BJP-RSS देश में बहुत बड़ा खेल कर रहे हैं- Arun Kumar Sharma - instathreads

BJP-RSS देश में बहुत बड़ा खेल कर रहे हैं- Arun Kumar Sharma

अरुण शर्मा जी आपको तो शास्त्रों का भी
बड़ा अध्ययन है आपने तो बहुत अध्ययन किया
है क्या जरूरत थी ये कहने की कि कुछ लोग
चाहते कहते थे कि मंदिर बना तो आग लग
जाएगी यह शब्द आज प्यार भरे भगवान राम तो

प्यार का प्रेम का गरीबों के कल्याण का
नाम है भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा में
इतनी नफरत कोई व्यक्ति कैसे ला सकता है कि
पुरानी बातें याद करना पुराने जम ताजे

करना यह सब बातें करने की जरूरत
क्या लगता है आपको कि यह पॉलिटिकल प्रम ता
मोहन भागवत किस हैसियत से वहां अंदर बैठे
हुए थे आपका क्या मानना है अरुण शर्मा
जी जी सर यहीं से शुरुआत करते हैं कि अंदर

कौन-कौन
था अंदर थे मोहन भागवत जी जिनकी शादी नहीं
हुई अंदर थे योगी जी जिन्होंने सन्यास ले
रखा है और नाथ संप्रदाय से आते हैं वैष्णव
नहीं है वो कतई वैष्णव नहीं है और वैष्णव

नाथ संप्रदाय का आपस में
बैर और तीसरे कौन थे तीसरी बैठी थी गवर्नर
आनंदी बहन आपको याद करा देता हूं आनंदी
बहन के पति ने एक पत्र लिखा था अडवाण जी
को कि मेरी पत्नी मोदी जी के चंगुल में है

उनको छुड़ाया जाए तो एज ए गवर्नर की
हैसियत से वो ठीक है परंतु एज ए
कंट्रोवर्सी महिला के नाते मैं उनका
पुरजोर विरोध करता हूं और जो आपने कहा कि
पहले जिन्होंने प्राण प्रतिष्ठा की थी सात

दिन वो तो नजर नहीं
आए उनके ऊपर क्रिमिनल केस है सर और आपने
एक प्रोग्राम किया जिसमें बताया कि जिनको
चार गोली लगी 17 हड्डियां टूटी वह कहां थे
और वह शंकराचार्य जी सरस्वती जी वो कहां

थे चार शंकराचार्य जी को को चारों कोनों
में डाल दिया गया कि आप यहीं रहेंगे आपका
हिंदुस्तान में कोई काम नहीं है अब मैं
आपकी बात पर आता हूं जो आपने कही है

सर मोदी जी का जो एजेंडा है वह एज ए
बीजेपी नहीं है मोदी जी का जो एजेंडा है
वह आरएसएस का एजेंडा है आरएसएस 27 सितंबर
1925 को बनाई गई थी और उसका जो आरएसएस का
जो धे था वो क्या धे था वो तो आपको भी पता

होगा धे था जो आरएसएस स्म को कहती है वह
हिंदू राष्ट्रवादी मानते अपने आप को और
अर्ध सैनिक कहते हैं वह अपने आप को यह वह
संगठन है जो व्यापक रूप से भारत के

सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी का
पत्रिक संगठन माना जाता है भारतीय जनता
पार्टी के पिता कौन है आरएसएस और राम को
कौन लेकर आए हैं बीजेपी वाले तो यह तो

आरएसएस वाले तो दादा हो गए तो दादा की
चलेगी या लड़के की चलेगी या पोते की चलेगी
और क्या है आपको पता है आरएसएस का जो पूरा
एजेंडा है कितने संगठन चल रहे हैं उनके

मोदी जी यहां भारत में प्रधानमंत्री बनने
नहीं आए आज जो पहली सीढ़ी आरएसएस ने चढ़ी
है यह 100 वर्ष पहले करीब 98 वर्ष पहले
मैं आरएसएस में रहा हूं मैं तो उनका

दीक्षित स्वयंसेवक हूं तो अंदर की बात
जितनी मुझे पता है शायद आपको नहीं पता
होगी आज उनकी सीढ़ी का पहला पायदान पूरा
हो गया और यह सुनने में आ रहा है कि चुनाव
घोषणा हो जाएगी जैसे ही 26 जनवरी जाएगी

पहली फरवरी आएगी पूरा का पूरा एक जो जलेबी
जो चाशनी के अंदर घुसी हुई है और मैं तो
इसको कहता हूं यह धतूरा है यह अफीम भी
नहीं है और भांग भी नहीं है तो यह जो

