Congress और किसान, BJP का काम तमाम ! Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra | BJP | - instathreads

Congress और किसान, BJP का काम तमाम ! Rahul Gandhi Bharat Jodo Nyay Yatra | BJP |

तुम्हारे खत में नया एक सलाम किसका था न
था रकीब तो आखिर वह नाम किसका था नमस्कार
मैं हूं राजीव और आप देख रहे हैं घूमता
हुआ आईना कांग्रेस किसान और कॉर्पोरेट इन

तीन के कारण मोदी का तीसरी बार सत्ता में
लौटना मुश्किल हो गया है इस वक्त देश में
दो बड़े आंदोलन चल रहे हैं आप देख ही रहे
हैं एक आंदोलन है राहुल गांधी की भारत
जोड़ो यात्र न्याय यात्रा जिसमें राहुल

पूर्वोत्तर से महाराष्ट्र तक न्याय की
आवाज बुलंद करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और
दूसरा आंदोलन जो है वह है किसानों का
आंदोलन जिसमें एक बार फिर हजारों किसान
मोदी सरकार की वादा खिलाफी पर मोर्चा
खोलते हुए सड़कों पर हैं भारत जोड़ो न्याय

यात्रा से कांग्रेस मजबूत हो रही है तो
किसान आंदोलन से लोकतंत्र के सवाल नई ताकत
पैदा कर रहे हैं और नई ताकत पा भी रहे हैं
कांग्रेस और किसान से मोदी परेशान हैं
लेकिन कॉरपोरेट तो उनका का बड़ा सहारा है

उद्योगपतियों के चहेते हैं मोदी और मोदी
के चहते हैं उद्योगपति कुछ खास उद्योगपति
कह सकते हैं इस दो तरफा चाहत में बीजेपी
के हिस्से खूब मुनाफा आया है इलेक्टोरल

बंड से कॉरपोरेट का पैसा बीजेपी के पास
पहुंचा और बदले में कॉरपोरेट के मन
मुताबिक आर्थिक फैसले हुए लेकिन अब
सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बंड्स पर रोक
लगा दी है उसे असंवैधानिक बताया है इससे

भारत सरकार की वैधता पर भी सवाल उठने शुरू
हो गए हैं इसीलिए कांग्रेस और किसान के
बाद अब कॉर्पोरेट के कारण भी मोदी की
परेशानी बढ़ गई है कारोबारियों का तो पहला
और आखिरी लक्ष्य आप जानते हैं मुनाफा

कमाना होता है और जिस दल से उनके हित सध
वही उनका प्यारा होगा यानी वही दल उनके
लिए प्यारा दल होगा अभी बीजेपी प्यारी है
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद
बीजेपी पर यह प्यार कब तक उद्योगपतियों का

बरकरार रहेगा यह भी देखना होगा मोदी ने
बड़े ठाट से लाल किले से तीसरी बार भी
लौटने का ऐलान किया था लेकिन अब लोकसभा
चुनाव सिर पर हैं और 400 से ऊपर अंक लाने
यानी सीटें लाने की कोशिश में पीएम मोदी

की जो नींदे हैं वो उड़ चुकी हैं परीक्षा
पर चर्चा करते हुए मोदी छात्रों को तो
नसीहत और कई किस्म की नसीहत देते रहते हैं
लेकिन जब उनकी परीक्षा का वक्त आया यानी 5
साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से

जनता के बीच वोट मांगने का जो वक्त आया है
तो मोदी घबराए हुए दिख रहे हैं जैसे साल
भर मटर गस्ती करते हुए परीक्षा के वक्त
बच्चे जो हैं वह पास होने के लिए शॉर्टकट

का सहारा लेते हैं वैसा ही हाल अब मोदी का
दिख रहा है 5 साल यानी 5-5 साल के दो
कार्यकाल में अगर जनता के हित के काम किए
होते तो फिर तीसरी बार भी वोट मांगने के
लिए कोई डर नहीं लगता ना ही विरोधी

पार्टियों का खौफ होता लेकिन मोदी जानते
हैं कि राम मंदिर का उद्घाटन जैसी
उपलब्धियों के साथ जनता के बीच जा नहीं
सकते क्योंकि वहां पलटकर रोटी कपड़े और
मकान के सवाल पूछे जाएंगे राहुल गांधी

