Europe में क्यों नही है ऊंची गगनचुंबी इमारतें ?| Why Is Europe Afraid of Skyscrapers? - instathreads

Europe में क्यों नही है ऊंची गगनचुंबी इमारतें ?| Why Is Europe Afraid of Skyscrapers?

हाउ यूरोप इज सर्वाइविंग विदाउट स्काई
स्क्रैपर्स डू यू नो व्हाई यूरोप हैज लेस
स्काई स्क्रैपर्स यूरोप 44 देशों का एक
ऐसा कॉन्टिनेंट जो पूरी तरह का ना केवल
डेवलप्ड है बल्कि बेहद ही खूबसूरत भी

लेकिन क्या आप आज से पहले जानते थे कि
लगभग 50 देशों से मिलकर बने इस पूरे
कॉन्टिनेंट में न्यूयॉर्क से भी कम गगन
चुबे इमारतें यानी कि स्काई स्क्रैपर्स है
यकीन मानिए आपको यह फैक्ट शायद हैरान कर

सकता है लेकिन यह सच है कि न्यूयॉर्क
अमेरिका का एक ऐसा शहर है जो यूरोप से
13000 गुना छोटा है लेकिन स्काई स्क्रेप
पर के केस में यूरोप का भी बाप है जी हां
बिल्कुल सही सुन रहे हैं आप यूनाइटेड
किंगडम स्पेन पुर्तगाल फ्रांस और

स्विटजरलैंड जैसे बड़े-बड़े और पावरफुल
देश होने के बावजूद यूरोप के पास आज भी
तारीख में 200 के आसपास ही गगन जुंबी
इमारतें हैं शायद यह बात आपको हैरान कर
रही होगी कि आखिर क्यों यूरोप जैसा एक

पूरा कनेंट बाकी देशों से इस लिस्ट में
काफी पीछे है और क्यों वह आज भी इस तरफ
ध्यान नहीं दे रहा क्या यूरोप यह नहीं कर
सकता या फिर इसके पीछे कोई वजह है बताएंगे
इस वीडियो के जरिए ही आखिर क्यों यूरोप

स्काई स्क्रेप पर बिल्ड नहीं करता और
वीडियो में कुछ ऐसे फैक्ट्स भी जिन्हें
जानकर आप हैरान हो जाएंगे यूरोप में स्काई
स्क्रपल्स क्यों नहीं है और क्या सच में
आज की तारीख में उसके पास भारत से भी कम
स्काई स्क्रेप पर है क्या सच में यूरोप की
कोई मजबूरी है या फिर कोई ऐसी बात जो

यूरोप दुनिया के सामने रखना नहीं चाहता
ताकि उसकी कमजोरी दुनिया के सामने ना आ
जाए आज आपको इन्हीं सब सवालों का जवाब
देंगे लेकिन इन सब पर बात करने से पहले
आपको यह बता दें कि आखिर ये स्काई

स्क्रैपर होते क्या है और क्या सच में
इसका किसी देश में होना जरूरी भी है या
नहीं आपने अक्सर देखा होगा कि हवा में
लहराती हुई ऊंची ऊंची इमारतें कैसे झट से
हमारा ध्यान अपनी तरफ खींच लेती है हमने
ऐसी कई इमारतें देखी हैं जो आसमान को

चीरती हुई दिखाई देती है सीधी सधी भाषा
में आपको बताएं तो स्काई स्क्रैपर इमारतें
वो होती हैं जो बेहद ही ऊंची लंबी और कई
मंजिला इमारतें होती हैं जिसे स्पेशली
रहने के लिए या फिर बिजनेस पर्पस के लिए
बनाया जाता है और इन बिल्डिंग्स यानी कि

स्काई स्क्रैपर्स में हर तरह की सुविधा
होती है ऑफिस से लेकर जिम तक होटल से लेकर
हॉस्पिटल तक इन इमारतों की वैसे तो कोई
ऑफिशियल डेफिनेशन नहीं है ना ही इसकी
ऊंचाई की कोई लिमिट है जिसे स्काई

