आने वाले
राजनेताओं ने राजनीति में संत पैदा नहीं

किए बल्कि कुणाल पांडे सक्षम पटेल और आनंद
चौहान पैदा किए हैं मैं 10 साल से कह रहा
हूं कि
सांप्रदायिकता आपके बच्चों को दंगाई और
गुंडा बना देगी यह मैं किसी के विरोध में
नहीं कह रहा बल्कि आपके दंगाई ना बने

गुंडा ना बने इसलिए कह रहा हूं हाउसिंग
सोसाइटी के ट ग्रुप में चेक कीजिए कितने
अंकिल और आंटियां इन तीनों का चेहरा समेत
ट्वीट कर रही हैं पोस्ट कर रही हैं और

राजनीति और समाज पर चिंता व्यक्त कर रहे
हैं इस राजनीति की सबसे बड़ी देन यही है
कि आज का समाज धर्म के नाम पर बलात्कारी
को माला पहना सकता है कहीं लिखकर पर्स में
रख लीजिए यह साल धर्म के नाम पर आपके

राजनीतिक वि का सत्यानाश करने वाला साल है
हो सके तो अंकिल को बता दीजिएगा

नमस्कार

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