BJP के वो कौन 7 बड़े घोटाले,जिनकी जांच करने से ED व CBI भी थरथर कांपती है - instathreads

BJP के वो कौन 7 बड़े घोटाले,जिनकी जांच करने से ED व CBI भी थरथर कांपती है

नमस्कार आप मॉलिटिक्स
देख रहे हैं असल में देश में लोकतंत्र तभी
बचा रहता है जब सारी संस्थाएं ठीक तरह से
काम करें आज जो बात मैं आपको बताने जा रहा

हूं वह बेहद गंभीर है इसलिए पूरे ध्यान के
साथ सुनिए इस देश में सीएजी जैसी संस्था
जो सरकार के कामों का रिपोर्ट कार्ड बनाती
है वही संस्था अगर अप्रासंगिक हो जाए तो
आप सोचिए कि सरकार ने जो काम किए हैं उनका

व्यव आपको कैसे पता चलेगा कैसे पता चलेगा
कि सरकार भ्रष्टाचार कर रही है या नहीं कर
रही है कैसे पता चलेगा कि सरकार जनता का
कितना रुपया खा गई अगर सच को किसी पर्दे
से ढक दिया जाए तो सिर्फ पर्दा दिखता है

सच नहीं आज के इस वीडियो में मैं दावे के
साथ आपको वो सात बड़े घोटाले बताने वाला
हूं जो भारतीय जनता पार्टी सरकार में हुए
तो मगर उनकी सच्चाई ना इस देश के किसी

मीडिया संस्थान ने चलाई ना किसी अन्य
पत्रकार ने बताई कारण क्या था कि इस देश
में पत्रकारिता का एक नया दौर शुरू हुआ है
जिसे गोदी पत्रकारिता कहते हैं जिसे चरण
चुंबक पत्रकारिता कहते हैं आज उस

पत्रकारिता के खिलाफ इस मुहिम में सबसे
पहले हम बात करेंगे सीएजी की 7त महीने उस
पुरानी रिपोर्ट में जिसने सरकार को भ्रष्ट
सरकार घोषित किया है सीएजी यानी इंडिया की
एक ऐसी संस्था जो सभी चीजों का रिकॉर्ड

रखती है यह वही संस्थान है जिसमें मनमोहन
सिंह की कांग्रेस सरकार पर 2जी घोटाले और
कोयला घोटाले का आरोप लगाया था जिसके बाद
मीडिया में इन मुद्दों को काफी कवरेज मिला
और कांग्रेस को 2014 के चुनाव में हार का

सामना करना पड़ा लेकिन जब इसी संस्थान ने
पिछले साल 2023 में मोदी सरकार पर सात
बड़े घोटालों के आरोप लगाए तो हमारे उसी
मीडिया के सर पर जूं तक नहीं रंगी
उन्होंने सरकार से एक सवाल तक नहीं किया

लेकिन मीडिया का ये काम आपको देखना चाहिए
आपके लिए जरूरी है आप इन घोटालों पर अब एक
एपिसोड बनाने का हमारा कारण पूछ सकते हैं
देखिए इस साल कुछ एक महीने में लोकसभा

चुनाव होने वाले हैं तो चुनावों से पहले
ये जानना जरूरी हो जाता है कि हमारी सरकार
कितने मामलों में भ्रष्टाचार में लिप्त
रही है तो चलिए इन सात बड़े घोटालों को

एक-एक करके जानते और समझते
हैं पहला मामला है भारत माला प्रोजेक्ट
घोटाला सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में भारत
माला प्रोजेक्ट की सड़क की लागत में लगभग
100% वृद्धि का खुलासा किया है इस

प्रोजेक्ट के फंड की अनुमानित आर्थिक
मामलों में संबंधी कैबिनेट समिति सीसीई
देती है जिसकी अध्यक्षता स्वयं
प्रधानमंत्री करते हैं इस परियोजना में
सीसीईए ने मंजूरी दी थी 5 लाख 35000 करोड़

की लागत पर 34800 किमी सड़क बनाने की
लेकिन असल में ठेका
2316 किलोमीटर राजमार्गों का ही दिया गया
जिसकी स्वीकृत लागत
846 588 करोड़ थी यानी सड़क की लंबाई घटा

दी गई उसके बावजूद स्वीकृत राशि को लगभग
50 % से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया इसका
मतलब सीसीईए ने जिन परियोजनाओं के लिए
1.37 करोड़ रपए प्रति किलोमीटर की लागत को