भारत जोड़ो न्याय यात्रा में इन्हीं
सवालों के लिए जनता को तैयार कर रहे हैं
वहीं किसान भी अपने पुराने सवालों के साथ
मोदी सरकार के सामने आखड़े हुए हैं कि
हमें एमएसपी का कानूनी वादा कब पूरा किया

जाएगा कब लखीमपुर में कुचले गए किसानों के
परिजनों को न्याय मिलेगा न्याय और
बुनियादी अधिकारों के सवालों का मोदी के
पास कोई जवाब नहीं दिख रहा है तो वह गुलाम
भारत में अंग्रेज शासकों की तरह दमन पर

उतर आई है कांग्रेस को कमजोर कर करने के
लिए उसके नेताओं को तोड़ने के साथ उसके
खातों को सील करने का पतरा आजमाया गया है
तो वहीं किसानों को कुचलने के लिए आंसू

गैस के गोले बरसाए जा रहे हैं पिछली बार
के किसान आंदोलन आप याद कीजिए कि उस
आंदोलन में किसानों को खालिस्तानी कहा गया
था इस बार बाकायदा उनके साथ दुश्मनों जैसा
व्यवहार किया जा रहा है क्या दमन के इन
रास्तों पर चलकर सत्ता की मंजिल मोदी को
हासिल हो पाएगी यह एक बड़ा सवाल है

दोस्तों आइए दोस्तों आज आईने की नजर से
पड़ताल करेंगे कि क्या इस बार कांग्रेस और
किसान करेंगे बीजेपी का काम तमाम और यह भी
समझेंगे कि बीजेपी के हत कंडों की पोल
कैसे खुल चुकी है आगे बढ़े लेकिन उससे
पहले एक वीडियो आपको जरूर दिखाना चाहता

हूं जरा इस वीडियो को गौर से
देखिए शुक्ला जी आपका इंतजार है आप आ
जाए चलिए चलिए हो गया हो गया हो गया चलिए
चलिए यह वीडियो वाराणसी का है वाराणसी

मोदी का संसदीय क्षेत्र है लेकिन सबसे
पहले यह विश्वनाथ की नगरी है शिव के भक्त
राहुल शनिवार को वाराणसी में थे जहां
उन्होंने गोदौलिया के नंदी चौराहे पर भाषण
दिया और उसके बाद काशी विश्वनाथ के दर्शन

करने गए लेकिन राहुल से बीजेपी के डर का
आलम ऐसा है कि जब जब राहुल वहां गए तो
बीजेपी के लोगों ने 51 लीटर गंगाजल से उस
चौराहे को धोया बीजेपी ने ऐसा करके राहुल
के लिए अपनी नफरत को दिखाना चाहा लेकिन

असल में राहुल गांधी के बढ़ते प्रभाव को
काउंटर करने के लिए बीजेपी ने यह शर्मनाक
हरकत की इससे पहले अखिलेश यादव जब सत्ता
से हटे थे तब उनके बंगले को भी बीजेपी ने

इसी तरह गंगाजल से धोया था कायरता और नफरत
का गजब संगम बीजेपी में दिख रहा है खासकर
राहुल गांधी के वाराणसी पहुंचने से बीजेपी
की धड़कनें और बढ़ गई हैं क्योंकि कि
राहुल के लिए जिस तरह वाराणसी में भीड़
जुटी उससे मोदी की सत्ता को चुनौती की तरह

देखा गया राहुल गांधी से डर का आलम ऐसा था
कि काशी विश्वनाथ मंदिर के भीतर जब राहुल
पूजा करने गए तो उनके साथ कांग्रेस के
फोटोग्राफर को मंदिर प्रशासन ने भीतर जाने
नहीं दिया ताकि राहुल की वैसी तस्वीरें

पूजा करते हुए लोग ना देख पाएं जैसी मोदी
की देखा करते हैं कांग्रेस ने इस बारे में
एक ट्वीट में लिखा भी है अंतिम क्षण पर
मंदिर में जाने के लिए हमारे कैमरा को
मिली अनुमति निरस्त कर दी गई जिला प्रशासन

ने आश्वस्त किया कि मंदिर के कैमरा पर्सन
द्वारा फोटो साझा की जाएगी 32 घंटे तक
लगातार प्रयास करने पर भी फोटो उपलब्ध
नहीं कराई गई फिर कुछ सात तस्वीरें भेजी

