Farmers Protest की ये तस्वीरें देख कर चौंक जायेंगे | Shambhu Border | Farmers Protest - instathreads

Farmers Protest की ये तस्वीरें देख कर चौंक जायेंगे | Shambhu Border | Farmers Protest

कोशिश ये रहेगी कि उनके ऊपर हम पहले गैस
चलाए और जरूरत पड़े तो लाठी चलाए कोशिश
करें कि स्टन भी यूज करें और चिली वाला जो
है वो भी यूज करें किसानों से घबराई पुलिस

कहा आगे बढ़ने की कोशिश की तो दोस्तों एक
बहुत ही अजीबो गरीब घटना हो रही है दिल्ली
के चारों ओर हरियाणा पंजाब को कनेक्ट करने
वाला पुल हो चाहे हरियाणा या दिल्ली के

बीच का रास्ता हो य ऐसा लग रहा है मानो
किसानों ने नेशनल हाईवे को हाईजैक कर लिया
10 तारीख से अब तक कई सारे ट्रक देश भर
में सप्लाई लेकर जाने वाले थे लेकिन किसान
आंदोलन की वजह से उन्हें फंसना पड़ा है

कुछ इस प्रकार के ऐलान करने पड़ रहे हैं
पुलिस अधिकारियों को जिन्हें सुनकर आप
हैरान रह जाएंगे पुलिस अधिकारी बाकायदा
कहते सुने जा रहे हैं कि बिल्कुल डिफेंसिव

मोड में ना जाएं पहले आंसू गैस के गोले
छोड़ें बात ना बने तो लाठी चार्ज करें और
फिर भी बात ना बने तो मिर्ची फेंकें और
उसके बाद सा भी बात ना बने तो बिल्कुल

डिफेंसिव मोड पर ना जाएं अगर आप डिफेंसिव
मोड पर जाएंगे तो आपके घायल होने के
चांसेस सबसे ज्यादा है जितने पैशन जितने
जज्बे जितने जुनून के साथ फार्मर भाई

किसान भाई आगे बढ़ रहे हैं उससे ज्यादा
तेज पुलिस वालों का जुनून होना चाहिए तभी
आप उनको रोक पाएंगे अन्यथा वो दिल्ली
पहुंच जाएंगे इस प्रकार के खतरनाक
अनाउंसमेंट हो रहे हैं दिल्ली के

इर्दगिर्द सबसे खराब स्थिति जो है वो शंभू
बॉर्डर की बताई जा रही है जहां पर पर
किसानों के लीडर जो है किसान मजदूर मोर्चा
के कुछ लीडर्स बैठ कर के प्रेस कॉन्फ्रेंस

दे रहे थे और उन्होंने बाकायदा चार प्रकार
के अलग-अलग बुलेट्स दिखाई पहली एक्सपायरी
डेट वाली आंसू गैस की बुलेट्स के खाली
काटिज उसके बाद दिखाई गई एसएलआर की बुलेट
अब ये सोचने वाली बात है दोस्तों एसएलआर

एक खतरनाक गन होती है उसकी बुलेट फायर का
उसका खोखा खाली खोखा दिखाया जा रहा है ये
बहुत बड़ी बात है कंफर्मेशन इस पे लेना
पड़ेगा कंफर्मेशन हुई नहीं है लेकिन एक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के तहत एक जो लीडर थे

उन्होंने ये गोल गोलियां दिखाई है इसके
बाद प्लास्टिक की गोलियां दिखाई गई रबर
बुलेट्स दिखाई गई देखिए सबसे बड़ी बात
आपको बता दें आंसू गैस के गोले एक
डिस्टेंस से छोड़े जाए तब तो ठीक है लेकिन

अगर वो एकदम करीब-करीब फायर होने लगे तो
उससे बहुत नुकसान हो सकता है रबर की बुलेट
अगर दूर से फायर की जाए तो ठीक है लेकिन
अगर एकदम पा से फायर की जाए तो बहुत
ज्यादा नुकसान हो सकता है और स्थिति बेहद

ज्वलंत बनी हुई है दिल्ली के चारों ओर ना
सिर्फ नेशनल हाईवे बंधक बना हुआ है बल्कि
दिल्ली के अंदर मूवमेंट भी मुश्किल हो चला
है लोग जो दफ्तर जाना चाहते हैं वो नहीं
पहुंच पा रहे हैं समय पर लोगों को जो

आवाजाही करनी है उसमें तकलीफ आ रही है
एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को भी काफी
मशक्कत करनी पड़ी है लंबे-लंबे जैम लग रहे
हैं लेकिन सबसे बड़ी बात ये है दोस्तों
पुलिस वालों के साथ अभी तक एकदम फ्रंट में