धतूरा खिलाया जा रहा है या जो जलेबी रूपी
मिठ मिष्ठान खिलाया जा रहा है उसकी पहली
सीढ़ी आज पूरी हो गई अब इस पर दूसरी सीढ़ी
तीसरी सीढ़ी और चौथी सीढ़ी बनाई जाएगी और
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक पूरा मकान

जो हिंदुस्तान पर अपोज होगा एक प्रोग्राम
मैंने किया था अभी उसमें फासीवाद का था
सरय फासीवाद होता क्या है यह होता है
अधिनायकवाद या
व्यक्तिवाद जो लोकतंत्र को नहीं मानता और

उसकी परिभाषा जो है वो क्या है कि एक
सत्तावादी प पदानुम सरकार की वकालत करने
वाला एक राजनीतिक सिद्धांत जो लोकतंत्र या
उदारवाद के विपरीत चलता हो यह वो है हिडन
में कौन है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

बीजेपी की बात करना या यह कहना किय बीजेपी
का एजेंडा है मैं तो साहब नहीं मानता मैं
तो मानता हूं य आरएसएस का एजेंडा है और
जहां तक धर्म की आपने बात कही तो धर्म में
तो स्पष्ट लिखा हुआ है कि जो पूजा करेगा

जो अनुष्ठान करेगा उसका अधिकार तब बनता है
और मोदी जी का अधिकार तब बनता है जब वह
विवाहित होते हुए वो तो ना तीन में है ना
13 में है ना धर्म उनको आज्ञा देता ना

राजनीति उनको आज्ञा देती ना वो तीन में है
ना 13 में शादी करने के बाद उन्होंने अपनी
पत्नी को छोड़ रखा है तो क्या जशोदा का
अधि नहीं उनके साथ में बैठती अधिकार किसको

मिला एक ऐसी महिला को जिसके साथ उनकी
कंट्रोवर्सी है और राष्ट्रपति जो हमारे
देश की
सर्वश्रेष्ठ पद पर है उनको क्यों नहीं
बिठाया गया जबकि वह उनकी जो बैकग्राउंड है

वह बड़ी विलक्षण बैकग्राउंड है अगर उनको
बिठाते तो एक पूरे राष्ट्र में नहीं एक
दुनिया में संदेश जाता कि भारत अपने सबसे
उच्च पद की इज्जत करता है वहां बैठता कौन
है एक सांस्कृतिक या एक

समाजवादी जिसको हम कहते हैं राष्ट्रीय
स्वयम सेवक उसका सबसे बड़ा पदाधिकारी और
उनमें आपने कहा कोई भी दलित नहीं था सर
दलित को पसंद कहां करते हैं कौन सा आज तक
जो है राष्ट्रीय सम सेवक संघ का अध्यक्ष

बना जो दलित था मुझे तो याद नहीं है और
मेरे तो सबसे निजी संबंध रहे हैं गुरु गोल
वर्कर जी की गोद में खेला हुआ छात्र हूं
मैं मुझे इनके अंदर की बात पता है यह

जेंडा जो वो पहली सीढ़ी चढ़ चुके और यह
2002 दोहरा ना दिया जाए इसीलिए मुसलमानों
ने यह कहा कि आप 27 तारीख तक अपने घरों
में रहे उनकी आशंका निराधार नहीं है और यह
बहुत बड़ा खेल है जो हमें समझ में नहीं आ

रहा हमें उसको सामाजिक क्षेत्र में
सांस्कृतिक क्षेत्र में धर्म में उलझाया
जा रहा है दरअसल यह जो खेल है वो है
राष्ट्रीय सम सेवक संघ का उसका चित्रण एक

सामने आ गया और कौन था उनके साथ में योगी
जी अमित शाह जी कहां अमित शाह जी को तो
मैंने देखा नहीं और यह स्पष्ट संदेश है कि
मेरे बाद आने वाला प्रधानमंत्री कौन होगा

मुझसे भी बड़ा ड्रेडेड हिंदू उग्रवादी
हिंदू है वो और उनकी बैकग्राउंड जो है मैं
नाथ संप्रदाय के बारे में बहुत अच्छी
डिटेल जानता हूं वो तो सर किसी चीज को
मानते नहीं संस्कृत उनको आती नहीं नमामी

शमीशान
को पढ़ना नहीं आता आपने एक वीडियो देखा
होगा तो जो संदेश दिया जा रहा है वह बहुत
सख्त संदेश है अगर कोई वाकई में
इंटेलेक्चुअल है तो उनको चिंता होनी
स्वाभाविक होनी चाहिए ऐसा मेरा मत है

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