मंजूरी दी वह बढ़कर दो गुने से भी अधिक हो
गए करीब
32.1 करोड़ प्रति किलोमीटर इस मामले में
सीएजी ने बोली प्रक्रिया में भी
अनियमितताओं को उजागर किया कि बिना डीपीआर

के काम आवंटित किया गया एस्क्रो अकाउंट से
3598 द 52 करोड़ के आसपास का फंड डायवर्जन
हुआ और कई जगहों पर सेफ्टी कंसल्टेंट तक
नहीं रखे गए दूसरा मामला आयुष्मान भारत

योजना घोटाला सीएजी ने आयुष्मान भारत
योजना में धांधली का भी खुलासा किया देखिए
इस योजना का खर्च राज्य सरकारों और
केंद्रों के बीच 6040 के अनुपात में साझा

किया जाता है एनए डेटाबेस के अनुसार अब तक
इस परियोजना के लिए 24.4 करोड़
लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है और
उनके अस्पताल में प्रवेश पर 67000
4562 करोड़ खर्च किए गए सीएजी रिपोर्ट का

सितंबर 2018 18 से मार्च 2021 तक के डाटा
को शामिल किया गया ऑडिटर ने दिल्ली उड़ीसा
और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों और
केंद्र शासित प्रदेशों के 161 जिलों में
964 अस्पतालों की जांच की इसमें बड़े

पैमाने पर भ्रष्टाचार पाया गया सीएजी की
रिपोर्ट में कहा गया कि लगभग 2.22 लाख
मामलों की सर्जरी की तारीख डिस्चार्ज की
तारीख के बाद की दिखाई गई इसमें से 1 द 79
लाख से अधिक मामले अकेले महाराष्ट्र में

पाए गए जिसके लिए दी गई राशि ती 00 करोड़
से अधिक थी अन्य मामलों में एस एचएन योजना
की शुरुआत से पहले की तारीख के लिए पैसा
ट्रांसफर कर दिया था कुछ मामलों में
क्लेम्म को भुगतान किया गया था अन्य

मामलों में 18 वर्ष से अधिक आयु के
रोगियों को बाल चिकित्सा विशेष का जो
पैकेज होता है उसके तहत उपचार दिया गया
ऑडिट में य भी पाया गया कि

4584 दावों में डिस्चार्ज की तारीख दाखिले
की तारीख से पहले की थी यानी मरीज जिस
तारीख में अस्पताल आया उससे पहले ही व
डिस्चार्ज हो चुका था इसके अलावा ऑडिट में

ऐसे कई मामले पाए गए जहां एक मरीज को एक
ही समय में कई अस्पतालों में भर्ती करके
दिखाया गया डेटाबेस में जिन लोगों को मृत
दिखाया गया था उनके नाम पर भी लाखों क्लेम

किए जाते ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के
आंकड़ों से पता चलता है कि इलाज के दौरान
लगभग
8876 मरीजों की मौत हो गई और फिर भी इन
मृत रोगियों को दिए गए नए ट्रीटमेंट के
संबंध में

244923 क्लेम का भुगतान किया गया 24
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इन
दावों से निपटने में लगभग ₹ करोड़ खर्च
किए गए लाभार्थियों को जारी किए गए लाखों

कार्ड पंजीकृत होते ही रद्द कर दिए गए
लेकिन टीएमएस मौजूदा प्रणाली यह सुनिश्चित
करने में विफल रही इस परियोजना में
भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण

लाभार्थियों के पंजीकरण और पहचान में पाया
गया योजना में कहा गया कि सत्यापन पूरा
होने के बाद लाभार्थियों को एक यूनिक पीएम
जे ए वाई आई आईडी जारी की जाती है ऑडिट
में पाया गया कि

1.57 यूनिक आईडी डेटाबेस में एक से अधिक
बार दिखाई दी दूसरे शब्दों में यह सभी
आईडी डुप्लीकेट थी रिपोर्ट में कहा गया कि
बड़ी संख्या में लाभार्थी एक ही अमान्य

मोबाइल नंबर पर पंजीकृत थे उदाहरण के लिए
आप समझिए 7.5 लाख लाभार्थियों को
999999999 मोबाइल नंबर के तहत पंजीकृत
किया गया और अन्य 1.4 लाख को 88 10 टाइम्स