कुछ भी बड़ा कुछ हुआ नहीं है लेकिन इस
प्रकार के अनाउंसमेंट होने से साफ ये डर
ये दहशत का माहौल बैठ जाता है कि अगर कहीं
भीड़ अगर कहीं किसान आंदोलन ज्यादा उग्र
हुआ ज्यादा तादाद में अगर किसान भाई चढ़ाई

करते हैं तो बेहद खतरनाक सिचुएशन बन सकती
है सबसे बड़ी बात जो बताई जा रही है जिस
प्रकार के इंतजा मात किए गए हैं वो हैरान
करने वाले हैं ऐसा लगर मालो किसी

इंटरनेशनल बॉर्डर की सैर कराई जा रही है
इस इलाके में अगर आप चले जाए तो पहले
कंक्रीट के बेहद कई क्विंटल टन के जो हैं
कंक्रीट के वहां पर लगाए गए हैं बैरिकेट्स

इन दोनों बैरिकेट्स के बीच में जो है काफी
मात्रा में गिट्टी रेत ये सब मिलाकर के
मसाला भरा गया है कटीले तार लगाए गए हैं
पुलिस अगर आप देखें वहां पर सिक्योरिटी
एजेंसीज की तैनाती तो शंभू बॉर्डर की अगर

बात करें तो वहां पर 64 कंपनियां मौजूद है
पुलिस की उससे ज्यादा कंपनियां 50 के लगभग
कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्सेस की मा
तैनात है पुलिस की कंपनीज मौजूद हैं
पैरामिलिट्री फोर्सेस तैनात है अलग-अलग
जगहों पे आप आरएफ की टुकड़िया भी देख सकते

हैं रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी ऐसा लगता
है मानो कि एकदम से खुला मिल चुका है
ऑर्डर कि अगर किसान ज्यादा आगे बढ़ने की
कोशिश करें तो जितना हो सके उतने बल का
प्रयोग किया जा सकता है जो कि कानूनन

वैलिड है यहां जो सिचुएशन बन रही है उसे
देखकर ऐसा लग रहा है दोस्तों कि बहुत जल्द
एक खतरनाक क्लैश हो सकता है अगर टर के जो
मिनिस्टर्स हैं उन्होंने सही संवाद नहीं
बैठाया किसान मोर्चों के साथ तो यह बहुत

विकराल परिस्थिति निर्मित हो सकती है कुछ
विजुअल्स इस प्रकार के सामने आए हैं कि
जिस तरीके से जो सिक्योरिटी एजेंसीज है
लगातार आंसू गैस की गोले रात भर तक दागी
रही उनसे बचने के लिए जो किसान भाई हैं

उन्होंने गीले बोरे का इस्तेमाल किया गीले
कपड़े का इस्तेमाल किया हाथ में बोतल और
कपड़ा लेकर चलने के लिए कहा ताकि आंसू गैस
के प्रभाव को रोका जा सके उसके बाद आपको
बता दें कई लोग देखे गए चश्मा पहन हुए थे

चश्मा ऐसा चश्मा उनके पास मौजूद है जिससे
आंसू गैस के जो है जो प्रभाव को रोका जा
सके जिनको चश्मा नहीं मिल रहा था वो अपनी
आंख में कुछ अलग किस्म का एक टेप लगाए नजर
आए ट्रांसपेरेंट टेप लगाए नजर आए सबसे

बड़ी बात कुछ ट्रैक्टर पे ऐसे लोगों को
बैठाया जा रहा है जिनके पास में मेक शिफ्ट
अरेंजमेंट करके गैस मास्क उन्हें बनाकर
दिखाया जा रहा है दिया जा रहा है उसे

पहनकर वो ट्रैक्टरों पर बैठ रहे हैं और
ट्रैक्टरों को कुछ इस तरीके से इस्तेमाल
किए जाने की बात सामने आ रही है कि वो
बुलडोजर की तरह काम करें और कंक्रीट के जो

बड़े-बड़े स्लैब लगाए गए हैं उनको धक्का
देकर या फिर उनको पुल करके खींच के अलग कर
दें कुल मिलाकर देखा जाए तो इस वक्त
स्थिति बहुत ज्यादा क्रिटिकल बनी हुई है

बीच-बीच में शांति रहती है बीच-बीच में
फायरिंग शुरू हो जाती है आंसू गैस की और
देखना यह होगा कि किसान यहीं से वापस लौट
जाएंगे या फिर इसके बाद और बड़ा स्टेप
उठाएंगे देखने में ऐसा लग रहा है कि किसान
इस बार पूरी तरीके से तैयारी के साथ आए