गई जिनमें से एक भी दर्शन करने की नहीं है
जबकि मंदिर के कैमरा पर्सन ने फोटो खींची
थी ऐसा करके वाराणसी के जिला प्रशासन ने
एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह
दिल्ली में बैठे कैमरा जीवी के मुलाजिम से

ज्यादा कुछ और नहीं यह राजनीति और
चाटुकारिता नहीं ओछा पन है पर याद रहे शिव
के भक्त को ना उनके संकल्प से ना न्याय के
इस महासंग्राम से कोई ताकत रोक सकती है
बाबा विश्वनाथ सबका भला करें दुष्टों को

सन्मति दें तो कांग्रेस ने बीजेपी के
सामने खुली चुनौती पेश कर दी है न्याय के
इस महासंग्राम में राहुल को आगे बढ़ने से
कोई ताकत नहीं रोक सकती है दरअसल राहुल
गांधी सच बोल रहे हैं और बिना डरे बीजेपी
के सामने खड़े हैं बस इन दो बातों से

बीजेपी की 10 सालों की सत्ता की नींव
हिलने लगी है इसीलिए बीजेपी की कोशिश अब
किसी भी तरह कांग्रेस को कमजोर करने की है
कांग्रेस के बड़े नेताओं को तोड़ने का
सिलसिला एक बार फिर बीजेपी ने शुरू कर ही

दिया है और उसके साथ कांग्रेस की आर्थिक
नाकेबंदी बीजेपी कर रही है शुक्रवार को
कांग्रेस के खाते सील करने का फैसला ऐसा
ही एक बड़ा कदम है हालांकि इसमें भी
बीजेपी ने अपने डर को जनता के सामने दिखा
दिया है कांग्रेस ने शुक्रवार सुबह आरोप

लगाया कि उसके सभी खाते फी यानी बंद कर
दिए गए हैं इस खबर के आते ही देश में
सियासी घमासान तेज हो गया बीजेपी पर आरोप
लगने लगे कि कांग्रेस को वह किसी तरह आगे
बढ़ने से रोक नहीं पा रही है तो अब उसकी

आर्थिक नाकेबंदी की जा रही है इनकम टैक्स
के इस फैसले पर कांग्रेस अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सत्ता के
नशे में चूर मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव
के ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी
पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खाते

फ्रीज कर दिए हैं यह लोकतंत्र पर गहरा
आघात है भाजपा ने जो असंवैधानिक धन इकट्ठा
किया है उसका इस्तेमाल वे चुनाव में
करेंगे लेकिन हमने क्राउड फंडिंग के जरिए

जो पैसा इकट्ठा किया है उसे सील कर दिया
जाएगा इसीलिए हमने कहा है कि भविष्य में
कोई चुनाव नहीं होंगे हम न्यायपालिका से
अपील करते हैं कि इस देश में बहुदलीय
प्रणाली को बचाएं और भारत के लोकतंत्र को
सुरक्षित करें हम सड़कों पर उतरेंगे और इस

अन्याय व तानाशाही के खिलाफ पुरजोर तरह से
लड़ेंगे वहीं कांग्रेस के खाते बंद करने
के कारणों के बारे में अजय माकन ने बताया
कि कांग्रेस के बैंक खातों को क्यों सील
किया गया इसके कारण बहुत ही हास्यास्पद

हैं पहला हमें 31 दिसंबर 2019 तक अपने
अकाउंट्स जमा करने थे लेकिन हमें कुछ देर
हो गई इस वजह से हमारे खातों को सील कर
दिया गया दूसरा 2018-19 चुनाव का वक्त था
जिसमें कांग्रेस के 119 करोड़ खर्च हुए थे

इसमें हमारे विधायक और सांसद ने सिर्फ ₹1
40000 कैश में जमा किए थे जो उनका वेतन था
इस वजह से कांग्रेस पर 2210 करोड़ की
पेनाल्टी लगा दी दी गई है माकन ने दावा
किया कि 2018-19 के चुनावी वर्ष में

पार्टी ने अपने खाते 45 दिन देरी से जमा
किए लेकिन खातों को फ्रिज करना आखिरी उपाय
है उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे मामले और
उदाहरण हैं जहां ऐसी कार्रवाई नहीं की गई