8 नंबर के तहत पंजीकृत किया गया था ऐसे
कोई मोबाइल नंबर है ही नहीं तीसरा मामला
जो सबसे गंभीर मामला है वो द्वारका
एक्सप्रेसवे घोटाला है सीएजी ने कहा कि
द्वारका एक्सप्रेसवे पहले हरियाणा सरकार

की परियोजना थी जिसके लिए उसने 150 मीटर
चौड़ी सड़क बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण
भी कर लिया था लेकिन जब राज्य सरकार की
तरफ से परियोजना आगे नहीं गई तब आर्थिक

मामलों की कैबिनेट समिति जो होती है
सीसीईए ने केंद्र सरकार की भारत माला
परियोजना के तहत लाने की अनुमति दे दी
इसके बाद क्या हुआ इसके बाद हरियाणा सरकार

ने केंद्रीय सड़क यातायात और राजमार्ग
मंत्रालय को को इसके लिए 90 मीटर चौड़ी
सड़क बनाने के लिए जमीन निशुल्क भी दे दी
जिसके लिए स्वीकृत लागत 8 करोड़ रपए प्रति

किलोमीटर दी गई इसके बाद राशि 250 करोड़
प्रति किलोमीटर हो गई यानी 10 गुने से भी
ज्यादा जिसके लिए मंत्रालय की ओर से बयान
आया कि यह नहीं समझा सकते कि ऐसा क्या बना

जिसमें कीमत 1400 पर मतलब 14 गुना बढ़ गई
ये अकेला महंगाई के चलते नहीं हो सकता
इसमें कहीं ना कहीं कमीशन खोरी भ्रष्टाचार
जरूर हुआ है चौथा मामला टोल लूट घोटाला है
टोल के जरिए भी सरकार ने आपकी जेब से मोटा

पैसा लूटा है सीएजी ने टोल नियमों के
उल्लंघन का खुलासा करते हुए बताया कि एनएच
एआई की गलत तरीके से यात्रियों से 132
करोड़ वसूल ऑडिटर के पास ये आंकड़ा मैच

पांच टोल प्लाजा के ऑडिट से ही सामने आया
है सोचिए असल में कितना बड़ा होगा सीजे ने
य भी खुलासा किया कि राजस्व को एनएचएआई के
कंसेशन एग्रीमेंट से करीब 13 करोड़ रुप का
नुकसान हुआ है अगर ये ऑडिट पूरे देश के

टोल प्लाजा का हो जाए तो कितने लाखों
करोड़ रुप का गबन सामने आएगा इसका अनुमान
भी नहीं लगाया जा सकता है इस देश में इतना
भ्रष्टाचार चल रहा है मगर मीडिया खामोश

पांचवा मामला है अयोध्या विकास परियोजना
घोटाला जिस धर्म का डंका सरकार बजा रही थी
सीएजी ने जनवरी 2015 से मार्च 2022 के बीच
स्वदेश दर्शन योजना का परफॉर्मेंस ऑडिट
किया यह रिपोर्ट 9 अगस्त 2023 को लोकसभा

में पेश की गई इसमें सीएजी ने बताया कि
योजना के तहत छह राज्यों में चल रहे छह
प्रोजेक्ट्स के तहत ठेकेदारों को 19 करोड़
73 लाख का अनुचित लाभ पहुंचाया गया

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रोजेक्ट के
मुताबिक उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम
लिमिटेड के ठेके की 5 प्र राशि आवंटित
गारंटी के रूप में जमा करनी थी यह ₹ करोड़

11 लाख थी लेकिन उत्तर प्रदेश राजकीय
निर्माण निगम लिमिटेड ने सिर्फ ₹ करोड़ 86
लाख ही जमा किए इसके लिए कोई कारण भी नहीं
बताया गया सीएजी ने आगे बताया कि अयोध्या
के गुप्तार घाट पर 14 हिस्सों का काम होना

था यह काम अलग-अलग ठेकेदारों को दिया गया
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के सिंचाई विभाग
द्वारा इन ठेकों का आवंटन किया गया था
ऑडिटर में बताया गया सिंचाई विभाग ने

ठेकेदारों द्वारा पेश की गई बिड का कोई
आकलन ही नहीं किया था बिना आकलन के ही
ठेके आवंटित कर दिए गए इसका कारण विभाग 19
13000 बचाने में नाकाम रहा रिपोर्ट में यह
भी खुलासा किया गया कि राज्य सरकार ने