स्क्रैपर का नाम दिया जा सके लेकिन हां
150 मीटर से ऊंची बनी इमारतों को को स्काई
स्क्रैपर्स कहा जाता है स्काई स्क्रैपर्स
को देखें तो ऐसा लगता है मानो यह इमारतें

बादलों से भी ऊपर जा रही है अब बारी आती
है एक जबरदस्त फैक्ट की और वो यह है कि
वैसे तो एल टावर की लंबाई भी 324 मीटर है
लेकिन क्या हम उसे स्काई स्क्रैपर्स कह
सकते हैं तो इसका जवाब है नहीं और ऐसा

इसलिए क्योंकि किसी भी इमारत को अगर स्काई
स्क्रैपर कहलवान है तो उस कंस्ट्रक्शन का
50 पर हिस्सा एटलीस्ट किसी ना किसी तरह
तरह यूज होना कंपल्सरी है फिर चाहे वह
किसी भी पर्पस के लिए हो चलिए अब वापस आते

हैं अपने मेन टॉपिक पर और बताते हैं कि
आखिर यूरोप इतना बड़ा कॉन्टिनेंट होने के
बावजूद भी बड़े-बड़े स्काई स्क्रैपर्स

क्यों नहीं बनाता ऐसा बिल्कुल भी नहीं है
कि आज के समय में यूरोप के पास कोई स्काई
स्क्रैपर यानी गगनचुंबी इमारत नहीं है
यूरोप में कई देश हैं जहां ऊंचे ऊंचे

स्काई स्क्रैपर्स हैं लंडन मॉस्को
इस्तांबुल और फ्रंक फर्ट ये कुछ ऐसी
यूरोपियन सिटी है जहां स्काई स्क्रैपर
यानी गगन जुंबी इमारतें हैं लेकिन यही वह
देश है जो पूरी यूरोपियन कंट्रीज के लगभग
70 पर स्काईस्क्रैपर्स का घर है आज के समय

की बात की जाए तो पूरे यूरोप में लगभग 220
स्काई स्क्रैपर्स है लेकिन वहीं दूसरी तरफ
सिर्फ अमेरिका के ही शहर न्यूयॉर्क में ही
300 से ज्यादा स्काई स्क्रैपर है वैसे तो
इसके पीछे एक लंबा इतिहास है कि आखिर
क्यों यूरोप के देश स्काई स्क्रैपर्स के

मामले में बाकी देशों से पीछे हैं लेकिन
जिस कारण को सबसे इंपोर्टेंट माना जाता है
वह है यूरोपियन कल्चर जी हां हां दरअसल
बात यह है कि यूरोप हमेशा से अपने इतिहास

रिच हेरिटेज कल्चर और डेवलपमेंट के लिए
जाना जाता है फिर चाहे साइंस एंड टेक की
बात हो या फिर आधी दुनिया पर कब्जे की
यूरोप का इतिहास काफी गौरवमई रहा लेकिन
उसे सबसे बड़े झटके फर्स्ट और सेकंड

वर्ल्ड वॉर के समय लगे क्योंकि यूरोपियन
कॉन्टिनेंट के ही सबसे ज्यादा देश इन
वॉर्स में शामिल थे और जिसकी वजह से यूरोप
दूसरे कॉन्टिनेंट अमेरिका और एशिया से

काफी आगे होने के बाद भी पिछड़ गया आइए अब
आपको जल्दी से पा इंटरेस्टिंग पॉइंट्स की
मदद से समझाते हैं कि यूरोप में क्यों
ज्यादा स्काई स्क्रैपर्स नहीं है इस दिशा
में जो सबसे पहला और सबसे इंपोर्टेंट

पॉइंट है वो यह कि यूरोप लव्स इट्स कल्चर
यूरोपियन कॉन्टिनेंट को अपने रिच
आर्किटेक्चरल हेरिटेज पर बहुत प्राउड है
और उनका ऐसा मानना है किसी भी शहर के
हिस्टोरिकल कैरेक्टर को सेफ और लोगों में