माकन ने यह भी कहा कि लोकतंत्र अस्तित्व
में नहीं है यह एक शासन प्रणाली की पार्टी
की तरह है और प्रमुख विपक्षी दल को दबा
दिया गया है खाते बंद होने की खबर लगते ही
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर
उतर आए सोशल मीडिया पर बीजेपी की इस हरकत

की आलोचना होने लगी जिसके बाद खातों पर से
रोक तो हटा दी गई और यह खाते चालू कर दिए
गए लेकिन फिर भी कांग्रेस उन खातों में
पड़े रुपए का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी
कांग्रेस ने कहा है कि हमारी याचिका पर
आयकर विभाग और आयकर अपीलीय न्याय अधिकरण

यानी आईटी एटी ने कहा है कि कांग्रेस को
यह सुनिश्चित करना होगा कि 115 करोड़ बैंक
खातों में जमा रहे यह 115 करोड़ बैंक
खातों में अंकित ग्रहण का हैं हम इस 115
करोड़ के अतिरिक्त ही खर्च कर सकते हैं
इसका मतलब है कि 1115 करोड़ फ्रीज कर दिए

गए हैं विडंबना यह है कि हमारे चालू बैंक
खातों में 115 करोड़ से काफी कम पैसे ही
हैं तो कांग्रेस की राह में बाधाएं खड़ी
करने के बीजेपी के हथकंडे अब खुलकर नजर
आने लगे हैं कांग्रेस को हराने के लिए
बीजेपी साम दाम दंड भेद सबका इस्तेमाल कर

रही है हालांकि राहुल गांधी ने कहा है कि
कांग्रेस धन की ताकत का नहीं बल्कि जन की
ताकत का नाम है यानी राहुल अब जनता की ताक
ताकत से कांग्रेस को जिताने का दावा कर
रहे हैं और यही लोकतंत्र का कायदा भी है

जबकि बीजेपी अपने धन और सत्ता बल से
लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी हुई है
फिर से खड़ा हो चुका किसान आंदोलन इसका
सबसे बड़ा उदाहरण है दोस्तों बड़ा सबूत है
यह कह सकते हैं 13 फरवरी से किसान दिल्ली
आकर अपनी मांगे सरकार के सामने रखना चाहते

हैं लेकिन उन्हें किसी दुश्मन की तरह
दिल्ली की सीमाओं के बाहर रोका जा रहा है
दिल्ली से लगभग 300 किमी दूर शंभू बॉर्डर
पर किसानों को रोकने के लिए भारी
बैरिकेडिंग की गई और इसके साथ ही आंसू गैस
के गोले छोड़ने छर्रे चलाने और इंटरनेट पर

पाबंदी लगाने जैसे तमाम दमन के उपाय
बीजेपी कर रही है किसानों से डरी बीजेपी
ने पहले भी आपने देखा कि भारी मात्रा में
आंसू गैस के गोले इकट्ठे कर लिए थे यह

बिल्कुल वैसा ही है जैसे गुलाम भारत में
स्वाधीनता सेनानियों का दमन अंग्रेज सरकार
जो है वह करती थी बल्कि मोदी सरकार
ब्रिटिश काल के कानून का इस्तेमाल भी अभी
कर रही है किसानों के दिल्ली मार्च को

रोकने के लिए मोदी सरकार ने सार्वजनिक
आपातकाल और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला
देते हुए भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1985
के दूरसंचार सेवाओं के अस्थाई निलंबन नियम

2017 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल
किया और पिछले सप्ताह पटियाला एस एएस नगर
बठिंडा श्री मुक्तसर साहिब मंसा संगरूर और
फतेहगढ़ साहिब में 20 थाना क्षेत्रों में
इंटरनेट निलंबित कर दिया गया आपको बता दूं
कि भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम एक ब्रिटिश

योगी कानून है और देश के अमृत काल का ढोंग
करने वाली मोदी सरकार इस औपनिवेशिक कानून
का इस्तेमाल अपने ही लोगों पर कर रही है
बताया जा रहा है कि किसानों को रोकने की
तैयारी के तहत दिल्ली पुलिस ने पहले से ही

बड़ी संख्या में आंसू गैस के गोले जमा कर
लिए हैं और मध्य प्रदेश के ग्वालियर के
टेकनपुर स्थित बीएसएफ के टियर स्मोक यूनिट
से आंसू गैस के 300 और गोलों का ऑर्डर
दिया है किसान दिल्ली तक ना पहुंच सके

