BJP Mission 2024 : 400 पार, 'INDI' का बंटाधार ! Loksabha Election 2024 | PM Modi | - instathreads

BJP Mission 2024 : 400 पार, ‘INDI’ का बंटाधार ! Loksabha Election 2024 | PM Modi |

हेलो दोस्तों अमीर होना आज की दुनिया में
सबसे बड़ी चाहत हो गई है और जहां असली
अमेरिकी बात होती है तो एक नाम जिसके बिना
हमारी शब्द पूरा ही नहीं होता व है मुकेश

अमीर अंबानी एक ऐसे गुजराती जो लगातार दस
सालों से भारत के सबसे अमीर आदमी है और
इसी डेफिनेशन में बदलाव करते हुए उन्होंने
खुद को एशिया का सबसे अमीर इंसान बना लिया
जिसके लिए उन्होंने अली बाबा के जैक मा को

पीछे छोड़ दिया है एक बहुत ही साधारण से
व्यक्तित्व वाले मुकेश अंबानी अपने
रिलायंस के साथ लगातार इस अमीरी के मुकाम
को और ऊंचाई पर ले जाते जा रहे हैं इसलिए
अब यह बात तो जहन में आती है कि आखिर

मुकेश अंबानी ही क्यों यह आखिर मुकेश कैसे
कमाते हैं तूने पैसे आज के इस वीडियो में
हम आपको यही बताएंगे मुकेश अंबानी के पिता
धीरूभाई अंबानी बचपन में भारत में पेट्रोल
पंप पर पेट्रोल भरने में काम किया करते थे

फिर से 1950 में जब उनकी उम्र केवल 18 साल
की थी तब वह यौवन चले गए वाह एक बंदरगाह
में अपनी छोटी सी क्लर्क की नौकरी करने
लगे और जब धीरू भाई अंबानी को पता चला कि
वहां के जो रियाल के सिक्के उनमें चांद
लगा होगा जिसकी कीमत उनके सिक्कों से

ज्यादा है तो उसके बाद हीरो भाई अंबानी उन
सिक्कों को अधिक मात्रा में खरीदने लगे और
अपने पास इकट्ठा करने लगे धीरे-धीरे विशाल
जो वहां का सिक्का था वह गायब होने लगा और
उन्होंने उन सिक्कों से चांदी को गलाकर

लाखों रुपए कमाए और फिर बाद में वही या मन
में सन 1957 में मुकेश अंबानी का जन्म हुआ
तब इनका परिवार इतना अमीर नहीं हुआ करता
था और तब अपने परिवार के साथ दो रुम के घर
में रहा करते थे इनके पिता अपना बिजनेस
करना चाहते थे इसलिए यह मंच छोड़कर 1958

में भारत वापस लौट आए भारत आकर धीरूभाई
अंबानी ने कपड़े और मसाले का बिजनेस शुरू
किया शुरुआत में धीरूभाई ने कपड़े के
प्रोडक्शन से शुरू किया और उस धागे की
सप्लाई करने लगे जिसके कपड़े बनाने वाली

कंपनी को जरूरत होती थी इसके बाद में
धीरूभाई ने खुद ही कपड़े बनाना शुरू कर
दिया और 1966 में उन्होंने अपनी पहली
फैक्ट्री शुरू की और कंपनी का नाम रख्खा
विमल धीरूभाई की कंपनी सफल रही और विमल एक

बहुत बड़ा ब्रांड बन गया लेकिन फिर भी
मुकेश अंबानी की स्कूल लाइफ एक मिडिल
क्लास फैमिली में ही बेटी थी उनके पिता का
बिजनस तो अच्छा चल रहा था लेकिन तब वो
इतने बड़े बिजनेसमैन नहीं बन पाए थे मुकेश
अंबानी ने अपने भाइयों और आनंद जैन के साथ

मुंबई के पेडर रोड स्थित व हिल ग्रेंज हाई
स्कूल में पढ़ाई की जो बाद में उनके करीबी
सहयोगी बन गए अपने स्कूली शिक्षा के बाद
उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर स्कूल
कॉलेज में पढ़ाई की इसके बाद उन्होंने
इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी में

केमिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री
हासिल की और फिर मुकेश अंबानी ग्रेजुएशन
पूरा करने के बाद कि की पढ़ाई करने के लिए
अमेरिका चले गए उन्होंने स्टैनफोर्ड

यूनिवर्सिटी में एडमिशन तो ले लिया लेकिन
बीच में अपने पढ़ाई छोड़ बाहर आता गए
क्योंकि उस वक्त तो तक पिता का बिजनस चल
पड़ा था इसी कारण उन्हें भारत लौटना पड़ा

ताकि वह अपने पिता की मदद कर सके असल में
हुआ कुछ यूं था कि जब मुकेश अंबानी
अमेरिका से एमबीए कर रहे थे उसी दौरान
धीरूभाई अंबानी को पॉलिस्टर फिलामेंट आगे
को बनाने का सरकारी लाइसेंस मिल गया इस

लाइसेंस के मिलने के बाद धीरूभाई अंबानी
ने पॉलिएस्टर फिलामेंट धागे को बनाने के
लिए पातालगंगा रायगढ़ महाराष्ट्र में
मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाया और फिर
उन्हों ने मुकेश अंबानी को अमेरिका से

वापस बुला लिया मुकेश अंबानी एमबीए की
डिग्री अधूरी छोड़कर महाराष्ट्र वापस आ गए
और इस तरह मुकेश अंबानी ने 14 साल की उम्र
में रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपना करियर
शुरू किया इंडस्ट्री में आने के बाद मुकेश
अंबानी राशिद भाई के अंदर काम करने लगे

कुछ दिन काम करने उपाधि रूम भाई अंबानी ने
अपनी मर्जी से मुकेश अंबानी को काम करने
की पूरी आजादी तिथि कोई भी फैसला लेना
मुकेश अंबानी अपने पिताजी से सलाह जरूर
लेते थे मुकेश अंबानी की पूरी आजादी से

काम करने का फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को
मिला 1985 में आशिक भाई की मौत के बाद
पॉलिस्टर फिलामेंट धागे के इस प्लांट की
पूरी ज़िम्मेदारी मुकेश अंबानी के कंधे पर
आ गई उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी
संभाल लिया 1986 में अंबानी परिवार को एक

बड़ा झटका तब लगा जब धीरू भाई अंबानी को
ब्रेन स्ट्रोक से गुजरना पड़ा और सारी
जिम्मेदारी मुकेश और उनके भाई अनिल के
कंधों पर आ गई लेकिन दोनों भाइयों ने इस
ज़िम्मेदारी को काफी अच्छे से निभाया

प्रिंस टॉक के बाद ही रूम भाई अंबानी बच
तो गए लेकिन उनके दाएं हाथ ने काम करना
बंद कर दिया और उसके बाद मुकेश अंबानी
अपने पिता के दाएं हाथ बन गए कि मुकेश
अंबानी ने न केवल अपने पिताजी के बिजनेस

को संभाला बल्कि रिलायंस इंडस्ट्री में
बहुत सारे नए बिजनस प्लान लेकर आएं जिसकी
वजह से Reliance Industries आगे की ओर
बढ़ती गई 1991 में मुकेश अंबानी ने पेट्रो
केमिकल प्लांट स्थापित किया 1995 में
कंपनी ने रिलायंस टेलिकॉम की शुरुआत की

1998 में अंबानी ने लोगों की जरूरतों को
समझते हुए पीजी के फील्ड में कदम रखा और
रिलायंस गैस के नाम पे रसोई गैस बनाने की
कंपनी बनाती ऐसे ही काम करते-करते सफलता
मिलते-मिलते Reliance Industries की

संपत्ति भी लगातार बढ़ती गई लेकिन फिर साल
आता है 2002 जिसमें धीरूभाई अंबानी की
ब्रेन स्ट्रोक की वजह से मौत हो गई पिता
की मौत के बाद दोनों भाइयों में संपत्ति