यूनिटी बनाए रखने के लिए हमें अपने कल्चर
से जुड़े रहना बहुत जरूरी है और इसीलिए एक
स्ट्रांग कल्चरल वैल्यूज को अपने लोगों के
सामने रखना ना भी बेहद जरूरी है जो आज
यूरोप कर रहा है इसीलिए यूरोप में ऊंची

गगन जुंबी इमारतों के कंस्ट्रक्शन पर रोक
है यूरोपियन देशों का मानना है कि अगर हम
सभी देशों में स्काई स्क्रैपर्स बना देंगे
तो यहां अर्बनाइजेशन हो जाएगा लेकिन शायद
हम फिर अपनी ही रिच कल्चर को भूल जाएंगे
और यही सोच यूरोपियन शहरों को बाकी सभी

देशों से अलग करती है यूरोप की कल्चर को
बनाए रखने की यह इमोशन पेरिस एंड प्राग
जैसे शहरों में स्पेशली पावरफुल है जहां
शहर की कल्चरल आइडेंटिटी एंड आर्किटेक्चर

के लिए लगाव को साफ देखा जा सकता है इसके
अलावा यूरोपियन लोगों का मानना है कि
इमारतों को सिर्फ एक मोटिव के पर्पस से
यूज करने के लिए बनाने से बेटर है उसे ना
ही बनाया जाए क्योंकि अगर वो बिल्डिंग

स्ट्रक्चर या आर्किटेक्चर उस देश की
कम्युनिटी और एनवायरमेंट पर कोई पॉजिटिव
इफेक्ट नहीं डालता तो उसका होना या ना
होना एक ही बात है क्योंकि जब वो
स्ट्रक्चर किसी आम इंसान को कोई मोटिव ही

सर्व ना करें तो क्या फायदा ऐसे स्काई
स्क्रैपर बनाने का इसके बाद जो सबसे बड़ा
रीजन है है वो यह कि यूरोपियन शहरों में
जमीन की कमी है और दुनिया के अदर पार्ट्स

के कंपैरिजन में बहुत महंगी भी है यह बात
तो हम सब जानते हैं कि आज के समय में लंदन
पेरिस और बर्लिन सबसे महंगे शहरों की
लिस्ट में कितना आगे हैं इतना ही नहीं

यहां बिल्डिंग्स और किसी भी तरह के
स्ट्रक्चर्स को बनाने के लिए रूल्स एंड
रेगुलेशंस काफी सख्त है जिसके चलते

यूरोपीय शहरों में गगनचुंबी इमारतों का
निर्माण करना अपने आप में एक बड़ा चैलेंज
है इसके बाद जो थर्ड रीजन है यूरोप में
स्काईस्क्रैपर्स कम होने का वो यह है कि
यहां कई शहरों में जोनिंग रूल और बिल्डिंग

कोड है जो इमारतों की ऊंचाई को लिमिटेड
रखने के लिए जरूरी है और इन सब चीजों के
लिए बिल्डर्स और कांट्रैक्टर्स को स्पेशल
परमिट लेने की जरूरत होती है अब आप सोच

रहे होंगे कि भला किसी भी देश को
डेवलपमेंट से क्या नुकसान हो सकता है तो
जैसा हमने आपको पहले भी बताया कि यूरोप
किसी भी तरह की अपनी विरासत को नहीं खोना

चाहता तो वह यह बिल्कुल नहीं चाहते कि
जहां एक तरफ लोग वेस्टर्न कल्चर फॉलो करते
हैं वह अपने कल्चर को छोड़कर अमेरिका या
एशियन कल्चर को फॉलो करें और उनके देखादी
अपने यहां भी रातों-रात स्काई स्केपर्स

खड़े करके देश का मजाक बनवा लें नंबर फोर
इसके बाद जो कारण बाकी रिसर्च के बाद
निकलकर सामने आया व यह कि अर्बनाइजेशन को
यूरोप के कॉन्टेक्स्ट में ब्रूसेला इजेशन