इसीलिए हरियाणा पुलिस ने उन पर आंसू गैस
के गोले छोड़े मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी
सरकार को सीधे-सीधे किसानों के लिए अभिशाप
बता दिया है मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा
है कि देश के अन्नदाता किसानों के लिए

मोदी सरकार अभिशाप हैं लगातार झूठी मोदी
की गारंटी के चलते ही पहले 750 किसानों की
जान गई और अब एक किसान ने शहादत दी और तीन
रबर बुलेट से अपनी आंखों की रोशनी खो बैठे
हैं मोदी सरकार ने किसानों से किया
दुश्मनों जैसा व्यवहार केवल कांग्रेस

दिलाएगी उनको एमएसपी का कानूनी अधिकार तो
कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही किसानों के
लिए एमएसपी के कानूनी अधिकार का वादा कर
दिया है जबकि बीजेपी वादा करके मुकर गई है
बीजेपी ने अपने लिए तो इलेक्टोरल बंड से

अकूत संपत्ति जोड़ ली लेकिन ना किसानों की
आय दोगुनी की और ना ही उनका हक दे रही है
2018 में जब इलेक्टोरल बंड यानी चुनावी
चंदे जो हैं मोदी सरकार लाई थी उसके लिए

यह स्कीम लेकर आई थी तब भी राहुल ने उसे
रिश्वतखोरी का ही एक और तरीका बताया था और
अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यही फैसला सुनाया
है कि इलेक्टोरल बंड असंवैधानिक है और
इससे जनता के सूचना के अधिकार का हनन हो

रहा है क्योंकि किस पार्टी को किसने कितना
धन दिया इसका कोई खुलासा इसमें नहीं होता
है 2018 से लेकर 2024 तक बीजेपी ने
इलेक्टोरल बंड से हजारों करोड़ रुपए कमा
लिए और अब जबकि सरकार का कार्यकाल खत्म

होने को है तब सुप्रीम कोर्ट ने इसमें
गड़बड़ी देखी है इसका मतलब यही हुआ कि
बीजेपी ने पिछले 6 सालों में गलत तरीके से

धन हासिल किया है तो क्या इस अवैध कमाई के
कारण बीजेपी पर कार्रवाई होगी यह एक गंभीर
सवाल है सुप्रीम कोर्ट के फैसले में
चुनावी बंड से मिले चंदे पर 2017 2018 से
लेकर 2020 2022 2023 तक राजनीतिक दलों की
वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट का भी हवाला दिया

गया है आंकड़े बताते हैं कि 2018 19 से
2022 और 23 तक भाजपा को
6566 करोड़ मिले जबकि कांग्रेस को 11123
करोड़ मिले और तृणमूल कांग्रेस को 93
करोड़ रुप मिले बाकी दलों के मुकाबले कई

गुना ज्यादा धन बीजेपी को मिला है जिससे
साफ पता चलता है कि सत्ता में रहते हुए और
सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी ने एक
गलत तरीका अपनाया है राहुल गांधी ने कोर्ट
के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर
लिखा है कि नरेंद्र मोदी की भ्रष्ट

नीतियों का एक और सबूत आपके सामने ने है
बीजेपी ने इलेक्टोरल बंड को रिश्वत और
कमीशन लेने का माध्यम बना दिया था आज इस
बात पर मोहर लग गई है तो बीजेपी के भ्रष्ट
तरीकों का खुलासा हो चुका है लेकिन अपनी

गलतियों को सुधारने की जगह वह उन लोगों का
दमन करने में लगी है जो इंसाफ की मांग कर
रहे हैं चुनावों को अब कम वक्त बचा है आप
जानते हैं क्योंकि कुछ ही सप्ताह में
चुनावों की घोषणा हो जाएगी क्या इतने कम

समय में दमन की राह पर चलकर सत्ता हासिल
कर पाएगी बीजेपी या इस बार कांग्रेस और
किसान दिखाएंगे बीजेपी को विपक्ष में
बैठने की जगह यह देखना दिलचस्प होगा खैर
शायर प्रवीण शाकिर ने ठीक ही फरमाया है कि
दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आजाद हैं

दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आजाद हैं
देखना है खींचता है मुझ पर पहला तीर कौ
नमस्कार

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