को लेकर भारी विवाद हो गया इन दोनों के
विवाद पर कंपनी को बहुत ज्यादा नुकसान
झेलना पड़ा इसी कारण इन दोनों भाइयों के
झगड़े को खत्म करने के लिए उन हुआ था ने
रिलायंस इंडस्ट्रीज का दो हिस्सों में

बंटवारा कर दिया मुकेश अंबानी के हिस्से
में रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस पेट्रो
केमिकल आ गया बंटवारे के बाद मुकेश अंबानी
ने नई शुरुआत की और अपने बिजनेस को आगे
बढ़ाना शुरू कर दिया मुकेश अंबानी की कमाई
का मेन सोर्स जामनगर पेट्रोलियम रिफाइनरी

बनी 2006 में रिलायंस इंडस्ट्री में
रिलायंस रिटेल मार्केट में भी कदम रख दिया
रिलायंस रिटेल ब्रांड नाम के अंदर पूरे
देश में शॉपिंग सेंटर शुरू किया जिसमें
रिलायंस फ्रेश स्टोर काफी मशहूर हुआ आज इस

के करीब पंद्रह सौ से ज्यादा स्टोर पूरे
भारत में है और इसका मेन सोर्स रिलायंस
फ्रेश एलाइंस फ्रेंड रिलायंस डिजिटल
रिलायंस फुटप्रिंट
2010 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इन्फोकॉम

ब्रॉड बैंड कंपनी की शुरुआत की जिसका रंग
2016 में देखने को मिला क्योंकि यह
रिलायंस टेलिकॉम सेक्टर में बहुत बड़ा
चेंजिंग साबित हुआ 2016 में रिलायंस
इंडस्ट्रीज ने टेलिकॉम सर्विस

जो शुरू किया जो इन्फोकॉम ब्लड बैंक का एक
बड़ा रूप था इसके बाद तो Jio ने भारत की
टेलिकॉम इंडस्ट्री को तहस-नहस कर डाला और
रिलायंस हाल-चाल है रहे ब्रांड नाम से
अपना स्मार्टफोन 4G लांच किया 2016 में

एलवाईएफ में सबसे ज्यादा बिकने वाला
मोबाइल भी साबित हुआ रिलायंस जिओ टेलिकॉम
सेक्टर में आते ही उसने बाजार को पूरी तरह
से बदल दिया और देखते-देखते बाकी सभी
टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले सबसे ज्यादा
कस्टमर रिलायंस जिओ के बन गए और 3 साल में

टेलिकॉम की नंबर वन कंपनी बन गई और 35
करोड़ से ज्यादा कस्टमर बना लिए 2019 में
लगभग 11,000 679 करोड़ इंकम जनरेट किया
इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2009 में
भारत के दो सौ शहरों में लांच किया

Reliance Industries मीडिया फिल्म और
म्यूजिक इंडस्ट्री में एक्टिव मीडिया में
रिलायंस इंडस्ट्री के पास नेटवर्क इतना
कुछ करने के पीछे अगर किसी इंसान का दिमाग

था तो वह सिर्फ मुकेश अंबानी की थे और आज
अपने इन हिसार एक्सपेरिमेंट्स और नए तरीके
से बिजनेस के कारण ही इतने पैसे कमा पाते
हैं और अपने साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज
ने दो लाख 36 हजार लोगों को जॉब भी दे दी

है आज शायद ही ऐसा कोई फील्ड है जिसमें
Reliance Industries नहीं है रिलायंस
इंडस्ट्रीज के कुल शेयरों की बात करें तो
आज अंबानी परिवार के पास इसका सिर्फ में

46.32 प्रतिशत हिस्सेदारी है और बाकी
53.6 इस तरह दूसरी शेरहोल्डर्स के नाम
लेकिन मेजर शेयरहोल्डर होने के नाते इसके
मालिक अंबानी ही नेटवर्क अब
सब्सक्राइब डॉक्टर से भी ज्यादा हो चुकी

है आपको क्या लगता है आने वाले समय में
मुकेश अंबानी को पीछे कर अपने
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