का नाम दिया गया ब्रूसेला इजेशन एक वर्ड
है जिसका यूज यूरोप की एक सिटी ब्रुसेल्स
में 1960 और 1970 के पीरियड के दौरान तेजी
से हुए अर्बनाइजेशन और मॉडर्नाइजेशन को
एक्सप्लेन करने के लिए किया जाता है इतना
ही नहीं यह शब्द एक और चीज को इंडिकेट

करता है वो यह कि बुसला इजेशन शहर में
हिस्टोरिकल बिल्डिंग के मास डिस्ट्रक्शन
और न्यू हाईटेक बिल्डिंग और स्काई
स्क्रैपर्स को बनाया जाए ताकि एशिया और
अमेरिका कॉन्टिनेंट की तरह यूरोप

कॉन्टिनेंट में भी ऐसा डेवलपमेंट हो जो
दुनिया के दिमाग में एक अलग ही छाप छोड़
दे जो लोग ब्रूसेला इजेशन के सपोर्ट में
थे उनका कहना था कि कुछ यूरोपियन
बिल्डिंग्स और आर्किटेक्चर ने शहर की

कल्चरल हेरिटेज और पहचान को खत्म कर दिया
है जिसका रिजल्ट यह था कि ब्रुसेल्स और
अन्य यूरोपियन शहरों में नई बिल्डिंग्स का
कंस्ट्रक्शन तो हुआ लेकिन इस बात को ध्यान

रखते हुए हमने अपने रूट्स और कल्चर को
नहीं भूला ब्रूसेला इजेशन की लेगासी का ही
नतीजा है जो आज भी यूरोप में होने वाले

डेवलपमेंट को शहर की कल्चरल हेरिटेज को
सेफ एंड सिक्योर रहने की आज तक याद दिलाता
है यह बात तो हम सब जानते हैं कि किसी भी
देश के लिए उसकी हेरिटेज को संभाल कर रखना
कितना जरूरी है क्योंकि हेरिटेज
बिल्डिंग्स ना सिर्फ लोकल पिक्चर को
डिस्पाइना हमने अक्सर इंडस वैली

सिविलाइजेशन की साइट्स में भी देखा इसके
बाद जो लास्ट और पांचवां रीजन है इस लिस्ट
में वो यह कि कई यूरोपियन शहर हाईली
पॉपुलर डेंस है और यहां स्पेस काफी

लिमिटेड है और बड़े-बड़े हिस्टोरिकल सेंटर
पहले से ही अच्छी तरह से टैब्लिक्स
में हमें ऊंची ऊंची बिल्डिंग्स के
कंस्ट्रक्शन के लिए पहले से अवेलेबल
इमारतों को नुकसान पहुंचाना होगा और यह

कहीं से भी उन्हें यह जरूरी नहीं लगता
इसीलिए यूरोपियन लोग गगन जुंबी इमारतों के
निर्माण के सपोर्ट में बिल्कुल भी नहीं है
तो यह सभी वो मेन रीजन थे जो यह दिखाते
हैं कि आखिर क्यों इतना डेवलप्ड होने के

बाद भी आज यूरोप स्काई स्क्रैपर के मामले
में बाकी दूसरे देशों से पीछे हैं लेकिन
स्काई स्क्रैपर्स किसी भी देश की तरक्की
या कमजोरी का कोई पैमाना नहीं है इसीलिए
हम यह नहीं कह सकते हैं कि यूरोप किसी भी

तरीके से पीछे है अगर आपको यह वीडियो पसंद
आई तो इसे लाइक करना ना भूलें उम्मीद करते
हैं जबरदस्त नॉलेज फैक्ट आपको पसंद आया
होगा और यूरोप के बारे में भी आपने बहुत
कुछ जाना होगा क्या आप स्काई स्क्रैपर्स

के बारे में जानते थे और अगर किसी भी ऐसे
फैक्ट के बारे में आपको पता है जो इस
वीडियो से जुड़ा है और हमसे छूटा है तो
उसे कमेंट करके जरूर बताएं
धन्यवाद

Leave a Comment