हैं अपने साथ राशन लेकर के आए हैं अपने
साथ में टेंट वगैरह लेकर आए हैं देखना ये
होगा कि किस तरीके से ये आंदोलन जो है आगे
बढ़ता है रही बात सरकार की तो सरकार की

तरफ से संवाद चल रहा है ऐसा बताया जा रहा
है बट सरकार कितनी जल्दी संवाद के माध्यम
से और किसानों की मांगों को पूरी करने के
माध्यम से इस पूरे प्रोटेस्ट को
डिजॉल्ड्रिंग

कई ऐसे नेता हैं जिनका कहना है कि राजनीति
से प्रेरित यह आंदोलन है जबकि किसानों का
यह कहना है कि मजदूर क्रांति किसानों की
क्रांति किसानों की प्रॉब्लम है उसके लिए
वो सरकार से बात करना चाहती है सरकार

उन्हें प्रदर्शन करने दिल्ली नहीं आने दे
रही है उनका कहना है तो कुल मिला मिलाकर
देखा जाए तो इस वक्त जो स्थिति बनी है
दिल्ली के अंदर वो दिल्ली वालों के लिए तो
बहुत ही खराब है ये कहना गलत नहीं होगा

रही बात किसान भाइयों की तो किसान भाई
अपनी मांग को मनवाने के लिए सरकार को किस
हद तक टेबल पर बैठा सकते हैं यह देखने
वाली बात होगी रही बात पुलिस की तो पुलिस
प्रशासन इस वक्त बहुत ज्यादा हैरान परेशान
है क्योंकि उन्हें मालूम है कि उन्हें

किसी भी तरीके से फार्मर्स को अंदर एंटर
करने नहीं देना है लेकिन दोस्तों हम सब
जानते हैं कि पुलिस बल रहेगा तो कितना ही

रहेगा कितनी ही कंपनियां कितनी ही अ पैराम
फोर्सेस की कंपनियां बुला लीजिए पुलिस की
कंपनियां बुला लीजिए लेकिन जब हजारों की
तादाद में किसान इकट्ठा होंगे तो उन्हें
किस प्रकार से रोक पाएगी खबर य भी आ रही

कि महिलाओं की वि उपस्थिति होने वाली है
अगर ऐसा होता है दोस्तों तो कितना बड़ा
अगर लोगों का जनसैलाब इकट्ठा हो गया तो
शायद पुलिस बल उन्हें रोक ना पाए कानूनन

जितना अलाउड है उतना फर्स वो इस्तेमाल कर
सकते हैं उससे ज्यादा इस्तेमाल करना
उन्हें अलाउड नहीं होगा असली गोलियां
चलाने का ऑर्डर देना बेहद मुश्किल होगा

देश के किसानों पर तो बिल्कुल मुश्किल
होगा लेकिन दोस्तों देख कर के काफी दुख
होता है जो देश
किसान प्रधान देश कृषि प्रधान देश माना
जाता था जिस देश के अंदर में ज जवान ज

किसान के नारे गूंजा करते थे आज स्थिति इस
प्रकार की हो गई कि भले राजनीति की वजह से
हो या फिर वाकई में असली नीड हो या तो
सरकार की प्रॉब्लम हो या तो फिर किसानों
की तरफ से प्रॉब्लम हो जो कुछ भी हो भारत

के साथ यह जो हो रहा है बेहद गलत हो रहा
है ये नहीं होना चाहिए किसान प्रताड़ित
नहीं होना चाहिए और किसानों के बीच
राजनीति भी नहीं होनी चाहिए अगर ऐसा हो
रहा है तो देश के लिए एकदम बहुत नेगेटिव

इफेक्ट है दोस्तों यह बात किसी से छिपी
नहीं है कि देश के अंदर किसानी कम होती जा
रही है किसानी करने वाले लोगों की संख्या
तादाद कम होती जा रही है जो लोग पारंपरिक
रूप से परिवार दर परिवार कृषि करते आ रहे
थे वो दूसरे बिजनेसेस में जा रहे हैं

क्योंकि कृषि में सबसे ज्यादा लॉस हो रहा
है अगर ऐसी स्थिति बनी रही और सरकार के
साथ तनातनी भी चलती रही तो उस स्थिति में
देखा जाएगा कि भारत कृषि प्रधान देश नहीं
रह जाएगा भारत से कृषि करने वाले लोगों की

संख्या अगर कम हो गई तो इतने बड़े देश 140
करोड़ के जो देश है उसका पेट कौन भरेगा
दोस्तों देश की जनता को अन्न कहां से
मिलेगा अगर अन्य दाता नाराज हो गया सोच कर
देखिए और इस मामले पर आपकी क्या राय है

नीचे कमेंट सेक्शन में लिखकर जरूर

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