स्वतः संज्ञान लेते हुए तीन ठेकेदारों का
रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था इससे वो
ठेकेदार जीएसटी लेने के हकदार नहीं थे
इसके बावजूद इनमें एक ठेकेदार को 19 लाख ₹

77000 का अनियमित भुगतान किया गया था वहीं
बाकी दो ठेकेदारों को जीएसटी भुगतान विभाग
द्वारा काटा नहीं गया था आगे सीएजी की
रिपोर्ट में बताया गया कि ठेकेदारों को उन
कामों के लिए भी भुगतान कर दिया गया जिसका

काम उनके द्वारा किया ही नहीं गया जुलाई
2022 में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन
विभाग और सिंचाई विभाग ने एक एग्जिट
कॉन्फ्रेंस आयोजित की जहां प्रदेश सरकार
और पर्यटन विभाग ने सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट

में किए गए खुलासों को स्वीकार किया था
सरकार ने माना था सीएजी ने अपनी ऑडिट
रिपोर्ट में अयोध्या डेवलपमेंट प्रोजेक्ट
में अनावश्यक खर्चे की बात भी कही है उसने

बताया कि प्रोजेक्ट में 8 करोड़ 2 लाख यों
का अनावश्यक खर्च किया गया इतना ही नहीं
रिपोर्ट में इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग
व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए छठा

मामला मामला ग्रामीण विकास मंत्रालय
घोटाला सीएजी ने कहा कि ग्रामीण विकास
मंत्रालय ने पेंशन योजना से जुड़े लगभग 2
करोड़ 83 लाख अन्य योजनाओं के प्रचार में
खर्च कर दिए सीएजी ने नेशनल सोशल

असिस्टेंट प्रोग्राम एनएसएपी की ऑडिट
रिपोर्ट में जानकारी दी कि एनएसएपी के तहत
सरकार तीन पेंशन योजनाएं चलाती है इसमें
से एक बुजुर्ग नागरिकों से जुड़ी है दूसरी
विकलांगों से जुड़ी हुई है तीसरी विधवा

पेंशन के तौर पर दी जाती है इसके अलावा
योजना के तहत बुजुर्गों को खाद्य सुरक्षा
भी प्रदान की जाती है सीएजी ने अपनी
रिपोर्ट में बताया कि अगस्त 2017 से 19

राज्यों के लिए जिले में पांच होल्डिंग्स
के माध्यम से ग्राम समृद्धि स्वच्छ भारत
पखवाड़ा के प्रचार के लिए मंत्रालय ने 2
करोड़ 44 लाख इस्तेमाल करने की मंजूरी दी

थी यह पैसा बुजुर्ग विधवाओं और विकलांगों
की पेंशन का पैसा था सातवां मामला एचएल
घोटाला सीएजी ने एचएल पर विमान के इंजन के
डिजाइन और उत्पादन की खामियों के गंभीर

आरोप लगाए हैं जिसमें एचएएल के करोड़ों
रुपए का नुकसान हुआ है सीएजी ने बताया कि
प्लेटफार्म के एविनिक्स अपग्रेड के लिए
एचएएल ने आंतरिक संसाधनों के साथ विमान टू
का डीएनडी 2014 में शुरू किया गया था

परियोजना शुरू करने से पहले या परियोजना
की प्रकृति दौरान कोई भी व्यवसाय योजना
तैयार ही नहीं की गई ताकि निवेश की वसूली
सुनिश्चित की जा सके बीजेपी के इतना
भ्रष्टाचार य मामले तो तब सामने आए हैं जब

सीएजी ने अपने सबसे कम संख्या में रिपोर्ट
जारी कीए देखिए कैग ने 2010 से 2023 तक
400 रिपोर्ट जारी की हैं जिनमें से बीजेपी
के 9 साल के कार्यकाल में मात्र 62
रिपोर्ट है वही मनमोहन सिंह सरकार में

2010 से 2014 तक मात्र 4 साल में 338
रिपोर्ट जारी की आज के लिए इस वीडियो में
इतना ही यह कहानी लिखी थी हमारे साथी आसिफ
ने अगर यह वीडियो आपको अच्छा लगा हो तो
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अपडेट्स आपको मिलती रहे तब तक के लिए
धन्यवाद

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